सीएम ने ओएनजीसी में भेलो खेलकर दी लोकपर्व की बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑफिसर्स क्लब, ओएनजीसी, देहरादून में बूढ़ी दिवाली, ईगास के अवसर पर हिमगिरि ओहो उमंगोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भेलो भी खेला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को इगास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमगिरि सोसायटी निरंतर समाज की सेवा का रही है। मुख्यमंत्री ने कहा लोक संस्कृति, लोक परंपराएं, पहाड़ी परिधान हमारे राज्य की विशिष्ट पहचान और आत्मा है। यह हमारे गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। बूढ़ी दीवाली और ईगास राज्य की आस्था का प्रतीक भी है। हमारी आने वाली पीढ़ी तक लोक संस्कृति को पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। हमारी परंपराओं के पीछे बड़ी और शानदार कहानियां हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भगवान श्री राम के विजय का समाचार देर से पहुंचा इसलिए कई इलाकों में दिवाली 11 दिन बाद बनाई जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन से हमारे सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। उन्होंने जनता से अपने-अपने गांव में जाकर लोकपर्व बनाने और इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा त्योहारों के अवसर पर उत्तराखंडी प्रवासी अपने गांव का रुख कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंडी प्रवासियों से भी घरों में लौटकर लोकपर्वाे को बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा राज्य सरकार रिवर्स माइग्रेशन के क्षेत्र में जमीन स्तर पर कार्य कर रही है। इस वर्ष हमने प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ राज्य स्थापना से पहले सम्मेलन करने का निर्णय लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम आए है। यह दिवस हम सभी को एक साथ मिलने का अवसर है। आगे भी प्रवासी सम्मेलन दिवस इसी तरह मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम आया है। राज्य सरकार ने यूसीसी विधेयक पारित करके नया इतिहास बनाया है। बीते 3 वर्षों में रिकॉर्ड 18,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। धर्मांतरण कानून लागू किया है। साथ ही प्रदेश में दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है, जिसके तहत दंगा करने वाले से ही पाई पाई की वसूली की जाएगी। राज्य सरकार एक सशक्त भू कानून भी लागू करेगी।

इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, विधायक संजय डोभाल, सुषमा रावत, गोपाल राणा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, आर.जे काव्य, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जन प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, परिवारजनों एवं आमजन के साथ मुख्यमंत्री ने मनाया ईगास

मुख्यमंत्री आवास में लोकपर्व ईगास बेहद सादगी से मनाया गया। मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना एवं सुंदरकांड पाठ कर प्रदेश में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने इगास पर्व पर भेलो पूजा कर, भेलो भी खेला। इस दौरान उन्होंने ढोल दमाऊ भी बजाया।

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को इगास की बधाई देते हुए कहा कि हमें अपनी लोक परम्पराओं एवं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा आज पूरा राज्य धूम धाम से इगास मना रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी सभी प्रदेश वासियों को इगास की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव ही है जो वो स्वयं इगास पर्व में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने हमेशा उत्तराखंड के लोक पर्वाे और यहां की संस्कृति को बढ़ावा दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक संस्कृति एवं लोक परम्परा देवभूमि की पहचान है। इगास का पर्व हमारे लिए बेहद विशेष है। इस लोक पर्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीते कुछ सालों से सार्वजनिक अवकाश की परम्परा भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा हाल ही में हुए प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में भी प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों से भी उन्होंने अपने गांव में जाकर लोक पर्व को मनाने का आग्रह किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड वासियों से अपनी बोली भाषा का संरक्षण करने एवं गांव से जुड़ने का आग्रह किया था। ईगास पर्व पर हमने अपने गांव से जुड़ने एंव भाषा और लोक पर्वाे के संरक्षण का संकल्प लेना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

