उत्तराखंड में मददगार बनी सीएम हेल्पलाइन 1905

पिछले 23 मार्च से सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लाकडाउन के दौरान और कोरोना राहत से सबंधित समस्याओं और जानकारी से सबंधित काल को सुना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने बताया कि अधिकतम समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है, इसके लिए सबंधित अधिकारी को आउटबांड काल करके समस्या का समाधान करने के लिए भी कहा गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी समस्या का बहुत ही कम समय में समाधान होने पर सीएम हेल्प लाइन पर सकारात्मक फीडबैक वीडियो और ऑडियो के माध्यम से भी दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन के जरिए पानी की समस्या, अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कत, अटल आयुषमान योजना के तहत डायलसिस के लिए सरकारी रेफर के बिना इलाज कराने में दिक्कत, राशन प्राप्त न होने की समस्या, मजदूर को बुखार होने पर हॉस्टिपल ले जाने जैसी समस्याएं दर्ज की गई। जिसका बहुत कम समय में निस्तारण किया गया। है।

हेल्पलाइन में सेनिटाईजेशन न होने, गैस सिलेंडर की आपूर्ति न होने, चार दिन से गाँव में लाईट न आने, खाद्य सामग्री और एलपीजी गैस उपलब्ध कराने, गर्भवती की जांच कराने जैसी समस्याएं भी दर्ज हुई। इन्हें भी समय रहते निस्तारित किया गया है।

घर बैठे गैजेट्स पर पढ़़ाई कर सकेंगे छात्र, श्रीदेव सुमन विवि ने जारी की व्यवस्था

श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध 53 राजकीय महाविद्यालयों और 114 निजी कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं लॉकडाउन के दौरान घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। विवि प्रशासन ने वेबसाइट पर विभिन्न एजुकेशलन साइट्स, प्रोफेशनल संस्थानों के लिंक शेयर किए हैं।

लॉकडाउन के चलते श्रीदेव सुमन विवि सेमेस्टर परीक्षाओं का केंद्रीय मूल्यांकन नहीं कर पा रहा है। कॉलेज बंद होने के कारण छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई से वंचित हैं। कुलपति डा. पीपी ध्यानी और कुछ कर्मचारी लॉकडाउन पीरियड में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए कार्यालय में जरूरी कामकाज निपटाने पहुंच रहे है।

कुलपति डा. ध्यानी का कहना है कि लॉकडाउन में छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने में कोई दिक्कतें न हो, इसके लिए देश-दुनिया के टॉप विश्वविद्यालय, बिजनेस संस्थान, जॉब सीकर वेब, समाचार एजेंसियों के लिंक विवि की वेबसाइट पर विवि प्रशासन ने हाइपर लिंक कर दिया है। अब छात्र-छात्राएं घर बैठे पीसी, लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट पर इन लिंकस को खोलकर अपडेट रह सकते हैं।

उन्होंने कालेजों के प्राचार्यों और निदेशकों को लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं से निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। कहा कि छात्रों की कोई भी समस्या हो तो उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट्स, ई-मेल, व्हाट्स एप, ट्वीटर आदि माध्यम से हल करें। कुलपति का कहना है कि यदि लॉकडाउन पीरियड लंबा खिंचता है, तो सेमेस्टर परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने शिक्षकों के घरों पर ही भेजे जाएंगे।

