23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कार्यालय में अधिकारियों के साथ परीक्षा कैलेंडर को लेकर बैठक ली और शासन द्वारा हाल ही में आयोग को प्रेषित समूह ग की 23 परीक्षाओं हेतु अतिरिक्त परीक्षा कलेण्डर जारी कर दिया गया है। इस प्रकार संलग्न लिस्ट में उल्लेखित 16 परिक्षाओ की प्रस्तावित विज्ञापन तिथि और परीक्षा तिथि निर्धारित की गई हैं।
आयोग ने यह संकल्प दोहराया है कि उपर्युक्त समस्त परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से वर्ष 2022 एवं 2023 के दौरान आयोजित की जाएंगी।
अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2022 के प्रारंभ में निर्गत यूकेपीएससी के मुख्य वार्षिक परीक्षा कलेण्डर के बारे में अवगत कराया गया है कि आयोग के उक्त परीक्षा कलेण्डर में उल्लिखित 23 परीक्षाएं निर्धारित की गयी थी, जिनमें से अब तक 18 परीक्षाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न की जा चुकी हैं तथा 4 परीक्षाओं का आयोजन इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
इनमें पीसीएस मुख्य परीक्षा-2021 का आयोजन दिनांक 12 से 15 नवम्बर, 2022 के दौरान किया जाना सम्मिलित है तथा शेष एक वन क्षेत्राधिकारी परीक्षा को स्थगित किया गया है।
सिविल जज जू.डि. परीक्षा, एई परीक्षा, सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर, वन क्षेत्राधिकारी एवं सहायक भूवैज्ञानिक परीक्षा के संदर्भ में आयोग द्वारा अग्रेतर कार्यवाही तभी की जा सकेगी जब क्षैतिज आरक्षण के संदर्भ में उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा हाल ही में पारित आदेश के आलोक में शासन द्वारा आरक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए आयोग को अवगत कराया जाएगा।
आयोग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार द्वारा यह भी जानकारी दी गई है कि आरक्षण से सम्बन्धित उत्पन्न कतिपय विसंगतियों के निस्तारण हेतु आयोग द्वारा प्राप्त लगभग 29 अधियाचनों को शासन को प्रत्यावर्तित कर दिया गया है तथा शासन से संशोधित अधियाचन प्राप्त होने के पश्चात् आयोग द्वारा उनके लिए पृथक से एक परीक्षा कलेण्डर जारी करते हुए समानान्तर ढंग से परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। वर्तमान में उक्त 29 अधियाचनों को संशोधित किये जाने की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

पार्किंग समस्या को लेकर नए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बनाई जाने वाली नई पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को सभी पार्किंग्स के लिए साइट स्पेसिफिक कम्पलीशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खूबसूरत पर्यटन स्थलों में बड़ी-बड़ी पार्किंग्स बनाकर बर्बाद न करने की बात दोहराते हुए कहा कि कोशिश की जाए कि पर्वतीय पर्यटक स्थलों में छोटी-छोटी पार्किंग बनायी जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में, विशेषकर पर्वतीय शहरों में पार्किंग एक विकराल समस्या बनती जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के निर्देश दिए। कहा कि हर जिले में प्रयोग के तौर पर कम से कम एक प्रोजेक्ट टनल पार्किंग का अवश्य बनाएं। किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में जहां पर कोई रूकावट आ रही है, सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन को पार्किंग प्रोजेक्ट्स के लिए डेडीकेटेड अधिकारी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड अधिकारी को लगाने से कार्य में तेजी आएगी। जिन पार्किंग के निर्माण में कोई समस्या नहीं है, उनमें तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने विस में भर्तियों पर त्वरित जांच के लिए स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी को बधाई दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2016 से 2021 तक हुई तदर्थ भर्तियों को निरस्त करने के निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण को त्वरित जांच कर निर्णय लिये जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सदन और सरकार एकजुट है।
गौरतलब है कि विधानसभा भर्ती मामले में मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से भर्तियों की जांच करने का आग्रह किया था। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार की मंशा के अनुसार इस पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर समयबद्ध तरीके से जांचके निर्देश दिए। जाँच रिपोर्ट में समिति ने संस्तुति की है कि 2016 में 150, वर्ष 2020 में 6 व वर्ष 2021 में 72 तदर्थ भर्तियों को निरस्त किया जाए। उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सुशासन की दिशा में कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। किसी भी प्रकार से कोई भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अधिनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य भर्तियों में अनियमितता पाए जाने पर उन्हें पारदर्शिता से आयोजित करने के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित की। अब नए सिरे से पारदर्शिता के साथ परीक्षा प्रक्रिया गतिमान है। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग ने प्रथम चरण की परिक्षाओ की तिथियों का कैलेण्डर भी जारी कर दिया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ़ अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अलग-अलग विभागों में समूह ग भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायत मिलते ही कठोर निर्णय लिए। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में संलिप्त 41 आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है वहीं 18 अभियुक्तों पर चार्जशीट हो चुकी है जबकि गैंगस्टर एक्ट हेतु 21 आरोपियों की जुडिशल रिमांड स्वीकृत हो चुकी है। वहीं ओर वन दरोगा मामले में 03 सचिवालय रक्षक भर्ती में एक आरोपी की गिरफ़्तारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से पूरे उत्साह और परिश्रम से परिक्षाओ की तैयारी में जुट जाने का अनुरोध किया। वर्तमान में 7000 परिक्षाओ की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। इसके अलावा 12 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे हैं।

पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं के जल्द आयोजन के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की युद्धस्तर पर तैयारियांः डॉ राकेश कुमार

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. राकेश कुमार की अध्यक्षता में दिनांक 20 सितम्बर, 2022 को आयोग की बैठक में शासन द्वारा सन्दर्भित की गई। विभिन्न समूह ग की परीक्षाओं के विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रस्तावित परीक्षा तिथि निर्धारित की गयी है।

निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार पुलिस आरक्षी-पीएसी/आई.आर.बी/अग्निशामक की विज्ञापन प्रकाश तिथि 07 अक्टूबर, 2022 और परीक्षा तिथि 18 दिसम्बर, 2022 निर्धारित की गई है।

राजस्व उप निरीक्षक/लेखपाल की विज्ञापन प्रकाश तिथि 14 अक्टूबर, 2022 और परीक्षा तिथि 08 जनवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

वन आरक्षी की विज्ञापन प्रकाशन तिथि 21 अक्टूबर, 2022 तथा परीक्षा तिथि 22 जनवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

सहायक लेखाकार/लेखा परीक्षक की विज्ञापन प्रकाश तिथि 28 अक्टूबर, 2022 एवं परीक्षा तिथि 12 फरवरी, 2023 निर्धारित की गई है।

बैठक में सदस्यगण प्रो. (डॉ) जगमोहन सिंह राणा, डॉ० रवि दत्त गोदियाल, अनिल कुमार राणा, नन्दी राजू श्रीवास्तव, डॉ० ऋचा गौड़ एवं आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत, परीक्षा नियंत्रक एस०एल० सेमवाल, विधि सलाहकार सविता चमोली तथा उपसचिव डॉ० प्रशान्त उपस्थित रहे। उक्त बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ-साथ शासन द्वारा सन्दर्भित की गई विभिन्न समूह ग की परीक्षाओं के विज्ञापन प्रकाशन एवं प्रस्तावित परीक्षा तिथि निम्न प्रकार निर्धारित की गयी है।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु से भेंट की। डॉ कुमार ने कहा कि शासन और विभागीय नियमावलियो के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं के आयोजन के लिए आयोग युद्धस्तर पर पुख्ता तैयारियां कर रहा है। अभी प्रथम चरण की परीक्षाओं की तिथियों का निर्धारण किया गया है। जल्द ही अन्य परीक्षाओं की तिथियां भी निर्धारित की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि शासन द्वारा आयोग को हर प्रकार से सहयोग किया जाएगा।

UKSSSC भर्ती मामले में अब तक 41 आरोपियों की गिरफ्तारी

उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार लगातार काम कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अलग-अलग विभागों में समूह ग भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायत मिलते ही कठोर निर्णय लिए। UKSSSC मामले में कुल 18 अभियुक्तों पर चार्जशीट हो चुकी है जबकि गैंगस्टर एक्ट हेतु 21 आरोपियों की जुडिशल रिमांड स्वीकृत हो चुकी है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में संलिप्त 41 आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है वही दूसरी ओर वन दरोगा मामले में 03 सचिवालय रक्षक भर्ती में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसटीएफ ने प्रमुख कड़ियों को जोड़ते हुए तीन ऐसे अभियुक्तों को भी गिरफ़्तार किया है जो UKSSSC और सचिवालय रक्षक परीक्षा धांधली दोनों में शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भर्ती मामले में भी दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार प्रदेश में सुशासन के संकल्प के साथ युवाओं के हित में तत्परता से काम कर रही है। जब तक एक एक दोषी को सजा नहीं मिलती तब तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी।