डामटा में स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के डामटा में आयोजित यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह के आयोजन के लिए पांच लाख रूपये की धनराशि देने के साथ ही मुगरसंती पट्टी के पैंसठ गांव के आराध्य रूद्रेश्वर महाराज के डांडा देवराणा मेला को राजकीय मेले के कैलेण्डर में सम्मिलित करने और टीकरा टॉप में खेल मैदान व हेलीपैड का निर्माण कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डामटा क्षेत्र में पॉलीटेक्नीक संस्थान की आवश्यकता का आकलन कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज यमुनाघाटी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह में प्रतिभाग करने डामटा पहॅुंचे थे। सूरत स्टेडियम डामटा कांडी में आयोजित इस समारोह में हजारों की संख्या में जुटे स्थानीय लोगों ने पारंपरिक ढंग से मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मेले में जुटे ग्रामीणों के साथ रवांई-जौनसार-जौनपुर क्षेत्र के पारंपरिक लोक नृत्य में भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जन समुदाय को इस समारोह के आयोजन एवं लोकपर्व इगास बग्वाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस समारोह के जरिए महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास किया है। राज्य सरकार इस तरह के प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने इस समारोह के आयोजन हेतु पांच लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण व संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। खेलों से संबंधित अवस्थापनाओं एवं सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। युवाओं की प्रतिभा व कौशल के विकास, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन हेतु इस बार के बजट में डेढ हजार करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि का अलग से प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का गौरव मिला है। इससे राज्य में खेल गतिविधियों को नई ऊंचाई मिलेगी और राज्य के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभाग को उजागर करने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व के चलते इस क्षेत्र में पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास की विपुल संभावनाएं हैं। जिन्हें साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार ने यमुना घाटी क्षेत्र के धार्मिक क्षेत्रों को विकसित कर श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट विकसित करने का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत यमुना नदी के तटों पर विभिन्न प्रकार के घाट बनाकर विशेष आरती की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इस तरह के प्रयासों से इस क्षेत्र में आजीविका के नये अवसर पैदा होंगे और आर्थिकी को भी संबल मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस क्षेत्र के विकास को सरकार ने प्राथमिकता दी है और मुख्यमंत्री घोषणा के तहत इस क्षेत्र के लिए सर्वाधिक घोषणाएं की गई हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड के तहत इस क्षेत्र की सड़कों के चौडीकरण के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से वार्ता के बाद डामटा से आगे यमुनोत्री मार्ग के चौड़ीकरण कार्य हेतु टेंडर की प्रक्रिया संपन्न करा ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनाघाटी क्षेत्र में रेलवे लाईन के निर्माण के बावत भी केन्द्र सरकार से आग्रह किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य हित में सरकार ने अनेक ऐतिहासिक व कठोर फैसले लिए हैं। उत्तराखंड में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया गया है और समान नागरिक संहिता बनाई गई है। अवैध अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई कर पांच हजार एकड़ से अधिक जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया है। राज्यभर में यह अभियान पूरी सख्ती के साथ निरंतर जारी रहेगा। सरकारी व निजी संपत्ति को नुकासान पहॅुचाने वाले दंगाईयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उनसे नुकसान की भरपाई करने का कानून बनाया गया है। श्री धामी ने कहा कि इन्हीं ऐतिहासिक फैसलों की कड़ी में अब सशक्त भू-कानून लाने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर राज्य के विकास एवं बेहतरी के लिए जारी संदेश के अनुरूप राज्य को देश का श्रेष्ठ व विकसित राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार जन सहयोग से प्रतिबद्धता से काम करेगी।

इस अवसर पर पुरोला क्षेत्र के विधायक दुर्गेंश्वर लाल ने राज्य सरकार के निर्णयों एवं योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य विकास के नये आयाम छू रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐतिहासिक कार्यों से इस क्षेत्र की तस्वीर बदली है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, अपर जिलाधिकारी देवानंद शर्मा, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भंडारी, मेला समिति के अध्यक्ष बचन सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र राणा, चमन सिंह चौहान, सुलोचना गौड़, दयाराम थपलियाल सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं मेला आयोजन समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

हरिद्वार में मां गंगा के घाटों में तीन लाख 51 हजार दीप प्रज्वलित किये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर की पैड़ी, हरिद्वार में आयोजित गंगा दीप महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मां गंगा की पूजा अर्चना एंव गंगा आरती में सम्मलित होकर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं तरक्की की कामना की। इस दौरान हर की पैड़ी स्थित पुलिस चौकी का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी में राज्य की परंपरा आध्यात्मिकता और नैसर्गिकता, सनातन संस्कृति, श्री बद्रीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम , कुंभ कलश, भगवान शिव, मां गंगा पर आयोजित हुए ड्रोन शो का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा बस हादसे में हताहत हुए लोगों की याद एंव राज्य स्थापना दिवस की वर्षगांठ में दीप प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हरिद्वार के 50 घाटों में लाखों की संख्या में दीप प्रज्वलित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिवस मां गंगा को प्रणाम कर संकल्प लेने का दिवस है। राज्य रजत जयंती वर्ष मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उस दशक को बनाने के लिए हर उत्तराखंडी आगे बढ़कर इसमें अपना योगदान देगा। राज्य सरकार राज्य को आगे बढ़ाने लिए हर पल राज्य के विकास को समर्पित कर रही है।

