राज्य के विभिन्न विकास कार्यों के लिये मिली 58.43 करोड़ की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत “घनसाली बाजार में वाहन पार्किंग निर्माण हेतु ₹2.66 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में टर्नर रोड, पोस्ट ऑफिस मार्ग एवं मोहब्बेवाला के आंतरिक मार्गों में हॉट मिक्स इण्टरलॉकिंग टाईल्स एवं नाली निर्माण सहित मार्ग निर्माण के कार्य हेतु ₹ 4.49 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-ए) के 120 आवासों के निर्माण हेतु भी ₹ 51.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शान्ता टंडन पत्नी स्व० ब्रहम सरन टंडन, निवासी गिरीताल रोड, वार्ड न० 1 हैविल्स शोरूम के सामने, पोस्ट ऑफिस काशीपुर, जनपद उधम सिंह नगर को दिनांक 14.06.2017 से दिनांक 14.10.2022 तक 16,000 प्रतिमाह तथा दिनांक 14.10.2022 से ₹20,000 प्रतिमाह बकाये सहित ’लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

ड्रग के खिलाफ लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में स्टेट लेवल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन (NCORD) मीटिंग सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जनपदों से उनके द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारियां ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को जनपद स्तरीय NCORD बैठकों को नियमित रूप से प्रत्येक माह आयोजित किये जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत एंटी ड्रग के लिए बनी समितियों एवं नोडल अधिकारियों की सूची विशेष सचिव गृह से साझा किए जाएं। उन्होंने ड्रग के खिलाफ लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सरकारी नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने नारकोटिक्स रूट मैप पर विशेष अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों के आसपास एवं नशा के लिए ऐसे संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जहां इस प्रकार की गतिविधियां अधिक होती हैं। लगातार गिरफ्तारियां की जायें एवं केस फाइल किए जायें। ड्रग्स की गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसपी देहरादून को देहरादून में एंटी ड्रग्स के तहत प्रभावी एक्शन के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने PITNDPS एक्ट के तहत मामलों को मजबूती से तैयार किया जाए। उन्होंने नेटवर्क आइडेंटिफिकेशन पर सभी सम्बन्धित एजेंसियों मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव गृह शैलेश बगौली, डॉ. आर. राजेश कुमार, एडीजी जेल अभिनव कुमार, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी नीलेश आनंद भरणे, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रेत मिश्रित नमक की गुणवत्ता जांचने निर्माता के कारखाने का दौरा करेंगे अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के दिये गये निर्देशों के क्रम में आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति चन्द्रेश कुमार द्वारा “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ के अंतर्गत वितरित होने वाले आयोडाईज्ड नमक की गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ माह जून 2024 से प्रचलित है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड धारकों को 01 कि० ग्रा० आयोडाईज्ड नमक 08 रु० प्रति कि०ग्रा० प्रति माह वितरित किया जा रहा है। आयोडाईज्ड नमक वितरण का कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि आयोडाईज्ड नमक कार्डधारकों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध हो सके इसके लिए विभाग द्वारा आयोडाईज्ड नमक की आपूर्ति के लिये अपनी नोडल एजेन्सी भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० से गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया। एन०सी०सी०एफ० ने रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर (खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा विश्लेषण में विशेषज्ञता वाली एक प्रमुख प्रयोगशाला) से नमक की गुणवत्ता की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट साझा की। इसके अलावा विभाग को एनएबीएल मान्यता प्राप्त और एफएसएसएआई अनुमोदित प्रयोगशाला आईटीसी लैब्स से भी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिन्होंने भी पुष्टि की कि सभी मानदंड और परिणाम एफएसएसएआई मानदंडों के अनुरूप है।

विभाग द्वारा आयोडीन युक्त नमक के नमूने राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर को भेजे गये और औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर के परिणाम दिनांक-19.08.2025 के द्वारा वितरित किया जा रहा नमक अच्छी गुणवत्ता की पुष्टि होना पाया गया। उपरोक्त के आधार पर सभी परीक्षण परिणाम पुनः पुष्टि करते हैं कि आपूर्ति किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक अच्छी गुणवत्ता का है और एफएसएसएआई के मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।

आयुक्त चन्द्रेश कुमार ने बताया कि आयोडाईज्ड नमक की उपलब्धता एवं वितरण के सम्बन्ध में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरी निर्माण प्रक्रिया और अपनाए जा रहे गुणवत्ता नियंत्रण उपायों की समीक्षा के लिए जल्द ही (इस मानसून के बाद) निर्माता के कारखाने का दौरा करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, आपूर्ति किए गए नमक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित अंतराल पर प्रयोगशाला में नमक के नमूनों की नियमित जाँच करायी जायेगी। उपरोक्तानुसार खाद्य विभाग द्वारा वर्तमान में पूर्ण गुणवत्ता का आयोडाईज्ड नमक का वितरण किया जा रहा है।

सिंगटाली पुल स्वीकृति के लिए सीएम का आभार जताने पहुंचे संघर्ष समिति के पदाधिकारी

सिंगटाली मोटर पुल संघर्ष समिति ने विधायक यमकेश्वर रेनु बिष्ट के नेतृत्व में सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पुल निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया है। समिति ने कहा है कि गढ़वाल – कुमांउ को जोड़ने वाला यह पुल 20 सालों से लंबित था।

