नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने शुरु किया निःशुल्क शिक्षण संस्थान

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के लिए निशुल्क शिक्षण संस्थान की शुरुआत की है। आज शिक्षण संस्थान के शुरुआत में किया गया सहयोग वीरेंद्र गुसाईं द्वारा किया गया। राजेंद्र सिंह गुसाईं ट्रस्ट मैं सहयोग अपने माता की याद मैं किया करते हैं। ट्रस्ट ने इस शिक्षण संस्थान को निर्धन वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क संचालन किया है। जिसमें बच्चों को प्राइमरी से पांचवी कक्षा तक ट्यूशन, क्रीडा और विभिन्न प्रकार की कला सिखाई जाएगी। जिससे बच्चों को आगे चलकर अपने फ्यूचर को लेकर ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। ट्रस्ट संस्थापक नीरजा गोयल ने कहा ट्रस्ट का सदैव यही प्रयास रहा है कि समाज के निर्धन वर्ग के लोगों और उनके बच्चों को कभी किसी परिस्थिति में किसी कठिनाई का सामना ना करना पड़े।
इस दौरान मुख्य अतिथि भरत मन्दिर के महंत वत्सल, हरिशानन्द, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीबीपीएस रावत, पूर्व प्रधानाचार्य अजय शर्मा, डीपी रतूड़ी, रीणा शर्मा पार्षद, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट पार्षद, भावना सिंधी अध्यक्ष सिंधी लेडीज क्लब, ट्रस्ट सहसंस्थापक नूपुर गोयल, सीमा खुराना, मनप्रीत, मनजीत, प्रिंस गुप्ता, कमल, सोनी ध्रुव, खुशी, दुर्गेश, आशु, उषा चौहान, पूनम, आचार्य सन्तोष व्यास, मनोज गुप्ता, सुनील थपलियाल, वरुण जैन, अध्यापिका शिखा पाल, मंजू द्वारा बच्चों को अध्ययन कराया जाएगा।

उत्तराखंड में डैटोल स्कूल हाइजीन एजुकेशन प्रोग्राम के लिए एमओयू हुए हस्ताक्षरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डैटोल स्कूल हाइजीन एजुकेशन प्रोग्राम उत्तराखण्ड का शुभारंभ किया। डैटोल स्कूल हाइजीन एजुकेशन प्रोग्राम उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों के 13 हजार प्राथमिक स्कूलों में चलाया जायेगा। इसके लिए शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं डायरेक्टर एक्सटर्नल अफेयर्स एवं पार्टनरशिप, एसओए, रेकिट रवि भटनागर के मध्य एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डैटोल स्कूल हाइजीन एजुकेशन प्रोग्राम से बच्चों में स्वच्छता के प्रति एवं दैनिक व्यवहार में परिवर्तन आयेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों में व्यक्तिगत, स्कूलों, घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन्म से 06 वर्ष की आयु तक बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास सबसे तेज होता है। जीवन के शुरूआती चरण में बच्चों को जो अनुशासन मिलता है, उसी का अनुसरण कर बच्चे आगे बढ़ते हैं। आने वाले 25 साल देश का अमृतकाल के होंगे, आज के ये बच्चे 25 साल बाद देश के कर्णधार होंगे। इनको सही दिशा देना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य में 4457 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बाल वाटिकायें प्रारम्भ हो चुकी हैं। ‘प्रवेशोत्सव’, ‘आरोही’, ‘कौशलम’, ‘आनन्दम’, ‘विद्या सेतु’ जैसे नए कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्टूडियो तथा राज्य के समस्त 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाओं की स्थापना की जा चुकी है। उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति व इंडियन नॉलेज सिस्टम से परिचित कराने के उद्देश्य से वैदिक विज्ञान, वैदिक गणित व भगवत गीता से प्रबन्धन परिचय जैसे विषयों को सह-पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप पॉलिसी लागू की गयी है।

इस अवसर पर सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, डायरेक्टर एक्सटर्नल अफेयर्स एवं पार्टनरशिप, एसओए, रेकिट रवि भटनागर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्लान इण्डिया मोहम्मद आशिफ उपस्थित थे।