भजन संध्या में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में यह नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि राज्य स्थापना एवं रजत जयंती के अवसर पर मां गंगा के घाटों में 3 लाख 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए। उन्होंने कहा हर दीप अंधकार को दूर कर तरक्की का उजाला जगाएगा। बीते 24 सालों में जनता के अटूट प्रेम और आशीर्वाद से राज्य आगे बढ़ा है। उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य पर्यटन शिक्षा एवं हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में देश के सर्वाेच्च राज्यों में स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के विकास हेतु लिए गए ऐतिहासिक फैसलों को देश के लिए आदर्श उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा मां गंगा के तट से मैं प्रधानमंत्री को उनके सपनों के अनुरूप विकास को आगे बढ़ाने का विश्वास दिलाता हूं। उन्होंने कहा नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड प्रथम आया है। युवाओं को रोज़गार देने में भी राज्य आगे बढ़ा है।उन्होंने कहा राज्य सरकार ने यूसीसी विधेयक पारित करके नया इतिहास बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्तियों में घोटालों को रोकने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया एवं बीते 3 वर्षों में रिकॉर्ड 18,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। धर्मांतरण कानून लागू होने से देवभूमि की पवित्रता और संस्कृत संरक्षित रहेगी। प्रदेश में दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है, जिसके तहत दंगा करने वाले से ही पाई पाई की वसूली की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार क्षेत्र का भी निरंतर विकास कर रही है। ऋषिकेश हरिद्वार कॉरिडोर के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। विभिन्न पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस वर्ष 4 करोड़ से अधिक कांवड़िए हरिद्वार आए। राज्य सरकार बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए आने वाले 40 से 50 सालों के रोड़मैप पर कार्य कर रही है। ताकि स्थाई समाधान के साथ हरिद्वार का समग्र विकास किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा हमारे जीवन का आधार है। सनातन संस्कृति का प्रमुख अंग है। हमें गंगा की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना है। स्वच्छता के प्रयासों में सरकार के साथ आमजन की भी सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा हरिद्वार के लोग मां गंगा की स्वच्छता में अपना भरपूर समर्थन दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा हरिद्वार का धार्मिक स्वरूप बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा आसपास जहां भी अतिक्रमण हो रहा है। उसे हटाने की जिम्मेदारी हरिद्वार विकास प्राधिकरण की है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि में किसी तरह का भी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, आचार्य बाल कृष्ण, सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश कुमार, गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, राज्य आपदा प्रबन्धन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रौहेला, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, देशराज कर्णवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष सन्दीप गोयल, प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक के. एस नगन्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

हरिद्वार में क्रिकेट स्टेडियम का सीएम ने किया लोकार्पण, बोले खेल प्रतिभाओं के नाम से होगी पहचान

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पन्ना लाल भल्ला क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 1378 लाख की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया।

लोकार्पण की गई योजनाओं में 905 लाख रुपये की लागत से पन्ना लाल भल्ला क्रिकेट स्टेडियम का विकास एवं विस्तार कार्य, 143 लाख रुपये की लागत से डाम कोठी पुल का विद्युत फसाड सौन्दर्यीकरण कार्य, 330 लाख रुपये की लागत से चंडी देवी पुल के विद्युत फसाड सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं में खेलों के प्रति एक नया विश्वास जागृत होगा और वो दिन दूर नहीं जब उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही’’खेल प्रतिभाओं की भूमि’’ के नाम से भी पहचाना जाएगा। हमारा देश और प्रदेश दोनों युवा हैं, युवा शक्ति की महत्वाकांक्षाएं भी युवा है। युवाओं के सपनों को पंख देना हमारी पहली प्राथमिकता हैं, हर नीति हमारा हर निर्णय युवाओं को केंद्र में रख कर लिया जा रहा हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में धर्म नगरी को खेल के क्षेत्र में इतनी बड़ी सौगात आज हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने दी हैं और अधिकारियों व युवा कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के कारण स्टेडियम एक वर्ष में बनकर खिलाड़ियों के लिए तैयार हो पाया हैं, जिससे हरिद्वार और उत्तराखण्ड के युवाओं को पूरा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विकास का महायज्ञ चल रहा हैं, यज्ञ को पूर्ण करने में हम सभी को अपने समय और अपने परिश्रम की आहुति प्रदान करनी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगर अच्छी नियत और कठोर परिश्रम से कार्य करती है तो उसके परिणाम भी सकारात्मक रूप से अच्छे आते हैं।

युवाओं की निराशा को खत्म कर प्रदान की नई आशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मार्गदर्शन में चल रही है हमारी सरकार ने युवाओं की निराशा को खत्म कर उन्हें नई आशा प्रदान की हैं। हरिद्वार में इतना शानदार क्रिकेट स्टेडियम युवाओं के लिए बनकर तैयार हुआ है हम युवाओं के विकास के लिए उनकी प्रतिभा निखारने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। क्रिकेट स्टेडियम के शुभारंभ के बाद हरिद्वार और अधिक चमकने वाला हैं।

