सीएम ने 12.51 करोड़ रूपये की लागत से हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निकट छावनी परिषद कार्यालय, गढ़ीकैंट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 12.51 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने स्व. श्री हरबंस कपूर को नमन करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राज्य और देहरादून की सेवा, विकास एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जीवन भर, जनसेवा को प्राथमिकता दी। अपने व्यवहार से उन्होंने प्रत्येक नागरिक के दिल में विशेष जगह बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा एमडीडीए द्वारा 12 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित ये सामुदायिक भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। कम्युनिटी हॉल के बनने से क्षेत्र के लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी सामाजिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने एम.डी.डी.ए. को सामुदायिक भवन के संचालन के लिए एस.ओ.पी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसी व्यवस्था बनायी जाए कि यह सामुदायिक भवन उचित दर पर आमजन को आसानी से उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने देश की सेना के शौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि सेना ने अदम्य साहस, पराक्रम और रणनीति से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान में स्थित आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। भारत की सेना ने दुश्मन की नापाक हरकतों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण आतंकवाद के खिलाफ सशक्त कार्रवाई हुई है। प्रधानमंत्री ने हमेशा मानवता पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा केंद्र और राज्य सरकार राष्ट्र प्रथम की नीति पर चलती है। हमारे लिए राष्ट्र सबसे प्रथम है। उन्होंने कहा देश के जवान सरहदों पर मां भारती की सुरक्षा के लिए खड़े हैं। सेना का साहस अद्भुत है।

राज्य में सरकारी नौकरियां देने का सिलसिला रहेगा जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखंड के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य हर क्षेत्र में काम हो रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार देने में सारे रिकॉर्ड तोड़े गए हैं। बीते 3 सालों में 23 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां युवाओं को दी गई हैं, आगे भी अनवरत रूप से नौकरी देने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। पूर्व की सरकारों की विफलताओं के कारण देवभूमि की डेमोग्राफी में गंभीर बदलाव देखने को मिल रहे थे। जिसके लिए राज्य सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए कठोर कदम उठाए हैं।

रिस्पना और बिंदाल के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना है तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून को आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए कार्य कर रही है। देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी है। रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा देहरादून को ऐसा शहर बनाया जा रहा है जो विकास, पर्यावरण संरक्षण और जन सुविधाओं के क्षेत्र में देशभर में एक आदर्श उदाहरण बने। इसके साथ ही देहरादून दिल्ली एलिवेटेड रोड, सोंग बांध परियोजना, जैसी अनेकों योजनाओं पर कार्य जारी है।

श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के लिए तैयार देवभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चार धाम यात्रा गतिमान है। राज्य सरकार चार धाम यात्रा पर निगरानी बनाए हुए हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं उनकी सुरक्षा के लिए संकल्पित है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से वो सैनिक से मंत्री बने हैं, उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी का संकल्प है कि जिन योजनाओं का वो शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी उन्हीं के हाथों से हो। मुख्यमंत्री जी प्रदेश के विकास को लेकर पूर्ण रूप से समर्पित हैं, उनके नेतृत्व में प्रदेश में समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने का कार्य भी जारी है। शहीद जवानों के परिजनों को मिलने वाली राशि एवं मेडल से सम्मानित जवानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को भी बढ़ाया गया है।

वी.सी (एम डी डी ए) बंशीधर तिवारी ने बताया कि हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल डेढ़ साल में बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री ने इस भवन की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री जी के निर्देशों पर एमडीडीए ने तय समय के अंदर भवन निर्माण कार्य पूरा किया है। जिसमें इसकी गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया अन्य स्थानों पर भी ऐसे भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी का ध्येय आमजन को सहूलियत एवं उनके जीवन को सरल बनाना है जिसके अनुरूप विकास कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, अध्यक्ष महानगर भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, नेहा जोशी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा स्थित भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में निर्माणाधीन नेपाली सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) तक पहुँचने वाले फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थल पर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण की गुणवत्ता एवं समय सीमा के अनुपालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बनबसा से नेपाल सीमा तक बनने वाला यह मार्ग रणनीतिक, व्यापारिक और सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (छभ्।प्) द्वारा किया जा रहा है।

