कुंभ क्षेत्र में गैस लाइन डालने को मिली हरी झंडी

राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गेल को गैस पाइप लाइन डालने का काम शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। गेल को कुंभ क्षेत्र और अखाड़ों के अंदर तक गैस पाइप लाइन पहुंचानी है। विदित हो कि लॉकडाउन के चलते कुंभ के सभी काम रोक दिए गए थे। अब तक तो हरकी पैड़ी और व्यस्त बाजार क्षेत्र तक गैस पाइप लाइन डालने का काम पूरा हो गया होता।
राज्य सरकार के अनुमति पत्र को जिलाधिकारी ने कार्य शुरू की परमिशन देने के लिए मेलाधिकारी कुंभ के पास भेज दिया है। मेन रोड पर आर्यनगर से शहर कोतवाली तक और निष्काम सेवा ट्रस्ट भूपतवाला से कांगड़ा मोड़ हरकी पैड़ी के पास तक गैस पाइप लाइन डाली जा चुकी है।

15 किलोमीटर की लाइन डलवानी है
रेलवे रोड से सप्तसरोवर तक और देश रक्षक से आईटीआई जगजीतपुर तक कुंभ एरिया में लगभग 15 किलोमीटर ट्रंक लाइन दो महीने के अंदर डालनी है। इस काम के लिए मई व जून का ही समय गेल के पास है। इसके बाद मानसून में काम नहीं होगा और मानसून समाप्त होने के तुरंत बाद खुदी सड़कों का पुनर्निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाना है।
गेल के परियोजना प्रबंधक प्रंजय जोशी ने बताया कि उत्तरी हरिद्वार में भारतमाता मंदिर से रेलवे रोड तक लगभग आठ किमी और देश रक्षक चैक से आईटीआई जगजीतपुर तक एरिया में लगभग छह किमी मेन ट्रंक लाइन डालने का काम प्राथमिकता में है। राज्य सरकार ने अनुमति दे दी है और सोमवार तक मेला प्रशासन से अनुमति मिलने की उम्मीद है। मंगलवार से काम शुरू हो जाएगा।

अब डिजिटल पेमेंट से करें मुख्यमंत्री राहत कोष में दान

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को कोविड -19 ( कोरोना राहत कार्यों) के लिए दानदाताओं द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में धनराशि डिजिटल पेमेंट के माध्यम से ऑनलाइन जमा करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट cmrf.uk.gov.in का लोकार्पण किया। अब सभी दानदाता घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से कोविड-19 राहत कार्यों के लिए अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं। NEFT या IMPS के द्वारा एवं अन्य माध्यमों के द्वारा दानराशि जमा करने की जानकारी भी cmrf.uk.gov.in वेबसाइट में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री राहत कोष में UPI (Unified Payment Interface) cmrfuk@sbi.in के द्वारा या वेबसाइट cmrf.uk.gov.in में QR कोड को स्कैन करके पेटीएम, भीम एप, गूगल पे, फ़ोन पे इत्यादि डिजिटल माध्यमों से भी पेमेंट कर सकते हैं।
PAYTM एप के सर्च बॉक्स में Uttarakhand Mukhyamantri Rahat Kosh लिखकर डायरेक्ट paytm के माध्यम से भी दानराशि जमा की जा सकती है। मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की जाने वाली दानराशि 80G के अन्तर्गत इनकमटैक्स में छूट के लिए पात्र हैं, दानदाता इस बेबसाइट में 80G रसीद के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।यह वेबसाइट CM Office द्वारा NIC के माध्यम से बहुत कम समय में तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि कोरोना राहत कार्यों में सहयोग देने के लिए cmrf.uk.gov.in website एवं सभी डिजिटल पेमेंट माध्यमों का उपयोग कर अधिक से अधिक दान देकर सहयोग करें। वेबसाइट उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री के आई०टी० सलाहकार रवींद्र दत्त, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, एनआइसी उत्तराखंड के उपमहानिदेशक के नारायण, एनआईसी के प्रोजेक्टर कॉर्डिनेटर अरुण शर्मा उपस्थित थे।

