सीएम ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील को खोलने के लिए चल रहे कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद के स्यानाचट्टी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित लोगों से मिले तथा उनकी समस्याएं सुनकर हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया।

स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में गडगाड गदेरे से मलबा आने से यमुना का प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण अस्थाई झील निर्मित हुई थी। मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण किया और नदी मार्ग में जमा हुई गाद को हटाने और झील के मुहाने को चौड़ा करके त्वरित जल निकासी बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को जल भराव और मलबा आने से स्थानीय लोगों का हुए नुकसान का तत्काल आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवाजाही बाधित होने के कारण आलू की फसल की उचित मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुपड़ा कुंशाला पुल का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द कार्यदायी संस्था नामित कर निर्माण कार्य शुरू करने और आवाजाही बहाल होने तक वैकल्पिक पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगह जगह भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने से बाधित हुई आवाजाही को बहाल किया जाए और यमुनोत्री मार्ग को सुचारू कर यात्रा के लिए जल्द खोला जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है तथा प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का आंकलन कर जल्द से जल्द हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस दौरान पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाध्यक्ष बीजेपी नागेंद्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान,गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट , जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह नेगी एवं जनक सिंह पंवार उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से फिजिकल डेटा अपलोड होगा पूर्णतः बंद

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि एमपैक्स का कंप्यूटराइजेशन और डेटा माइग्रेशन कार्य को 31 दिसंबर, 2025 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 से फिजिकल डेटा पूर्णतः बंद कर दिया जाए। कंप्यूटराइजेशन और डेटा अपडेशन समय से पूर्ण हो सके इसके लिए नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जनपदों में जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय सहकारिता अधिकारी एवं राज्य स्तर पर सचिव इसकी निगरानी करेंगे। कहा कि डेटा अपडेशन के लिए टाइमलाइन निर्धारित कर सभी को प्रसारित कर दी जाएँ।

मुख्य सचिव ने कहा कि अछूती ग्राम पंचायतों तक सहकारी संस्थाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए नए एमपैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों का गठन किया जाए। साथ ही, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दूध उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि डेयरी को एक स्थायी आजीविका के रूप में बढ़ावा देकर महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि एमपैक्स के माध्यम से चलायी जा रही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में कुल लेनदेन बहुत ही कम है। उन्होंने इसे बढ़ाये जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि दिसम्बर 2025 तक इसे 2 करोड़ मासिक तक पहुँचाये जाने के प्रयास किये जायें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फेनाई, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सीजीएम नाबार्ड पंकज यादव, निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह बिष्ट एवं अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को वृहद स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाए। आवश्यकता अनुसार इसमें नए पदों का सृजन भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन इस पर शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्यशालाओं का आयोजन करें तथा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई राज्य में न हो पाए। ड्रग्स की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है। इस दिशा में प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने की घोषणा, धराली, थराली की तर्ज पर पौड़ी को भी राहत पैकेज

पौड़ी में दिनांक 06 अगस्त को घटित आपदा के प्रभावितों को धराली और थराली की तर्ज पर ही राहत पैकेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पौड़ी में घटित आपदा में जिन लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख रुपये का आर्थिक सहयोग सरकार की तरफ से प्रदान किया जाएगा। इसमें से जो धनराशि एसडीआरएफ के मानकों के तहत प्रदान की जाती है, उसे एसडीआरएफ मद से दिया जाएगा तथा शेष धनराशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जल्द इस संबंध में कार्यवाही करते हुए आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस विपदा की घड़ी में प्रभावितों के साथ हर प्रकार के सहयोग के साथ खड़ी है।

आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। गौरतलब है कि दिनांक 06 अगस्त को पौड़ी तहसील के अंतर्गत ग्राम सैंजी, पट्टी बाली कण्डारस्यूं तथा ग्राम रैदुल, पट्टी पैडुलस्यूं में अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ। आवासीय भवनों, कृषि भूमि को व्यापक क्षति पहुंची। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया तथा उनके रहने, भोजन तथा अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की गई।

मुख्यमंत्री ने संपन्न बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है। चाहे धराली हो, थराली हो स्यानाचट्टी या पौड़ी हो, सभी जगह राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया गया। रिस्पांस टाइम सराहनीय रहा है। उन्होंने उत्तरकाशी, चमोली तथा पौड़ी के जिलाधिकारियों द्वारा आपदा के दौरान किए जा रहे कार्यों को लेकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों का बेहतर से बेहतर पुनर्वास किया जाएगा। सरकार के स्तर पर कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित हमारे अपने लोग हैं, उनके साथ न सिर्फ राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार भी मजबूती से खड़ी है।