इस परियोजना के लिए एनएचएआई को 7.28 हेक्टेयर भूमि विधिवत रूप से हस्तांतरित की जा चुकी है। कुल 3.06 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन मार्ग के निर्माण हेतु प्रारंभिक रूप से 177 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन भौगोलिक एवं तकनीकी कारणों से अनुमानित लागत में 80 करोड़ रुपये की वृद्धि संभावित है, जिससे कुल बजट 250 करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है।

निर्माण कार्य मार्च 2023 में प्रारंभ हुआ था और पहले इसे 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य था। किंतु बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब यह परियोजना 2027 तक पूर्ण की जाएगी।

इस मार्ग में एक फ्लाईओवर, एक बड़ा पुल और दो छोटे पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह परियोजना भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवागमन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।

सीएम ने दिए आदेश तो बनबसा में एक घंटे के भीतर शुरू हुई सनिया नाले की सफाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवीपुरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सनिया नाले में अत्यधिक कटाव के कारण गांव को भारी खतरे का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, नाले में मगरमच्छ देखे गए हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया था।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही वन विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, 1 घंटे के भीतर श्रब्ठ मशीन बुलवाकर नाले की सफाई का कार्य शुरू किया गया। इसके बाद, सिंचाई विभाग द्वारा सफाई कार्य को तत्परता से पूरा किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, जनता की सुरक्षा सर्वाेपरि है, और ऐसे खतरों से निपटने के लिए प्रशासन को तत्पर और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नाले की नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्राम देवीपुरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद किया और आभार प्रकट किया। इस मौके पर ग्रामीण सुरेश उप्रेती, अशोक सिंह, हरीश सिंह, विवान सिंह वर्मा, देवी ललिता देवी, पुष्पा देवी, आनंदी देवी और कई अन्य महिलाएं भी उपस्थित थीं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जाहिर की और इस त्वरित कार्यवाही के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 57 वाहिनी, सशस्त्र सीमा बनबसा का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (एस.एस.बी.) के अधिकारियों एवं जवानों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने एस.एस.बी. जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान देश की शान हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाएं, हमारे सुरक्षाबलों की सहायता से पूरी तरह अभेद हैं, और इनकी सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने सीमा चौकियों की अवस्थापना सुविधाओं, संचार व्यवस्था और जवानों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक सुधारों हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को प्रथम गांव की संज्ञा दी है, जो राष्ट्र की सीमाओं और संस्कृति की पहली पहचान हैं। इन गांवों और सीमाओं की रक्षा में जुटे सभी जवानों को उन्होंने धन्यवाद दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों से वार्ता भी की, उनकी समस्याओं, अनुभवों और ज़मीनी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते हुए हाल ही में हुए पहलगाम हमले को कायरतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुँहतोड़ जवाब हमारी सेना और सुरक्षाबलों ने दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय देशवासियों ने सामूहिक एकता और राष्ट्रवाद का परिचय दिया है जो किसी भी हथियार से अधिक शक्तिशाली है।
मुख्यमंत्री ने सभी सशस्त्र बलों और सुरक्षाबलों को बधाई देते हुए राष्ट्र सेवा में उनके समर्पण को नमन किया।
इस दौरान डीआईजी एसएसबी अमित शर्मा, जिलाधिकारी चंपावत नवनीत पांडे, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति सहित एसएसबी के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने देशहित को सर्वाेपरि रखने को युवाओं से किया आवाहन

सीएम धामी ने समस्त युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हम देशहित को सर्वाेपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से करें, साथ ही ये संकल्प लें कि हर संकट की घड़ी में हम एकजुट होकर राष्ट्र के साथ दृढ़ता से खड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरू राम राय विश्वविद्यालय के वार्षिक समारोह “जेनिथ-25 फेस्ट” में शामिल हुए।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का रोजगार परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है, विभिन्न नवाचारों के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। इसके लिए हमें अपने युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना होगा। इस दिशा में हमने इंटर्नशिप और इंडस्ट्री लिंक्ड कोर्सेज को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। इसके साथ ही, हमने स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं में उद्यमिता को विकसित किया जा सके। हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।

