सीएम की पहल पर हॉकी खिलाड़ी बॉबी सिंह धामी को मिली हॉकी किट और सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। नई खेल नीति हो या वृहद स्तर पर खेलों का आयोजन धामी सरकार लगातार नये आयामों को छू रही है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी धामी सरकार आवश्यक संसाधनों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के हॉकी खिलाड़ी बॉबी सिंह धामी जो भारतीय जूनियर हॉकी टीम के उप कप्तान हैं द्वारा पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार से मुलाकात कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा यथोचित सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार की ओर से बॉबी सिंह धामी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाने हेतु प्रयास किये गये हैं। राज्य सरकार की ओर से सीएसआर के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के क्रम में मेसर्स बहल पेपर मिल लिमिटेड द्वारा बॉबी सिंह धामी को हॉकी किट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को स्पॉन्सर किया गया है। जिस हेतु धनराशि रू 6.6 लाख उपलब्ध कराये गये हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्य द्वारा खेल विभाग की मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के इस प्रयास पर आभार प्रकट करते हुये मेसर्स बहल पेपर मिल लिमिटेड को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किये गये इस प्रयास से खिलाड़ियों के मनोबल के साथ-साथ उनके खेल कौशल को भी सकारात्मक दिशा मिलती है। बॉबी सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बहल पेपर मिल लिमिटेड और खेल विभाग उत्तराखंड का आभार व्यक्त किया गया है।

