पुराने टायरों पर चल रही 108 एंबुलेंस

ऋषिकेश।
ऋषिकेश की 108 एंबुलेंस पुराने (गंजे) टायरों पर ही चल रही है। मंगलवार को सड़क हादसे की सूचना के बाद ऋषिकेश से एंबुलेंस को भेजा गया था, लेकिन एंबुलेंस के टायर रास्ते में पंक्चर हो गए थे। इससे एंबुलेंस एक घंटे देरी से घटनास्थल पहुंची। तब तक परिजन दूसरे वाहनों से घायलों को ऋषिकेश ला चुके थे। 102सीएमओ देहरादून डॉ. योगेन्द्र थपलियाल ने बताया कि जिले में 108 एंबुलेंस आठ साल पुरानी हो गई हैं। हर रोज एक एंबुलेंस 150 किलोमीटर चल रही है। नई एंबुलेंस के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट न मिलने से एंबुलेंस की मरम्मत में दिक्कत आ रही है।

कांग्रेस बेघर प्रकोष्ठ ने केंद्र सरकार के फैसले को गरीब विरोधी बताया

ऋषिकेश।
कांग्रेस करीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने मंगलवार को विरोध मार्च निकाला। उन्होंने तहसील में केंद्र सरकार के खिलाफ जकर नारेबाजी की। प्रकोष्ठ के संयोजक विजयपाल रावत ने कहा कि नोटबंदी के तुगलकी फरमान से आम जनता परेशान है। इससे लोग आवश्यक खाद्य सामग्री तक नहीं ले पा रहे हैं। इन दिनों शादी-विवाह का लग्न है। नोट बदलने में फजीहत झेलनी पड़ी है। बाजार में मंदी के चलते मजदूरवर्ग परेशान है। 101आम आदमी काम छोड़कर नोट बदलने को कतार में लग रहा है। प्रदर्शनकारियों में सोहन सिंह, सुमित चौधरी, निर्मला देवी, अंजलि देवी, किरन देवी, कुसुमनाथ, रामेश्वरी देवी, बबीता देवी, सतपाल सिंह, छोटेलाल आदि शामिल थे।

तहसील में भी नोट बंदी का असर

ज्यादातर काउंटरों पर नजर आ रहे इक्कादुक्का लोग

ऋषिकेश।
500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का असर तहसील के कामकाज पर भी पड़ता नजर आ रहा है। ऋषिकेश में मंगलवार को खाता खतौनी कक्ष के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं प्रमाणपत्र आवेदन को भी गिनती के लोग तहसील पहुंचे। खुले पैसे के अभाव में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ऋषिकेश तहसील के खाता खतौनी कक्ष के बाहर जहां लोगों की भीड़ जुटी रहती थी। वहां बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद से सन्नाटा पसरा रहा। रोजाना कम्प्यूटर कक्ष से 150 खतौनी की नकल जारी होती हैं, इन दिनों यह संख्या 20 से 40 तक आकर सिमट गई है। 102इससे रोजाना राजस्व घाटा हो रहा है। यही हाल जनाधार केंद्र का भी है, जहां एक दिन में 100 से अधिक लोग निवास, आय और जाति के अलावा अन्य प्रमाण पत्रों आवेदन आते थे। इनदिनों इक्कादुक्का लोग ही प्रमाणपत्र बनाने पहुंच रहे हैं।

मुसीबत लेकर आया दो हजार का नोट

बाजार में दुकानदार नया नोट लेने से कर रहे इनकार
खुले का संकट होने के कारण जता रहे हैं असमर्थता

