सीएम धामी ने भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आइस रिंक के जीर्णाेद्धार कार्यों का लोकार्पण किया

सीएम धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर देहरादून में भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आइस रिंक के जीर्णाेद्धार कार्यों का लोकार्पण के दौरान कहा कि यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह आइस स्केटिंग रिंक न केवल उत्तराखंड बल्कि संपूर्ण भारत के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2011 में बने इस आइस स्केटिंग रिंक में साउथ-इस्टर्न एशियन विंटर गेम्स आयोजित हुए थे, जिसमें भारत के साथ ही भूटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका जैसे कई देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। बाद में इस रिंक पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिस कारण इसको बंद कर दिया गया था लेकिन हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के अपने मिशन के अंतर्गत इस रिंक को पुनः शुरु करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने दृढ़ संकल्प लिया था कि चाहे हमें विदेश से इंजीनियर्स ही क्यों न बुलाने पड़ें परंतु हम इस आइस स्केटिंग रिंक को पुनः शुरु करेंगे और हम ने इस दिशा में दृढ़ता से कार्य किया व सफल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमने राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया था उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए इस आइस स्केटिंग रिंक को चलाने के लिए भी 1 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। यह आइस स्केटिंग रिंक एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का रिंक है, जो देश ही नहीं बल्कि, साउथ एशिया का भी शायद सबसे बड़ा स्केटिंग रिंक है। इस रिंक में खेलों के आयोजन हेतु आइस स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से विभाग को प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हमें इस रिंक में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आइस स्केटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन देखने को मिलेगा। देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के हमारे विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति में यह आइस स्केटिंग रिंक भी अपना अहम योगदान देगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव प्रशांत आर्य सहित खेल विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ मुख्यमंत्री आवास देहरादून में कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग की केन्द्रीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला भी उपस्थित थे।

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों तक वैज्ञानिकों की पहुंच सुनिश्चित कराए जाने के लिए वैज्ञानिकों की 2 हजार टीमें बनाई जा रही हैं। वैज्ञानिकों की टीमें देश के प्रत्येक जनपद में जाकर वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से उत्पादन में वृद्धि, किसानों को आधुनिक खेती और तकनीकी से जोड़ने, कृषि और बागवानी से जुड़े विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में कृषि का क्षेत्रफल घटा है, लेकिन उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में लंबी अवधि की कार्ययोजना पर कार्य किया जाए, इसके साथ ही राज्य में तात्कालिक रूप से कृषि के क्षेत्र में जो कार्य होने हैं, उनके लिए भारत सरकार से जो अपेक्षा है, उसका प्रस्ताव भेजा जाए।

घेरबाड़ योजना के लिए चरणबद्ध तरीके से मांगा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि और बागवानी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के लिए केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री से सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्य में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए घेरबाड़ के लिए लगभग 1 हजार 53 करोड़ रुपये की मांग पर केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इसके लिए चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव भेजे जाएं। कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन हेतु 1 हजार फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले चरण की धनराशि खर्च करने के बाद दूसरे चरण में धनराशि दी जाएगी। राज्य बीज उत्पादन संस्था को दलहन, तिलहन और सीड हब बनाने के लिए उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया। राज्य में सेब की अति सघन बागवानी के लिए 1150 करोड़ की धनराशि का सहयोग मांगे जाने पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसकी वार्षिक कार्ययोजना का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए।

कीवी मिशन में भी मिलेगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि झंगोरा राज्य में मुख्य पारम्परिक फसल है, जो 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में उत्पादित की जा रही है, इसलिए किसानों के हित में मंडुआ की तर्ज पर झंगोरा के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक होकर विचार करने का भरोसा दिलाया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कीवी मिशन के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए सहयोग दिया जाएगा। शहद, मशरूम और एग्जोटिक वेजिटेबल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हेतु भी पूर्ण सहयोग का उन्होंने आश्वासन दिया। ड्रैगन फ्रूट मिशन और हिमालयन एकेडमी फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग एंड रूरल एंटरप्राइजेज फॉर एग्री एंड एलाइड के लिए सहयोग मांगे जाने पर उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बैठक में राज्य की ओर से जो सहयोग मांगा गया है, उन सभी कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