टिहरी जिले में 533 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रताप इंटर कॉलेज बौराड़ी, टिहरी में जनपद की 533 करोड़ रूपये की कुल 138 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 158 करोड़ रूपये 45 विकास योजनाओं के लोकार्पण एवं 375 करोड़ रूपये के 93 शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्य स्तरीय एलीट महिला एवं पुरुष बॉक्सिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ भी इस अवसर पर मुख़्यमंत्री ने किया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पहली किश्त के 1120 लाभर्थियों को कुल 06 करोड़ 72 लाख की धनराशि का डमी चेक प्रदान किया गया। यह धनराशि लाभर्थियों के खाते में डिजिटल माध्यम से दी गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि टिहरी हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज को आई0आई0टी0 का स्वरूप प्रदान किये जाने का प्रयास किया जाएगा। भारत सरकार को इसका प्रस्ताव भेजा जायेगा। नई टिहरी शहर हेतु रीह से शुद्ध पेयजल की योजना तैयार करायी जायेगी। नई टिहरी नगर के पिकनिक स्पॉट को ईको पार्क के रूप विकसित कर पर्यटकों की सुविधा हेतु संचालित किया जायेगा। विधानसभा क्षेत्र-धनोल्टी के छाम-बल्डोगी में पैदल झूला पुल का निर्माण कराया जाएगा। राजकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय थान का इण्टरमीडिएट स्तर पर उच्चीकरण कराया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र-देवप्रयाग के नैखरी महाविद्यालय को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का कैंपस बनाया जाएगा। बगडवाल धार से टकोली मोटर मार्ग पर हॉट मिक्सिंग का कार्य कराया जाएगा। धारी ढुण्डसिर मोटर मार्ग हॉट मिक्सिंग का कार्य कराया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र घनसाली के भिलंगना क्षेत्र के अन्तर्गत महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति दी जाएगी। विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत गौरिया से गोदी तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण कराया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत नागेश्वरसौड व डांगी नैलचामी में केन्द्रीय कृत बैंक की शाखाएं खुलवाये जाने का प्रयास किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र- प्रतापनगर के पट्टी भूदरा के 24 गांव में पेयजल की समस्या हेतु बालगंगा से पम्पिंग योजना का निर्माण कराया जाएगा। डोबरा से लम्बगांव तक सड़क का डेढ़ लेन निर्माण एवं हॉटमिक्स डामरीकरण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। उन्होंने टिहरी की इस पावन धरती को अपने महान कार्यों से अभिसिंचित करने वाले स्व. इन्द्रमनी बडोनी, वीर गब्बर सिंह व श्रीदेव सुमन को नमन करते हुए कहा कि आज टिहरी जनपद की जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, ये सभी विकास कार्य आने वाले समय में हमारे प्रगति स्तंभ बनेंगे और इनसे न केवल टिहरी बल्कि टिहरी के आस पास के इलाकों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकास की धारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचे, इस दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं। सरकार के लिए जनता सर्वाेपरि है। राज्य के समग्र विकास के लिए जो फैसले लिए जा रहे हैं, हर एक फैसला जन भावनाओं के आधार पर लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केवल फैसले ही नहीं ले रहे, बल्कि इनको धरातल पर भी उतार रहे हैं। विकसित उत्तराखंड निर्माण का जो हमारा संकल्प है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की नीति और नीयत दोनों स्पष्ट हैं, इसीलिए आज उत्तराखंड में पहले से कहीं अधिक नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। राज्य में निष्पक्षता से लगातार भर्ती परीक्षाओं को सकुशल सपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा राज्य के भोले-भाले युवाओं को बरगलाने का कार्य कर उन्हें सरकार के विरोध में खड़ा किया जा रहा है। आज का युवा भटकने वाला नहीं है, उसे सही और गलत का फर्क पता है। राज्य सरकार ने कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया है। इस कानून के लागू होने से भविष्य में कोई भी पेपर लीक तो दूर नकल कराने के बारे में सोचने की जुर्रत नहीं कर पायेगा।
मुख़्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य ने अभूतपूर्व विकास किया है। प्रदेश में इन्फ्रास्क्टचर, पर्यावरण सुरक्षा एवं आधुनिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास के लिए भी विशेष अभियान को चलाये जा रहे हैं। राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, पलायन को रोकने, राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की आधारभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए नीतिगत योजनाओं का खाका तैयार किया जा रहा है। सरकार की विकास योजनाओं के केंद्र में युवाओं, किसानों और मातृ शक्ति का सशक्तिकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा युवा, हमारी महिलाएं और हमारा किसान आत्मनिर्भर नहीं बनेगा तब तक विकसित उत्तराखंड की राह सुनिश्चित नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महान विजन के अनुरूप और दिशा निर्देशन में राज्य सरकार प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। जब हम वर्ष 2025 में राज्य का रजत जयंती वर्ष मना रहे होंगे, तब हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड के सपने को साकार होता हुआ देखेंगे। प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति इस संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अभी तक जिस तरह से हमारी देवतुल्य जनता ने समर्थन और आशीर्वाद हमें दिया है, वो हमें आगे भी मिलता रहेगा।
कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि आज जनपद की जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया यह बड़ी सौगात जनपद वासियों को दी गयी है। जिन योजनाओं का मुख़्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिलान्यास कर रहे हैं, उनका कार्य तय सीमा में पूर्ण करवा कर लोकार्पण भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी जनपद में जी 20 की दो बैठकों का आयोजन होना है। यह प्रदेश के साथ ही टिहरी के लिए भी गौरव का विषय है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, प्रीतम सिंह पंवार, शक्ति लाल शाह, विनोद कंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल, टिहरी नगर पालिका अध्यक्ष सीमा किरसाली, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सुब्रमण्यम स्वामी कल हरिद्वार में करेंगे प्रेसवार्ता

