आईएससी के उत्तराखंड टॉपर को कांग्रेस ने किया सम्मानित

आईएससी के उत्तराखंड टॉपर संस्कार ध्यानी को कांग्रेसियों ने सम्मानित किया। युवाओं को संस्कार से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सोमवार को कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रहे जयेंद्र रमोला कांग्रेस कार्यकर्ताओं संग गंगानगर पहुंचे। वहां उन्होंने आईएससी के स्टेट टॉपर संस्कार ध्यानी को शॉल और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आरपीएस स्कूल में पढ़ने वाले संस्कार ने कक्षा 12वीं में 99.5 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह ऋषिकेश और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। हमें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित कर इनका हौसला बढ़ाना चाहिए, इससे अन्य बच्चे भी इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे। मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्यारेलाल जुगरान, पूर्व पार्षद बृजपाल राणा, समाजसेवी मानवेंद्र भंडारी, उमेश गोयल आदि उपस्थित रहे।

एसबीएम इंटर कॉलेज में श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज मे श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय में श्री देव सुमन के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धांजलि दी गई और विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने अपने कहा कि श्रीदेव सुमन का जन्म 25 मई 1916 को टिहरी के जौल गांव में हुआ था। ब्रिटिश हुकूमत और टिहरी की अलोकतांत्रिक राजशाही के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे श्रीदेव सुमन को दिसंबर 1943 को टिहरी की जेल में डाल दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल करने का फैसला किया। 209 दिनों तक जेल में रहने और 84 दिनों के भूख हड़ताल के बाद श्रीदेव सुमन का 25 जुलाई 1944 को निधन हो गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया और कई फलदार पौधे रोपे गए। इस मौके पर उप प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, एनसीसी अधिकारी लखविंदर सिंह, एनएसएस अधिकारी जयकृत सिंह रावत, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल, जितेंद्र बिष्ट, नीलम जोशी, शालिनी कपूर सुशीला बड़थ्वाल, रंजन अंथवाल, रंजना शकुंतला, विकास नेगी, रमेश बुटोला, पवन, हरी सिंह, नितिन जोशी आदि उपस्थित रहे।

अभिनव उनियाल के घर पहुंची महिला सामाजिक संस्था आरडब्ल्यूसी, किया सम्मानित

महिला सामाजिक संस्था आरडब्ल्यूसी ने संस्था की अध्यक्षा पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णा रमोला के साथ बारहवीं कक्षा के टॉपर अभिनव उनियाल को शॉल पहनाकर, प्रतीक चिन्ह व पैन भेंट कर सम्मानित किया।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व संस्था की अध्यक्षा कृष्णा रमोला ने बताया कि अभिनव उनियाल ने बारहवीं कक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप करके प्रदेश सहित देश में ऋषिकेश का मान बढ़ाया है हमें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित कर इनका हौसला बढ़ाना चाहिए इससे अन्य बच्चे भी इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
कृष्णा रमोला ने बताया कि अभिनव के साथ साथ अन्य सभी टॉपर छात्र छात्राओं को भी अन्य सामाजिक व राजनैतिक लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिये। अभिनव उनियाल की मां यशोदा उनियाल ने बताया कि अभिनव के पिता राजेन्द्र प्रसाद उनियाल सैफ हैं जो दूसरे देश में कार्यरत हैं उसके बावजूद अभिनव डीएसबी इण्टरनैशनल पब्लिक स्कूल का छात्र है और उसने स्कूल के बाहर शुरू से ही बिना किसी ट्यूशन के अपनी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।
छात्र अभिनव उनियाल ने कहा कि सभी छात्रों को एकाग्रता से पढ़ाई करनी चाहिये कामयाबी स्वयं आपके पास आयेगी। सम्मान कार्यक्रम में आरडब्ल्यूसी संस्था सचिव रमा देवी, पुष्पा रावत, मीना देवी, भारती डंगवाल, राजकुमारी व्यास, सुमना व्यास, सोना देवी डंगवाल आदि मौजूद रहे।

मेधावी छात्रों के घर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं

सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर देहरादून रिजन में टॉपर और पूरे देश में तीसरे नंबर पर रहे छात्र अभिनव उनियाल को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बधाई दी है। डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव को सम्मानित भी किया।
शनिवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव के गुमानीवाला स्थित निवास स्थान पर पुष्प गुच्छ, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंटकर मुँह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि अभिनव ने पूरे प्रदेश, क्षेत्र और स्कूल का मान बढ़ाया है, अभिनव के प्रदर्शन से आज ऋषिकेश अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कहा कि अभिनव से अन्य छात्रों को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अभिनव ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और मोबाइल का सदुपयोग कर एक मिसाल भी कायम की है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी हैं। इसके लिए कोई शॉटकट रास्ता नहीं है। कहा कि छात्रों का परिश्रम ही उन्हें सफलता का मार्ग प्रशस्त कराता है। उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सन्देश दिया। कहा कि अभी से पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई में जुट जाए। प्रतिदिन हर विषय को समय दें, इंटरनेट का प्रयोग नोट्स बनाने में ही करें। माता-पिता, गुरुजनों और बड़ो का सम्मान करें।
इस अवसर पर अभिनव उनियाल के परिजनों को डॉ अग्रवाल ने बधाई दी और अभिनव को सम्मानित करते हुए इसी तरह का प्रदर्शन भविष्य में भी दोहराने की कामना की। इस मौके पर अभिनव के परिजन उपस्थित रहे।
वहीं, मंत्री डॉ अग्रवाल ने 12वी की परीक्षा में द्वितीय स्थान पर रहे इशिका गोस्वामी, आस्था कंडवाल, अमन नेगी, अर्चित डबराल को भी घर जाकर पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी। इस मौके पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे।