सब इंस्पेक्टर शाहिदा से सीखे, पहले फर्ज कैसे निभाया जाता है

देशभर में कोरोना वायरस के खौफ और लॉकडाउन के बीच ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर शाहिदा परवीन ने जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल कायम की है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नजीर बन जाएगी। शाहिदा ने अपनी आने वाली खूबसूरत जिंदगी के आगे वर्दी के फर्ज को चुना और कोरोना को हराने के बाद ही निकाह करने का फैसला लिया। सब कुछ ठीक रहता तो शाहिदा 5 अप्रैल को दुल्हन के रूप में सजी होतीं। लेकिन, उनके मुंह पर मास्क था और हाथ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डंडा। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान पांच अप्रैल को होने वाली अपनी शादी को अपने कर्तव्य के लिए स्थगित कर दिया है। शाहिदा के इस फैसले से उत्तराखंड पुलिस विभाग में ही नहीं, समाज में भी उनका कद और बढ़ गया है।
2016 बैच की भर्ती सब इंस्पेक्टर शाहिदा परवीन पुत्री रहीम शाह निवासी कान्हरवाला, भानियावाला देहरादून वर्तमान में मुनिकीरेती थाने में तैनात है। उनका निकाह लक्सर जिला हरिद्वार निवासी शाहिद शाह पुत्र गुलाम साबिर के साथ पांच अप्रैल को तय हुआ था। शाहिद शाह वर्तमान में हरिद्वार रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ही परिवारों ने निकाह की पूरी तैयारी कर ली थी।
यहां तक की सब इंस्पेक्टर ने निकाह के लिए 50 दिनों के अवकाश के लिए आवेदन भी कर दिया था। इसके बाद लॉकडाउन की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की और शाहिदा परवीन ने निकाह से पहले अपने फर्ज को पूरा करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने होने वाले शौहर से बात की और कोरोना खत्म होने तक निकाह न करने का फैसला किया।
इसे हरिद्वार निवासी शाहिद शाह ने भी स्वीकारा। शाहिदा ने बताया कि यदि पुलिस अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगी तो इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जब से खाकी वर्दी पहनी है, मेरे लिए लोगों की परेशानी और ड्यूटी पहले है। यही कारण है कि लॉकडाउन में निकाह से पहले ड्यूटी को चुना। परवीन ने बताया कि निकाह की तारीख बदलने से सबसे ज्यादा उनकी मां अनीशा निराश हुईं। इसके बावजूद मां ने बेटी के फैसले को सहर्ष स्वीकार कर लिया।

सीएम हुए फेसबुक लाइव, सभी के स्वस्थ रहने की कामना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फेसबुक लाईव के माध्यम से प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर सभी के स्वस्थ रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि हम सब जान रहे हैं कि कोरोना से लङने में हमारे अनेक ऐसे लोग बिल्कुल फ्रंटलाइन में लड़ रहे हैं। सब जानते हैं कि यह एक वैश्विक महामारी है ऐसे में जो भी हमारे वॉरियर्स है हम उनका सहयोग करें। 24-24 घंटे हमारे डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं, हमारे पुलिस के जवान और तमाम जो उनके सहयोगी हैं वो रात दिन चौराहों पर खड़े होकर के मोहल्ले में घूम घूम कर सेवा अपनी दे रहे हैं। आप भी उनकी चिंता करें क्योंकि वह सारा जोखिम आपके लिए, मेरे लिए, हमारे लिए उठा रहे हैं । मुझे विश्वास है कि आप उनकी जरूर चिंता करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बार बार यह आग्रह किया है कि सोशल डिस्टेंस को हर हाल में बना कर रखना है नहीं तो हमारी सारी तपस्या बेकार हो जाएगी यह सब बेकार हो जाएगा और इसलिए इस वाक्य को हम ब्रह्म वाक्य समझ करके इसका पालन करेंगे तो इस बीमारी से हम लोग न केवल निजात पाएंगे बल्कि हम अपने पड़ोसी अपने प्रदेश व अपने देश को भी बचा पाएंगे।

पांच अप्रैल के आह्वान पर एकजुटता का दें परिचय
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सारी देश की जनता से कहा है कि पांच अप्रैल को हम अपने घरों में रात नौ बजे बत्ती बुझा कर और बाहर अपनी बालकनी में, दरवाजे पर खड़े होकर नौ मिनट हम लोग रोशनी करें। दिया जलाएं, लालटेन जलाएं, टोर्च जलाएं, मोमबत्ती जलाएं या फिर मोबाईल की फ्लैश लाइट को जलाएं और अपनी एकता का परिचय दें। हम कोरोना के खिलाफ एकजुट है, इस एकजुटता का परिचय हमको 5 अप्रैल रात्रि नौ बजे से नौ मिनट यानी कि 9ः09 हमको अपनी एकता का संदेश देना है कि हम सब सैनिक बनकर के कोरोना को इस देश से भगाएंगे।

