नेशनल गेम्सः छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक लाइन में, अन्य राज्यों से भी रजिस्ट्रेशन

38 वें नेशनल गेम्स की तेज होती तैयारियों के बीच वॉलंटियर बनने का जबरदस्त क्रेज है। कॉलेजों के छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक वॉलंटियर बनने के लिए लाइन में हैं। यही नहीं, उत्तराखंड से बाहर के अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दस हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि विभाग की आवश्यकता दो से ढाई हजार वॉलंटियर्स की है। नेशनल गेम्स के शुभंकर समेत अन्य प्रतीकों की लॉंचिंग के बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है।

नेशनल गेम्स सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार नेशनल गेम्स जैसे बडे़ आयोजन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। वॉलंटियर नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि कई रिटायर्ड अफसरों ने भी वॉलंटियर बनने की इच्छा प्रकट करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं।

इस तरह बन सकेंगे नेशनल गेम्स वॉलंटियर
यदि आप नेशनल गेम्स में वॉलंटियर बतौर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप खेल विभाग की वेबसाइट 38दहना-पद पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह जरूरी है कि आपकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपके स्तर पर दी गई जानकारी के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आपको श्रेणियों के दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से एक खेल पृष्ठभूमि को इंगित करता विकल्प होगा, जबकि दूसरा विकल्प सामान्य होगा।

वॉलंटियर बनें या ना बनें, मिलेगा सर्टिफिकेट
नेशनल गेम्स के वॉलंटियर के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप विभाग से एक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अधिकारी हो जाएंगे। यह ई-सर्टिकिकेट होगा, जो कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर एक को दिया जाएगा। वॉलंटियर बतौर चयनित हो जाने वालों को नेशनल गेम्स 2025 का सर्टिफिकेट अलग से मिलेगा। चयनित वॉलटियर को विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। स्पोर्ट्स इवेन्ट से लेकर पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाओं में वॉलंटियर सहयोग करेंगे।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध
नेशनल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2024 तय की गई है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तिथि विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है। खेल विभाग ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। खेल विभाग जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक वॉलंटियर के चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहता है, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण व तैनाती संबंधी कार्य फाइनल किए जा सकें।

नेशनल गेम्स का आयोजन किसी विभाग का नही, बल्कि ये पूरे उत्तराखंड का है। सभी के सहयोग से उत्तराखंड नेशनल गेम्स का भव्य आयोजन करेगा। मैं सभी से ये आह्वान करता हूं कि इस महा आयोजन के साथ वह किसी न किसी रूप में अवश्य जुड़े। नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना हमारा सौभाग्य है।

जनवरी 2025 से प्रदेश में यूसीसी लागूः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस तरह उत्तराखंड, आजादी मे बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला प्रदेश बन जाएगा।

सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है। इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा।

– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

राज्य में जल और सीवर में सरचार्ज माफी की अवधि को 31 मार्च, 25 तक बढ़ाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर अमल करते हुए शासन ने प्रदेश के जल और सीवर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। जल और सीवर के अवशेष देयकों के एकमुश्त भुगतान पर सम्पूर्ण सरचार्ज माफी की अवधि को अगले वर्ष 31 मार्च, 25 तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बीते नवंबर माह में जल और सीवर के अवशेष देयकों का 31 दिसंबर तक एकमुश्त भुगतान किए जाने पर विलंब शुल्क की धनराशि को शत प्रतिशत माफ करने की घोषणा की थी। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इसका लाभ उठाया है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुनः जल व सीवर माफी के अवशेष देयकों के एकमुश्त भुगतान करने की दशा में विलंब शुल्क की शत प्रतिशत माफी की अवधि को अगले वर्ष 31 मार्च 25 तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने जौनपुर में कई घोषणाएं कर क्षेत्रवासियों को दी विकास की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रा.इ.कॉ. गरखेत नैनबाग टिहरी गढ़वाल पहुंचकर जौनपुर क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास महोत्सव में प्रतिभाग किया। समिति द्वारा मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत करते हुए कोट एवं टोपी पहनाकर सम्मान किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने द्वारगढ़ से हिंगोती भद्रराज मंदिर तक 6 किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण, अगलाड़ थत्यूड़ मोटर मार्ग किमी 10 से ठक्कर कुदाऊं , खास कुदाऊं होते हुए स्वेल चक तक 4 किमी मोटर मार्ग निर्माण , गरखेत में स्थाई हैलीपेड निर्माण, जौनपुर क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि महोत्सव में पहुंचकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हुई। महोत्सव द्वारा खेल, विकास, लोक संस्कृति एवं परंपराओं को संजोए रखने के साथ ही उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी संस्कृति, बोली-भाषा का संरक्षण करने, पूर्वजों की विरासत को सहज कर रखने की बात कही गई, जिसके लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि मेले प्रेम, स्नेह, अपनत्व की भावना बढ़ने के साथ ही सामरिक एवं सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति हमारी मूल पहचान है। हमारे प्रवासी भाई और बहनों द्वारा सात समुंदर पार भी अपनी संस्कृति को जीवित रखने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनी बोली भाषाओं के साहित्य सृजन एवं प्रोत्साहन देने हेतु उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान दिया जा रहा है। फिल्म नीति बनाई गई है जिसके तहत विभिन्न स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित कर फिर निर्माण हेतु धनराशि दी जा रही है। सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों को भव्य रूप देने के लिए पुनर्निर्माण के कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पलायन रोकथाम एवं समग्र विकास के कार्य किए जा रहे हैं। शासकीय सेवाओं में नौकरी सृजन के साथ ही दुग्ध, मौन पालन, कृषि, बागवानी, होमस्टे आदि क्षेत्रों में कार्य कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला समूह द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की मांग आज देश-विदेश में काफी बढ़ रही है।

पहाड़ी उत्पादों का पहचान दिलाने के लिए हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड के उच्च गुणवत्ता के उत्पाद राज्य में ही नहीं अपितु राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। उत्तराखंड की एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है और सवा लाख तक के लक्ष्य को जल्द पूरा करेंगे। किसानों को 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले साढ़े तीन साल में सरकारी सेवाओं में उन्नीस हजार नौकरियां प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों के कारण ही हमारी लोक संस्कृति और भी अधिक सुदृढ़ होती है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अद्भुत कार्य करने के लिए उन्होने आयोजकों के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सरकार सख्त भू कानून बनाने के लिए संकल्पबद्ध है और इसके लिए शासन-प्रशासन स्तर पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। जल्दी ही भू कानून का प्रारूप तैयार किया जाएगा और जिन लोगों ने गलत तरीके से उत्तराखंड में भूमि खरीदी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री द्वारा महोत्सव में प्रतिभाग करने पर क्षेत्रीय जनता की ओर से आभार व धन्यवाद प्रकट किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के विकास कार्यों एवं उपलब्धियों को गिनाते हुए क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष मांग पत्र रखा।

इस अवसर पर विधायक राजपुर खजान दास, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष ओबीसी आयोग संजय नेगी, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक सीता रावत, डीएम मयूर दीक्षित, प्रभारी एसएसपी सरिता डोभाल, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मनमोहन मल्ल सहित सुभाष रमोला मेला समिति के अध्यक्ष सुरेश पंवार सहित जनप्रतिनिधिगण व क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

11 लैब असिस्टेंट एवं 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में 45 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें गृह विभाग के अन्तर्गत 11 लैब असिस्टेंट एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अन्तर्गत 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन की एक नई शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्य क्षेत्र में पूरी लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे। अगर नियमित दिनचर्या के साथ हम कार्य शुरू करते हैं, हर राह आसान होती है। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपने कार्यक्षेत्र में विशेष योगदान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में राज्य में सरकारी सेवाओं में 19 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रिया गमितान है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य रजतोत्सव वर्ष में प्रवेश कर गया है। राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा आगामी 25 वर्षों की राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किये जा रहे हैं। आजादी के अमृत काल में उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सभी प्रदेश वासियों का अहम योगदान होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक दिलीप रावत, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक खेल एवं युवा कल्याण प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने राज्य के सभी हेल्थ सेन्टर, हॉस्पिटल तथा मेडिकल कॉलेजों में सोलर रूफटॉप पैनल लगाने के निर्देश दिए

