उत्तराखंड नई फिल्म नीति-2024 की भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में खूब हुई सराहना

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 55वें संस्करण में उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा गोवा स्थित फ़िल्म बाजार में प्रतिभाग किया गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नॉलेज सीरीज में उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई फिल्म नीति 2024 पर चर्चा की गई। नॉलेज सीरीज का शीर्षक बिल्डिंग फ़िल्म फ्रेंडली उत्तराखण्ड – इनिशिएटिव्स – इनसेंटिव्स – एंड द रोल ऑफ़ स्टेकहोल्डर्स था। चर्चा करते हुए मंच पर उपस्थित फ़िल्म अभिनेता एवं निर्देशक अनंत महादेवन नारायण ने कहा कि उत्तराखण्ड में सरल शूटिंग प्रक्रिया है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए। अनंत महादेवन ने उत्तराखंड में अपनी फिल्म की शूटिंग अनुमति से लेकर शूटिंग कम्पलीट होने तक तक के अपने अनुभव को साझा किया और स्थानीय लोगो द्वारा की गई हर प्रकार की सहायता के बारे में भी प्रशंसा की गई। उन्होंने बताया कि अभी एक माह पूर्व ही उन्होंने अपनी फ़िल्म “पास्ट टेन्स” की शूटिंग उत्तराखंड में की है, जिसमे परेश रावल, आदित्य रावल, आदिल हुसैन आदि शामिल रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शूटिंग लोकेशन के लिए डिजिटल एप्प भी तैयार करना चाहिए, इससे राज्य की शूटिंग लोकेशन का अधिक प्रचार प्रसार होगा।

अभिनेता अमित सियाल ने उत्तराखण्ड के खुर्पाताल, नैनीताल जनपद में शूट हुई अपनी फ़िल्म “तिकड़म” के दौरान हुए अनुभवों को बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य और यहां के लोगों का आत्मीय स्वभाव हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि जब भी मौक़ा मिलेगा वे दोबारा उत्तराखण्ड में शूट करना चाहेंगे। उन्होंने नई फिल्म नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि फ़िल्म नीति काफी आकर्षक है, अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों को भी उत्तराखंड में शूटिंग के लिए आना चाहिए।

अभिनेत्री श्रुति पवाँर ने देहरादून में अपने पहले शूटिंग अनुभव के बारे में बताया और कहा कि आज राज्य सरकार फ़िल्म नीति के माध्यम से राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फ़िल्मों को हर प्रकार से प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड को “छव समेे जींद ैूपज्रमतसंदक” की संज्ञा देते हुए बताया कि यहाँ शूटिंग लोकशंस के नाम पर एक से बढ़कर एक शूटिंग लोकशंस है और राज्य सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की सराहना की, कि उनके द्वारा फ़िल्म जगत को लेकर सकारात्मक प्रयास करते हुए नई फिल्म नीति लागू की गई है। उन्होंने “उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024” को भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

ऑस्ट्रेलिया से आये फ़िल्म निर्माता अनुपम शर्मा ने कहा कि उनके द्वारा भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलिया निवासी प्रसिद्ध कंट्री सिंगर बॉबी कैश पर बायोपिक फ़िल्म का निर्माण किया जा रहा है। इस फ़िल्म की आधी शूटिंग आस्ट्रेलिया और आधी शूटिंग उत्तराखंड में होगी। इससे उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के फ़िल्म जगत के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।

उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं विजन के अनुरूप नई फिल्म नीति 2024 लागू की गई है। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति में 3ज् (टैलेंट-टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग) के सिद्धांत पर फोकस किया गया है।

डॉ उपाध्याय ने बताया की उत्तराखंड में पहले से ही लोकेशन और रिसोर्स डायरेक्टरी बनाने का काम चल रहा है । भारत सरकार की संस्था इंडियन सिने हब के अंतर्गत एक राष्ट्रीय वेबसाइट बन रही है जिसमे उत्तराखंड के लोकेशन और रिसोर्स अपडेट किए जा रहे हैं । स्थानीय स्तर पर फ़िल्म उद्योग को विकसित किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर फ़िल्मों से जुड़े रोज़गार सृजन को ध्यान में रख कर कार्य किया जा रहा है। नॉलेज सीरीज का संचालन वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी प्रमुख आयकर आयुक्त भोपाल श्रीमती माया माहेश्वरी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

