उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126वीं बोर्ड बैठक में अहम परियोजनाओं व कार्यों की हुई चर्चा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126 वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई; जिसमें महत्वपूर्ण परियोजनाओं और संस्थान के कार्यों पर चर्चा की गई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के लिए संस्थान के पावर हाउस का 5212 मिलियन यूनिट का जनरेशन टारगेट फिक्स किया गया।

निगम के केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2024- 25 की उपलब्धियां पर चर्चा की गई एवं वित्त वर्ष 2025- 26 हेतु टारगेट निर्धारित किए गए।

सिरकारी – भयोल- रूपसिया बगड़ परियोजना हेतु सिविल पैकेज को हाइड्रो पैकेज के साथ शामिल करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन फाइल किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मद्महेश्वर परियोजना को पूरा करने की अवधि में विस्तार किया गया।

निगम के वित्त वर्ष 2025 – 26 हेतु बजट का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मनेरी भाली परियोजना हेतु रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल (आरोवी) से सर्वे कराने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

बोर्ड बैठक में 100 करोड़ के ऊपर के निविदा डॉक्यूमेंट के लिए भी 20 से 100 करोड़ के निविदा प्रपत्र का ही उपयोग करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

निगम के 30 जून अथवा 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कार्मिकों के लिए लिए शासन के अनुरूप नेशनल इंक्रीमेंट का लाभ प्रदान करने तथा शासन द्वारा निर्गत की गई प्रोमोशन के शिथिलीकरण नियमावली को भी अंगीकार किया गया।

बैठक में इंडिपेंडेंट निदेशक इंदु कुमार पांडेय, पराग गुप्ता व सी एम वासुदेव, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव ऊर्जा रंजना राजगुरु, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल सहित संबंधित सदस्य उपस्थित थे।

मंत्री धन सिंह ने दिए चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण का खाका तैयार करने के निर्देश

प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय और उप चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग को इन सभी चिकित्सालयों को आधुनिक और संपूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदाता बनाने के लिए बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग अगले 5 माह में इन चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सुविधाओं को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए बड़े प्रयास करें। कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि इन चिकित्सालय में आम जनमानस को सभी बीमारियों की संपूर्ण चिकित्सा स्थानीय स्तर पर ही मिले, किसी भी पेशेंट को यहां से रेफर करने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

मंत्री ने सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की पूर्ति हेतु आकर्षक सेवा शर्तों का निर्धारण करने को कहा। अस्पतालों में किसी चिकित्सक के अवकाश की दशा में वैकल्पिक व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने स्वास्थ्य विभाग को टेलीमेडिसिन सेवाओं को एक्चुअल मेडिसिन सेवा में बदलने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि टेली मेडिसिन सेवा मात्र औपचारिकता या नाम मात्र की सेवा बनकर न रह जाए बल्कि इसके वास्तव में बेहतर आउटकम भी निकले।

मुख्य सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय में फुली फंक्शनल ओटी तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ओटी ऐसा हो जो आधुनिक चिकित्सा पद्धति के सभी तरह के मानक फुलफिल करता हो। कहा कि हमारा फोकस बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर होना चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवाओं के इंप्रूवमेंट हेतु जो भी इक्विपमेंट क्रय किए जाते हैं उनका शत प्रतिशत उपयोग भी सुनिश्चित होना चाहिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय और उप जिला चिकित्सालय में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित विवरण प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया कि वर्तमान समय में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों, सपोर्टिंग स्टाफ, एडवांस स्किल लैब, और ट्रामा सेंटर में और अधिक इंप्रूव की आवश्यकता है।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ आर राजेश कुमार, वी षणमुगम, डीजी स्वास्थ्य डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम के नेतृत्व में 11 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र से कार्य हुएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 साल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अलग पहचान बनाई है। विकसित भारत के संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 11 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ कार्य किये जा रहे हैं। यह कालखंड हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। विकास और नवाचार की दिशा में देश में अनेक कार्य हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान साबित हो रही है। मेक इन इंडिया की ताकत से निर्यात के क्षेत्र में भारत की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-धन योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छता अभियान, किसान सम्मान निधि और निशुल्क राशन योजना जैसी अनेकों जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को मिल रहा है, जिसका परिणाम है कि आज भारत की गरीबी दर में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। पिछले 11 साल में 27 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धारा 370 की समाप्ति, तीन तलाक पर प्रतिबंध जैसे साहसिक निर्णय लिये गये। उन्होंने कहा कि भारत न केवल स्वदेशी रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि दुनिया को निर्यात भी कर रहा है। भारत के रक्षा निर्यात में तेजी से वृद्धि हुई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग वैश्विक स्तर पर 142 से सुधरकर 63 पर पहुंची है। मध्यम वर्ग को राहत देते हुए नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स से छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को एक नई रफ्तार दी है। 99 प्रतिशत गांव सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। रेल और हवाई कनेक्टिविटी का भी तेजी से विस्तार हुआ है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम द्वारा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। स्टार्टअप इंडिया योजना ने भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण कार्य बहुत तेजी से हो रहा है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं। केदारनाथ और हेमकुंट साहिब रोपवे निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।