समयबद्धता से कार्य न होने की दशा में योजनाओं की लागत बढ़ने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को व्यय वित्त समिति में अनुमोदित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर करने की सख्त हिदायत दी हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव स्वास्थ्य को राज्य के सभी हेल्थ सेन्टर, हॉस्पिटल तथा मेडिकल कॉलेजों में अनिवार्यतः सोलर रूफटॉप पैनल लगाने हेतु तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने महानिदेशक शिक्षा को राज्य के सभी स्कूल एवं हॉस्टल में भी सोलर रूफटॉप पैनल लगाने हेतु आज ही आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को अधिक मातृत्व मृत्यु दर वाले संवेदनशील क्षेत्रों में मेटरनल डेथ ऑडिट करने के बाद इन क्षेत्रों में पर्याप्त डॉक्टर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिला चिकित्सालय चम्पावत के तहत लोवर ग्राउण्ड फलोर पर पार्किंग निर्माण, प्रथम एवं द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग तथा ओटी के निर्माण हेतु सैद्धान्तिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है। जनपद चम्पावत में चिकित्सकीय सुविधाओं की बढ़ती मांग के दृष्टिगत पृथक पार्किंग एवं एडमिनिस्टेªटिव विंग के निर्माण से मुख्य भवन में लगभग 6 कक्ष खाली हो जायेगे, जिनकों अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं हेतु उपयोग में लाया जायेगा। चिकित्सालय को और अधिक सुविधायुक्त बनाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त कार पार्किंग से मरीजों/तीमारदारों को कार पार्किंग की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी तथा वर्तमान पार्किंग स्पेस का इस्तेमाल विभागीय वाहन एम्बुलेन्स आदि की पार्किंग हेतु किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज की ईएफसी में जनपद उत्तरकाशी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुरोला को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत करने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया। सीएस ने इस योजना में रिवर प्रोटेक्शन वर्क पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जनपद हरिद्वार में उप जिला चिकित्सालय रूड़की में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण कार्य, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, बागेश्वर के भवन/छात्रावास के निर्माण कार्य तथा जनपद हरिद्वार के खानपुर में 50 बेड के उपजिला चिकित्सालय भवन एवं आवासीय भवन के निर्माण कार्याे पर सैद्धान्तिक एवं वित्तीय अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव डा0 आर राजेश कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने कांडा महोत्सव में 84.80 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांडा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिले की 83 करोड़ की 11 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1.80 करोड़ की योजना का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को और गति प्रदान करने के लिए अनेक घोषणाएं भी की।

कांडा महोत्सव को राज्य की अनमोल धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव की हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने तथा उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में अद्वितीय योगदान देने में बड़ी भूमिका रही है। ये महोत्सव हमारे छोटे व्यापारियों, कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री करने का मंच प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति ही हमारी मूल पहचान है और हम जीवन में किसी भी स्तर पर हों या विश्व में कहीं भी चले जाएं, हमारी पहली पहचान ये है कि हम उत्तराखंड वासी हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, उत्तराखण्ड के पहनावे और उत्तराखण्ड के खान पान पर हमें सदैव गर्व रहना चाहिए। उन्होने कहा कि ऐसे आयोजनों के कारण ही हमारी लोक संस्कृति और भी अधिक सुदृढ़ होती है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अद्भुत कार्य करने के लिए उन्होने आयोजकों के प्रयासों को भी सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है। वहीं वोकल फॉर लोकल,मेक इन इंडिया,मेड इन इंडिया जैसे पहलुओं के माध्यम से हमारे स्थानीय उद्योगों और स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। इस दिशा में हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत भी की है। जिसमें स्थानीय उत्पादों को राज्य में ही नहीं अपितु राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है। पहाड़ी उत्पादों का पहचान दिलाने के लिए हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने एक जनपद दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों में बढ़ोत्तरी किए जाने का काम अनवरत रूप किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पहाड़ों से हो रहे पलायनों को रोका जाए। गांव में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय निवासियों को होम स्टे के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान किया जा रहे हैं। उत्तराखंड में होम स्टे पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों आजीविका मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए सरकार ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। रेल लाइन बनने से बागेश्वर के साथ ही चंपावत व पिथौरागढ जनपदों में भी विकास के अनेकों संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विकास के लिए वह सब कार्य पूर्ण हो रहे हैं, जिनका यहां की जनता को लंबे समय से इंतजार था।