हाउस ऑफ हिमालयाज को मिले वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन

ग्राम्य विकास की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि हाउस ऑफ हिमालयाज लिमिटेड को ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए मान्यता मिले। हाउस ऑफ हिमालयाज को जी.आई. टैग करने और इससे जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए सहयोग दिए जाने तथा हिमालयन ग्रामीण बैंक का निर्माण एवं प्रीमियम सप्लाई चेन विकास के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ये सभी पहलें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए केन्द्र से कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की टीम आकर राज्य के साथ कार्य कर विस्तृत योजना बनाएगी।

मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की पैरवी

मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मजदूरी दर बढ़ाने का केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने मजदूरी दर में बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सभी पहलुओं पर विचार कर कार्यवाही किए जाने की बात कही। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास निर्माण के लिए अनुदान राशि 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में परिवहन लागत अधिक लगती है। केन्द्रीय मंत्री ने हिमालयी राज्यों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस पर कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के लिए 600 किमी लंबाई की 100 से अधिक परियोजनाओं के लिए स्वीकृति प्रदान किए जाने के अनुरोध पर उन्होंने कहा कि इसकी स्वीकृति जल्द दी जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस.एन. पांडेय, रणवीर सिंह चौहान, कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमेंद्र कौशल, भारत सरकार से अपर सचिव आर. आनंद, संयुक्त सचिव अमित शुक्ला और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

उत्तराखंड की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली चारधाम यात्रा जोर शोर से शुरू हो गई है। यात्रा के पहले ही दिन से यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारों धामों से लेकर प्रमुख यात्रा पड़ावों तक लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के दिन चारों धामों में मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बने हैं।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री- यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिन पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम में पहुंच, यात्रा तैयारियों का जायजा लिया। यमुनोत्री धाम में इससे पहले कोई भी सीएम, कपाट खुलने के दिन नहीं पहुंच पाए थे। इसी तरह सीएम धामी दो मई को केदारनाथ और चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन भी दोनों धामों में मौजूद रहे। इस तरह राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई सीएम चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहे। इससे जहां यात्रा तैयारियों को गति मिली, वहीं यात्रियों को भी बेतहर सुविधाएं मिल पाई। इसी तरह सीएम पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव ऋषिकेश में भी लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा लेते हुए, प्रबंधन अपने हाथ में लिए हुए हैं। सीएम लगातार यात्रियों से भी बातचीत करते हुए, फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश भी दे रहे हैं।

मौसम को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन – प्रशासन के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर मौसम को देखते हुए खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए, साथ ही यात्रियों को भी मौसम की जानकारी दी जाए।

केदारनाथ यात्रा से महिलाओं का प्रसाद, सोवेनियर, स्थानीय उत्पाद के स्टॉल से लेकर होमस्टे का कारोबार मिला

केदारनाथ यात्रा से इस साल भी रुद्रप्रयाग जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों को काम मिल रहा है। जनपद के करीब डेढ़ सौ समूह, प्रसाद, जौ, तिल, कॉइन सोवेनियर, स्थानीय उत्पादों की बिक्री करने से लेकर होमस्टे और यात्रा मार्ग पर जलपान गृह तक संचालित कर रहे हैं। जिससे सैकड़ों महिलाओं की आजीविका को सहारा मिल रहा है। केदारनाथ प्रसाद की ऑनलाइन भी खरीद की जा सकती है। इसके साथ ही उद्योग विभाग के भटवाड़ीसैंण स्थित ग्रोथ सेंटर में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति सोवेनियर के रूप में तैयार की जाती है। जिसे श्रद्धालु केदारनाथ मंदिर से स्मृतिचिह्न के रूप में अपने साथ ले जाते हैं। जिला उद्योग केंद्र रुद्रप्रयाग द्वारा संचालित इस ग्रोथ सेंटर का भी स्थानीय महिलाएं ही संचालन करती हैं। इस वर्ष अब तक पांच हजार प्रतिकृतियाँ तैयार की जा चुकी हैं तथा यह क्रम जारी है।