नगर में संस्कृत शोभायात्रा और तिरंगा यात्रा निकालीं

संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्कृत छात्र सेवा समिति द्वारा नगर में एक भव्य संस्कृत शोभायात्रा एवं तिरंगा यात्रा निकाली गयी। जिसमें नगर के समस्त संस्कृत विद्यालयों के छात्र, प्रधानाचार्य, अध्यापक, संत महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
यात्रा का शुभारंभ ऋषिकेश नारायण श्री भरत भगवान के मन्दिर से हुआ। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिवेणी घाट पर समपन्न हुई। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भरत मन्दिर के महन्त वत्सल प्रपन्नाचार्य, भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय शास्त्री, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष गोपालाचार्य, जनार्दन आश्रम के प्रबंधक केशवस्वरूप ब्रह्मचारी, महन्त रवि प्रपन्नाचार्य, प्रदीप शर्मा, काली कमली के प्रबंधक स्वामी अच्युतानंद, पार्षद रीना शर्मा आदि ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारम्भ किया।
इस मौके पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। जहाँ एक और हम सब मिलकर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वहीं दूसरी और संस्कृत सप्ताह भी सम्पूर्ण देश में बडे हर्ष के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा संस्कृत प्राचीन काल से ही हमारे देश का गौरव रही है। संस्कृत के बल पर ही भारत को विश्व गुरु जैसी उपाधि प्राप्त थी। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सबको संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने वर्तमान में परिवारों में संस्कारों के आभाव पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत संस्कारों की जननी है। संस्कृत का संरक्षण-सम्वर्द्धन होगा तो संस्कृति भी मजबूत होगी और समाज संस्कारों कौ और मजबूती के साथ ग्रहण करेंगे।
महन्त वत्सल प्रपन्न शर्मा ने भी सभी को अपनी शुभकामनाएं दी और कहा कि ये सभी का सामूहिक प्रयास अत्यन्त सराहनीय है। इससे संस्कृत भाषा के प्रति समाज में जागृति होगी। शोभायात्रा के शुभ अवसर पर प्रधानाचार्य डाँ. ओमप्रकाश पूर्वाल, डॉ. जनार्दन कैरवान, डॉ. गिरीश पाण्डेय, सुरेन्द्र दत्त भट्ट, विनायक भट्ट, आचार्य सुभाष चन्द्र डोभाल, सुशील नौटियाल, जितेन्द्र भट्ट, नरेन्द्र मैठाणी, डॉ. सुनील थपलियाल, डॉ. हर्षानंद उनियाल, डॉ. संदीप भट्ट, सूर्यप्रकाश रतूड़ी, सुबोध बमोला, संस्कृत छात्र सेवा समिति के संगठन मंत्री विकास कोठारी, निमाई चरण दास, प्रेम प्रकाश नवानी, नरेन्द्र सकलानी, अध्यक्ष सर्वेश तिवाडी, महामंत्री विनोद नौटियाल, कमल डिमरी, पुरुषोत्तम कोठारी, सूरज विजल्वाण, विपिन बहुगुणा, मनोज कुमार द्विवेदी सहित सभी संस्कृत विद्यालयों के अध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों को तिरंगा सौंपा, दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान के क्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्कूली बच्चों को तिरंगा वितरित किया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में टीन शेड निर्माण के लिए दो लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा भी की।
देहरादून मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में स्कूली बच्चों सहित अध्यापकों को तिरंगा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा हमारे राष्ट्र की पहचान है, हम आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं। डा. अग्रवाल ने कहा कि यह किसी त्योहार से कम नहीं हैं। कहा कि तिरंगा फहराने के लिए पूरे देशभर में हर जाति, पंथ के लोगों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर तिरंगा फहराया जाना चाहिए, यह हमारा गौरव है कि आजाद भारत की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे है। कहा कि यह ऐसा पहला मौका हमें मिल रहा है। डा. अग्रवाल ने कहा कि अमृत महोत्सव के जरिए ऐसे वीर अमर भारत माता के सपूतों को नमन करना है, जिन्होंने भारत को आजाद कराने में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से मंत्री डा. अग्रवाल के समक्ष टीन शेड की समस्या रखी गई। जिसे मंत्री डा. अग्रवाल ने सही पाते हुए स्कूली बच्चों के टीन शेड हेतु दो लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा की। इस अवसर पर मंत्री डा. अग्रवाल ने स्कूली बच्चों को तिरंगा वितरित कर इसकी हिफाजत करने को भी कहा। इस अवसर पर भारत माता की जय सहित देशभक्ति से प्रेरित नारे लगाए गए।
इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय गौड़, मृदुला सक्सेना, प्रेमलता भट्ट, राजेश्वरी रौतेला, मनीषा, सरोजनी, पार्षद रीना शर्मा, सुशीला बर्थवाल, उषा जोशी, कविता शाह, जयंत शर्मा, कांता शर्मा, गीतांजलि, सुनीता जस्सल, सरोजनी थपलियाल, सचिन अग्रवाल, विजय लक्ष्मी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

इसी वर्ष से राजकीय महाविद्यालय में लागू होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, हुई बोर्ड आफ स्टडीज की प्रथम बैठक

