देहरादून में जयडे हैकेट ने की मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात

एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध संस्था ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के मुख्य परिचालन अधिकारी COO जयडे हैकेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में विश्व स्तरीय बंजी जंपिंग प्रोजेक्ट्स को स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर गहन चर्चा की गई।

जयडे हैकेट, जो स्वयं 12 वर्षों से एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े हुए हैं, और सिंगापुर स्थित स्काईपार्क सेंटोसा के संचालन व प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, वर्तमान में ए.जे. हैकेट इंटरनेशनल के COO के रूप में कार्यरत हैं। वे अब उत्तराखंड में कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों में संभावित स्थानों पर बंजी जंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की स्थापना की योजना पर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उत्तराखंड में इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से न केवल पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि राज्य को एडवेंचर टूरिज्म का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने में भी मदद मिलेगी।

जयडे हैकेट, विश्व प्रसिद्ध एडवेंचर स्पोट्र्स आइकन एलेन जॉन ए.जे. हैकेट के पुत्र हैं। ए.जे. हैकेट ने 1987 में एफिल टावर से बंजी जंप कर पूरी दुनिया को रोमांचित कर दिया था और 1988 में विश्व का पहला वाणिज्यिक बंजी जंपिंग साइट शुरू किया। उनके इस योगदान के लिए उन्हें न्यूज़ीलैंड ऑर्डर ऑफ मेरिट (ONZM) से सम्मानित किया गया।

सिंधु जल संधि पर रोक पाकिस्तान को करारा जवाबः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल एवं निर्णायक नेतृत्व में हुई सीसीएस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ लिए गए ऐतिहासिक और कठोर निर्णय पर अब कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। इसी क्रम में भारत सरकार ने सिंधु जल संधि पर रोक लगाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उठाए गए ये साहसिक कदम न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति पर मुहर लगाते हैं, बल्कि इससे दुश्मनों को भी यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत हर एक आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब देने का तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सिंधु जल संधि पर रोक लगाकर साफ कर दिया है कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। इस निर्णायक फैसले से आतंक को पनाह और बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के मंसूबे चकनाचूर होंगे। इसी तरह अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद करने सहित अन्य फैसलों से भी पाकिस्तान को कड़ा संदेश गया है।

संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों का होगा प्रत्येक वर्ष सम्मानः सीएम

संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं। यज्ञ, कर्मकांड, वेद में सर्टिफिकेट कोर्स की व्यवस्था की जाए। संस्कृत का अध्ययन कर रहे बच्चों को 16 संस्कार के बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। पहले चरण में 100 बच्चों को और उसके बाद हर साल एक लक्ष्य निर्धारित कर युवाओं को 16 संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जाए। संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षण, लेखन एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को प्रत्येक वर्ष सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया जाए। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की भूमि रही है। राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को राज्य में तेजी से बढ़ावा देने के लिए स्कूल और कॉलेज में संस्कृत में वाद-विवाद, निबंध लेखन, श्लोक प्रतियोगिताएं कराई जाए। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जनपदों में नोडल अधिकारी बनाये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए की कि सभी कार्यालयों में नाम पट्टिका संस्कृत भाषा में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए जिन राज्यों में अच्छा कार्य हुआ है, उन राज्यों की बैस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर, राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कार्य किये जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार संस्कृत को जोड़ने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं।