सीएम ने जनता से मांगा सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गरीबों के लिए गरीब कल्याण पैकेज दिया है और उसका पैसा अकाउंट में आना शुरू हो गया है राज्य सरकार ने भी जो श्रमिक है उनके अकाउंट में पैसा डालना प्रारंभ कर दिया है। जब कभी बैंक में जाए पैसा लेने के लिए तो उसमें सामाजिक दूरी बनाकर रखेंगे। कम से कम डेढ़ मीटर की दूरी। कई जगह हमारे यहां वृद्ध आश्रम, अनाथ आश्रम है उनकी भी हम चिंता करें वहां पर कोई भूखा ना सोए उनका दायित्व भी हमारे ऊपर है। सीएम ने कहा कि समाज को जागरूक करें, कैसे हम उनको एजुकेट करें किस ढंग से हम अपनी व्यवस्था बनाए कैसे प्लानिंग करें इस संबंध में सुझाव आमंत्रित हैं।

महापौर ने बुलाई आपात बैठक, आपसी सामंजस्य बनाने के लिए संयुक्तरुप से बांटे क्षेत्र

नगर निगम प्रशासन ने बेहतर तालमेल के साथ नगर में गरीब तबके और जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित करने एवं राहत सामग्री बटवाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पिछले दिनों में व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों को दुरस्त करते हुए नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने आज नगर के सभी प्रशासनिक अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए महापौर कार्यालय के बाहर बैठक आयोजित की गई। जिसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन, उपजिलाधिकारी के दिशा निर्देशन में तहसील प्रशासन और नगर निगम के द्वारा पिछले पांच दिनों से बांटे रहे भोजन एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम की समीक्षा करने के बाद अब व्यवस्था फेरबदल किया गया है।
अब तीन अलग-अलग क्षेत्रों का चयन करके मुश्किल हालातों से जूझ रहे लोगों तक भोजन एवं राहत सामग्री पहंुचाने का निर्णरू लिया गया है। बैठक में तय हुआ कि तहसील की टीम बापू ग्राम, अमित ग्राम, सुमन विहार, गुमानीवाला, 20 बीघा, मनसा देवी क्षेत्र में भोजन बाटेगी। जबकि नगर निगम की टीम बैराज रोड, आशुतोष नगर, सपेरा बस्ती, देहरादून रोड, एम्स रोड स्थित बागड़ी परिवार, सर्वहारा नगर, चंद्रेश्वर नगर, रेलवे स्टेशन, देहरादून रोड क्षेत्र में भोजन और खाद्य सामग्री वितरित करेगी। वहीं, कोतवाली पुलिस की टीम त्रिवेणी घाट, मायाकुंड, चार धाम यात्रा बस अड्डा, सड़क किनारे रहने वाले सभी भिक्षुक, शांति नगर, हीरालाल मार्ग स्थित बस्ती, बनखंडी, बैराज कॉलोनी में राहत सामग्री पहंुचायेगी।
महापौर अनीता ममगाई ने बताया कि देश में छाये कोरोना संकट में हर व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। वहीं हर गरीब और जरूरत मंद तक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। विगत दिनों में कुछ समस्याएं और शिकायतों के सामने आने के बाद आज आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमें क्षेत्र निर्धारित कर भोजन वितरण कार्यक्रम चलायेंगी एवं जरूरत मंद लोगों को आपदा राशन का वितरण करेंगी।
इस दौरान उपजिलाधिकारी प्रेेेम लाल, नगर निगम आयुक्त नरेेंद्र क्ववीरियाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र रावत, तहसीलदार रेखा आर्य, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, पार्षद राजेश दिवाकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