श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज की प्रथम बैठक पण्डित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में आयोजित की गयी। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों में संचालित विषयों के पाठ्यक्रम निर्माण पर चर्चा हुई।

प्रथम बैठक का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट, पण्डित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश के प्राचार्य प्रो गुलशन कुमार धींगरा, वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो आर आर पटेल, कला संकायाध्यक्ष प्रो डी सी गोस्वामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्राचार्य प्रो. धींगरा ने कहा कि इस सत्र से विश्वविद्यालय के परिसर एवं सभी सम्बद्ध महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जानी है जिस हेतु निर्मित पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय में लागू किये जाने हेतु संशोधित किया जा रहा है। जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पी पी ध्यानी द्वारा बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन किया गया है। कला संकाय के लिए कला संकायाध्यक्ष प्रो डी सी गोस्वामी को संयोजक, वाणिज्य संकाय के लिए वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो आर आर पटेल को संयोजक तथा विज्ञान संकाय के लिए विज्ञान संकायाध्यक्ष एवं परिसर के प्राचार्य प्रो गुलशन कुमार धींगरा को बोर्ड ऑफ स्टडीज का संयोजक बनाया गया है।

सभी विभागों के विभागाध्यक्ष इसके सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त प्रो० दुर्गेश पन्त, महानिदेशक यूकॉस्ट, डॉ हिमांशु दास निदेशक राष्ट्रीय दृष्टि वाधितार्थ संस्थान तथा निदेशक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग अनुसन्धान संस्थान के निदेशक के रूप में बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य होंगे। प्रो सतपाल सिंह साहनी प्राचार्य रायपुर महाविद्यालय, डॉ वी एन शर्मा प्राचार्य लक्सर महाविद्यालय, प्रो ए के तिवारी प्राचार्य पुरोला महाविद्यालय, प्रो जानकी पंवार प्राचार्य कोटद्वार महाविद्यालय, प्रो लवली राजवंशी प्राचार्य जयहरीखाल महाविद्यालय, प्रो के एल तलवार प्राचार्य चकराता महाविद्यालय, प्रो डी सी नैनवाल प्राचार्य डोईवाला महाविद्यालय, प्रो रेनू नेगी प्राचार्य नई टिहरी महाविद्यालय, प्रो देवेश भट्ट प्राचार्य वेदीखाल महाविद्यालय सदस्य रहेंगेद्य साथ ही कुलपति के द्वारा प्रो जे पी भट्ट सहित प्रत्येक विषय के 02 प्राध्यापक एवं एक सेवानिवृत प्राध्यापक को वाह्य विशेषज्ञ के रूप में नामित किया गया है।

बैठक में बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्यों द्वारा सभी विषयों के पाठ्यक्रमों पर गहन मंथन किया गया तथा सत्र 2022-23 से लागू किये जाने वाले पाठ्यक्रमों को संस्तुति प्रदान की। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्यों के साथ परिसर के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।

छात्रों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

जनपद देहरादून को नशा मुक्त करने के लिए जिलेभर में शिक्षण संस्थानों, एनजीओ, ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता को साथ लेकर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष रायवाला द्वारा द्वारा आज प्राथमिक विद्यालय खैरीकला/ठाकुरपुर नेपाली तिराहा रायवाला जनपद देहरादून में छात्र-छात्राओं को नशे के कुप्रभाव, साइबर संबंधी अपराधों एवं ट्रैफिक नियमों के संबंध में जानकारी दी गइ। समस्त छात्र-छात्राओं को लगन व मेहनत के साथ और एक अनुशासित होकर कठिन परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने हेतु प्रोत्साहित भी किया गया। वहीं, छात्र-छात्राओं द्वारा नशे के खिलाफ देहरादून पुलिस के अभियान को सफल बनाने तथा उत्तराखंड को नशा मुक्त करने हेतु प्रण लिया गया। इसके साथ ही पुलिस के अभियान की सराहना की गई।

विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर के लिए 50 लाख की धनराशि स्वीकृत

