चारधाम यात्राः दो धामों के लिए कुल आठ हजार से अधिक घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण

गंगोत्री ओर यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही बुधवार से पवित्र चारधाम यात्रा, शुरु होने जा रही है। चारधाम यात्रा, उत्तराखंड की आर्थिकी में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। यात्रा से होटल-लॉज संचालक, परिवहन कारोबारियों से लेकर घोड़े खच्चर संचालकों तक की आजीविका चलती है। इसी क्रम में केदारनाथ और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर इस बार 4300 से अधिक घोड़े खच्चर संचालक अपनी सेवा देंगे।

केदारनाथ – पांच हजार का पंजीकरण

केदारनाथ धाम जाने के लिए तीर्थयात्रियों को गौरीकुंड से करीब 18 किमी लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। इस कारण बड़ी संख्या में यात्री घोड़े- खच्चरों की सेवा लेते हैं। इस बार केदारनाथ धाम के लिए अब तक 2493 संचालकों ने पांच हजार से अधिक घोड़े खच्चरों का पंजीकरण करवा लिया है। पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण के आधार पर घोड़े खच्चरों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए हैं। विभाग की ओर से सोनप्रयाग, गौरीकुंड, लिंचौली और केदारनाथ में पशु चिकित्सालय बनाए जाने के साथ ही पांच डॉक्टर और सात पैरावेट भी नियुक्त किए गए हैं, पैदल मार्ग के 13 जगहों पर गरमपानी की भी व्यवस्था की गई है।

यमुनोत्री – 3700 पंजीकरण

यमुनोत्री धाम के लिए 3700 से अधिक घोड़े खच्चरों का पंजीकरण किया गया है। यमुनोत्री यात्रा में इस्तेमाल होने वाले घोड़े खच्चरों की जांच, टीकाकरण, चिकित्सकीय सहायता एवं उपचार की व्यवस्था के लिए जानकीचट्टी में अस्थाई पशु चिकित्सालय की स्थापना की गई है। जहां चार पशु चिकित्सकों के साथ ही चार पशुधन प्रसार अधिकारी एवं दो पशुधन सहायकों को तैनात किया गया है। यात्रा मार्ग पर कुल छह गीजर स्थापित किए गए हैं।

प्रीपेड काउंटर से बुकिंग

केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिचौंली और रुद्र प्वाइंट में पांच प्री पेड बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं। इसी तरह यमुनोत्री के लिए जानकीचट्टी में जिला पंचायत के द्वारा प्रीपेड काउंटर स्थापित किया गया है। यमुनोत्री के लिए घोड़े – खच्चर संचालकों को नंबर युक्त जैकेट प्रदान की जा रही है और एक दिन में केवल एक ही बार धाम तक आवागमन की अनुमति होगी।

श्रद्धालुओं की यात्रा, सुखद और आरामदायक हो, इसके लिए सड़क परिवहन से लेकर हेली और घोड़े खच्चरों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, पूरी तरह स्वस्थ घोड़े खच्चरों को ही यात्रा में भेजा जाए। साथ ही यात्रा मार्ग पर भी घोड़े खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

आठ परियोजनाओं के विकास और निर्माण को लेकर जल शक्ति मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखण्ड के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के लिए 08 जलविद्युत परियोजनाओं के विकास और निर्माण के लिए अनुरोध किया है। इन आठ परियोजनाओं में 647 मेगावाट क्षमता की कुल 7 और 114 मेगावाट की एक परियोजना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मां गंगा एवं अन्य समस्त नदियों की निर्मलता, अविरलता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विशेषज्ञों की संस्तुतियों का पालन करते हुए सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 114 मेगावाट की सेला उर्थिंग जलविद्युत परियोजना धौलीगंगा पर पिथौरागढ़ में है। यह उत्तराखंड राज्य की सीमाओं के भीतर गंगा बेसिन का हिस्सा नहीं है। राज्य में गंगा और उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त अन्य नदी घाटियों पर परियोजनाओं पर प्रतिबंध नहीं है। इसलिए सेला उर्थिंग जल विद्युत परियोजना जो कि गंगा बेसिन का हिस्सा नहीं है, की स्वीकृति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से संबंधित अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कैबिनेट सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा दी गई संस्तुतियों और राज्य सरकार के अनुरोध के क्रम में कुल 647 मेगावाट क्षमता की 7 जलविद्युत परियोजनाओं की अनुमति दिये जाने का भी आग्रह किया।

देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर उतारेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर शीघ्र से शीघ्र उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने सचिव लोक निर्माण विभाग को शहर के यातायात संकुलन वाले चिन्हित 10 चौराहों में सुधार के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करते हुए डीपीआर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसएसपी देहरादून को यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर के भीतर नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल खुलने और छुट्टी के समय में थोड़ा परिवर्तन करने के लिए स्कूल प्रबंधन एवं अभिभावकों से संवाद किए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को आढ़त बाजार को शिफ्ट किए जाने हेतु कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्लॉट आबंटन का कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए प्रत्येक स्तर के कार्य पूर्ण होने की समय सीमा निर्धारित करते हुए, उक्त कैलेण्डर का सख्ती से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाणिज्यिक परिसरों एंव शॉपिंग मॉल्स के पार्किंग स्थलों का सर्वे किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो वाणिज्यिक परिसर और शॉपिंग मॉल अपनी पार्किंग का प्रयोग नहीं कर रहे हैं उन पर कार्रवाही की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों एवं आने वाली पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने हेतु यातायात पार्क तैयार किए जाएं। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए जाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौड़ी की गयी सड़कों के किनारे फिर से वाहन खड़े हो रहे हैं, जिससे हालात पूर्व की भांति हो गए हैं। उन्होंने कहा गलत पार्किंग पर भी सख्ती से कार्रवाही की जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून अजय कुमार, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड रोडवेज रीना जोशी एवं उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

रेल मंत्री से सीएम ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि के समस्त अधिकार राज्य सरकार को देने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अन्तर्गत भारत के सबसे लम्बे रेल टनल (देवप्रयाग-जनासू) के सफल ब्रेकथ्रू के लिए रेल मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे भारत के प्रौद्योगिकी विकास को नई पहचान मिली है। उन्होंने रुड़की-देवबंद रेलवे लाईन के सी०आर०एस० जारी करने पर भी उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में अपनायी जा रही टनल प्रणाली के समान ही देहरादून से सहारनपुर को मोहण्ड होते हुए रेलवे से जोड़ने के लिए टनल आधारित रेल लाईन परियोजना की संभाव्यता का परीक्षण कराकर परियोजना की स्वीकृति देने का रेल मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन किए जाने, जिला चम्पावत के टनकपुर से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन शुरू करने और टनकपुर से देहरादून ट्रेन के फेरे बढ़ाए जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करते हुए इस परियोजना पर होने वाले व्यय का पूर्ण वहन भारत सरकार द्वारा किये जाने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि के समस्त अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित किये जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस भूमि का प्रयोग ऋषिकेश-गंगा कॉरिडोर में हो रहे बहुद्देशीय विकास कार्यों जैसे सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुदृढीकरण, तीर्थ यात्रियों/श्रद्धालुओं के लिए अध्यात्मिक सुविधाओं को बढावा देने के लिए उपयोग में लाया जायेगा। साथ ही पुराने रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक को सड़क में परिवर्तित करते हुए यातायात को और सुविधाजनक बनाया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

राज्य के धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी, सीएम ने दिए निर्देश

राज्य के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। चारधाम यात्रा के दौरान और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में विभिन्न माध्यमों से फेक न्यूज चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जिलाधिकारियों द्वारा सही जानकारी नियमित रूप से विभिन्न माध्यमों से साझा की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल बैठक के दौरान जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किरायेदारों का सत्यापन न कराने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ठेली, फड़ और झुग्गी झोपडियों में रहने वालों का भी सत्यापन किया जाए। राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली के कनेक्शन आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज अपात्र लोगों को देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी सत्यापन के लिए लगाई जाए। वनाग्नि प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के साथ ही वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त पाये जाने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये है।

मुख्यमंत्री ने डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि नियमित फॉगिंग के साथ ही डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। अस्पतालों में बिजली की रोस्टिंग न करने और ग्रीष्म काल में प्रदेश में बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति रखने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कैंचीधाम वार्षिकोत्सव के दृष्टिगत भी सड़कों की बेहतर स्थिति के साथ पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि वे समय-समय पर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें। जिससे व्यवस्थाएं भी सही बनी रहेंगी और जन समस्याओं का समाधान भी तेजी से होगा। उन्होंने कहा कि बहुद्देशीय शिविरों, तहसील दिवस और बीडीसी की बैठकें नियमित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। विद्युत बिल की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि 10 करोड़ तक के टेंडर स्थानीय ठेकेदारों को ही मिले। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ भी जिलाधिकारी नियमित संवाद बनाये रखें। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना को बढ़ावा देने के लिए सभी जनपदों को टारगेट देकर लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यातायात प्रबंधन और सड़कों की स्थिति सही रहे इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। चारधाम यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चर के स्थानीय संचालकों को प्राथमिकता दी जाए। चारधाम यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ स्वच्छता और सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। यात्रा मार्गों पर रेट लिस्ट चेक कर ली जाए यह सुनिश्चित किया जाए कि ओवर रेटिंग की शिकायत न आये।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम से मिले हेस्को के संस्थापक डा. अनिल जोशी, पर्यावरण पहलुओं पर सम्मेलन के लिये किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, इंफोसिस ग्लोबल (सस्टेनेबिलिटी एंड डिज़ाइन व्यवसाय) के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. कोरे ग्लिकमैन एवं कॉरपोरेट जगत के अमित भाटिया ने मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