जिले के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं-
कांडा को विकासखंड़ बनाने के लिए जो भी औपचारिकताएं है उसे आगे बढाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। बनकोट क्षेत्र को बागेश्वर क्षेत्र में जोड़ने के लिए दोनों क्षेत्रों से एनओसी लेकर विधिक राय लेकर उस पर कार्यवाही की जाएगी। जनपद में सैनिकों के लिए कैंटीन भवन का निर्माण कराया जाएगा। कांडा क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग निर्माण व राइंका देवतोली भवन का पुर्ननिर्माण कार्य एवं देवतोली क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री ने सरयू घाटी एवं शामा क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराये जाने के साथ ही बिलखेत-गैराड़ मोटर मार्ग का नाम स्व.हीरा सिंह धपोला एवं कर्मी-तोली मोटर मार्ग का नाम स्व. हयात सिंह गढ़िया के नाम से रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांडा में नर्सिंग कॉलेज निर्माण जल्द पूर्ण कराया जाएगा तथा बागेश्वर में नशा मुक्ति केंद्र का कार्य किया जाएगा तथा जिले में सभागार निर्माण हेतु रेडक्रॉस भवन का निर्माण कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास एवं लोकार्पण-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले के लिए 8299.64 लाख की 11 योजनाओं का शिलान्यास एवं 180.25 लाख की एक योजना का लोकार्पण किया। विधानसभा बागेश्वर अंतर्गत रूनीखेत-गांधीग्राम-अमतौड़ा मोटर मार्ग में डामकरीकरण कार्य 192.30 लाख एवं अकुणाई-अणा-लोहारचौरा मार्ग का सुधारीकरण कार्य 442.08 लाख तथा विधानसभा कपकोट अंतर्गत कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा मोटरमार्ग में सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य 2294.03 लाख,कफनी ग्लेशियर मार्ग पर सुंदरढुंगा ग्लेशियर से कफनी ग्लेशियर की ओर क्षतिग्रस्त मार्ग का नव निर्माण 96.98 लाख, बागेश्वर-कपकोट-तेजम मोटर मार्ग व असों बैड़ा पाखड़ दोफाड़ मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य 94.73 लाख तथा चीराबगड़ से पोथिंग मोटर मार्ग कार्य 768.46 लाख, भ्यूं गुलेर मोटर मार्ग 661.62 लाख, भ्यूं गड़ेरा मोटर मार्ग 927.89 लाख, खंडलेख भनार मोटर मार्ग 542.66 लाख, कपकोट-पिंडारी-रिखाड़ी-वाछम मोटर मार्ग 1591.29 लाख व कमेड़ी देवी स्यांकोट मोटर मार्ग 687.60 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया। वहीं जिस एक योजना का लोकार्पण किया उसमें विधानसभा कपकोट अंतर्गत दूणी सुकंडा मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य 180.25 लाख सम्मिलित है।

क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढ़िया ने मुख्यमंत्री के मेले में प्रतिभाग करने पर क्षेत्रीय जनता की ओर से आभार व धन्यवाद प्रकट किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के विकास कार्याे एवं उपलब्धियों को गिनाया। विधायक ने विधानसभा के विकास कार्याे को और गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष कई मांगे रखी।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, निवर्तमान अध्यक्ष जिला पंचायत/प्रशासक बसंती देव, ब्लाक प्रमुख/प्रशासक गोविंद सिंह दानू, जिलाध्यक्ष भाजपा इंद्र सिंह फर्स्वाण, डीएम आशीष भटगांई, एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के, सीडीओ आरसी तिवारी, निवर्तमान अध्यक्ष कांडा महोत्सव हीरा सिंह कर्मयाल, संरक्षक गुसाईं सिंह धपोला, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