समग्र और युवा नीति बनाने जा रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में हमारी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए उनके हितों के लिए एक समग्र और युवा नीति बनाने जा रही हैं। युवाओं के रोजगार व्यक्तित्व विकास और केंद्रित होगी। उत्तराखण्ड के युवाओं को अवसरों की कमी ना रहे हम हर स्तर पर कार्य कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन इसी कड़ी का हिस्सा हैं इन आयोजनों से युवाओं में खेलों के प्रति एक नया विश्वास जागृत होगा और उत्तराखण्ड में वह दिन दूर नहीं जब हमारी देवभूमि की पहचान खेल प्रतिभाओं की भूमि के नाम से होगी। इस वक्त हमारी पहली प्राथमिकता उत्तराखण्ड में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ रहा है।

फ्लाईओवर के नीचे स्पोर्ट्स जोन अच्छी पहल
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार रूड़की विकास प्राधिकरण के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने शंकराचार्य चौक फ्लाईओवर के नीचे स्पॉट जोन स्थापित करना हो या फिर स्टेडियम के पास मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स का निर्माण हो जोन का निर्माण करना अच्छी पहल है। कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय के निर्माण के साथ ही दो अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम 89 मिनी स्टेडियम और 150 से अधिक खेल मैदान है।

युवाओं को मिल रही सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खिलाड़ियों को खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने पर सरकारी नौकरी मिल रही है और उनका मान सम्मान बढ़ रहा है। युवाओं के समग्र विकास के लिए खेलों का एक विशेष महत्व होता है इसलिए हमारी सरकार राज्य में खेल की जमीनी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए विशिष्ट खेल नीति भी बनाई है। हमारी सरकार खिलाड़ियों को पदक अर्जित करने पर नगद पुरस्कार दे रहे हैं दूसरी ओर विशिष्ट खिलाड़ियों को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न से भी सम्मानित कर रहे हैं। खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए कोच को सम्मानित करने के लिए तो द्रोणाचार्य अवार्ड भी हम प्रदान कर रहे है। उत्तराखंड के खिलाड़ियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े जिसको लेकर मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभा करने वाले खिलाड़ियों को यात्रा सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। हमारे प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं यह हम सबके लिए गर्व का विषय हैं। आज हमारी सरकार का एकमात्र लक्ष्य उत्तराखंड का विकास हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने लगाए चौके-छक्के
अपने सरल और ओजस्वी व्यवहार की छवि प्रदेशवासियों के बीच बनाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टेडियम का लोर्कापण करने के बाद क्रिकेट में भी हाथ अजमाया। उन्होंने रूड़की विधायक आदेश चौहान की पहली बॉल पर छक्का लगाया और उसके बाद दूसरी बॉल पर चौका लगाकर यह साबित कर दिया कि वह राजनीति के मैदान के साथ ही क्रिकेट के मैदान में भी फायर है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक संजय गुप्ता मौजूद रहे।

ईकोलॉजी और इकोनॉमी संतुलन को लेकर रंग ला रहे हैं सीएम पुष्कर सिंह धामी के प्रयास

शहरों में कूड़ा प्रबंधन अपने आप में एक चुनौती पूर्ण कार्य है। बढ़ते आबादी से शहरों में कूड़ा उत्पादन दिनों – दिन बढ़ रहा है, इस कारण नगर निकायों के सामने, स्वच्छता से लेकर पर्यावरण प्रदूषण की भी चुनौती पेश आ रही है। लेकिन उत्तराखंड के दो निकायों ने अब इस कूड़े से बिजली और खाद उत्पादन शुरू कर, नई राह दिखाई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागों को इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए, विकास की योजना बनाने को कहा है। इसी क्रम में शहरी विकास विभाग के अधीन रुद्रपुर नगर निगम और मसूरी नगर पालिका ने वेस्ट टू एनर्जी पॉलिसी के तहत कूड़े के ढेर से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। रुद्रपुर नगर निगम ने तो इसके जरिए वर्षों पुराने कूड़े के ढेर का भी निस्तारण कर दिया है।

रुद्रपुर नगर निगम

40 वार्ड वाले रुद्रपुर नगर निगम से प्रतिदिन 105 से 118 मीट्रिक टन कूड़ा पैदा होता है। पहले बड़ी संख्या में कूड़ा डम्पिंग साइट पर बिना निस्तारण के ही लंबे समय तक पड़ा रहता था। इसके लिए नगर निगम ने नवंबर 2022 में पीपीपी मॉडल के तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर काम प्रारंभ किया। जो अब बिजली के साथ ही जैविक खाद भी उत्पादन करने लगा है। इस प्लांट की क्षमता 50 टन प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण की है, वर्तमान में यह प्लांट अभी 30 टन कूड़ा प्रतिदिन इस्तेमाल कर पा रहा है। जिससे अभी रोजाना छह किलोवॉट बिजली के साथ ही कल्याणी नाम से जैविक खाद भी बन रही है।

