श्रीराम मंदिर वर्षगांठः मंत्री अग्रवाल ने किया हनुमान चालीसा पाठ

मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्रथम वर्षगांठ पर हनुमान चालीसा तथा श्रीराम स्तुति का पाठ किया। इस दौरान श्रीराम जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित श्रीराम मंदिर प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम पर डॉ अग्रवाल ने कहा कि साल 2024 की 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। साल 2025 में इस उत्सव को पूरा एक वर्ष हो रहा है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि 2024 में 22 जनवरी को पौष माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथी थी। इसे कूर्म द्वादशी भी कहा जाता है। वहीं, साल 2025 में यह संयोग 11 जनवरी को बन रहा है।

इस अवसर पर चुनाव प्रभारी नगर निकाय ऋषिकेश दान सिंह रावत, जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, चुनाव संयोजक संजय शास्त्री, सुदेश कंडवाल, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश पयाल, महिला मोर्चा श्यामपुर सोनी रावत, रायवाला मंडल अध्यक्ष समा पवार, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सागर गिरी, जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा अनीता राणा, पूर्व प्रधान सोबन सिंह केंतुरा, चंद्रमोहन सिंह पोखरियाल, भगवान मेहर, रवि शर्मा, दिव्या बेलवाल, जसविंदर राणा, पुनीता भंडारी, मनोज ध्यानी, गोपाल सती, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रभाकर पैन्यूली, पवन पांडे, समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी, संदीप कुड़ियाल, रवि थपलियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित रहे।

राज्य में मादक पदार्थों की रोकथाम की सीएम ने बैठक में दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में की गई प्रवर्तन कार्रवाई, विशेष अभियानों और लक्ष्यों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि 2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के अपने संकल्प पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा 2047 तक विकसित भारत और नशामुक्त भारत बनाने में सहयोग करने के लिए राज्य में अनेक स्तर पर विविध प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मादक तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं। युवा का नशे की ओर जाना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक विघटन का भी कारण बन सकता है। इसी को देखते हुए राज्य में संस्थागत, प्रवर्तन और जागरूकता तीनों स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और इसके अवैध व्यापार में लगे हुए पेशेवर अपराधियों पर सक्ति से नकेल कसी जा रही है। एंटी नार्काेटिंग टास्क फोर्स के माध्यम से प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। एन.डी.पी.एस. (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकॉट्रॉपिक पदार्थ, अधिनियम) के अंतर्गत नशे में संलग्न अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नशे की जद में आए हुए लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए जनपद में पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई है। नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

नशे के विरुद्ध जन – जागरूकता अभियान के अंतर्गत महिला मंगल दलों और युवा मंगल दलों को भी साथ लेते हुए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। दुरुस्त क्षेत्रों तक जन- जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। कारागारों और विद्यालयों में काउंसलरों की नियुक्ति की गई है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

विगत वर्ष में 2183 जागरूकता रैली, 1050 गोष्ठियां, 75 नुक्कड़ नाटक और 10 मैराथन इत्यादि का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और लोगों को सीधे तौर पर जागरूक किया गया। सरकार, विभागों और विभिन्न संस्थाओं के संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों तरह के प्रयासों और समन्वय से नशामुक्ति के विरुद्ध वर्तमान समय में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने लिया नाबार्ड को प्रस्ताव भेजने के दौरान प्रक्रियाओं में हो रहे विलम्ब का संज्ञान

सीएस राधा रतूड़ी ने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को ऋण वितरण एवं अदायगियों में तेजी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। विभागों द्वारा ऋण वितरण एवं अदायगियों के साथ ही नाबार्ड को प्रस्ताव भेजने के दौरान प्रक्रियाओं में हो रहे विलम्ब का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रक्रियाओं के सरलीकरण व तीव्रता के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नाबार्ड को प्रस्तावों की स्वीकृति में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में नाबार्ड की आरआईडीएफ (ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि) पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा डिस्बर्समेंट की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सभी विभागों को इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा वितरण और अदायगियों में आ रही समस्याओं का निवारण कर शीघ्र कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने प्रस्तावों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से 2.39 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिचाई सुविधाओं का सृजन एवं पुनर्द्धार किया गया है। लगभग 15570 किमी ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क का निर्माण एवं सुधार किया गया है। 27729 मीटर ब्रिज का निर्माण हो चुका है। 23.77 लाख ग्रामीण आबादी को पेयजल सुविधा मिल चुकी है। 239 स्कूल एवं आईटीआई का निर्माण एवं पुनर्द्धार हो चुका है।