पूर्व कानून मंत्री व बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान स्वामी विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में प्रेस को संबोधित भी करेंगे।
बता दें कि विगत दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के अनुसार अपनी बेबाकी के लिए मशहूर पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विधानसभा कर्मियों के निष्कासन को पूरी तरह से गलत बताया और सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर या किसी अन्य स्तर से जो भी सम्भव हो, कर्मचारियों के पक्ष में न्याय संगत कार्यवाही करने का सुझाव दिया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि एक ही राज्य में एक ही तरह से लगे कर्मचारियों के साथ अलग अलग भेदभाव किया जाना ठीक नही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले दिनों विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर नई हलचल पैदा कर दी थी।
बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी का हरिद्वार भ्रमण का दो दिवसीय प्रोटोकॉल भी जारी हो चुका है। गौरतलब है कि सुब्रमण्यम को जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है। प्रशासन ने उनके आगमन को लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की है। उनके प्रोटोकॉल के अनुसार 26 तारीख को वह 8 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग से चलेंगे। उसके बाद हरिद्वार में पहुंचकर राज्य अतिथि आवास, डामकोठी में 2.30 बजे से 3.30 बजे तक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रेस को संबोधित करेंगे। सुब्रमण्यम स्वामी हरिद्वार में गंगा आरती सहित अन्य कार्यक्रमों में भी प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी का प्रयास लाया रंग, केन्द्र ने पांच वर्षों तक नवीनीकृत स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर प्रदेश की 04 नदियों गौला, शारदा, दाबका एवं कोसी की वन स्वीकृतियां आगामी पांच वर्षों तक नवीनीकृत कर दी गईं है। मुख्यमंत्री धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नदियों से आर०बी०एम० की उपलब्धता, सिविल निर्माण कार्यों, धार्मिक व सामरिक रूप से आवश्यक सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार जैसे अति महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहद जरूरी है। इससे लगभग 50 हजार स्थानीय लोगों और श्रमिकों को सार्थक रोजगार भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अपने दिल्ली दौरे में केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर इसके लिए अनुरोध किया था। इसी क्रम में प्रदेश की 4 नदियों गौला, शारदा, दाबका एवं कोसी की वन स्वीकृतियां आगामी पांच वर्षों तक नवीनीकृत कर दी गईं है।

