17 सिंतबर को 70 के होंगे प्रधानमंत्री, 14 से 20 सिंतबर तक सेवा के रूप में भाजपा मनाएगी जन्मदिन

इस वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 70 वर्ष के होने जा रहे है। इस मौके पर भाजपा सेवा दिवस के रूप में मनाने का मन बना रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश ने पीएम के जन्मदिन पर 70 के अंक से जोड़कर कार्यक्रम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि 14 सिंतबर से दो अक्तूबर तक वह बूथ स्तर तक सेवा के कई कार्यक्रम आयोजित करें। वह वर्चुअल संवाद के माध्यम से प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, व समस्त कार्यकर्ताओं को सेवा दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के बारे जानकारी दे रहे थे। 14 सितंबर से 20 सितंबर तक सेवा सप्ताह मनाया जाएगा।

इसके बाद 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस को बूथ स्तर विचार दिवस व 25 सितंबर से दो अक्टूबर तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री स्व.लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस को आत्मनिर्भर भारत सप्ताह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए उन्होंने योजना बनाकर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने आगामी कार्यक्रमों व मोर्चा प्रकोष्ठों प्रकल्पों के विस्तार पर चर्चा की।

द्वारहाट विधायक मामले की विवेचना एसआईएस शाखा को सौंपी

भाजपा विधायक महेश नेगी पर दर्ज दुष्कर्म के मामले की जांच अब एसपी क्राइम लोकजीत सिंह की देखरेख में होगी। डीआईजी ने मुकदमे की विवेचना एसआईएस शाखा की उपनिरीक्षक आशा पंचम को सौंपी है। महिला दारोगा ने नेहरू कालोनी पुलिस से मुकदमे से संबंधित पत्रावलियां मांगी हैं। बतातें चले कि नेहरू कालोनी थाने में अल्मोड़ा निवासी महिला ने द्वाराहाट से भाजपा विधायक महेश नेगी पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है।

वहीं, इस मुकदमे में विधायक की पत्नी रीता नेगी पर भी धमकी देने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले की विवेचना पहले नेहरू कालोनी थाने की महिला एसआई नीमा रावत को सौंपी गई थी। महिला ने डीआईजी को पत्र लिखकर मुकदमे की विवेचना नीमा रावत को दिए जाने पर सवाल उठाए थे और विवेचना अन्य जांच एजेंसी से कराए जाने की मांग उठाई थी। जिस पर डीआईजी ने प्रकरण की विवेचना विशेष जांच प्रकोष्ठ (एसआईएस) की महिला उपनिरीक्षक आशा पंचम को सौंपी गई है।

डीआईजी ने बताया कि एसपी क्राइम लोकजीत सिंह की मानीटरिंग में विवेचना होगी और वह बराबर उन्हें प्रगति रिपोर्ट के बाबत अपडेट करेंगे। बताया जा रहा कि कुछ लोगों के बयान होने हैं जिसके लिए प्रक्रिया की जा रही है। वहीं, बाल आयोग ने डीएनए रिपोर्ट को लेकर कार्रवाई के लिए कहा था, इस मामले में साक्ष्य एकत्र कर सभी को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के मामले में महिला के पति के बयान देने के लिए नहीं आने पर सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रकरण की जांच कर रहे सीओ सदर अनुज कुमार को जानकारी मिली है कि महिला के सैन्यकर्मी पति ने छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। वह बीएसएफ में तैनात हैं। पुलिस ने बीएसएफ कमोंडेंट को पत्र लिखकर महिला के पति को बयान देने के लिए दून भेजने को कहा है। डीआईजी जोशी ने बताया कि पत्र में अफसरों को बताया है कि मुकदमे में सैन्यकर्मी के पति के बयान महत्वपूर्ण हैं।