जखोली – जखोली ब्लॉक में करीब 50 महिला स्वयं सहायता समूह यात्रा से जुड़ा कारोबार कर रहे हैं। इसमें 30 समूह प्रसाद तैयार कर रहे हैं, जबकि 10 समूह धूपबत्ती बनाने और 10 अन्य समूह पहाड़ी उत्पादों को बेचने का काम कर रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ने इन्हें दुकानें भी आवंटित की हुई हैं, जहाँ बद्री गाय का घी 1200 रुपए प्रति किलो की दर पर उपलब्ध है।

अगस्त्यमुनि -अगस्त्यमुनि ब्लॉक में करीब 38 महिला समूह यात्रा कारोबार से जुड़े हैं। समूह सोवेनियर बनाने से लेकर, प्रसाद पैकेजिंग और स्थानीय उत्पाद यात्रा मार्ग पर बेच रहे हैं। कुछ समूह यात्रा मार्ग पर जलपान गृह भी संचालित कर रहे हैं। इससे करीब 90 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है।

उखीमठ -उखीमठ ब्लॉक में करीब 60 महिला समूह यात्रा से संबंधित व्यवसाय कर रहे हैं। 48 महिलाएं सीधे तौर पर प्रसाद तैयार कर रही हैं, जबकि शेष सोवेनियर निर्माण, जलपान गृह, यात्रियों को ठहराने के लिए टेंट संचालन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।

चारधाम यात्रा महिला समूहों की आर्थिकी का आधार बन रही है। सरकार इसके लिए महिला समूहों को यात्रा मार्ग पर स्टॉल उपलब्ध कराने से लेकर हर तरह की सहायता दे रही है। महिलाएं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर वोकल फॉर लोकल के नारे को भी चरितार्थ कर रही हैं। सभी तीर्थ यात्रियों से अपील है कि वे स्थानीय समूहों के गुणवत्तापरक उत्पादों को खरीदने का प्रयास करें।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री’

सीएम ने केंद्र सरकार से अनुरोध के लिए तत्काल प्रभावी वर्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए

सीएम धामी ने अन्य राज्यों विशेषकर हिमालयी राज्यों के तर्ज पर उत्तराखण्ड में कृषि व औद्यानिकी के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण एवं अनुसंधान हेतु पंतनगर में स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी, सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु केंद्र सरकार से अनुरोध के लिए तत्काल प्रभावी वर्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही इसे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के समक्ष रखेंगे।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को राज्य के कृषि व औद्यानिकी से संबंधित प्रमुख मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष पूरी मजबूती एवं प्रभावी समन्वय से रखने हेतु निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को आगामी 20 से 25 वर्षों की दृष्टिगत राज्य के समक्ष कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में आने वाली मुख्य चुनौतियां, समस्याओं व मुद्दों के साथ एक ठोस एवं प्रभावी रोड मैप बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस संबंध में केंद्र सरकार से भी समन्वय किया किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पर्वतीय जनपदो विशेषकर सीमांत जिलों में मनरेगा की विशेष मजदूरी दर, राज्य के अंब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ़ हिमालया के प्रोत्साहन हेतु विभिन्न एयरपोर्ट पर स्टॉल, पंतनगर विश्वविद्यालय में युवाओं के कौशल विकास के लिए एग्रो टूरिज्म स्कूल स्थापित किए जाने हेतु धनराशि स्वीकृति के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध एवं समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार पौड़ी गढ़वाल में एनएलबीएल मान्यता प्राप्त माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना, भारतीय सेना और पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा मिलेट्स के विभिन्न व्यंजन में उत्पाद तैयार करने की परियोजना, एरोमेटिक उत्पाद की प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन को फूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज के तहत सम्मिलित किए जाने, सगंध पौध केंद्र सेलाकुई देहरादून में राष्ट्रीय स्तर के ट्रेनिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग कम इनक्यूबेटर डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना, सगंध फसलों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड में महक क्रांति नीति के लिए धनराशि की स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्र सरकार से अनुरोध एवं प्रभावी समन्वय की बात कही।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस एन पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड सरकार की व्यवस्थाओं से श्रद्धालु प्रफुल्लित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। चार धाम दर्शन को आए सभी श्रद्धालु यात्रा व्यवस्थाओं से अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे हैं। चारों धामों में श्रद्धालु साफ-सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन और संपूर्ण व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।

