उत्तराखंडः 13 जिले 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रा.प्र. विद्यालय, भोगपुर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य के 13 जिलों के 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में इन सभी आदर्श संस्कृत ग्रामों में संस्कृत भवनों के निर्माण के साथ ही राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों की भी स्थापना करेगी।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में भोगपुर गांव, टिहरी गढवाल के मुखेम गांव, उत्तरकाशी के कोटगाँव, रुद्रप्रयाग के बैंजी गांव, चमोली के डिम्मर गांव, पौड़ी गढ़वाल के गोदा गांव, पिथौरागढ के उर्ग गांव, अल्मोड़ा के जैंती पाण्डेकोटा गांव, बागेश्वर के शेरी गांव, चम्पावत के खर्ककार्की गांव, हरिद्वार के नूरपुर पंजनहेडी गांव, नैनीताल के पाण्डे गाँव एवं ऊधमसिंहनगर के नगला तराई गांव को आदर्श संस्कृत ग्रामों के रूप में उनका शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्कृति ग्रामों के लोगों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी और पौड़ी में आई आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना और तेज गति से करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में आदर्श संस्कृत ग्राम की स्थापना कर देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड सदियों से देववाणी संस्कृत के अध्ययन और शोध का केंद्र रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि देववाणी संस्कृत की पवित्र ज्योति को उत्तराखंड में प्रज्ज्वलित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड पहला राज्य है। जो इस तरह की पहल से देववाणी संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य कर रहा है। संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का मूल आधार है। संस्कृत भाषा के आधार पर ही प्राचीन मानव सभ्यताओं का विकास संभव हो सका है। सनातन संस्कृति में वेदों, ग्रंथों, पुराणों और उपनिषदों की रचना संस्कृत में ही की गई है। संस्कृत भाषा अनादि और अनंत है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। संस्कृत विश्वविद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। संस्कृत साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, ई-संस्कृत शिक्षण प्लेटफॉर्म एवं संस्कृत ऐप्स विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने लोकसभा की कार्यवाही का अनुवाद संस्कृत भाषा में भी किए जाने की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा आदर्श संस्कृत ग्रामों में लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत का प्रयोग करेंगे जिससे देववाणी पुनः हमारे जीवन में बोलचाल, व्यवहार और संवाद का हिस्सा बन सकेगी। राज्य सरकार प्रदेश के विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना से सम्मानित किया जा रहा है। संस्कृत के प्रचार – प्रसार के लिए उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं। देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को हमारे राज्य में लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद लगभग 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखा जा रहा है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य है, जिसने संस्कृत भाषा को अपनी दूसरी आधिकारिक भाषा घोषित किया है। उन्होंने कहा अगले वर्ष से संस्कृत विद्यालयों में एनसीसी, एन.एस.एस का शुभारंभ के साथ ही शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने संस्कृत विश्वविद्यालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा 75 करोड़ दिए जाने पर भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि 13 संस्कृत ग्रामों में संस्कृति भाषा के प्रचार प्रसार के लिए आगे काम किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, सचिव दीपक कुमार, उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, मधुकेश्वर भट्ट, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

धराली आपदा राहत कार्यों के लिये बैंक आफ बड़ौदा ने उठाया हाथ, दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, ऑफ बड़ौदा के जी.एम प्रतीक अग्निहोत्री, डीजीएम एस.पी.एस तोमर, रीजनल हेड अरविंद जोशी मौजूद रहे।

सीएम ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा भेजी गई आपदा राहत सामग्री को किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा धराली में राहत एवं पुनर्वास के लिए भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री को रवाना किया।

कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा सी.एस.आर के अंतर्गत 10 से 12 दिनों तक के लिए पर्याप्त कच्चा राशन-आटा, चावल, दालें, मसाले, खाद्य तेल-सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ जैसे टूथपेस्ट, नहाने एवं कपड़े धोने का साबुन, आदि सम्मिलित हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा इस दुख की घड़ी में पूरा राज्य आपदा प्रभावितों के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, महिंद्रा बैंक के सर्किल हेड शोभित अग्रवाल, एरिया हेड अनुज कपूर, रजत जैन कोटक, महिंद्रा बैंक के इंप्लीमेंट पार्टनर सेवा इंटरनेशनल के पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पौड़ी के सैंजी और बांकुड़ा गांव में क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी दिए जाएगी सहायता राशिः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने की थी। खराब मौसम के बावजूद अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। जिसमें स्थानीय लोगों के साथ देश भर से आए तीर्थ यात्री भी शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल, एम्स में भर्ती किया गया है। सभी को अच्छा इलाज मिले इसकी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया हर्षिल व धराली क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, दूध, राशन, कपड़े पहुंचाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया हर्षिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए उरेडा का पावर हाउस चालू किया गया है। यूपीसीएल द्वारा बिजली तारों की मरम्मत की जा रही है। मोबाइल कनेक्टिविटी को सुधार लिया गया है साथ ही 125 ज्ञट के दो जनरेटर सेट भी आपदा क्षेत्र में पहुंच गए हैं। हर्षिल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविट को ठीक किया जा रहा है। गंगनानी में बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। भूस्खलन की चपेट में आई सड़कों को भी जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया मंगलवार तक हर्षिल तक सड़क मार्ग को पूरी तरह ठीक करने की संभावन है। जिसके बाद अन्य कामों को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया प्रभावित परिवारों को अगले 6 महीने का राशन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा। आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु ₹ 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि जारी की जाएगी। उन्होंने बताया ग्राम वासियों के पुनर्वास के लिए सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जो प्रभावित हुए लोगों के पुनर्वास, विस्थापन एवं हानि का आंकलन करेगी। उन्होंने कहा आपदा से सेब के बगीचों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के साथ ही प्रदेश के अन्य स्थानों में भी आपदा से तबाही हुई है। उन्होंने कहा पौड़ी के सैंजी और बांकुड़ा गांव में भी जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी राज्य सरकार के स्तर से ₹ 5 लाख तक भी सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा राज्य में जहां भी आपदा से हानि हुई है, उन्हें सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उनके ही नेतृत्व में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

उत्तरकाशी के धराली आपदा प्रभावितों को सरकार की त्वरित राहत, सीएम धामी की दो महत्वपूर्ण घोषणाएं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के धराली गांव में हालिया आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यह कदम राज्य सरकार की संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन के प्रति तत्परता को दर्शाता है।

आपदा में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि ग्राम धराली, तहसील भटवाड़ी, जनपद उत्तरकाशी में आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु रु. 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, आपदा में मृतकों के परिजनों को भी 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि उन्हें इस कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।

समग्र पुनरुद्धार और आजीविका सुदृढ़ीकरण हेतु समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित ग्राम वासियों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार, एवं स्थायी आजीविका के सुदृढ़ीकरण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी।

यह समिति धराली गांव के भविष्य के लिए दीर्घकालिक एवं प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, जिससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर आपदा प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। शासन स्तर पर राहत एवं पुनर्वास की कार्यवाही को त्वरित और प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।

सीएम ने आपदा राहत कार्यों में पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार जताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पंजाब नेशनल बैंक से आए प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए ₹ 1 करोड़ का योगदान प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने पीएनबी द्वारा दिए सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह राशि आपदा प्रभावित परिवारों के त्वरित सहायता और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा संकट की घड़ी में संस्थाओं एवं संगठनों का इस प्रकार आगे आना समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धराली क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है और प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मेंनाली, पंजाब नेशनल बैंक के जी.एम अनुपम, ए.जी.एम अजित कुमार उपाध्याय, चीफ मैनेजर सर्वेश मौजूद रहे।

राखी, राहत और रिश्ता, आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं का मार्मिक दृश्य

उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने शुक्रवार को एक अत्यंत भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।