धराली की तरह थराली व पौड़ी जाएगी विशेषज्ञों की टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली में 22 अगस्त को घटित आपदा के कारणों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों के दल को थराली भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धराली की तरह ही थराली में घटित आपदा का व्यापक सर्वेक्षण करते हुए यह पता लगाया जाना जरूरी है कि हिमालयी क्षेत्र में इस तरह ही घटनाएं क्यों घटित हो रही हैं। इतना मलबा क्यों और कैसे पानी के साथ बहकर नीचे आ रहा है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र, केन्द्रीय जल आयोग तथा सिंचाई विभाग के विशेषज्ञ जल्द थराली का दौरा करेंगे। इस संबंध में अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप की ओर से सभी संस्थानों को मंगलवार को पत्र भी भेज दिया गया है।

विशेषज्ञ नगर पंचायत थराली के राडीबगड में तहसील कार्यालय, तहसील के आवासीय परिसर, कोटडीप, थराली बाजार तथा चौपडों एवं सगवाडा में बाढ़, भूस्खलन के कारणों का अध्ययन करेंगे तथा न्यूनीकरण के उपाय सुझाएंगे। उपरोक्त संस्थानों को अपने संस्थान से एक-एक विषय विशेषज्ञ को नामित करते हुये जिलाधिकारी चमोली को तत्काल रिपोर्ट करने को कहा गया है।

पलटन बाजार से शुरू की सीएम धामी ने स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के पलटन बाजार में आयोजित ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो देश की आर्थिक स्थिति और स्थानीय रोजगार दोनों को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ के मंत्र को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों पर स्वदेशी नाम पटिकाएं अवश्य लगाएं, ताकि उपभोक्ताओं में स्वदेशी के प्रति विश्वास और गर्व की भावना उत्पन्न हो। उन्होंने यह भी कहा कि “स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग से न केवल हमारे देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि भारत वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पलटन बाजार की दुकानों का भ्रमण किया तथा स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र को मजबूत बनाये के स्टीकर लगाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों, उपहारों एवं दैनिक उपयोग में स्वदेशी विकल्पों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न केवल एक प्रेरणादायक पहल होगी, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सुदृढ़ करेगी।

इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संघों के पदाधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और नागरिकों ने मिलकर स्वदेशी को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प लिया तथा मुख्यमंत्री को अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं, व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित जनसमूह ने स्वदेशी अपनाओ – देश बचाओ के नारे के साथ अभियान को समर्थन दिया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी व व्यवसायी उपस्थित थे।

विधानसभा पहुंचे सीएम धामी, विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा देहरादून में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा सचिवालय, मंत्रीगणों के कक्षों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यालयों का अवलोकन करते हुए कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पारदर्शिता, त्वरित कार्य निष्पादन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवा भाव से कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण की स्थिति तथा आमजन व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में विधानसभा के कार्यकलापों को भी तकनीकी दृष्टि से और अधिक सक्षम तथा आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य किए गए हैं।

निरीक्षण के अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने को मुख्यमंत्री ने दी वित्तीय स्वीकृतियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित अनेक योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने का अनुमोदन प्रदान किया है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए धनराशि अवमुक्त करने से संबंधित शासनादेश भी तत्काल जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन हेतु जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अंतर्गत भराड़ीसैंण के सारकोट में पौराणिक क्वाठा का जीर्णाेद्धार/पुनर्निर्माण हेतु रू. 47.40 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसी तरह मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अंतर्गत जमराडी से मेल्टीनाथ होते हुए थलकेदार सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य हेतु रू. 25.00 लाख की धनराशि जारी करने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत ग्राम सभा पाभें में खेल मैदान का विस्तारीकरण हेतु रू. 68.59 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 41.15 लाख की धनराशि अवमुक्त करने हेतु शासनादेश जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रम में जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बनबसा में सैनिक स्मारक का निर्माण हेतु रू. 1.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 60.00 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी है। चम्पावत की 10 सहकारी समितियों के आधार/सी.एस.सी. केन्द्रों की स्थापना के लिए भी रू. 60.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र रानीखेत में मानिला देवी मंदिर कमराड विकासखण्ड भिकियासैंण का सौन्दर्यीकरण एवं जीर्णोंद्धार हेतु रू. 1.00 करोड़ की धनराशि जारी की गयी है। विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में पाताल देवी मंदिर, ग्राम शैली का जीर्णाेद्धार के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के लिए रू.87.95 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 52.77 लाख की धनराशि अवमुक्त करने हेतु शासनादेश जारी किया गया है।

जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अंतर्गत हैस्को ग्राम के समीप वन क्षेत्र को नेचर पार्क के रूप में विकसित करने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन हेतु रू. 1.00 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही इस योजना के लिए रू. 60.00 लाख की धनराशि की पहली किश्त जारी की गयी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर में नगर निगम रूद्रपुर के आन्तरिक सड़क मार्गों के सुधारीकरण हेतु रू. 1.00 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में रू. 60.00 लाख की धनराशि अवमुक्त करने का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

कुमायूं समाचारः पिथौरागढ़ मुनस्यारी हेलीसेवा 30 सितंबर तक शुरु होगी

पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच उडान योजना के तहत हेली सेवा का संचालन 30 सितंबर तक होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस रूट पर सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से राज्य में हेली सेवाओं के विस्तार में सहयोग मांगा था। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूचित किया है कि उड़ान योजना के तहत पिथौरागढ – मुनस्यारी – पिथौरागढ हेली सेवा के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन कर लिया गया है। यह सेवा 30 सितंबर तक शुरु होने की उम्मीद है। इसी तरह पिथौरागढ़- धारचूला- पिथौरागढ़ मार्ग पर भी उड़ान योजना के तहत हेली सेवा की तैयारी की जा रही है, इसके लिए धारचूला में हेलीपैड बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता है। इस रूट पर भी सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन को प्रारंभिक सहमति प्रदान की गई है। इसी तरह पिथौरागढ़- दिल्ली के बीच उड़ान योजना के तहत सेवा संचालन का प्रस्ताव एयरलाइंस की तरफ से आने पर इस पर सकारात्मक होकर विचार किया जाएगा।

टनकपुर – अछनेरा रेल सेवा का अध्ययन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि मंत्रालय, राज्य सरकार की मांग के अनुरुप अछनेरा- टनकपुर विशेष रेलगाड़ी परिचालन के लिए फिजिबिलिटी अध्ययन करवा रहा है, इसी क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली ओर रेल नेटवर्क में विस्तार के लिए दोनों केंद्रीय मंत्रियों का आभार व्यक्त किया है।

ऑपरेशन कालनेमिः सनातन की आड़ में ठगी पर सीएम धामी का प्रहार

देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा ऑपरेशन कालनेमि प्रदेशभर में बड़ी सफलता हासिल कर रहा है। यह व्यापक अभियान उन असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कस रहा है, जो अपनी पहचान छिपाकर सनातन संस्कृति की आड़ में ठगी और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने अब तक प्रदेश में 4000 से अधिक लोगों का सत्यापन किया है, जिनमें से 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई साबित करती है कि धामी सरकार देवभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप से कोई समझौता नहीं करेगी।

इस अभियान का असर सबसे अधिक उन जिलों में देखा जा रहा है, जहां बाहरी तत्वों की सक्रियता की सूचना मिली थी। हरिद्वार जिले में 2301 लोगों का सत्यापन और 162 गिरफ्तारियां, देहरादून में 865 सत्यापन और 113 गिरफ्तारियां, जबकि उधम सिंह नगर में 167 सत्यापन और 17 गिरफ्तारियां की गई हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री धामी की इस सख्त कार्यशैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, पहचान छिपाकर ठगी या धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। देहरादून में इस अभियान के तहत एक बांग्लादेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है, जो यहां पर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

ऑपरेशन कालनेमि को लेकर धामी सरकार की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पवित्रता को बनाए रखने का भी एक ठोस संदेश है। सीएम धामी का यह निर्णयात्मक नेतृत्व राज्यवासियों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत कर रहा है।

अब एयरफोर्स करेगा चिन्यालीसौड़, गौचर हवाई पट्टियों का संचालन

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) ओर गौचर (चमोली) हवाई पट्टियों का संचालन इंडियन एयरफोर्स करेगी। जबकि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

प्रदेश सरकार सीमांत जनपदों में हवाई सेवाओं को विस्तार करने पर जोर दे रही है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) और गौचर (चमोली) में स्थित हवाई पट्टियों का संचालन भारतीय एयरफोर्स के हवाले करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इसी तरह प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर बढ़ती हवाई सेवाओं को देखते हुए, इसका संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जरिए करने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इँडिया के बीच एमओयू पर सहमति बन गई है। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही सरकार गुंजी से आदि कैलाश क्षेत्र में हवाई सेवा शुरू करने के लिए यहां एक किमी लंबी हवाई पट्टी बनाने की तैयार कर रही है, इस हवाई पट्टी के निर्माण में भी एयरफोर्स द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

सीमांत प्रदेश में हवाई नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों की भी पूर्ति संभव होगी। इसके लिए एयरफोर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का शीघ्र विस्तार किया जाएगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड