राज्य के विद्यालयों में दूर होगी विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की कमी

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग में 157 और अतिथि शिक्षकों की शीघ्र तैनाती की जायेगी। इन शिक्षकों को प्रदेश के पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित तथा अंग्रेजी विषय के रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्त किया जायेगा। इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों को जनपदवार शीघ्र नियुक्ति देने के निर्देश दे दिये हैं।

राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों एवं अंग्रेजी विषय के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने का निर्णय लिया था। जिसके तहत विद्यालयी शिक्षा विभाग ने समय-समय पर प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती की। इसी क्रम में एक बार फिर प्रवक्ता संवर्ग में जनपदवार 157 और अतिथि शिक्षकों की नियुक्त की जायेगी। इन सभी अतिथि शिक्षकों को गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अंग्रजी विषय के रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जायेगी। जिसमें चमोली जनपद में 14 अतिथि प्रवक्ताओं को तैनात किया जायेगा, जिसमें गणित विषय में 3, भौतिक विज्ञान 5, रसायन विज्ञान 2 तथा जीव विज्ञान में 4 शामिल है। इस प्रकार पिथौरागढ़ में 9 अतिथि प्रवक्ता को तैनाती दी जायेगी है जिसमें गणित में 4 तथा अंग्रेजी विषय में 5 शामिल हैं। पौड़ी में 41 अतिथि शिक्षक दिये गये है जिसमें गणित में 2, भौतिकी 9, रसायन 13, जीव विज्ञान 7 तथा अंग्रेजी में 10 शिक्षक शामिल है। अल्मोड़ा में 55 अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जायेगी। जिसमें गणित में 4, भौतिकी 24, रसायन 7, जीव विज्ञान 2 तथा अंग्रेजी में 18 शिक्षक शामिल है। उत्तरकाशी में जीव विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय में 1-1 अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति दी जायेगी। जबकि टिहरी में 8 अतिथि प्रवक्ता को नियुक्त किया जायेगा। जिसमें गणित में 3, रसायन 4 व अंग्रेजी में 1 शिक्षक शामिल है। इसी प्रकार नैनीताल में भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान विषय में 1-1 अतिथि शिक्षक शामिल है। चम्पावत में 16 अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति दी जायेगी, जिसमें गणित में 3, भैतिकी 2, जीव विज्ञान में 1 तथा अंग्रेजी में 10 शिक्षक शामिल है। जबकि रूद्रप्रयाग जनपद में 9 अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी है जिसमें जीव विज्ञान में 6 तथा अंग्रेजी विषय में 3 अतिथि शिक्षक शामिल हैं। इन सभी अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में की गई है। विज्ञान वर्ग एवं अंग्रेजी विषय में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी साथ ही उन्हें विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के लिये किसी अन्य विद्यालय में नहीं जाना पडेगा।

———————
प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता संवर्ग में 157 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जो विज्ञान वर्ग एवं अंग्रेजी विषय की शिक्षा को सुलभ बनाने के लिये किया जा रहा है। इस कदम से स्थानीय स्तर पर छात्रों को विज्ञान वर्ग में भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
– ’डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

बिना प्रोटोकॉल और बिना सुरक्षा के गैरसैण पहुंचे धामी, करेंगे रात्रि प्रवास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव प्रचार के विभिन्न कार्यक्रमों और जनसंवाद के बाद बिना किसी प्रोटोकॉल व सुरक्षा के अचानक गैरसैंण पहुंच गए।

मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित आगमन की खबर जैसे ही गैरसैंण के अधिकारियों को मिली, वे हैरान रह गए। यह इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य गठन के बाद से अब तक किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम या सूचना के गैरसैंण का दौरा नहीं किया। लेकिन मुख्यमंत्री धामी का बार-बार गैरसैंण आना उनके इस क्षेत्र के प्रति विशेष संवेदनशीलता और लगाव को दर्शाता है। यह उनके नेतृत्व की समर्पित सोच और जमीनी जुड़ाव को रेखांकित करता है।

सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित बैठक सहित सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में सचिव स्तर के अधिकारियों की गैर मौजूदगी तथा बैठकों को गम्भीरता से ना लेने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बैठकों में सचिवों की अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देश जारी किए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने भविष्य में सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों के अनुपस्थिति पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अपर सचिव या अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर मुख्य सचिव ने आज सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित तकनीकी समीक्षा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहे सभी सचिवों को अपने कार्यालय में तलब कर कड़ी फटकार लगाई तथा भविष्य हेतु अपेक्षित बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किए।