गुजरात के अहमदाबाद स्थित ईशनपुर निवासी धनगौरी बरौलिया अपने परिवार के साथ गंगोत्री दर्शन के लिए उत्तराखंड आई थीं। 5 अगस्त को आई भीषण आपदा के कारण वे धराली में अपने परिवार सहित फंस गईं। मार्ग अवरुद्ध होने और लगातार मलबा व तेज बहाव के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

प्रदेश सरकार के निर्देशों पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किए गए। मुख्यमंत्री स्वयं तीन दिनों से लगातार क्षेत्र में मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू टीमों के अथक प्रयासों से श्रीमती बरौलिया और उनके परिवार को सुरक्षित निकाला गया।

रक्षाबंधन से पहले दिन जब मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे, तब श्रीमती बरौलिया ने भावुक होकर अपने दुपट्टे का एक टुकड़ा फाड़कर उसे राखी के रूप में मुख्यमंत्री श्री धामी को बांधा। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी लोगों को गहराई से छू गया।

मुख्यमंत्री ने भी इस भावनात्मक क्षण को विनम्रता से स्वीकार करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

धराली जैसे दुर्गम क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं का यह दृश्य विपदा के बीच आशा, विश्वास और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बना।

राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुईः सीएम

उत्तरकाशी और पौड़ी के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा में फंसे लोगों के राहत और बचाव कार्यों की तीन दिनों से स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दिनांक 05 अगस्त को जनपद उत्तरकाशी के ग्राम धराली एवं हर्षिल, तथा 06 अगस्त को जनपद पौड़ी के ग्राम सभा सैंजी और आसपास के क्षेत्रों में बादल फटने और अतिवृष्टि के कारण जनहानि, संपत्ति एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों जैसे सड़क, पुल, विद्युत व जलापूर्ति लाइनों को भारी क्षति पहुंची है। अनेक परिवार विस्थापित हुए हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से राहत और पुनर्वास कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुई है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पुनर्वास एवं आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने देशवासियों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संस्थानों तथा दानदाताओं से अनुरोध किया है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में उत्तराखण्ड के प्रभावित परिवारों के सहयोग हेतु आगे आएं और अपनी सामर्थ्यानुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता प्रदान करें।

उन्होंने राहत कोष में दान देने के लिए निम्न विवरण साझा किए हैं:

मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड
बैंक: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सचिवालय शाखा
खाता संख्या: 30395954328
IFSC Code: SBIN0010164
UPI ID: cmukrf@sbi
ऑनलाइन दान हेतु वेबसाइट: https://cmrf.uk.gov.in → Donate Now विकल्प चुनें
QR Code के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि इस कठिन समय में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना से एकजुट होकर कार्य करें।

सीएम धामी के निर्देशों पर धराली से गंगोत्री तक तैनात हैं स्वास्थ्य के सिपाही, हर गांव तक पहुंचीं चिकित्सा टीमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तरकाशी जिले में आई आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड की टीमें तेजी से राहत और चिकित्सा सेवा कार्यों में जुट गई हैं। प्रभावितों को प्राथमिक उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता तक हर संभव सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग की टीमें धराली से लेकर गंगोत्री और चिन्यालीसौड़ तक हर जगह तैनात हैं और बिना रुके राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मातली में 128 यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, 25 को प्राथमिक उपचार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आज शुक्रवार को हेली सेवा के माध्यम से धराली से रेस्क्यू कर 128 यात्रियों को मातली लाया गया। यहां तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों का परीक्षण किया, जिनमें से 25 लोगों को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पाई गई और उन्हें मौके पर ही राहत प्रदान की गई। एक गंभीर मरीज को जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती किया गया है।

चिन्यालीसौड़ में 76 यात्रियों की स्क्रीनिंग, सभी स्वस्थ
वहीं दूसरी ओर, चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचे 76 यात्रियों की भी स्वास्थ्य जांच की गई। सभी यात्री स्वस्थ पाए गए और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। चिकित्सकों ने सतर्कता से सभी की स्क्रीनिंग की और आवश्यक परामर्श दिए।

