मुख्यमंत्री संकल्प का ग्राउंड एक्शनः ग्राम पंचायत दुधली में जिला प्रशासन ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला के राजकीय इंटर कॉलेज दुधली में एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल की अध्यक्षता में बहुउदेशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक बृजभूषण गौरोला, प्रमुख क्षेत्र पंचायत डोईवाला, जिला अध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी 53 समस्याएं एसडीएम के समक्ष रखी। जिसमें से 15 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया और विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और कुल 430 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में पंचायतीराज विभाग द्वारा 25 परिवार रजिस्टर की नकल, 03 जन्म-मृत्यु, 07 राशन कार्ड से समस्या का निस्तारण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 35 पात्र लाभार्थियों के किसान, विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई। होम्योपैथिक चिकित्सा 34, पशुपालन 16, कृषि 28, उद्यान 07 लाभार्थियों को निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गई। विद्युत विभाग द्वारा 06 बिजली के बिल संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया। वही श्रम विभाग द्वारा 05 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।

बहुउदेशीय शिविर में कुल 53 समस्याएं प्राप्त हुई, जिसमें से सबसे अधिक 12 समस्याएं वन विभाग से संबंधित थी। वही लोक निर्माण विभाग की सड़कों से संबंधित 09, सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार एवं नहरों से जुड़ी 12, ग्राम्य विकास की 05 सहित पेयजल, विधुत, राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की एक-एक शिकायत मिली। जिसमें 15 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। जबकि विभागों से जुड़ी शिकायतों के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशित दिए गए। इस अवसर पर न्याय पंचायत के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र भौंर का स्थलीय निरीक्षण, आर्थिक सहायता कर की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकपर्व इगास के अवसर पर आज जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी वन श्रमिक एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, तथा संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया गया है ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और उनके साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र ही इस ग्राम तक मोटर सड़क निर्माण करने, जिससे क्षेत्र में दोपहिया वाहन की आवाजाही हो सके इस हेतु एक करोड़ रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए है उनके विस्थापन करने की योजना बनाने हेतु निर्देश दिए तथा जिन लोगों के वाहन आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए है उनको भी मुआवजा देने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