नकल विरोधी कानून के समर्थन में छात्रों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राधा स्वामी सत्संग व्यास रुद्रपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा आयोजित हस्ताक्षर अभियान में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं सुचिता को सुनिश्चित कराने के लिए राज्य में नकल विरोधी कानून लाये जाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं नकलविहीन होंगी, पारदर्शिता के साथ होंगी, आप अपनी परीक्षाओं की तैयारियां करें, हमारे भाई-बहनों का समय भी खराब नहीं होगा, भर्तियां कैलेण्डर के अनुसार होंगी’’ लिखकर अपने हस्ताक्षर भी किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटाले नासूर एवं कैंसर की तरह फैल रहा था, जिसकी सरजरी करना बहुत जरूरी था। इस बार कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक होने की आशंका जताई गई थी, जिसकी कराने पर प्रारम्भिक रूप से ये लगने लगा कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। उन्होने कहा तभी से हमने तय किया कि यही नही हम पुरानी सभी भर्तियों की जांच करायेगें और हमने जांच का निर्णय लिया जिसमें जांच करने पर इस अपराध में जो संलिप्त थे वो 60 से भी ज्यादा लोग जेल जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए हमने भारतवर्ष का सबसे सख्त कानून बनाया है जिसमें नकल कराने वाले व्यक्ति के लिए उम्र कैद तक का भी प्रावधान करने के साथ ही सारी सम्पत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नकल करने में एक बार पकड़ा गया तो 03 साल तक अगर वह इसमें फिर से संलिप्त पाया जाता है तो अगले 10 वर्षाे तक वह किसी परीक्षा में भाग नही ले सकता है और पूरे देश का सर्वाधिक सख्त कानून है। उन्होने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनके भविष्य से कोई खिलवाड़ न करे उनकी उम्मीदों को ना तोडे़, इन सभी बातों पर गहनता से विचार करते हुए हमने ये नकल विरोधी सख्त कानून बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा गरीब माता-पिता अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए अपनी सारी जमा पूँजी लगा देते है, अगर उस पर ही ऐसी डकैती हो जायेगी तो उन माता-पिता के पास क्या बचेगा। उन्होने कहा कि हमारे पास संसाधनों का आभाव होते हुए भी हमारे बच्चे और हमारे युवा बेरोजागार भाई-बहनों को मिलने वाली नौकरियों में हम कोई कटोती नही करेंगे, चाहे अन्य संसाधनों में कटौती करनी पड़े। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का केलेण्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से नकलविहीन सम्पन्न होंगी, जिससे पात्र व्यक्तियों का चयन होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों सम्पन्न हुई पटवारी एवं लेखपाल भर्ती परीक्षा में एक लाख तीन हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके आने-जाने हेतु मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई थी। उन्होंने कहा कि पीसीएस की शुरू हो रही मुख्य परीक्षाओं में भी उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है।
इस दौरान विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, सहित आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, सहित अमित नारंग, भारत भूषण चुघ, सुरेश कोली सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को नई सदी के लिए तैयार करती हैः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तराखंड रोजगार मेले को सम्बोधित किया। उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिये नई शुरुआत का दिन है, जिन्हें अपने नियुक्त पत्र मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल जीवन को बदलने वाला अवसर है, बल्कि समग्र बदलाव के लिये एक माध्यम भी है। शिक्षा क्षेत्र के संदर्भ में देश में होने वाले नये प्रयोगों को रेखांकित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग शिक्षा क्षेत्र में सेवा देंगे। इस संकल्प को आगे बढ़ाने के क्रम में उत्तराखंड के युवाओं के कंधों पर आने वाली जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “नई शिक्षा नीति भारत के युवाओं को नई सदी के लिये तैयार कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार का सतत प्रयास है कि आगे बढ़ने के लिये सही माध्यम को सुगम्य बनाने के क्रम में हर युवा को उसकी रुचि के अनुसार नये अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में बहाली अभियान भी इसी दिशा में की जाने वाली पहल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार से नियुक्त पत्र मिले हैं और उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता भी व्यक्त कि उत्तराखंड इसका हिस्सा बन रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे बहाली अभियान देशभर में भाजपा-शासित प्रदेशों तथा केंद्र शासित प्रदेशों मे बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे प्रसन्नता है कि आज उत्तराखंड भी इसका हिस्सा बन गया है।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा हमें उस पुरानी धारणा को बदलना है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। प्रधानमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में नये रोजगार और स्व-रोजगार अवसरों के सृजन को रेखांकित करते हुये कहा, “केंद्र सरकार का यह सतत प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा अपने गांव वापस आ सकें।” उत्तराखंड में अवसंरचना विकास में होने वाले निवेश पर प्रकाश डालते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सड़कों का निर्माण और रेल लाइनों के बिछाने से न केवल कनेक्टिविटी बढ़ रही है, बल्कि रोजगार के अनेक अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर जगह रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उन्होंने इस सिलिसले में निर्माण कामगारों, इंजीनियरों, कच्चे माल के उद्योगों और दुकानों का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण नये अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार के लिये बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन आज, हजारों युवा सामान्य सेवा केंद्रों में काम कर रहे तथा गांवों में इंटरनेट व डिजिटल सेवायें उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड में पर्यटन सेक्टर बढ़ रहा है, क्योंकि सुदूर क्षेत्रों को सड़क, रेल और इंटरनेट से जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मानचित्र में नये पर्यटन स्थल सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके कारण उत्तराखंड के युवाओं को अब बड़े शहर जाने की बजाय उन्हें उनके घर के समीप ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पर्यटन सेक्टर में रोजगार व स्व-रोजगार अवसरों के बढ़ने में मुद्रा योजना महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दुकानों, ढाबों, अतिथिगृहों और होमस्टे का उदाहरण देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कारोबारों के लिये बिना किसी जमानत के 10 लाख रुपये तक ऋण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देशभर में अब तक 38 करोड़ मुद्रा ऋण दिये जा चुके हैंय लगभग आठ करोड़ युवा पहली बार उद्यमी बने हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और अजा,अजजा,ओबीसी वर्ग के युवाओं का हिस्सा इसमें अधिकतम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के युवाओं के लिये अद्भुत संभावनाओं का ‘अमृत काल’ है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी सेवाओं के जरिये भारत के विकास को गति दें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में 05 विषयों के चयनित सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 1431 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्य सेवक सदन में 150 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेरणादाई संबोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

