चमोली में सीएम ने किया 4.93 करोड़ की लागत से नवनिर्मित उप संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण

गौचर में 72वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौचर मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चमोली में 4.93 करोड़ की लागत से नवनिर्मित उप संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने पोखरी में रानौ-सिमखोली मोटर मार्ग, काफलपानी से भरतपुर तक मोटर मार्ग विस्तारीकरण, जिलासू-सरणा मोटर मार्ग निर्माण, चमोली प्रेस क्लब को कक्ष निर्माण हेतु 10 लाख की स्वीकृति, आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए ढांचागत सुविधाओं के विकास हेतु माह दिसंबर में उच्च स्तरीय बैठक कराने और पोखरी में पॉलिटेक्निक भवन निर्माण कार्य पूरा कराने की घोषणा भी की।

गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गौचर मेले के शुभारंभ पर सबको बधाई देते हुए कहा कि सात दशकों से अधिक समय से इस मेले का आयोजन हमारे राज्य और सब क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। गौचर मेला हमारे राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक मेलों में से एक है, जिसमें सरकार की विभिन्न विभाग सक्रिय होकर प्रतिभाग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले हमारे जीवन में बहुत विशेष स्थान रखते हैं। मेलों के माध्यम से समृद्ध परंपराएं को संजोने में सहायता मिलती है। साथ ही मेले, मनोरंजन और सामाजिक मेल मिलाप मे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गौचर का मेला अन्य मेलों और विशेष है। यह मेला हमारी संस्कृति को संजोने एंव व्यापारिक गतिविधियों को भी एक बड़ा मंच प्रदान करता आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ओर भारत में सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है। वहीं वोकल फार लोकल, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया जैसे पहलुओं के माध्यम से हमारे स्थानीय उद्योगों और स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। इस दिशा में हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत भी की है। जिसमें स्थानीय उत्पादों को राज्य में ही नहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पहाड़ों से हो रहे पलायनों को रोका जाए तथा गांव में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान किया जाए। राज्य सरकार के प्रयासों से फिल्म शूटिंग के लिए भी उत्तराखंड एक बहुत ही पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उत्तराखंड ने एक बड़ी पहचान स्थापित की है। सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए वैलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा जैसे विशेष सेक्टर पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में गोचर में हेली सेवा की शुरुआत की गई है। जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी। आपदा के समय में भी इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प के मूल मंत्र के साथ निरंतर काम कर रही है। सीएम ने कहा कि आपका मुख्य सेवक आपको विश्वास दिलाता है कि जब तक उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन जाएगा, हम चेन से नही बैठेंगे। मुख्यमंत्री ने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने पर वरिष्ठ पत्रकार क्रांति भट्ट को पं0 गोविन्द प्रसाद नौटियाल स्मृति सम्मान और श्री गुरू राम राय एजुकेशन मिशन देहरादून को शिक्षा और साहित्य प्रसार के लिए पंडित महेशानन्द नौटियाल स्मृति सम्मान से सम्मानित किया।

गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडा रोहण कर मार्च पास्ट की सलामी ली गई। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की प्रतियोगात्मक दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। खेल विभाग के तत्वावधान में जनपद स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता शुरू हुईं। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को लोक गायक सुशील राजश्री, अमति खरे और अंजलि खरे द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएंगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पंडाल मेलार्थियों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों सराहना करते हुए कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। विधायक ने कर्णप्रयाग विधानसभा सभा क्षेत्र में बेस चिकित्सालय की स्वीकृति, गौचर पेयजल योजना के लिए 35 करोड़ की स्वीकृति, मिनी स्टेडियम निर्माण, गौचर चिकित्सालय का उच्चीकरण, प0दीनदयाल उपाध्याय पार्क का सौन्दर्यीकरण सहित अनेक विकास कार्याे के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कर्णप्रयाग में स्थित उमा देवी मंदिर में आस्था पथ निर्माण सहित कई विकास कार्याे के लिए अपना मांग पत्र भी दिया।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्यमंत्री रमेश गडिया, ब्लाक प्रमुख चन्द्रेश्वरी रावत, आईजी गढवाल के. एस नगन्याल, जिलाधिकारी/मेलाध्यक्ष संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी नंदन कुमार, मेलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय समेत बड़ी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

