रानी लक्ष्मीबाई चौक के नाम से जाना जाएगा चौदहबीघा चौक

यत्र नारिस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता, जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवता निवास करते है। लोगों में नारियों के प्रति सम्मान जगाने के लिए चौदहबीघा पुल चौक पर 10 फीट ऊंची रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने जा रही है। इससे चौदहबीघा पुल चौक को भी रानी लक्ष्मीबाई चौक के रूप में भी पहचान मिलेगी। इस वहन नगर पालिका मुनिकीरेती करेगी।

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के वार्ड संख्या सात के सभासद गजेन्द्र सजवाण ने बताया कि वर्तमान में नारियों के प्रति सम्मान लोगों में कम हो रहा है, जबकि देश को आजाद कराने में नारियों की भी अहम भूमिका रही है। यही बात पर उन्होंने अपने वार्ड में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा लगाने की ठानी और बोर्ड की पहली ही बैठक में इसका प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी सहित बोर्ड के सभी सदस्यों ने सर्व सहमति से पास कर दिया। बैठक में तय हुआ कि प्रतिमा 10 फीट ऊंची रहेगी और इसे चौदहबीघा पुल चौके समीप लगाया जाएगा। प्रतिमा का निर्माण जयपुर राजस्थान में किया जा रहा है।

सभासद ने बताया कि प्रतिमा लगाने का मकसद प्रत्येक नागरिक खासतौर पर युवाओं में नारियों के प्रति सम्मान जगाना है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा के चारों और फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी। इससे यह सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी विकसित हो सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिमा लगाने में करीब 15 लाख रुपए खर्च होंगे। सभासद गजेन्द्र सजवाण ने प्रतिमा लगाने के लिए पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी और अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट का आभार व्यक्त किया है।

गांव में शराब बनाई तो 10 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना

ऋषिकेश की ग्राम सभा गुमानीवाला क्षेत्र में शराब बनाई और बेची तो दस हजार रूपए के जुमाने के साथ सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। यह निर्णय ग्राम सभा की आम सभा की बैठक में लिया गया।

गुमानीवाला की ग्राम प्रधान दीपिका व्यास की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी जगेंद्र राणा के संचालन में आहूत की गई बैठक में शराब जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए इसे एक अच्छी पहल बताया गया। गांव की पिंकी गुसाईं ने मांग रखी कि गांव में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि शराब ने कई परिवार बर्बाद कर दिए हैं। नौनिहालों का भी जीवन बर्बाद हो रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जो व्यक्ति गांव में शराब बनाएगा और बेचेगा उस पर पंचायत की ओर से 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और ऐसे व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों को प्रस्ताव भेजे गए। इसमें वृद्धा पेंशन के 45, विधवा पेंशन के 17, विकलांग के 11 लोगों के प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को भेजे गये। पंचायत सदस्य राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि गुमानीवाला ग्राम पंचायत में सम्मिलित राजस्व गांव बीबीवाला का नाम बदल कर शहीद हमीर पोखरियाल के नाम पर हमीरपुर रखा जाए। साथ ही प्रस्ताव संख्या 06 में राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि कांजी हाउस की तीन बीघा जमीन पर 16 बेड वाला हॉस्पिटल बनाया जाए।

राजकीय महाविद्यालय में प्रोफेशनल कोर्स की राह आसान

श्री देव सुमन विश्व विद्यालय के ऋषिकेश कैंपस में विवि की संपूर्ण गतिविधियां, परीक्षाएं व अन्य सभी काम संचालित होंगे। विवि के कुलपति ने शुक्रवार को ऋषिकेश महाविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय में जल्द ही बीएससी एग्रीक्लचर, बीएससी होम साइंस, एमबीए आदि कोर्स संचालित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि बीएससी एग्रीकल्चर और बीएससी होम साइंस को विज्ञान संकाय से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार एमकॉम, एमबीए आदि कोर्स को वाणिज्य संकाय से जोड़ा जाएगा। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय का भी निरीक्षण किया।