कार्यक्रम में फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशक शालिनी शाह, अभिनेता एवं वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा, ओम प्रकाश भट्ट, एन.एफ.डी.सी. के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं फ़िल्म बाजार में प्रतिभाग करने वाले अन्य राज्यो के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ में बेस चिकित्सालय से उल्का मंदिर को बनेगा शॉर्टकट मार्ग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में जिला कार्यालय सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान विभागों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा बेस चिकित्सालय से उल्का मंदिर के लिए शॉर्टकट मार्ग बनाने की बात रखी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 15 दिन के भीतर डीपीआर शासन को उपलब्ध करने की निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जनपद में निर्माणाधीन पार्किंग की समीक्षा के दौरान जाखनी तिराहा में मल्टी लेवल कार पार्किंग निर्माण की जानकारी लेते हुये कहा कि पार्किंग निर्माण कार्यों के अलावा जो भी विकास कार्य किए जा रहे हैं उन्हें निर्धारित समय के अंतर्गत पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान धारचूला से तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति की जानकारी लेते हुए बीआरओ के अधिकारी एवं जिला प्रशासन को प्राथमिकता से कार्यों में गति लाने एवं अवशेष मुआवजा की धनराशि को आवंटित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा आदि कैलाश के लिए संपर्क मार्ग की व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आदि कैलाश आने वालों यात्रियों की संख्या तीस हजार से अधिक बड़ी है, आगे भी बढ़ने की संभावना है । पीएमजीएसवाई की समीक्षा के दौरान अधिक लंबित कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता का पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि नए पर्यटक स्थलों को सरकार द्वारा विकसित करने का निरंतर कार्य किया जा रहा है। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा भूमि खरीद फरोख्त पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता है, वहीं पर हो जाय।समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के विकास योजनाओं एवं समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ में प्रशासन द्वारा बनाए गए सुशासन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य जनपद में प्राप्त होने वाली नागरिक शिकायतों का निस्तारण करना है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रादेशिक सेना भर्ती में आए युवाओं को मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं मैदान में जाकर भोजन कराया और उनके भोजन के इंतजामों को जांचा, स्थानीय व्यापारियों से धामी ने मुलाकात की और हाल-चाल जाना पूर्व सैनिक संगठन के लोगों से रास्ते में मिलकर मुलाकात की और उनके द्वारा भर्ती में आये युवाओं के लिए लंगर लगाए जाने की सराहना की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी, जिला अध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक हरीश धामी, मयूर महक, फकीर राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख धारचूला धन सिंह धामी, जिला महामंत्री भाजपा राकेश देवलाल, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी,पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी के अलावा जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने राष्ट्रीय खेल तैयारियों की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए

चारधाम यात्रा-2024, के सकुशल सम्पन्न होने के साथ ही प्रदेश सरकार, आगामी चारधाम यात्रा की तैयारी में जुट गई है। चार धाम यात्रा को प्रदेश की आर्थिकी का आधार मानते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को यात्रा प्राधिकरण का गठन प्राथमिकता पर करने के साथ ही आगामी यात्रा तैयारियां अभी से शुरू करने को कहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा को बढ़ावा देने के साथ ही इसे व्यवस्थित करने के लिए यात्रा प्राधिकरण का गठन प्राथमिकता पर किया जाए, इसके लिए सभी हितधारकों की राय ली जाए। साथ ही बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट को और अधिक बेहतर बनाया जाए, ताकि यात्रा संबंधित सभी जानकारी वेबसाइट पर ही मिल जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी चार धाम यात्रा की तैयारी समय पर पूरा करने के लिए अभी से बैठक बुलाते हुए, आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा काल में क्षतिग्रस्त मुख्य मार्गों के साथ ही आंतरिक मार्गों को भी प्राथमिकता पर ठीक किया जाए, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।