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अभी राज्य के प्रत्येक जनपद के एक गांव में कुल 13 गांवों को संस्कृत ग्राम बनाया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक स्तर तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत के छात्रों को छात्रवृत्ति योजना और पुजारियों को प्रोत्साहन योजना जैसी व्यवस्था बनाये जाने का सुझाव दिया। बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत के प्रश्न जोड़े जाने चाहिए। संस्कृत में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए बैठक में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाने के लिए 01 लाख लोगों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सरल संस्कृत सम्भाषण प्रशिक्षण दिया जायेगा। संस्कृत वेदों के अध्ययन की सुविधा के लिए वेद अध्ययन केन्द्र बनाये जायेंगे। संस्कृत के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्यालयों को पुरस्कृत किया जायेगा। संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समसामयिक विषयों पर लघु फिल्म बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। संस्कृत के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए देश -विदेश के विश्वविद्यालयों, संस्कृत अकादमी, संस्कृत संस्थानों द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए राज्य में सम्मेलन किया जायेगा।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे कार्यों और आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बैठक के दौरान दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव वी.षणमुगम, कुलपति उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिवारों के प्रति उत्तराखंड सरकार समर्पितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेशावर कांड की वर्षगांठ पर विकासखंड थलीसैंण के पीठसैंण में आयोजित राजकीय क्रांति दिवस मेले में प्रतिभाग किया। इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी के वीर सिपाहियों के त्याग और बलिदान के कारण आज हम खुली सांस ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिजनों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

पीठसैंण स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्मारक स्थल पर आयोजित राजकीय क्रांति दिवस मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इससे पहले उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर पुष्प भी अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस नृशंस कृत्य का बदला अवश्य लेगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड के साथ ही समूचे देश के गौरव हैं। पेशावर में निहत्थे लोगों पर गोली चलाने से इन्कार कर उन्होंने मानवता और नैतिकता का जो उदाहरण पेश किया, वह इतिहास में अमर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वीर गढ़वाली की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरित करने के लिए उनके जीवन पर आधारित कार्यक्रम चला रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की इस स्वर्णिम यात्रा में उत्तराखंड का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है, हमें अपनी सैनिक परंपरा और देशभक्ति की विरासत पर गर्व हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सरहद पर तैनात वीर जवानों के परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। शहीद सैनिकों के सम्मान में देहरादून में शौर्य स्थल का निर्माण किया गया है। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारजनों को मिलने वाली अनुग्रह सहयोग राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों के परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दी जा रही है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दी गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिकता संहिता कानून को लागू किया है। उन्होंने कहा जनभावना के अनुरूप सख़्त भू- कानून लाया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद राज्य में 22 हजार से अधिक नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली देश की चेतना, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस महानायक ने मानवता की रक्षा के लिए अपने कैरियर और जीवन को दांव पर लगा दिया। उन्होंने युवाओं को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के जीवन से प्रेरणा लेकर देशभक्ति, ईमानदारी और साहस के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा विद्यालयी पाठ्यक्रम में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की जीवनी शामिल की जाएगी। थलीसैंण में एक भव्य ऑडिटोरियम और बूंगीधार में एक खेल का मैदान भी बनाया जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पीठसैंण में 100 गरीब व अनाथ बच्चों के लिए हॉस्टल बनकर तैयार हो गया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने थलीसैंण क्षेत्र में 10वीं व 12वीं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों व पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। राजकीय क्रांति दिवस मेले में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर उपस्थित लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर दर्जाधारी राज्य मंत्री महेश्वर सिंह माहरा, राज्य सिंचाई सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, जिला पंचायत प्रशासक शांति देवी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पारुल गोयल, उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुनसोला, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली विकास समिति पीठसैंण जय सिंह रावत, वीरमणि पोखरियाल सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

पहलगाम में हुई घटना पर सीएम धामी ने मारे गए निर्दोष लोगों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सीएम आवास में आयोजित प्रातः कालीन बैठक में दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री ने हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तराखंडवासियों की ओर से मैं शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी पूरी संवेदना प्रकट करता हूँ। यह कायराना हमला केवल निर्दाेष लोगों पर नहीं, बल्कि हमारे देश की संस्कृति, शांति और मानवता के मूल्यों पर भी हमला है।“

मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकियों की जम्मू-कश्मीर को अशांत करने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। इस कुकृत्य का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

इंजीनियरिंग संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के लिए सीएम धामी ने समीक्षा बैठक की

राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के लिए इन्फ्रास्टक्चर, योग्य फैकल्टी, आधुनिक लैब और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योग जगत की मांग के अनुसार उन्हें विभिन्न ट्रेड में दक्ष बनाया जाए। राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किये जाने के सबंध में सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं, हॉस्टल और बाउंड्री वॉल की व्यवस्था के साथ ही बेहतर सड़क कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिये कि सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में तय मानकों के अनुसार फैकल्टी की तैनाती की जाए। इंजीनियरिंग कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया के लिए बनाई गई व्यवस्था के अनुसार भर्तियां न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्र पंजीकरण की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र पंजीकरण बढ़ाने के साथ ही सभी ट्रेड में अच्छे पाठ्यक्रम के साथ ही नवीनतम तकनीक पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को कैम्पस से ही प्लेसमेंट के लिए भी अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग संस्थान का संचालन के लिए पिथौरागढ़ के मड़धूरा में बने भवन में कक्षाओं के संचालन न होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच की जाए कि इंजीनियरिंग संस्थान के लिए जगह का चयन किसके द्वारा किया गया था, यह जगह उपयुक्त थी या नहीं। अगर उपयुक्त नहीं थी तो इस स्थान पर इंजीनियरिंग संस्थान क्यों बनाया गया। भवन पर लगभग 15 करोड़ खर्च होने के बाद भी इसमें कक्षाओं का संचालन क्यों नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि अभी इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन जीआईसी की बिल्डिंग पर संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंजीनियंरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी मे नियुक्तियों, प्रमोशन और अन्य मामलों में गड़बड़ी की शिकायतों पर नये सिरे से एसआईटी गठित कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, कुलपति माधो सिंह भण्डारी तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, अपर सचिव स्वाति भदोरिया एवं इंजीनियरिंग संस्थानों के निदेशक उपस्थित थे।

आईटीबीपी को भेड़, बकरी, मुर्गी और ट्राउट फिश की सप्लाई करते हैं किसान, किया ढाई करोड का कारोबार

उत्तराखंड के सीमांत जिलों में स्थित आईटीबीपी की बटालियनें अक्तूबर, 2024 तक मटन, चिकन, फिश सप्लाई के लिए बड़े शहरों पर निर्भर थीं। लेकिन अब उत्तराखंड पशुपालन विभाग ने आईटीबीपी का अनुबंध सीधे स्थानीय पशु पालकों से करा दिया है। इसके बाद शुरुआती पांच महीने में ही, चार सीमांत जिलों के 253 किसान आईटीबीपी के साथ 2.6 करोड़ का कारोबार कर चुके हैं।
पशुपालन विभाग ने गत 30 अक्तूबर को इस योजना को लेकर आईटीबीपी के साथ विधिवित अनुबंध किया। इसके तहत पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और चम्पावत जनपद के 10 सहकारी समितियों और एफपीओ से जुड़े 253 किसान आईटीबीपी की नजदीकी बटालियन को जिंदा मटन, चिकन, फिश की आपूर्ति कर रहे हैं। योजना के शुरुआती पांच महीने में ही ये किसान, आईटीबीपी को कुल मिलाकर 79,530 किलो (42,748 किलो जिंदा भेड़- बकरी, 29,407 किलो चिकन और 7,374 किलो ट्राउट फिश) की सप्लाई कर चुके हैं। इस तरह उन्होंने आईटीबीपी के साथ कुल 2.6 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है।

’सालाना 20 करोड़ रुपए कारोबार की उम्मीद’
पशुपालन विभाग के सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि योजना के तहत किसानों को सप्लाई के 24 घंटे के भीतर, डीबीटी के जरिए भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने पांच करोड़ रुपए के रिवाल्विंग फंड की व्यवस्था की हुई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आईटीबीपी को सालाना 800 मीट्रिक टन मटन, चिकन, फिश सप्लाई की उम्मीद है, इससे किसानों का कुल करीब 20 करोड़ का कारोबार होगा। जो सीमांत किसानों की आजीविका में बड़ा बदलाव लाएगा।

