मुख्यमंत्री ने छुपने वाले और छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर रात्रि 9 बजे अपने आवास में दीपक प्रकाशित किए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संघर्ष में इससे अवश्य ही हम सभी का उत्साह बढ़ेगा। पूरे देश ने जिस संयम और एकजुटता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। हम अपने आत्मबल की शक्ति से कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में जरूर जीतेंगे। बस हमें निराश नहीं होना है, धैर्य और संयम बनाए रखना है, घर पर रहना है, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी है और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करना है।

वहीं, दिनभर के घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जाएगी। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना वसूली की जाएगी। कुछ छिटपुट जगहों पर लोग अफवाहो के बहकावे में भी आए हैं। प्रदेशवासियों से अनुरोध है अफवाहो में न आएं और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं। कुछ लोगों को इनकी तपस्या को बेकार करने नहीं दिया जाएगा।

महापौर ने खुद जांची व्यवस्थाएं, लोगों को जागरुक कर दिलाया भरोसा

कोरोना संकट काल में केन्द्र और राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार व्यवस्थाओं को बनवाने और उनका अनुपालन कराने के लिए ऋषिकेश नगर निगम प्रशासन कोई कसर नही छोड़ रहा है। आज निगम महापौर अनिता ममगाई ने स्वंय व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
महापौर के मीडिया समन्यवक अजय बिष्ट ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि श्री रामनवमी पर्व की पूजा के पश्चात लॉकडाउन के दौरान सड़क पर उतर कर महापौर ने वास्तु स्थिति का जायजा लिया। निगम अधिकारियों के साथ दोपहर महापौर ममगाई ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर निगम के भोजन व्यवस्थाओं की जांच की। अभियान पर निकली महापौर ने जहां हैल्पिंग हैंड संस्था के सहयोग से लोगों को लंच पैकेट बांटे। वहीं समाजसेवी राजेश भट्ट और कपिल कुमार के सहयोग से भी गुमानीवाला क्षेत्र में गरीब व असहाय लोगों में 600 भोजन के पेकेट वितरित किये। इस दौरान महापौर ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा। साथ ही, उन्होंने लोगों को भी जागरूक किया। महापौर ने बताया कि गढवाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश में प्रशासन के सहयोग से राशन व सब्जी की आपूर्ति सामान्य रखने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार तमाम व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
महापौर ने कहा कि ,प्रशासन के माध्यम से बस्तियों में चिन्हित कर निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। उन्होंने हाथ जोड़ते हुए शहरवासियों से अपील की कि अफवाह फैलाकर आग से न खेलें और लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें, ताकि देवभूमि में कोरोना वायरस के खतरों को टाला जा सकेे।

जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से फोन के माध्यम से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाए, खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण उपलब्धता रखी जाए, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए, प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आवश्यकताओं के लिए शासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए, यह ध्यान रहे कि खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री में ओवर रेटिंग की शिकायत ना हो।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों से भी स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आवश्यक सामग्री के लिए स्वास्थ्य सचिव एवं डीजी स्वास्थ्य से संपर्क करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दी धनराशि
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत अपने 5 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत 1 लाख रुपए का चेक, मुख्यमंत्री की बेटी कृति रावत ने 50,000 एवं सृजा ने 2000 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिए हैं।