आज की बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

वन विभाग को राज्य के समान परिस्थिति वाले अन्य देशों एवं राज्यों के अध्ययन के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में विभागों के साथ वर्ष 2025-26 हेतु राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य निर्धारित किये जाने तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व अवशेष राजस्व प्राप्ति को समय से पूरा करने के सम्बन्ध समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्यों को ससमय पूरा करने की हिदायत दी है। सीएस राधा रतूड़ी ने राजस्व लक्ष्य प्राप्ति में अपेक्षाकृत पीछे रहने वाले विभागों को आन्तरिक समीक्षा एवं मंथन के निर्देश दिए हैं ताकि वे अपने राजस्व में समयबद्धता से वृद्धि के प्रयास कर सके। मुख्य सचिव ने वन विभाग को राज्य के समान परिस्थिति वाले अन्य देशों एवं राज्यों के अध्ययन के निर्देश दिए हैं ताकि वन विभाग की राजस्व वृद्धि की संभावनाओं पर कार्य किया जा सके। एसजीएसटी के डाटा शेयरिंग के सम्बन्ध में सीएस ने सभी विभागों के लिए आईटीडीए को अगले वित्तीय वर्ष से पूर्व एक समेकित आईटी सॉल्यूशन विकसित कर आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को अगले बजट के प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करते हुए ससमय भेजने के निर्देश दिए हैं।

आज की बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर, खटीमा में नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 1615.62 लाख की लागत नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मलखम्ब खिलाड़ियों से संवाद किया व उनके खेल प्रतिभा को देख उनकी उसकी सराहना की।

इस अवसर पर विधायक खटीमा भुवन चंद कापड़ी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, पूर्व दर्जामंत्री राजपाल सिंह, विवेक सक्सेना, गिरीश जोशी, भैरव दत्त पाण्डे, जीवन धामी, कैलाश चंद्र, अमित पाण्डे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक खेल प्रशांत आर्या, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

खटीमा में पहुंचे सीएम, जन समस्याए सुनकर किया निस्तारण

मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय लोहियाहेड, खटीमा में जनता से संवाद किया व जन समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय, लोहियाहेड, खटीमा में जन संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम गौरवान्वित करने को प्रेरित किया

दिनांक 10 से 12 जनवरी के मध्य भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 28 वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखंड के 72 सदस्यीय दल को आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा फ्लैग ऑफ किया गया। इस दौरान युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या भी उपस्थित थीं।

उक्त दल में सांस्कृतिक कार्यक्रम से संबंधित 30 प्रतिभागी तथा विकसित भारत से संबंधित 42 यंग लीडर्स राष्ट्रीय युवा महोत्सव में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 72 सदस्यीय दल में 40 महिला प्रतिभागी महिला सशक्तिकरण का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रदर्शन करने का एक बड़ा मंच है। मुख्यमंत्री तथा युवा कल्याण मंत्री ने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में प्रतिभाग करने हेतु शुभकामनाएं दी तथा यह भी आशा प्रकट की कि ये सभी प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगे।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव युवा कल्याण अमित सिन्हा, नोडल अधिकारी युवा महोत्सव एस. के. जयराज, राज्य निदेशक युवा केंद्र संगठन अनिल सिंह, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. सुनैना रावत सहित संबंधित उपस्थित थे।

वन स्टेट वन पोर्टल, और नियर डिजास्टर रिकवरी सेंटर उत्तराखंड को डिजिटल डेस्टिनेशन बनाने में होंगे सहायकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NIC द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की चुनौतियां तथा डिजिटल युग में सार्वजनिक सेवाओं को अधिक दक्ष, तीव्र और समावेशी बनाने के लिए नई तकनीकी को आत्मसात करते हुए आईटीडीए और NIC द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। जिससे आम जनमानस को ऑल इन वन की तर्ज पर एक ही प्लेटफार्म पर आसानी से विविध प्रकार की सेवाएं मिल सकेगी। विभागों के कार्यों की प्रगति ऑनलाइन देखी जा सकेगी; जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि S3WaaS (Secure, Scalable and Sugamya website as a Service) फ्रेमवर्क में बनी समस्त विभागों की वेबसाइट साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि राज्य में ITDA को UIDAI द्वारा AUA (ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी) -KUA(की यूजर एजेंसी) बनाया गया है। इसके उपरांत आधार ऑथेंटिकेशन एवं EKYC से संबंधित सेवाएं राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा विकसित किए गए पोर्टलों जैसे कि UCC, वर्चुअल रजिस्ट्री आदि के माध्यम से प्रदान की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य डाटा सेंटर ने भी साइबर अटैक के उपरांत अपने आप को इंप्रूव किया है। नियर डिजास्टर रिकवरी को सचिवालय में स्थापित किया गया है। यह बड़ी बात है कि उक्त नियर डिजास्टर रिकवरी में राज्य की विभिन्न संवेदनशील एप्लीकेशन व वेबसाइट को किसी भी आपात स्थिति होने की दशा में 15 मिनट के अंतराल में सुचारू किया जा सकता है। कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से राज्य डाटा सेंटर के अधीन सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर 24 *7 कार्यरत है। यह कदम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत डिजिटल सिस्टम को और भी सशक्त और बेहतर किया जाने का सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल डिजिटलीकरण के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए सभी विभागों को बेहतर सेटअप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपनी विभागीय सूचनाओं को अपडेट रखें।
उन्होंने आईटीडीए को निर्देशित किया कि विकसित किए गए नए प्लेटफार्म पर सुगमता और तेजी से कार्य करने के लिए सभी विभागों का मार्गदर्शन करें।