सभी विभागों को सशक्त उत्तराखण्ड @25 के लक्ष्यों को शीर्ष प्राथमिकता व अत्यन्त गम्भीरता से पूरा करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि सशक्त उत्तराखण्ड @25 के तहत राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए प्रत्येक विभाग को दिए गए लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने विभागवार बनाई गई कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धरातल पर कार्य करने के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागाध्यक्ष अवशेष समय में विकास के सभी लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्ययोजनाओं को पूरे मनोयोग के साथ धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल के सिद्धांत को सीएम धामी ने बढ़ाया आगे

प्लास्टिक कूड़ा प्रबंधन, हमारे शहरी जीवन के सामने एक चुनौती बनकर उभर रहा है। ऐसे में ऋषिकेश नगर निगम ने प्लास्टिक कूड़े का प्रबंधन कर नगर निकायों के सामने उदाहरण पेश किया है। नगर निगम प्लास्टिक कूड़े को ना सिर्फ सफलता पूर्वक एकत्रित कर रहा है, बल्कि इसे रीसाइकिल के जरिए फिर कई तरह से इस्तेमाल भी कर रहा है।

तीर्थनगरी के साथ ही राफ्टिंग-कैम्पिंग का प्रमुख केंद्र होने के कारण ऋषिकेश में वर्षभर श्रद्धालुओं और पयर्टकों की भीड़ भाड़ लगी रहती है। इस कारण यहां प्लास्टिक कूड़ा का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण काम है। नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी की पहल पर इसके लिए ऋषिकेश नगर निगम ने सबसे पहले आईएसबीटी, त्रिवेणी घाट और वीरभद्र में प्लास्टिक बैंक की स्थापना की, प्लास्टिक बैंक के बॉक्स बनाने के लिए पुरानी प्लास्टिक बोतलों को ही इस्तेमाल किया गया। जिसमें लोग खुद खाली बोतलें या अन्य प्लास्टिक कचरा डालते हैं, इन प्लास्टिक बैंक से अब तक करीब 400 किलो तक प्लास्टिक रीसायकल हो चुका है। इस प्रयोग की सफलता को देखते हुए नगर निगम अब नटराज, ट्रांजिट कैंप, रेलवे स्टेशन में भी प्लास्टिक बैंक स्थापित करने जा रहा है।

वेस्ट टू वंडर पार्क

ऋषिकेश नगर निगम ने परिसर में प्लास्टिक वेस्ट से ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क भी तैयार किया है, जिसमें पुराने टायर, खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइट, साइकिल- स्कूटर जैसे सामान से बच्चों के झूले और सजावटी सामान तैयार किए गए हैं। साथ ही नगर निगम रीसायकल प्लास्टिक से बैंच, ट्री कार्ड, प्लास्टिक बैंक बॉक्स भी तैयार कर रहा है।

महिला समूहों को जोड़ा अभियान से

ऋषिकेश नगर निगम में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, के बावजूद पहले यूजर चार्ज, महज तीन लाख महीने तक ही जमा हो पाता था, लेकिन अब नगर निगम ने यूजर चार्ज वसूलने का काम, महिला स्वयं सहायता समूहों (त्रिवेणी सेना) को दे दिया है, जिसके बाद नगर निगम का कलेक्शन 13 लाख के पार चला गया है। इसमें से नगर निगम महिला समूहों को 25 प्रतिशत लाभांश देता है। इस तरह करीब 250 महिलाओं को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है।