इस योजना के बेहद सकारात्मक परिणाम आए हैं, सीमांत के किसानों की आय बढ़ने से गांवों में पलायन भी कम होगा। साथ ही वो आईटीबीपी के साथ मिलकर, देश की रक्षा पंक्ति को मजबूत करने का काम करेंगे। आईटीबीपी को भी ताजा खाद्य सामग्री की आपूर्ति होगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

’सफल किसानों की कहानी’
पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट ब्लॉक के बड़ालू गांव के निवासी नरेंद्र प्रसाद भी जनवरी से आईटीबीपी को चिकन सप्लाई कर रहे हैं। 40 वर्षीय नरेंद्र प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने 2022-23 में पशुपालन की कुक्कुट पालन योजना के तहत मुर्गी पालन का काम शुरू किया, अब वो प्रति माह करीब 16 कुंतल चिकन की सप्लाई करते हैं, जिससे आईटीबीपी को भी तीन कुंतल सप्लाई होती है। इसी तरह मूनाकोट ब्लॉक में ही देवदार गांव के निवासी प्रकाश कोहली भी जनवरी 2025 से आईटीबीपी को 11 कुंतल बकरी सप्लाई कर चुके हैं। जिससे उन्हें 50 हजार का फायदा हुआ है। योजना का फायदा देखते हुए अब वो गोट वैली में भी आवेदन कर रहे हैं।

राज्य सरकार विभिन्न नवीन कार्य योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर, श्रीनगर में आयोजित छात्रसंघ शुभारंभ समारोह में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार विभिन्न नवीन कार्य योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी कानून को लागू किया है, यह सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। बीते साढ़े तीन सालों में राज्य सरकार ने 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून को लागू करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों को उनका हक मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्तमान में मॉडल कॉलेज, महिला छात्रावास, आईटी लैब, परीक्षा भवन, एस्ट्रो पार्क और साइंस सिटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य में स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार किया गया है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों को मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है और उच्च शिक्षा के संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

विधायक विनोद कण्डारी ने समारोह की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ ही सामाजिक और राष्ट्रीय विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह रौथाण, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, कुलसचिव राजेश कुमार ढोड़ी, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, प्रो. ओपी गुसाईं, छात्रसंघ अध्यक्ष जसवंत सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही होगीः पुष्कर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस विभाग को राज्य में गैर कानूनी तौर पर फर्जी प्रमाण पत्रों (फर्जी आधार कार्ड आदि) के आधार पर रह रहे विदेशी घुसपैठिये के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर एक व्यापक ड्राइव चलाकर तत्काल कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम धामी ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की हिदायत देते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राज्यवासियों का भरोसा बनाए रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि उत्तराखण्ड पुलिस को आम जनमानस के साथ मित्रवत व्यवहार बनाए रखते हुए अपराधियों में भय का प्रकोप भी बनाए रखना हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनियाभर में उत्तराखण्ड की पहचान की शान्तिपूर्ण राज्य की हैं लेकिन पुलिस प्रशासन को सतर्क रहना होगा कि आपराधिक तत्व इसे अपनी सुरक्षित पनाहगाह ना समझे तथा राज्य की शान्तिपूर्ण छवि का दुरुपयोग ना कर पाए। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस को अपनी कार्य संस्कृति में जरूरी बदलाव करते हुए जनता से संवाद बनाना होगा। उन्होंने सभी एसएसपी व एसपी को थानों में जनसुनवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि आम आदमी को तत्काल न्याय मिल सके।

राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी के अवसर पर पुलिस मुख्यालय, देहरादून में गुरुवार देर रात तक लगभग तीन घण्टे से अधिक चली मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक से लेकर सभी एसपी-एसएसपी से उनके विभाग की स्थिति का अपडेट लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एसएसपी से कैंची धाम की पार्किंग एवं ट्रैफिक व्यवस्था का अपडेट लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को कैंची धाम में अगले 10 दिन के भीतर हैलीपेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने कहा वे स्वयं 10 दिन बाद इस हैलीपेड में पहुंचेगे। उन्होंने कैंची धाम में पार्किंग एवं अन्य पर्यटन विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

