गिरफ्तारी देकर एम्स में भ्रष्टाचार व मनमानी के खिलाफ की जांच की मांग

पिछले कई माह से एम्स प्रशासन ऋषिकेश के विरोध में उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना व क्रमिक अनशन चल रहा है। मंच ने एम्स में भ्रष्टाचार व नौकरियों में बाहरी लोगों को वरियता के साथ अनियमितता का आरोप लगाया है और इन्हीं मांगों को लेकर वह कई माह से धरना व क्रमिक अनशन कर रहे है। बुधवार को मंच के कार्यकर्ताओं ने बहुल्य संख्या में तहसील पहुंच कर उप जिलाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी गिरफ्तारी दी। हालांकि बाद में उन्हें निजी मुचलके भरने के बाद रिहा कर दिया गया।

उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने एम्स प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन कर कहा कि एम्स में संविदा व आउटसोर्सिग के माध्यम से की जा रही ग्रुप सी व डी की नियुक्तियों में 70 प्रतिशत प्राथमिकता स्थानीय बेरोजगारों को दी जानी चाहिए। मगर, एम्स में नियुक्तियों की आड़ में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नियुक्ति को लेकर निकाली गई विज्ञप्ति रद्द कर दी गयी और अभ्यर्थियों का पैसा नहीं लौटाया गया। उत्तराखंड वासियों से फार्म फीस के नाम पर ज्यादा वसूली हो रही है। ज्ञापन में कहा गया कि बीते वर्ष बीएससी नर्सिंग के पदों पर विज्ञप्ति जारी हुई। भारत की यह पहली ऐसी परीक्षा रही, जिसमें कोई भी सफल नहीं हुआ। इस वर्ष फिर विज्ञप्ति जारी की गयी। जिसके भीतर कोई परीक्षा नहीं हुई है। मंच ने निदेशक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुये जांच की मांग की है।

गिरफ्तारी और प्रदर्शन में पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, राजेश व्यास, जयेन्द्र रमोला, हिमांशु बिजल्वाण, सरोज डिमरी, राधा रमोला, देवेन्द्र बैलवाल, जनार्दन तिवारी, भगतराम कोठारी, सत्यवीर तोमर, सुभाष जखमोला, नीरज सहरावत आदि शामिल हुए।

देश के आठवें सीजीडी का निर्माण कार्य 2020 तक होगा पूरा

देश के आठवें और उत्तराखंड के पहले सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) का शुभारंभ हो गया। 500 किलोमीटर की इस पाइप लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 2020 तक पूरी होने की उम्मीद है।

इस पाइप लाइन के अर्न्तगत जसपुर में एक, काशीपुर में दो, बाजपुर में एक, रूद्रपुर में तीन, किच्छा में एक, खटीमा में एक तथा कुल मिलाकर 10 स्थानों को सीएनजी स्टेशन के लिए चिहनित किया गया है। लगभग 250 करोड़ रूपये की इस परियोजना से उत्तराखण्ड में काशीपुर से रूद्रपुर/पन्तनगर तक क्षेत्र आच्छादित करेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने पेट्रोलियम एवं नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड द्वारा आयोजित 9वें सीजीडी बिडिंग राउन्ड रोड शो में प्रतिभाग किया।

पिरूल बनेगा कमाई का जरिया
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रूद्रपुर वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पेट्रोलियम एवं नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड तथा अदानी गु्रप के संयुक्त प्रयासो से रूद्रपुर में घरेलू गैस की आपूर्ति गैस पाइप लाइन द्वारा आरम्भ हो गई है। राज्य सरकार द्वारा पिरूल से बिजली बनाने का निर्णय लिया है। हमारे जंगलों में लगभग लाख मीट्रिक टन है। पिरूल को आय का जरिया बनाया जाएगा। तारपीन बायोफयूल आदि का उत्पादन किया जाएगा। इस योजना से 60000 लोगो को रोजगार मिलेगा तथा 150 मेगावॉट बिजली पैदा होगी। बायोफयूल उत्पादन के लिए देहरादून के भूमि आवंटित की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पलायन पर प्रभावी अकुंश लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से अपील की कि किसी भी परियोजना या योजना पर काम करते हुए हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि इसके माध्यम से कितने लोगो को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सरंक्षण के साथ ही पलायन राज्य की गम्भीर समस्या है। शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि योजनाओं के निमार्ण समय इस बात का विशेष ध्यान रखे कि योजनाओं के माध्यम से अधिकाधिक रोजगार के अवसर पैदा हो। रोजगार का मतलब स्वरोजगार है ना कि सरकारी नौकरी।