ऋषिकेश।
ऋषिकेश के बैंकों में रविवार को दो हजार रुपये के नोट दिए। नया नोट हाथ में देखकर लोग खुश तो हुए, लेकिन जैसे ही वे शॉपिंग करने बाजार गए उन्हें बड़ा झटका लगा। दुकानदार ने ये कहते हुए नोट लेने से इनकार करते रहे कि खुले पैसे नहीं हैं। कारोबारियों का कहना है कि सौ-सौ के नोट की कमी है। ऐसे में दो हजार का नोट कैसे लें। इस तरह से दो हजार का नोट भी 500 और 1000 के पुराने नोटों की तरह होकर रह गया है। पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के कारण रोजमर्रा के सामान खरीदने की पहले से ही समस्या थी। एक उम्मीद जगी थी कि नयी करेंसी आने से समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन नई करेंसी में केवल दो हजार के ही नोट आए हैं। दुकानदारों के पास खुले पैसे नहीं होने के कारण लोग रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं। खासतौर पर दूध, फल, सब्जी और दवाइयों के लिए। लोग अपनी जरूरत की चीजें भी 2000 के नोट होते हुए नहीं खरीद पा रहे हैं। बच्चों के लिए कॉपियां और पेंसिल तक खरीदने में लोगों को परेशानी हो रही है। पचास-सौ रुपये के सामान के बदले दुकानदार 2000 रुपये के नोट नहीं ले रहा है। वहीं राशन की दुकानों का हाल भी बेहाल है। 200-500 तक का सामान लेने पर दुकानदार बाकी के पैसे खुले देने में असमर्थ हो रहे हैं। ऐसे में लोगों के पास दो ही विकल्प बच रहे हैं या तो बिना सामना घर लौट जाएं या फिर पूरे 2000 रुपये का सामान लेकर अपना बजट बिगाड़ लें। यानी 2000 रुपये का नोट लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है।
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सेल्फी लेने तक सिमटा नया नोट
2000 रुपये का नया नोट हाथों में आते ही लोग उसके साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर डालने लगे। अब जब 2000 रुपये का नोट नहीं चल रहा है तो लोग बदहाल व्यवस्था को कोस रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर सवाल दागे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दो हजार का नोट सिर्फ सेल्फी लेने तक सिमट गया है।

नए नोट पर लोगों का भरोसा कम
ऋषिकेश में रविवार को दो हजार के नोट कई हाथों में नजर आए, लेकिन खरीदारी के दौरान दो हजार के नोटों की विश्वसनीयता कम देखने को मिली। दीपक जोशी ने बताया कि उनके पास दो हजार का नोट है, लेकिन उन्हें अलग-अलग दुकानों से सामान खरीदना है। कोई भी दुकानदार दो हजार का नोट लेने को तैयारी नहीं है। सभी खुले पैसे मांग रहे हैं। ऐसे में सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। आवास विकास से ललित जोशी ने बताया कि पुराने नोट की आदत होने के कारण दुकानदार अभी नए नोट लेने में हिचक रहे हैं।
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छुट्टी का दिन भी लाइन पर बीता
ऋषिकेश में रविवार को भी बैंकों की भीड़ उमड़ी। सर्वर में आ रही दिक्कत से एटीएम ने लोगों को धोखा दिया। कई बैंकों के एटीएम बंद रहे। वहीं, बैंकों में जमा और निकासी को लेकर लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खाता धारकों को कैश कम होने के कारण कई बैंकों ने मात्र हजार रुपये ही दिए। कुछ बैंकों में जमा और निकासी के एक ही काउंटर होने से लोगों को दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। उधर, बाजारों में रविवार को चहल-कदमी रही। बाजार अपने निर्धारित समय पर खुले। तीन दिनों से चले आ रहे गतिरोध के बाद लोगों के हाथों में नकदी रही। इससे उन्होंने अपनी जरूरत का सामान खरीदा। हालांकि अभी बाजार को रफ्तार पकड़ने में वक्त लगेगा।