मुख्यमंत्री ने NIC और आईटीडीए द्वारा विकसित किए गए प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी आईटीडीए और एन आई सी को आपसी समन्वय से उत्तराखंड में आईटी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को प्रेरित किया।

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, नितेश झा, पंकज पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक ITDA नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक हुई

राज्य में ईकोलॉजी एवं ईकोनॉमी के संतुलन के लिए निर्धारित किए गए फ्रेमवर्क ‘‘नौ सूत्र प्रगति प्रकृति संतुलन मिशन’’ पर गम्भीरता से कार्य करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सचिव समिति की बैठक में सभी सचिवों से इस सम्बन्ध में सुझाव मांगे हैं।

नियोजित बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष बल देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव कृषि को राज्य में बदलती जलवायु के अनुकूल खेती के तहत जैविक कृषि, मृदा संरक्षण व कुशल सिंचाई प्रबन्धन से सम्बन्धित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव पर्यटन को राज्य में ईको-सर्टिफिकेशन, वेस्ट मेनेजमेंट तथा ईको टूरिज्म नीतियों को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सचिव उद्योग को उद्योग क्षेत्र में ग्रीन टेक्नॉलजी के उपयोग से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं सस्टेनिबिटी को कायम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव ऊर्जा को ईकोलॉजिकल सेफगार्ड वाले छोटे जल विद्युत प्रोजेक्ट तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सचिव आवास एवं लोक निर्माण विभाग को सत्तशील निर्माण तरीकों को इस्तेमाल करते हुए जलवायु अनुकूल आवासों और सड़कों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड राज्य के पर्यावरण तथा आर्थिकी में संतुलन के विजन को पूरा करने के लिए विश्वभर तथा अन्य राज्यों में अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करने तथा राज्य की परिस्थितियों के अनुकूल क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अन्य देशों एवं राज्यों में विशेषरूप से कृषि, पर्यटन, मैन्यूफैक्चरिंग, ऊर्जा तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों के अध्ययन के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को इस दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए नौ सू़त्र फ्रेमवर्क पर एक विस्तृत एक्शन प्लान बनाते हुए गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागो के सचिव मौजूद रहे।

राष्ट्रीय खेलों से छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए युवा दिवस से पहल

38 वें राष्ट्रीय खेलों की गतिविधियां जिन भी शहरों में प्रस्तावित है, वहां पर छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ने के लिए पहल की जा रही है। युवा दिवस यानी 12 जनवरी से प्रचार के आठ कंटेनरों को स्कूल-कॉलेजों के लिए रवाना किया जा रहा है। छात्र-छात्राएं इस प्रचार कंटेनरों के माध्यम से खेल मुकाबले के लिए अपनी सीट बुक करा सकेंगे। राष्ट्रीय खेल देखने के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था है।
उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में इस बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहा है। राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक प्रस्तावित हैं। देहरादून के अलावा हरिद्वार, शिवपुरी-ऋषिकेश, कोटी कालोनी टिहरी, नैनीताल, रूद्रपुर, खटीमा, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जैसी जगहों पर विभिन्न खेलोें की प्रतियोगिताएं होनी हैं। राष्ट्रीय खेल सचिवालय तैयारियों में जुटा पड़ा है। कोशिश ये ही है कि हर वर्ग को इस आयोजन से परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा जाए। छात्र-छात्राओं को इस आयोजन से जोड़ने के लिए अब युवा दिवस के मौके को चुना गया है।

विशेष प्रमुख खेल सचिव और राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार-प्रचार के आठ कंटेनर 12 जनवरी से विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचेगे। इस दौरान क्यू आर कोड के जरिये छात्र-छात्राएं अपनी सीट भी बुक करा सकेंगे।

हम 38 वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के साथ सभी वर्गों का जुड़ाव चाहते हैं। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना हमारे लिए गौरव का विषय है। सभी खेल मुकाबलों में प्रवेश निशुल्क रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस महा आयोजन के गवाह बन सके। मैं छात्र-छात्राओं और युवाओं से खास तौर पर अपील करूंगा कि वह इस आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री