नई शिक्षा नीति रोजगारोन्मुख और व्यावहारिकः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और संस्कार मनुष्य के जीवन के दो सबसे बहुमूल्य उपहार हैं, जो न केवल उसकी सोच को आकार देते हैं, बल्कि जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदलने का सामर्थ्य भी रखते हैं। यह दोनों गुण जिस व्यक्ति में विकसित हो जाते हैं, वो अपने परिवार का ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के काम भी आता है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार करने का प्रयास कर रही है। शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए देश में सर्वप्रथम ‘नई शिक्षा नीति’ को लागू करने का कार्य किया। इस नीति द्वारा शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक बनाने का प्रयास किया किया गया है।

सैनिक पुत्र होने पर गर्व – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उत्तराखंड की वीर भूमि से आते हैं जहां के हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में जरूर होता है, मैं स्वयं भी एक सैनिक का बेटा हूँ। आप सभी जानते हैं, पहलगाम में दुश्मन द्वारा किए गए कायराना आतंकी हमले का हमारी बहादुर सेना द्वारा मुँहतोड़ जवाब दिया गया है। जब-जब भारत माता ने अपने सपूतों को पुकारा है, देवभूमि उत्तराखंड के वीरों ने लहू देकर मातृभूमि की रक्षा करने का कार्य किया है। आप में से कई लोगों के परिवारजन भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे होंगे, कोई बर्फ से ढके दुर्गम पोस्ट पर डटा होगा, तो कोई तपते रेगिस्तान में मां भारती की रक्षा कर रहा होगा। परंतु हमें भी अपने-अपने स्थानों पर रहते हुए, एक सैनिक की भांति सजगता, समर्पण और सेवा-भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
क्योंकि राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा केवल सीमाओं पर रहकर ही नहीं होती बल्कि हमारे विचारों और कर्मों से भी प्रदर्शित होती है।

संत परंपरा से जुड़ी संस्थाओं की सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू राम राय विश्वविद्यालय केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है बल्कि एक जीवंत, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा के ध्वजवाहक भी हैं। क्योंकि संत परंपरा से जुड़ी संस्थाओं में केवल डिग्रियाँ ही प्रदान नहीं की जातीं, बल्कि संस्कार, विचार और जीवन मूल्यों के समग्र विकास को भी समान महत्व दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पूज्य श्री महाराज ने यहाँ एक अत्यंत सुव्यवस्थित हेलिपैड का निर्माण कराया है, शहर के मध्य स्थित इस हेलिपैड से आमजन को सुविधा मिलेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता भी सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही ये भी अत्यंत हर्ष का विषय है कि विश्वविद्यालय परिसर के समीप एक आधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, यह अस्पताल प्रदेश के लोगों को कैंसर जैसे गंभीर रोग से लड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति कोमल सकलानी, छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक मौजूद रहे।

राजभवन में आयोजित सर्वधर्म गोष्ठी में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राजभवन में सर्वधर्म गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर देश की एकता एवं अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन राष्ट्र के प्रति हमारे साझा उत्तरदायित्व की अभिव्यक्ति है।

राज्यपाल ने कहा कि आज हम सब यहां धर्म, जाति और मत की सीमाओं से दूर एक साथ खड़े है और सीमाओं पर खड़ी हमारी सेना व भारत की आत्मा की तरह जीवंत दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पूर्व सैनिक होने के नाते मैं जानता हूं कि एक सैनिक की सबसे बड़ी ताकत उसका परिवार, उसका देश और उसका मनोबल होता है और आज की यह हमारी गोष्ठी सैनिकों के मनोबल को सशक्त करने का प्रतीक है।