देहरादून डीएम जनदर्शन में असहाय सुशीला को पेंशन; उपचार; मकान मरम्मत मौके पर ही

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन कार्यक्रम का  आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई अधिकतर मामले भूमि विवाद सम्बन्धी प्राप्त हुए इसके अतिरक्त नगर निगम, एमडीडीए, लोनिवि, जिला पंचायत, पुलिस, वन, विद्युत आदि विभागों से सम्बन्धित प्राप्त हुई।
चुक्खुवाला निवासी सुशीला देवी ने डीएम से गुहार लगाई कि वह गरीब असहाय परितक्यता महिला है जो अपनी पुत्री के साथ मायके रहती है तथा मकान की हालत जीर्णशीर्ण है लगातार हो रही वर्षा से पानी टपकता है तथा आय का कोई साधन नही है बीमार रहती है उन्होंने जिलाधिकारी से घर मरम्मत कराने का अनुरोध किया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को घर के लिए आपदा मद से प्रस्तावित करने, मुख्य चिकित्साधिकारी को महिला के उपचार कराने तथा समाज कल्याण अधिकारी को महिला का उपचार कराने के निर्देश दिए।
भरत सिंह बुटोला प्रेमनगर ने गुहार लगाई कि उन्होंने वर्ष 2012 में सम्पत्ति क्रय कि अब भूमि पर कब्जा नही दिया जा रहा है जिस पर तहसीलदार विकासनगर को कार्यवाही के निर्देश दिए। कांसवाली प्रेमनगर निवासी शिव देवी ने गुहार लगाई बेटे द्वारा अंगूठा लगाकर सम्पत्ति अपने नाम  करवा ली है।
सावित्री देवी ने डीएम से गुहार लगाई की बेटा उनको घर से बाहर निकाल रहा है तथा बेटी अंजू को उसके पिता ने 1 बीघा भूमि दी थी तब भी बेटे द्वारा उनको और बेटी को परेशान किया जा रहा है जिस पर जिालधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को आख्या प्रस्तुत करने  के निर्देश दिए। बजुर्ग कलम सिंह कृषाली ने बेटे द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की जिस पर उप जिलाधिकारी डोईवाला को भरणपोषण अधिनियम में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। राजेेश्वरी देवी ने गुहार लगाई कि उनका बेटा एवं पोता दिव्यंाग है आर्थिक सहायता का अनुरोध किया गया।  
हरिपुर ऋषिकेश निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग भगवती प्रसाद ने गुहार लगाई की उनके घर पर नाली नही बना रहे हैं जिस पर डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी, एएमएनए जिला पंचायत से आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त बद्रीपुर निवासियों द्वारा बंदर केे आतंक से निजात दिलाने, लखवाड़़ निवासी लदुर सिंह ने गुहार लगाई कि उनको बांध प्राभावित की अनुग्रहित मुआवजा राशि नही मिल पाई जिस पर एसएलएओ को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के.के मिश्रा, अपर नगर आयुक्त नगर निगम रजा अब्बास, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, विनोद कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलधिकारी कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने जनसमस्याओं पर की फरियादियों से फोन पर की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर अपनी समस्या बताने वाले फरियादियों से बातचीत करते हुए अधिकारियों को उन पर उचित कार्रवाही के निर्देश दिए हैं। डोईवाला तहसील के शेरगढ़ निवासी कर्मचंद ने शिकायत दर्ज कराई थी, कि उनके खेत के लिए आने वाली सिंचाई नहर, टूट गई है, जिस कारण सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने उनसे पूरी समस्या सुनने के बाद, प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग को मामले में उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसी तरह मेजर नरेश कुमार सकलानी ने उनकी भूमि पर निजी व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर लधु सिंचाई नहर बनाने की शिकायत दर्ज की गई, जिस पर मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी देहरादून को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। एक अन्य शिकायतकर्ता कैनाल रोड निवासी धीरेंद्र शुक्ला ने बिल्डर के खिलाफ परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई है, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को इस प्रकरण में जांच करने को कहा है। विकासनगर दिनकर विहार निवासी विशन दत्त शर्मा की सड़क संबंधित शिकायत पर भी मुख्यमंत्री ने सचिव लोक निर्माण विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जनता के पत्र सिर्फ कागज़ नहीं, उम्मीद और विश्वास का प्रतिबिम्ब होते हैं, आज ऐसे ही कुछ शिकायती पत्र पढ़ने के बाद मैने संबंधित शिकायतकर्ताओं से बात की। साथ ही अधिकारियों को इन पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। समाधान ही हमारी सरकार की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम ने खटीमा में जनता से किया संवाद, समस्याएं सुन समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय लोहिया हेड, खटीमा में आम जनता से संवाद कर जन समस्याएं सुनी मुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान अधिकारियों का नैतिक दायित्व है। जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो इस पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, निवर्तमान उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, रमेश चंद्र जोशी, निवर्तमान मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रणजीत सिंह नामधारी, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उत्तराखंड आवास विकास परिषद 15 आवासीय परियोजनाओं पर कर रहा है काम

सर के ऊपर पक्की छत का सपना, हर कोई देखता है। पर जमीन से लेकर निर्माण की लागत के कारण लाखों लोग इस सपने को पूरा करने से वंचित रह जाते हैं। उत्तराखंड आवास विकास परिषद और एमडीडीए इसी क्रम में निर्बल आय वर्ग वाले परिवारों के लिए करीब 16 हजार किफायती घरों का निर्माण कर रहे हैं।

उत्तराखंड आवास विकास परिषद राज्य बनने के बाद पहली बार अपनी आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रहा है। परिषद 15 परियोजनाएं निजी निवेशकों के साथ तैयार कर रहा है, जिसमें कुल 12,856 आवास शामिल हैं। जबकि शेष पांच संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा विकसित की जा रही हैं, प्राधिकरणों के जरिए कुल 3104 आवास तैयार किये जा रहे हैं। अपर आयुक्त आवास पीसी दुम्का के मुताबिक अब तक निजी भागीदारी के साथ 1760 घर बनाते हुए लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं, जबकि 14635 आवासों का आबंटन भी किया जा चुका है। शेष सभी परियोजनाओं को मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लाभार्थी को ढाई लाख में मिलता है घर
योजना के तहत निजी निवेशक छह लाख रुपए की लागत से दो कमरे, किचन और शौचालय जैसी सुविधाओं से युक्त घर तैयार करता है, जिसमें से उन्हें केद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से साढ़े तीन लाख रुपए मिलते हैं, इस तरह लाभार्थी को महज ढाई लाख रुपए की लागत में आसान होम लोन के जरिए घर मिल जाता है। इसमें जमीन सहित निर्माण का समस्त खर्च निजी निवेशक द्वारा उठाया जाता है। योजना के तहत तीन लाख रुपए से कम सालाना आय वर्ग वाले आवासहीन परिवार पात्र होते हैं। साथ ही पात्र परिवार का 15 जून 2015 से पहले उत्तराखंड का निवासी होना भी जरूरी है।