भारत तिब्बत और नेपाल के बीच आपसी सौहार्द बढ़ाता है जौलजीबी मेलाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी मेला-2024 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 64.47 करोड़ की 18 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 29.65 करोड़ के 13 लोकार्पण एवं 34.72 करोड़ के 05 शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलजीबी मेला राज्य के लिए एक अनमोल धरोहर है, जो सदियों से भारत-तिब्बत, भारत नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी सौहार्द बढा़ता है। यह मेला हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोने का कार्य करता है। यहां का नेपाल और तिब्बत से सदियों से सांस्कृतिक संबंध रहा है। नेपाल से इस क्षेत्र का रोटी और बेटी का संबंध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे संबंध और मजबूत हो रहे हैं। केदारनाथ और पशुपतिनाथ के बीच आध्यात्मिक यात्रा से भी दोनों राष्ट्रों के संबंधों को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला भारत और नेपाल के बीच आर्थिक सबंधों को बढ़ाने का कार्य भी करता है। यह मेला छोटे व्यापारियों, किसानों और कारीगरों को अपने उत्पादों का मंच प्रदान करने का बड़ा माध्यम है। हमारी अनेक प्रकार की औषधियों को प्रोत्साहित करने में भी यह मेला महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जिन गांवों को पहले अंतिम गांव कहा जाता था, इस अवधारणा को बदलकर प्रधानमंत्री ने इन गांवों को देश के पहले गांवों की संज्ञा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश आने के बाद इस क्षेत्र में तेजी से आवागमन बढ़ा है। पिछले साल की तुलना में इस बार 10 हजार से अधिक लोगों ने आदि कैलाश के दर्शन किये हैं। इससे हमारे इन क्षेत्रों को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। किसानों की आय को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा मंडवा, झिंगोरा और अन्य स्थानीनीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में कलस्टर आधारित 18 हजार पॉली हॉऊस बनाने का निर्णय लिया गया है। सड़क कनेटिविटी में विस्तार से किसानों को अपनी उपज को मंडी तक पहुंचाने में आसानी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमवार्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों के विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिये अनेक कार्य योजनाओं की मंजूरी दी गई है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 पौराणिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि मक्काना से सेकला तक मोटर मार्ग के निर्माण किया जायेगा। आपदा प्रभावित क्षेत्र लुमती तोक बगीचा बगड़ में सुरक्षा दीवार का कार्य किया जाएगा। मवानी रवानी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण किया जायेगा। तेजम में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा। तीनखोल ढुंगातोली और पण्डा में चेक डैम निर्माण किया जायेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, हरीश धामी, जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, जिलापंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, ब्लाक प्रमुख धारचूला धन सिंह धामी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव उपस्थित थे।

भराड़ीसैंण में मॉर्निंग वॉक के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों से की मुलाकात

भराड़ीसैंण में रात्रि विश्राम करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मॉर्निंग वॉक के जरिए, स्थानीय लोगों से मेल मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इसी क्रम में आज उन्होंने यहां उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर उच्चाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया, वहीं पलायन निवारण आयोग की बैठक में भी पहाड़ में पलायन रोकथाम के प्रयासों पर मंथन किया, इसके बाद मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम भी यहीं किया। विधानसभा सत्र के अलावा पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में रात्रि विश्राम किया है। इसके बाद गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री धामी भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर के आस पास मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का जायजा लिया, साथ ही स्थानीय निवासियों से मिलकर, उनकी समस्याएं पूछी। इस मौके पर सीएम ने अधिकारियों को कार्यों में तेज़ी लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भराड़ीसैंण (गैरसैंण) क्षेत्र में सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को सुधारने का प्रयास कर रही है। सरकार गैरसैंण के सर्वागीण विकास के लिए रोड मैप के साथ काम कर रही है।

सीएस की अध्यक्षता में ईएफसी ने बद्रीनाथ धाम में सिविक एमिनिटी भवन निर्माण को किया 2566.71 लाख के पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अन्तर्गत बद्रीनाथ में 33/11 के0वी0 सब स्टेशन तथा एचटी/एलटी लाईन के निर्माण कार्य, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के अन्तर्गत बागेश्वर-अमसरकोट मोटर मार्ग से नदीगांव तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आगणन तथा श्री बद्रीनाथ धाम परिक्षेत्रान्तर्गत एनएचपीसी द्वारा प्रायोजित सिविक एमिनिटी भवन निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन प्रदान किया ।