एसबीआई की मुनिकीरेती शाखा में ग्राहकों का हंगामा

ऋषिकेश।
मुनिकीरेती में एसबीआई बैंक के शाम सात बजे से पहले बंद होने पर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साएं लोगों ने बैंक परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। सुबह से लाइनों में खड़े लोग काम न होने से नाराज हुए। बैंक प्रशासन का कहना है कि उन्हें बैंक चार बजे तक ही खोलने के आदेश हैं।
शनिवार को कैलाशगेट स्थित एसबीआई बैंक की शाखा में लोग सुबह से पांच सौ व हजार के नोट बदलाने लाइनों में खड़े रहे। लेकिन दोपहर बाद करीब चार बजे जैसे ही बैंक को बंद करने की बात कहीं तो लोग भड़क गए। 102लाइनों के खडे लोगों का पारा चढ़ गया और धक्का-मुक्की करते हुए बैंक परिसर में घुस आए। इस दौरान बैंक प्रशासन लगातार लोगों को बैंक का सामान्य रूटीन का हवाला देता रहा। लेकिन लोग अन्य बैंकों के देर रात तक खुले होने की दलील देते रहे। बैंक प्रशासन का कहना है कि उन्हें बैंक को 10 से चार बजे तक ही खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

ढालवाला में रिलायंस पेट्रोल पंप दो दिन के लिए बंद

10 के सिक्के नहीं लेने पर पेट्रोल पंप पर कार्रवाई

ऋषिकेश।
ढालवाला स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर शनिवार को दोपहर पांच सौ के नोट और 10 रुपये के सिक्के नहीं लेने पर ऋषिकेश निवासी हिमांशु संगतानी ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी। उनका आरोप था कि पंप के कर्मचारियों ने पेट्रोल के लिए 500 रुपये लेने से इनकार कर दिया। जबकि सरकार की ओर से 14 नवंबर तक 500 और 1000 के नोट पंप पर चलने के आदेश हैं। उधर, पंप संचालक का तर्क था कि जीओ के अनुसार प्राइवेट पंपों को 500 और 1000 रुपये के नोट लेने के लिए न तो बाध्य किया गया है, न ही लेने की अनुमति है। शिकायत पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार शक्ति प्रसाद उनियाल ने जांच की। उन्होंने माना कि जीओ के मुताबिक पंप संचालक अपनी जगह सही है, लेकिन पेट्रोल पंप संचालक ने शिकायतकर्ता से 10 रुपये के सिक्के लेने से भी इनकार कर दिया। भारतीय मुद्रा नहीं लेने और कानून व्यवस्था के मद्देनजर तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए पंप को दो दिनों के लिए बंद करवा दिया। मौके पर पूर्ति निरीक्षक संतोष भट्ट, थाना प्रभारी मुनिकीरेती रवि कुमार, राजस्व निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, राजस्व उपनिरीक्षक दयानाथ मौजूद रहे।
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एक ग्राहक की शिकायत थी कि रिलायंस पंप पेट्रोल के बदले 500 रुपये का नोट लेने से इनकार कर रहा है। जबकि मौके पर पंप संचालक ने जीओ प्रस्तुत किया। इसमें प्राइवेट पंपों को 500 और 1000 रुपये के नोट लेने के लिए बाध्य नहीं किया गया है।, लेकिन पंप ने शिकायतकर्ता से 10 रुपये के सिक्के लेने से भी इनकार किया। कानून व्यवस्था बनाने के लिए पंप का दो दिनों के लिए बंद किया गया है।
शक्ति प्रसाद उनियाल, तहसीलदार नरेन्द्रनगर

