उत्तराखंडः मुख्यमंत्री की चिकित्सकों को बड़ी सौगात, चिकित्सकों को मिलेगा एसडी एसीपी का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के चिकित्सकों को बड़ी राहत और सौगात दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को अब एसडी एसीपी का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हमारे डॉक्टर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सक पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। उनके हितों का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। एसीपी का लाभ मिलने से चिकित्सकों को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि सेवा के प्रति और अधिक समर्पण की भावना भी बढ़ेगी। सरकार हमेशा अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खड़ी है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के आदेशानुसार प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ शासनादेश संख्या 654 (दिनांक 14.07.2016) तथा शासनादेश संख्या 154 (दिनांक 04.02.2019) में निहित प्रावधानों के तहत प्रदान किया जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी की संस्तुति के आधार पर इस लाभ की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल 196 पदों का विवरण इस प्रकार है। लेवल 11 में 70 पद स्वीकृत हैं जिनका ग्रेड पे ₹5400 है। लेवल 12 में 56 पद हैं जिनका ग्रेड पे ₹6600 निर्धारित है। लेवल 13 में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें 27 पद ₹7600 ग्रेड पे तथा 43 पद ₹8700 ग्रेड पे वाले हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर सभी स्तरों को मिलाकर 196 पद बनते हैं।

इस फैसले से बड़ी संख्या में चिकित्साधिकारियों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय विद्युत मंत्री से मिले सीएम धामी, कई अहम विषयों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट की और राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश, हरिद्वार और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में आगामी कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास तथा आवास योजनाओं से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में HT/LT विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और स्वचालन से जुड़े ₹547.83 करोड़ की डीपीआर को RDSS योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने हेतु केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। साथ ही हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के लिए ₹315 करोड़ के समान प्रस्ताव को भी RDSS योजना में सम्मिलित करते हुए शीघ्र अनुमोदन का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत Whitelisting और Redeemable वाउचर प्रणाली के कारण निजी डेवलपर्स परियोजनाओं में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती 40:40:20 की चरणबद्ध भुगतान प्रणाली को पुनः लागू करने हेतु अनुरोध किया ताकि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में राज्य में एएचपी घटक के अंतर्गत 15960 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से 15281 इकाइयां लाभार्थियों को आवंटित की जा चुकी हैं। परंतु ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाभार्थियों की असंगठित आय एवं कम CIBIL स्कोर के कारण अग्रणी बैंकों से ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि बैंकों, एनबीएफसी, एसएलबीसी और आरबीआई को इस विषय में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऋषिकेश-गंगा, हरिद्वार-गंगा और टनकपुर स्थित शारदा रिवरफ्रंट को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने टीएचडीसी की सीएसआर निधि से ₹100 करोड़ के सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल “नमामि गंगे” कार्यक्रम को बल देगा, बल्कि सतत पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होने पर उत्तराखंड आगामी कुंभ के भव्य, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील आयोजन के साथ-साथ आवास एवं आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई प्राप्त करेगा।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना की मांग की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर राज्य में खेलों के व्यापक विकास, उच्च स्तरीय खेल अवस्थापना के निर्माण तथा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की और केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खेल महाकुंभ ने उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दिलाई है। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड ने स्वयं को एक ‘खेलभूमि’ के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना, देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में आईस स्केटिंग रिंग का संचालन, जिला नई टिहरी में साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र का उच्चीकरण, चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग की सुविधा और राज्य के 95 विकासखण्डों में बहुउद्देशीय क्रीड़ाहॉल के निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जो राज्य एवं देश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल से संबंधित शैक्षणिक कोर्सेज़ की सुविधा भी प्रदान करेगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक अग्रणी खेल संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और यथासंभव आर्थिक सहायता/अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हर संभव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आश्वस्त किया।

उत्तराखंडः आपदा में मृत्यु होने के 72 घंटे में आर्थिक सहायता देने के मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा के दौरान किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात अनुग्रह राशि का वितरण 72 घंटे में प्रभावित परिवार/मृतक आश्रित को अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मृतक की शिनाख्त या अन्य किसी कारण से कुछ विलंब हो रहा हो तो एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से अनुग्रह राशि मृतक के आश्रित को हर हाल में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री द्वारा अनुग्रह राशि वितरण के संबंध में दिए गए निर्देशों से अवगत कराया।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आगामी कुछ दिनों में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सावधानी बरतने तथा नदी, नालों के जल स्तर पर नियमित रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के माध्यम से मानसून से उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में अब तक हुई विभागीय क्षति का आकलन कर जल्द से जल्द इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए ताकि एसडीआरएफ तथा एसडीएमएफ मद में भारत सरकार से अतिरिक्त धनराशि प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव यथाशीघ्र भेजा जा सके।