एमडीडीए की तीन परियोजनाएं
योजना के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ट्रांसपोर्ट नगर में 224, तरला आमवाला में 240 फ्लैट वाली परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि धौलास में 240 फ्लैट मार्च 2025 तक तैयार हो जाएंगे। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मुताबिक परियोजना के लिए लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता के साथ किया गया है। तय समय में सभी को फ्लैट की चाबी सौंप दी जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंत्योदय के लक्ष्य को केंद्रित करते हुए, पीएम आवास योजना लागू की है। इसके तहत आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाकर दिया जा रहा है। उत्तराखंड में आवास विकास प्राधिकरण ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

आपदा से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्निर्माण हेतु समयबद्ध कार्यवाही की जाए-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरियाणा चुनाव प्रचार से वापस आकर देर शाम मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में आपदा से हुए क्षतिग्रस्थ सड़क मार्गों व पेयजल लाइनों को अभियान के तहत पुनः सुचारू करने, डेंगू की रोकथाम, चारधाम यात्रा समेत विभिन्न विषयों पर विस्तृत दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का मौसम लगभग समाप्त हो गया अतः सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। मानसून के दौरान आपदा में जो भी पेयजल और बिजली की लाइन सहित संपर्क मार्ग क्षति ग्रस्त हुए हैं उन्हें प्राथमिकता से ठीक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभागों के सामने विभिन्न चुनौतियां थी लेकिन अब इस अभियान में कोई भी लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा से जहां-जहां नुक़सान हुआ है। उसके पुनर्निर्माण हेतु समय बद्ध कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि इस अभियान के लिए हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को लेकर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के बाद दीपावली तक पुनः धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी ऐसे में किसी प्रकार की अव्यवस्था ना हो इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अच्छी चल रही है, यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका ध्यान रखा जाए।

डेंगू रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सहित सभी मिलकर कार्य करें- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम के लिए किए हा रहे प्रयासों पर समीक्षा करते हुए कहा कि डेंगू के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं।इस पर रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग सहित सभी मिलकर कार्य करें।और प्रभावी नियंत्रण करें। मुख्यमंत्री ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ़ सफ़ाई पर विशेष दिए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव डॉ. आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल आयुक्त एवं सचिव विनय शंकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अवैध रूप से क्रय की गई भूमि को राज्य सरकार में किया जाएगा निहित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भू-कानून की दिशा में लिए गए निर्णय के बाद प्रदेश में अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त करने वालों के ख़िलाफ़ सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है।
प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भू क़ानून को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भू-क़ानून को लेकर गंभीर है। जिन लोगों ने भी यहां भूमि ख़रीदी और उसका उपयोग उस प्रयोजन हेतु नहीं कर रहे हैं जिस प्रयोजन हेतु भूमि क्रय की है उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाएगा। इसके अतिरिक एक परिवार में 250 वर्ग मीटर से ज़्यादा भूमि ख़रीद कर जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है,उनकी भी अतिरिक्त ज़मीन राज्य सरकार में निहित की जाएगी।
वन मंत्री ने कहा भू-क़ानून में जो भी सुधार राज्य हित में अपेक्षित होंगे वह प्रयास किए जायेंगे लेकिन इसके लिए प्रदेश के नागरिकों को भी जागरूक होकर सरकार का सहभागी बनना होगा। वन मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रदेशवासी अपने पैतृक भूमि को संरक्षित करें और उसकी बिक्री ना करें। वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व में भू-कानून में जो भी ऐसे संशोधन हुए हैं, और उनसे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं, जन भावनाओं के अनुरूप उनमें भी संशोधन करने से पीछे नहीं हटा जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों के हक हकूकों को संरक्षित करने को हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। राज्य का भावी भू कानून इसी सोच के साथ तैयार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भू कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने कई स्तर पर कार्यवाही करने और अगले बजट सत्र में राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप भू क़ानून लागू करने दिशा में निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सुभाष कुमार समिति का गठन किया है इसके साथ ही भू कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति सुझावों का अध्ययन कर लागू करने के लिए बैठकें कर के इसको अंतिम रूप दे रही है।

