ऋषिकेश में 1800 करोड़ से विकास कार्यों को लेकर हुई हितधारकों की बैठक

उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) के अंतर्गत ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन व स्वर्गाश्रम में 1800 करोड के माध्यम से निकायों के विकास को लेकर संबंधित क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने की।

सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में डॉ अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की बाह्य सहायतित परियोजना के तहत ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन व स्वर्गाश्रम में 1800 करोड की धनराशि से वेंडिंग जोन, सीवरेज सिस्टम, पेजयल आपूर्ति, नगरीय यातायात प्रबंधन, बाढ़ प्रबंधन, हरित विकास व सौंदर्यीकरण, पार्किंग आदि कार्य किए जाने हैं। बताया कि अगले छह साल के भीतर यह कार्य किए जाएंगे। जिसमें प्रथम चरण में 900 करोड़ तथा दूसरे चरण में 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

बैठक में पुरानी सीवरेज लाइन को चौड़ी करने, ब्रह्मपुरी के समीप राफ्टिंग को साइलेंट जोन घोषित करने, ट्रांसपोर्ट नगर की मांग, नगर के चौराहों का जैसे शंख, धनुष आदि की आकृति में सौंदर्यीकरण, फायर ब्रिगेड की लाइन अलग से किए जाने, यात्रा काल में बाईपास से ट्रैफिक शिफ्ट न करने, गौ सेवा केंद्र खोले जाने, गला व कृषि व्यापारियों के लिए नवीन मंडी स्थल तलाश करने तथा स्थापत्य पर पेयजल व्यवस्था किए जाने संबंधित अन्य कई सुझाव प्राप्त हुए।

इस अवसर पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझाव पर अमल किया जाएगा। इसके अलावा ननेकपच/हउंपस.बवउ के जरिए भी लोग अपने सुझाव दे सकते हैं। इससे पूर्व, बैठक में उपस्थित हित धारकों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा मंत्री डॉक्टर प्रेमचंद अग्रवाल का 1800 करोड़ रुपए से विकास कार्यों के लिए करने पर आभार प्रकट किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए चंद्रेश कुमार, अपर कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए विनय मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, महामंत्री प्रतीक कालिया, व्यापारी नेता पंकज गुप्ता, राजेश व्यास, नरेश अग्रवाल, ललित जिंदल, पवन शर्मा, अखिलेश मित्तल, दीप शर्मा, संजय शास्त्री, जगमोहन सकलानी, महिला मोर्चा भाजपा जिलाध्यक्ष कविता शाह, पंजाबी महासभा से सुभाष कोहली, केके लाम्बा, प्रदीप गुप्ता, विवेक वर्मा, प्रदीप कोहली, स्वामी हरीग्रीवाचार्य, कपिल गुप्ता, कांग्रेस नगर अध्यक्ष राकेश मियां, सीए चंद्रशेखर, राम कृपाल गौतम, दीपक धमीजा आदि मुनिकीरेती, तपोवन व स्वर्गाश्रम क्षेत्र के व्यापारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ संजय ड्राइव, सागर, मध्य प्रदेश में आयोजित लाखा बंजारा लेक रिजुवनेशन एण्ड लेक फ्रन्ट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार को एक वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश की पवित्र भूमि में जन्म लेकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले भारत रत्न, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को कोटि-कोटि नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा लाखा बंजारा झील के पुनर्निर्माण के लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर उनके मन में सागर में बिताए गए अपने बचपन के दिनों की यादें पुनः ताजा हो गई। सागर क्षेत्र की अनेक स्मृतियां उनके मन मस्तिष्क में हैं। इन सालों में मध्य प्रदेश और सागर क्षेत्र ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर क्षेत्र उनके जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा है। उनके स्व. पिताजी महार रेजिमेंट में थे। उस दौरान उनकी पोस्टिंग सागर में हुआ करती थी। उन्हीं दिनों उन्होंने अपने छात्र जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष सागर में बिताए। उन्होंने कहा सागर की भूमि और यहां के लोग के प्रति उनके मन में सम्मान है। यहाँ की प्रत्येक गली, रास्ता और झील उनकी स्मृतियों में हमेशा जीवंत रहती है। सागर की पुण्यभूमि ने उन्हें संस्कार, जीवन में नई दृष्टि और प्रेरणा प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा सागर की भूमि ने उनके जीवन में उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है। इस भूमि से उनका रिश्ता सदा अटूट रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सागर क्षेत्र का कायाकल्प किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अपने पहले वर्ष में मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव स्थापित की है। वो बहुत सहजता से कार्य करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चार वर्षों में डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार मध्य प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा डबल इंजन सरकारें देशभर में विकास की गति को लगातार आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में उनकी सरकार को भारी जनसमर्थन मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। जिसमें हम सभी ने अपना योगदान देना है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महाकाल लोक के साथ केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य निर्माण कार्य किया गया है। देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक को मंजूरी दे दी है। समान नागरिक की गंगा देवभूमि से ही संपूर्ण देश में जायेगी। उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार का संकल्प है कि देवभूमि उत्तराखंड का मूल स्वरूप हमेशा बना रहना चाहिए। ये सभी कार्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती प्रदान करने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आज विकास की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर डबल इंजन की सरकारें प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम प्राप्त कर रही है।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