राष्ट्रीय खेल का आयोजन महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के लिए अलग अलग सचिवों को दायित्व दिए जाने के साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हर सप्ताह बैठक करने और कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

केंद्रीय मत्स्य राज्यमंत्री ने उत्तराखंड को दिया हिमालयी और उत्तरपूर्वी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ राज्य पुरस्कार

उत्तराखंड में मत्स्य पालन के क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयोगों के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड हैदराबाद की ओर से, उत्तराखंड को हिमायली और उत्तर पूर्व के राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

गुरुवार को विश्व मत्स्य पालन दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन, डेयरी, पंचायतीराज राज्यमंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह द्वारा, उत्तराखंड के सचिव पशुपालन, मत्स्य विभाग डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम को यह पुरस्कार सौंपा गया। उत्तराखंड मत्स्य पालन विभाग ट्राउट फार्मिंग के लिए राज्य में 1400 से अधिक ट्राउट रेसवेज का निर्माण कर चुका है, साथ ही मत्स्य सम्पदा योजना के तहत उधमसिंह नगर में राज्य स्तरीय एक्वापार्क और एक होल सेल मार्केट का भी निर्माण किया जा चुका है। यही नहीं विभाग ने स्थानीय मत्स्य पालकों के समूहों और आईटीबीपी के बीच भी मछली आपूर्ति के लिए अनुबंध किया है। इन सब प्रयोग से उत्तराखंड में मछली पालकों की आय बढ़ने की उम्मीद है। इन्हीं प्रयोगों के चलते बोर्ड ने उत्तराखंड को इस पुरस्कार के लिए चुना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कार पर विभाग ओर मत्स्य पालकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कई प्रयास कर रही है। इसके परिणाम अब नजर आने लगे हैं।

सीएम ने दिए जमरानी बांध परियोजना पर कार्यों में शीघ्रता लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंग बांध पेयजल परियोजना पर कार्य शुरू करने के लिए विस्थापन की कार्यवाही जल्द की जाए। जिन प्रभावित परिवारों को विस्थापित किया जाना उनकी यथासंभव सहमति के आधार पर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों को विस्थापन किया जायेगा, उनके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रभावित परिवारों से बातचीत कर सहमति के आधार पर सामुदायिक भवन, मंदिर, संड़क एवं अन्य कोई निर्माण करने की आवश्यकता हो तो किये जाएं। जमरानी बांध परियोजना पर कार्यों में और तेजी लाने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।

सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून शहर की लगभग 11 लाख आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल की आपूर्ति होगी। जिससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। बांध के डाउनस्ट्रीम में स्थित 10 गांवों की लगभग 15 हजार आबादी की बाढ़ से सुरक्षा भी होगी।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, ललित मोहन रयाल, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर जयपाल सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सराहनीयः सार्वजनिक शौचालयों की साफ सफाई में उत्तराखंड को मिला तीसरा पुरस्कार

सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव और स्वच्छता के लिए केंद्र सरकार की ओर से आयोजित क्लीन टॉयलेट चौलेंज- 2023 प्रतियोगिता में उत्तराखंड को देश के सभी राज्यों के बीच तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