कांग्रेस विधायक ने अपनों को घेरा, सीएम से मिलकर क्षेत्र के लिए मांगी मदद

विधानसभा मानसून सत्र के दौरान प्राकृतिक आपदा के मुद्दे पर सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष को बोलने के लिए जो समय मिला था, उसमें बोलने का अवसर न मिलने पर विपक्ष के विधायक हरीश धामी ने विपक्ष के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
विधायक हरीश धामी ने गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में सत्रावसान के बाद विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनके समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने कहा आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील राज्य के पर्वतीय क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि आपदा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उन्हीं की पार्टी के सदस्यों ने उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तराखंड के कई इलाके आपदाग्रस्त हैं। ऐसे में इस गंभीर विषय पर चर्चा बहुत आवश्यक थी।
मुख्यमंत्री ने विधायक हरीश धामी की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनकर उन्हें आश्वसत किया कि उनके क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में आपदा से संबंधित जो भी प्रकरण हैं, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं सामान्य करने के लिए जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें।
विधायक धारचूला द्वारा अपनी विधानसभा क्षेत्र की समस्या बताने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु को निर्देश दिए कि सचिव आपदा प्रबंधन और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जाए। आपदा कि दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों के विस्थापन की आवश्यकता है तो, किए जाय।

सीएम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी क्षेत्रांतर्गत घुत्तू-पंजा-देवलिंग टिहरी पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलेथी में आपदा प्रभावित परिवार दुर्गा देवी पत्नी विशाल मणि से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुत्तू में अतिवृष्टि/बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। कई मकान और मवेशी आपदा की जद में आए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को आपदा प्रभावितों को तत्काल सहायता देने, आपदा संभावित क्षेत्रों में आपदा क्षति का आंकलन करने तथा आपदा से क्षतिग्रस्त पुनर्निर्माण के कार्यों को तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, आपदा से हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करने के प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों की शिकायत पर घुत्तू हाइड्रो पॉवर से मकानों को हो रहे नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को पुनः परीक्षण करवाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 21 अगस्त की रात्रि को हुई अतिवृष्टि से तहसील घनसाली क्षेत्रांतर्गत घुत्तू क्षेत्र में 29 भवनों को क्षति पहुंची है, जिसमें 6 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 23 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। अभी तक लगभग 9 क्षतिग्रस्त मकानों का 10 लाख से अधिक की धनराशि नियमानुसार अहेतुक एवं मकान क्षति के रूप में दी जा चुकी है। आंशिक क्षति भवनों के लगभग 20 परिवारों के लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत आपदा राहत शिविरों में रखा गया है, जिनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर यदि कुछ गांवों के विस्थापन की जरूरत होगी तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी या जो किराए के घरों में जाना चाहेगा नियमानुसार किराया दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा से 17 पशु हानि हुई है, जिसमें नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। लगभग 24 पेयजल लाइनों को क्षति पहुंची है। इसके साथ ही विद्युत लाइनों, सड़क, पुलिया आदि अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। अभी तक 450 परिवारों की कृषि क्षति का आंकलन कर लिया गया है। 3-4 गांव का सड़क मार्ग से संपर्क कट चुका है, जिनके सुचारू करने की कार्यवाही गतिमान है।
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा से मलेथी, चंदला, गवाणा मल्ला, गवाणा तल्ला, कैलबागी, देवलंग, जोगियाणा, गंगेरी, चक्रगांव, मलेथा, रानीढांग, पंजा, मेंडू सिंधवाल, सांकरी, लोम, समणगांव, मिसवाली, भाट्गांव, अंकवाण गांव, रैतगांव, भेलुन्ता आदि कई गांवों में काफी नुकसान हुआ है।
इस मौके पर विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, एसडीएम अपूर्वा सिंह, डीएसओ मनोज डोभाल, अधिशासी अभियंता विद्युत अमित आनंद, अधिशासी अभियंता लोनिवि घनसाली दिनेश नौटियाल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम के एन सेमवाल, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार सहित जनप्रति निधि, ग्रामीण मौजूद रहे।