पेट्रोलियम एवं नेचुरल रेग्यूलेट्री बोर्ड के अध्यक्ष जीके श्राफ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीजीडी के लिए अच्छा सहयोग दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड में हरिद्वार तथा उधम सिंह नगर इस पर कार्य किया जा रहा है। देहरादून के लिए निवेशकों को आमत्रिंत किया जा रहा है। गेल द्वारा 2019 तक हरिद्वार में गैस पाइप लाइन पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। इस सम्बन्ध में सभी प्रकार के अनुमोदन शीघ््रा प्राप्त हो रहे है। देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र, ऋषिकेश के औद्योगिक क्षेत्र में शीघ््रा ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन आरम्भ किया जाएगा।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड के किसानों की दी मिशाल

प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में कुमांऊ मंडल के बागेश्वर जिले के किसानों की मिशाल दी गयी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां के किसानों की मेहनत से उगने वाली फसल को संगठित होकर वैल्यू एडिशन के रूप में लिया है। साथ ही स्वरोजगार में भी इजाफा हुआ है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में मंडुवा, चोलाई, मक्का, जौ की फसल को ग्रामीणों ने बाजार मूल्य अच्छा न मिलने से नई तरकीब ढूंढ़ी है। कपकोट के ग्रामीणों ने फसल को बाजार में बेचने की जगह इन फसलों से बिस्किट्स और दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार किए हैं। लौह तत्वों से भरपूर यह क्षेत्र इन बिस्किटों के माध्यम से देशभर में स्वरोजगार के लिए उदाहरण बन गया है।

प्रधानमंत्री ने मुनार गांव में ग्रामीणों की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि आजीविका, आर्थिकी और स्वरोजगार के क्षेत्र में ग्रामीणों के इस कदम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी इस अभियान को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़ दिया है। अब ग्रामीण संगठित होकर न केवल हर साल 10 से 15 लाख रुपए कमा रहे हैं, बल्कि 900 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

किसानों की यह मेहनत पलायन को कम करने में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के संगठित प्रयास को देशभर के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। साथ ही कहा कि इससे न केवल किसानों ने अपना बल्कि अपने क्षेत्र का भाग्य बदल डाला है।

आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले किसानों की तारीफ करी। जिसपर सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने पहाड़ के गांव के किसानों की मेहनत का संज्ञान लिया।

खुशखबरी! सरकार ने पीआरडी जवानों के मानदेय में की वृद्धि

त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार ने पीआरडी के तीन हजार से अधिक जवानों के मानदेय में प्रतिदिन 50 रूपये की वृद्धि करने पर मुहर लगाई है। सरकार के इस फैसले के बाद पीआरडी जवानों को अब 450 रूपये मानदेय मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उपनल के माध्यम से राज्य सरकार के निगमों, निकायों, महकमों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 18371 और केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत 2677 समेत कुल 21048 कार्मिकों के मूल वेतन में प्रतिमाह 1500 रुपये की वृद्धि करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उपनल के जरिये सभी चार श्रेणियों अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च प्रशिक्षित कार्मिकों के लिए यह वृद्धि लागू होगी। उन्होंने बताया कि उक्त चारों श्रेणियों में कार्मिकों को अभी मूल वेतन के रूप में क्रमशरू 5608 रुपये, 6655 रुपये, 7540 रुपये व 8540 रुपये निर्धारित हैं। अन्य भत्ते शामिल करने के बाद कुल मानदेय की राशि बढ़कर क्रमशरू 8680 रुपये, 10187 रुपये, 11461 रुपये, 12899 रुपये होती है। लेकिन इस मानदेय में श्रेणीवार क्रमशरू 1884 रुपये, 2229 रुपये, 2522 रुपये व 2851 रुपये की राशि की कटौती के बाद उपनल कार्मिकों को मानदेय का भुगतान किया जाता है।

मंत्रिमंडल ने उपनल के साथ ही पीआरडी जवानों को भी राहत देने का निर्णय लिया। हालांकि, पीआरडी जवानों के मानदेय में वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया था, लेकिन मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में भी प्रति दिन 50 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया। पीआरडी में फिलवक्त तीन हजार से ज्यादा जवान कार्यरत हैं। इन जवानों को अभी प्रतिदिन 400 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

ग्रोथ सेंटरों से पहाड़ों में प्रति व्यक्ति आए बढ़ेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘‘ग्रोथ सेन्टर्स’’ के लिये एक नीति बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार यह वर्ष रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स पलायन रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्व समावेशी विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेन्टरों द्वारा पहाड़ो में प्रति व्यक्ति आय में सुधार होगा तथा क्षेत्रीय विषमताएं कम होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिये सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर्स से आच्छादित किया जायेगा। यह ग्रोथ सेंटर बहुउद्देशीय आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र होंगे। इसके लिये इस वर्ष बजट में एमएसएमई विभाग हेतु 15 करोड़ रूपये की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभाग यथा कृषि, उद्यान, डेरी, पशुपालन, आयुष, एमएसएमई आदि अपनी गतिविधियों के अनुसार प्रदेश में ग्रोथ सेन्टर एक्टिविटी चयनित कर लें।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि पॉलिसी की प्रतीक्षा किये बिना वे अपनी प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स की स्थापना ‘आउटकम’ बेस्ड होनी चाहिए। ग्रोथ सेन्टर्स के लाभ को देखने के लिये ‘इण्डिकेटर्स’ भी बनाये जायें।

प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि ग्रोथ सेन्टर्स को लेकर हुई प्रारम्भिक बैठकों में प्रसंस्करण, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां चिन्हित करने का निर्णय लिया गया है। हर ग्रोथ सेन्टर में एक लीड एक्टिविटी (प्रमुख गतिविधि) को चिन्हित कर उसके अनुरूप उत्पादन एवं विपणन ‘चेन’ को प्रोत्साहित किया जायेगा।

लोस, विस के बाद निकाय चुनाव में भी करें भाजपा का समर्थन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगमों को 1500 करोड़ रूपये दिये गये है। 2000 कर्मियों की भर्ती भी नगर निकायों में की जाएगी। जिसमें पर्यावरण मित्र तथा अन्य स्टाफ होगा। नगर निकायों में जो नए क्षेत्र मिलाए गए है, आने वाले 10 सालों तक उनसे कोई टैक्स ( होम टैक्स आदि) नहीं लिया जायेगा। 

उन्होंने जनता से अपील की, कि जिस तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया, उसी तरह आने वाले निकाय चुनाव में भी दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निकाय में दो हजार स्टाफ की भर्ती करने जा रही है। जिसमें पर्यावरण मित्र व अन्य स्टाफ होगा। कार्यक्रम के दौरान परिसीमन के बाद 24 निकायों में सीमा विस्तार की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने टैक्स माफी और विकास कार्यो को गति देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है। ऐसे में राज्य को लोकायुक्त की जरूरत महसूस नहीं होगी। इसके शुरुआती परिणाम देखने को मिल रहे हैं। गैरसैंण में बजट सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की जरूरतों के अनुरूप राज्य का बजट तय हुआ है। इस बजट से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार काम कर रही है। इसमें जनता का सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएच मुआवजा घोटाले में फंसे लोग अब कार्रवाई की डर से पैसा वापस कर रहे हैं। अब तक दो करोड़ रुपये वापस आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द पानी की समस्या खत्म होगी। सभी को ग्रेविटी वाटर का लाभ दिया जायेगा। देहरादून के 43 गांवों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इससे 60 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बिजली का खर्चा बचेगा, और जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

सीएम ने किया तीन हजार किलोवाट की परियोजना का लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को कल्पगंगा नदी पर उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) द्वारा निर्मित तीन हजार किलोवाट की ‘‘उर्गम जल विद्युत परियोजना‘‘ का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्पगंगा नदी पर बनी यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से उत्पादित विद्युत से जहां भरकी, भेटा, उर्गम, चाई-थाई, सलना, जोशीमठ, बडगॉव सहित समीपवर्ती क्षेत्रों के लगभग 25 गॉवों की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। वहीं स्थानीय बेरोजगार युवकों को इस परियोजना से रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु जल विद्युत परियोजनाओं की आपार सम्भावनाऐं है तथा छोटी-छोटी जल विद्युत परियोजनाआंें से जल शक्ति का पूरा सदुपयोग हो सकता है।