श्रद्धालुओं के अनुभवः

इंदौर से यमुनोत्री आए रघुनन्दन व्यास ने कहा कि मैं प्रथम बार देवभूमि के दर्शन के लिए उत्तराखण्ड आया हूं। टैक्सी स्टैंड पर उतरने के बाद सात किमी की चढ़ाई वाले पूरे यात्रा मार्ग में सरकार द्वारा बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर देखने को मिल रहे हैं, सुरक्षा को लेकर भी उत्तराखण्ड पुलिस एवं प्रशासन मुस्तैद है। ऐसी व्यवस्था पूरे देश में शायद ही कहीं और देखने को मिले।

इंदौर शहर से ही दर्शन को पहुंचीं एक और श्रद्धालु ऊषा जी ने कहा कि मैं यहां की स्वास्थ्य सुविधा को देखकर बेहद प्रसन्न हूं। किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य में थोड़ी भी असहजता होने पर स्वास्थ्य कर्मी तुरंत उसको उपचार दे रहे हैं। ऐसी बेहतर व्यवस्था के लिए हम उत्तराखण्ड सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद देते हैं।

दिल्ली से आए मुकेश कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड शासन और प्रशासन द्वारा बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। गंगोत्री धाम में मंदिर परिसर में सुव्यस्थित तरीके से बिना धक्का मुक्की के सभी श्रद्धालु आराम से मां गंगा के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धाम और यात्रा मार्ग में पेयजल से लेकर शौचालय तक सभी व्यवस्थाएं एक दम शानदार हैं। हम खुशी खुशी यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

गाजियाबाद से केदारनाथ दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु आकाश गुप्ता ने यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा जी के बहुत अच्छे से दर्शन हुए हैं। धाम में साफ सफाई के साथ ही प्रशासन की अन्य सभी व्यवस्थाएं भी उम्दा हैं।

उत्तराखण्ड सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक श्रद्धालु को चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धा, सुविधा और सुरक्षा का संपूर्ण अनुभव प्राप्त हो। शासन-प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और सुधार की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि यह पवित्र यात्रा सभी के लिए यादगार और सुगम बनी रहे।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड।

खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, पीएम के नाम हुई पहली पूजा

बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार को विधि विधान के साथ सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा कर देश और राज्य की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर गणेश मंदिर आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित सभी मंदिरों में पूजा अर्चना की। श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर देश और दुनिया के लगभग 15 हजार श्रद्धालु मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और तीर्थयात्रियों से यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सकुशल चारधाम यात्रा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत बेहतर व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किया गया है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा के लिए राज्य को पूरा सहयोग दें।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए मंदिर के समीप हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। उन्होंने जिलाधिकारी को मास्टर प्लान के कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को यात्री सुविधा और सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा तैयारियों की जानकारी लेते हुए यात्री सुविधाओं को शीघ्र व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोविंदघाट में अलकनंदा नदी में निर्माणाधीन पुल के निर्माण कार्य की जानकारी ली। जिलाधिकारी को पुल के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा से पूर्व पुल का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के आदेश दिए।

इस दौरान राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज,विधायक किशोर उपाध्याय, लखपत बुट्टोला, बीकेटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष विजय कपरवाण व ऋषि प्रसाद सती, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, धर्माधिकारी राधा कृष्ण थपलियाल आदि मौजूद थे।

केदारनाथः दो दिनों में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा पहुंचा 55 हजार के पार

सुप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनाने वाली है। दो दिनों में ही 55 हजार 374 श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन को पहुंच चुके हैं। आज शनिवार को 25 हजार 220 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए जबकि शुक्रवार को यात्रा का श्रीगणेश होने पर 30 हजार 154 यात्री केदार धाम पहुंचे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा की व्यापक तैयारियां की हैं। बेहतर यात्रा प्रबंधन को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है। यात्रियों ने उत्तराखंड सरकार की सराहना की है।