मुख्यमंत्री की सख्ती के कारण पुलिस ने UKSSSC परीक्षा भर्ती मामले में 94.79 लाख कैश बरामद किया है। इसी मामले में दो दर्जन से ज्यादा बैंक अकाउंट फ्रीज किए जा चुके जिसमे करीब तीस लाख की राशि जमा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 22 जुलाई को किया गया था मुकदमा दर्ज

इस पूरे मामले में UKSSSC ने 4 व 5 दिसंबर 2021 को स्नातक स्तर की परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की थी जिसमें करीब 160000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी एवं 916 अभ्यर्थी चयनित हुये थे। बेरोजगार संगठनों एवं कई छात्रों ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच हेतु मांग की थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 22 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें 41 आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया गया है। इसके अलावा सचिवालय रक्षक एवं कनिष्ठ सहायक (ज्यूडिशियरी) परीक्षाओं की जाँच भी STF को सौंपी गई। इसके साथ ही वर्ष 2020 में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिये नकल कराने वाले गिरोह की भी विस्तृत जाँच एसटीएफ को सौंपी गई।

कैबिनेट ने राज्य लोक सेवा आयोग को सौंपी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर एक ओर इस मामले में आयोग के तत्कालीन सचिव को निलम्बित कर दिया गया वहीं दूसरी ओर UKSSSC द्वारा गतिमान 7000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) को हस्तान्तरित करने के सम्बंध में 9 सितंबर को कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

इलेक्शन मोड में आयोजित होगी परीक्षा, आयोग ने जारी किया कैलेंडर

मुख्यमंत्री के अपेक्षा अनुसार युवाओं का हित देखते हुए लोक सेवा आयोग ने समूह ग परीक्षाओं का कैलेंडर तैयार कर दिया है। साथ ही परीक्षाओं को इलेक्शन मोड में करवाने के दृष्टिगत फुल प्रूफ प्लान तैयार किया है।

अगले माह अक्तूबर में रिक्तियों का विज्ञापन प्रस्तावित

राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को सौंपी गई विभिन्न समूह ‘ग’ की परीक्षाओं का आयोजन पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जल्द से जल्द कराने के लिए उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० राकेश कुमार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। डॉ राकेश कुमार ने बताया कि आयोग को उपलब्ध कराई गई रिक्तियों के सापेक्ष पहले चरण में चयन प्रक्रिया प्रारम्भ करते हुए पुलिस आरक्षी, राजस्व उप निरीक्षक / लेखपाल, वन आरक्षी एवं सहायक लेखाकार / लेखा परीक्षक आदि विभिन्न पदों के लिये विस्तृत रिक्ति विज्ञापन माह अक्टूबर 2022 में साप्ताहिक आधार पर जारी किया जाना प्रस्तावित हैं।

अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए उनको परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले, इसके लिए उक्त पदों हेतु परीक्षा का आयोजन माह दिसम्बर 2022, जनवरी फरवरी तथा मार्च, 2023 में किया जा सकता है। इसकी सूचना, यथासमय प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में अलग से विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी।

परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए अलग अनुभाग का गठन, कार्मिकों की तैनाती

डाॅ राकेश कुमार ने बताया कि समूह ग के इन पदों की चयन प्रक्रिया को जल्द से जल्द सुचारू ढंग से संचालित किये जाने के लिए एक अलग अनुभाग का गठन करते हुए 06 कार्मिकों की तैनाती की गयी है।

आयोग में अभ्यर्थी पृच्छा निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना

आयोग में अभ्यर्थी पृच्छा निवारण प्रकोष्ठ (Candidate Grievance Redressal Cell (CGRC) स्थापित कर दिया गया है। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की जानकारी लेनी हो तो यहाँ से ऑफलाईन अथवा ऑनलाईन जानकारी ली जा सकती है। इसके लिये आयोग में स्थापित टोल फ्री नम्बर 07060002410 या दूरभाष 01334-244143 आयोग की email ID ukpschelpline@gmail.com, Website link psc.uk.gov.in/ commission/suggestions अथवा Twitter Handle @ukpscofficial का उपयोग किया जा सकेगा। विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाईट psc.uk.gov.in पर देखा जा सकता है।

शैलेश बगोली से जारी किया शासनादेश, समूह ग की 23 परीक्षाएं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग कराएगा

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीधि में शामिल रही 23 परीक्षाएं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा कराई जायेगी। इस सम्बन्ध आज सचिव कार्मिक एवं सतर्कता शैलेश बगोली की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में बताया गया है कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परिधि में संशोधन करते हुए समूह ग की 23 परीक्षाओं की जिम्मेदारी उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को दे दी गई है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक प्रकरण का खुलासा होने के बाद से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से लगातार युवाओं के हित में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गतिमान परीक्षाओं को मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग से कराने का फैसला लिया था। अब इसी क्रम में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की परीधि में बदलाव करते हुए 23 परीक्षाओ का जिम्मा भी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को दिया गया है। इन परीक्षाओं में राजस्व उपनिरीक्षक/लेखपाल, बंदी रक्षक, पर्यावरण पर्यवेक्षक/प्रयोगशाला सहायक(समस्त विभाग), राज्य सरकार द्वारा स्थापित या नियंत्रित निगम, निकाय संस्थान, मानचित्रकार/सर्वेयर(समस्त विभाग/राज्य सरकार द्वारा स्थापित या नियंत्रित निगम/निकाय/संस्थान, वन आरक्षी, अवर अभियंता, अनवेक्षक कम संगणक, पुलिस आरक्षी-पीएससी/आईआरबी/अग्निशामक, उपनिरीक्षक पुलिस/अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, कृषि/पशुपालन, उद्यान(स्नातक), सहकारिता पर्यवेक्षक, गन्ना पर्यवेक्षक/दुग्ध पर्यवेक्षक, सहायक लेखाकार/लेखा निरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, सहायक लेखाकार, व्यवस्थापक/व्यावस्थाधिकारी, पुलिस रैंकर्स, वाहन चालक, अनुदेशक, मत्स्य निरीक्षक, मुख्य आरक्षी/दूरसंचार पुलिस, स्केलर(वन विभाग) शामिल हैं।

रोजगार के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग व अन्य एजेंसियां पारदर्शी तरीका अपनाएंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में भविष्य में पारदर्शी एवं सुचिता पूर्ण ढंग से चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाए ताकि योग्य युवाओं का चयन हो सके। उन्होंने इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग तथा अन्य चयन एजेंसियों को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाये जाने के भी निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जिन पदों के रिजल्ट घोषित कर दिये हैं किंतु संस्तुति अभी नहीं भेजी गई है उस संबंध में भी केस टू केस निर्णय लेने हेतु मुख्य सचिव एवं सचिव कार्मिक को निर्देश दिये हैं। ऐसी परीक्षायें जिनमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आवेदन आमंत्रित किये जा चुके हैं तथा कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की गई है उनमें लोक सेवा आयोग के स्तर पर नियम संगत कार्यवाही कर चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये हैं कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की जो परीक्षायें लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जानी हैं उसके लिये शीघ्र विज्ञापन निर्गत कर चयन प्रक्रिया प्रारम्भ की जाय। मुख्यमंत्री ने परीक्षा परिणाम घोषित पुलिस रैंकर्स भर्ती परीक्षा के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही हेतु सचिव कार्मिक को निर्देश दिये हैं।

यूकेएसएसएससी के अधिकारी सरकार के रडार पर, विजिलेंस जांच के आदेश

सतर्कता विभाग ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी, आयोग के तीन अनुभाग अधिकारियों और आरएमएस कंपनी के मालिक सहित कुल छह के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए हैं। विजिलेंस इनके खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज कर सकती है।
आयोग की एक के बाद एक कई परीक्षाओं पर सवाल उठने के बाद, सरकार ने एसटीएफ से इस मामले में आयोग के अधिकारियों की भूमिका पर रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें सामने आया कि परीक्षा आयोजित करवाने वाली कंपनी आरएमएस टैक्नोसॉल्यूशन का अनुबंध, अक्तूबर 2019 में ही समाप्त हो गया था। इसके बावजूद कंपनी से ना सिर्फ काम लिया गया बल्कि भुगतान भी किया गया। एसटीएफ ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की थी। अब शनिवार को इसी रिपोर्ट के आधार पर सीएम से अनुमोदन लेने के बाद सतर्कता विभाग ने आयोग के तत्कालीन सचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित छह के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी के साथ ही संतोष बडोनी को भी बतौर परीक्षा नियंत्रक इसके लिए जिम्मेदार माना गया है। डांगी इसी साल जनवरी में रिटायर हो गए थे, इसके बाद परीक्षा नियंत्रक की भूमिका भी बडोनी के पास थी। इसके साथ ही आयोग में गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी बृजलाल बहुगुणा, दीपा जोशी, कैलाश नैनवाल भी जांच के दायरे में आए हैं। कंपनी को किए गए भुगतान की फाइल में इन सभी के हस्ताक्षर हैं। इसके साथ ही आरएमएस टैक्नोसॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान की भी विजिलेंस जांच होगी। इसमें से संतोष बडोनी को आयोग से हटाने के बाद सरकार निलंबित भी कर चुकी है। जबकि पीसीएस अधिकारी डांगी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बहुगुणा और दीपा जोशी की नियुक्ति मूल रूप से दूसरे विभागों में है, दो साल पहले ही उनका कैडर मर्जर किया गया।
भर्ती घपले में गिरफ्तार आरोपियों की कमाई अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई जल्द हो सकती है। एसटीएफ की टीमें सरगना सैयद सादिक मूसा समेत जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत, लखनऊ की निजी कंपनी के मालिक राजेश चौहान, धामपुर के माफिया केंद्रपाल, रामनगर के चंदन मनराल समेत तमाम आरोपियों की अवैध संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है।
वन दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में नकल माफिया के गठजोड़ का पर्दाफाश करने में एसटीएफ को समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि एसटीएफ दिल्ली की भर्ती एजेंसी, परीक्षा सेंटरों और निरीक्षकों की सीडीआर का इंतजार कर रही है, जिससे पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के साथ आयोग का अनुबंध अक्तूबर 2019 में समाप्त हो गया था। इसके बावजूद कंपनी से दो दर्जन परीक्षाएं आयोजित करवाई गईं। जिसके लिए 22 करोड़ रुपये का भुगतान अलग-अलग चरणों में किया गया। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के आदेश दिए गए हैं। नियमानुसार सरकारी कार्मिकों के खिलाफ जांच के लिए कार्मिक विभाग से अनुमति ली जाती है, अब अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस मुकदमा दर्ज करते हुए, जांच शुरू करेगी।

नीति के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर लोगों से मांगे गए हैं सुझाव, जानिए सरकार की ये खास पहल

उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए नई फिल्म नीति-2022 में सरकार कई प्रोत्साहन व वित्तीय सहायता देने जा रही है। नीति के प्रस्तावित ड्राफ्ट पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। नीति में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया जाएगा। इसके अलावा राज्य की गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी बोलियों में बनने वाली फिल्मों पर 40 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम दो करोड़ का अनुदान दिया जाएगा।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड फिल्म नीति-2022 का ड्राफ्ट लोगों के सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट http://www.uttarainformation.gov.in पर प्रकाशित किया गया।
उक्त प्रस्तावित फिल्म नीति-2022 पर यदि अभी भी कोई व्यक्ति सुझाव देने के इच्छुक हो तो दिनांक 15 सितम्बर, 2022 तक विभागीय Email- ufdc2015@gmail.com पर प्रेषित कर सकते हैं। 15 सितम्बर, 2022 तक प्राप्त सुझावों पर विचार करते हुए फिल्म नीति के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की कार्यवाही की जायेगी।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय ने बताया राज्य के नैसर्गिक सौंदर्य व लोक संस्कृति को विश्व पटल पर लाने के उद्देश्य से देश-विदेश से फिल्म निर्माताओं व निदेशक को शूटिंग के लिए नई नीति में प्रोत्साहन व वित्तीय लाभ देने का प्रावधान किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार व पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। नीति में फिल्मों को अनुदान, फिल्म पुरस्कार-सम्मान, उत्तराखंड की बोलियों में बनने वाली फिल्मों एवं कलाकारों को प्रोत्साहन के अलावा शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है।

सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, उत्तराखण्ड के अधीन गठित उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2022’’ का ड्राफ्ट तैयार कर लोगों के सुझाव प्राप्त करने हेतु दिनांक 20 जुलाई, 2022 का विभागीय वैबसाईट लिंकः
http:// www.uttarainformation.gov.in/images/download/filmpolicydraft2022.pdf पर अपलोड किया गया था। उक्त के क्रम में फिल्म पॉलिसी को लेकर कतिपय व्यक्तियों एवं संस्थाओं के सुझाव प्राप्त हुए है।

नीति में ये मिलेंगे लाभ
– पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाघरों व स्टूडियो में उपकरण खरीदने पर 25 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख का अनुदान।
– पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल थियेटर वाहन खरीदने पर 15 लाख का अनुदान।
– फिल्म प्रशिक्षण संस्थान के लिए 25 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख का अनुदान।
– स्थानीय बोली में बनने वाली फिल्मों की शूटिंग के दौरान किए गए व्यय पर 40 प्रतिशत अनुदान।
– स्थानीय व हिंदी में सर्वोत्तम फिल्म को 10 लाख का पुरस्कार
– शूटिंग के दौरान फिल्म यूनिटों को जीएमवीएन व केएमवीएन के रेस्ट हाउस में ठहरने पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।