योगी आदित्यनाथ के पिता पंचतत्व में विलीन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्व. आनंद सिंह बिष्ट मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हुए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदांनद सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पिता के पार्थिव शरीर को सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिग का पूरा ख्याल रखा गया।
मंगलवार सुबह ठीक नौ बजे पंचूर गांव से स्व. आनंद सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के जरिए फुलचट्टी पहुंचा। एंबुलेंस से पिता के पार्थिव शरीर को सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह, तीसरे नंबर के पुत्र शैलेन्द्र मोहन, चैथे नंबर के पुत्र महेन्द्र सिंह और परिवार के अन्य सदस्य लेकर गंगा घाट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सघ्ंिह रावत, बदरीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, संगठन मंत्री अजेय, यूपी के एडिशनल रेजीडेंट कमिश्नर सौम्य श्रीवास्तव, यूपी सीएम के ओएसडी राजभूषण सिंह रावत, मुख्य व्यवस्था अधिकारी यूपी राजीव तिवारी, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती आदि ने पार्थिव शरीर को पुष्पचक्र अर्पित व शॉल चढ़ाकर श्रद्घांजलि दी। इसके बाद शोक शस्त्र सलामी दी गई। साथ ही दो मिनट का मौन भी रखा गया।

पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कर हिंदू रीति रिवाज से दाह संस्कार की प्रक्रिया अपनाई गई। स्व. आनंद सिंह बिष्ट के सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह बिष्ट ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते रहे। इस मौके पर पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, यूपी की गोविंदनगर विधानसभा के विधायक सुरेन्द्र मैथानी, गन्ना एवं चीनी उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भगतराम कोठारी, एसएसपी पौड़ी दिलीप सिंह कुंवर, एडिशनल एसपी पौड़ी प्रदीप कुमार रॉय, एसडीएम यमकेश्वर श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक संचार अनूप काला, सीओ सदर वंदना वर्मा, सीओ कोटद्वार अनिल जोशी, कोतवाल पौड़ी मनोज असवाल, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेन्द्र सिंह कठैत आदि उपस्थित रहे।

बालिकाओं की शिक्षा पर था जोरः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्व. आनंद सिंह रावत जीवन के अंतिम समय में पूरी तरह से संतुष्ट थे। उन्होंने डेढ़ माह पूर्व यह बात मुझसे कही थी। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए एक प्राइवेट महाविद्यालय की स्थापना की। योगी आदित्यनाथ जैसे पुत्र को जन्म देने वाले स्व. आनंद सिंह ने सामाजिक जीवन जिया। आज पिता के गुण को आत्मसात करते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, गुंदागर्दी, माफियाराज रोकने में कामयाब हुए है। योगी सन्यासी होते हुए न सिर्फ राज्य चला रहे है बल्कि सनातम धर्म की पताका को भी फैला रहे है।

घाट में प्रवेश को लेकर पुलिस रही सतर्क
कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी को देखते हुए फुलचट्टी स्थित गंगा घाट पर पौड़ी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस कर्मियों ने घाट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक सदस्य को सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए। इसके अलावा पार्थिव शरीर को श्रद्वांजलि देने के बाद सभी को सैनिटाइज भी किया गया। साथ ही पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के दौरान भी सोशल डिस्टेंस का पालन हुआ। मुख्य घाट पर सिर्फ 20 सदस्यों को ही जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को दूर से ही कवरेज करने को कहा गया।

राज्यों के लॉकडाउन उल्लंघन पर केन्द्र का सख्त, कहा-ढील कहीं भारी न पड़ जाये

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लॉकडाउन संबंधी संशोधित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि कुछ राज्य ऐसे कार्यों की अनुमति दे रहे हैं, जो गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में नहीं दिए गए हैं। मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन के उल्लंघन की खबरें मिल रही हैं, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है और कोविड-19 के फैलने का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। कोरोना के इलाज से सीधे तौर पर जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा, परस्पर सुरक्षित दूरी के पूरी तरह से उल्लंघन और शहरी क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही की घटनाएं हुई हैं। केंद्र सरकार ने कोविड-19 की स्थिति के ऑन-स्पॉट आकलन, इसके समाधान के लिए राज्य प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश देने और केंद्र सरकार को उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए छह अंतर-मंत्रालय टीमों का गठन किया है। ये टीमें दिशा-निर्देशों के अनुरूप लॉकडाउन के अनुपालन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, परस्पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने, इलाज की तैयारी, स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा और कामगारों तथा गरीबों के लिए राहत शिविरों की शर्तों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