कहा कि नए निर्माण से पूर्व पुराने निर्माण के भी नवीनीकरण की आवश्यकता है। उन्होंने महाविद्यालय में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया तथा सभी से सहयोग की आशा व्यक्त की। मौके पर प्राचार्य डॉ. सुधा भारद्वाज, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. विजेंद्र लिंगवाल, डॉ. गुलशन कुमार ढिंगड़ा, डॉ. मुक्तिनाथ यादव, डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. हेमंत परमार, डॉ. अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।

बंद होगा दून स्थित परिसर
कुलपति प्रो. पीपी ध्यानी ने कहा कि विवि का दून स्थित परिसर बंद कर दिया जाएगा। ऋषिकेश के विवि कैंपस से ही सारी गतिविधियां संचालित होंगी। श्रीदेव सुमन विवि की सभी परीक्षाएं अब विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर से ही संचालित होंगी। ऋषिकेश महाविद्यालय के तीन संकाय प्रमुख अब विश्वविद्यालय का भी काम देखेंगे।

बीआरओ ने देश को डबल लेन सड़क और पुल किया समर्पित

जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और पुनार पुल का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीमांतवासियों को बड़ी सौगात दी है। इस मोटर मार्ग से जहॉ भारत-तिब्बत सीमा पर आवगमन आसान होगा वही सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को इस सड़क से लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सेना के गढवाल स्काउट बैंड ने मधुर धुन बजाकर तथा स्थानीय महिलाओं ने पौणा नृत्य से मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जोशीमठ के सीमांत क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन द्वारा 265 करोड़ की लागत से निर्मित 62.66 किमी. जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और 494.30 लाख लागत से निर्मित पुनार पुल का लोकापर्ण किया। उन्होंने सीमा सडक संगठन द्वारा निर्धारित समय से पहले मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने पर बधाई दी और बीआरओ के कार्यशौली की जमकर सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य डा. प्रदीप सेमवाल द्वारा ज्योतिष एवं आपदा पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया। वही जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट आदि मौजूद रहे।

लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण ही दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की परिकल्पना से हुआ है, और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए उनकी सरकार हमेशा तत्पर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 27 विकासखण्डों की सीमाएं अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से जुडी है और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए अगले साल से राज्य में सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोशीमठ नगर पालिका में पार्किग निर्माण, रविग्राम में स्टैडियम निर्माण, लांसी-द्वींग-तपोण मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा मारवाडी-थेंग मोटर मार्ग पर त्वरित गति से कार्य कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है और शीघ्र ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर सीमा सडक संगठन के मुख्य अभियंता एएस राठौर ने बताया कि जोशीमठ से रिमखिम पहुॅचने मे पहले 8 घंटे लगते थे, लेकिन जोशीमठ-मलारी टू-लेन सड़क निर्माण पूरा होने से यह दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय होगी।

खुशखबरीः सरकार ने अशासकीय स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया शुरु की

प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में लटकी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती के प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री के अनुमोदन के बाद भर्ती का रास्ता साफ हो गया। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लोक सभा और इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते पूरा नहीं किया जा सका था।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक भर्ती की अधूरी प्रक्रिया को अब पूरा किया जाएगा। प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों, प्रिंसिपलों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की इसी वर्ष जनवरी और फरवरी में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
विभिन्न जनपदों की ओर से इसके लिए नियुक्ति विज्ञप्ति निकालकर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तीन महीने के भीतर भर्ती की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन फरवरी 2019 में लोक सभा चुनाव और इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते भर्ती प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विभिन्न पदों पर लटकी भर्ती को पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन से अनुमोदन मांगा गया था। शासन की ओर से प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भेजा गया था।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक शुक्रवार को इस पर अनुमोदन दे दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती केवल उन पदों पर होगी, जिन पदों पर इसकी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका था। वहीं, राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रविंद्र जुगरान के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती चयन प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।