विनोद कुमार सुमन ने एसडीआरएफ, नॉन एसडीआरएफ, एसडीएमएफ में खर्च की गई धनराशि के बारे में भी जनपदों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनपदों के पास आपदा राहत/बचाव तथा पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, इसे हर हाल में समय पर खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम प्रदेश भर में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, तथा जनपदों को लगातार सीएम द्वारा मानसून अवधि की चुनौतियों का सामना करने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।

इस अवसर पर बैठक में ऑनलाइन जुड़े राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के माननीय उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने कहा कि अभी भी मानसून अवधि का डेढ़ महीना शेष है, ऐसे में सभी जनपदों को हर समय अलर्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा नदियों के साथ ही अन्य संवेदनशील स्थानों में आम जनमानस की जागरूकता तथा उन्हें अलर्ट करने के लिए साइनेज अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदाओं का सामना करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अलर्टनेस बहुत जरूरी है तभी हम जान माल के नुकसान को कम कर सकते हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से सभी जनपदों में हर रोज समीक्षा बैठक की जाए। साथ ही स्कूली तथा कॉलेज के छात्र-छात्राओं, के साथ ही व्यापारियों का भी वाट्सएप गु्रप बनाया जाए। इस अवसर पर एसीईओ प्रशासन/अपर सचिव आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, डॉ. पूजा राणा, रोहित कुमार, हेमंत बिष्ट, डॉ. वेदिका पन्त, तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।

प्रत्येक तहसील में होगा रेस्क्यू व्हीकल

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जनपदों में गठित क्विक रिस्पांस टीमों को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपेक्षानुसार जनपद स्तर पर प्रत्येक माह की 01, 11 और 21 तारीख को अनिवार्य रूप से बैठक कर इसका कार्यवृत्त यूएसडीएमए के साथ साझा किया जाए। साथ ही उन्होंने हर तहसील के लिए एक रेस्क्यू व्हीकल क्रय करने के निर्देश दिए, जिसका उपयोग आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जाएगा।

जल्द आएगी भारत सरकार की टीम, तैयारी के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जल्द ही भारत सरकार की सात सदस्यीय टीम प्रदेश में अतिवृष्टि तथा आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए आने वाली है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पूर्व से ही सभी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भारत सरकार के सामने आपदा से हुई क्षति की वास्तविक स्थिति रखी जा सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर भारत सरकार से क्षतिपूर्ति हेतु धनराशि प्राप्त होगी।

टिहरी बांध से जल छोड़ने पर एलर्ट रहें अधिकारी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इन दिनों टिहरी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने टिहरी के जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि पानी छोड़े जाने की सूचना देहरादून तथा हरिद्वार जनपद को समय पर दी जाए। साथ ही उन्होंने देहरादून तथा हरिद्वार जनपद को निर्देश दिए कि लगातार गंगा नदी के जलस्तर की निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।

प्रत्येक व्यक्ति तक एलर्ट पहुंचाना यएसडीएमए का लक्ष्य

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने मानसून अवधि में अब तक हुई क्षति को लेकर भी जनपदों से जानकारी ली। उन्होंने जनहानि, पशु हानि, भवनों को हुई क्षति के बारे में पूछा तथा आपदा प्रभावितों को वितरित की गई धनराशि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि अहेतुक सहायता वितरण में बिल्कुल भी विलंब न किया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से भेजे जा रहे विभिन्न अलर्ट्स तथा चेतावनियों का जनपद स्तर पर बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रसारण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप में प्रत्येक गांव के प्रधान, सरपंच के अलावा कम से कम 20 लोग जुड़े हों। उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के प्रत्येक नागरिक को विभिन्न प्रकार के अलर्ट तथा सूचनाओं उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में जनपदों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धनराशि का ब्यौरा मांगा, हेलीपैडों का ऑडिट किया जाएगा

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने कहा कि जनपदों में आपदा संबंधी सूचनाएं हर वक्त अपडेट रहनी चाहिए ताकि भारत सरकार तथा गृह मंत्रालय द्वारा जब भी सूचनाओं की मांग की जाती है, उन्हें तुरंत ही उपलब्ध करा दिया जाए। साथ ही उन्होंने जनपदों द्वारा खर्च की गई धनराशि को लेकर रिपोर्ट भेजने तथा आवश्यकता होने पर अतिरिक्त धनराशि के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि धराली आपदा से सबक लेते हुए सभी जनपदों को नदियों के किनारे संवेदनशील रिहायशी क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए अलर्ट मेकैनिज्म डेवलप करना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी जनपदों में ऐसे सभी हेलीपैडों ऑडिट करने का सुझाव दिया जो इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में उन्हें तुरंत उन्हें एक्टिवेट किया जा सके।