जून 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त उर्गम जल विद्युत परियोजना के पुनर्निर्माण के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 13.05 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गयी थी। आपदा के दौरान बाढ़ से इस परियोजना का हैड वर्क्स, पावर डक्ट, विद्युत गृह, टीआरसी तथा लगभग 100 मीटर शक्तिनहर क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत उत्पादन बन्द हो गया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने शुक्रवार को ही पीपलकोटी में स्वामी विवेकानंद चैरिटेवल ट्रस्ट द्वारा संचालित चिकित्सालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा तथा स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने मेें यह चिकित्सालय लाभकारी साबित होगा। मुख्यमंत्री ने पीपलकोटी में चल रहे सेना भर्ती पूर्व प्रशिक्षण शिविर में पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से भेंट कर उनका मनोबल बढाया।

त्रिवेन्द्र सरकार के बजट में आम नागरिकों को राहत

वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस बजट को करमुक्त रख जहां आम नागरिको को राहत दी है तो वहीं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने, बुनियादी सेवाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता, किसानों से लेकर युवाओं और शहरों से लेकर गांवों तक आम नागरिक से जोड़ने के लिये भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंडे को आगे किया है।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार शाम वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दूसरा बजट सदन में पेश किया। पिछले बजट की तुलना में नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 14.08 फीसद ज्यादा बजट प्रावधान किया गया है।

त्रिवेंद्र सरकार के दूसरे बजट में भी मोदी फेक्ट नजर आ रहा है। बजट में प्रधानमंत्री के मूल मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की ओर से अपने एक साल के कार्यकाल में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली, सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जन सेवाओं की गुणवत्ता, केंद्रपोषित योजनाओं का अधिक लाभ लेने की रणनीति को नए वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

सड़कों-पुलों को दी वरियता

शहरों में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग हों, रेलवे ओवरब्रिज, टनल या पुल, इन सभी को समय पर पूरा करने पर जोर है तो गांवों में अवस्थापना विकास को सरकार ने अपने एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

बजट के तहत राज्य में एक लाख युवाओं को रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर, इंटेसिव केयर यूनिट और ब्लड बैंक, राज्य के बेस चिकित्सालयों के लिए पहली बार पूंजीगत मद में 20 करोड़ रूपये, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की मुहिम के तहत माइक्रो प्लानिंग शुरू, कृषि व औद्यानिक समेत विभिन्न महकमों के कार्यों को संयोजित कर किसानों को राहत, आर्गेनिक हर्बल स्टेट बनाने को 1500 करोड़ की योजना को मंजूरी, 300 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंकों की होगी स्थापना, राज्य में 9.12 लाख जोतों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का लक्ष्य, 2019 तक चयनित 1374 ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त करेंगे घोषित, जन शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 शुरू, 14947 आंगनबाड़ी केंद्रों व 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किट व मेडिसिन किट और कार्यकर्ताओं को ड्रेस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 75000 परिवारों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को प्रति महिला 5000 रुपये, गंगा गाय महिला डेरी योजना में 2000 महिला दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ, 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसद कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट में हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंहनगर के परिवहन निगम डिपो की सभी बसों को दो साल में सीएनजी से करेंगे संचालित, 2020 तक केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे से बाहर सभी परिवारों को निश्शुल्क गैस सुविधा, राज्य के सभी जिलों की रिसोर्स एटलस बनाने की प्रक्रिया होगी तेज, 2020 तक सभी सरकारी योजनाओं को डीबीटी से करेंगे संचालित, उद्यमिता विकास को 600 करोड़ की बाह्य सहायतित योजना को मंजूरी, आगे बढ़ेंगे कदम, डाट काली मंदिर के समीप डबल लेन टनल का निर्माण नए वित्तीय वर्ष में होगा पूर्ण, देश का सबसे लंबा 440 मीटर मोटर झूला पुल डोबरा-चांटी अगले वित्तीय वर्ष में होगा पूरा, 2020 तक सभी महिला मंगल दल व युवक मंगल दल लेंगे आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 250 से अधिक आबादी के गांव सड़क से जुड़ेंगे, मेट्रो रेल निर्माण के तहत 86 करोड़ का प्रावधान, आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना होगी शुरू, प्रत्येक जिले में बंधुआ पुनर्वास निधि की स्थापना, आम आदमी बीमा योजना में 11.37 करोड़ का प्रावधान, किसानों को सस्ता ऋण देने की दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना को 30 करोड़, नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण को पांच करोड़ की व्यवस्था की है।