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने ऋषिकेश परिसर में जरूरी व्यवस्थाओं के लिए 50 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक विभाग में एक-एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जल्द तैनाती की जाएगी। दो दिनों से विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीपी ध्यानी और कुलसचिप केआर भटट परिसर में कैंप कर रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सत्र 2022-23 से क्रियान्वयन हेतु परिसर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन के बाद कुलपति डॉ. ध्यानी ने परिसर में स्थित प्रत्येक विभाग में एक-एक कार्मिक को श्रम विभाग उत्तराखण्ड शासन की प्रचलित दरों पर नितान्त अस्थायी व्यवस्था के तहत रखने का निर्णय ले लिया है। आने वाले समय में और भी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायेंगी। परिसर के रख-रखाव व सुदढीकरण एवं छात्र-छात्राओं व प्राध्यापकों की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए प्रथम किश्त के रूप में कुलपति द्वारा रू0 50.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति ऋषिकेश परिसर को दी गयी है। यह धनराशि विश्वविद्यालय से अविलम्ब प्राचार्य ऋषिकेश परिसर को अवमुक्त हो जायेगी। ऋषिकेश परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु सुरक्षाकर्मियों को रखने का निर्णय भी कुलपति द्वारा ले लिया गया है तथा अधियाचन उपनल को प्रेषित कर दिया गया है। बहुत ही जल्दी परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं हेतु पूर्व सैनिकों की तैनाती हो जायेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर लोक संगीत में राज्य को प्रथम स्थान

सूबे में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 स्कूलों को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें से 20 विद्यालयों को ओवरऑल श्रेणी, जबकि 6 विद्यालयों को अन्य श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। सूबे के 14 स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिये नामित किया गया हैं। राष्ट्रीय कला उत्सव में पारम्परिक लोक संगीत में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुर कालसी देहरादून की छात्रा अंजू को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा के नये सोशल मीडिया पोर्टल ‘शैक्षणिक संगम’ का भी लोकार्पण किया गया। सूबे के प्रत्येक विद्यालय के लिये 5 मूलभूत सिद्धांत तय किये गये हैं जिन पर कार्य करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज प्राथमिक शिक्षा निदेशालय देहरादून में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेशभर के 26 स्कूलों को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया। डॉ0 रावत ने बताया कि छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार शुरू किये गये हैं, जिसके अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में राज्य स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु प्रदेशभर के 100 स्कूलों को ओवर ऑल कैटेगिरी में जबकि 73 स्कूलों को सब कैटेगरी में जनपदीय चयन समितियों द्वारा नामित किया गया। जिसमें से स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 स्कूलों को सम्मानित किया गया। डॉ0 रावत ने बताया कि स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु प्रदेश के 20 स्कूलों को स्वच्छता की ओवर ऑल कैटेगिरी में सम्मानित किया गया जबकि 6 स्कूलों को सब कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया। ओवर ऑल श्रेणी में दिल्ली पब्लिक स्कूल रूद्रपुर, जे0एम0डी0 इंटरनेशनल स्कूल हल्द्वानी, केन्द्रीय विद्यालय हल्द्वानी, यू0पी0एस0 छितार चौखुटिया अल्मोडा, पी0एस0 बुरसोल थराली चमोली, केन्द्रीय विद्यालय जोशीमठ चमोली, पी0आर0बी0एच0एस0 एकेडमी नगर काशीपुर, आर0ए0एन पब्लिक स्कूल रूद्रपुर, पी0एस0 महाराजपुर रूद्रपुर, राजकीय बालिका हाई स्कूल डुंगरी पौड़ी, ज्योति स्पेशल स्कूल ऋषिकेश, केन्द्रीय विद्यालय ओ0एन0जी0सी0 देहरादून, जी0जे0एच0 स्कूल सुद्धोवाला देहरादून, केन्द्रीय विद्यालय ओएफडी रायपुर देहरादून, दून इंटरनेशनल स्कूल पौंधा देहरादून, जनरल बी0सी0 जोशी आर्मी स्कूल पिथौरागढ़, जी0पी0एस0 सलकोट पिथौरागढ़, पी0एस0 ढुंगीधार टिहरी गढ़वाल, यू0पी0एस0 रूहाल्की दयालपुर हरिद्वार, दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर हरिद्वार, शामिल है। इसके अलावा स्वच्छता की अन्य श्रेणियों में पी0एस0 बसोट अल्मेडा, केन्द्रीय विद्यालय हल्द्वानी, जवाहर नवोदय विद्यालय जयहरीखाल पौड़ी, केन्द्रीय विद्यालय ओ0एन0जी0सी0 देहरादून, स्काई वर्ल्ड सीनियर सेकेन्डरी स्कूल कृष्णानगर रूड़की, केन्द्रीय विद्यालय अपर कैम्प देहरादून शामिल है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत विद्यालयों में से 14 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिये नामित किया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कला उत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर पराम्परिक लोक संगीत में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुर कालसी की छात्रा अंजू एवं उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया। विभगाय मंत्री ने डॉ0 रावत ने विद्यालयी शिक्षा के नये सोशल मीडिया पोर्टल ‘शैक्षणिक संगम’ का भी लोकार्पण किया गया। जिसके तहत विभाग की नवाचार संबंधी गतिविधियों के साथ ही उत्कृष्ट कार्यों को अपलोड किया जायेगा, जिसको सभी अधिकारियों एवं शिक्षक सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करेंगे। विभगाय मंत्री द्वारा प्रदेशभर के स्कूलों के लिये पांच मूलभूत सिद्धांत तय किये गये हैं, जिसमें प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता अभियान संचालित किये जायेंगे, प्रत्येक स्कूल को एक-एक गांव गोद लेकर गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना होगा, नशा मुक्त स्कूल, ग्रीन कैम्पस स्कूल तथा प्रत्येक माह शिक्षाकों, छात्रों एवं अभिभावकों के साथ शिक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
बैठक में अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक आ0के0 कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा बंदना गर्ब्याल, अनु सचिव विभूति रंजन, अपर निदेशक आर0के0 उनियाल, भूपेन्द्र नेगी, महावीर सिंह बिष्ट, लीलाधर व्यास साहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। डीएसबी विद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज व राज्य के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के द्वारा सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में उत्तराखंड राज्य में प्रथम तथा संपूर्ण देश में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र अभिनव उनियाल को 31 हजार रुपये व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
दूसरे स्थान पर रहे अमन नेगी को 11 हजार रुपये, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा आस्था कंडवाल व छात्र अर्चित डबराल को 51-51 सौ रुपये तथा चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा कृतिका अरोड़ा एवं ओजस्वी गर्ग को 31-31 सौ रुपए की राशि प्रदान की गई।
इसी के साथ 10वीं कक्षा में सिटी टॉपर रहे छात्र सारांश यादव को 11हजार रुपये, साक्षी सती को 51 सौ रुपये, सिद्दार्थ बिजल्वाण को 41 सौ रुपये, कुशाग्र सेन, अनम्य कुमार तथा सक्षम चमोली को 31-31 सौ रुपये की राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भविष्य में आपको कभी भी, किसी भी मदद की आवश्यकता होगी तो पूरा विद्यालय परिवार आपके साथ हमेशा खड़ा रहेगा। महाराज ने कहा कि आप कहीं भी किसी भी स्थान पर अब जाएंगे, भविष्य में नई-नई ऊंचाइयों को छूएंगे लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रखना आप अपनी जड़ों से जुड़े रहना। जो वृक्ष अपनी जड़ों से जितना मजबूती से जुड़ा हुआ होता है वही आसमान छूता है। महाराज ने कहा कि आज मैं अपने गुरुदेव को याद कर रहा हूँ जिनकी स्मृति में इस विद्यालय की स्थापना हुई। महाराज श्री का यह सपना था कि एक दिन यह विद्यालय पूरे राज्य और देश में अपना नाम रोशन करे और उनका यह सपना सार्थक हुआ है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने छात्र- छात्राओं की इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आपने न सिर्फ अपने विद्यालय का बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य का गौरव बढ़ाया है। अग्रवाल ने प्रधानाचार्य व अध्यापकों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि अध्यापक ही बच्चों को तराशने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव सहगल, निदेशक एमसी त्रिवेदी, दीप शर्मा, प्रदीप शर्मा तथा विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