सीएस ने किया देहरादून एयरपोर्ट पर देर रात्रिकालीन लैंडिंग की सुविधा हेतु अनुरोध

उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य के विकास से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों के संबंध में भारत सरकार के विभिन्न सचिवों से भेंट की।

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का मिला आश्वासन

छह माह के भीतर निविदा प्रक्रिया की जाएगी प्रारंभ

मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा से भेंट की, जिसमें पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर चर्चा की। सचिव सिन्हा ने आश्वस्त किया कि आगामी छः माह में पंतनगर एयरपोर्ट का निर्माण हेतु Bidding Process प्रारंभ कर लिया जाएगा।

मुख्य सचिव ने देहरादून एयरपोर्ट पर देर रात्रिकालीन लैंडिंग की सुविधा हेतु भी अनुरोध किया। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवा को पुनः आरंभ करने, एवं पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण को लेकर भी आग्रह किया, जिस पर नागरिक उड्डयन सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

केदारनाथ में हुई हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग की घटना के संदर्भ में मुख्य सचिव ने यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से यथोचित कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

रोपवे और जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित प्रोजेक्ट की पर्यावरणीय क्लीयरेंस का किया गया अनुरोध

मुख्य सचिव ने वन एवं पर्यावरण सचिव तनमय कुमार से भेंट कर त्यूणी-प्लासू जल विद्युत परियोजना, ऋषिकेश-नीलकंठ रोपवे प्रोजेक्ट, एवं सिरकारी भ्योल रूपासिया बगड़ जलविद्युत परियोजना के लिए वन स्वीकृति (wild life clearance/environment clearance) प्रदान करने का अनुरोध किया।

ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए रीजनल ट्रैफिक ट्रांजिट सिस्टम का दिल्ली मेरठ से आगे ऋषिकेश तक विस्तार का अनुरोध किया गया

मुख्य सचिव ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला से मुलाकात कर आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को दिल्ली-मेरठ मार्ग से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने हेतु अनुरोध किया। यह प्रस्ताव परीक्षण और दृश्यता रिपोर्ट के आधार पर क्रियान्वयन हेतु दिया गया। साथ ही देहरादून शहर में ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन की समस्याओं के समाधान हेतु सुझाव के लिये अनुरोध किया।

पेयजल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु राज्य सरकार को दी जाने वाली धनराशि जारी करने का आग्रह

मुख्य सचिव ने पेयजल एवं स्वच्छता सचिव अशोक केके मीणा के साथ बैठक कर राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लंबित धनराशि लगभग ₹3000 करोड़ अवमुक्त किये जाने का अनुरोध किया। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत चार धाम यात्रा के दौरान ठोस स्वच्छता प्रबंधन व्यवस्था हेतु विशेष ध्यान देने की बात रखी।

राज्य में आपदा के दौरान वायु सेना को अदा किए जाने वाले शुल्क में छूट की मांग की गई

मुख्य सचिव ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात कर राज्य के आपदा एवं राहत कार्यों के अंतर्गत भारतीय वायुसेना की सेवाओं के लिए देय शुल्क को माफ किए जाने का अनुरोध किया।

एमएसएमई सेक्टर को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति 90% लागत सहायता प्रदान करने का किया अनुरोध