श्री बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के अन्तर्गत बद्रीनाथ में 33/11 के0वी0 के सब स्टेशन 2×5 MVA तथा 33 के0 वी0 एवं 11 के0 वी0 की एचटी/एलटी लाईन के निर्माण कार्य पूर्ण होने से श्री बद्रीनाथ धाम में 24×7 विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सकेगी। 33/11 के0वी0 के सब-स्टेशन तथा 33 के0 वी0 Bay का निर्माण किये जाने तथा पाण्डूकेश्वर सब-स्टेशन से श्री बद्रीनाथ धाम तक 19.5 किमी 33 के0 वी0 की विद्युत लाइन निर्माण के साथ-साथ 11 के0 वी0 अण्डर ग्राउण्ड विद्युत लाइन का निर्माण कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत यूपीसीएल द्वारा बद्रीनाथ में उत्तराखण्ड का पहला Gas Insulated Substation ¼GIS½ स्थापित किया जाएगा।

राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के अन्तर्गत बागेश्वर-अमसरकोट मोटर मार्ग से नदीगांव तक मोटर मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 830.58 लाख रू0 पुनरीक्षित आगणन पर अनुमोदन प्रदान करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि यह मार्ग विकासखण्ड बागेश्वर के अन्तर्गत एक महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग है। इस मार्ग से नदीगांव क्षेत्र की जनता लाभान्वित होगी। इस मार्ग हेतु अन्य किसी स्थान से वैकल्पिक समरेखन सम्भव नहीं है। अतः वर्तमान समरेखन में ही मार्ग निर्माण किया जाना संभव होगा। सीएस ने निर्माण कार्यों के दौरान समयबद्धता तथा उच्च गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

श्री बद्रीनाथ धाम परिक्षेत्रान्तर्गत एनएचपीसी द्वारा प्रायोजित सिविक एमिनिटी भवन निर्माण हेतु 2566.71 लाख रू0 के पुनरीक्षित आगणन पर सहमति प्रदान करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विगत वर्षों में श्री बद्रीनाथ धाम में पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में अत्यधिक व अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, जिसके फलस्वरूप तीर्थ यात्रियों एवं श्री बद्रीनाथ धाम में अन्तर्गत निवासरत तथा अन्य जनमानस एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने हेतु हाट (बाजार), यात्रियों एवं विशिष्ट तथा अति विशिष्ट महानुभावों की विश्राम व्यवस्था इत्यादि की भारी कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री के द्वारा श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान की घोषणा की गई है तथा जिसके तहत सिविक एमिनिटी भवन के निर्माण का कार्य निहित है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

गंगा सहित सभी नदियों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए विभागीय कार्याे की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली को एक स्वच्छ एवं आदर्श जनपद के रूप में विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली में बद्रीनाथ, हेमकुंड, गोपीनाथ समेत अनेक देवस्थल मौजूद है। देश का प्रथम गांव माणा भी चमोली में ही है। इस सीमांत जनपद को स्वच्छ बनाना हम सब का नैतिक दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली से बहने वाली सभी नदियों को स्वच्छ रखा जाए। नदियों में जाने वाले कूड़ा, करकट एवं गंदे नालों का ट्रीटमेंट किया जाए। नदी किनारे लोगों को जागरूक किया जाए। उदगम स्थल से लेकर संपूर्ण उत्तराखंड राज्य में हमारी नदियां स्वच्छ और निर्मल होकर बहे, इसके लिए सभी लोग इसको अपनी कार्य संस्कृति लाते हुए मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री ने विभागों को अपने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने के साथ इसकी शुरुआत करने के निर्देश भी दिए। कहा कि सरकारी गेस्टहाउसों में भी विशेष स्वच्छता एवं साफ सफाई रखी जाए। ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इस देवभूमि से एक अच्छा संदेश लेकर जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य के विकास में महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। महिलाओं के कौशल, उनकी शक्ति और ऊर्जा के साथ विकास कार्याे को गति दी जाए। राज्य के जीएसडीपी में पहाड़ी राज्यों का योगदान बढ़ाने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य आज कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हम सबको मिलकर इसको आगे बढ़ाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा संचालित कार्यों की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देशित किया की सड़कों को गड्ढा मुक्त एवं सुरक्षित बनाया जाए। पुलिस एवं परिवहन विभाग विभाग को वाहनों की नियमित जांच करने और अनफिट वाहनों को चलन से बाहर करने के निर्देश दिए। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो। मुख्यमंत्री ने किसानों की आर्थिक को बढ़ाने के लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन समेत समस्त रेखीय विभागों को भी जरूरी निर्देश दिए। बैठक में ज्योतिर्मठ में आपदा राहत कार्यों की समीक्षा भी की गई।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित नवाचारी कार्यों से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा की मैठाणा गांव को मॉडर्न विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। आदिबद्री क्षेत्र के गांवों को मशरूम उत्पादन से जोड़ा जा रहा है। राइका भराडीसैंण को आदर्श विद्यालय बनाया जा रहा है। बैठक में आईजी गढ़वाल केएस नगन्याल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी नंदन कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

