किसने कहा कि बाबा की गुफा में गई हूं, बर्थडे पर बुलाया था

आइटम गर्ल राखी सावंत ने रेपिस्ट राम रहीम व उसकी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत को लेकर एक नया खुलासा किया है। राखी के अनुसार हनीप्रीत उसे अपनी सौतन समझती थी और इसकी वजह यह थी कि उसका बाबा के करीब होना। राखी ने बताया कि वह बाबा के जीवन पर बन रही एक फिल्म में हनीप्रीत का किरदार निभा रही है और वहं बाबा की सब पोल खोल के ही दम लेंगी। उन्होंने राम रहीम के गुफा में जाने की बात स्वीकारी।

राम रहीम पर बन रही फिल्म अब होगा इंसाफ में राखी सावंत हनीप्रीत का किरदार निभा रही है। राखी ने कहा, मुझे ऐसा लगता है गुरमीत राम रहीम के साथ मेरे रिश्तों को लेकर हनीप्रीत मुझसे असहज थी। उसे आशंका थी कि मैं गुरमीत से शादी कर उसकी शौतन बन जाऊंगी।
हनीप्रीत गुरमीत रामरहीम की मुंह बोली बेटी है। पिछले दिनों राखी सावंत ने उसे लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। राखी सावंत ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें हनीप्रीत इंसा का फोन आया था। उसने राखी से कहा कि तुम मेरी दोस्त हो, तुमसे यह उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझ पर फिल्म बनाओगी।
राखी ने कहा था कि हनीप्रीत चार साल से उनकी दोस्ती थी। उन्होंने ही हनी को एक्टिंग, डासिंग और स्टाइलिंग सिखाई है। राखी ने कहा कि उन्होंने हनीप्रीत को पीआर कंपनी भी उपलब्ध कराई थी। बता दें कि राम रहीम के जीवन पर फिल्म बनाई जा रही है। इसमें रजा मुराद को राम रहीम के रोल के लिए चुना गया है जबकि आइटम नम्बर्स के लिए मशहूर राखी सावंत हनीप्रीत के रोल में होंगी।

माना जा रहा है कि फिल्म की कहानी राम रहीम के रंगीनियों और आपराधिक कहानियों पर आधारित होगी। राम रहीम के रॉक स्टार बनने से लेकर उसके जेल जाने तक की दिखाई जा सकती है। हनीप्रीत के साथ उसके रिश्तों को भी फिल्म में दिखाए जाने की उम्मीद है।
राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में 20 साल की सजा सुनाई है।

हॉस्टल बंद से बाहरी राज्यों के स्टूडेंट की बड़ी मुश्किलें

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के खिलाफ विवाद जारी है। सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा। वहीं, प्रदर्शन के चलते पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कुछ विभाग में सेमेस्टर परीक्षाएं कैंसिल हो गई हैं।
परीक्षाएं हुई कैंसिल, हॉस्टल बंद होने से दिक्कत
बीएचयू में हो रहे बवाल के कारण सेमेस्टर परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी गई है। सोमवार से कुछ सब्जेक्ट की परीक्षाएं होनी थी लेकिन अवकाश कर दिए जाने के कारण परीक्षाएं लंबित कर दी गई। अब छात्र-छात्राओं को नई तारीख का इंतजार करना है। वहीं स्टूडेंट्स को रविवार को हॉस्टल छोड़ने का नोटिस दे दिया गया, जिसके चलते स्टूडेंट्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान
प्रदर्शन के कारण वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान है। अचानक से हॉस्टल बंद कर देने का नोटिस जारी कर दिया गया। उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया गया। ऐसे में आनन-फानन सारा इंतजाम करना मुश्किलें पैदा करने वाला है। वाराणसी के बाहर की छात्राएं अचानक हॉस्टल छोड़ने के नोटिस से ज्यादा परेशान हैं। एक तरफ तो सुरक्षा की चिंता वहीं दूसरी ओर पैसों के आभाव में घर जाना उनकी दिक्कतें बढ़ाने वाला है। हॉस्टल में बिजली-पानी सप्लाई काट दी गई है।
मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटे
हॉस्टल छोड़ने के नोटिस के बाद मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटना पड़ा। बता दें कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में करीब 25 हजार स्टूडेंट रहते हैं।
ऐसे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गुरूवार (21 सितंबर) से हुई। ऐसा तब हुआ आर्ट्स डिपार्टमेंट की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया। छात्रा के मुताबिक, जब उसने उन लोगों का विरोध किया, तो तीन लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसके बाद भाग गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि घटनास्थल से तकरीबन 100 मीटर की दूरी पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उन लोगों को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।
लगातार छेड़खानी का आरोप
बीएचयू की छात्राओं ने लगातार छेड़खानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कैंपस में लगातार ही छेड़खानी का सामना करना पड़ता है। विश्वविद्यालय प्रशासन असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज, की उर्दू मोअल्लिम डिग्री अघोषित

