चौखुटिया में 30 बेडेड सीएचसी को 50 बेडेड में बदलने की सीएम ने की घोषणा, शासनादेश की कार्यवाही गतिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को जन भावना के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही करने हेतु स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 30 बेडेड सी.एच.सी. को 50 बेडेड एस.डी.एच. में बदलने की घोषणा की गई है तथा इसके शासनादेश की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

सरकार जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने जानकारी दी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौखुटिया में वर्तमान में 30 बैड का अस्पताल संचालित है तथा चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 से 200 की ओ०पी०डी० रहती है इसके साथ ही प्रतिमाह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं के प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराये जा रहे हैं एवं वर्तमान में चिकित्सालय में 07 चिकित्सक कार्यरत हैं जिसमें 03 महिला एवं 04 पुरुष चिकित्सक हैं जिसमें डेंटल चिकित्सक भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सप्ताह में 03 दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं को जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा एवं उप जिला चिकित्सालय रानीखेत से भेज दिया गया है जो कि निरन्तर अपनी सेवाए सी०एच०सी० चौखुटिया में दे रहे हैं तथा चिकित्सालय में सभी सुविधाएं जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउन्ड, डेन्टल चियर एवं 108 ऐम्बुलैन्स की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक द्वारा प्रतिदिन लगभग 70 से 80 डायग्नोस्टिक परीक्षण निःशुल्क प्रदान किये जा रहे हैं।

प्रदेश की विभिन्न सड़कों के लिये सीएम ने प्रदान की 161 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनारवाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात् उपलब्ध भूमि पर मार्ग पुर्ननिर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड़, जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के गरखेत से तल्ला मेजुलिया तक मोटर मार्ग के निर्माण मार्ग निर्माण हेतु 1.01 करोड़, जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन नैनीडांडा के अन्तर्गत कोटा से पिन्जोली तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 83.34 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए लोक निर्माण विभाग हेतु चालू निर्माण कार्य वृहद निर्माण मद में 155 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र काशीपुर में ग्राम दोहरी वकील में आईआईएम के सामने नमो रेस्टोरेंट से बूटा सिंह आदि के घरों तक मार्ग निर्माण कार्य हेतु 50.16 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन द्वारा इन योजनाओं से सम्बन्धित शासनादेश भी निर्गत कर दिए गये हैं।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 196 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिटकुल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु राज्य सरकार की वार्षिक योजना के अन्तर्गत ए०डी०बी० वित्त पोषित बाह्य सहायतित योजना में संचालित परियोजनाओं हेतु प्रावधानित बजट के सापेक्ष 105.09 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उरेडा की सप्तेश्वर लघु जल विद्युत परियोजना (300 कि०वा०) के सिविल इलेक्ट्रोमैकेनिकल एवं विद्युत पारेषण लाईन के कार्यों हेतु 119.97 लाख की योजना की स्वीकृति का भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभागान्तर्गत शैक्षिक सत्र 2025-26 से गेम चेंजर योजनान्तर्गत राज्य के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों (प्रारम्भिक एवं माध्यमिक) में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निःशुल्क नोटबुक उपलब्ध कराये जाने हेतु 52.84 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के रूड़की में निर्माणाधीन ऑटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक के ऑटोमेशन कार्य हेतु 4.47 करोड़, मसूरी पुनर्गठन पम्पिंग पेयजल योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन पर व्यय वित्त (नियोजन विभाग) द्वारा संस्तुत/परीक्षित लागत के तहत अवशेष धनरशि 19.69 करोड़, जनपद टिहरी गढ़वाल में भिलंगना विकासखण्ड के अन्तर्गत घनसाली शहर की भिलंगना नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु 3.18 करोड़, जनपद बागेश्वर के विकासखण्ड कपकोट में सरयू नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु 4.85 करोड़ के साथ जनपद उत्तरकाशी में आयी भीषण आपदा को दृष्टिगत रखते हुए 5 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

श्रमिकों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य के सभी मनरेगा श्रमिकों को शीघ्रता पूर्वक भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों के भीतर कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों को बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएँ तभी प्रभावी सिद्ध होंगी जब अधिकतम श्रमिक इन योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की पूरी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी किसी भी योजना में लापरवाही या ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं की जानकारी पंचायत स्तर तक पहुँचाई जाए और श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अभियान रूप में चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमवीरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। श्रमिकों की मेहनत और समर्पण ही राज्य की प्रगति की वास्तविक नींव है, और ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उन्हें हर संभव सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सभी मनरेगा श्रमिकों को कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना हमारा लक्ष्य ही नहीं, यह सरकार की जिम्मेदारी है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल एवं डीबीटी के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान एवं आभार प्रकट करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता, मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का सीधा लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन राज्य की विकास यात्रा के सच्चे साथी हैं। उनके परिश्रम, त्याग और निष्ठा से ही उत्तराखण्ड का निर्माण संभव हुआ है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक श्रमिक परिवार को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिले और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित सभी योजनाओं को अब डिजिटल माध्यमों से जोड़ा जा रहा है ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता शीघ्रता से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर श्रमिकों एवं उनके आश्रितों तक बोर्ड की सभी योजनाओं की जानकारी पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है कि वह श्रमिकों के बीच जाकर उन्हें नई योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग दें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिकों को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा समय-समय पर बोर्ड द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमवीरों के हर सुख-दुःख में सहभागी है। श्रम और मेहनत का सदैव सम्मान होना चाहिए, क्योंकि मेहनतकश व्यक्ति का भविष्य सदैव उज्जवल होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा – “मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है। उनका कल्याण ही हमारी सरकार का सर्वाेच्च लक्ष्य है।”