बिना सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नजर आई गहमागहमी

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की घोषित ग्रीष्मकालीन राजधानी, भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बिना विधानसभा सत्र के भी चहल पहल नजर आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिन में यहां उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर विचार विमर्श करने के साथ ही पलायन निवारण आयोग की बैठक की अध्यक्षता की। वहीं रात्रि विश्राम के दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं का सुना, इस तरह बुधवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी एक बार फिर प्रदेश के राजकाज का केंद्र बिंदु बनी रही।

ग्रीष्मकालीन राजधानी में आमतौर पर बजट सत्र के दौरान ही चहल पहल नजर आती है। लेकिन आज भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर एक बार फिर दिनभर राजकाज में डूबा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां बुधवार को सबसे पहले उच्चाधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित भू कानून पर लंबा मंथन किया। इसके बाद, पहाड़ों में पलायन रोकथाम के उद्देश्य से गठित पलायन निवारण आयोग की बैठक की अध्यक्षता की, इसके तत्काल बाद उन्होंने राज्यस्तरीय ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यशाला में प्रतिभाग किया, जिसमें प्रदेश के सभी हिस्सों से महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि और ग्रामीण उद्यमी शामिल हुए। सीएम ने कार्यशाला में सभी के अनुभव और सुझावों का सुना।

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज रात्रि विश्राम भी भराड़ीसैंण में ही किया। इस दौरान भी उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बिना विधानसभा सत्र के भराड़ीसैंण में रात्रि विश्राम किया है। इससे अधिकारियों को ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।

साल 2025 तक डेढ़ लाख महिलाएं बनेगी लखपति दीदीः मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित राज्यस्तरीय ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यशाला को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार ने 2025 तक, डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

भराड़ीसैंण में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी में इस कार्यशाला का आयोजन होना अपने आप में एतिहासिक अवसर है। सरकार कार्यशाला में प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से अमल करते हुए, ग्रामीण उद्यमियों के सामने आने वाली सभी समस्याओं का समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही दिन से सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर चल रही है, इसके सकारात्मक परिणाम अब नजर आने लगे हैं। विगत तीन साल के दौरान स्वरोजगार के क्षेत्र में कई काम हुए हैं। किसी भी काम के शुरुआत में कठिनाई तो आती ही है, लेकिन अब महिलाएं और युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने लगे हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते अब तक प्रदेश में एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उन्होंने बचपन में अपनी मां को काम करते हुए देखा है, इसलिए उन्हें पता है कि माता और बहनों को क्या -क्या कठिनाइयां पेश आती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं स्वयं सहायता समूहों या निजी प्रयासों से शानदार उत्पाद तैयार कर रही है, जिसकी मांग पूरी दुनिया में है। सरकार सरस मेला, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के जरिए उन्हें विपणन की सुविधा प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप जो भी उत्पाद तैयार कर रहे हैं, उसमें गुणवत्ता, पैकेजिंग और साफ – सफाई का पूरा ध्यान रखें, यदि इन बातों को अनुशासन में डाल दिया जाए तो सफलता मिलनी तय है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए व्यवसाय और स्वावलंबन के अधिक अवसर पैदा करने का प्रयास कर रही है। पलायन कम करने में माता बहनों की अहम भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयास कर रही है। महिला समूहों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपए का लोन दिया जा रहा है, इसके साथ ही सशक्त बहना उत्सव योजना, सीएम महिला स्वंय सहायता समूह योजना भी संचालित की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूह योजना के तहत 84 करोड़ रुपए से अधिक का सहयोग प्रदान किया गया है, साथ ही ब्याज पर 25 करोड़ रुपए की छूट प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत अब तक 4 करोड़ 20 लाख रुपए का व्यवसाय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा मार्ग पर भी समूहों के आउटलेट खोल रही है, साथ ही दिल्ली में भी हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत महिला समूहों के उत्पाद मिलेंगे। सरकार 2025 तक डेढ़ लाख बहनों को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक उत्तराखंडवासी से पांच आग्रह किए हैं, उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने के लिए हम सबको प्रधानमंत्री के आग्रहों पर काम करना है। इस मौके पर विभिन्न जिलों से आए ग्रामीण उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने ग्रामीण उद्यमिता को लेकर अपने अनुभव व्यक्त करते हुए, सुझाव दिए। कार्यक्रम में कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भोपाल राम टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, सदस्य रामप्रकाश पैन्यूली के साथ ही आयुक्त ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित हुए।

पहाड़ से पलायन की रोकथाम को भराडीसैंण में सीएम की अध्यक्षता में हुई पलायन निवारण आयोग की बैठक

उत्तराखंड राज्य में पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर भराडीसैंण में पलायन निवारण आयोग की अहम बैठक हुई। जिसमें पलायन के प्रमुख कारणों पर चर्चा के साथ ही इसके निवारण हेतु बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर मंथन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पलायन की समस्या को लेकर गंभीर है और इसे रोकने के लिए कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भी युवाओं स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षाे में स्वरोजगार के क्षेत्र में विशेष फोकस किया गया है। इसको और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लक्ष्य पर सरकार काम कर रही है। पलायन निवारण आयोग द्वारा दिए जा रहे सुझावों को अमल में लाने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से ठोस कार्य योजना बनाई जा रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित करने हेतु प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोकने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है। इसके तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा देश विदेश के प्रवासियों को भी इस मुहिम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पलायन निवारण के लिए प्रवासियों से भी अच्छे सुझाव मिले हैं, जिन्हें धरातल में उतारा जाएगा।

बैठक में सदस्यों ने पलायन निवारण के लिए विभागीय सहयोग से अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य करने की बात रखी। पहाड़ों से हो रहे पलायन के प्रमुख कारणों पर चर्चा के दौरान बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पहाड़ों पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किए बद्री विशाल के दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम, में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा अब अंतिम चरणों में है। अभी भी बड़ी संख्या में देश भर से श्रद्धालु बाबा बद्री विशाल के दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा पिछले दो तीन सालों से श्रद्धलुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यहां पर मास्टर प्लान का काम तेजी से पूरा हो रहा है। आने वाले समय में यहां का भव्य स्वरूप बनेगा। सरकार का प्रयास है कि हर साल यात्रा और बेहतर हो उन्होंने कहा कि राज्य में यात्रा प्राधिकरण बनाया जा रहा है। फिर सभी धामों की यात्रा व्यवस्थाओं के हिसाब से सिस्टम विकसित किया जायेगा और संख्या सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी से बीकेटीसी कार्यालय में मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निदान का आश्वासन दिया। तीर्थ पुरोहितों, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन ने यात्रा को लेकर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत कर, यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

इस अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम चमोली राजकुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

भू-कानून लागू करने को लेकर सीएम धामी की अध्यक्षता में विधानसभा भराड़ीसैंण में हुई अहम बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा भवन भराड़ीसैंण में उत्तराखण्ड में सख्त भू-कानून के सम्बन्ध में भू कानून के लिए बनाई गई समिति एवं अन्य पूर्व उच्चाधिकारियों एवं बुद्धिजीवियों के साथ भू कानून के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भू कानून को लेकर अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लागू होने वाले भू-कानून को जन भावनाओं के अनुरूप बनाए जाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चर्चा के दौरान बहुत से अच्छे सुझाव आए हैं, जिन्हें भू कानून में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर भी भू कानून को लेकर जनता से सुझाव लिए जाएंगे, जिनमें से अच्छे सुझावों को इसमें शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सशक्त भू कानून का ड्राफ्ट स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और विकास के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूडी, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पाण्डेय, सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, बीपी पाण्डेय, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।