राज्यपाल ने कहा कि सभी धर्मों का मूल संदेश एक ही है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म सर्वे भवंतु सुखिनः की शिक्षा देता है वहीं सिख धर्म एकम की भावना से सभी को देखता है। बुद्ध कहते हैं कि अपने दीपक खुद बनो, वहीं जैन धर्म का सिद्धांत है कि अहिंसा ही परम धर्म है। उन्होंने कहा इस्लाम हमें सिखाता है कि विभाजन मत करो वहीं ईसाई धर्म में कहा गया है कि शांति फैलाने वाले ईश्वर की संतान होते हैं, इस प्रकार सभी शिक्षाओं में हमें एकता, करुणा और शांति का ही संदेश देता है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारी सेना ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवाद और आतंकवाद फैलाने वालों पर कड़ा प्रहार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां कर्नल सोफिया कुरेशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के माध्यम से ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी लगातार हम तक पहुंचा रही हैं और वे दोनों सशक्त भारत की सशक्त मातृशक्ति का प्रदर्शन भी कर रही हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब भी हमारे राष्ट्र को युद्ध जैसे हालातों का सामना करना पड़ा, ऐसे समय में समाज के सभी मत, पंथ, समुदायों और संप्रदायों के लोगों ने मिलकर राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और शांति का संदेश देना है। जब-जब देश पर संकट आया है, भारतवासियों ने धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर देशहित में एकजुट होकर उसका सामना किया है। हमारे वेदों में भी कहा है “संगच्छ ध्वं संवदद ध्वं सं वो मनांसि जानताम्।” अर्थात, ‘हम सभी साथ चलें, एक मन से विचार करें, और एक लक्ष्य की ओर अग्रसर हो।’ धर्म का मूल उद्देश्य समाज में सत्य, प्रेम, करुणा और समरसता की स्थापना करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रेता में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की। द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अधर्म के विरुद्ध अर्जुन को धर्म युद्ध के लिए प्रेरित किया। गुरु गोविंद सिंह ने धर्म और देश की रक्षा हेतु अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया। ईसा मसीह ने प्रेम और क्षमा का संदेश दिया और पैगम्बर मोहम्मद साहब ने समरसता का मार्ग दिखाया। हमारे सभी धर्मों द्वारा सदैव यही शिक्षाएं दी गई कि जब अधर्म सिर उठाए, तो चुप रहना भी अधर्म को बढ़ावा देना होता है। हमारा राष्ट्र सदैव ही धर्म, सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वीर भूमि ने सदैव राष्ट्रभक्ति, बलिदान और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। हमारे वीर सैनिकों ने प्रत्येक संघर्ष में राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है आज हमें भी उनके साथ मजबूती से खड़ा होना है।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि हम सब की पूजा पद्धति भले ही अलग हो परंतु हमारी भक्ति सिर्फ राष्ट्र भक्ति है। वहीं उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत से सुंदर मुल्क कोई नहीं है और हम सब भारत माता की संतान है।

इस अवसर पर बौद्ध धर्मावली सोनम चोग्याल, ब्रदर जोसेफ एम. जोसेफ एवं सरदार गुरबक्श सिंह राजन ने भी अपने विचार रखते हुए भारत की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता को बनाए रखने की कामना की। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न पंथों के अनुयायी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

सीमांत क्षेत्रों के लोगों के साथ प्रशासन करेगा संवाद स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में राज्य स्तर पर की गई तैयारियों एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में वर्तमान समय में स्थिति सामान्य है परंतु सभी विभाग और अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर एरिया में सघन चेकिंग अभियान एवं जनपदों में सामरिक महत्व के स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण स्थानों, चारधाम यात्रा स्थलों, अन्य मार्गों पर सुरक्षा के समुचित उपाय किए जाए। उन्होंने वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के साथ ही संदिग्ध लोगों की पहचान तथा सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम में संवेदनशील खबरों एवं फेक न्यूज का संज्ञान लेते हुए उचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य भर में मॉक ड्रिल का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा सम्भावित खतरों की चेतावनी हेतु सभी जनपदों में सायरन की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के साथ प्रशासन को संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा देश की वर्तमान स्थिति पर सभी प्रदेशवासी देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों का शत प्रतिशत सख्ती से पालन करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सर्व धर्म सभा, और पद यात्रा का आयोजन करके इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेना के मानोबल बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार हर स्थिति में सैनिकों और उनके परिजनो के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में हर परिवार का कोई सदस्य सेना में है, ऐसे में सभी का मनोबल बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा भारत को एकता में ही उसकी शक्ति है। हम हर चुनौती से निपटने के लिए सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सख्त निगरानी रखे जाने, जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में खाद्यान्न और चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की उपलब्धता पूरी तरह बने रहे।

सभी सचिवों को विभिन्न यात्रा मार्ग में स्थलीय निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा, जिसके निर्देश मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा का सुगम और सुरक्षित संचालन राज्य में हो रहा है। यात्रियों की सुरक्षा, सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा सभी सचिवों को समय-समय पर चार धाम यात्रा का स्थलीय निरीक्षण करने यात्रा मार्ग पर भी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा राज्य में चार धाम यात्रा पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा के साथ ही अन्य धार्मिक यात्राओं में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा राज्य में हेली सेवाओं का संचालन भी सुगमता से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने सभी विभाग आगामी मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए।

भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को जीरो टॉलरेंस का संकल्प है। ऐसे में सभी अधिकारी भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उसपर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आमजन को परेशान करने वाले किसी भी भ्रष्टाचारी को छोड़ा नहीं जाएगा एवं भ्रष्टाचार के मामलों पर प्राथमिकता से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, पंकज पांडे, एडीजी ए पी अंशुमन, नितेश झा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

भारत की आतंकवाद पर की जा रही कार्रवाई पर सीएम धामी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में भारत द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध की जा रही सख्त कार्रवाई के दृष्टिगत राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को प्रत्येक परिस्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार रहने एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही वहां तैनात प्रशासनिक इकाइयों को चौकस रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश के सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां, सर्जिकल उपकरण और अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को राज्य में आवश्यक खाद्य सामग्री, राशन और पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा राहत और बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने अफवाहों से बचने और जनता को सही समय पर जानकारी देने के लिए सूचना विभाग को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए देवतुल्य जनता की सुरक्षा सर्वाेपरि है और सरकार किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

इस दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, एडीजी ए.पी अंशुमान उपस्थित थे।

सीएम ने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला वैकल्पिक नए भवन निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास

सीएम धामी ने सरकारी कर्मियों को आमजन के हित में संवेदनशीलता जिम्मेदारी, पूर्ण निष्ठा व सरलीकरण से कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि शासकीय कार्मिको की कलम से निकले शब्द केवल शासकीय आदेश नहीं होते, बल्कि दूर-दराज़ के गाँवों में बसे प्रत्येक नागरिक के जीवन में आशा की किरण बनकर उजियारा करते हैं। कार्मिको के परिश्रम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ही उत्तराखंड की प्रगति की दिशा और दशा निर्धारित करने वाली प्रमुख धुरी है।

सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शित किए जा रहे अद्वितीय शौर्य और पराक्रम के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम पर हम सभी को गर्व है। युद्ध जैसे हालातों के बीच वीर भूमि उत्तराखंड का बच्चा-बच्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपने जवानों के साथ है।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला वैकल्पिक नए भवन निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल ईंट-पत्थरों से बना एक भवन नहीं, बल्कि ये हमारे प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा है। यह प्रदेश के नीति-निर्माण का वो केंद्र है, जहां से राज्य के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण हेतु निर्णय लिए जाते हैं। उत्तराखंड सचिवालय में कार्यरत हमारे अधिकारी और कर्मचारीगण शासन और जनता के बीच की वो महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके माध्यम से सरकार की नीतियां जन-जन तक पहुँचती हैं।

शासन तथा कर्मचारी संगठनों के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद का सेतु अधिक मजबूत हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं केवल फाइलों और कागजों में नहीं सुलझतीं, बल्कि उन्हें दिल से सुनकर और ज़मीनी सच्चाई के साथ समझकर ही परस्पर संवाद द्वारा समाधान तक पहुँचाया जा सकता है। आज शासन तथा कर्मचारी संगठनों के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद का सेतु पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। हमारी सरकार ने सचिवालय कर्मियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लेकर उनके कल्याण हेतु अनेकों कार्य किए हैं। जहां एक ओर हम सचिवालय भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं सचिवालय के कार्मिकों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं और निर्णयों के माध्यम से उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत हैं।

सचिवालय में आधुनिक सुविधाओं का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सचिवालय परिसर में 6 मंजिला नए भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की है, जिससे अनुभागों को बेहतर कार्य सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, अनुभागों एवं निजी सचिवों के कार्यालय हेतु फर्नीचर और कंप्यूटर क्रय के लिए 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, सचिवालय संघ भवन का जीर्णाेद्धार, सचिवालय कैंटीन का सौंदर्यीकरण और बैडमिंटन कोर्ट का जीर्णाेद्धार जैसे विभिन्न कार्यों के द्वारा सचिवालय को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया है। यहीं नहीं, पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु हमने लगभग 70 कारों की क्षमता वाली पार्किंग का निर्माण भी कराया है।