दर्जाधारी राज्यमंत्री ज्ञान सिंह नेगी को दी अंतिम विदाई

राष्ट्रीय स्वास्थ्य, अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष व वरिष्ठ भाजपाई ज्ञान सिंह नेगी का 71 वर्ष की उम्र में मंगलवार की सुबह निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ भी हो रही थी। मंगलवार को मुनिकीरेती के पूर्णानंद घाट में राजकीय सम्मान के साथ राज्य मंत्री का दाह संस्कार किया गया।

स्व. ज्ञान सिंह नेगी भाजपा के वरिष्ठ एवं कद्दावार नेता थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से वह जुड़े रहे। उनकी कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी को देखते हुए भाजपा शीर्षनेताओं ने अनुशासन समिति का सदस्य बनाया। इसके बाद दिसम्बर 2018 में इनको दर्जाधारी राज्यमंत्री का पद सौंपा गया। शांत एवं गंभीर स्वभाव होने के कारण वह हमेशा संघ एवं भाजपा में सभी के प्रिय रहे। कैलाश गेट चैकी प्रभारी विकेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस के जवानों ने शस्त्र झुकाकर स्व. नेगी को सलामी दी।

स्व. नेगी अपने पीछे वह भरापूरा परिवार छोड़कर गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी उर्मिला और दो बेटे राजेंद्र और दीपक हैं। पूर्णानंद घाट में उन्हें मुखाग्नि उनके दोनों बेटों ने दी। शोक जताने वालों में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर अनिता ममगाईं, कुसुम कंडवाल, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, समाजसेवी चंद्रवीर पोखरियाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष शिव मूर्ति कंडवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश सेंगर, सभासद मनोज बिष्ट, मधुबन आश्रम के प्रबंधक हर्ष कुमार, स्वामीनारायण आश्रम के प्रबंधक सुनील भगत, प्रदीप रावत, दुर्गा प्रसाद थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

मदन कौशिक को हुआ कोरोना, कृषि मंत्री हुए सेल्फ आइसोलेट

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक कोरोना पाॅजीटिव पाए गए है। उन्होंने स्वयं अपनी पाॅजीटिव रिपोर्ट की बात कबूल की है। साथ ही संपर्क में आए लोगों को खुद आइसोलेट हो जाने को कहा है। मदन कौशिक जल्द ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती होंगे। उधर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल अपने बेटे और भतीजी के पाॅजीटिव आने के बाद सेल्फ आइसोलेट हो गए हैं।

मदन कौशिक शनिवार शाम से पांच दिन के लिए खुद आइसोलेट हो गए थे। बताया जा रहा है कि वह कोविड संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। बता दें कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में गोपन विभाग के स्टाफ के अलावा शासन के सभी प्रमुख आलाधिकारी मौजूद थे। कौशिक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्रियों और आलाधिकारियों को आइसोलेशन में जाना पड़ सकता है।

कैबिनेट बैठकः केदारनाथ में हेलीपैड का विस्तार, वायुसेना का चिनूक हेलीकाॅप्टर लाएगा भारी भरकम मशीनें

उत्तराखंड में कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए यह निर्णय लिया गया कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों के साथ ही सिविल लोगों को भी नौकरी दी जाएगी। पड़ोसी देशों से सीमा मसले में चीन व नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कपंनियों को सरकार एकमुश्त राशि देगी। इसी के साथ ही सरकार केदारनाथ नव निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए यहां हेलीपैड का विस्तार करने जा रही है। इसके बाद यहां वायुसेना का चिनूक हेलीकाॅप्टर आ सकेगा। जो भारी भरकम मशीनों को लाने में सक्षम है।
राज्य कैबिनेट ने शुक्रवार को केदारनाथ हेलीपैड विस्तार की योजना पर मुहर लगाई है। योजना के तहत अभी धाम में मौजूद 40 मीटर चैड़ा और 50 मीटर लंबा हेलीपैड को, 100 मीटर लंबा और 50 मीटर चैड़ा किया जाना है। इसके लिए कुछ भवनों को भी ध्वस्त किया जाएगा, जिससे हेलीपैड के सामने पचास मीटर और खुली जगह उपलब्ध हो पाएगी।