मसूरी नगर पालिका

मसूरी नगर पालिका ने भी इसी साल मई से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से उत्पादन शुरू कर दिया है। पीपीपी मोड के इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन आठ टन प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण की है, इस कूड़े से नगर पालिका बायो गैस पैदा करती है, साथ ही जैविक खाद का भी उत्पादन किया जा रहा है। इससे मसूरी जैसे पयर्टक स्थल पर कूड़े की समस्या का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो पाया है।
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सरकार पहले दिन से ही इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाने पर जोर दे रही है। ग्रीन इकोनॉमी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में निकायों में कूड़े से बिजली पैदा की जा रही है। इसके लिए वेस्ट टू एनर्जी पॉलिसी भी तैयार की गई है। हम हर हाल में उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री के नौ आग्रहों को विकास का आधार बनाएगी सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की बोली भाषाओं से लेकर, पलायन को लेकर चिंता जताकर, उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव को प्रदर्शित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के नौ आग्रहों को विकास का मूल मंत्र मानकर आगे बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस के अपने संबोधन में उत्तराखंड को लेकर नौ आग्रह सार्वजनिक किए थे, इसमें से पांच आग्रह उत्तराखंड के लोगों को संबोधित थे, जबकि चार आग्रह यहां आने वाले पयर्टकों, तीर्थयात्रियों को संबोधित थे। अब उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री के आग्रहों को नीतियों का आधार बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी सहित सभी बोलियों के संरक्षण पर जोर दिया है, साथ ही प्रवासियों से अपने गांव से संबंध बनाए रखने और अपने परंपरागत शैली के तिबारी वाले घरों के संरक्षण की अपील की है। इससे साफ है कि प्रधानमंत्री के दिल में उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है, इसलिए सरकार प्रधानमंत्री के सभी आग्रहों पर जन सहयोग के जरिए काम करेगी।

’स्थानीय भाषाओं में फिल्मों को सब्सिडी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बोली भाषाओं के संरक्षण के लिए पहले ही क्षेत्रीय बोली की फिल्मों के निर्माण पर विशेष प्रोत्साहन दे रही है। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न मेलों को सहायता प्रदान कर रही है, इगास और हरेला पर्व अब धूमधाम से मनाया जा रहा है।

’होम स्टे में पारंपरिक शैली के घरों को बढ़ावा’
इसी तरह सरकार लोगों को अपने परंपरागत तिबारी वाले घरों को संरक्षित करते हुए, इन्हें होम स्टे में पंजीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रवासियों का उत्तराखंड से लगाव मजबूत करने के लिए सरकार ने इसी साल से प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का भी आयोजन प्रारंभ किया है। अब प्रधानमंत्री के संबोधन से इन सभी कार्यक्रमों में और तेजी आएगी।

’पर्यावरण संरक्षण पर जोर’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण करने की भी अपील की है। प्रधानमंत्री के अपील के बाद राज्य सरकार इस अभियान को और गति देगी, अभी सावन में हरेला पर्व पर वृहद स्तर पर पौधारोपण किया गया, जिस कारण उत्तराखंड में ग्रीन कवर बढ़ने की उम्मीद है। इसी तरह सरकार उत्तराखंड में प्राकृतिक जल की स्वच्छता और शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री की अपील के क्रम में व्यापक अभियान शुरू करेगी। इसके लिए उत्तराखंड के धारे, नौलों, लघु सरिताओं का विशेष तौर पर संरक्षण किया जाएगा।

’पयर्टकों से अपील’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहाड़ में सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों के प्रति भी पर्यटकों को आगाह किया है। राज्य सरकार पहले ही चार धामों में प्लास्टिक कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था कर चुकी है, इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर क्यूआर कोड के जरिए प्लास्टिक कूड़े की वापसी की भी कोशिश रंग ला रही है, प्रधानमंत्री की अपील के बाद पर्यटकों में इसको लेकर जागरुकता आएगी। इसी तरह प्रधानमंत्री के आग्रह के अनुसार पर्यटक अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीद कर सकें, इसके लिए यात्रा मार्ग पर महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।

’धामों की गरिमा होगी सुनिश्चित’
मुख्यमंत्री ने यात्रियों से पहाड़ में सुरक्षित यातायात के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है, साथ ही धामों की पवित्रता का भी ख्याल रखने को कहा है, इससे धामों की गरिमा बरकरार रहने की उम्मीद है।