सरकारी कर्मियों के हित में कल्याणकारी निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय कर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार ने ब्लड कलेक्शन सेंटर की स्थापना की है, जहां लगभग 270 प्रकार की जाँचें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमने एक ओर जहां कार्मिकों के बच्चों के लिए वातानुकूलित क्रेच सेंटर की स्थापना की है, वहीं अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर की व्यवस्था भी की है। हमारी सरकार द्वारा प्रदेश की महिला कार्मिकों को एक वर्ष के उपरांत भी पूरे दो वर्षों तक सवैतनिक बाल्य देखभाल अवकाश (सी.सी.एल.) की सुविधा प्रदान की जा रही है। साथ ही, कर्मचारियों के हित में 25 लाख रुपये की राशि कर्मचारी कल्याण कोष में स्वीकृत की गई है, जिससे अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही, हमने कर्मचारियों की मांग के अनुरूप जीआईएस की राशि को दोगुना करने के साथ-साथ कार्मिकों के लिए कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज की सुविधा भी लागू की है, जिसमें निःशुल्क इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत कर्मियों को ए.सी.पी. और समयबद्ध पदोन्नति जैसे लाभ भी सुनिश्चित कराए गए हैं। हमने सेवानिवृत्त कर्मियों को विदाई के समय मोमेंटो और अंगवस्त्र प्रदान करने की परंपरा भी शुरू की है साथ ही, सेवानिवृत्ति की ग्रैज्युटी राशि को भी 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। हमारी सरकार केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा प्रयास है कि हम एक ऐसा सचिवालय बनाएं, जहां कार्यप्रणाली डिजिटल, पारदर्शी और कार्यकुशल हो और हर निर्णय में जनहित को सर्वाेपरि रखा जाए। हमने सचिवालय की कार्यप्रणाली को ई-गवर्नेंस के माध्यम से अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाया है। हम फाइल मूवमेंट को सुव्यवस्थित और ट्रैक करने के लिए फाइल मूविंग मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त हो रहा है और कार्यप्रणाली दक्ष बन रही है। कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक की प्रक्रिया भी तीव्र गति से आगे बढ़ रही है, साथ ही कार्यालय को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन सभी प्रयासों के माध्यम से हम जहां एक ओर सचिवालय कर्मियों के बोझ को तकनीकी साधनों द्वारा कम करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं उनकी कार्यक्षमता को और अधिक सहज, सरल और प्रभावशाली बना रहे हैं। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का “सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को साकार करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, आर के सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, सैन्य अधिकारी, समस्त सचिवालय कार्मिक व सचिवालय संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

भारत सरकार, उत्तराखण्ड शासन एवं यूरोपियन निवेश बैंक के बीच हुई नेगोशिएशन में 1910 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर बनी सहमति

उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के अंतर्गत पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर व काशीपुर नगरों के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर यूरोपियन निवेश बैंक के साथ लगभग 1910 करोड़ रुपये के वित्तपोषण हेतु प्रोजेक्ट नेगोशिएशन हुआ। यूरोपियन निवेश बैंक ने इन परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण की सहमति दे दी है।

प्रस्तावित राशि के अंतर्गत पिथौरागढ़ में पेयजल एवं सीवरेज तथा सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी हैं।

इस अवसर पर आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय की ओर से अपर्णा भाटिया, यूरोपियन निवेश बैंक से मैक्सीमीलियन और उत्तराखण्ड शासन से सचिव चन्द्रेश कुमार के मध्य वर्चुअल माध्यम से वार्ता हुई। आर्थिक कार्य विभाग ने सभी डीपीआर की समीक्षा कर यूरोपियन निवेश बैंक को साझा किया था। बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक एवं आर्थिक कार्य विभाग ने परियोजना की तैयारी और प्रस्तुति के लिए यूयूएसडीए की प्रशंसा की। यह भी निर्णय लिया गया कि जून 2025 में परियोजना अभिलेखों पर हस्ताक्षर होंगे और निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

कार्यक्रम निदेशक चन्द्रेश कुमार ने बताया कि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत नगर में पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इन मूलभूत सुविधाओं से जीवन स्तर में सुधार आता है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है।

बैठक में अपर सचिव वित्त अमीता जोशी, अपर कार्यक्रम निदेशक विनय मिश्रा, वित्त नियंत्रक बीरेन्द्र कुमार, वैभव बहुगुणा तथा विशेषज्ञ राजीव कुमार एवं अमीताब बासू सरकार उपस्थित रहे।

प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्तावित योजना से लाभान्वित होने वाले शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।