इस समय राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को जनपद की परिस्थिति के अनुकूल आम आदमी की समस्याओं के समाधान में मानवीय व व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने कहा कि शादी विवाह में दूल्हा और दुल्हन दोनों के पक्षों की व्यावहारिकता देखें। ऐसे प्रकरण अंतर्जनपदीय भी हो सकते हैं। विवाह के लिए केन्द्र सरकार के सामाजिक दूरी व अन्य निर्देशों का अनुपालन करते हुए अनुमति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो लोग अपनी रिश्तेदारी आदि वजह से लॉक डाउन में फंस गए हैं उनका स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए ग्रीन कैटेगरी के जनपदों में जाने की अनुमति प्रदान की जाए। यही नहीं जिन लोगों को क्वॉरेंटाइन में रखे हुए 14 दिन पूरे हो गए हैं उन्हें 15वें दिन स्वास्थ्य परीक्षण के बाद यथा स्थान भेजने की व्यवस्था कर दी जाए।
मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के दृष्टिगत इससे संबंधित बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा एवं भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में व्यापक चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि काश्तकारों के व्यापक हित में आम व लींची के सीजन के दृष्टिगत इसे क्रय करने हेतु आने वाले ठेकेदारों को भी आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा जांच के बाद आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मटर की खेती करने वाले किसानों के हित में फ्रोजन मटर की प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने गर्मी व सर्दी के मौसम में प्रदेश के सीमांत जनपदों उत्तरकाशी, चमोली व पिथौरागढ़ में माइग्रेट होने वाले लोगों के आवागमन, पशुओं को चारा-पानी, गर्मी के दृष्टिगत पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में हजारों लोगों ने रिवर्स माइग्रेशन किया है, लॉक डाउन के बाद भी इनकी संख्या और बढ़ सकती है इसके लिए एक प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है जिसमें उनकी दक्षता आदि का पूरा विवरण तैयार किया जाना है। इसके लिए 30 हजार आवेदन भेजे जा चुके हैं। यह प्रक्रिया भविष्य की योजना तैयार करने में मददगार हो सकेगी। जिला अधिकारी अपने जनपदों में इसका भी ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने की भी अपेक्षा की। इस धनराशि से जनकल्याण के कार्यों में बड़ी मदद मिल सकती है। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी निर्देश राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जारी किए जा रहे हैं उनका पालन गंभीरता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों से जनपद में मेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ ही उनके प्रशिक्षण पर ध्यान देने को कहा ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप कृषि व खेती से संबंधित कार्यों को सुचारू रूप से संचालन की व्यवस्था की जाए। माइग्रेट लेबरों के हित में उद्योगों से समन्वय कर उनकी आवश्यकता के दृष्टिगत उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि माइग्रेट कैम्पों में नियमित रूप से हेल्थ चेकिंग व उनके मनोबल को बढ़ाने के भी प्रयास किए जाएं।
कहा कि आवश्यक सामान लेकर जाने वाले ट्रक ड्राइवरों को कतिपय जनपदों में 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किए जाने की बात भी सामने आ रही है, ऐसे ड्राइवरों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें जाने दिया जाए। उन्होंने वितरित की जा रही सामग्री की एकाउंटिंग पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को कोविड-19 के दृष्टिगत वन विभाग के जिन कर्मचारियों की तैनाती की गई है उन्हें वनाग्नि के बचाव आदि कार्यों के दृष्टिगत कार्यमुक्त कर दें, इनके स्थान पर पीआरडी स्वयं सेवकों की तैनाती की जाए ।
अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्ग, चारधाम सड़क परियोजना, कुंभ मेले से संबंधित कार्य, पुलों, नाबार्ड, लोनिवि, राज्य योजना व जिला योजना से संबंधित 75 प्रतिशत प्रगति वाले निर्माण कार्य किए जाने हैं, इसका परिचालन मानकों के अनुरूप किया जाना है। उन्होंने निर्माण कार्यों के मजदूरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही इसका साप्ताहिक अनुश्रवण किए जाने तथा कार्य स्थल पर अथॉरिटी इंजीनियर, जे.ई. की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, इसकी व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी इनकी रहेगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, सचिव पेयजल अरविंद ह्यांकी, सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव खाद्य सुशील कुमार एवं पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने उनके स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारियों से चर्चा की। जिलाधिकारियों ने अपनी समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद पैन्यूली का 92 साल की उम्र में निधन