सबके सहयोग से ही हम कोरोना वायरस को हरा सकते हैंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फेसबुक लाईव द्वारा प्रदेशवासियों से एक बार फिर से सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बङी संख्या में उत्तराखंड के लोग बाहर हैं जो आना चाहते हैं। परंतु इस समय जो जहां है वहीं रहना है। भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि अपने अपने राज्यों में बाहर के जो लोग फंस गए हैं उनके लिए भोजन आदि की पूरी व्यवस्था करें। कोई भी भूखा नहीं रहेगा। हालांकि दिक्कत जरूर होगी परंतु इन दिक्कतों में संयम और सतर्कता बनाकर रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में जो लोग बाहर से अपने गांवों में आ चुके हैं, वे सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करे। अपने बच्चों से भी कुछ दिनों के लिए दूर रहें। खुद को भी बचाएं और अपने परिवार और गांव को भी बचाएं। जाने अनजाने में कोई भी गलती नहीं करनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बङी संख्या में दूसरे प्रदेशों के श्रमिक और पर्यटक हैं। इन सभी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबके सहयोग से ही हम कोरोना वायरस को हरा सकते हैं। कोरोना हारेगा, उत्तराखंड जीतेगा।

लॉकडाउन में शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर निगम सचेत

लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सचेत है। नगर निगम क्षेत्र को सेनेटाइजर करने के साथ शनिवार से सोशल डिस्टेसिंग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी परिसर और निगम प्रांगण में प्रशासन की ओर से सब्जी मंडी को शिफ्ट कराकर फल एवं सब्जी की ठेलियां लगवाई गई। इसके बेहतर नतीजे भी देखने को मिले और बिना भीड़भाड़ के आराम से लोगों ने खरीदारी की।

प्रतिदिन की तरह ऋषिकेश की पहली मेयर अनिता ममगाई और नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल के दिशा निर्देशन में निगम की विभिन्न टीमों ने देहरादून रोड़, काली कमली, सपेरा बस्ती सहित कई क्षेत्रों में लोगों को भोजन वितरित किया। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने शहरवासियों से अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा से ज्यादा कोशिश हो, घर से बाहर न ही निकले। यदि जरूरी सामान के लिए बाहर निकलते भी हैं तो मास्क और ग्लब्स का इस्तेमाल करें। साथ ही सेनिटाइजर या साबुन से हाथ को 20 सेकंड तक रगड़कर साफ करें।

उन्होंने बताया सोशल डिस्टेसिंग के परिपालन में नगर निगम परिसर एवं बस टर्मिनल कंपाउंड में सब्जी मंडी की व्यवस्था शनिवार से शुरू कर दी गई है। हरिद्वार रोड स्थित फुटकर सब्जी मंडी में भीड़ होने के कारण लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर पा रहे थे। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जी मंडी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया था ।यह व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई। इन सभी को नगर निगम की ओर से पास जारी किए गए हैं। नगर निगम में 50 और बस अड्डे में 50 सब्जी एवं फल विक्रेताओं को बैठाया गया है। इसके अलावा मोहल्ले में फेरी लगाकर बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राहतः सरकार ने कहा-किसी भी गेस्ट टीचर नही निकाला जायेगा