राज्य में मुख्यमंत्री उत्थान योजना एवं ज्ञानकोष योजना शुरू की जायेगी- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री उत्थान योजना एवं ज्ञानकोष योजना शुरू की जायेगी। राज्य में छात्रों को आई.ए.एस., आई.पी.एस., पी.सी.एस., एन.डी.ए, सी.डी.एस., मेडिकल एवं इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री उत्थान योजना आरंभ की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ऐसे सभी छात्रों को जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण इन परीक्षाओं की कोचिंग नहीं कर पाते हैं, को निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी तथा छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, ऑफलाइन कक्षाएं, परीक्षा से सम्बन्धित पाठ्यक्रम, प्रश्नबैंक आदि सुविधाए उपलब्ध करायी जायेंगी। ज्ञानकोष योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा विभागीय छात्रावास, आश्रम पद्धति विद्यालयों और विभागीय प्रतिष्ठानों का उपयोग करते हुए प्रत्येक जिले में समृद्ध पुस्तकालय स्थापित किये जायेंगे। इन पुस्तकालयों का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा, छात्र, हमारे शिक्षक एवं समुदाय के सदस्य कर सकेंगे। पुस्तकालयों में योग्य अनुभवी और प्रोफेशन व्याख्याताओं को सूचीबद्ध करते हुए एक सम्पर्क केन्द्र बनाया जायेगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित विषयगत समस्या को दूर करेंगे। पुस्तकालयों का पूर्ण उपयोग हो सके इसके लिए विशेषज्ञों को सूचीबद्ध किये जाने, पुस्तकों की व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की समीक्षा विशेषज्ञ समिति द्वारा की जायेगी।

विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है नियमित समीक्षा-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित सहायक अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिये जाने के लिए एक अभिनव प्रयास के रूप में इस रोजगार मेले की शुरूआत की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं और उनके सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जा रही है। पूर्व में जिन भर्तियों में अनियमिताएं पाई गई हैं, उन पर भी पूरी ईमानदारी के साथ कार्रवाई कर रही है, इसी का नतीजा है कि आज नकल माफिया और उसे समर्थन देने वाले या आगे बढ़ाने वाले लोग बहुत परेशान हैं,क्योंकि उन्हें अब दिन में भी स्वयं के जेल जाने के सपने दिखाई दे रहे हैं।

राज्य एवं राष्ट्र का भविष्य विद्यालयों में निर्मित होता हैः सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नौजवानों के हितों की किसी भी रूप में अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के लिये प्रदेश में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि कुछ कुत्सित मानसिकता के लोग अभी भी अनाप-शनाप आरोप लगाकर सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, जिनको नौकरी और रोजगार के बीच फर्क नहीं पता, वे उपदेश दे रहे हैं। राज्य में नए-नए नैरेटिव गढ़ने के लिए आधी-अधूरी चीजों को पकड़ कर झूठ फैलाने के साथ-साथ युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य व राष्ट्र का भविष्य विद्यालयों में निर्मित होता है। एक अच्छा शिक्षक ही इस भविष्य को गढ़ता है।

सूबे में बनेंगे एक हजार कलस्टर मॉडल स्कूलः डॉ. धन सिंह रावत
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये एक हजार विद्यालयों को कलस्टर मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है जिनमें तीन किलोमीटर सीमा के तहत आने वाले प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों को एक साथ जोड़कर कलस्टर विद्यालय के रूप में स्थापित किये जायेंगे। इससे जहां एक ओर शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं विद्यालयों के उच्चीकरण एवं साधन सम्पन्न बनाने में भी आसानी होगी। कलस्टर विद्यालयों में आने वाले छात्र-छात्राओं को किराये के रूप में प्रतिदिन 100 रूपये दिये जायेंगे।