उत्तराखंड में अब शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए उर्दू मोअल्लिम डिग्री अयोग्य घोषित हो गई है। राज्य में समकक्ष परीक्षा पास और उर्दू विषय में डिग्री के बिना प्राथमिक सहायक अध्यापक नहीं बन सकते। शिक्षक बनने के टीईटी जरूरी है।
आपको बता दें कि उधमसिंहनगर जिले के मो हफीज व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सहायक अध्यापक के पदों पर आवेदन निरस्त करने को चुनौती दी। इनका कहना था कि वह उर्दू मोअल्लिम पास हैं जो बीटीसी के समकक्ष मानी जाती है। उत्तर प्रदेश में भी यही नियम लागू है तो एकलपीठ ने याचिका स्वीकार कर इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश पारित कर दिया। फैसले के खिलाफ सरकार ने विशेष अपील दायर की। सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने बताया कि 2012 की निवमावली के अनुसार यह डिग्री पद के योग्य नहीं है। उत्तराखंड में उर्दू मुख्य विषय के साथ स्नातक, दो साल का बीटीसी व टीईटी के बाद ही शिक्षक बन सकते हैं। उर्दू मोअल्लिम एक साल का है और राज्य में समकक्ष डिग्री को नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किया जा चुका है, ऐसे में आवेदक पात्र नही है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने सरकार की दलीलें स्वीकार कर अभ्यर्थियों की याचिका को खारिज कर दिया।

एनआरआई ही भारत की असली रीढ़

अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मैरियट मारक्विस होटल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने एक बार फिर रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। साथ ही हिंसक घटनाओं और असहिष्णुता को लेकर दुनिया में भारत की छवि बिगड़ने की बात कही।
भारत की छवि बिगड़ी
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विदेशों में भारत की छवि बिगड़ने की बात कहते हुए कहा, भारत हजारों साल से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन अब इस छवि को बिगाड़ा जा रहा है। देश में कुछ ऐसी ताकते हैं, जो भारत को बांट रही हैं।
इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने इससे आगे ये भी कहा कि अमेरिका के नेताओं ने उनसे इस संबंध में सवाल किए। राहुल ने कहा, अमेरिका में कई डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक नेताओं ने मुझसे पूछा कि आपके देश में आजकल ये क्या चल रहा है। आपका देश तो शांति के लिए जाना जाता था। राहुल ने कहा, लोग पूछ रहे हैं कि भारत की सहिष्णुता को क्या हुआ?
रोजगार है रियल चौलेंज
राहुल गांधी ने कहा, भारत में 30 हजार युवा हर दिन जॉब मार्केट में आते हैं, मगर उनमें से सिर्फ 450 को ही रोजगार मिल पाता है। यही आज भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है।
इस समस्या के बाद राहुल ने इसकी वजह बताते हुए भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा, रोजगार की समस्या इसलिए पनप रही है, क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर, रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। इससे पहले राहुल ने एनआरआई समुदाय की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत की रीढ़ बताया। राहुल ने बताया कि कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट ही था। राहुल ने कहा, गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। ये सभी लोग विदेशों में रहे और इन्होंने भारत लौटकर देश के लिए काम किया। कुर्रियन भी एक एनआरआई थे, जो भारत में दुग्ध क्रांति लाए।
कांग्रेस का आइडिया हजारों साल पुराना
राहुल गांधी ने इस दौरान कांग्रेस के विचारों का भी बखान किया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का विचार उसके संगठन की स्थापना से नहीं है, बल्कि ये विचार हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा कि ये विचार सच के साथ खड़े होना है, जो भारत की विरासत रहा है और महात्मा गांधी भी उसी विचार के साथ खड़े रहे।
ये है जनसभा का मकसद
दरअसल, राहुल गांधी की यह जनसभा कांग्रेस की विदेश शाखा की ओर से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को पार्टी में शामिल करने की योजना के तहत आयोजित की गई है। कांग्रेस के प्रवासी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर वार किया। राहुल ने यहां कहा कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है। हालांकि, यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये भी स्वीकार किया कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में इसलिए समर्थन मिला, क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे।