टिहरी रियासत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सच्चिदानंद पैन्यूली पुत्र स्वर्गीय कृष्णानंद पैन्यूली का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने ऋषिकेश स्थित निवास स्थान पर सुबह करीब 3 बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांस ली।
रविवार को पूर्णानंद घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें मुखाग्नि उनके बेटे संपूर्णानंद पैन्यूली ने दी। बताते चले कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सच्चिदानंद पैन्यूली पिछले एक माह से बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। ठीक एक महीने पहले 12 मार्च को उनकी पत्नी मनोरमा देवी का देहांत हो गया था। वर्तमान में वे ऋषिकेश के गंगानगर हनुमंत पुरम लेन नंबर छह में निवास कर रहे थे।
उनका मूल निवास स्थान छोल गांव बड़कोट टिहरी गढ़वाल में है। उनकी अंत्येष्टि में जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं, सीओ ऋषिकेश वीरेंद्र सिंह रावत, सीओ नरेंद्र नगर प्रमोद शाह, मुनीकीरेती थाना अध्यक्ष रामकिशोर सकलानी शामिल रहे।

उनके जीवन पर एक नजर ….
– 29 मार्च 1929 को जन्मे डॉ. सच्चिदानंद पैन्यूली स्नातक की पढ़ाई के बाद टिहरी रिसायत में प्रथम बार 25 जुलाई 1946 को शहीद सुमन के शहीदी दिवस पर गिरफ्तार हुए।
– टिहरी जेल से बड़े भाई पूर्व सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिपूर्णानंद पैन्युली को फरार कराने के षड्यंत्र में गिरफ्तार किए गए। 13 दिसंबर 1946 को स्वयं भी फरार हो गए।
-अपने पैतृक गांव छोल बडकोट में अस्पताल के लिए ढाई एकड़ भूमि दान की। यहां अस्पताल बनने के बाद 13 जुलाई 1988 को तत्कालीन रक्षामंत्री केसी पंत ने उद्घाटन किया।
– सन 1951 में आचार्य विनोबा भावे से प्रेरित होकर भूदान यज्ञ में सक्रिय भूमिका निभाई।
– भारत छोड़ो आंदोलन के दिवस पर नौ अगस्त 2008 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने डॉ. सच्चिदानंद पैन्यूली को सम्मानित किया गया।
– पत्रकारिता के लिए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने 25 फरवरी 2017 को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री की पहल पर संशोधित हुआ आदेश, अब भत्तों में भी 30 प्रतिशत की होगी कटौती

उत्तराखंड के विधायकों का 30 प्रतिशत वेतन के साथ ही उनके भत्ते में भी कटौती होगी। यह पैसा कोरोना महामारी से लड़ने के लिए बने कोविड-19 फंड में जाएगा। विधायकों के वेतन व भत्तों से यह कटौती एक अप्रैल से 31 मार्च 2021 तक होगी। इस संबंध में सचिव विधायी एवं संसदीय कार्य प्रेम सिंह खिमाल ने आदेश जारी किए हैं। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में आगे लड़ाई के लिए आवश्यक फंड जुटाने को प्रदेश मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों बैठक करके विधायकों, मंत्रियों व मुख्यमंत्री के वेतन से 30 फीसदी कटौती का निर्णय लिया था। जिसमें संशोधन करते हुए सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है।
इसके तहत अब विधायकों, मंत्रियों व मुख्यमंत्री को मिलने वाले भत्तों में भी 30 फीसदी की कटौती की जाएगी। कैबिनेट ने अधिनियम की धारा 24 में संशोधन को मंजूरी देते हुए वेतन व भत्तों में कटौती के प्रस्ताव पर मुहर लगाई। विदित हो कि कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के बाद यह संशय था कि एक साल के लिए विधायक के सिर्फ वेतन से 30 फीसदी की कटौती होगी या फिर इसमें भत्ते भी शामिल होंगे। प्रदेश में एक विधायक को 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। इस हिसाब से यदि प्रदेश सरकार के नौ मंत्री व राज्य मंत्रियों को छोड़ दें तो बाकी 62 विधानसभा सदस्यों के 30 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन के हिसाब से एक साल की सहयोग निधि 66 लाख 96 हजार रुपये बैठती है। यदि इसमें मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की राशि को जोड़ दें तो इसमें कुछ और इजाफा हो जाता है। लेकिन, आदेश में निर्वाचन क्षेत्र भत्ता व सचिव भत्ता में भी 30 प्रतिशत की कटौती करने का उल्लेख किया गया है।

पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाने से नहीं रोका जा सकता
लॉकडाउन के दौरान पार्थिव देह (डेड बॉडी) को पैतृक गांव ले जाने से नहीं रोका जा सकता है। पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने इस संबंध में सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आगाह भी किया कि मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में परमिशन देने में हीलाहवाली या लापरवाही करने से कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए पुलिस भी परोक्ष रूप से जिम्मेदार होगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लाॅकडाउन में हो रही समस्याओं की दी जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनके आवास में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की तथा कोरोना संक्रमण से बचाव में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा इस संबंध में सहयोग का आश्वासन भी मुख्यमंत्री को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के सहयोग एवं व्यापक जागरूकता तथा दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर हम इस संकट का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की स्थिति में आम जनता को कोई कठिनाई न हो इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। फसल कटाई के लिए किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के साथ ही मास्क की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी मास्क तैयार कर वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न सहित अन्य आवश्यक सामग्री की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 13 लाख कार्ड धारकों को 15 किलो राशन के अलावा 5 किलो प्रति यूनिट अतिरिक्त राशन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही 3 माह का राशन अग्रिम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों के साथ ही कोरोना के दृष्टिगत क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व दायित्व धारी अजय सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार आदि उपस्थित थे।

केन्द्रीय कैबिनेट ने सांसदों का वेतन एक वर्ष के लिए 30 प्रतिशत कम किया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद सदस्य के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम 1954 में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके तहत सांसदों का वेतन एक वर्ष के लिए 30 प्रतिशत कम हो जाएगा।
यह अध्यादेश पहली अप्रैल से प्रभावी हो गया। मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं को बताया कि केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का वेतन एक वर्ष के लिए 30 प्रतिशत घट जाएगा।
जावड़ेकर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 2020-21 से 2021-22 तक दो वर्ष के लिए सांसद क्षेत्रीय विकास निधि को निलंबित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह 79 अरब रुपये की राशि कोविड-19 से निपटने के लिए भारत की समेकित निधि में जमा कराई जाएगी।
मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों ने सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में एक वर्ष तक अपने वेतन में एच्छिक रूप से 30 प्रतिशत कमी करने का फैसला किया है। यह राशि भी भारत की समेकित निधि में जमा कराई जाएगी।

केन्द्र ने राज्यों को 30 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की

सरकार ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिए राज्यों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधि से अतिरिक्त तीन हजार करोड़ रूपए जारी किए हैं। इससे पहले इस निधि में 11 सौ करोड रुपये जारी किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान देशभर में अब तक 16 लाख 94 हजार मीट्रिक टन अनाज का परिवहन किया गया। इस बीच, देश में पिछले 24 घंटे में छह सौ 93 लोगों में कोविड-19 के संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या चार हजार 67 हो गई। इनमें से दो सौ 91 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक सौ नौ लोगों की मृत्यु हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कुल मामलों में से 76 प्रतिशत पुरूष और 24 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों में से एक हजार चार सौ 45 तब्लीगी जमात से संबंधित हैं।
अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के शिकार एक सौ नौ लोगों में से 63 प्रतिशत की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। मृतकों में 40 से 60 वर्ष की उम्र के 30 प्रतिशत जबकि 40 वर्ष से कम उम्र के सात प्रतिशत लोग थे। उन्होंने उच्च जोखिम वाले लोगों को सरकार के निर्देशों और दिशानिर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया।
अग्रवाल ने देशवासियों से कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकेने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने और दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान देशभर में अब तक 16 लाख 94 हजार मीट्रिक टन अनाज का परिवहन किया गया। उन्होंने कहा कि 13 राज्यों में एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं और आठ राज्यों में एक लाख 32 हजार मीट्रिक टन चावल आवंटित किया गया। कहा कि भारतीय खाद्य निगम के पास केंद्र के हिस्से वाला 55 लाख 47 हजार मीट्रिक टन अनाज है।
अग्रवाल ने कहा कि इस महामारी के प्रबंधन के लिए राज्यों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधि से 11 अरब रुपये जारी किए गए हैं। इस संबंध में 30 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई है।
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि लॉकडाउन के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और चीजों की उपलब्धता संतोषजनक है।
तब्लीगी जमात से संबंधित मामलों के बारे में सुश्री श्रीवास्तव ने कहा कि अथक प्रयायों से तब्लीगी जमात के 25 हजार पांच सौ से अधिक स्थानीय लोगों और उनके सम्पर्क में आए लोगों को क्वारेंटीन किया गया है।