सीएम ने पीएम मोदी व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार किया व्यक्त

केंद्र सरकार द्वारा यूपीसीएल, उत्तराखण्ड द्वारा ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में एच.टी./एल.टी. लाइनों के भूमिगत करण एवं एससीएडीए ऑटोमेशन हेतु कुल परियोजना लागत ₹547.73 करोड़ (समानांतर जीबीएस ₹493.05 करोड़ सहित) तथा पी.एम.ए. शुल्क @ 1.5% परियोजना लागत (₹8.22 करोड़, जिसमें जीबीएस ₹7.39 करोड़) के साथ योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है

इस परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एचटी/एलटी विद्युत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा, साथ ही SCADA ऑटोमेशन प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति में पारदर्शिता, निगरानी और त्वरित सुधार की क्षमता विकसित होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगत करण एवं ऑटोमेशन के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) द्वारा ₹547.73 करोड़ की परियोजना को अनुमोदित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया था।
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ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक, पर्यटन और कुम्भ क्षेत्र के लिए यह परियोजना न केवल विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि नगर की सौंदर्यीकरण , सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उत्तराखण्ड सरकार इस परियोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी, जिससे प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीएम से भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने भेंट की। उन्होंने भराड़ीसैंण से सारकोट के लिए सड़क की स्वीकृति और कार्य शुरू होने और विगत में सारकोट में हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सारकोट की ग्राम प्रधान ने इस अवसर पर गांव में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, गांव से जुड़ने वाले आंतरिक मार्गों की अच्छी व्यवस्था, गांव की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने, गांव के रास्तों में सोलर लाइट की व्यवस्था करने और गांव से सबसे निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करने का उन्होंने अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सारकोट की ग्राम प्रधान को बधाई देते हुए कहा कि अवगत कराई गई सभी समस्यायों का उचित समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को इन सभी समस्याओं के समाधान के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य गांवों के लिए भी सारकोट आदर्श बनेगा।
इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।

अंबाला में उत्तराखंड के युवकी की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा सीएम से की वार्ता

अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया।

इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिपंस अध्यक्ष चुनाव को लेकर हुए घटनाक्रम पर सीएम गंभीर, पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण कर बैठाई जांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एवं बेतालघाट में हाल ही में हुए घटनाक्रमों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण मामले की विस्तृत जांच कुमाऊँ मंडल के आयुक्त द्वारा की जाएगी और आयुक्त को यह आख्या पंद्रह दिवस के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

घटनाओं के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बेतालघाट में हुई फायरिंग सहित अन्य घटनाओं को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली का स्थानांतरण जनपद से बाहर अन्यत्र करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, थानाध्यक्ष तल्लीताल को भी जनपद नैनीताल से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनीताल एवं भवाली में हुई घटनाओं तथा इस दौरान दर्ज समस्त प्राथमिकी की विस्तृत जांच अब सीबीसीआईडी द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

सीएम धामी के प्रयासों की बदौलत पिथौरागढ़ का खूनी गांव अब देवीग्राम हुआ

पिथौरागढ़ जिले में तहसील पिथौरागढ़ स्थित ग्राम “खूनी” का नाम बदलकर अब “देवीग्राम” कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने खूनी ग्राम का नाम बदलने की अनुमति प्रदान कर दी है, इसके बाद उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग ने इसकी विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे, उनकी भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर अब यह मांग पूरी कर दी है। अब आधिकारिक रूप से ग्राम “खूनी” को “देवीग्राम” के नाम से जाना जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की जन भावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रतीक है।

भराड़ीसैंण विधानसभा में सीएम ने सदन के पटल पर रखा 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट

भराङीसैण (गैरसैण) में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किये गये अनुपूरक बजट के संबंध में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षाबलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।

हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि ’इकोलॉजी’ और ’इकोनॉमी’ के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग, और आपदा राहत हेतु प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना, तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है।

हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है।

यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखण्ड की दिशा में एक और मजबूत कदम है। मैं राज्य की जनता से आह्वान करता हूं कि इस विकास यात्रा में हमारा साथ दें।“