मृतक शिक्षक तबादले में शिक्षा मंत्री ने माना हुई घोर लापरवाही, जांच के निर्देश

रूद्रप्रयाग जनपद में प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत मृतक शिक्षक का तबादला किये जाने पर सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने सख्त रूख अपनाया है। डॉ0 रावत ने सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों की खबरों का संज्ञान लेते हुये महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को मामले में समिति गठित कर तत्काल जांच के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने इस प्रकरण को घोर लापरवाही मानते हुये संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश महानिदेशक शिक्षा को दिये हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि रूद्रप्रयाग जनपद में वार्षिक स्थानांतरण-2022-23 के तहत एक मृतक शिक्षक के तबादले का प्रकरण समाने आया है। जिसमें प्रथम दृष्टिया विभागीय अधिकारियों की अपने कार्य एवं दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही प्रतीत होती है। मामले की गंभीरता को देखते हुये महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी को तत्काल विभागीय समिति गठित कर तीन दिन के भीतर जांच करने कराने के साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षक की मौत के चार साल बाद तबादला किया जाना जिम्मेदार अधिकारियों की भारी लापवाही को दर्शाता है। जो कि बर्दाश्त किये जाने योग्य नहीं है। डॉ0 रावत ने कहा इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जायेगी और जांच में जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापवाही न बरते अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जायेगी।

हरेला पर्व को उत्साह से मना रहे भाजपा कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी ऋषिकेश मंडल की ओर से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष में हरेला पखवाड़ा के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मंडल के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे।
मंगलवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में 6 जुलाई से 16 जुलाई तक हरेला पखवाड़ा मनाया जा रहा है। कहा कि यह आयोजन न सिर्फ वर्तमान पीढ़ी के जीवन को बनाए रखने बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने में पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में पेड़ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों से संबंधित पहल के पूरक के रूप में इस महोत्सव का बेहद महत्व है। कहा कि आधुनिक जीवन शैली एवं रसायनिक दवाओं आदि के प्रयोग से हमारा पेयजल, खाद्य पदार्थ एवं हमारे आस-पास का वातावरण दूषित होता है जिससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि अपने स्तर पर अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ-साथ लोगों को पौध रोपण के प्रति प्रेरित एवं जागरूक किया जाए।
पूर्व शिक्षा मंत्री श्री अरविंद पांडेय ने कहा कि पौधारोपण हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है, हमें अपने जीवन में जितना हो सके उतना अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों की कमी से निरंतर पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। हम सभी का फर्ज बनता है कि पृथ्वी की खूबसूरती को बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए पेड़ों का होना बहुत जरूरी है। पेड़ प्रकृति का आधार हैं। पेड़ों के बिना प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
इस मौके पर आम, पीपल, तुलसी, लीची, बेलपत्र, नींबू सहित फलदार व छायादार पौधे रोपे गए। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से प्रतिवर्ष एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल करने का आवाहन किया गया।
इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, कपिल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, महामंत्री जयंत शर्मा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष उषा जोशी, युवामोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, पार्षद शिव कुमार गौतम, राजेश दिवाकर, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, अनिता तिवारी, माधवी गुप्ता, कविता शाह, पार्षद प्रदीप कोहली, राजपाल ठाकुर, रूपेश गुप्ता, देवव्रत शर्मा, राकेश पारछा सहित अन्य मौजूद रहे।

ओमकरानंद सरस्वती निलायम को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जनपद टिहरी गढ़वाल के 2021-22 के स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार का आयोजन 11 जुलाई 2022 को नई टिहरी में किया गया।
प्रेषित पुरस्कार के लिए कुल 1129 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया था जिसमें की कुल 34 विद्यालयों को चिन्हित किया गया था। मुनिकीरेती स्थित ओमकरानंद सरस्वती निलायम को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
विद्यालय की सलाहकार नलिनी शर्मा द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम में 24 विद्यालयों को उपश्रेणी एवं 8 विद्यालयों को 5 सितारा पुरस्कार दिया गया जिसमें ओमकरानंद सरस्वती निलायम को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से नवाज़ा गया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी एल एम चमोली द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव सिंह रौतेला को सर्वाधिक संपूर्ण अंक प्राप्त करने पर प्रमाण पत्र के साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में पुरस्कृत किया गया है एवं विद्यालय द्वारा किए जा रहे अन्य कार्यों के लिए भी सराहा गया।