खुल्ले पैसे के अभाव में पर्यटक हुए पैदल

ऋषिकेश घूमने आए पर्यटकों ने पैदल नापे रास्ते

ऋषिकेश।
गुरुवार से बैंकों में पांच सौ और हजार रुपये के नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू हो हुई, लेकिन पर्यटक बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइन देखकर नोट बदलने से बचते रहे। खुल्ले पैसों के अभाव में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। बड़ी संख्या में पर्यटक से राफ्टिंग को सुबह 11 बजे रोडवेज बस से यात्रा अड्डे पहुंचे, लेकिन बड़े नोट नहीं चलने से वह परेशान रहे। मजबूरी में वह पैदल ही कैलाशगेट स्थित राफ्टिंग कंपनियों के कार्यालय पहुंचे। दिल्ली में ग्रेजुएशन कर रही प्रीति सिन्हा ने बताया कि होटल में तो वह कार्ड से खर्च कर लेंगी, लेकिन विक्रम-ऑटो चालक खुल्ले मांग रहे हैं। इसलिए वह पैदल ही कैलाशगेट जा रही हैं। वह पहले भी राफ्टिंग करने ऋषिकेश आ चुकी हैं। इस बार अपने दोस्तों के साथ आई हैं। वह दो दिन ऋषिनगरी में ही ठहरेंगे। उन्होंने पहले ही ऑनलाइन होटल और राफ्टिंग की बुकिंग करवा रखी है। उधर, रेलवे मार्ग पर खरीददारी को पहुंचे विदेशी पर्यटक भी परेशान रहे। वह स्वर्गाश्रम स्थित एक आश्रम में ठहरे हैं। गुरुवार को वह खरीदारी को ऋषिकेश के बाजार आए। बाजार बंदी के कारण उन्हें लौटना पड़ा। विदेशी एक सप्ताह के टूर पर आए हैं। इसके अलावा स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, कैलाशगेट आदि इलाकों से कई यात्री पैदल रेलवे स्टेशन और बस अड्डा पहुंचे।
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हरिद्वार मार्ग के पेट्रोल पंप पर तेल खत्म
500 और 1000 के नोट पेट्रोल पंपों पर ही चल रहे थे। मंगलवार रात से हरिद्वार मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप का भारी भीड़ रही। इस कारण गुरुवार सुबह 10 बजे पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। पंप मालिक को पेट्रोल खत्म होने का बोर्ड लगाना पड़ा। शहर के सभी पंपों पर पेट्रोल-डीजल लेने को भीड़ रही। गुरुवार को भी शहर के सभी पंपों पर एक लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री हुई। इस दौरान पांच सौ से कम का तेल नहीं दिया गया। पंप संचालक 100 और 50 के नोट नहीं होने का बहाना बनाते रहे।

भूमिधरी का अधिकार नहीं मिलने नाराज टिहरी बांध विस्थापित

विस्थापितों ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि को किया यज्ञ

ऋषिकेश।
टिहरी बांध प्रभावित पशुलोक धरना स्थल पर एकत्रित हुए और राज्य सरकार की बद्धि-शुद्धि को यज्ञ किया। विस्थापित समन्वय विकास समिति पशुलोक के अध्यक्ष हरि सिंह भंडारी ने कहा कि टिहरी जनपद के एक दर्जन गांवों के तीन हजार पुनर्वासित परिवार वर्ष 2000 में पशुलोक में बसाए गए थे। लेकिन 16 साल बाद भी विस्थापितों को भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। विस्थापित 25 जुलाई से पशुलोक में धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
सचिव जगदमा रतूड़ी ने कहा कि क्षेत्र को राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने से विस्थापित सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। प्रमाण-पत्र न बनने से उनके बच्चों को रोजगार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए सरकार को जल्द क्षेत्र को भूमिधरी का अधिकारी देने के आदेश करने चाहिए। कार्यक्रम में प्रवीण थपलियाल, मनीष मैठानी, संजय थपलियाल, अरुण कांत बिजल्वाण, गणेश बिजल्वाण, वीरेंद्रदत्त जोशी, सूरत सिंह राणा, कुशलानंद भट्ट, प्रताप सिंह, प्रताप पंवार, शूरवीर सिंह, युद्धवीर सिंह, रमेश सिंह, जनार्धन प्रसाद, शिवकुमार, गिरीश उनियाल आदि शामिल थे।
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वनभूमि बना भूमिधरी में रोड़ा
वनभूमि के चलते भी भूमिधरी का अधिकार मिलने में परेशानी आ रही है। पुनर्वास निदेशालय की लापरवाही एवं शासन की अनदेखी के चलते भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है। जबकि 2005 में मुख्य संरक्षक वन ने पुनर्वास निदेशालय को शासन स्तर पर आदेश जारी करवाने को कहा था। लेकिन शासन की अनदेखी के चलते समस्या का निदान नहीं हो पाया है।