उत्तराखंड युवा महोत्सव का सीएम ने शुभारंभ कर छह योजनाओं को लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2024-25 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ रूपये की कुल 06 योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण की गई योजनाओं में स्पोर्टस कालेज रायपुर में 200 बेड का हॉस्टल, बहुउद्देशीय हॉल, बॉक्सिंग हॉल का उच्चीकरण, हरिद्वार में बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण, हरिद्वार स्टेडियम में दर्शक दीर्घा पार्किंग का निर्माण एवं परेड ग्राउंड खेल परिसर के अन्तर्गत रोलर स्केटिंग रिंग का निर्माण कार्य शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेल से संबंधित उपकरणों पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने राज्य स्तरीय पिटठू प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया। आगामी राष्ट्रीय खेलों हेतु नेशनल गेम्स उत्तराखंड वॉलंटियर पोर्टल का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस विशेष अवसर पर हम “राज्य युवा महोत्सव“ का शुभारंभ कर रहे हैं। उन्होंने कहा ये महोत्सव राज्य के युवाओं को अपनी रचनात्मकता, कला और खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगा एंव संस्कृति, परंपराओं और लोककला को बढ़ावा देने का काम भी करेगा। उन्होंने कहा आधुनिकता के साथ परंपराओं का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष युवा महोत्सव का आयोजन “इनोवेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी“ थीम के तहत किया जा रहा है। हमारे युवा नवीनतम तकनीकों को सीखने के साथ ही अपने को विकसित करने में सक्षम होंगे। महोत्सव में “स्पोर्ट्स साइंस’ जैसे नवाचार पर विशेष फोकस किया गया है, जो हमारे खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय खेलों में पदक तालिका में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा हमारे राज्य को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी का अवसर प्राप्त हुआ है। जो सभी के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा महोत्सव में हमारी समृद्ध लोक संस्कृति एवं विभिन्न विषयों पर कई प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जा रही हैं। जिसमें प्रतिभाग करने हेतु ब्लॉक स्तर से भी युवा प्रतिभाओं को अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा देवभूमि की युवा शक्ति प्रतिभाशाली, सक्षम एवं अत्यंत मेहनती भी है। प्रदेश के युवाओं ने हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। देश और राज्य का भविष्य युवा शक्ति पर ही निर्भर है। युवा ही भारत का जन, मन, सामर्थ्य, चिंतन और चेतना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य एक युवा राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार इस यात्रा में कठोर व ऐतिहासिक निर्णय लेकर नित नए आयाम स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने भर्तियों में घोटालों को रोकने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया एवं नकल करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की है। बीते 3 वर्षों में रिकॉर्ड 18,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए विशिष्ट खेल नीति बनाई है। राज्य के खिलाड़ियों को पदक अर्जित करने पर नकद पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। विशिष्ठ खिलाड़ियों को देवभूमि “उत्तराखण्ड खेल रत्न“ से भी सम्मानित किया जा रहा है। राज्य सरकार कोच और प्रशिक्षकों को भी सम्मानित करने के लिए देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य अवार्ड भी प्रदान कर रही है। राज्य में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ और “मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना“ प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के खिलाड़ियों द्वारा उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करने पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा आगामी राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड के जो खिलाड़ी मेडल जीतेंगे, उनकों पुरस्कार हेतु नियत धनराशि के बराबर उतनी ही धनराशि राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त रूप से दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा अगले साल जनवरी में होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों हेतु राज्य सरकार तैयार है। अन्य कार्यक्रमों की भांति ही राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी से उत्तराखंड का मान सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा युवा एवं महिलाओं के विकास को मुख्य केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा युवा कल्याण जल्द ही युवा नीति बनाने पर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने खेल के क्षेत्र में युवाओं के भविष्य को सुनहरा बनाया है। मुख्यमंत्री जी ने राज्य की संभावनाओं को हकीकत में बदला है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, ओलंपिक एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर अमर शहीदों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों और अल्मोड़ा बस दुर्घटना में मृतकों को दी गई श्रृद्वांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण, गैरसैंण (चमोली) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूर्ण होने और रजत जयंती वर्ष के शुभारंभ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

विधानसभा परिसर भराडीसैंण में राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस एवं एनसीसी जवानों द्वारा विधानसभा परिसर में सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा बहुउद्देशीय शिविर लगाकर विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए स्टॉल लगाए गए। जिसमें विकास मुखी एवं कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 47 राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प माला व शाल भेंट कर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों एवं राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सम्मानित किया। उन्होंने उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया। रजत जयंती के अवसर मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर भराडीसैंण से सिमली में महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल बनाने और रा.इ.का आगरचट्टी में विज्ञान वर्ग शुरू करने की घोषणा भी की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन 24 सालों में जनता के सहयोग से हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए जन सहभागिता से राज्य सरकार हर क्षेत्र में अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान मिला है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को अचीवर्स और स्टाटप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रीणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए बड़ा अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य, तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2023-24 के सतत विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हुआ है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य गतिमान हैं। इसी प्रकार मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही पहाड़ में रेल का सपना साकार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लिये मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है। वाइब्रेंट विलेज योजना से उत्तराखण्ड के सीमावर्ती गांवों का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। पिछले 03 वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 18 हजार 500 भर्तियां की जा चुकी हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सहकारी समितियों में भी राज्य की महिलाओं के 33 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना सहित अनेक योजनाएं महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में जबरन धर्मांतरण के विरूद्ध कठोर कानून बनाया गया है। प्रदेश में अब दंगा करने वाले दंगाईयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का कानून लागू किया गया है। राज्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो यह हमारा संकल्प है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है और हम भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के मरचूला बस हादसे में दिवंगतों की आत्मा को शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना भी की।

इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने क्षेत्र के विकास कार्यों को तेजी आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य आज स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकास की ओर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने प्रदेश वासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दी।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्य मंत्री रमेश गडिया, ब्लाक प्रमुख शशि सौर्याल, गढवाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक के.एस नगन्याल, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, सीडीओ नंदन कुमार, एडीम विवेक प्रकाश, एसडीएम संतोष कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता, स्कूली बच्चे आदि मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने की धामी सरकार की जमकर सराहना, कहा उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए बन रही उदाहरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंडवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के युग में उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है। उन्होंने प्रदेश की धामी सरकार की प्रशंसा करते हुए, राज्य के सर्वागीण विकास के लिए प्रदेशवासियों और यहां आने वाले पयर्टकों से नौ आग्रह भी किए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड का संकल्प
पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस रैतिक परेड को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से उत्तराखंड का रजत जयंती वर्ष शुरु हो रहा है, अब हमें उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए अगले 25 वर्ष की यात्रा शुरू करनी है। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि देश भी 25 वर्षों के लिए अमृत काल में है, विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड के संकल्प को इसी कालखंड में पूरा होते देखेगा।

यह दशक उत्तराखंड का दशक, बाबा केदार के चरणों में बैठकर किए गए इस विश्वास को उत्तराखंड ने सही साबित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का भी सफल आयोजन हुआ है, उन्हें पूरा विश्वास है कि हमारे प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य के विकास यात्रा में ऐसी ही बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को अपनी आशाओं, आकांक्षाओं के अनुरूप अलग राज्य प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक प्रयास करना पड़े, यह प्रयास तब पूरे हुए, जब केंद्र में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सरकार बनी। बेहद खुशी की बात है कि अब हम सब उत्तराखंड को अपने सपनों को साकार करते हुए देख पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने खूब सारा प्यार और अपनत्व दिया है, हम भी इसी भावना के साथ देवभूमि की सेवा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार के चरणों में बैठकर विश्वास व्यक्त किया था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक साबित होने जा रहा है, और उत्तराखंड ने उनके विश्वास को सही साबित किया है। आज उत्तराखंड विकास के नए रिकॉर्ड बना रहा है, पिछले साल एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर कैटेगरी हासिल हुई है। बीते डेढ़ दो वर्षों में उत्तराखंड की विकास दर में सवा गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल जीएसटी कलेक्शन में 14 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई है। 2014 में राज्य की प्रतिवर्ष आय सवा लाख रुपए सालाना थी, जो आज बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है, 2014 में उत्तराखंड राज्य का सकल घरेलू उत्पादन यानि स्टेट जीडीपी एक लाख 50 हजार करोड़ के आस- पास थी। जो अब बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो गई है। यह आंकडे बता रहे हैं कि उत्तराखंड में कैसे युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं, कैसे औद्योगिक तरक्की हो रही है।

डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में 2014 से पहले पांच प्रतिशत से कम घरों में नल से जल आता था, आज यह बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गया है। 2014 से पहले उत्तराखंड में सिर्फ छह हजार किमी की पीएमजीएसवाई सड़क बनी थी, आज इन सड़कों की लंबाई 20 हजार किमी से अधिक हो गई है। उत्तराखंड ने लाखों शौचालयों का निर्माण करने के साथ ही हर घर बिजली और उज्जवला गैस योजना के तहत लाखों गैस कनेक्शन देकर हर वर्ग का ध्यान रखा है। डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को केंद्र से मिलने वाला अनुदान अब दोगुना हो गया है। डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड को एम्स का सेटेलाइट सेंटर, देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर की सौगात दी है, साथ ही यूएसनगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की भी योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड में केंद्र सरकार के दो लाख करोड के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, कनेक्टिविटी योजनाओं को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को 2026 तक पूरा किए जाने की तैयारी है। राज्य के 11 स्टेशन को अमृत के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस वे बनने से देहरादून से दिल्ली का सफर ढाई घंटे में हो जाएगा।