साइबर अपराधों के मामले में विलम्ब से एफआईआर दर्ज होने के मामलों पर सख्ती से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साइबर मामलों में अभी तक हुई रिपोर्टिंग एवं कार्यवाहियों की रिपोर्ट तलब की। उन्हांेने इन मामलों में तत्काल कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने साइबर क्राइम के सम्बन्ध में जन जागरूकता एवं अवेयरनेस कैम्पेन चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

पुलिस विभाग को सभी स्तरों पर कार्य संस्कृति में सुधार की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि थाना स्तर पर यदि कोई पुलिस कार्मिक जमीनों के प्रकरण सहित अन्य अवैध कार्यवाही में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए कोई स्थान नही हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस कार्मिकों की सुविधाओं के लिए थानों के आसपास ही आवासीय सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए हैं। उन्होंने थानों के आधुनिकीकरण की कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से देहरादून में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की रिपोर्ट तलब करते हुए लेते हुए सीएम धामी ने पूरे प्रदेश में सीसीटीवी की आवश्यकताओं के आंकलन की जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव गृह एवं डीजीपी को ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित फॉरेंसिक लैब की स्थापना के सम्बन्ध में तत्काल भारत सरकार प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी एसएसपी एवं एसपी से उनके द्वारा गोद लिए गए थानों की स्थिति में भी जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि गोद लिए थानों की स्थिति पर निरन्तर निरीक्षण करते हुए सुधार कार्य जारी रखे।

पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को नैनीताल में अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था एवं शटल सेवा आरम्भ करने के सम्बन्ध में तत्काल परिवहन विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान अधिकारी ट्रैफिक व्यवस्था व पार्किंग व्यवस्था में ऐसा बेहतरीन मॉडल स्थापित करें ताकि उनकी व्यवस्था बेस्ट प्रैक्टिसेज में मानी जाए तथा अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन सीजन एवं चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों सहित अन्य सभी प्रकार की डाटा के संग्रह की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि नीति नियोजन एवं अन्य रणनीति बनाने में सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसका व्यवस्थित संग्रहण जरूरी है। उन्होंने चारधाम मार्गों सहित सभी महत्वपूर्ण मार्गों में आगे के रूट पर ट्रैफिक की व्यवस्था की जानकारी के लिए डिस्पले बोर्ड एवं एसएमएस की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ सहित पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं सभी जिलों के एसएसपी एवं एसपी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने की कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर योजनाएं तैयार करने को कहा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को योजना एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सम्बन्धित विभागों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित किए जाने की के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में सभी कार्यदायी विभागों के नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। साथ ही, पदों के सृजन की कार्यवाही भी पूर्ण कर ली जाए। इनसे सम्बन्धित आदेश अगले 7 दिनों में कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन समितियों/उप समितियों का गठन किया जाना है, अगले 7 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रस्ताव एवं आंकलन तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के अंतर्गत शाही स्नान वाले विशेष दिवसों पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का आंकलन करते हुए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी बढ़ने श्रद्धालुओं के बढ़ने की अत्यधिक सम्भावना है। उन्होंने इसके अनुरूप श्रद्धालुओं संख्या का आंकलन करते हुए पार्किंग एवं ट्रैफिक मूवमेंट योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा आंकलन कराए जाने के उपरांत योजनाएं तैयार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के साथ ही पुराने पार्किंक स्थलों की क्षमता बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, इसके लिए मूलभूत ढांचों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन योजना के अंतर्गत स्थाई प्रकृति के कार्यों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र सहित अन्य उपयोगी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के लिए अनिवार्य कार्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे कार्य जिन्हें अनिवार्य रूप से कराया जाना है, उनकी तैयारी पूर्व से ही कर ली जाए। साथ ही, तत्काल शुरू किए जाने वाले कार्यों की सूची भी तैयार कर इनकी डीपीआर एवं आंकलन सहित अन्य तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नीतेश झा, राधिका झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।