————————————–
सभी निकायों को प्लास्टिक कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में निकायों के स्तर पर कई नवीन प्रयास किए जा रहे हैं, कुछ जगह क्यूआर कोड के जरिए भी प्लास्टिक की वापसी की जा रही है। सरकार इस दिशा में बेहतर काम करने वाले निकायों को पुरस्कृत भी कर रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उपचुनाव को लेकर सीएम धामी का रोड शो, जनता ने दिया भरपूर आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल के समर्थन में चन्द्रनगर, रूद्रप्रयाग में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बाबा केदार की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं, जो देवी देवताओं की पवित्र भूमि में आया हूं। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल के पक्ष में समर्थन देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा आशा नौटियाल जी ने हमेशा क्षेत्र की सेवा करते हुए यहां बेहतर से बेहतर विकास कार्य किए हैं। इस क्षेत्र के विकास के लिए हमने स्व. शैला रानी जी के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने कहा शैला रानी जी के सपनों को आशा नौटियाल जी पूरा करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष प्रेम है। प्रधानमंत्री जी इस भूमि में विराजमान बाबा केदारनाथ जी के बड़े भक्त हैं। केदारनाथ जी से उनकी भक्ति आस्था और प्रेम किसी से छुपा नहीं है। हर अवसर पर प्रधानमंत्री जी बाबा केदारनाथ जी को अवश्य याद करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य स्वरूप बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा केदारनाथ की समीक्षा करते हैं। इस क्षेत्र में 2 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि से विकास कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में को कंट्रोल रूम, अस्पताल, पुलिस थाना, तीर्थ पुरोहितों हेतु आवास, जैसे अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने कई बड़े और कड़े कदम राज्यहित में उठाए हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता का विधेयक पास कर दिया है, जल्द ही इसे लागू भी किया जाएगा। राज्य में धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून, नकल विरोधी कानून लागू किया है। राज्य में बीते 3 सालों में 18500 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। राज्य में नकल माफियाओं की कमर तोड़ने का काम जनता के आशीर्वाद से सरकार ने किया है। उन्होंने कहा राज्य में लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को माफ नहीं किया जाएगा और राज्य सरकार जल्द ही भू कानून लेकर आएंगे। कांग्रेस पार्टी चुनाव में अपनी हार को देखकर तमाम झूठी अफवाहें उड़ा रही है। उन्होंने कहा कांग्रेस के विधायक ने विकास कार्य में लगने वाले 6 करोड़ रुपए सरकार को वापस कर दिए । यह आकड़ा उनकी विकास के प्रति सोच को दर्शाता है। कांग्रेस के पास विकास के नाम पर एक भी उपलब्धि नहीं है। भाजपा सरकार के पास जनता के आशीर्वाद से गिनाने के लिए सैकड़ों उपलब्धियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जब से कांग्रेस की पोल खुली है तब से इनकी बोलती बंद हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 में कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने मुंबई में बद्रीनाथ मंदिर का शिलान्यस किया था। अब वो इस मुद्दे से बच रहे हैं। अगर कांग्रेसियों में शर्म बची है तो तत्कालीन मुख्यमंत्री और बीकेटीसी के अध्यक्ष को जनता के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने उत्तराखंड के अंदर लैंड जिहाद, मजारों बनाने वालों को आगे बढ़ाया। कांग्रेस के समय में बनी अवैध मजारों को भाजपा सरकार ने हटाया। हमारी सरकार ने 5 हजार एकड़ जमीन से अवैध कब्जा हटाने का काम किया है। कांग्रेस ने उत्तराखंड की डेमोग्राफी बदलने वाले घुसपैठियों को भी बसाया है। कई क्षेत्रों में ये घुसपैठिए बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ये कांग्रेस के लाए गए घुसपैठिए हमारी देवभूमि में लैंड जिहाद, थूक जिहाद और लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उनके जीते जी कोई भी घुसपैठिया राज्य की बहन बेटियों के साथ गलत सलूक नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय में वो स्वयं ग्राउंड जीरो में जाकर जनता के साथ खड़े रहते हैं। इस बार भी केदारनाथ में आपदा के दौरान 16 हजार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार ने की है। 2013 आपदा में कांग्रेस सरकार ने जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। मुख्यमंत्री ने कहा केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा हर साल बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता सनातन धर्म को बीमारी बताते हैं। ये कांग्रेस के नेता एक वर्ग विशेष के वोट के लिए नवरात्रों में मीट खाते हैं। कांग्रेस के नेताओं ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा भाजपा सरकार ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा आशा नौटियाल जी को टिकट देकर भाजपा ने महिलाओं के सम्मान को भी दर्शाया है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में भी 30 प्रतिशत आरक्षण माताओं बहनों के लिए किया है। उत्तराखंड के अंदर हमारी माताएं बहनें कठिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में यदि महिलाओं का सम्मान होता तो स्व. शैला दीदी भाजपा में नहीं आती। ये कांग्रेस के लोगों की सच्चाई बच्चों बच्चों को पता चल गई है। उन्होंने कहा कांग्रेस प्रत्याशी मेरे मुख्य सेवक रहते हुए कभी विकास योजनाओं को लेकर मेरे पास नहीं आए, पर आशा नटियाल जी सैकड़ो बार केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर आई हैं। कांग्रेस प्रत्याशी बस चुनाव केदारनाथ से लड़ते हैं बाकी हर काम वो इस क्षेत्र के बाहर से करते हैं। उन्होंने जनता से किसी के झांसे में न आकर आने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से कांग्रेस को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक शक्ति लाल शाह, विधायक भोपाल राम टम्टा, चंडी प्रसाद भट्ट, अनिल नौटियाल, ऐश्वर्या रावत आश्रय, दिनेश नौटियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड में प्रत्येक वर्ष आयोजित होगा जनजातीय विज्ञान महोत्सव, सीएम की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओ.एन.जी.सी स्टेडियम, कौलागढ़ रोड देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान द्वारा आयोजित ’आदि गौरव महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान में क्षेत्र में जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिये प्रतिवर्ष ’जनजातीय विज्ञान महोत्सव’ आयोजित कराए जाने की घोषणा की। जिसके लिये उत्तराखण्ड जनजातीय शोध संस्थान को आवश्कता अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आदि गौरव महोत्सव में विभिन्न राज्य से आए जनजातीय समाज के लोगों से मुलाकात कर उनकी संस्कृति को जाना। देशभर से प्रतिभाग कर रहे विभिन्न जनजातियों के कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुति की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया, एवं जनजातीय समाज के लोक नृत्य में भी सम्मलित हुए।