बजट में राज्य की नदियों व झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्यों के लिए धन, पर्वतीय क्षेत्रेां में उद्यमिता प्रोत्साहन व पलायन रोकने को ग्रोथ सेंटर स्थापना को 15 करोड़, एमएसएमई के तहत बाह्य सहायितत परियोजनाओं के लिए 30 करोड़, क्षेत्रीय संपर्क योजना के लिए 10 करोड़, ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिस्ट कैंप के निर्माण को सात करोड़, पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना को 15 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को जल्द शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

जानिए किस प्रशिक्षण के बाद चाइनीज के उत्पादों की हो जाएगी छुट्टी

एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्राम स्तर तक महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना जरूरी है। इससे पीएम मोदी के बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं अभियान को सफल और सार्थक बनाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुये सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूवात की जा रही है। यदि महिलाएं स्वावलम्बी हो गई तो स्वयं सशक्त हो जायेंगी।

त्रिवेन्द्र ने महिला स्वयं सहायता समूहों से अपेक्षा की है कि इस एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण के उपरान्त एलईडी से सम्बन्धित कार्यों में दक्षता प्राप्त कर अच्छा कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि उत्पादों के तैयार होने के साथ ही मार्केटिंग की व्यवस्था की जायेगी।

अब एलईडी के लिए द्वितीय प्रशिक्षण शीघ्र ही कोटाबाग में दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ग्राम पंचायत स्तर पर भी महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु एलईडी ग्राम लाईट प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और ‘चाइनीज’ उत्पादों की खरीद पर भी रोक लगेगी। इन उत्पादों की बिक्री से राजस्व की भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हमें सभी संसाधनों का सही उपयोग करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को एलईडी उपकरण बनाने के लिए किट का वितरण भी किया। थानो में 10 महिला स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।

इस ऐप के जरिये मेडिकल के क्षेत्र में मिल सकेगी मदद

भारत का पहला ईमेडिकोज मोबाइल ऐप लांच हो गया है। जिसके जरिए मेडिकल हेल्थ प्रोफेशनल, मेडिकल छात्र और अनुभवी डॉक्टर एक साथ कई मेडिकल विषयों पर विचार विमर्श कर सकेंगे। इसे रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर सुमेर सेठी ने लांच किया है।

एन्ड्रायड व आई स्टोर में उपलब्ध इस एप के जरिए एक ही प्लेटफार्म पर छात्र, अनुभवी डॉक्टर व हेल्थकेयर प्रोफेशन से जुड़कर समस्या का समाधान निकाल सकेगें तो वही दूसरी तरफ मेडिकल के छात्र-छात्राऐं औषधीय ज्ञान ले सकते हैैंं।

इस ऐप के इस्तेमाल से मेडिकल एजुकेशन और मेडिकल ज्ञान में गुणवत्ता बढ़ेगी, विश्व के किसी भी कोने में बैठा छात्र डॉक्टर किसी भी मेडिकल संबधित विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, चर्चा कर सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केयर पेशवरों के लिए यह ऐप वरदान साबित हो होगा।

डॉक्टर सुमेर सेठी नें कहा कि यह उन लोगों के लिए खास तौर से उपयोगी साबित होगा जो एनईईटीपीजी, एनईईटी सुपर स्पेशलिटी, यूएसएमएलई, पीएलएपी, एमआरसीपी, ऑस्ट्रेलियाई और कैनेडियन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हे डिजीटल रुप से ईबुक्स, स्टेडी मेटिरियल, विडियोज उपलब्ध होगें। उन्होंने कहा की ईमेडिकोज एप भारत का पहला मेडिकल व हेल्थकेयर ऐप है जिस पर मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी लोग आपस में विचार विमर्श कर सकेगें। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेन्टस किसी भी टॉपिक पर विशेषज्ञों से सवाल जबाव कर सकेगें।

ईमेडिकोज ऐप को लॉच करने पर टीम ने बताया कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड का दायरा बढ़ता जा रहा हैं और एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरुरत हैं जिस पर मेडिकल से संबधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों से सीधे संवाद करें। ईमेडिकोज एप इन जरुरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया हैं जिसके द्वारा छात्र परीक्षा पेपर, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी हर जानकारी को साझा कर सकेगें। इसके साथ संबधित विषय से जूड़ें रिसर्च पेपर, विडियो और ईलर्निगं प्रोग्राम भी उपलब्ध होगें।