बाबा व हनीप्रीत बाप बेटी नहीं पति-पत्नी की तरह

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत नेपाल में इटहरी के पास स्थित धरान इलाके में देखी गई है। सूत्रों के अनुसार वह तराई में मोरांग जिले से सटे सुनसरी जिले में छुपी हो सकती है।
दरअसल साल 2015 में जब भूकंप के चलते नेपाल में भारी तबाही हुई थी, तब राम रहीम ने यहां के नुआटोल जिले में राहत अभियान चलाया था। इस इलाके में राम रहीम के काफी भक्त भी हैं। ऐसे में नेपाल के आस-पास के इन इलाकों में हनीप्रीत के होने की खबर को बल मिलता है। हनीप्रीत की सहेली साध्वी ने एक निजी चैनल से बातचीत में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिससे यह साबित होता है कि हनीप्रीत भी राम रहीम के गुनाहों में बराबर की शरीक थी। साध्वी ने बताया है कि बाबा और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे।
डेरे में हनीप्रीत की सहेली (साध्वी) ने खुलासा किया कि राम रहीम और हनीप्रीत के बीच गलत रिश्ते थे। साध्वी ने बताया, डेरे में राम रहीम और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे। दोनों एक ही कमरे में रहते थे। बाहर जाने पर भी दोनों एक ही कमरे में ठहरते थे। साध्वी ने खुलासा किया कि हनीप्रीत कहने में बाबा की मुंहबोली बेटी थी, मगर देखने में ऐसा नहीं लगता था। उन्होंने कहा कि हनीप्रीत राम रहीम के इशारे पर काम करती थी। डेरे में मौजूद लड़कियों को राम रहीम तक पहुंचाने का काम करती थी। साध्वी ने कहा, बाबा जिस लड़की की ओर इशारे करते थे, हनीप्रीत उसे बाबा तक पहुंचाने में जुट जाती थी।
वहीं पुलिस की गिरफ्त में आए राम रहीम के करीबी प्रदीप ने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है। गौरतलब है कि हनीप्रीत की तलाश के लिए हरियाणा पुलिस ने एक सितंबर को लुक आउट नोटिस जारी किया था। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत 25 अगस्त से फरार है। जिस दिन गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी करार दिया था और पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा समर्थकों ने भारी हिंसा और उत्पात मचाया था।