स्वामी श्रद्धानंद के विचारों से प्रभावित होकर हजारों दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनायाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओल्ड गुरूकुल कांगड़ी में अमरहुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द महाराज के 99वे बलिदान दिवस पर आयोजित राष्ट्रभक्त महायज्ञ में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने देश की समता के लिए जो प्रयास और संघर्ष किया, वह स्मरण करने का दिन भी है। स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने 20वीं सदी के प्रारंभ में भारत में स्वतंत्रता और वैदिक शिक्षा का एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया था, जिसने कट्टरपंथियों की ओर अंग्रेजों की नींव हिलाने का काम किया था। स्वामी श्रद्धानन्द के विचारों से प्रभावित होकर, हजारों की संख्या में दूसरे धर्म के लोगों ने पुनः सनातन को अपनाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धानंद महाराज ने 1902 में हरिद्वार की पवित्र धरती पर गुरुकुल रूपी बीज रोपित किया था, जो आज एक विशाल वट वृक्ष बनकर पूरी दुनिया को वैदिक शिक्षा का प्रकाश एवं शिक्षा देने का काम कर रहा है। यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है बल्कि राष्ट्र निर्माण और वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार का भी एक मजबूत स्तंभ है। इस विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में जहां एक ओर गौतम, कपिल, कणाद, जैमिनी आदि ऋषियों के जीवन दर्शन का पूरा समावेश है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवाद की भावना का तत्व भी विद्यमान है। इसी विश्वविद्यालय से हजारों शिक्षार्थियों ने विश्व बंधुत्व का भाव लेकर शिक्षा धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कुटुंबकम की भावना से एक पृथ्वी-एक परिवार और एक भविष्य की अवधारणा को वैश्विक मंचों पर साकार कर रहा है। आज भारत की हर उस बात को जो दुनिया के हित में है, मानवता के हित में है, जो प्रधानमंत्री के द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है, उन्हें पूरी दुनिया अपना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में 100 से भी अधिक देशों को हमारी सरकार ने कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने का काम किया था। योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जाने, मानवता के एक सूत्र में पिरोने का कार्य प्रधानमंत्री ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में सनातन संस्कृति के उन्नयन, संरक्षण, संवर्धन के लिए लगातार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य हुए हैं। मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज़ की पढ़ाई प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। जिसमें अनेक प्रकार के शोध और अनुसंधान के कार्य होंगे। इस केंद्र में हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हुए विभिन्न विषयों पर शिक्षण और शोध के कार्य के साथ अन्य नवाचार के कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर सनातन संस्कृति के संवर्धन एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार प्रसार के माध्यम से भारत को फिर से पुनः विश्व गुरु बनाने में अवश्य सफल होंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कुलाधिपति सत्यपाल मलिक, विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रणव चौम्पियन, संजय गुप्ता, विवेक ऑबराय, योगानंद शास्त्री, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल उपस्थित थे।

पेयजल विभाग को गोबर धन योजना के सफल संचालन को प्रभावी कार्ययोजना के अध्ययन के निर्देश