इंफोसिस ग्लोबल के पूर्व उपाध्यक्ष एवं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. कोरे ग्लिकमैन ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट (जी.ई.पी) की व्यवस्था को लागू करने एवं पर्यावरण पहलुओं पर भी गंभीरता से कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डॉ. कोरे ने बताया कि जल्द ही पिट्सबर्ग, अमेरिका में वैश्विक स्तर के पर्यावरण पहलुओं पर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें जी.ई.पी एवं इकोलॉजी एवं इकोनॉमी के संतुलन जैसे मुद्दों पर पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर कार्य कर रहा है साथ ही विभिन्न ऐसे पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है। जो इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के जल संरक्षण, वन संपदाओं के संरक्षण में कार्य किए जा रहे हैं।

सीएम धामी ने दायित्वधारियों संग संवाद कर जनसेवा में उत्कृष्टता का आह्वान किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के दायित्वधारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक के लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने दायित्व से संबंधित योजनाओं का दायित्वधारी नियमित अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान योजनाओं का फीडबैक भी लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दायित्व मिलने के साथ ही जन सेवा के लिए जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके इसके लिए अपने विभागों के साथ बैठक की जाए और योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाए। जन आकांक्षाओं के अनुरूप सबको अपने कार्य क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उन्होंने सभी दायित्वधारियों से कहा कि वे जनहित से जुड़े कार्यों और जनहित में बेहतर योजनाएं बनाने के लिए अपने सुझाव अवश्य दें। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इस दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दायित्वधारी विभाग स्तर पर उनके द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों और नवाचारों की प्रगति रिपोर्ट विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी दें। उन्होंने कहा कि दायित्वधारियों को उनके विभागों से संबंधित मुख्यमंत्री और मंत्रीगण के स्तर पर होने वाली सभी बैठकों में शामिल किया जायेगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट एवं सभी दायित्वधारी मौजूद थे।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन अपने तय कार्यक्रमानुसार बद्रीनाथ पहुंचे। मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एराइवल प्लाजा, सिविक एनीमिटी सेंटर, बद्रीश व शेष नेत्र झील, रिवर फ्रंट और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था को सिविक एमिनिटी सेंटर, एराइवल प्लाजा और टूरिज्म मैनेजमेंट सेंटर का मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होने कार्यदायी संस्था को हॉस्पिटल को अगस्त तक हैंडओवर करने और रिवर फ्रंट के एफ व जी फेस के कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया गया है साथ ही कहा कि मास्टर प्लान के तहत ब्रह्म कपाल, रिवर फ्रंट, आस्था पथ, अराइवल प्लाजा, दर्शन लाइन का कार्य कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि धाम में पहुंचे व्यापारियों और अन्य लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन का संयोजन भी शुरू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि धाम में सुलभ इंटरनेशनल की ओर से शौचालयों को दुरुस्त कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि धाम के आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। नगर सफाई की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। साथ ही धाम में क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जिसका कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के जवानों के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

इस दौरान पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, उपजिलाधिकारी जोशीमठ सीएस वशिष्ट, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी राजेश चन्द्रा, बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, पीआईयू के सहायक अभियंता सन्नी पालीवाल सहित यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उत्तराखंड में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान तेज, वापस भेजने कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम (जम्मू कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सी.सी.एस. की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों के पहचान की कार्रवाई तेज कर दी गई है तथा पुलिस महानिदेशक को पाकिस्तानी नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें वापस भेजने की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को जारी वीजा के संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती द्वारा पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना व सुरक्षा के साथ आयुक्त तथा पुलिस महानिरिक्षक गढ़वाल एवं कुमाऊं को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया है, कि विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम (जम्मू कश्मीर) में हुई आतंकवादी घटना के दृष्टिगत पाकिस्तानी नागरिकों के लिए जारी वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने इस संबंध में विदेश मंत्रालय के संदर्भित पत्र की अपेक्षा के क्रम में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

अपर सचिव गृह द्वारा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के वर्णित पत्र की छायाप्रति संलग्न करते हुए अवगत कराया है कि भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को निर्गत वर्तमान में सभी वैध वीजाओं को दिनांक 27.04.2025 से निरस्त (त्मअवामक) किये जाने संबंधी सूचना से भी अवगत कराया गया है। अब पाकिस्तानी राष्ट्रिकों को निर्गत किये गये मेडिकल वीजा केवल दिनांक 29.04.2025 तक ही वैध होंगे। उक्त के अतिरिक्त संदर्भित पत्र के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया है, कि उपरोक्तानुसार वीजा का निरसन दीर्घकालिक वीजा तथा राजनयिक एवं आधिकारिक वीजा धारकों के संबंध में लागू नहीं होगा। उन्होंने इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कराते हुए वस्तुस्थिति से शासन को भी अवगत कराये जाने की अपेक्षा की है।