नीतियों की नई परिस्थितियों के अनुरूप समीक्षा, विकास की बाधाओं को खत्म किया जाएः सीएस

विजन उत्तराखण्ड /2047 के सम्बन्ध में विभागों को राज्य में बेहतरीन संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करते हुए उन्हें ग्रोथ इंजन के रूप में चिन्हित करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को समयबद्धता से इस सम्बन्ध में एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में विकसित भारत /2047 के तर्ज पर विकसित उत्तराखण्ड /2047 के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के सम्बन्ध में बैठक लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विकसित उत्तराखण्ड /2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में बाधा बन रही सरकारी नीतियों की नई परिस्थितियों के अनुरूप समीक्षा पर बल दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय कृषि में विशेषरूप से जैविक कृषि, एरोमेटिक व जड़ी-बूटियां, आयुष, रिन्युएबल एनर्जी, वन सम्पदा, पर्यटन तथा आईटी व एमएसएमई को पहले ही उत्तराखण्ड विजन 2030 के तहत ग्रोथ ड्राइवर के रूप में चिन्हित किया जा चुका है। इसके साथ ही सशक्त उत्तराखण्ड पहल के तहत राज्य की सकल घरेलू उत्पाद को दुगना करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित करते हुए समावेशी विकास एवं रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।

बैठक में चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड में हॉर्टीकल्चर एवं जैविक खेती, आयुष एवं वेलनेस हब, पर्यटन, वन क्षेत्र, ऊर्जा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य को मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के रूप में विजन 2047 के डॉक्यूमेंट में महत्व देने पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में होर्टीकल्चर और आर्गेनिक फार्मिंग के तहत उच्च मूल्य वाली फसलें सुगंधित और औषधीय पौधों, पॉलीहाउस-खेती, बागवानी फसलों, केसर, सेब और कीवी फल, स्थानीय खट्टे फल और अखरोट की खेती को बढ़ावा देना होगा। कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संचालित कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करना होगा । कृषि-पर्यटन के बागवानी को पर्यटन के साथ एकीकृत करना होगा । सेब मिशन, कीवी मिशन, 2023-2030 के तहत राज्य भर में फैली 12 परियोजनाओं के माध्यम से सेब उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना और किसानों की आय को 10-15 गुना बढ़ाना है। जलवायु-लचीली कृषि रणनीति के हिस्से के रूप में किसानों को 50,00,00 पॉलीहाउस प्रदान करना है । खट्टे फल और अखरोट मिशन के तहत फसल क्षेत्र के अलावा बागवानी किसानों की आय बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी। जैविक राज्य के विजन के तहत राज्य को जैविक उच्च मूल्य वाले उत्पादों के रूप में विकसित करना, विशेष रूप से राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में बाजरा मिशन, हर्बल मिशन और फूल मिशन सफल बनाना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आयुष विभाग के अधिकारियों के हिदायत दी कि प्रमुख विकास चालक के रूप में आयुष और वेलनेस हब की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड आयुष नीति – 2023 के तहत उत्तराखंड को विश्व प्रसिद्ध आयुष गंतव्य में बदलना है। राज्य में दुर्लभ औषधीय पौधों की 1,000 से अधिक प्रजातियाँ मौजूद हैं। औषधीय पौधों की खेती, आयुष विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कल्याण, शिक्षा और अनुसंधान प्रमुख क्षेत्र हैं। राज्य में 900 हेक्टेयर क्षेत्र में 2500 मीट्रिक टन उत्पादनऔर 30 करोड़ रुपये का राजस्व के साथ इस क्षेत्र में 232 प्रमाणित आयुर्वेद, 8 होम्योपैथी और 2 यूनानी विनिर्माण इकाइयाँ हैं इस क्षेत्र का जीएसडीपी योगदान 4000-5000 करोड़ रुपये है।
20,000-25,000 लोग रोजगार में संलग्न हैं विजन 2047 के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख आयुष गंतव्य बनाना है जड़ी-बूटियों और एमएपी उत्पादन राज्य बनाना, लगभग 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। राज्य के 100 गंतव्यों को वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करना, 1000 आयुष गांव और योग ग्राम बनाना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में ग्रोथ इंजन के रूप में पर्यटन का अत्यंत महत्व है, यह जीएसडीपी में 10-12 प्रतिशत का योगदान देता है और 4 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है। राज्य में मान्यता प्राप्त इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट फूलों की घाटी (यूनेस्को विरासत स्थल), बिनसर वन्यजीव अभयारण्य और नंदा देवी बायोस्फीयर है। राज्य ने 59.6 मिलियन से अधिक घरेलू पर्यटकों और 1.5 लाख विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया है। प्रमुख पर्यटक आकर्षण आध्यात्मिक, कल्याण, साहसिक, प्रकृति, वन्यजीव, खगोल-पर्यटन, इको-टूरिज्म स्थल है ।