अब मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। इससे क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलने की उम्मीद जगी है। समिति ने मुख्यमंत्री से शीघ्र पुल निर्माण के लिए भूमि पूजन भी करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी भी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया पेंशन की इस वित्तीय वर्ष की 5वीं किश्त का ऑनलाइन भुगतान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक संवाद के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग शादी अनुदान एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का सॉफ्टवेयर लॉन्च किया एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत दी जा रही पेंशन की इस वित्तीय वर्ष की 5वीं किश्त का ऑनलाइन भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि दिव्यांग युवक-युवती से विवाह करने पर प्रोत्साहन अनुदान धनराशि 25 हजार रूपये से बढ़ाकर 50 हजार रूपये किया जायेगा। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु आय सीमा को समाप्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में एक-एक वृद्धाश्रम की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजनों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने की ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवाद के पीछे भी उनका यही मंतव्य था कि वो सबकी समस्याओं, आवश्यकताओं को सीधे तौर पर जान सकें, जिससे उनके समाधान के लिए और अधिक ठोस कदम उठाए जा सकें। कहा कि कई बार सरकार के स्तर पर नीतियां और योजनाएं तो बन जाती हैं, परन्तु उन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल पाता है जब वे जमीनी स्तर तक पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से पहुँचें। साथ ही लाभार्थी भी ये महसूस करें कि सरकार ने उनकी ज़िंदगी को आसान और बेहतर बनाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण के निरंतर प्रयास किए जा रहें हैं। प्रधानमंत्री ने ही सर्वप्रथम “विकलांग” की जगह “दिव्यांग” शब्द को अपनाकर दिव्यांगजनों में आत्मसम्मान का संचार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिव्यांग सशक्तिकरण अधिनियम 2016, सुगम्य भारत अभियान, ए.डी.आई.पी. योजना, दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना, दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना तथा दिव्यांगजन छात्रवृत्ति एवं पेंशन योजना जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में 96 हज़ार से अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन प्रदान की जा रही है। जहां एक ओर 18 वर्ष से अधिक आयु के 86 हज़ार से अधिक दिव्यांगजनों को 1500 रुपए की मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है, वहीं 18 वर्ष से कम आयु के 8 हज़ार से अधिक दिव्यांग बच्चों के भरण-पोषण एवं देखभाल हेतु प्रतिमाह 700 रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के दौरान दिव्यांग हुए लोगों को तीलू रौतेली पेंशन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 12 सौ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही, 4 फुट से कम ऊँचाई वाले व्यक्तियों को बौना पेंशन के माध्यम से प्रतिमाह 12 सौ रुपए भी प्रदान किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना“ के अंतर्गत दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। आज इस योजना से जुड़े सॉफ्टवेयर के लोकार्पण से योजना का लाभ पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों को मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन पहले ही देहरादून में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। जहां दिव्यांगजनों विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में ऐसे दिव्यांशा केंद्र राज्य के समस्त जनपदों में खोलने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वृद्धजनों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इसके साथ ही सरकार राज्य के सभी जनपदों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था भी सुदृढ़ कर रही है। वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल सहित विभिन्न क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित वृद्धाश्रम भी कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बदलते समय के साथ रिश्तों में आई चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया है। इसके माध्यम से हमारे बुजुर्गों को यह कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है कि वे अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकें। उन्होंने वरिष्ठजनों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आपका ये बेटा कभी आपके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आने देगा।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद नवीन वर्मा, शांति मेहरा, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदह्यांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक समाज कल्याण चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया उपस्थित रहे।

आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हेली सेवाओं के प्रयोग के लिए एसओपी तैयार करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान समिति द्वारा पुलिस महानिदेशक को एसडीआरफ दल को प्रशिक्षण हेतु इस मद हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 की अवशेष धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025 – 26में व्यय किए जाने, जनपद चंपावत एवं पौड़ी को क्रमशः पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण एवं राहत एवं बचाव कार्यों को दूसरी किश्त आबंटित किए जाने पर सहमति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव वन्यजीव संघर्ष सहित आपदा प्रभावितों को अनुमन्य अनुग्रह अनुदान सहायता तत्काल वितरित की जाए। इसमें लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने आपदा विभाग को आपदा जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हेली सेवाओं के प्रयोग के लिए एसओपी तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने देहरादून में रिस्पना नदी के चौनलाइजेशन और ड्रेजिंग आदि कार्यों के लिए सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ प्रस्ताव तैयार कर कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी बड़ी नदियों का अध्ययन कर सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। कार्यों को उनकी प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने खतरे की जद वाली सभी बड़ी बस्तियों के बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में बायो इंजीनियरिंग और बायो फेंसिंग का प्रयोग पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में वन विभाग द्वारा जाइका के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी के लिए सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात भी कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, अपर सचिव विनीत कुमार, आनन्द स्वरूप सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कुंभ मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण हटाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय रहते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों को आगे बढ़ायें।

आज सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दबाव कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

पीएम के जन्मदिन 17 सितम्बर से दो अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। राज्य की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस द्वारा रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बरसात के बाद सड़कों के सुधारीकरण और गड्ढा मुक्त कराने के लिए निविदा प्रक्रिया अभी पूर्ण कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जनपदों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने दी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढाये जाने की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत किये जाने तथा छठवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन जिला कारागार, पिथौरागढ़ में अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 417.72 लाख एवं उपकारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 251.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में रालम के अन्तर्गत स्थान किलातम में चौकडाम का निर्माण किये जाने हेतु 95.49 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 57.294 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत हेतु हनुमान मंदिर मेला स्थल, लधौली, ऐडी मेला स्थल, कालूखाण एवं फुटलिंग कालूखाण के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु 81.50 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 48.90 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

भारी बारिश के बीच ट्रैक्टर से लक्सर पहुंचे सीएम, आपदा प्रभावितों से मिले

राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते उत्पन्न संकट की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सबसे पहले हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। कठिन परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामीण और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँच कर स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर उपस्थित जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।“

मुख्यमंत्री द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था हो। जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।

मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे से स्थानीय जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा दिखाई जा रही तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।