भगवान विश्वकर्मा के पूजन से मिलता है फल

रावण की सोने की लंका बनाने वाले भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूरी तन्मयता के साथ पूजा करने से भगवान विश्वकर्मा खुश होते हैं और अपने भक्तों पर अपना आर्शीवाद हमेशा बनाये रखते है।
शास्त्रों के मुताबिक हिन्दू धर्म में भगवान् विश्वकर्मा को निर्माण, सृजन का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा ने ही सृष्टि का निर्माण, रावण की सोने की लंका, पुष्पक विमान का निर्माण, कर्ण का कुण्डल, विष्णु जी का सुदर्शन चक्र, शिव जी का त्रिशूल और यमराज का कालदण्ड जैसी तमाम वस्तुओं का निर्माण किया था। जिससे इन्हें देवताओं के इंजीनियर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा जंयती पर निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले सभी औजारों और मशीनों जैसे कंप्यूटर, संयंत्रों, मशीनरी से जुड़े दूसरे उपकरणों व वाहनों की पूजा की जाती है।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर उनकी पूजा और यज्ञ करना अनिवार्य माना जाता है। इस पूजा में बैठने से पहले स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करने के बाद एक चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करें। इसके पश्चात अपने दाहिने हाथ में फूल, अक्षत लेकर मंत्र पढ़े और अक्षत को चारों ओर छिड़के दें और फूल को जल में छोड़ दें। इस दौरान इस मंत्र का जाप करें। ऊं आधार शक्तपे नमः और ऊं कूमयि नमः, ऊं अनन्तम नमः, ऊं पृथिव्यै नमः। इसके बाद हाथ रक्षासूत्र मौली या कलावा बांधे। भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करने के बाद उनकी विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद विविध प्रकार के औजारों और यंत्रों आदि को जल, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई से पूजें। तत्पश्चात हवन करें।

दो से ज्यादा बच्चें होने पर जज को कहा टाटा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो से ज्यादा बच्चों के पिता पाए जाने पर ग्वालियर जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
आपको बता दें कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए वर्ष 2001 में मध्य प्रदेश सरकार ने कानून बनाया था। इसके तहत वर्ष 2001 के बाद वही व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकता था, जिसके अधिकतम दो बच्चे थे। दो से ज्यादा बच्चे होने पर संबंधित व्यक्ति सरकारी नौकरी का हकदार नहीं था। हाई कोर्ट ने अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर वकीलों से सीधी भर्ती के लिए मई 2017 में विज्ञापन निकाला था। ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मनोज कुमार की चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति मिली थी। उन्हें ग्वालियर के जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ किया गया था। जब फॉर्म भरा था तब उन्होंने बच्चों की जानकारी नहीं दी थी। नियुक्ति के बाद मनोज कुमार द्वारा हाई कोर्ट को दी जानकारी में बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। मामले को फुलकोर्ट मीटिंग में रखा गया और दो से अधिक बच्चे होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इस संबंध में जब मनोज कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
फॉर्म में बच्चों की जानकारी देना अनिवार्य
मप्र हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मो. फहीम अनवर ने बताया, सरकारी नौकरी के फॉर्म में वैवाहिक स्थिति, बच्चों की संख्या पूछी जाती है। अगर विवाहित हैं तो बच्चों की जानकारी देनी होती है। चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार दो से ज्यादा बच्चों के पिता हैं। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का नोटिस दे दिया है।

2 अक्टुबर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनेगा: रावत

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाएगी। इस दिन पूरे प्रदेश में सभी वर्गों और समुदाय के लोगों को शामिल करते हुए स्वच्छता के साथ ही श्रमदान किया जाएगा। साथ ही इसी दिन शहरी स्थानीय निकायों में शहरी विकास विभाग द्वारा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वजल परियोजना की जनपदीय इकाईयों के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर पूरे प्रदेश में स्वच्छता कार्यक्रम को वृहद स्तर पर आयोजित करने की सफल बनाने अपेक्षा की गई है। स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में 15 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक विशिष्ट दिवस घोषित किए गए हैं। इसके तहत ही 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी विद्यालयों, कालेजों व विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजन, एनसीसी तथा नेहरू युवा केंद्र द्वारा स्वच्छता अभियान का संचालन किया जाएगा। इसी दिन ऋषिकेश में गंगा आर्ट मैराथन का आयोजन होगा। इसमें चित्रकला व आर्ट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी प्रतिभाग करेंगे। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे पर बने घाटों में सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिवस 25 सितंबर को सर्वत्र स्वच्छता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस दिन अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, तालाबजल स्रोतों व शौचालयों आदि की सफाई के लिए वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। 24 सितंबर को समग्र स्वच्छता दिवस के तहत प्रदेश के नागरिकों, युवा, सुरक्षा कार्मिकों, महिला व बच्चों, खिलाड़ियों, स्वच्छ भारत मिशन के एम्बेसेडर, कारपोरेट तथा धार्मिक संस्थाओं द्वारा पंचायत व नगर निकायों में शौचालय निर्माण व श्रमदान किया जाएगा। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें जनपद और राज्य स्तर पर स्वच्छ शहरों और ग्रामीण इलाकों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। इससे पहले 1 अक्टूबर को कुछ विशिष्ट स्थानों का चयन कर वहां वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी स्कूलों व मदरसों के बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य से मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता, पेंटिंग, निबंध लेखन, वाद विवाद प्रतियोगिता कराई जाएगी। स्कूलों में प्रार्थना सभा के समय स्वच्छता की शपथ के साथ ही स्वास्थ्य व स्वच्छता विषय पर दैनिक चर्चा कराई जाएगी। स्कूलों व मदरसों के बच्चों द्वारा स्वच्छता संबंधी संदेशों के बैनर, नारे आदि के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता रैलियों का आयोजन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य के रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक जिले और विकासखंड स्तर पर स्वच्छता टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। नदी नालों, गदेरे व पेयजल स्रोतों की सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।