उत्तराखंड में प्रमोशन में आरक्षण समाप्त होने के बाद शिक्षा विभाग में दो हजार से अधिक शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया। अधिकतर प्रमोशन सहायक अध्यापक से लेक्चरर के पदों पर होने हैं। जबकि सरकार की ओर से हाल ही में इन पदों पर गेस्ट टीचरों की तैनाती की गई है। ऐसे में नियमित लेक्चरर मिलने के बाद गेस्ट टीचरों को उन पदों से हटाने को लेकर गेस्ट टीचरों में भय बन रहा है। लेकिन राहत देने वाली बात है कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी गेस्ट टीचर को विभाग से बाहर न किया जाए। प्रमोशन से जो पद खाली होंगे उन पदों पर गेस्ट टीचरों को तैनाती दी जाए।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के चार हजार से अधिक पद खाली हैं। लोक सेवा आयोग से लेक्चरर और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से सहायक अध्यापक समय पर न मिलने से शिक्षकों की कमी बनी थी। सरकार की ओर से शिक्षकों के खाली पदों पर खासी कवायद के बाद गेस्ट टीचरों की तैनाती की गई है। जिन पदों पर गेस्ट टीचरों की तैनाती की गई है वे अधिकतर लेक्चरर के पद हैं। लेकिन अब प्रमोशन में आरक्षण समाप्त होने के बाद सहायक अध्यापक से लेक्चरर के 1949 पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया। विभाग को नियमित तैनाती के 1949 लेक्चरर मिलने से उन स्कूलों से गेस्ट टीचरों को हटना होगा, जिन स्कूलों में इनकी तैनाती की गई है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों के प्रमोशन से जितने पद खाली होंगे उन पदों पर गेस्ट टीचरों की तैनाती की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी गेस्ट टीचर को बाहर न किया जाए। प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में गेस्ट टीचरों को तैनाती दी गई है।

त्रिवेन्द्र सरकार ने सरकारी काॅलेजों के लिए खजाना खोला

त्रिवेन्द्र सरकार प्रदेश में सरकारी महाविद्यालयों की तस्वीर बदलने जा रही है। उच्च शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सरकार कोई कसर नही छोड़ना चाहती है। इसी के तहत भवनों से वंचित सरकारी कॉलेजों की नए भवनों की मुराद पूरी होने जा रही है, वहीं पुराने भवनों को मरम्मत और नए निर्माण कार्यों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। तकरीबन एक दर्जन सरकारी कॉलेजों पर राज्य सरकार ने धन वर्षा की है। 11 कॉलेजों को भवन निर्माण कार्यों के लिए 15.59 करोड़ से ज्यादा धनराशि दी गई है। वहीं ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित गैरसैंण के डिग्री कॉलेज का खेल मैदान दुरुस्त करने के लिए सरकार ने 76 लाख रुपये जार किये है।
उत्तराखंड में भवनविहीन सरकारी डिग्री कॉलेजों को भवन निर्माण के लिए धनराशि देने को सरकार पहले ही अपनी प्राथमिकता बता चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंतिम महीने में सरकार ने करीब दर्जनभर डिग्री कॉलेजों को तोहफा दिया है। इनमें पाबौ डिग्री कॉलेज को 1.18 करोड़, नागनाथ पोखरी को 1.98 करोड़, रामनगर को 96 लाख, बेतालघाट को 90 लाख, पिथौरागढ़ को एक करोड़, नंदासैंण को 1.19 करोड़, गणाई गंगोली को एक करोड़, कोटद्वार कॉलेज को 2.03 करोड़, बेरीनाग को एक करोड़, भिकियासैंण को 87.46 लाख और कपकोट को 47.32 लाख की धनराशि दी गई है। उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव आनंद बर्धन ने आदेश जारी कर उच्च शिक्षा निदेशक के लिए धनराशि अवमुक्त की है।
जिन कॉलेजों को पहली किस्त के रूप में धनराशि दी गई है, उन्हें इसका इस्तेमाल चार महीनों के भीतर करना होगा। शेष कॉलेजों को 31 मार्च, 2020 तक उक्त राशि का सदुपयोग करने की हिदायत सरकार ने दी है। हालांकि चालू महीने में अब काफी कम वक्त बचा है। ऐसे में अभी तक इन कॉलेजों से संबंधित कार्यदायी संस्थाओं तक धनराशि पहुंचने में अभी वक्त लग सकता है। इस महीने के भीतर इस धनराशि का उपयोग मुमकिन नहीं है। शासन ने एक हफ्ते के भीतर उक्त धनराशि निर्माण इकाई को जारी करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पहले ही कहा था कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नही आने देगी। उन्होंने पर्वतीय सरकार काॅलेजों को दुरस्त करने और पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।