आईएससी 12वीं की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र को सम्मानित किया

आईएससी 12वीं की परीक्षा में 99.5 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे देश में दूसरे स्थान व उत्तराखंड में टॉप करने वाले छात्र संस्कार ध्यानी को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बधाई दी है। डॉ अग्रवाल ने मेधावी संस्कार को सम्मानित भी किया।
सोमवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने मेधावी संस्कार ध्यानी के गंगानगर स्थित निवास स्थान पर पुष्प गुच्छ, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंटकर मुँह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि संस्कार ने पूरे देश में स्कूल, क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है, कहा कि संस्कार से अन्य छात्रों को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी। कहा कि मेहनत के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी होती है, कहा कि संस्कार ध्यानी ने मोबाइल का सदुपयोग कर एक मिसाल भी कायम की है।
उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सन्देश दिया। कहा कि अभी से पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई में जुट जाए। प्रतिदिन हर विषय को समय दें, इंटरनेट का प्रयोग नोट्स बनाने में ही करें। माता-पिता, गुरुजनों और बड़ो का सम्मान करें।
इस अवसर पर संस्कार ध्यानी के परिजनों को डॉ अग्रवाल ने बधाई भी दी। इस अवसर पर संस्कार के पिता गणेश ध्यानी, माता मंजू ध्यानी, अतुल पूंजी, पूर्व सभासद सुमित पंवार आदि उपस्थित रहे।