सीएम ने नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में नव निर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 54 करोड़ 31 लाख रूपये की 239 योजनाओं को लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास अनवरत रूप से चलते रहे, यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा जिन परियोजना का आज लोकार्पण हुआ है, उनसे आने वाले समय में धर्मनगरी हरिद्वार में विकास की गंगा भी बहेगी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से नवनिर्मित सिटी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बनाए गए लॉंग टेनिस कोर्ट, क्रिकेट प्रैक्टिस पिच, बैडमिंटन कोर्ट, हरिद्वार के साथ पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण और मददगार साबित होगा। निश्चित रूप से यह हमारे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में हर प्रकार से उनके विकास में सहयोग करेगा। सिटी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स हमारे प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिथौरागढ़ में पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को हमारे राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का उद्घोष किया था, राष्ट्रीय खेलों की तैयारी जोरो शोरों से चल रही है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हमने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम, इनडोर आउटडोर स्टेडियम का पुनर्निर्माण कार्य किया है। उन्होंने कहा हरिद्वार में भी राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया जाएगा। जिससे कुंभ नगरी हरिद्वार को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा की तेजी से तैयारी कर रही है। शीतकाल यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में पूरे साल यात्रा अनवरत चलेगी। जिसका मुख्य आधार हरिद्वार होगा। जिससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। हरिद्वार में भी अनेकों विकास कार्य गतिमान है। हरिद्वार के अंदर निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालढांग क्षेत्र में मॉडर्न डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्राम श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। धर्मनगरी हरिद्वार को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश में कॉरिडोर का कार्य कर रहे है। हरिद्वार में हैली सेवाओं के लिए हैलीपैड का निर्माण करने के साथ ही नगर की जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर की पैड़ी से माँ चंडीदेवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन बनाकर खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ दूधाधारी फ्लाई ओवर के नीचे बड़े स्तर पर पार्किंग, कमर्शियल एवं पार्क सहित विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कावड़ पटरी मार्ग को स्थाई रूप से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, पलायन को जड़ से समाप्त करने और राज्य के अंदर निवेश लाने, उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगंधित फूलों की खेती और होम स्टे निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में पारदर्शिता के साथ 19000 से भी ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाली है। जिसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रताप सिंह चौंपियन, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, एचआरडीए सचिव उत्तम सिंह चौहान, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम बोले, डिजिटल टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल कर यात्रा पंजीकरण की व्यवस्था करें मजबूत

बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के दृष्टिगत इनकी धारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। उत्तराखण्ड की आगामी चारधाम यात्रा के सफल संचालन और सुगम बनाने के लिए अभी से पूरी तैयारियां की जाए। चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए यात्रा प्राधिकरण बनाने के लिए सभी प्रक्रियाएं 30 जनवरी, 2025 तक पूर्ण की जाएं। 15 जनवरी तक चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों और हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लिए जाएं। तीर्थ पुरोहितों और स्टेक होल्डरों से सुझाव लेकर यात्रा प्रबंधन के लिए जो अच्छा हो सकता है, वह किया जाए। सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करते हुए यात्रा पंजीकरण की व्यवस्था मजबूत की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के इन चारों धामों की यात्रा राज्य के मान और सम्मान से जुड़ी यात्रा है। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रियों की हर प्रकार की सुविधा, यातायात प्रबंधन, अवस्थापना सुविधाओं के विकास के दृष्टिगत धामों की धारण क्षमता, यात्रा मार्गों पर विभिन्न व्यवस्थाओं और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अभी से पूरी तैयारियां की जाए। गत वर्ष चारधाम यात्रा में अत्यधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था।इसके बेहतर के लिए भी अभी से पूरी योजना बनाकर कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चारधाम यात्रा मार्गों पर जिन स्थानों पर वाहनों को रोकने की व्यवस्था हो, उन स्थानों पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ ही होटल, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और अन्य सभी मूलभूत आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि चारों धामों के आस-पास के पौराणिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जाएं। शीतकालीन यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं बनने से चारधाम यात्रा के दौरान भी इससे व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के इन चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों के आस-पास के पौराणिक क्षेत्रों के विकास के साथ ही पंच बद्री और पंच केदार के महत्व के बारे में भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए और इनका सुनियोजित विकास भी किया जाए।

इस अवसर पर भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से गत वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान आई प्रमुख कठिनाइयों और उनके समाधान के लिए क्या उपाय किये जा सकते हैं? चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन और पंजीकरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जानकारी दी।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिव कुर्वे, विशेष कार्याधिकारी पर्यटन विभाग भाष्कर खुल्बे, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया मेरी योजना राज्य सरकार पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा प्रकाशित ’’मेरी योजना-राज्य सरकार’’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता के लिए केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि सभी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है, जिन योजनाओं का हम शिलान्यास करते हैं उनके लोकार्पण का भी हमारा प्रयास रहता है, ताकि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, इस पुस्तक को तैयार किया गया है, जिसमें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रकाशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ – साथ आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी भी आम जनता तक पहुंचाएगी। इसका लक्ष्य ये सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सके और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बन सके।

जब नीयत सही हो, इरादे नेक हों और संकल्प दृढ़ हो, तो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है-मुख्यमंत्री
उन्होने कहा कि जब नीयत सही हो, इरादे नेक हों और संकल्प दृढ़ हो, तो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है। हमारी योजनाओं का लक्ष्य केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं है बल्कि एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना भी है। मुख्यमंत्री ने घोषण की कि अब राज्य में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गयी वस्तुओं को प्रतीक के रूप में प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पुस्तक द्वारा हमारी सरकार की जनकल्याणकारी, रोजगारपरक, कौशल विकास व निवेश संबंधी योजनाओं के साथ-साथ अन्य मूलभूत सेवाओं से जुड़ी हुई समस्त जानकारियां राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकेंगी। जिससे पात्र लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकेंगे। हमारी सरकार अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मूलमंत्र के साथ उत्तराखंड को विकास के प्रत्येक मानक पर देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

आमजन के हित से जुड़ी योजनाओं, नीतियों, अधिनियमों, शासनादेशों की जानकारी लाभार्थियों के साथ जनमानस को सुगमता से सुलभ हो यह संबंधित विभागों का दायित्व भी है-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के अधीन विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याण एवं आमजन के हित से जुड़ी योजनाओं, नीतियों, अधिनियमों, शासनादेशों की जानकारी लाभार्थियों के साथ जनमानस को सुगमता से सुलभ हो यह संबंधित विभागों का दायित्व भी है। शासन एवं विभागीय स्तर पर बनायी जाने वाली योजनाओं की उद्देश्य परक जनकल्याणकारी जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचेगी तो उन्हें उसका अपेक्षित लाभ भी निश्चित रूप से मिलेगा। सरकारी योजनाओं की जानकारी धरातल तक पहुंचे, यह इस दिशा में किये जाने वाले प्रयासों की सफलता की सार्थकता भी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर खास तौर पर फोकस किया गया है। इस मंत्र की सहायता से प्रदेश में कार्य संस्कृति को बदलने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों की जानकारी सर्वसाधारण को उपलब्ध कराने में यह पुस्तक एक दस्तावेज के रूप में पाठकों एवं शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी होगी-मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि प्रकाशित पुस्तक मेरी योजना-राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों, आम जनमानस की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकार की नीतियों को जन सामान्य तक पहुंचाने में निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। यह पुस्तक निवेश परक नीतियों, रोजगार एवं स्वरोजगार, कौशल विकास के साथ विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों की जानकारी सर्वसाधारण को उपलब्ध कराने में एक दस्तावेज के रूप में पाठकों एवं शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी होगी। साथ ही राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार करने में भी यह पहल मददगार रहेगी। राज्य के संकल्पों और प्रयासों को पूरा करने तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों में भी यह पुस्तक सहयोगी बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कालखण्ड उत्तराखण्ड के लिये आर्थिक समृद्धि सामाजिक न्याय, महिला कल्याण, अवस्थापना संरचना की दृष्टि से उल्लेखनीय रहे हैं। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ सशक्त उत्तराखण्ड /25 की अवधारणा राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये हमने विभिन्न क्षेत्रों में कई नये आयाम स्थापित किये हैं।

राज्य में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से की जा रही है संचालित- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आज विभिन्न योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर प्रदान करना, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू करना, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना, वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा, सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को पुनः प्रारंभ करना, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना, 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा, किसानों को 3 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, महिलाओं और युवाओं हेतु स्वरोजगार की विभिन्न योजनाएं जैसी इस प्रकार की सभी योजनाएं प्रदेश के समग्र विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित हो रही हैं। राज्य में एक लाख लखपति दीदी बनायी जा चुकी हैं।

उत्तराखंड ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में भी आया है-मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग की रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। साथ ही उत्तराखंड ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में भी आया है। इतना ही नहीं, हमारा उत्तराखंड युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

नकल विरोधी कानून के कारण युवाओं की प्रतिभा का हुआ है सम्मान-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने प्रदेश में 24 हजार पदों को भरने की बात कही थी। तब से अब तक 19 हजार पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी है। नकल विरोधी कानून के कारण युवाओं की प्रतिभा का सम्मान हुआ है। उनके खटीमा स्थित कैंप कार्यालय में कई सम्मानित लोग उनसे मिलकर उनके आश्रितों को निष्पक्षता के साथ सरकारी नौकरी मिलने की बात करते हैं, तो उन्हें संतोष होता है कि राज्य में अब युवाओं के साथ न्याय हो रहा है। राज्य के नौजवानों को स्किल्ड बनाया जा रहा है, प्रवासी उत्तराखंडियों के सम्मेलन के माध्यम से उनके अनुभवों का राज्य के विकास एवं पलायन रोकने में सहयोग लिया जा रहा है।

आज देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय न तो कोई रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने की परंपरा थी और न ही योजनाओं का लाभ सही मायने में लाभार्थियों तक पहुंच पाता था। यहां तक कि कांग्रेस के समय के एक प्रधानमंत्री ने स्वयं सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, कि दिल्ली से 1 रुपया भेजा जाता है, लेकिन जनता तक पहुंचते-पहुंचते वो 15 पैसे ही रह जाता है। परंतु आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थिति को पूरी तरह बदलते हुए अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कार्य किए हैं। उसी संकल्प के तहत आज देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। आज जो सरकार कहती है, उसे न केवल पूरा करती है बल्कि अपने कार्यकाल का पूरा विवरण जनता के समक्ष प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टिकरण के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

इस अवसर पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक गैरोला ने बताया कि राज्य में संचालित जनकल्याणकारी, स्वरोजगार/रोजगारपरक, कौशल विकास/ प्रशिक्षणपरक, निवेशपरक योजनाओं को सरल शब्दों में जनसामान्य तक पहुंचाने हेतु गत वर्ष कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा ’’मेरी योजना’’ पुस्तक का प्रथम संस्करण प्रकाशित किया गया, जिसकी प्रतियां राज्य के समस्त ग्राम प्रधानों/जनप्रतिनिधियों तथा विभागाध्यक्षों एवं राज्य के समस्त राजकीय पुस्तकालयों को वितरित की गयी तथा आम जनमानस को सुगमता से उपलब्ध कराये जाने हेतु पुस्तक की पीडीएफ प्रति उत्तराखण्ड के समस्त विभागों की वेबसाइट में उपलब्ध है। गतवर्ष में पुस्तक को तैयार करते समय कतिपय विभागों की महत्वपूर्ण सूचनाएं/योजनाएं प्राप्त नहीं हो पाई थी तथा कई विभागों की योजनाओं में वर्तमान में परिवर्तन हुआ है। इसलिए पुस्तक की सफलता एवं मांग को देखते हुए तथा कतिपय विभागों की अप्राप्त सूचनाओं एवं अद्यतन सूचनाओं को एकत्रित कर पुनः मुद्रित किये जाने की आवश्यकता महसूस की गयी, फलतः द्वितीय संस्करण के रूप में ’’मेरी योजना’’ पुस्तक मेरी योजना के द्वितीय संस्करण में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी याजनाओं के अद्यतन संशोधन के साथ आयोगों की जानकारी का समावेश किया गया है।

उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राज्य हित में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का मेरी योजना केन्द्र सरकार पुस्तक का भी प्रकाशन किया जायेगा। साथ ही योजनाओं की आम जनता तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिये विभागीय वेबसाइट के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा विकासखण्ड स्तर तक योजनाओं का अनुश्रवण किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक प्रमोद नैनवाल, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत, अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अजेन्द्र अजय, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस एस नेगी, उच्च शिक्षा उन्नयन के उपाध्यक्ष डॉ देवेन्द्र भसीन, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर उत्तराखण्ड संस्कृति कला परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु भट्ट, दायित्वधारी कैलाश पंत, विनोद उनियाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सीएम ने सतपुली झील का शिलान्यास कर 172 करोड़ 65 लाख की 24 योजनाओं का किया लोकार्पण एंव शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के सतपुली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए पूर्वी नयार नदी में बनने वाली बहुउद्देशीय सतपुली झील का शिलान्यास सहित लगभग 172 करोड़ 65 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें123 करोड़ 53 लाख की 04 योजनाओं का शिलान्यास व 49 करोड़ 12 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड बीरोंखाल के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज भरोली खाल व बीरोंखाल में नवीन भवन का निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर व कल्जीखाल के मध्य नयार पाटीसैण व असवालस्यूँ के मध्य पश्चिमी नयार नदी के ऊपर मोटर पुल निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर मुख्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण , रवांसा नदी के ऊपर निर्मित पीपलडोंगा पुल से 500 मीटर ऊपर की ओर बैराज का निर्माण, ताड़केश्वर महादेव में पुलिस चौकी की स्थापना किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगभग 172 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। यह योजनाएं क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। सतपुली झील का निर्माण पूरा होने से यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक बताया था, और इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है। आज जिस झील का शिलान्यास किया गया है उसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को भी होगा। उन्होंने कहा प्रदेश में सड़क, हवाई कनेक्टिविटी के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में वृहद स्तर पर निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतरता से कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय उद्योगों में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है। मातृशक्ति द्वारा तैयार उत्पाद आज बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी फेल कर रहे हैं, जिनकी डिमांड विदेशों तक होने लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए भी हम संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटाया है। उन्होंने कहा 2025 के जनवरी माह में हम प्रदेश में यूसीसी लागू करने जा रहे है। बहुत जल्द हम राज्य की जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सख्त भू कानून लाने वाले हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल की विकास पुस्तिका का विमोचन किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने क्षेत्र में विकास योजनाओं की स्वीकृति के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।

इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अंथवाल, विधायक लैन्सडौन दिलीप महंत, भाजपा जिलाध्यक्ष कोटद्वार वीरेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष पौड़ी सुषमा रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, ब्लॉक द्वारीखाल के प्रशासक महेन्द्र राणा, प्रशासक कल्जीखाल बीना राणा, प्रशासक पोखड़ा प्रीति देवी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मसूरी ट्रैफिक को लेकर सीएस ने जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के साथ की समीक्षा

मसूरी में ट्रैफिक व्यवस्था को सुविधाजनक, आसान एवं सुव्यवस्थित करने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में जिला प्रशासन देहरादून एवं पुलिस विभाग द्वारा तैयार एक्शन प्लान की समीक्षा की। एक्शन प्लान के तहत मसूरी में ट्रैफिक की समस्या के निवारण के लिए इनोवेटिव समाधानों पर कार्य करते हुए सत्तशील तथा पर्यावरणीय हितकारी शैली को अपनाया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों के यात्रा अनुभव को भी और अधिक सुखद एवं आरामदायक बनाया जाएगा। एक्शन प्लान के तहत स्थानीय लोगों एवं समुदायों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। नए एक्शन प्लान के तहत शहर में पार्किंग की व्यवस्था पूरी हो जाने के पश्चात् पर्यटकों को पार्किंग स्थलों से अपने गंतव्य स्थलों तक शटल सर्विस तथा गोल्फ कार्ट की सुविधा प्राप्त होगी। जब हाथीपांव पर पार्किंग की व्यवस्था पूरी हो जाएगी तो इसका प्रारम्भिक रूट किनक्रेग से पिक्चर पैलेस तथा गांधी चौक रहेगा । पीक सीजन के दौरान यह शटल सर्विस विशेष रूप से संचालित की जाएगी। इसमें स्थानीय रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे स्थानीय आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। हाथीपांव बैंड पर किनक्रेग तथा सैटेलाइट पार्किंग को चिह्नित किया गया है। यहां पर पुलिस बूथ, शटल बूथ, पार्किंग, लाइटिंग, सुरक्षा तथा जन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। स्थानीय टैक्सी सर्विस संचालकों के साथ समन्वय किया जाएगा ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित हो तथा सेवाओं में सुधार हो।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न माध्यमों से शटल सर्विस के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं एवं संतुष्टि के लिए शटल सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा समीक्षा के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएस ने शटल सर्विस की सफलता के लिए ट्रैफिक फ्लो के विश्लेषण तथा पर्यटकों के फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर आयुक्त देहरादून को मसूरी तथा देहरादून में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए पर्याप्त संख्या में कैटल केचर की व्यवस्था एवं उपयोग हेतु निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मसूरी में यातायात की भीड़भाड़ की समस्या को दूर करने के लिए शहर के बाहरी इलाकों में 28 सैटेलाइट पार्किंग स्थानों की पहचान की गई है, जो सड़क के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित हैं। इन निर्दिष्ट स्थानों पर, पर्यटक अपने वाहन पार्क करेंगे और मसूरी में आगे की यात्रा के लिए शटल सेवाओं का उपयोग करेंगे। इस पहल का उद्देश्य शहर के केंद्र में निजी वाहनों की आमद को कम करना, यातायात प्रवाह को सुचारू बनाना, आगंतुकों की सुविधा को बढ़ाना और क्षेत्र के प्राकृतिक आकर्षण को संरक्षित करना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि मसूरी में स्थानीय निवासियों तथा पर्यटकों के दबाव से टूरिस्ट तथा ट्रैफिक भीड़ की समस्या, निजी वाहनों के अत्यधिक उपयोग तथा सीमित पार्किंग स्पेस तथा पर्यावरणीय कारणों से ठोस एवं प्रभावी ट्रैफिक प्लान का क्रियान्वयन आवश्यक है। एक्शन प्लान के तहत पार्किंग स्थलों पर पर्यटकों एव यात्रियों की सुविधा तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए पुलिस बूथ स्थापित किए जाएगे। पार्किंग के रियल टाइम डाटा की जानकारी के लिए एक एप्प की भी शुरूआत की जाएगी।