राज्य में ग्रामीण रोजगार एवं किसानों की आय को बढ़ावा देने के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम गोबर धन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेयजल, पशुपालन, उरेडा, डेयरी, कृषि विभाग को जिम्मेदारी तय करते हुए कार्य योजना पर समन्वयित प्रयासों से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सीएस राधा रतूडी ने पेयजल विभाग को गोबर धन योजना के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अध्ययन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डेयरी विकास विभाग के तहत प्रस्तावित बायोगैस योजनाओं के समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने बायोगैस संयत्रों हेतु गोबर, अन्न आदि स्थानीय किसानों से खरीदने के निर्देश दिए हैं। डेयरी विकास के तहत गढ़वाल दुग्ध संघ (श्रीनगर) द्वारा 400 किलो बायोगैस प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो गैस संयंत्र संयुक्त उद्यम मॉडल पर स्थापित किया जा रहा है। संयुक्त उद्यम हेतु प्राइवेट उद्यमी का चयन किया जा चुका है। गोबर का उपार्जन तथा प्लांट का संचालन प्राइवेट पार्टनर द्वारा किया जाएगा। यहां पर 400 किग्रा बायोगैस प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायोगैस संयंत्र, 1000 किग्रा प्रतिदिन क्षमता की बायो पेंट इकाई एवं 3000 किग्रा प्रतिदिन उत्पादन क्षमता की जैविक खाद इकाई स्थापित की जा रही है। संयंत्र के संचालन हेतु प्रतिदिन 4 हजार किग्रा० गोबर तथा लगभग 3 हजार किग्रा० बायोमास की आवश्यकता होगी।श्रीनगर से 25 किलोमीटर के दायरे में लगभग 29 दुग्ध समितियां एवं 2 गौशालायें स्थित हैं जिसके अंतर्गत लगभग 150 सदस्य एवं 400 पशु आच्छादित करते हुए बायोगैस संयंत्र हेतु लगभग 4000 किग्रा० गोबर क्रय किया जायेगा। बायोगैस सयंत्र हेतु आवश्यक अतिरिक्त कच्चे माल की उपलब्धता बायोमास के द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। प्लांट संचालन के उपरान्त उत्पादित बायोगैस का उपयोग दुग्ध प्रसंस्करण तथा बेकरी उत्पाद हेतु किया जायेगा। बायोगैस के अतिरिक्त लगभग 3 मीट्रिक टन जैविक खाद एवं आवश्यकता अनुसार बायो पेंट का उत्पादन किया जायेगा। बायोगैस संयंत्र पर गोबर पहुंचाने पर किसानों से रू० 02.00 प्रति किग्रा की दर से गोबर क्रय किया जायेगा तथा गांव / समिति स्तर परं एग्रीगेशन पॉइंट में गोबर क्रय की दर रू० 01.00 प्रति किग्रा होगी।

इसके साथ ही आँचल पशु आहार निर्माणशाला रुद्रपुर के तहत 1000 किलों बायो सीएनजी प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो गैस संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस प्लांट की स्थापना एवं संचालन का कार्य ठव्ज् मॉडल में प्रस्तावित किया जा रहा है। गोबर गैस संयंत्र की स्थापना प्राइवेट पार्टनर द्वारा की जायेगी तथा निर्धारित अवधि में संचालन के उपरान्त यू०सी०डी०एफ०. को हस्तांतरित किया जायेगा। पशु आहार निर्माणशाला में डेयरी विकास विभाग के नाम से कुल 04.85 हेक्टेयर भूमि आवंटित है जिसमें से वर्तमान में 01.60 हेक्टेयर भूमि अनुपयोगी है। प्लांट की स्थापना हेतु लगभग 1.5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी जिसके लिये उक्त अनुपयोगी भूमि का उपयोग किया जायेगा। संबंधित भूमि पर 1000 किग्रा० बायो सी०एन०जी० प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का बायो सी०एन०जी० संयंत्र, 5000 किग्रा० प्रतिदिन क्षमता की पेन्ट इकाई एवं 30000 किग्रा० प्रति दिन क्षमता की एक जैविक खाद (च्त्व्ड) इकाई स्थापित की जायेगी।इस संयंत्र के संचालन हेतु प्रतिदिन 25 हजार किग्रा गोबर तथा लगभग 15 हजार किग्रा बायोमास की आवश्यकता होगी। बायो सी०एन०जी० संयंत्र रुद्रपुर से 30 किलोमीटर के दायरे में लगभग 3225 पशु आच्छादित करते हुए लगभग 32000 किग्रा०/दिन गोबर क्रय किया जायेगा। बायो सी०एन०जी० के अतिरिक्त लगभग 24 मीट्रिक टन च्त्व्ड एवं आवश्यकता अनुसार बायो पेट का उत्पादन किया जायेगा। गोबर की उपलब्धता हेतु दुग्ध मार्गाे पर स्थित दुग्ध समितियों अथवा अन्य दुग्ध उत्पादकों से गीबर क्रय किया जायेगा। बायो सी०एन०जी० सयंत्र पर गोबर पहुंचाने पर किसानों से रू0 2 प्रति किग्रा की दर से गोबर क्रय किया जायेगा तथा गांव/समिति स्तर पर एग्रीगेशन पॉइंट में गोबर क्रय की दर रू० 01.00 प्रति किग्रा होगी। बायो सी०एन०जी० सयंत्र हेतु अतिरिक्त कच्चे माल की आवश्यकता बायोमास के द्वारा पूर्ति की जायेगी।