अब पिरूल के जंगल नहीं जलेंगे: सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) के मध्य पिरूल से तारपिन ऑयल और उसके कचरे से बॉयोफ्यूल तैयार करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बनी। इसके लिए शीघ्र ही एमओयू किया जायेगा। एमओयू में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी एवं निदेशक आईआईपी डॉ.अंजन रे हस्ताक्षर करेंगे। राज्य के आठ पहाड़ी जिलों अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी एवं उत्तरकाशी में पिरूल के कलेक्शन सेंटर स्थापित किये जायेंगे। पिरूल एकत्रित करने वालों को इंसेटिव भी दिया जायेगा। इसके लिए आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल किया जायेगा। तारपिन ऑयल एवं बॉयोफ्यूल का औद्योगिक क्षेत्र में भी प्रयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह वेस्ट को बेस्ट में परिवर्तित करने का एक प्रयास है। इससे गर्मियों में पिरूल के जंगलों में वनाग्नि से बचाव होगा। जंगल एवं जीव जन्तुओं का भी संरक्षण होगा। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक चरण में प्रतिदिन 40 टन पाइन निडिल की आवश्यकता पड़ेगी। जिसे पंचायतों एवं गांवों से खरीदा जायेगा। इससे जहां सरकार को राजस्व प्राप्त होगा, वहीं स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार भी मिलेगा। उद्योगपति महेश मर्चेन्ट ने बताया कि इसके लिये शीशमबाड़ा में प्लान्ट बनाना प्रस्तावित है।

क्या है? हनीप्रीत का मोबाइल नंबर, पढ़े

बलात्कारी बाबा राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीति के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है। उसके फोन नंबर के आधार पर लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है, लेकिन इसी बीच हनीप्रीत इंसां का मोबाइल नंबर वॉट्सएप पर वायरल हो रहा है। जिस डाकुमेंट में उसका मोबाइल नंबर लिखा है उसमें उसकी एजुकेशन के बारे में लिखा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हनीप्रीत सिर्फ 12वीं तक पढ़ी हैं। इस फॉर्म में पिता के नाम के सामने लिखा है संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां है।
फिलहाल हनीप्रीत का यह नंबर या तो स्विच ऑफ है या तो नेटवर्क से बाहर है। खबरों की मानें तो हनीप्रीत इसी नंबर से डेरा के बाकी लोगों से बात किया करती थी। हनीप्रीत का ट्विटर भी 24 अगस्त के बाद एक्टिव नहीं दिखा। यहां भी आखिरी ट्वीट 24 अगस्त को ही किया गया है। ऐसी खबर है कि इस नंबर की वॉट्सएप डीपी में राम रहीम दिख रहे हैं जो उनकी फिल्म एमएसजी का एक दृश्य है। वहीं हनीप्रीत का वॉट्सएप स्टैटस में ऐट स्कूल दिख रहा है। इसके अलावा टॅª कॉलर में इसकी लोकेशन अभी भी हरियाणा शो हो रही है।