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, आईजी अरुण मोहन जोशी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, नगर आयुक्त नमामि बंसल तथा पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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जलवायु परिवर्तन पर स्टेट एक्शन प्लान की समीक्षा की
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में जलवायु परिवर्तन पर स्टेट एक्शन प्लान की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जलवायु परिवर्तन पर स्टेट एक्शन प्लान में वांछित सशोंधन, जलवायु जोखिम, नीतिगत बिन्दुओं, राज्य के ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन की स्थिति, स्टेट एक्शन प्लान के वित्तीय पोषण, मॉनिटरिंग एव नियमित मूल्यांकन पर वन एवं पर्यावरण सहित सभी सम्बन्धित विभागों से विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव ने स्टेट एक्शन प्लान के तहत कृषि एवं उद्यान विभाग को मिटटी की गुणवत्ता में सुधार के लिए जैविक खेती को बढ़ावा देने, सिंचाई की क्षमता बढ़ाने, स्थानीय फसलों की कृषि के विस्तार, किसानों की ऋण, बीमा तथा आधुनिक मशीनों तक पहुंच बढ़ाने, क्षमता विकास, सोलर पावर पम्प की सहायता से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग जैसे फोकस बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने जलवायु परिवर्तन पर स्टेट एक्शन प्लान के तहत पर्यटन विभाग को पर्यटन पर रिसर्च बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन के विषय पर कार्यशालाएं आयोजित करने, सस्टेनेबल टूरिज्म डेवलपमेंट गाइडलाइन्स बनाने तथा अपनाने, पर्यटक स्थलों पर शत् प्रतिशत वेस्ट सेग्रीेगेशन, पेपरलेस टिकट व्यवस्था जैसे नवाचारों को अपनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को ऊर्जा संरक्षण पर क्षमता विकास एवं कार्यशालाएं आयोजित करने, वाटर हार्वेस्टिंग तथा ग्रीन बिल्डिंग पर सेमिनार व प्रशिक्षण, मॉडल एनर्जी गांवों की संख्या बढ़ाने, माइक्रों हाइड्रो तथा नए सोलर प्रोजेक्ट के विकास जैसे फोकस बिन्दुओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को जैव विविधता एवं वन संरक्षण के लिए निरंतर अनुसंधान, पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण तथा वनों के संरक्षण के लिए नीतिगत पहलुओं, क्षमता विकास, पिरूल का ईंधन एवं बायोमास में उपयोग जैसे पहलुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सुविधाः उत्तराखंड निवास अब आमजन के लिये भी उपलब्ध

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि नई दिल्ली में नवनिर्मित उत्तराखंड निवास आम जन के लिए भी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि उत्तराखंड निवास में कक्ष आरक्षण के लिए जारी शासनादेश को तत्काल संशोधित किया जाए और उत्तराखंड के आम व्यक्ति को भी उपलब्धता के आधार पर वहां कक्ष मिल सके ऐसी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने दरों का भी पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर सीएस ने जारी किए सरकारी विभागों में स्थानीय उत्पादों की खरीद के निर्देश

राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभाग और सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने समारोहों, बैठकों के लिए स्थानीय समूहों के उत्पाद खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में अलग-अलग विभागों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, महिला कृषकों और एकल महिला उद्यमियों द्वारा कई प्रकार के उच्च गुणवत्ता युक्त स्थानीय उत्पाद बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार भी विभिन्न शासकीय कार्य्रकमों, बैठकों, समारोह में उपहार देने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर क्रय करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में सभी विभाग, कार्यालय अपने अधीन होने वाले कार्यक्रमों, समारोहों के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद करेंगे। इससे समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही, लोगों को भी गुणवत्ता पूर्ण उत्पाद हासिल हो सकेंगे।

स्थानीय उत्पादों का ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज
विहित है कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष स्थानीय उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज भी लांच किया है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुआ था। वर्तमान में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत आठ श्रेणी में कुल 35 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं।

सीएस ने दी कई बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्वांतिक व वित्तीय स्वीकृति

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में नैनीताल के हल्द्वानी के गोलापार स्थित इन्दिरा गांधी स्पोर्टस कॉम्पलैक्स स्टेडियम के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों तथा टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बालगंगा नदी के दायें तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्धान्तिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण गोला नदी में आयी बाढ़ के पानी के साथ आए मलबें/आरबीएम एवं पत्थरों के स्टेडियम के समीप जमा होने तथा नदी के बहाव स्टेडियम की ओर होने के फलस्वरूप स्टेडियम की तलहटी में कटाव हो जाने के कारण स्टेडियम की काफी भूमि कटकर नदी में बह गयी। भविष्य में स्टेडियम के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। अतः स्टेडियम की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा के कार्यों का समयबद्धता से एवं गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है। 3682.97 लाख रूपये की लागत की योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। योजना की कार्यदायी संस्था आपदा प्रबन्धन विभाग तथा सिंचाई विभाग है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी कहा कि अतिवृष्टि एवं बादल फटने के कारण टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बाल गंगा नदी के दायें तट पर मलबा एवं भारी मात्रा में पानी आने के कारण इस क्षेत्र की दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों को काफी नुकसान हुआ है तथा भविष्य में भी नुकसान होने की सम्भावना बनी हुई है। अतः दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों को समयबद्धता से किया जाना चाहिए। 1706.37 लाख रूपयें की इस योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता को गम्भीरता से लेने की सख्त हिदायत दी है।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित सभी सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने राज्य के अधिकारियों व इण्डियन ऑयल की एक कमेटी गठित करने निर्देश दिए

उत्तराखण्ड में वनाग्नि के स्थायी समाधान तथा चीड़ की पत्तियों (पिरूल) से सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायो गैस) उत्पादन की संभावनाओं पर गम्भीरता से कार्य करने के प्ररिपेक्ष्य में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में इण्डियन ऑयल के साथ बैठक में इस सम्बन्ध में ऊर्जा, ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं वन आदि सम्बन्धित विभागों तथा इण्डियन ऑयल के अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने इण्डियन ऑयल को राज्य में पिरूल की सीबीजी उत्पादन में फीड स्टॉक के रूप में प्रयोग करने, जैविक खाद तथा ग्रीन हाइड्रोजन के रूप उपयोगिता की संभावनाओं पर अध्ययन कर रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने इण्डियन ऑयल को इस सम्बन्ध में अपनी एक आन्तरिक कमेटी गठित कर डिटेल फिजीबिलिटी रिपोर्ट शासन को जल्द देने के लिए कहा है। उन्होंने इस सम्बन्ध में प्रोजेक्ट को संचालित करने हेतु गढ़वाल तथा कुमाऊं में संभावित एक-एक स्थान की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।

इण्डियन ऑयल के अनुसार उत्तराखण्ड में पिरूल की कुल उपलब्धता में से लगभग 40 प्रतिशत कलेक्शन की संभावनाओं के बाद 60000-80000 टन प्रतिवर्ष सीबीजी उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है। राज्य में पिरूल का प्रतिवर्ष 1.3 से 2.4 एमएमटी सकल उपलब्धता है। चीड़ के जंगल राज्य में 400000 हेक्टेयर पर फैले हुए हैं। यहां प्रति हेक्टेयर 2-3 टन पिरूल उपलब्ध है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस प्रोजेक्ट पर इण्डियन ऑयल के साथ वन विभाग, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, दिलीप जावलकर सहित वन, नियोजन, वित्त, ऊर्जा विभाग तथा इण्डियन ऑयल के अधिकारी मौजूद रहे।

पंतनगर और देहरादून एयरपोर्ट में विमानों की नाइट लैंडिंग की व्यवस्था होगी जल्द

उत्तराखण्ड में वैडिंग डेस्टिनेशन विकसित किये जाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 04 सप्ताह में पॉलिसी बनाई जाए। पंतनगर और देहरादून एयरपोर्ट में विमानों की नाइट लैंडिंग की व्यवस्था के लिए की जा रही कार्यवाही में तेजी लाई जाए। दो नये शहरों को विकसित करने की कार्ययोजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाए। गंगा और शारदा कॉरिडोर डेवलपमेंट और डाकपत्थर में बनने वाले नॉलेज सिटी के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। जून 2026 तक सभी परियोजनाओं पर विधिवत कार्य प्रारंभ किया जाए।बुधवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी.) की तृतीय बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के साथ विकास के मॉडल पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आगामी 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का सुनियोजित प्लान कर कार्य किये जाएं। 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में भी अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के तहत सभी परियोजनाओं से संबधित क्षेत्रों के विकास के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जनप्रतिनिधियों और स्टेक होल्डरों के सुझावों को शामिल कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को वैडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये विभिन्न स्थलों का चयन कर वहां अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने को कहा। इसके लिए वेडिंग प्लानरों, होटल समूहों से सहयोग लेकर इसके प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देने पर बल दिया। राज्यों में दो नये शहरों के विकास और सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना के तहत कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यू.आई.आई.डी.बी. की परियोजनाओं के तहत पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। गंगा और शारदा कॉरिडोर के पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य हित में जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये यू.आई.आई.डी.बी. का गठन किया गया है, उसके परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखाई दें।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, रेनू बिष्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री