मुख्य सचिव ने एमएसएमई सचिव सुभाष चंद्र लाल दास से मुलाकात कर, पूर्वाेत्तर राज्यों के भांति उत्तराखण्ड राज्य को एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत तक लागत सहायता धनराशि के लिय अनुरोध किया। राज्य में फ्लैट फैक्ट्री एवं टूल रूम और प्रौद्योगिकी विकास केंद्र, टेस्टिंग पैकेजिंग सेंटर जैसे केंद्रों केा विकास करने हेतु अनुरोध किया गया।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के अंब्रेला ब्रांड हाउस आफ हिमालय को प्रमोट करने का किया आग्रह

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह से मुलाकात कर मनरेगा के तहत 270 करोड़ रुपए की लंबित राशि को अवमुक्त करने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त ‘हाउस ऑफ हिमालय’ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि उत्तराखण्ड के हस्तशिल्प, उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिल सके। इसके साथ ही दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के आउटलेट्स खोले जाने का अनुरोध किया गया।

उत्तराखंड को सुगम्य फिल्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए फिल्म फेस्टिवल की मेजबानी का अनुरोध किया गया

मुख्य सचिव ने सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू से भेंट कर उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय स्तर के फिल्म फेस्टिवल की मेज़बानी और राज्य में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में समर्थन माँगा गया। इसके अतिरिक्त व्यय सचिव श्री वी. वुअलनम से मुलाकात कर आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया, ताकि आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हो सके।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सलाहकार (मा0 प्रधानमंत्री) से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न आवश्यकता यथा कुम्भ-2027 हेतु आर्थिक सहायता, नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तारीकरण व सुदृढ़ीकरण आदि हेतु अनुरोध किया गया।

प्रमुख वाहन निर्माताओं को उत्तराखंड में निवेश का दिया न्यौता

मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने उत्तराखंड निवास में प्रमुख वाहन निर्माताओं (टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई, KIA मोटर्स, GSW आदि) के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर, देश के विभिन्न राज्यों में लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस संबंध में उत्तराखण्ड राज्य में ईवी क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

सीएम धामी ने कहा दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान प्रदान करेगी राज्य सरकार

उत्तराखण्ड की बोलियों, लोक कथाओं, लोकगीतों एवं साहित्य के डिजिटलीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं। इसके लिए ई-लाइब्रेरी बनाई जाए। लोक कथाओं पर आधारित संकलन बढ़ाने के साथ ही इन पर ऑडियो विजुअल भी बनाये जाएं। स्कूलों में सप्ताह में एक बार स्थानीय बोली भाषा पर भाषण, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। उत्तराखण्ड भाषा एवं साहित्य का बड़े स्तर पर महोत्सव किया जाए, इसमें देशभर से साहित्यकारों को बुलाया जाए। उत्तराखण्ड की बोलियों का एक भाषाई मानचित्र बनाया जाए।
यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की साधारण सभा एवं प्रबन्ध कार्यकारिणी समिति बैठक के अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि भेंट स्वरूप बुके के बदले बुक के प्रचलन का राज्य में बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान की राशि 05 लाख से बढ़ाकर 05 लाख 51 हजार की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान भी दिया जायेगा, जिसकी सम्मान राशि 05 लाख रूपये होगी। राजभाषा हिन्दी के प्रति युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए युवा कलमकार प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इसमें दो आयु वर्ग में 18 से 24 और 25 से 35 के युवा रचनाकारों को शामिल किया जायेगा। राज्य के दूरस्थ स्थानों तक सचल पुस्तकालयों की व्यवस्था कराने के साथ ही पाठकों के लिए विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें एवं साहित्य उपलब्ध कराने के लिए बड़े प्रकाशकों का सहयोग लेने पर सहमति बनी। भाषा संस्थान लोक भाषाओं के प्रति बच्चों की रूचि बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे वीडियो तैयार कर स्थानीय बोलियों का बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जौनसार बावर क्षेत्र में पौराणिक काल से प्रचलित पंडवाणी गायन ‘बाकणा’ को संरक्षित करने के लिए इसका अभिलेखीकरण किया जायेगा। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा प्रख्यात नाट्यकार ‘गोविन्द बल्लभ पंत’ का समग्र साहित्य संकलन, उत्तराखण्ड के साहित्यकारों का 50 से 100 वर्ष पूर्व भारत की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित साहित्य का संकलन और उत्तराखण्ड की उच्च हिमालयी एवं जनजातीय भाषाओं के संरक्षण एवं अध्ययन के लिए शोध परियोजनों का संचालन किया जायेगा। राज्य में प्रकृति के बीच साहित्य सृजन, साहित्यकारों के मध्य गोष्ठी, चर्चा-परिचर्चा के लिए 02 साहित्य ग्राम बनाये जायेंगे।

भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में उत्तराखण्ड में भाषा संस्थान द्वारा अनेक नई पहल की गई है। भाषाओं के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही स्थानीय बोलियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। भाषा की दिशा में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक पुरस्कार दिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव वी.षणमुगम, श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक भाषा स्वाति भदौरिया, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति दून विश्वविद्यालय डॉ. सुरेखा डंगवाल, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

हरिद्वार की ग्रामसभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि पाल-धनगर समाज प्राचीन काल से भारत की पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है। जिसने न केवल देश की प्रगति और उन्नति में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है। आज भी ये समाज अपनी मेहनत, निष्ठा और आत्मसम्मान के बल पर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण की आदर्श – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी भारतीय इतिहास की एक ऐसी पुण्यात्मा हैं जिन्होंने नारी शक्ति का श्रेष्ठतम उदाहरण हमारे सम्मुख प्रस्तुत किया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी का सम्पूर्ण जीवन सनातन जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, द्वारका, रामेश्वरम, अयोध्या और मथुरा के साथ ही हमारी देवभूमि के बद्रीनाथ, केदारनाथ और हरिद्वार में मंदिरों और घाटों का पुनर्निर्माण कराया। रानी अहिल्याबाई होलकर जी ने उस कालखंड में नारी सशक्तिकरण की भी ऐसी अनुपम मिसाल प्रस्तुत की, जिसकी कल्पना कर पाना भी उस समय कठिन था।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं ने और फिर स्वतंत्रता के बाद भी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित सरकारों ने हमारी महान विभूतियों के योगदान को वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हक़दार थे। हमारी युवा पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से वंचित रखने का सुनियोजित षड़यंत्र रचा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास, महान राष्ट्रनायकों के योगदान और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। आज चाहे भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार हो या महाकाल लोक का निर्माण हो।

प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये अभूतपूर्व कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। चाहे महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी देना हो, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान द्वारा बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना हो, उज्ज्वला योजना से महिलाओं को चूल्हे के धुंयें से मुक्ति दिलाना हो, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हो या फिर ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना हो। ऐसे अनेकों निर्णयों के माध्यम से आदरणीय मोदी जी ने मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

आज जो दुश्मन हमे आँख दिखाया करते थे वो बचने के लिए दुनिया भर के देशों से गुहार लगाते फिर रहे हैं। आप सभी भलीभांति जानते हैं एक समय वो भी था जब भारत का कोई भी बड़ा शहर आतंकवाद से सुरक्षित नहीं था। लेकिन आज दुश्मन देश के किसी भी आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। जैसे उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा दिया गया, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक की गई और अब पहलगाम हमले के बाद “ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से आतंकियों का उनके बिल में ही सफाया किया गया। वहीं आतंकियों की मदद करने वाली पाक सेना के हवाई अड्डों से लेकर डिफेन्स सिस्टम तक तबाह कर दिए गए।

उत्तराखण्ड में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी राज्य में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हम जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के अनेकों कार्य कर रहे हैं। वहीं हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण एवं प्रगति के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी विभिन्न कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। आज इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की बेटियाँ न केवल विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हो रही हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बन रही है। हमारी सरकार ने राज्य हित में भी कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध – सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। हम राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार के मामलों में छोटी मछलियों के साथ ही भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहले धारणा थी कि केवल छोटे कर्मचारियों पर ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। परन्तु आज राज्य में छोटी मछलियों को ही नहीं भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा है। अभी पिछले दिनों हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अफसर को निलंबित किया गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, ओम प्रकाश जमदग्नि, न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, विधायक आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चौंपियन, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, अपर सचिव अनुराधा पाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सौरभ असवाल एवं धनगर समाज के लोग उपस्थित थे।

मंगलौर में यूसीसी लागू करने को लेकर हुई धन्यवाद रैली, शामिल जनमानस पर हुई हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा

महाराजा महेंद्र प्रताप स्नातक महाविद्यालय खेल मैदान नारसन पहुंचने पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत। प्रदेश में समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने पर धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। रैली का आयोजन चौधरी ओमपाल ढाबा लिब्बरहेड़ी से स्वीटी फार्म लिब्बरहेड़ी तक किया गया। रैली में मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

कार्यकम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने पर संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ भीमराव अंबेडकर का सपना साकार किया है जिसमें सभी वर्गों एवं धर्माे के लिए एक समान कानून लागू किया गया है। देश में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि मंगलौर विधानसभा में जो मेरे सम्मान में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया है वह मेरा स्वागत एवं सम्मान नहीं है बल्कि सवा करोड़ उत्तराखंड वासियों का सम्मान है, उन्होंने रैली में भीषण गर्मी में शामिल हुए सभी महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों का शामिल होने पर सभी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है तथा किसानों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए है, जिसमें किसान सम्मान निधि, किसानों को उचित मूल्य एवं किसानों की फसलों का बीमा, किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड की धनराशि 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए 14 हजार करोड़ की 7 नई परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, साथ हीं किसानों को बागवानी के क्षेत्र में 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद में 20 रुपए प्रति कुंतल का बोनस दिया जा रहा है एवं गन्ने के रेट में भी 20 रुपए प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की गई है साथ ही 1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रहे है।

भ्रष्टाचार करने वाले पर किया जाएगा कड़ा प्रहार

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वाले को कतई बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जमीन घोटाले मामले पर बड़ी कारवाई करते हुए आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा मंगलौर विधानसभा के लिए की गई घोषणा।

आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र मंगलौर ग्राम सभा लिब्बरहेडी में महाराजा सूरजमल के नाम से खेल स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा साथ ही विधानसभा मंगलौर में सर्की रजवाहे की पटरी जो मंगलौर से गुरुकुल, लंढौरा बाईपास (हरचंदपुर) के पुल तक सड़क पक्की की जाएगी।

इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला अध्यक्ष भाजपा डॉ मधु सिंह और कार्यक्रम के संयोजक/पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना के द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल साथ ही सभी ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख एवं सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी रुड़की प्रेमलाल, लक्ष्मी राज चौहान सहित जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

मुख्यमंत्री ने ‘हिन्द दी चादर’ नाटक मंचन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित नाटक ‘हिन्द दी चादर’ के मंचन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड सिख कोआर्डिनेशन कमेटी एवं श्री गुरू तेग बहादुर चौरिटेबल चिकित्सालय द्वारा नाटक ‘हिन्द दी चादर’ का मंचन कार्यक्रम दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर देहरादून में किया गया।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान और धर्मरक्षा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर ने उस समय प्राणों की आहुति दी, जब देश की संस्कृति, आस्था और आत्म सम्मान पर संकट गहराया हुआ था। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिन्द दी चादर’ यूं ही नहीं कहा गया। उन्होंने राष्ट्र की एकता, धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका साहस, बलिदान और उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्री ने कह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार सिख समाज के हितों की रक्षा तथा उनके धार्मिक स्थलों के विकास हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर, श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए पंजीकरण, वीर बाल दिवस की घोषणा, 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्हें ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस को राज्यभर में भव्य रूप से मनाने हेतु दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का कार्य प्रगति पर है, जिससे श्रद्धालुओं को 45 मिनट में यात्रा सुलभ होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नाटक के आयोजकों और कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मंचन के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास किया गया है। यह नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सजीव प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री स. मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक विनोद चमोली, श्री गुरूदेव सिंह, नाटक मंचन के आयोजक एवं कलाकार उपस्थित थे।

उत्तराखंड में विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना’ के तहत साहित्यकारों को अनुदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। हमने राज्य में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित करने का कार्य प्रारंभ किया है। हम विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से भी सम्मानित करने का कार्य कर रही है। जिसके अंतर्गत हाल ही में हमने पाँच-पाँच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है। हम युवा पीढ़ी को भी साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर से जुड़ सकें और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित डेरा कवि सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