बाल वाटिका कक्षा का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, ननूरखेड़ा में ‘बाल वाटिका कक्षा’ का शुभारम्भ किया। बाल वाटिका के शुभारम्भ के साथ ही उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की शुरूआत करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एस.सी.ई.आर.टी भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों में उद्यमिता के विकास के लिए कौशलम् पुस्तक एवं कैरियर कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस क्षेत्र के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति जीर्ण-शीर्ण हो रही है, उनकी मरम्मत की जायेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नरेन्द्र मोदी के राजनीतिक जीवन पर आधारित पुस्तक ‘मोदी/20 रू ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ सौंपी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल वाटिका के शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक नया क्रान्तिकारी परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह शिक्षा नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि विभाग द्वारा 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य किये जाएं, जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि 2025 में जब उतराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती मनायेगा, सभी विभाग अपनी कुछ विशेष उपलब्धियां धरातल पर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में आज से बालवाटिका का शुभारम्भ किया गया है। यह कार्यक्रम आज प्रदेश के सभी विकासखण्डों में भी आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्पराओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर इसके तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों में जो पढ़ाई नर्सरी में होती थी, अब वही पढ़ाई आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जायेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के पास सिर्फ पढ़ाने का कार्य हो, इसके लिए शिक्षा विभाग में सभी अन्य व्यवस्थाएं ऑनलाईन की जा रही हैं। उत्तराखण्ड में एक साल के अन्दर विद्या समीक्षा केन्द्र बनाये जायेंगे। अगले साल से स्कूलों में अंक सुधार परीक्षा का आयोजन भी किया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा वंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. आर. के. कुंवर, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा उत्तराखंड-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इण्डियन पब्लिक स्कूल, झाझरा में विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘बाल वाटिका’ पुस्तक एवं शिक्षा विभाग की मार्गदर्शिका के साथ ही पुस्तक ‘निपुण भारत’ एवं ‘सामान्य ज्ञान एक पहल’का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आशा व्यक्त की, कि शिक्षा विभाग के इस चिंतन शिविर में जो चिंतन होगा, उसके आने वाले समय में सुखद परिणाम आयेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने की चुनौती एवं गुणात्मक शिक्षा के उपायों पर इस शिविर में गहनता से मंथन किये जाय। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने के कारणों एवं इसको बढ़ाने के लिए गहनता से ध्यान देने की जरूरत है। नौनिहालों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति एक क्रान्तिकारी परिवर्तन है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य विद्यालयी शिक्षा के सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए श्रेष्ठ मानव का निर्माण करना है। यह शिक्षा नीति प्राचीन भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गयी है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष ज़ोर देती है। इस नीति का लक्ष्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा और मूल्यों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को यथावत् लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 09 नवम्बर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जंयती मनायेगा। शिक्षा विभाग तब तक बेस्ट प्रैक्टिस के तहत क्या कर सकता है, इस पर आज से ही ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के कारण शैक्षिक हानि हुई है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के मानसिक व्यवहार पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नियमित अनुश्रवण एवं प्रशासकीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों को भी वाहन देने अथवा मासिक रूप में धनराशि उपलब्ध कराने हेतु शिक्षा विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा जाय, ताकि इस समस्या का निदान हो सके।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में यह पहला शैक्षिक चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविर में बुलाया जायेगा। इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविरों के आयोजन से शिक्षा के क्षेत्र में आगे का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 30 छात्रों पर एक टीचर का होना जरूरी है। उत्तराखण्ड में अभी 15 छात्रों पर एक टीचर है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बनने जा रहा है। नई शिक्षा नीति राज्य में बहुत जल्द लागू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस परिवर्तित किया जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा, योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विद्या समीक्षा केन्द्र एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के सिन्हा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, शिक्षा निदेशक आर.के कुंवर, निदेशक एस.सी.ई.आर.टी सीमा जौनसारी, शिक्षा विभाग के निदेशालय एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महक जैन ने बढ़ाया ऋषिकेश का मान, किया सम्मानित

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने ऋषिकेश की बेटी महक जैन को सम्मानित किया। महक ने सिविल सेवा परीक्षा में देश में 17वीं रैंक प्राप्त की है।
सोमवार को हरिद्वार मार्ग स्थित आईसीए कंप्यूटर संस्थान में लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली ऋषिकेश निवासी महक जैन को सम्मानित किया गया। क्लब के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने कहा कि बेटियां बेटों से कम नहीं है। महक की इस सफलता से अन्य बालिकाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अन्य छात्राओं को भी महक से प्रेरणा लेनी चाहिए। महक जैन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। महक जैन ने छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव बांटे और उन्हें किसी भी परीक्षा की तैयारी करने के टिप्स भी दिए। कहा कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत और लगन है।
मौके पर मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव, संस्थान अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महेश किंगर, क्लब अध्यक्ष जगमीत सिंह, विकास ग्रोवर, पवन शुक्ला, लायन आशु ढंग, विक्की पनेशर, श्रेयांश जैन, मोनिका जैन आदि मौजूद रहे।