जिला चिकित्सालय में 09 मरीजों का उपचार जारी
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उत्तरकाशी जिला अस्पताल में वर्तमान में 09 मरीज भर्ती हैं। इन सभी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

धराली में टीम मुस्तैद
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि धराली में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मेघना असवाल के नेतृत्व में टीम गई है। इसके अलावा टीम में डॉ मोहन डोगरा, डॉ कुलवीर सिंह राणा, निश्चेतक डा. संजीव कटारिया, जनरल सर्जन डा. परमार्थ जोशी, निश्चेतक डा. एम एस कौशिक, अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. शिवम् पाठक और मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोदिवाल शामिल हैं। इसके अलावा गंगोत्री, गंगनानी, भटवाड़ी, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, मातली, चिन्यालीसौड़ में विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम तैनात की गयी है ताकि किसी भी आपदा प्रभावित को जरूरी इलाज समय से मिल सके। धराली क्षेत्र से नेटवर्क बाधा के कारण डेटा नहीं मिल पाया है। फिर भी, स्वास्थ्य विभाग की टीम वहाँ डॉ. मेघना असवाल के नेतृत्व में लगातार सक्रिय है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

सीएम धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर, एम्बुलेंस और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक रेस्क्यू यात्री की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यक उपचार तत्काल दिया जा रहा है।

गंगोत्री से चिन्यालीसौड़ तक, हर क्षेत्र में तैयार स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा राहत कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों की समुचित व्यवस्था की है। गंगोत्री, हर्षिल, भटवाड़ी, मातली और चिन्यालीसौड़ जैसे प्रमुख राहत केंद्रों में चिकित्साधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाएं और मेडिकल किट्स उपलब्ध कराई गई हैं। हर्षिल में 9 चिकित्साधिकारी और 3 एम्बुलेंस के साथ 20 मेडिकल किट्स की व्यवस्था की गई है, जबकि मातली में 5 चिकित्साधिकारी और 14 चिकित्सा कर्मी 8 एम्बुलेंस व पर्याप्त उपकरणों के साथ कार्यरत हैं। इसी प्रकार चिन्यालीसौड़, गंगोत्री और भटवाड़ी में भी जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य टीमों की तैनाती कर हर स्तर पर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें तैनात
राज्य नोडल अधिकारी डॉ बिमलेश जोशी ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैंः-

धराली टीमरू-
डॉ. मेघना असवाल (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. मोहन डोगरा
डॉ. कुलवीर सिंह राणा
डॉ. संजीव कटारिया (निश्चेतक)
डॉ. परमार्थ जोशी (जनरल सर्जन)
डॉ. एम. एस. कौशिक (निश्चेतक)
डॉ. शिवम् पाठक (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. रोहित गोदिवाल (मनोरोग विशेषज्ञ)

अन्य टीमेंः-
मातलीरू डॉ आर.एस. बिष्ट, डॉ. रमेश कुंवर ( डिप्टी सीएमओ हरिद्वार), डॉ. अनमोल सिंह, डॉ. मनीष शर्मा
गंगोत्रीरू डॉ. दीपक रावत, डॉ. पीयूष राणा
गंगनानीरू डॉ. राहुल लाल, डॉ. विशाल सिंह
भटवाड़ीरू डॉ. वेदप्रकाश
चिन्यालीसौड़रू डॉ. विनोद कुकरेती

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशीः-
डॉ. आलोक जैन (ईएनटी)
डॉ. के एस भंडारी (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. एच एस सलूजा (जनरल सर्जन)
डॉ. यशपाल तोमर (गायनेकोलॉजिस्ट)
डॉ. अरविंद राणा (अस्थिरोग विशेषज्ञ)
डॉ. अभिषेक नौटियाल (निश्चेतक)

आपदा राहत में सीएम धामी व पूर्व मंत्री अग्रवाल देंगे अपने एक माह का वेतन

उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा के दौरान राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने एक माह के वेतन को आपदा राहत कार्यों हेतु प्रदान करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दे चुके हैं।