80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल या गेंहू मुफ्त मिलेगा

सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित प्रवासी मजदूरों और गरीबों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रूपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। नई दिल्ली में आज संवाददाता को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारामन ने बताया कि कोरोना के मुकाबले में लगे विभिन्न वर्ग के लोगों के लिए तीन महीने के लिए 50 लाख रूपये का बीमा भी कराया जाएगा। इनमें चिकित्सक, पैरा-मेडीकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, सफाई कर्मचारी और आशा कार्यकर्ता शामिल है।
वित्तमंत्री ने बताया कि 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल या गेंहू मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह इस समय दिए जा रहे 5 किलो राशन के अलावा होगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक परिवार को एक किलो दाल भी मुफ्त दी जाएगी।
वित्तमंत्री ने ये भी बताया कि मौजूदा प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत आठ करोड़ 70 लाख किसानों और अन्य लोगों को अप्रैल के पहले सप्ताह तक उनके खाते में 2 हजार रूपये जमा कर दिए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में गरीबी पेंशन पाने वाले लोग लाभान्वित होंगे जिनमें गरीब विधवाएं, दिव्यांगजन, स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं और उज्ज्वला योजना का लाभ ले रही महिलाएं भी शामिल हैं। वित्घ्त मंत्री ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी में भी वृद्धि की घोषणा की जिससे 5 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा।
वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को अगले तीन महीनों के दौरान एक-एक हजार रूपये की दो किस्तों में तदर्थ अनुदान दिया जाएगा। इससे करीब तीन करोड़ गरीब वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचेगा।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोसा, सरकार सबका रख रही है ध्यान, एडवायजरी का करें पालन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी, स्वास्थ्य एवं गृह सचिव नितेश झा के साथ आपात बैठक ली। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि जनता कर्फ्यू को 31 मार्च, 2020 तक जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस अनुभवों और उसकी भयावहता को देखते हुए, आज राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के अन्तर्गत हमारी अन्तर्राज्जीय परिवहन सेवा और राज्य के अन्तर्गत सार्वजनिक परिवहन सेवा को प्रतिबन्धित किया जा रहा है। दूसरी बात जो राज्य में हमारी आवश्यक सेवाएं हैं, चाहे स्वास्थ्य सम्बन्धी हों, खाद्य सम्बन्धी हों और अन्य जो भी अन्य आवश्यक सेवाएं हैं वो उपलब्ध रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी। सभी जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। सभी प्रदेशवासियों से यह भी अनुरोध है कि वो अपने शहर, अपने मुहल्लों को न छोड़ें। जो गांव के लोग हैं वो अपने गांव से बाहर न निकलें। जब बहुत जरूरी हो, तभी गांव से बाहर निकलें। आगामी 31 मार्च, 2020 तक के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
मैं प्रदेशवासियों से यही कहना चाहूंगा कि हमारे पास कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे ज्यादा समर्थ तरीका एक यही कि सामाजिक दूरी बनाए रखें। यही इसका सबसे बड़ा बचाव है। राज्य में सभी जगह प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट में है। मुझे पूरा विश्वास है कि उत्तराखण्ड की जनता ने जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को स्वीकार किया, अपना समर्थन किया है, उसी प्रकार अपने देश के बचाव के लिए, अपने राज्य के बचाव के लिए, अपने घर-परिवार के बचाव के लिए वो निश्चित रूप से सरकार का सहयोग करेगी। जनता कर्फ्यू आज पूरी स्वेच्छा से देश में लागू हुआ, अब पूरे राज्य में कर्फ्यू केवल आवश्यक सेवाओं के लिए खुला रहेगा, अब पूरे राज्य में कर्फ्यू 31 मार्च तक लागू रहेगा।
हमारे राज्य में जितने भी रजिस्टर्ड मजदूर हैं, उनके खाते में एक हजार रूपये डालेंगे ताकि उनको खाद्यान्न की दिक्कत न रहे। मैं उन्हें आश्वासन देना चाहता हूं कोई भूखा न रहे सरकार इसकी व्यवस्था करेगी। सैनेटाईजेशन की कार्यवाही पूरे राज्य में गतिमान है। राज्य के संस्थान एवं सरकार इकाईयों ने व्यापक सैनेटाईजेशन का कार्य कर रही है। जनता से मैं यही कहना चाहूंगा कि सरकार विश्वभर के विशेषज्ञों की राय एवं अनुभवों के आधार पर निर्देश दे रही। आप उन परामर्शों को ध्यान से पढ़िए, अखबारों में, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, आदि द्वारा जो भी समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं उनका पालन करें। मैं प्रदेशवासियों से कहना चाहता हूं जो भी सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं, राज्य सरकार ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं उनसे कहना चाहता हूं वही अधिकृत खबरें प्रकाशित करें। यदि कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करते हैं, उनके साथ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बहुमत का आंकड़ा दूर, कमलनाथ दे सकते है इस्तीफा

मध्यप्रदेश की सियासत के ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी सरकार सुरक्षित नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है। वहीं राज्य के सियासी गलियारों से खबर है कि कमलनाथ बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। यह संकट कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस के सभी बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद और पुख्ता हो गया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कल देर रात कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन सभी विधायकों ने छह अन्य विधायकों के साथ 10 मार्च को अपना इस्तीफा दिया था लेकिन प्रजापति ने इनके इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं लिया था। हालांकि उन्होंने छह अन्य के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। ये सभी 16 विधायक अभी बंगलूरू में ठहरे हुए हैं।
कांग्रेस के बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर करने के बाद विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का दर्द छलक गया है। स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि वे दुखी हैं। कहा कि और उन्होंने भारी मन से ये इस्तीफे इसलिए स्वीकार किए क्योंकि बागी विधायक मेरे खिलाफ ही कोर्ट में खड़े हो गए… ये लोकतंत्र की बिडंबना है।
इससे पहले के घटनाक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने कल को अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया है कि वे सभी 20 मार्च को विधानसभा में मौजूद रहें और बहुमत परीक्षण के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान करें। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी कर कमलनाथ सरकार के खिलाफ मतदान करने को कहा है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान समेत अन्य भाजपा विधायकों की कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण की मांग वाली याचिकाओं पर दो दिन से सुनवाई कर रही थी। पीठ ने विधानसभा के स्पीकर को विशेष सत्र बुलाने और राज्य सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया।
पीठ ने विधायकों से अपना हाथ उठाकर मत प्रकट करने का निर्देश दिया। विधानसभा की पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी आदेश दिया गया है। पीठ ने यह भी साफ किया, विधानसभा सत्र बुलाने का एकमात्र एजेंडा बहुमत परीक्षण कराना होगा। संबंधित अथॉरिटी यह सुनिश्चित करेगी कि बहुमत परीक्षण के दौरान सदन में कानून व्यवस्था कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पेयजल परियोजना अन्तर्गत कार्यों की समीक्षा हेतु एनआईसी द्वारा तैयार वेब पोर्टल को लांच किया। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं, जल शक्ति मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं का अनुश्रवण एवं मूल्यांकन इस ऑनलाइन पोर्टल से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से पेयजल योजनाओं की कार्य प्रगति, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, योजना के तहत लगाये गये एवं अवशेष कनेक्शनों की जानकारी भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये की पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट दी जाय। जल शक्ति मिशन एवं अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं के सफल संचालन के लिए कार्यों की निश्चित समयावधि तय की जाय। नमामि गंगे के तहत अवशेष कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाय। वहीं, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्ंयाकी ने जानकारी दी कि राज्य के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए 385.81 करोड़ रूपये की 12 पेयजल योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्र चिन्हित हैं। इस योजना के तहत 4.39 लाख लोगों को प्रतिदिन 12 से 16 घण्टे पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर विधायक पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, एमडी स्वजल उदयराज सिंह एवं एनआईसी के अधिकारी उपस्थित थे।

सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘‘विकास के तीन सालः बातें कम, काम ज्यादा’’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सरकार को सहयोग देने के लिए प्रदेशवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही है। तीन वर्ष के दौरान अनेक बड़े निर्णय लिए गए। 4 मार्च को गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की गई। यह हमारे दृष्टि पत्र में भी था। हमने जनता से किया गया वायदा पूरा किया। प्रदेश की जनता ने भी इसके पक्ष में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। हमारा दूसरा बड़ा निर्णय चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन था। अब चारधाम यात्रा इसके तहत की जाएंगी।
हमने जनता से सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वायदा किया था। हमने इसके लिए कड़े कदम उठाए, भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार किया। साबित किया कि सरकार ईमानदारी से भी चल सकती है। पारदर्शी शासन के लिए ई-आफिस, सीएम हेल्पलाईन, सीएम डैशबोर्ड की व्यवस्था की है। तीन साल में एक बड़ा निर्णय अटल आयुष्मान योजना शुरू करना रहा है। इसमें प्रदेश के सभी लोगों को शामिल किया। रैफर के प्रावधान को हटाया गया है। प्रदेश में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट की गई। 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू किए गए। इनमें से 21 हजार करोड़ से अधिक का निवेश ग्राउन्ड हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बहुत से निर्णय लिए, जहां सुधार की गुंजाईश होती है, वहां सुधार भी किए जाते हैं।
ऑल वेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट, एनएच, भारतमाला, टिहरी बांध, शहरी विकास, एयर कनेक्टीवीटी, जमरानी, सौंग, मसूरी पेयजल योजना आदि के रूप में डबल इंजन का प्रभाव देखा जा सकता है। केंद्र से 94 हजार करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्टों की स्वीकृति ली गई। पलायन को रोकने के लिए नहीं बल्कि रिवर्स पलायन के लिए ग्राम्य विकास और पलायन आयोग का गठन किया गया। उसने विस्तृत अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट दी। 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन, होम स्टे से स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। ग्रोथ सेंटर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। सोलर और पिरूल एनर्जी नीति पर्वतीय क्षेत्र में काफी फायदेमंद होंगी। प्रदेश में एयर कनेक्टीवीटी का भी विस्तार हुआ है। देहरादून, देश के प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है। चिन्यालीसौड़, गौचर भी हवाई सेवा से जुड़ चुके हैं। उड़ान के अंतर्गत हेली सेवा शुरू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। आर्गेनिक खेती में भी बड़ी पहल की गई है। साहसिक पर्यटन के लिए अलग से विभाग बनाया जा रहा है। साहसिक पर्यटन हमारे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण क्षेत्र होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी हम अपने विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ते रहेंगे। सभी डिग्री कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन और स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध करवाया जाएगा। कनेक्टीवीटी के लिए जहां भी पुलों की आवश्यकता होगी, बनाए जाएंगे। बालिका अनुपात में काफी सुधार आया है, इस पर और ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, महानिदेशक सूचना डा.मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।

सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रमोशन में अब आरक्षण नही चलेगा

उत्तराखंड में प्रमोशन से रोक हटाने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद परेड मैदान में जुटे जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली मनाई। उन्होंने इसे आंदोलन की जीत करार दिया। लेकिन सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन भड़क गया है। फेडरेशन ने विरोध में आज सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है। बुधवार को प्रमोशन से रोक हटने का आदेश जारी होने के बाद एससी-एसटी कर्मचारी जुट गए और उन्होंने एक सभा कर सरकार पर उनके हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया।
इससे पूर्व सचिवालय में उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई, बीपी नौटियाल, ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, राकेश जोशी निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुसांई, प्रदेश महामंत्री बीएस रावत समेत कई कर्मचारी नेताओं के साथ मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की वार्ता हुई। इस वार्ता में सहमति बनने के बाद कर्मचारी नेता परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने प्रमोशन से रोक हटने, पदोन्नति के आदेश जारी होने और कार्य बहिष्कार की अवधि अर्न लीव (उपार्जित अवकाश) में एडजस्ट होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेमियादी हड़ताल को स्थगित किया जा रहा है। यदि कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस न हुए और उनके खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई हुई फिर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने सभी हड़ताली कर्मचारियों का आभार जताया और इसे कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष की जीत करार दिया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने जमकर होली खेली। एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई ने बताया कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियो ंने होली नहीं मनाई थी। आज उन्होंने मांगें पूरी होने की खुशी में उन्होंने होली मनाई।