इको-टूरिज्म जोन में शुद्ध-शून्य उत्सर्जन वाले मॉडल इको-टूरिज्म गांवों की स्थापना, स्थायी पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देना (जैसे, अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र, सौर ऊर्जा से चलने वाले आवास) विज़न में है । साहसिक और कल्याण पर्यटन के तहत योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक पर्यटन को एकीकृत करते हुए उत्तराखंड को साहसिक खेलों और कल्याण रिट्रीट के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में ब्रांड करें।

विजन 2047 के तहत सालाना 200 मिलियन पर्यटकों को आमंत्रित करने और पर्यटन के योगदान को जीएसडीपी के 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि ग्रोथ इंजन के रूप में राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य का लक्ष्य आत्मनिर्भरता और निर्यात के लिए 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है ।
जलविद्युत शक्ति का उपयोग करके हरित हाइड्रोजन उत्पादन में उत्तराखंड को भारत का अग्रणी राज्य बनाना है।

2047 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन करना है। मुख्य फोकस क्षेत्र जलविद्युत विस्तार है, सूक्ष्म और लघु जलविद्युत सहित 26215 मेगावाट (वर्तमान 3355.02 मेगावाट) की पूरी क्षमता का दोहन करना है। ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा भंडारण के लिए पंप स्टोरेज परियोजनाओं को प्राथमिकता देना है। नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के तहत सौर और पवन हाइब्रिड प्रणालियों को बढ़ाना, विशेष रूप से जलाशयों (फ्लोटिंग सोलर) पर, पीक डिमांड प्रबंधन के लिए बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) विकसित करना है। हरित नवाचार के तहत औद्योगिक अनुप्रयोग और निर्यात बाजारों के लिए एक हरित हाइड्रोजन हब स्थापित करना, भूतापीय ऊर्जा का दोहन करना है। स्मार्ट-ऊर्जा अवसंरचना के तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग और कंट्रोल के साथ राज्य-व्यापी स्मार्ट ग्रिड सिस्टम लागू करना व बढ़ी हुई ऊर्जा दक्षता और चोरी में कमी के लिए स्मार्ट-मीटरिंग परियोजनाओं का विस्तार करना है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव आदि मौजूद रहे।
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विकसित उत्तराखंड /2047 के विज़न के तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को एक समृद्ध, प्रगतिशील एवं स्वस्थ राज्य में परिवर्तित करना है ताकि राज्य के लोग शिक्षित हो कर एक समतापूर्ण समाज में लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें, पर्यावरण और निवासियों के बीच तालमेल बढ़ सके तथा विकास प्रक्रिया सतत और समावेशी हो।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

विश्व आयुर्वेदिक कांग्रेस जैसे बड़े प्लेटफार्म का उत्तराखंड को मिला लाभ

आयुष नीति-2023 को सामने रखकर उत्तराखंड ने अब दक्षिण भारत के राज्यों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। मंशा ये ही है कि दक्षिण भारत की प्रमुख आयुर्वेदिक दवा कंपनियां उत्तराखंड का रूख करें। इस संबंध में केरल आयुर्वेद शाला, श्रीधर्यम जैसी संस्थाओं के साथ उत्तराखंड का संवाद शुरू हुआ है। विश्व आयुर्वेदिक कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 का बड़ा प्लेटफार्म उत्तराखंड के लिए उपयोगी साबित हुआ है।