केंद्रीय आवासन और शहरी विकास मंत्रालय के अधीन संचालित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की ओर से देशभर में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने के साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक शौचालयों को चालू हालत में रखने, इन तक पहुंच को आसान बनाने के साथ ही साफ सफाई और सुरक्षा पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए, गत वर्ष मिशन की ओर से क्लीन टॉयलेट चौलेंज – 2023 प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमें विभिन्न राज्यों से प्राप्त आवेदनों के बाद उत्तराखंड को सौ से अधिक निकायों वाले राज्यों की सूची में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस लिस्ट में गुजरात प्रथम और उड़ीसा दूसरे स्थान पर रहा है। सर्वे में शामिल उत्तराखंड के लगभग 40 प्रतिशत पब्लिक टॉयलेट स्वच्छता और सुरक्षा के उच्चतम कोटि के मानकों पर खरे उतरे हैं। उत्तराखंड में कुल 2553 सार्वजनिक शौचालय सीट हैं, जो ज्यादातर शहरी निकाय, यात्रा मार्ग, तीर्थस्थलों, पर्यटन स्थलों पर मौजूद हैं। सचिव शहरी विकास नितेश झा के अनुसार सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता के लिए, सभी निकायों को खासकर निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन, के जरिए देश वासियों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता पैदा की है। प्रदेश सरकार भी स्वच्छता अभियान मिशन मोड पर संचालित कर रही है, शहरी विकास विभाग सार्वजनिक शौचालयों के रख रखाव के लिए निश्चित तौर पर प्रशंसा का पात्र है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, एक बेहतर चिकित्सक बनने के लिये सकारात्मक सोच भी जरूरी

चिकित्सा पेशा का मूल उद्देश्य जन सेवा होना चाहिये इसके अलावा एक बेहतर चिकित्सक बनने के लिये सकारात्मक सोच भी जरूरी है ताकि अपने पेशे में आने के बाद चिकित्सक मरीजों की संवेदनाओं को समझ कर बेहतर उपचार दे सके। इसके लिये एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को इन सभी बातों पर अमल करते हुये अपने आचरण में उतारना होगा ताकि भविष्य में एक सफल चिकित्सक बन सके।

यह बात प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘चरक शपथ ग्रहण’ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। डॉ. रावत ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को सम्बोधित करते हुये कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिये सकारात्मक सोच के साथ प्रशिक्षण लेना जरूरी है ताकि मरीजों की संवेदनाओं को समझते हुये उन्हें बेहतर उपचार दे सके। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशे का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा होना चाहिये तभी चरक शपथ का उद्देश्य पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के साथ ही चिकित्सकों को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद चिकित्सकों को समाज में विशेष दर्जा प्राप्त है। जिसको ध्यान में रखते हुये चिकित्सकों को भी मरीजों एवं उनके तीमारदारों से मधुर व्यवहार रखना जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों में ढांचागत व्यवस्था के साथ ही आधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की व्यवस्था कर रही है। इसके अलावा कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी, पैरामेडिकल स्टॉफ व तकनीकी स्टॉफ की भी तैनाती निरंतर की जा रही है ताकि यहां अध्ययनरत एमबीबीएस छात्रों को हर प्रकार की सुविधाएं मिल सके। सरकार का यह भी प्रयास है कि आने वाले दो वर्षों में राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 100-100 सीटें स्वीकृत कराई जाय इसके लिये समय-समय एनएमसी को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। डा. रावत ने कहा कि शीघ्र ही चिकित्सा शिक्षा विभाग को 53 प्रोफेसर, 103 एसोसिएट प्रोफेसर व 440 असिस्टेंट प्रोफेसरों के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की जायेगी। साथ ही संविदा पर कार्यरत शिक्षकों के वेतनमान में भी बढ़ोत्तरी की जायेगी ताकि मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की किसी भी प्रकार की कमी न रहे। इस दौरान उन्होंने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को चरक शपथ दिलाते हुये कहा कि व्हाइट कोट हमें एक चिकित्सक के रूप में पहचान दिलाता है साथ ही हमें इस जिम्मेदारी को निभाने के लिये प्रतिबद्ध करता है। जो याद दिलाता है कि हमारे हाथों में किसी का जीवन है और हमें इसकी रक्षा करनी है। उन्होंने छात्रों को यह भी शपथ दिलाई कि हम अपने ज्ञान, क्षमता और संवेदनाओं के साथ मानवता की सेवा करेंगे।

इस अवसर पर कुलपति हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रो. एम.एल.ब्रह्म भट्ट, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. गीता जैन, अपर निदेशक डॉ. आर.एस. बिष्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. एम.सी. पंत सहित अन्य विभागीय अधिकारी व एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