कवि सम्मेलन में मौजूद प्रख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास सहित सभी कवियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं और उनकी कविताएं समाज को दर्पण दिखाने का काम करती हैं। जब समाज उलझनों से घिरता है, तब कवि अपनी लेखनी से न केवल समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी तभी गति मिली जब हमारे कवियों और रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देवभूमि की यह पावन धरा सदियों से रचनात्मकता का अद्भुत केंद्र रही है, जहाँ विचारों की ज्योति ने हर युग में समाज को प्रेरित किया है। श्री अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध हों या सुमित्रानंदन पंत जी हों, गीर्दा हों या नागार्जुन हों, उत्तराखंड की वादियों में लिखी इन सबकी रचनाएं हमारे यहां आज भी गूंजती हैं। देवभूमि उत्तराखंड में जहां एक ओर हिमालय की ऊंची- ऊंची चोटियों से नए- नए विचारों की ऊँचाइयाँ जन्म लेती हैं और नदियों की कल-कल में छंद की लय छिपी होती है।

इस अवसर पर भरत कुकरेती, मयंक अग्रवाल, आशुतोष, कुशल कुशलेन्द्र, सुदीप भोला, कविता तिवारी, रमेश मुस्कान और फनं संस्था के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

नैनीताल की 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का सीएम ने किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लालकुआं, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल जनपद की लगभग 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, सिंचाई, सीवरेज, नगर विकास, सौंदर्यीकरण और निराश्रित गौवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इस दौरान 25.93 करोड़ की लागत से 9 योजनाओं का लोकार्पण और 100.76 करोड़ की लागत से 18 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाएंगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे देशव्यापी विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज रक्षा, विज्ञान, खेल और अवसंरचना सहित प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, धारा-370 की समाप्ति और कश्मीर में रेल ब्रिज के निर्माण का उल्लेख करते हुए देश की बदलती शक्ति और संकल्प का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद को आदर्श जिला बनाने की दिशा में मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, ओपन जिम, अंबेडकर पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, एस्ट्रो पार्क, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं तेज़ी से क्रियान्वित की जा रही हैं। हल्द्वानी को क्लीन एंड ग्रीन सिटी बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्रबंधन योजनाएं शुरू की गई हैं, जबकि जाम की समस्या को दूर करने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। जमरानी बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना और खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसे प्रयास तराई क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि के विरुद्ध कठोर कदम उठाए गए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है और यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। गौवंश संरक्षण हेतु “गौ संरक्षण कानून” के तहत ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकास यात्रा में सभी नागरिकों को सहभागी बनना होगा।

इन योजनाओं का किया गया लोकार्पण

ओखलकांडा में क्षतिग्रस्त 11 नहरों का पुनर्निर्माण, भीमताल में जिला आयुर्वेदिक भवन, रामगढ़ में मल्ला सूफी-रूसानी-दीगड़-कफूवा लोधिया मोटर मार्ग, बेतालघाट में मल्ली सेठी लिफ्ट सिंचाई योजना, हल्द्वानी में पशु चिकित्सालय में वाहनों की पार्किंग एवं पशुओं हेतु ओटी निर्माण, कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन, गंगापुर कबडवाल में गौशाला निर्माण (फेज-1), रामनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन और पाण्डे नवाड़ हल्द्वानी में पुनर्वास केंद्र का जीर्णाेद्धार।

इन योजनाओं का किया गया शिलान्यास

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा कार्य, फतेहपुर, कमलुवागांजा, गुनीपुर, पनियाली एवं बच्चीनगर में क्षतिग्रस्त नहरों का निर्माण, कोटाबाग में पॉलीटेक्निक भवन, रामपुर चकलुवा में नलकूप निर्माण, कैंचीधाम परिसर का विकास, भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत, नैनीताल में पर्यटन कार्यालय भवन निर्माण, ग्रामीण मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण एवं सुधार, झीड़ापानी वाटरफॉल का विकास, विभिन्न स्थानों पर नलकूप निर्माण, हल्द्वानी में राजपुरा और पर्वतीय मोहल्ला सीवरेज योजनाएं, लालकुआं में गौशाला निर्माण (फेज-2) तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय का पुनरुद्धार कार्य।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, दिनेश आर्य, दीपक मेहरा, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पान सिंह मेवाड़ी, रंजन बर्गली, कमलेश कबडवाल, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के आयुक्त/सचिव दीपक रावत, डीआईजी रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय और नगर आयुक्त ऋचा सिंह भी मौजूद थे।