देश की तमाम नामचीन आयुर्वेदिक दवा कंपनियां उत्तराखंड से संबद्ध हैं और यहां दवा निर्माण का कार्य कर रही हैं। मगर आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बेहद समृद्ध केरल व अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों की दवा कंपनियां अब भी उत्तराखंड से दूर हैं। उत्तराखंड की नजरें ऐसे राज्यों और उनकी दवा कंपनियों पर टिकी हुई है। इसके लिए वह अब अपनी आयुष नीति के प्रावधानों को सामने रखकर उन्हें आकर्षित करने की कोशिश में है। विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 के बड़े प्लेटफार्म का उत्तराखंड ने अपने पक्ष में इस्तेमाल किया है।

अपर सचिव आयुष डा.विजय जोगदंडे के अनुसार-दक्षिण भारत के राज्यों की आयुर्वेद दवा कंपनियों को हम उत्तराखंड में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कुछ कंपनियों के साथ हमारी बात आगे बढ़ी है। विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का अवसर इस लिहाज से उपयोगी साबित हुआ है।

आयुष नीति वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य
उत्तराखंड को यह श्रेय हासिल है कि वह आयुष नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। आयुष नीति-2023 को लागू की गई है। इसमें आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने, निवेश को प्रोत्साहित करने समेत तमाम पहलुओं पर आकर्षक प्रावधान किए गए है। अपर सचिव आयुष डा विजय जोगदंडे के मुताबिक-आयुष नीति लागू होने के बाद से 1200 करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे हैं, जो कि सकारात्मक संदेश है।
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हम उत्तराखंड में आयुष को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष नीति-2023 इस संबंध में मील का पत्थर साबित होगी। उत्तराखंड में इस नीति के लागू होने के बाद निवेश बढ़ रहा है। आयुष सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 के वैश्विक प्लेटफार्म से आयुष नीति का व्यापक प्रचार प्रसार हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

2027 तक 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्यः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी। साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली।

सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सौर समृद्ध उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत आयोजित यह मेला ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के सतत् विकास की दिशा में एक विशिष्ट पहल है। मेले में सौर ऊर्जा से जुड़ी सभी योजनाओं, उनके लाभों और विभिन्न प्रकार के सौर ऊर्जा उत्पादों के बारे में जानकारी से लोग सौर ऊर्जा अपनाने को लेकर जागरुक होंगे। साथ ही सोर ऊर्जा को अपनाते हुए अपनाकर उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवाश्म आधारित ईंधन के स्रोत सीमित हैं। इनके प्रयोग द्वारा पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। सौर ऊर्जा के स्रोत असीमित हैं और ये हमारे पर्यावरण को संरक्षित रखने में भी अपना योगदान देते हैं। सौर ऊर्जा की इसी विशेषता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से देशभर में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से 100 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ ही वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सौर ऊर्जा की अधिकतम परियोजनाओं को स्थापित करने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति लागू की गई है। राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। पी०एम० सूर्यघर योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक करीब 11 हजार लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं हेतु सोलर वाटर हीटर संयत्र की स्थापना पर भी 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से राज्य के स्थायी निवासियों को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2027 तक आवासीय में 250 मेगावाट जबकि कुल 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोलर वेंडरों की संख्या बढ़ाते हुए आवासीय क्षेत्र के लिए 365 वेंडरों को मान्यता प्रदान की है। राज्य सरकार ने नेट मीटरिंग की व्यवस्था को भी सरल बनाने के साथ ही 10 किलोवॉट तक के सोलर सिस्टम को तकनीकी आकलन से बाहर रखा है, जिससे प्रदेशवासी सौर ऊर्जा को आसानी से अपना सकें। पिछले सात माह में उत्तराखंड में 23 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता सफलता पूर्वक स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सौर कौथिग के इस आयोजन से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को और अधिक गति मिलेगी और भारत को कार्बन न्यूट्रल बनाने में उत्तराखण्ड योगदान देगा।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, दर्जाधारी विश्वास डाबर, पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव रंजना राजगुरु, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, एमडी पिटकुल पीसी ध्यानी उपस्थित थे।