राज्य में निवेश को बढ़ावा देने को 30 नई नीतियां बनाई गईं हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में कौशल विकास एवं रोजगार कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जनरेशन इंडिया और उत्तराखण्ड सरकार के बीच एमओयू भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्क्लेव हमारे युवाओं के कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। यह कॉन्क्लेव युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को दुगना करने के लक्ष्य को लेकर सरकार कार्य कर रही है। दो साल में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 1.3 गुना वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किये गये हैं। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के लिए 30 नई नीतियां बनाई हैं। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य में एक साल में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी तेजी से बढ़ी है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैकिंग में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में हम राज्य की जीएसडीपी को दोगुना करने के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार सृजन में भी उल्लेखनीय कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जहां 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, तो हमारा देश न केवल एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव भी रख सकेगा। यही कारण है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में ही स्किल इंडिया अभियान की शुरुआत की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारे युवाओं को उनकी रुचि और क्षमताओं के अनुसार उत्कृष्ट और व्यावसायिक रूप से उपयोगी प्रशिक्षण प्रदान करना था। यह अभियान न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी सरकार भी राज्य में युवा शक्ति को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ इस संबंध में निरंतर कार्य कर रही है। कौशल विकास को राज्य के प्रमुख एजेंडे में शामिल करते हुए कई योजनाओं और नीतियों को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का रोजगार परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है, तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। इसके लिए हमें अपने युवाओं को “फ्यूचर-रेडी“ बनाना होगा। इस दिशा में युवाओं को “डिमांड बेस्ड स्किल ट्रेनिंग“ देने के लिए विभिन्न उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ समझौते किए गये हैं। राज्य के 13 आई.टी.आई. संस्थानों में दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ 20 अल्पकालिक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्रदान किये जा रहे हैं। साथ ही, आई.टी.आई. काशीपुर में इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में एक “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस“ स्थापित किया गया है। फिलिप्स के सहयोग से आई.टी.आई. हरिद्वार में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए एक “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस“ स्थापित किया गया है। अशोक लेलैंड कंपनी के साथ भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अशोक लेलैंड प्रत्येक वर्ष हमारे एक हजार युवाओं को अपने प्लांट में इंटर्नशिप और रोजगार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा विदेशी प्लेसमेंट नीति के तहत राज्य के युवाओं को विदेशी भाषाओं सहित विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि हमारे युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। इसके पहले चरण में 23 युवाओं को जापान भेजा है। 25 युवाओं को जर्मनी और ब्रिटेन में नर्सिंग क्षेत्र हेतु भेजने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों के माध्यम से राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स, जैसे आयुष, वेलनेस, पर्यटन, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण, वन आधारित आजीविका, डिजिटल मार्केटिंग, ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, अक्षय ऊर्जा आदि पर चर्चा से जो विचार और सुझाव प्राप्त होंगे। वे राज्य में युवाओं के कौशल विकास के लिए तैयार की जाने वाली नीतियों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होंगे।

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। औद्योगिक संस्थानों की मांग के अनुसार युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए लघु अवधि के कोर्स भी नियमित कराये जा रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, उपाध्यक्ष सेतु आयोग राजशेखर जोशी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, नीति आयोग में राज्य से नोडल अधिकारी सोनिया पंत, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, अपर सचिव विजय जोगदण्डे, एसीईओ सीपीपीजीजी डॉ. मनोज पंत, अपर सचिव मनमोहन मैनाली उपस्थित थे।

राज्य के विकास और संरक्षण के लिए भू कानून जल्द लागू होगा सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिवसीय भ्रमण के दौरान ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सारकोट गांव पहुंचे। मुख्यमंत्री के सारकोट पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांव में पहुंचकर कोट भैरव मंदिर में पूजा अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। सारकोट गांव पहुंच कर मुख्यमंत्री ने शहीद वासुदेव सिंह के घर पर जाकर परिजनों से भी मुलाकात की। वहीं कार्यक्रम में दौरान मुख्यमंत्री ने सारकोट महिला मंगल दल को सांस्कृतिक सामग्री व अन्य सामान खरीदने के लिए एक लाख की धनराशि चौक के माध्यम से दी।