बता दें कि 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया था। दो मई को केदार धाम के कपाट भी भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। रविवार चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। यहां भक्तों का रैला उमड़ रहा है। इसे देखते हुए आगामी दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए इस वर्ष पहली बार दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था शुरू की गई है ताकि हर यात्री सुगमता से दर्शन कर सके। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
केदारपुरी में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध होगी। शनिवार को इसका सफल ट्रायल होने के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है। श्रद्धालुओं ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है।

कोट—-
सुरक्षित यात्रा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। भगवान बाबा केदार की यात्रा सबसे कठिन यात्रा है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। रुद्रप्रयाग जिला आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है, लिहाजा जनपद में एक अलग मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया गया है।
पुष्कर सिंह धामी
– मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सीएम ने आजाद हिंद फौज के सिपाही शहीद वीर केसरी चंद को नमन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिंद फौज के सिपाही और सुभाष चंद्र बोस के अनुगामी शहीद वीर केसरी चंद के बलिदान दिवस पर चकराता के रामताल गार्डन में आयोजित होने वाले मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने शहीद वीर केसरी चंद को नमन करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों को हमेशा सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पर मर मिटने वाले विभूतियों की स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए शौर्य स्थलों का निर्माण किया जा रहा है तथा अनेक प्रतिष्ठानों का नामकरण उनके नाम से किया किया जा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गवासा पुल, चकराता का स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद केसरी चंद के नाम पर रखे जाने तथा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वीर शहीद केसरी चंद मेले के संचालन के लिए 5 लाख रुपए के अनुदान की घोषणा की।

विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि वीर शहीद केसरी चंद ने मात्र 24 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि जौनसार में नौजवानों को अधिक अवसर मिलने से आज यहां के नौजवान अनेक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

महान स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद केसरी चन्द के बलिदान दिवस के अवसर पर रामताल गार्डन, चकराता में संस्कृति तथा कला के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए राजेंद्र सिंह तोमर को, चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. प्रदीप उनियाल, कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विजय सिंह, खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंकित शर्मा तथा महिला उत्थान हेतु उल्लेखनीय योगदान के लिए शिल्पा चौहान को सम्मानित किया।

इस अवसर पर दायित्वधारी गीताराम गौड़, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, पूर्ण दायित्वधारी प्रताप सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष जनजाति आयोग मूरत राम शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक ओएनजीसी नीरज कुमार शर्मा, अध्यक्ष केसरी चंद समिति संजीव चौहान, निवर्तमान ब्लाक प्रमुख कालसी मठोर सिंह आदि उपस्थित थे।

सीएम धामी ने चारधाम यात्रा के लिये श्रद्धालुओं की बस को किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएसबीटी, ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित “ऋषिकेश से चारधाम यात्रा 2025“ के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का स्वागत किया एवं श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के लिए ले जा रही 10 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के लिए आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए बाबा केदार, बद्रीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमनोत्री से सबकी सकुशल यात्रा की प्रार्थना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष चारधाम यात्रा अपने पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ेगी और एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर चारधाम यात्रा संबंधी तैयारियों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि जब श्रद्धालु, यात्रा पूरी करने के बाद अपने घर लौटें, देवभूमि उत्तराखंड में बिताए गए समय की स्वर्णिम यादों और सुखद अनुभव को साथ लेकर जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। इससे राज्य में लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि देवभूमि को पवित्र और स्वच्छ बनाए रखने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि हरित चारधाम यात्रा के साथ ही स्वच्छता पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ के पुनर्निर्माण और बदरीनाथ के मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य हुए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे का कार्य पूर्ण होने के बाद यात्रा और ज्यादा सुगम होगी। ऑल वेदर रोड के निर्माण से पहले के मुकाबले आज यात्री काफी कम समय में ऋषिकेश से चार धाम पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा श्रद्धालुओं को यात्रा कराने में सहयोग प्रदान कराने की पहल की सराहना की।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक डा. प्रेमचन्द अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, जीएमओयू अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज, टीजीएमओसी अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट अध्यक्ष संजय शास्त्री, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, नंदन सिंह रावत, रमेश चंद्र उप्रेती, हर्षवर्धन सिंह कृष्णा विभिन्न राज्यों से चार धाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।