बाल आयोग ने आरटीई में फर्जी दस्तावेजों पर एडमिशन पाने वाले उठाया यह कदम, जानिए

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का दुरुपयोग कर तीर्थनगरी के स्कूलों में दाखिले लेने वालों को अब स्कूूल की पूरी फीस वापस करनी होगी। यह आदेश उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बुधवार को आयोग में हुई सुनवाई के बाद जारी किया है।
बता दें, ऋषिकेश में आईटीई के तहत कुल 45 बच्चे विभिन्न स्कूलों में शिक्षा ले रहे हैं। तीर्थनगरी की एक युवती ने तहसील प्रशासन पर आईटीई के तहत गलत आय प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाया था तथा इसकी शिकायत बाल आयोग से की थी। बाल आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और पटवारी की फटकार लगाई थी। साथ ही इस पर सभी विद्यालयों में आरटीई के तहत शिक्षा लेने वालों की सूची तैयार कर उनके भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। आयोग में बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। इसमें तहसीलदार रेखा आर्य ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता युवती ने आपत्ति जाहिर की। इसके बाद आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का गलत तरीके से उपयोग कर शिक्षा लेने वाले बच्चों को स्कूलों की पूरी फीस वापस करनी होगी। इसके अलावा जो निर्धन वर्ग के बच्चे हैं, उन्हें नए सत्र से आवेदन कराने तथा ऐसे बच्चे जो इस अधिनियम का लाभ नहीं उठा सके हैं, उन्हें स्पांसरशिप योजना के तहत दो हजार रुपये मासिक दिए जाने के लिए आवेदन करना होगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिक्त प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमावलियों के संबंध में किसी प्रकार की समस्या हो तो विभागीय अधिकारी कार्मिक विभाग में व्यक्तिगत रूप से आकर दिशा-निर्देश प्राप्त करें। अपर मुख्य सचिव, सचिवालय में आयोजित बैठक में सीधी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कर रही थीं। विगत नवम्बर माह में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रत्येक माह की 9, 19 व 29 तारीख को भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में बैठक आयोजित की गई। इसमें उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि जिन विभागों में एकीकरण की प्रक्रिया की जानी है, वहां इसे जल्द से जल्द करते हुए रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अध्याचन राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित करें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अध्याचन की प्रक्रिया में पहले से तेजी आई है, परंतु इसमें और शीघ्रता की आवश्यकता है। जिन विभागों को नियमावली संबंधी कारणों से अध्याचन भेजने में कठिनाई हो रही हो, वे शासन में कार्मिक विभाग में व्यक्तिगत रूप से मिलकर परामर्श प्राप्त कर लें। इसमें औपचारिक पत्राचार में समय नष्ट न करें। सभी विभागीय अधिकारी रिक्त पदों के अध्याचन भेजने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लें।
बताया गया कि उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा अध्याचन की प्रक्रिया को 30 दिसम्बर तक आनलाईन कर दिया जाएगा। बैठक में इसका प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। सोमवार से संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना प्रारम्भ किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर भर्ती प्रक्रिया की लगातार समीक्षा की जा रही है। इससे पूर्व 3 व 13 दिसम्बर को अपर सचिव कार्मिक के स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है। 3 दिसम्बर को पीसीएस की भर्ती व 13 दिसम्बर को यांत्रिक सेवा में भर्ती के संबंध में समीक्षा की गई थी।

सीएए को लेकर राज्य पुलिस भी सतर्क, सीएम ने दिए निर्देश

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राज्य में भी अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वयं हालात की जानकारी लेने के लिए पुलिस व गृह विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस समय देश के विभिन्न शहरों में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। कई स्थानों पर हिंसक झड़पें भी हुई हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर अपने यहां कानून-व्यवस्था पर नजर रखने को कहा है। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलिस व गृह विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पुलिस व खुफिया विभाग को पूरी स्थिति पर नजर रखने के साथ ही गड़बड़ी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों से कहा गया है कि शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। जो अराजकता फैलाना चाहते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की। बैठक में महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी और सचिव गृह नितेश झा भी मौजूद थे।
वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री व सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर सभी विद्यार्थियों से ङ्क्षहसा से दूर रहने और अपने परिसर में शांति बनाए रखने के अपील की है। इसके साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व भाईचारे को आगे बढ़ाने को कहा है। उन्होंने लिखा है कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जो राष्ट्र हित के विरुद्ध हो।