सारकोट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी गांवों को आदर्श ग्राम बनने का प्रयास कर रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार की ओर से गांवों को मजबूत करने और पलायन रोकने के प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। कहा कि राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर जहां स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू करने के साथ ही पारदर्शी भर्ती परीक्षा की प्रणाली को विकसित किया गया है। नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद वर्तमान तक 100 से अधिक नकल करवाने वालों को जेल में डाला गया है। जिसका प्रतिफल है कि वर्तमान तक 18 हजार 500 युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं में रोजगार पाकर राज्य के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के जहां प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर बदरीनाथ धाम को विकसित किया जा रहा है। जल्द ही बदरीनाथ धाम दिव्य और भव्य रूप में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गौचर हवाई पट्टी से हवाई जहाजों का संचालन करने को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही चौखुटिया में भी हवाई पट्टी निर्माण की संभावनाओं को लेकर कार्य किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में लोगों की बाहरी क्षेत्रों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। कहा कि जल्द ही चमोली जनपद के लोगों को कर्ण प्रयाग से रेल की भी सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा ही सरकार राज्य के विकास और संरक्षण के लिए जल्द भू कानून लाने का काम कर रही है। जिससे राज्यवासियों के अधिकारों का संरक्षण किया जा सकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण सारकोट सड़क के डामरीकरण, सारकोट को आदर्श ग्राम बनाने, महिला मंगल दल को व स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग के लिए मशीनें उपलब्ध कराने और भराड़ीसैंण सारकोट सड़क का नाम शहीद वासुदेव सिंह के नाम पर करने की घोषणा भी की। जबकि मुख्यमंत्री की घोषणा से गांव के कोट भैरव मंदिर का सौंदर्यीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य भी किया जाएगा।

कार्यक्रम के समापन के मौके पर स्थानीय महिलाओं की ओर से झुमैलो नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी झुमैलो नृत्य में प्रतिभाग किया।

इस मौके पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, ग्राम प्रधान सुमति देवी, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।

यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखण्ड परिवहन निगम की पुराने मॉडल की डीजल बसों पर दिल्ली पर लगे प्रतिबन्ध से आमजन की असुविधा के तत्काल समाधान को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूटीसी को तत्काल शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान पर कार्य करते हुए दिल्ली के लिए रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने, विशेषकर वीकेंड पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए यूपी से भी समन्वय हेतु निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव परिवहन को 175 बसों के खरीद के प्रस्ताव के निर्णय पर उचित स्तर पर आज ही वार्ता हेतु निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने निर्देश दिए हैं कि जिन 100 सीएनजी बसों की खरीद की टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं तथा 30 बसें प्राप्त हो चुकी हैं, उनका संचालन शीघ्र शुरू किया जाए।

आमजन को फौरी राहत देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग को यूटीसी की बसों का संचालन गाजियाबाद में मोहन नगर के साथ ही कौशाम्बी तक करने के लिए उत्तर प्रदेश से बात करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरा करने वाली बसें सीधा दिल्ली में प्रवेश करेगी। सामान्य बसें दिल्ली सीमा मोहन नगर व कौशाम्बी तक जा सकेगी।

बैठक में उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदूषण के कारण पुराने मॉडल की डीजल बसों पर लगी रोक से पहले रोडवेज की दिल्ली रूट पर 504 सेवाएं प्रतिदिन संचालित होती थी, लेकिन अभी प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरे करने वाली 310 बसें संचालित हो रही हैं। 194 बसें प्रतिबन्धित की गई हैं। प्रतिबन्ध से पूर्व रोडवेज की बसों का लोड फैक्टर लगभग 40 प्रतिशत था जो अभी बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से लोड फैक्टर 90 से 100 प्रतिशत हो गया है। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की विशेष असुविधा नही हो रही हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में भ्रामक सूचनाओं को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।