मुख्यमंत्री ने बोर्ड से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे श्रमिकों के उत्थान हेतु हर संभव प्रयास करें और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा जनहित एवं राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिनमें विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण कहीं भी लीकेज या अनियमितता की कोई संभावना नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की यह नीति और कार्यप्रणाली अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में लागू क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खनन विभाग ने यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदार नीयत, स्पष्ट नीति और कठोर क्रियान्वयन से किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों, विशेषकर श्रम विभाग सहित सभी विभागों को खनन विभाग की कार्य संस्कृति, पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में भी ऐसी ही दक्ष, पारदर्शी और परिणामोन्मुख व्यवस्था स्थापित करें जिससे जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो।

बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार व श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

सीएम धामी ने 1456 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर युवाओं के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने आज 1456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सचिवालय प्रशासन विभाग में चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग में चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में अब सरकारी नौकरी केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिलेगी, न कि किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार से।

पिछले चार वर्षों में धामी सरकार ने 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देकर यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील, पारदर्शी और प्रतिबद्ध है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री धामी का गहन मंथन, स्पष्ट नीति और दिन-रात की मेहनत है। उन्होंने खुद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मशीनरी के साथ बैठकर व्यापक रूपरेखा तैयार की, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें केवल मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी हो।

जब उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पेपर प्रकरण सामने आया, तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पर उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी भागे नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। युवाओं की मांग पर विवादित परीक्षा को रद्द कर मात्र तीन माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश देकर उन्होंने यह साबित किया कि उनके लिए राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वाेपरि है।

विपक्ष ने जहां फेक नैरेटिव तैयार करने और भ्रम फैलाने में समय गँवाया, वहीं सीएम धामी ने सिस्टम के भीतर झांककर उसे दुरुस्त करने का साहस दिखाया। परिणामस्वरूप, आज उत्तराखण्ड में भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष है कि विपक्ष के सारे आरोप खुद बेमानी साबित हो रहे हैं। अभिमन्यु की तरह विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह में उतरने वाले मुख्यमंत्री धामी ने एक ही वार में युवाओं का विश्वास जीत लिया। आज इतने बड़े पैमाने पर हुई यह नियुक्ति उन सबके लिए करारा जवाब है जो सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह कदम केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा नीति, रोजगार सृजन और सुशासन की भावना को भी दर्शाता है। चार साल में 26,500 सरकारी नौकरियाँ देकर उन्होंने साबित किया है कि उत्तराखण्ड में योग्यता को सम्मान मिल रहा है, मेहनत को पहचान मिल रही है, और युवाओं के सपने अब साकार हो रहे हैं। धामी सरकार का यह संकल्प ही उसे अन्य सरकारों से अलग बनाता है

मुख्यमंत्री धामी ने किया हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ

हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस, हल्द्वानी पहुंचने पर आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (आई.जी.) कुमाऊँ रिद्धिमा अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके उपरांत सर्किट हाउस के सभागार में जनता से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है और सरकार का उद्देश्य जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासनिक तंत्र को आम नागरिकों की सुविधा के अनुरूप और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आमजन को प्रशासन के पास बार-बार भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने उपस्थित जनता से कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और शासन जनता के द्वार तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” का संकल्प उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने का है, और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जनता से सीधा संवाद राज्य सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल रामसिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के आगमन से हल्द्वानी में जनसामान्य में उत्साह का वातावरण रहा। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क कार्यक्रम को जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

हल्द्वानी में सीएम ने ली सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्वदेशी अपनाओ अभियान” को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया टीम को सक्रिय रूप से जनता से जुड़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों में कमी कर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया टीम से कहा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं, ताकि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संदेश आम जनता तक पहुंच सके।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा ऐतिहासिक और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की मदद से नई हेलीकॉप्टर सेवा नीति तैयार की गई है, जिससे हवाई सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुविधा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रही है और “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