प्रदेश के 270 विद्यालय पीएमश्री योजना में किये गये चयनित- शिक्षा मंत्री
प्रदेशभर के 270 विद्यालयों को पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। जिनमें अवस्थापना कार्यों से लेकर पुस्तकालय, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास सहित तमान सुविधाओं एवं पठन-पाठन के लिये 1.5 करोड़ से 2 करोड तक की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। डॉ0 रावत ने कहा कि कक्षा-6 से 12 तक के ऐसे छात्र-छात्राओं को जो 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें 600 से लेकर 3000 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। इसके लिये शीघ्र ही मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू की जायेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 17 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, नोट बुक, स्कूली ड्रेस, स्कूल बैग व जूते उपलब्ध करा रही है। निकट भविष्य में सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी सरकार इस योजना का लाभ देगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री सोमवार को देंगे असिस्टेंट प्राफेसर को नियुक्ति पत्र

धामी सरकार में चिकित्सकों की कमी दूर होने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो गए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शीघ्र ही 171 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती की जायेगी। इससे जहां एक ओर मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी वहीं दूसरी ओर यहां आने वाले मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग को उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने द्वारा 24 संकायों के लिये चयनित चिकित्सकों की अंतिम सूची प्राप्त हो चुकी है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री के हाथों चयनित फैकल्टी सदस्यों को नियुक्ति पत्र बांटे जायेंगे।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों को शीघ्र ही फैकल्टी सदस्य के रूप में 171 चिकित्सक मिल जायेंगे। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न संकायों में रिक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के 339 पदों का अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा था, जिनके सापेक्ष चयन बोर्ड द्वारा 171 चिकित्सकों का असिस्टेंट प्रोफसेर के लिये चयन कर अंतिम सूची जारी कर दी है। जिसमें एनाटॉमी एवं फार्माकोलॉजी संकाय में 8 एसिस्टेंट प्रोफेसर, एनेस्थीसिया 19, बायोकेमेस्ट्री और ऑप्थेलमोलॅजी 7-7, कम्युनिटी मेडिसिन 13, बल्ड बैंक एवं डर्मेटोलॉजी 3-3, फॉरेन्सिक मेडिसिन एवं रेस्पीरेट्री मेडिसिन (टीबी एंड चेस्ट) 4-4, जनरल मेडिसिन एवं ओटो-राइनो-लेरिंगोलॉली 8-8, जनरल सर्जरी, ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी 10-10, माइक्रोबायलॉजी 9, पैथोलॉजी 10, पीडियाट्रिक्स एवं आर्थोपीडिक्स 11-11, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन 2, फिजियोलॉजी 7, साईकाइट्री 3, रेडियोडायग्नोसिस 1 तथा रेडियोथेरेपी में 5 एसिस्टेट प्रोफेसर चयनित हुये हैं। इन सभी चयनित चिकित्सकों की तैनाती सूबे के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों श्रीनगर, देहरादून, अल्मोड़ा हल्द्वानी और रूद्रपुर में की जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों चयनित फैकल्टी सदस्यों को शीघ्र ही नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलेगा पर्वतीय जनपदों को स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का लाभ-राजेश कुमार

प्रदेश के पर्वतीय जनपदों के लोगों को शीघ्र मिलेगा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का लाभ यह बात स्वास्थ्य सचिव डॉ आर. राजेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘यू कोट, वी पे’ के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के हुए साझात्कार में उत्साह को देखते हुए कही।
डॉ. आर राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि प्रदेश के पर्वतीय जनपदों में प्रायरू देखा गया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, दवाईयां, आधुनिक चिकित्सा उपकरण की सुविधाएँ हैं पर प्रदेश के कुछ स्थानों पर स्पेशलिस्ट डाक्टरों के रिक्त पदों के कारण आमजन को पूर्णता सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा था। शीघ्र ही इन रिक्त पदों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी, जिससे आम जन को गुणवत्ता पूर्ण उच्च स्वास्थ्य सुविधा अपने नजदीकी चिकित्सालय में मिल सकेगी ताकि स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया की प्रथम चरण में 47 स्पेशलिस्ट डॉक्टर जिसमें पैथोलॉजिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिक, सर्जन, पीडियाट्रिशन, ऑर्थोपेडिक, आदि ने साझात्कार में प्रतिभाग किया गया है। शीघ्र ही ‘यू कोट, वी पे’ मॉडल का दूसरा चरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया चयनित डॉक्टरों की सूची तैयार कर जल्द नियुक्ति दी जाएगी जिससे की आमजन को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