भारतीय मुद्रा के अपरोक्ष रुप से बहिष्कार का प्रशासन नही ले रहा संज्ञान

ऋषिकेश।
तीर्थनगरी में दस रुपये के सिक्के का बहिष्कार देखने को मिल रहा है। जागरुकता की कमी और भ्रम के कारण दस रुपये का सिक्का चलन से बाहर होने की कगार पर खडा है। उस पर अफवाहें कि असली और नकली सिक्के का खेल और माहौल बिगाड रहा। कई दुकानदारों के पास दस रुपये के सिक्कें की भरमार है, उन्हें डर सता रहा कि उनके सिक्कें नकली तो नही। ऐसे में दुकानदार ग्राहकों से दस रुपये के सिक्कें नही ले रहे है। बाजार में दस रुपये के सिक्कें नही लेने से ग्राहकों में असंतोष पनप रहा है।
दुकानदार व ग्राहक जिसके पास जितने भी सिक्कें है, वह उनको चलन में नही ला पा रहा है। हालांकि कुछ दुकानदार असली व नकली सिक्कों का आंकलन उसमें बनी तिल्ली के आधार पर कर रहे है। अपरोक्ष रुप से दस रुपये के सिक्कें चलन से धीरे-धीरे गायब हो रहे है। ताज्जुब कि बात है कि भारतीय मुद्रा चलने से बाहर हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व प्रशासन इस ओर कोई कार्रवाई नही कर रहा है। या कहें तो दबी आवाज में लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
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भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार …
एक रुपये के सिक्के और अधिक रुपये के सिक्कों को रुपये सिक्के कहा जाता है। यह सिक्के वैध मुद्रा के अंतरगत आते है। सिक्काकरण(क्वायनेज) अधिनियम, 2011 की धारा 6 में प्रदत्त अधिकार के अंतर्गत जारी सिक्के भुगतान के लिए वैध मुद्रा होंगे बशर्ते कि सिक्के को विरूपित न किया गया हो और उनका वजन इस तरह से कम न हुआ हो जो प्रत्येक के मामले में निर्धारित वजन से कम हो। (क)किसी भी मूल्यवर्ग के सिक्के जो एक रुपये से कम न हो किसी भी राशि के लिए (ख) आधा रुपया सिक्का, किसी भी राशि के लिए किंतु अधिक से अधिक दस रुपये तक, वैध मुद्रा होंगे।

बाजार में कुछ सिक्कों को लेकर भ्रम की स्थिती है। हांलाकि भारतीय मुद्रा को लेने से मना करना अपराध की श्रेणी में आता है। हमनें आरबीआई को पत्र भेजा है। 10 नवंबर को उनके अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसके बाद कार्रवाई होगी।
रविनाथ रमन,जिलाधिकारी देहरादून

सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों से बैरंग लौट रहे उपभोक्ता

ऋषिकेश।
पूर्ति विभाग अब आधार नंबर लेने के लिए नया फॉर्मूला अपना रहा है। कई सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता उपभोक्ताओं को राशन नही दे रहे हैं। कारण यह कि उनका आधार कार्ड का नंबर राशन कार्ड से लिंक नही हुआ है। नए नियम के अनुसार अब राशन कार्ड में दर्ज यूनिटों का भी आधार नंबर दर्ज किया जाना है। सभासद हरीश तिवाड़ी ने बताया कि उनके क्षेत्र में कई लोग राशन नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। बताया कि कई परिवारों में छोटे बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है। बीते दिनों लगे कैंप में भी पांच साल से छोटी उम्र के बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पाया। उन्होंने आपूर्ति विभाग पर आधार कार्ड के बहाने राशन की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया।
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नए निर्देशों के अनुसार राशन कार्ड की सभी यूनिटों का आधार नंबर राशन कार्ड में दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बार-बार आधार नंबर मांगने पर भी कई उपभोक्ता विभाग को जानकारी नहीं दे रहे हैं। विभाग द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं का राशन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
-पुष्पा बिष्ट, पूर्ति निरीक्षक, ऋषिकेश