बैठक मे भविष्य में बायोगैस योजनाओं के विषय में जानकारी दी गई कि व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र योजनान्तर्गत चयनित लाभार्थियों को 02 घन मी क्षमता के व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र स्थापित कराये जायेगे। कच्चे माल के रूप में लगभग 40 से 50 किग्रा० गोबर की प्रतिदिन आवश्यकता होगी जो 4 से 5 पशुओं से प्राप्त हो सकेगा। प्लांट से उत्पन्न होने वाली बायोगैस को लाभार्थी घरेलू एल०पी०जी० के विकल्प के रूप में उपयोग करेंगे। प्रस्तावित प्लांट हेतु लगभग रू0 50 हजार की आवश्यकता आंकलित की गयी जिसमे लगभग रु० 17 हजार एन०डी०डी०बी से अनुदान के रूप में प्राप्त होगा तथा अवशेष धनराशि बौद्ध राज्य सहायता एवं सम्बन्धित लाभार्थियों द्वारा वहन की जायेगी।सार्वजनिक एवं संयुक्त बायोगैस संयंत्र योजना के तहत क्लस्टर आधारित 25 एवं 40-50 घन मी ० श्रमता के सार्वजनिक बायोगैस संयंत्र स्थापित कराये जायेंगे जिसमे क्रमशः 10-15 एवं 20-25 परिवारों का समूह मिलकर कार्य करेगें। कच्चे माल के रूप में क्रमशः लगभग 600 किग्रा० एवं 1200 किग्रा० गोबर की प्रतिदिन आवश्यकता होगी जो 60-120 पशुओं से प्राप्त हो सकेगा।

उत्पन्न बायो गैस का संबंधित लाभार्थियों द्वारा घरेलू एल०पी०जी० के विकल्प के रूप में उपयोग करेंगे। 25 घन मी० क्षमता के प्रस्तावित प्लांट एवं पाइप लाइन इत्यादि की स्थापना हेतु लगभग 3.50 लाख रुपये एवं 40-50 घन मी० क्षमता के प्रस्तावित प्लांट हेतु लगभग रू0 7.00 लाख की आवश्यकता आंकलित की गयी जिसमें क्रमशः रू0 70400 एवं रू0 2.0 लाख एन०डी०डी०बी से अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे तथा अवशेष धनराशि ब्ैत्/ राज्य सहायता एवं संबंधित लाभार्थियों द्वारा वहन की जायेगी।

बैठक में सचिव डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित पेयजल, पशुपालन, डेयरी, उरेडा एवं कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने किया चार स्थानों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनक चौक, देहरादून में 188.07 करोड़ की कुल 74 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 111.22 करोड़ की लागत के 36 लोकर्पण कार्य और 76.85 करोड़ के 38 शिलान्यास के कार्य शामिल हैं। इसके तहत देहरादून के चार स्थानों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण, लगभग 11 करोड़ की लागत से बनने वाली 2 ऑटोमेटेड पार्किंग और एक भूतल पार्किंग का शिलान्यास कार्य भी शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाल-भिक्षावृत्ति निवारण प्रयासों के अंतर्गत 3 रेस्क्यू एवं पुनर्वास वाहनों का फ्लैग ऑफ एवं जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय में पत्र प्रबंधन डेस्क का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा एवं नगर विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इन विकास योजनाओं से देहरादून और आस -पास के क्षेत्रों में लोगों को काफी सुविधा होगी। देहरादून शहर में भीड़-भाड़ वाले स्थानों के लिए लगभग 11 करोड़ की लागत से बनने वाली 2 ऑटोमेटेड पार्किंग और एक भूतल पार्किंग बनने से ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलेगी व समय और संसाधनों की भी बचत होगी। बाल-भिक्षावृत्ति निवारण प्रयासों के अंतर्गत आज से प्रारंभ किए जा रहे 3 रेस्क्यू एवं पुनर्वास वाहन शहर में भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। देहरादून जिलाधिकारी कार्यालय में पत्र प्रबंधन डेस्क शुरू होने से जिलाधिकारी कार्यालय में आने वाले पत्रों की ट्रैकिंग और प्रबंधन प्रक्रिया सुदृढ़ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत स्मार्ट टॉयलेट्स बनाने के साथ ही स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट की शुरुआत की गई है। स्मार्ट स्कूलों की स्थापना करने के साथ ही लैंसडाउन चौक पर 650 पाठकों की क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। हर्रावाला में 300 बेड वाले कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई का उच्चीकरण भी किया गया है। देहरादून को आदर्श शहर के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के 5 सबसे अच्छे शहरों में देहरादून को भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को वायु प्रदूषण से मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ शहर में 4 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों का शुभारंभ किया गया है। 7 अन्य स्थानों पर भी इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया गतिमान है। इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के माध्यम से एक ओर जहां शहरवासियों को अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बल मिलेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सहदेव सिंह पुंडीर, सविता कपूर, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा नेता पुनीत मित्तल, अनिल गोयल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

गंगा कॉरिडोर को विकसित करने को जनप्रतिनिधियों के सुझावों को करेंगे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भेंट की। इस अवसर पर हरिद्वार ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को आगामी 25 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाने पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जन प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल किया जाएगा। अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं इसमें कॉरिडोर के क्षेत्र में आने वाले भवनों को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। सौंदर्यीकरण का कार्य बिना ध्वस्त किए किया जाएगा।पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा। गंगा कॉरिडोर के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश में ओपन स्पेस विकसित किया जाएगा। इससे स्नान पर्वों पर भीड़ का दबाव भी काम होगा।

उत्तराखंड की फिल्म नीति की अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में बॉलीवुड की अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बड़े फिल्म शूटिंग डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है। देशभर से फिल्म निर्माता उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए आ रहें हैं। यहां फिल्मांकन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार, इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति, राज्य में फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। बॉलीवुड के साथ ही स्थानीय बोली भाषाओं पर आधारित फिल्मों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देवभूमि में आने वाला हर कोई यहां का बेहतर अनुभव लेकर जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है।

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड के लिये की निःशुल्क भूमि आवंटित

प्रयागराज महाकुंभ-2025 में उत्तराखंड का अपना पवेलियन होगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उत्तराखंड राज्य को सेक्टर-7 कैलाशपुरी मार्ग, पूर्वी पटरी प्रयागराज में 100×400 वर्ग फिट भूमि निःशुल्क आवंटित कर दी है। इस भूमि पर उत्तराखंड राज्य का पंडाल सजेगा, जहां मेलार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। भूमि आवंटन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट किया है।

प्रयागराज महाकुंभ-2025 की तैयारियों के जोर पकड़ने के साथ ही उत्तराखंड में भी मेलार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाकुंभ मेले में उत्तराखंड के पंडाल के लिए अलग से भूमि आवंटन का अनुरोध उत्तर प्रदेश सरकार से किया था। सीएम धामी के आग्रह पर यह भूमि आवंटित कर दी गई है। प्रदेश सरकार इस पंडाल में मेलार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध करेगी। पंडाल के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति की झलक भी देश-दुनिया भर से आए मेलार्थियों को देखने को मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखंड से प्रयागराज महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाले साधु संतों और अन्य सभी आम लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मेला र्थियों की सुविधा के लिए परिवहन की व्यवस्था भी सरकार करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने देहरादून पहुंचकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को महाकुंभ मेले में विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