उत्तराखंड में चल रहा विकास का महायज्ञ
पीएम ने जोर देकर कहा कि इस समय एक तरह से उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है, इससे पलायन पर रोक लग रही है। सरकार विकास के साथ विरासत को भी संजोने में जुटी हुई है। केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया जा रहा है, बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्य तेजी के साथ चल रहे हैं। इसी तरह मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 पौराणरिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है। ऑल वेदर रोड से चारधाम यात्रा को सुगम किया जा रहा है, पर्वत माला के तहत धार्मिक और पयर्टन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है।

सीमाओं पर स्थित गांव हमारे लिए देश के पहले गांव
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत के गांवों को पहला गांव मानते हुए, कार्य कर रही है, इसी क्रम में माणा गांव की यात्रा के दौरान उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना की शुरुआत की। इसके तहत उत्तराखंड में करीब 50 गावों का विकास किया जा रहा है।

पर्यटन और श्रद्धालु की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में इस साल छह करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आए हैं, 2014 से पहले चारधाम यात्रियों की संख्या 24 लाख तक ही पहुंच पा रही थी, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 54 लाख को छू गया है। इससे होटल से लेकर होम स्टे वालों को, टैक्सी से टैक्सटाइल वालों को लाभ मिला है। बीते वर्षों में पांच हजार से अधिक होम स्टे का रजिस्ट्रेशन हुआ है।

उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए उदाहरण बन रही
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि सैकुलर सिविल कोड
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड ऐसे निर्णय ले रहा है, जो देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड ने गहन अध्ययन के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड लागू किया, जिसे वो सही मायने में सैकुलर सिविल कोड मानते हैं। आज पूरा देश यूसीसी पर चर्चा करते हुए, इसकी जरूरत महसूस कर रहा है। इसी तरह उत्तराखंड ने युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू करते हुए, माफिया पर सख्त कार्रवाई की है। उत्तराखंड के ऐसे कई कार्य दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री के नौ आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज 9 नवंबर है, 9 का अंक शुभ माना जाता है, यह शक्ति का प्रतीक होता है। इसलिए आज वो उत्तराखंड के लोगों से 5 और यहां आने वाले पयर्टकों के सामने 4 यानि कुल 9 आग्रह करना चाहते हैं।

01 – बोली भाषा का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी सहित सभी बोलियां बेहद समृद्ध हैं, इनका संरक्षण बेहद जरूरी है। इसलिए उत्तराखंड के लोग आने वाली पीढ़ियों को अपनी बोली भाषा जरूर सिखाएं, उत्तराखंड की पहचान के लिए भी यह जरूरी है।

02 – एक पेड़ मां के नाम
पूरा देश जानता है कि उत्तराखंड के लोग प्रकृति और पर्यावरण के प्रेमी होते हैं। उत्तराखंड तो गौरा देवी की भूमि है, यहां हर महिला मां नंदा का रूप है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि हम प्रकृति की रक्षा करें। इसके लिए एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण करें, क्लामेंट चेंज से लड़ने के लिए भी यह बेहद जरूरी है।

03 – स्वच्छ जल
उत्तराखंड में नौलों -धारों की पूजा किए जाने की परंपरा है। इसलिए आप सभी अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के सभी अभियानों को गति देने का प्रयास करेंगे।

04 – गांव से जुड़ाव
उत्तराखंड के लोग अपने गांव में आना जाना बनाते हुए, जड़ों से जुड़े रहें। खासकर रिटायरमेंट के बाद गांव में समय जरूर बिताएं, इससे गांवों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे।

05 – तिबारी वाले घरों को संवारें
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने गांव में पुराने तिबारी वाले घरों को बचाने और संरक्षित करने के लिए भी आगे आएं। पुराने घरों को होम स्टे में बदलकर, आय का साधन बना सकते हैं।

पयर्टकों से अपील
06 – सिंगल यूज प्लास्टिक से बचें
पर्यटक के रूप में आप जब भी आप हिमालय की गोद में जांए, स्वच्छता को सबसे उपर रखें इस सोच के साथ जाएं कि पहाड़ में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना है।

07 – वोकल फॉर लोकल
पहाड़ों में घूमने फिरने के दौरान वोकल फॉर लोकल याद रखें, अपनी यात्रा का कम से कम पांच प्रतिशत खर्च स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें।

08 – यातायात के नियम अपनाएं
आप जब भी पहाड़ों पर जाएं, वहां के ट्रैफिक नियमों का पालन करें, सावधान रहें, हर किसी का जीवन अमूल्य है।

09 – तीर्थों की मर्यादा का पालन करें
धार्मिक स्थलों पर स्थानीय रीति -रिवाजों और नियम कायदों का पालन करते हुए, वहां की मर्यादा का ध्यान रखें। इस बारे में उत्तराखंड के लोगों की मदद ले सकते हैं।