कैबिनेट में लाया जायेगा परिषदीय परीक्षा अंक सुधार का प्रस्ताव

सूबे में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक विषय में अंक सुधार का मौका दिये जाने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के करीब 955 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भरा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी के चयन एवं बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को भरने हेतु शैक्षिक अर्हताएं तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि गत वर्षों में विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में काफी छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक आने के कारण उत्तीर्ण नहीं हो पाये जबकि अन्य विषयों में उनके द्वारा अच्छे अंक प्राप्त किये गये। जिसे देखते हुये राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की परिषदीय परीक्षाओं में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये अंक सुधार की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से अच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जिस हेतु विभागीय अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये गये।
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में 31 मार्च से पहले विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना कर दी जायेगी इसके लिये कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के अधिकारियों को नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य के जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 250 से अधिक है उनमें हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी जबकि शेष विद्यालयों में आईसीटी लैब ही स्थापित की जायेगी। शासन स्तर पर लम्बित एससीईआरटी के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के ढांचे पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी समस्याओं का हल निकालने का हो रहा प्रयास-राधा रतूड़ी

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंगलवार को सचिवालय में मीडिया को जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा आन्दोलनरत अभ्यर्थियों द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों को गम्भीरता से लेते हुए स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण संवाद से उनकी सभी समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार अभ्यर्थियों के हितों के लिए सदैव आगे बढ़ कर बातचीत करने एवं समाधान निकालने हेतु तत्पर है। राज्य के युवाओं की सबसे बड़ी मांग थी की नकल विरोधी कानून को सख्त बनाया जाय।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की मांग को गम्भीरता से लेते हुए अत्यन्त अल्पावधि में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून उत्तराखण्ड में लागू किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून केवल राज्य सरकार द्वारा सरकारी भर्ती के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं पर लागू होगा। स्कूलों और डिग्री कॉलेज की परीक्षाओं में यह लागू नहीं होगा। केंद्र सरकार की राज्य में आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं पर यह कानून लागू नहीं होगा। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि युवाओं द्वारा यूकेएसएसएससी एवं लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में पाई गई अनियमितताओं के सम्बन्ध में चल रही एसआईटी एवं एसटीएफ की जांच का पर्यवेक्षण उच्च न्यायालय के न्यायधीश से करवाने की मांग की गई थी। इस पर राज्य सरकार ने अपनी सहमति दे दी है। युवाओं की अपील पर लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक को भी हटा दिया गया है। इस पद पर अन्य अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। इस प्रकार से जो भी मुद्दे आन्दोलनरत अभ्यर्थियों ने सरकार एवं अधिकारियों के समक्ष रखे थे, उन सभी का निराकरण कर दिया गया है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा बनाया गया नकल विरोधी कानून देश का सबसे सख्त कानून है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं के हितों से खिलवाड़ करने वाले या अनुचित तरीके इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को दिग्भर्मित करने, बरगलाने तथा भ्रामक खबरों के प्रचार-प्रसार करने वालों के विरूद्ध भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गत 12 फरवरी को आयोजित की गई राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी ध्लेखपाल) की परीक्षा राज्य के 13 जनपदों के 498 परीक्षा केन्द्रों पर पूरी पारदर्शिता एवं शान्तिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, एडीजी (लॉ एण्ड ऑर्डर) वी. मुरूगेशन व अपर सचिव जगदीश प्रसाद काण्डपाल मौजूद रहे।