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मां गंगा और यमुना का उद्गम क्षेत्र उत्तराखंड है। प्रयागराज इन दोनों पवित्र नदियों का संगम स्थल है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरव की बात है कि आज यहां महाकुंभ मेला आयोजित हो रहा है। उत्तराखंड पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ प्रयागराज महाकुंभ-2025 में भागीदारी करेगा, साथ ही इस महा आयोजन को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। स्नान आदि के लिए अतिरिक्त जल की जरूरत होगी तो उत्तराखंड से अतिरिक्त जल छोड़ा जाएगा। इसके अलावा परिवहन आदि व्यवस्थाओं में भी पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड 

हमारे प्राचीन गुरुकुलों में भी संवाद और चर्चा को शिक्षा का आधार माना गयाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित गंग धारा-विचारों का अविरल प्रवाह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ी उत्पादों पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम हेतु आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को पोषित करने के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। जिस प्रकार गंगा का प्रवाह अविरल है, उसी प्रकार हमारे विचारों का प्रवाह भी गतिमान रहता है। विचारों का प्रवाह हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा विचारों का आदान-प्रदान सदैव हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है। हमारे प्राचीन गुरुकुलों में भी संवाद और चर्चा को शिक्षा का आधार माना गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति पर हमें श्रद्धेय स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इस दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के दौरान पलायन, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण जैसे विषयों के साथ हिमालयी क्षेत्रों की धारण क्षमता पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सभी विषय हमारे राज्य के साथ समस्त हिमालयी क्षेत्र के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य कर रहा है। लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, राज्य में सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने, एवं समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना करने जा रही है। जहाँ हिंदू सभ्यता, दर्शन, इतिहास और सिद्धांतों पर गहन अध्ययन और शोध कार्य किया जाएगा। इकॉनमी और इकोलॉजी के समन्वय के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तराखंड एकमात्र राज्य है जहां जीडीपी के साथ जीईपी को भी मापने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य सरकार स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता पर कार्य किया। जिसे जनवरी 2025 तक लागू कर दिया जाएगा। समान नागरिक संहिता के कई प्रावधानों का सरलीकरण किया जा रहा है। इसे समझने हेतु एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही तेज की है। सख्त धर्मांतरण कानून, दंगा रोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार ने जो भी कार्रवाई की है, वो किसी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के उद्देश्य से की है।

इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, कुलपति दून विश्वविधालय डॉ. सुरेखा डंगवाल, एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने दिए दिल्ली मार्ग पर बसों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में ग्रैप-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) पॉलिसी लागू होने के कारण, दिल्ली में वाहनों के प्रवेश में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम को इस रूट पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए हैँ। इसके बाद परिवहन निगम, बसों का फेरा बढ़ाने के साथ ही नई खरीदी गई बसों का संचालन करते हुए यात्रियों को हर तरह की सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है।

अपर सचिव परिवहन, नरेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बीएस-3 एव बीएस-4 बसों के नई दिल्ली में प्रवेश के रोक के दृष्टिगत उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में कई कदम उठाए हैं। वर्तमान में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के पास 185 सीएनजी बसें उपलब्ध हैं, जिन्हें दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है।

साथ ही बीएस 6 मॉडल की 12 वोल्वो बसों के फेरे बढ़ाते हुए, रिशिड्यूलिंग के जरिए दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा निगम द्वारा हाल में खरीदी गई बीएस-6 माडल की 130 डीजल बसों को भी प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों से दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है।

अपर सचिव परिवहन ने बताया कि वर्तमान में लीन सीजल के कारण यात्रियों की उपलब्धता 50 प्रतिशत के लगभग ही चल रही है, फिर भी यदि किसी स्टेशन विशेष पर दिल्ली के यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो तत्काल अतिरिक्त बसें संचालित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि जो बसें दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं, उनको यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार मोहननगर व कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) तक दिल्ली बॉर्डर पर पहुँचाया जा रहा है। बॉर्डर से दिल्ली के अंदर यात्रियों को ले जाने के लिए डीटीसी की बसों के प्रयोग के लिए भी दिल्ली सड़क परिवहन से समन्वय बनाया जा रहा है। साथ ही उत्तराखण्ड के सभी डिपो एवं सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उत्तराखण्ड परिवहन निगम का प्रयास है कि एक भी यात्री को उत्तराखण्ड से दिल्ली आवागमन में कोई भी कठिनाई न हो। यात्रियों के आवागमन की स्थिति पूर्णतया सामान्य है।