सरकार ने कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया कि उपनल में अब पूर्व सैनिकों के साथ सिविल वालों को भी नौकरी का मौका मिलेगा। मगर, नौकरी पर पूर्व सैनिकों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2020 को लाने पर मंजूरी हुई है। कोरोनाकाल में विधायकों के वेतन कटौती को लेकर सरकार विधानसभा में विधेयक लाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में 257 संविदा-गेस्ट टीचरों की अवधि एक साल तक बढ़ाई गई।

मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सोशल वर्कर्स सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। उत्तराखण्ड नागरिक सुरक्षा क और ख नियमावली में संशोधन किया गया है, कृषि विभाग का शासन स्तर में अनुभाग एक हुआ, पहले चार अनुभाग थे। हरिद्वार स्थित माया देवी व जूना अखाड़ा की ऊंचाई की परमिशन कैबिनेट ने दी ।

सतर्कता विभाग को आरटीआई के नियम से बाहर किया है। प्रदेश में 25 किलोवाट के सौर्य मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी गई है साथ ही स्टाम्प पेपर में 100 प्रतिशत की छूट। देहरादून के मेहर गांव में शहीद के नाम पर बनने वाले पेट्रोल पंप में नियमों में दी गई छूट गई है। पर्यटन को बढावा देने के लिए पर्यटक प्रोत्साहन कूपन योजना को शुरू किया गया, ई-बुकिंग करने वाले पर्यटकों को पर्यटक स्थलों पर 3 दिन रहने पर 1000 रूपए की छूट मिलेगी।

सिंचाई विभाग में निर्माण कार्यों में छोटे ठेकेदारों के लिए रास्ता तलाशने के लिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। यह समिति नहरों के निर्माण, बाढ़ सुरक्षा, रिवर ट्रेनिंग आदि कामों में टेंडर की वर्तमान शर्तों शिथिलता का अध्ययन करेगी। राज्य के छोटे ठेकेदारों की सुविधा के लिए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने इसका प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे।

देहरादून। सीएम सोलर स्वरोजगार योजना में स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी गई है। इसमें दो लाख रुपये तक सब्सिड़ी मिलेगी और भूउपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। इस तरह सरकार ने 25 किलोवॉट के सोलर प्लांट के जरिए राज्य के दस हजार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया है।

आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए 25 प्रतिशत बेड रखने होंगे आरक्षित

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाएगा। गोल्डन कार्ड धारकों के उपचार का खर्च सरकार तय दरों के आधार पर ही करेगी। साथ ही पंजीकृत अस्पतालों को 25 प्रतिशत बेड आरक्षित भी रखने होंगे।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि गोल्डन कार्ड पर पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज किया जाएगा। सरकार ने अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है।

प्रदेश में लगभग 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। जिन पात्र लाभार्थियों ने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनाया है, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल में आरोग्य मित्रों के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों का तुरंत गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। 

निर्धारित दर से ज्यादा वसूला तो कोविड-19 एक्ट के तहत होगी कार्रवाई 

राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के उपचार की अनुमति देने के बाद इलाज की दरें तय कर दी हैं। कोरोना की गंभीर स्थिति और सुविधा के अनुसार निजी अस्पताल इलाज का खर्च मरीजों से वसूल सकेंगे। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता वाले निजी अस्पतालों में आठ हजार से 18 हजार रुपये तक दरें तय की गई है। 
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बुधवार को इलाज के लिए तय दरों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर निर्धारित दरों से ज्यादा इलाज का खर्च वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कोविड-19 एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने केंद्र की ओर से नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इलाज की दरों को लागू किया है। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल(एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का प्रतिदिन 10 हजार रुपये(1200 रुपये पीपीई किट खर्च समेत), बिना वेटीलेंटर के आईसीयू बेड का 15 हजार (दो हजार रुपये पीपीई किट समेत), आईसीयू वेटीलेंटर का 18 हजार रुपये तय किया है।
जिसमें दो हजार रुपये पीपीई किट का खर्च भी शामिल है। इसी तरह एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का आठ, हजार, आईसीयू का 13000, आईसीयू वेटीलेंटर का 15000 रुपये तय किया है। इसमें पीपीई किट का खर्च भी शामिल होगा। 
कोविड इलाज के लिए तय दरों में बेड, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श शुल्क, सैंपल जांच भी शामिल है। इसके लिए निजी अस्पताल मरीज से अलग से शुल्क नहीं लेंगे। इलाज में अस्पतालों को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा।