सीएम से मुलाकात कर बोला बेरोजगार संघ, युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने लिया पारदर्शी निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड बेरोजगार संघ व तकनीकी डिप्लोमा प्राप्त छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम युवाओं में विश्वास और आशा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर कार्रवाई की, वह युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड में किसी भी भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार, नकल या अनुचित साधनों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सशक्त कदम उठाया है। इस कानून के लागू होने से अब कोई भी व्यक्ति या संगठन परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि हर पात्र युवक-युवती को निष्पक्ष अवसर मिले और राज्य के सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और विश्वास का माहौल स्थापित हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं की मेहनत, लगन और ईमानदारी ही राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है, और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।

संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि भविष्य की परीक्षाओं में नकल-रोधी प्रावधानों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती ही सुशासन की पहचान है, और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मेले किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच नवाचार व ज्ञान के प्रसारित करने का माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वे अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण व पंतनगर प्रवाह नामक पुस्तक का विमोचन किया।

मेले में आयोजित रजत जयंती राज्य स्थापना गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले और कृषि प्रदर्शनी में 400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 200 से अधिक स्टॉल देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों द्वारा लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन मात्र कृषि उत्पादों और यंत्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। इस प्रकार के कृषि मेलों के माध्यम से जहां एक ओर हमारे किसान भाई एक ही स्थान पर नवीनतम कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक यंत्रों और नई शोधों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं उन्हें विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मेले में प्रदर्शित की जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से हमारे किसान भाई पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर अपनी खेती को और भी अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था भी सशक्त और समृद्ध बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी संकल्प के साथ केंद्र सरकार द्वारा हमारे अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज, देशभर के 11 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी लगभग 9 लाख के करीब अन्नदाताओं को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जा रही है। आज जहां एक ओर सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (डैच्) में अभूतपूर्व वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसान को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान हेतु सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है, और इसके साथ ही, किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंदबूंद सिंचाई योजना, डिजिटल कृषि मिशन जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि को विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए जहां एक ओर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, वहीं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सिंचाई और कृषि तकनीकों के विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात देते हुए 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लगभग 11 हजार 500 करोड़ रुपये की लगात के दलहन उत्पादकता मिशन का शुभारंभ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त करने का काम किया है। साथ ही, हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया है। जिसके अंतर्गत अब तक राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हम जहां एक ओर गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान रहे हैं, वहीं हमने गन्ने के रेट में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। हाल ही में हमारी सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। हम किसानों की उपज की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ग्रेडिंग सॉर्टिंग यूनिट के निर्माण के लिए भी अनुदान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मैं, आप सभी कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह करना चाहता हूँ कि आप हमारी पारंपरिक कृषि व्यवस्था पर भी अनुसंधान करें, और जानें कि हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्षों से अपनी कृषि सभ्यता को कैसे संरक्षित रखा, अपनी धरती की उर्वरकता को कैसे बनाए रखा और उत्पादन की गुणवत्ता को भी निरंतर सुनिश्चित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप लोग अपने शोध कार्य और नवीनतम तकनीकी ज्ञान को शीघ्रता से किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि ये ज्ञान उनके उत्पादन और आय में वृद्धि का माध्यम बन सके और हमारी कृषि अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर हम किसानों की प्रगति पर चर्चा करने के साथ-साथ प्रदेश में नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता पर संवाद करने के लिए भी एकत्रित हुए हैं। उक्त दोनों विषयों पर जीबी पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा जोशी ने समान नागरिक संहिता, नीति शर्मा ने किसान मेले की प्रगति एवं छात्र निधि अवस्थी ने नकल विरोध कानून पर अपने विचार साझा किए जबकि समृद्धि किसान उत्पादक संगठन की सीमा रानी ने अपने सफल खेती के अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून और अधिकार स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि हमने अनुभव किया कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य इन्हीं भेदभावों को समाप्त कर राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं,यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। परन्तु ये देश का दुर्भाग्य रहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक देश में एक ऐसी पार्टी का शासन रहा जिसने अपने वोट बैंक के चक्कर में यूसीसी को लागू नहीं होने दिया। जबकि विश्व के प्रमुख मुस्लिम देशों सहित दुनिया के सभी सभ्य देशों में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि हम भली-भांति जानते थे कि भारत में सर्वप्रथम यूसीसी लागू करने का मार्ग सरल नहीं होगा परंतु जब नीयत साफ हो और जनभावना साथ हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।

कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने यूसीसी व नकल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व निर्देशन में विश्वविद्यालय शोध व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में इंटिग्रेटेड फार्मिंग पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 61 हजार हो गई है जो 26 प्रतिशत ग्रोथ रेट पर है। उन्होंने बताया कि मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं व अभी तक लगभग 20 हजार किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।