प्रतिभाशाली बच्चों को जयहरीखाल के आवासीय विद्यालय में मिलेगा प्रवेश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को राजकीय इण्टर कॉलेज जयहरीखाल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्यों का शिलान्यास तथा निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जयहरीखाल में बन रहा यह आवासीय विद्यालय एक अलग तरह का विद्यालय होगा। इस विद्यालय में बच्चों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। इस विद्यालय में परीक्षा के आधार पर चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को प्रवेश मिलेगा। आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के बच्चों को यहां पर शिक्षा के समान अवसर दिये जायेंगे। यह आवासीय विद्यालय प्रतिभाशाली बच्चों के लिए होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस विद्यालय में स्थानीय बच्चों की जो पढ़ाई होती है, वह यथावत होती रहेगी। इस आवासीय विद्यालय के लिए हंस फाउण्डेशन सहयोग कर रहा है। हंस फाउण्डेशन राज्य में पांच सौ करोड़ रूपये से अधिक का कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं, स्कूल बसों एवं पेयजल के क्षेत्र में हंस फाउण्डेशन ने राज्य के लिए काफी सहयोग दिया है। पौड़ी जनपद में हंस फाउण्डेशन द्वारा एक नेशनल स्किल इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। बच्चों को गुणात्मक एवं रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। राज्य के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो इसके लिए राज्य सरकार, बच्चों एवं उनके अभिभावको को मिलकर प्रयास करने होंगे। इस आवासीय विद्यालय में उच्च गुणवत्ता के साथ ही बच्चों के बहुआयामी विकास पर ध्यान दिया जायेगा।

कहा बोले रक्षा मंत्री-हमारा पड़ौसी है कि सुधरता ही नही

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में शामिल हुए युवा सैन्य अधिकारियों से सेवा एवं शांति का संदेश दुनिया तक ले जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत की कभी भी अतिरिक्त क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं नहीं रही हैं। भारत ने आज तक न तो दुनिया के किसी देश पर कभी आक्रमण किया है और न किसी की एक इंच भूमि पर कब्जा किया है। न ही हम किसी अन्य देश के मामले में दखल देते हैं। इसके बावजूद सीमाओं पर ऐसे खतरे मंडराते रहते हैं जहां आपको वीरता ही नहीं विवेक की भी जरूरत पड़ती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमलावर होते हुए कहा कि वह विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर चलते को तैयार नहीं है। कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राष्ट्र नीति बना लिया है। पाकिस्तान में चरमंपथी तत्व इतने मजबूत हैं कि राजनीति के केंद्र में बैठे लोग उनके हाथों की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं लगते। यही कारण है कि भारतीय सुरक्षाबलों को पाकिस्तान के खिलाफ अधिक चैकन्ना रहने की जरूरत है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, पर हर बार उसे हार मिली। पर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। इसलिए हमें पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक मल्टी प्रोम्प्ट स्ट्रेटेजी अपनाई हुई है। जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद आतंकवाद के खतरे के प्रति हमेशा सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए कितना बड़ा खतरा है यह आज बताने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हमने अपनी आंखों के सामने 9/11 और 26/11 की घटना देखी है। आज किसी भी सभ्य देश की आतंकवाद के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। दुनिया यह जानती है कि 26/11 को अंजाम देने वाले संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लोग पाकिस्तान में बैठे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि मुम्बई हमले में जो 166 बेगुनाह लोग मारे गए, उन्हें और उनके परिवार को उस दिन न्याय मिलेगा जिस दिन 26/11 को अंजाम देने वालों को उनके अंतिम अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की क्षेत्रीय अवधारणाएं एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं लेकिन चीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाकी दुनिया के साथ खड़ा है। सीमांकन कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण चीन के साथ सीमा को लेकर कुछ मतभेद जरूर हैं। इस स्थिति में उत्तरी और पूर्वी सीमा पर सेना को अक्सर वीरता के साथ ही विवेक से भी काम लेना पड़ता है। इसका परिचय भारतीय सेना ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार दिया है।