कोरोना की पुष्टि के बाद विधायक हुए आइसोलेट

कोरोना संक्रमण प्रदेश में लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि यहां मरीजों की रिकवरी दर करीब 68 प्रतिशत के आस-पास बनी हुई है, लेकिन अब आम से लेकर खास लोगों को भी कोरोना से जूझना पड़ रहा है। अब देहरादून के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं दूसरी पौड़ी विधायक मुकेश कोली के गनर भी कोरोना की चपेट में आया है।
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने अपने सोशल मीडिया में कोरोना पॉजीटिव होने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा है कि उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। ऐसे में उनके संपर्क में आने वाले सभी लोग अपनी जांच करवा लें। इसके अलावा पौड़ी के विधायक मुकेश कोली के गनर भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोली ने भी इसकी जनकारी अपने सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि उनके गनर गंभीर टम्टा की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। जिसके बाद उनका और उनके पूरे स्टाफ का कोरोना टेस्ट लिया गया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि जब जरूरी हो, तभी घर से बाहर निकलें व बेवजह बाजारों में न जाएं। घर पर रहें, सुरक्षित रहें। इसके अलावा देहरादून स्थित सचिवालय के एक अपर सचिव भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद उनका कार्यालय बंद कर दिया गया है।
संक्रमण की आशंका को देखते हुए सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी जगहों पर सघन सैनिटाइजेशन के कार्य में जुटी हुई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

अनलॉक-चार में बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति मिली

राज्य सरकार ने अनलॉक-चार की एसओपी जारी कर नीट और जेईई परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को छूट दी है। नई एसओपी में बाहर से आने वाले लोगों को तीन दिन की बजाय अब चार दिन की एनटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट पर छूट मिलेगी। स्मार्ट सिटी की वेबसाइट http://dsclservices-org-in/apply-php पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। 
मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी की गई एसओपी में वे तमाम रियायतें हैं जो केंद्रीय गृह मंत्रालय की एसओपी में दी गईं थीं। बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति दी गई है। प्रदेश में भी 21 सितंबर के बाद पहले के अधिकतम 50 लोगों की शर्त को हटाकर 100 कर दिया गया है। स्कूल, कॉलेज में छात्र 21 के बाद सशर्त जा सकेंगे। पार्कों आदि में 21 के बाद अधिकतम 100 लोग सुबह की सैर आदि कर पाएंगे। 
स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि व्यक्ति और सामान की आवाजाही में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। कंटेनमेंट जोन की पाबंदियों को बरकरार रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाओं आदि को पहले से मिल रही छूट जारी रहेगी। 
वहीं, राज्य से बाहर हाई कोविड लोड शहरों को जाने वालों को पांच दिन में वापस लौटने पर क्वारंटीन नहीं होना होगा। सात दिन से अधिक की वापसी पर इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। 

– राज्य में बाहर से आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा और स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। 
– कोविड हाई लोड शहरों से आने वालों को सात दिन संस्थागत और सात दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। लेकिन, बिना लक्षण वाले और आरटीपीसीआर की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट वालों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। 
– ऐसे सभी लोग जो सात दिन के लिए अंतिम संस्कार या अन्य वजहों से आते हैं, उन्हें भी क्वारंटीन नहीं होना होगा।
– कोविड हाई लोड वाले शहरों से होकर हवाई जहाज से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

बाहर से आने वाले और उद्योग प्रबंधन की सहमति वाले कर्मियों, विशेषज्ञों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। इसी तरह वीवीआईपी मूवमेंट पर भी रोक नहीं है। सेना को क्वारंटीन से लेकर अन्य सभी इंतजाम अपने स्तर पर करने होंगे।

– प्रदेश में अधिक संक्रमण वाले इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनेंगे और जिला प्रशासन अपनी विभागीय वेबसाइट पर जोन की सूचना प्रदर्शित करेंगे और इसकी सूचना राज्य सरकार के साथ ही केंद्र को भी दी जाएगी।
– 30 सितंबर तक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे
– ऑनलाइन शिक्षा जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। 21 सितंबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आ सकेगा।
– कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी और स्कूल आना स्वैच्छिक होगा।

वहीं, 21 सितंबर से राजनीतिक सभा, खेल, धार्मिक गतिविधियों के लिए सौ तक की संख्या में लोग भाग ले सकेंगे। 20 सितंबर तक अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा और विवाह समारोह में 50 ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। इसके बाद सौ की संख्या की अनुमति होगी। 21 सितंबर से ओपन एअर थियेटर खुल सकेंगे।

– जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन के बाहर बिना राज्य सरकार की अनुमति के लॉकडाउन नहीं करेगा।
– सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए धारा 144 लगाई जा सकेगी।
जेईई, नीट सहित अन्य परीक्षा के छात्रों और अभिभावकों को भी कराना होगा पंजीकरण
– इन सभी को स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको क्वारंटीन नहीं होना होगा। राज्य से बाहर से आने वाले और राज्य में जिलों के बीच आवागमन करने वाले छात्रों पर भी यह नियम लागू होगा। जिला प्रशासन इनके आने जाने की व्यवस्था करेगा।
– प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को भी स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको भी क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

जिलेवार गंगा स्वच्छता समितियों की बैठक हर माह आयोजित करने के निर्देश

सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय गंगा समिति की नवीं बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि गंगा में ड्रेनेज का अशोधित जल नहीं जाना चाहिए, साथ ही ऐसे स्थल जो सीवर लाइन से जुड़े नहीं हैं, का सेप्टेज मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने देवप्रयाग, गंगोत्री, बदरीनाथ में भी सेप्टेज मैनेजमेंट की तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन नगरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था नहीं है उनमें सॉलिड वेस्ट के लिये ट्रांसपोर्टेशन एवं प्रोसेसिंग की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाय।
मुख्य सचिव ने पुराने कूड़े को प्रोसेसिंग कर उसके निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित नगर निकायों को दिये। मुख्य सचिव ने समस्त जिला विकास समितियों को एनजीटी की गाइड लाइन के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चत करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने प्रदेश की नदियों में सफाई व्यवस्था बनाये रखने तथा जनपद गंगा समितियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार के जिलाधिकारियों को दिये, तथा उनकी समस्याओं को भी सुना।
बैठक में अपर सचिव उदयराज सिंह ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि प्रदेश में 32 एस.टी.पी. में से 29 एस.टी.पी का निर्माण हो चुका है जिनमें सीवरेज ट्रीटमेंट चल रहा है। अवशेष 1 परियोजना जोशीमठ तथा 2 श्रीकोट में निर्माणाधीन है। इन परियोजनाओं की सीवरेज शोधन क्षमता 129 एम.एल.डी है।
मुख्य सचिव ने सीवरेज के शोधन की क्षमता परियोजना की क्षमता के अनुरूप विस्तार करने के निर्देश दिये। वर्तमान में इन परियोजनाओं से 27 एम.एल.डी पानी का शोधन हो रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव नितेश झा, अपर सचिव उदयराज, सदस्य सचिव उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.पी. सुबुद्धि उपस्थित थे।