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आदि गौरव महोत्सव के आयोजन हेतु राज्य जनजाति शोध संस्थान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर एंव गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत कराने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 24 साल 7 महीने के अपने जीवनकाल में वो किया, जो अनंत समय तक याद रखा जाएगा। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा मुंडा जी का योगदान अतुलनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी के संघर्ष और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनके आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। वो एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरुकता फैलाकर जनजातीय समाज को संगठित किया। उन्होंने कहा जनजातीय समाज हमारे भारत देश की मजबूत जड़ के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी एवं जनजातीय समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजाति समाज से आने वाली द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर सुशोभित होना केंद्र सरकार की जनजाति समाज के सशक्तिकरण के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के विकास के बजट को 3 गुना बढ़ाकर इस समाज को विकसित और सशक्त करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकलव्य मॉडल स्कूल के बजट को 21 गुना तक बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। इन चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार भी प्रदेश के आदिवासी एवं जनजातीय समुदाय को अनेकों सुविधाएं देकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 4 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें जनजातीय समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा मिलती है। जनजातीय समाज के बच्चों को प्राईमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी हेतु 50 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जनजाति क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव तथा खेल महोत्सव आयोजित किये जा रहे हैं। जनजातीय शोध संस्थान के लिये 1 करोड़ के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज का विकास सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। जिसे हमारी सरकार भी हर वर्ष प्रदेश में अत्यंत धूमधाम और हर्षाेल्लास के साथ मना रही है। उन्होंने कहा जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पूरे हर्षाेल्लास के साथ जन-जन तक भी पहुंचाना है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड में आदिवासी समाज के विकास के लिए सदैव संकल्पित होकर कार्य करते रहेगी।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, सचिव नीरज खैरवाल, अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सड़क दुर्घटना सुरक्षा नियमावली बनाने के लिये गठित होगी अनुभवी लोगों की समिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिये कि देहरादून से गौचर और चिन्यालीसौड़ के लिए फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट चलाये जाएं। इसके शीघ्र संचालन के लिए निविदा और अन्य सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए सड़क दुर्घटना सुरक्षा नियमावली बनाने के लिए विशेषज्ञों/अनुभवी लोगों की समिति गठित करने के भी बैठक में निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ना चिंता का विषय है। इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए सुरक्षात्मक उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिये हैं कि शराब की दुकानें/बार आदि निर्धारित समय तक ही खुलें, इसकी सतत निगरानी की जाए। रात्रिकालीन गश्त के दौरान एल्कोमीटर के साथ जांच और ओवर स्पीड के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जन सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिर्देशक ए.पी. अशुंमन और उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम से मिले विधायक विनोद चमोली, विकास कार्यों के लिये किया धन्यवाद

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। चमोली ने अपने विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। चमोली ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा करते हुए सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की गरिमा के अनुकूल आमंत्रित करने, उनके प्रतिभाग करने के साथ ही बैठने के क्रम की व्यवस्था सहित प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी किए जाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को प्रदान किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में एसओपी जारी करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित कर दिया गया है।

अंत्योदय को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं केंद्र और राज्य सरकारः धामी

सड़क किनारे रेहड़ी ठेली लगाकर आजीविका कमाने वाले हजारों छोटे कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना, वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत उत्तराखंड ने शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करते हुए, 40 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को कारोबार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना, मुख्य रूप से कोविड काल में प्रभावित छोटे कारोबारियों को फिर से स्वरोजगार में मदद के लिए प्रांरभ की गई थी। उत्तराखंड में शहरी विकास विभाग इस योजना के लिए नोडल एजेंसी की भूमिका निभाता है। योजना के तहत छोटे कारोबारियों को बिना किसी गारंटी के सुगम ऋण अवधि में कार्यशील पूंजी के रूप में प्रथम चरण में 10 हजार, दूसरे चरण में 20 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत पहली बार का ऋण तय समय में लौटाने पर ही लाभार्थी दूसरी बार के लिए ऋण ले सकते हैं, इसी तरह दूसरी बार का ऋण चुकाने पर स्ट्रीट वेंडर्स तीसरे चरण का ऋण लेने के लिए अर्ह होते हैं। योजना के तहत उत्तराखंड ने 27330 लाभार्थियों को प्रथम चरण में 10- 10 हजार, 10349 लाभार्थियों दूसरे चरण में 20-20 हजार और 2364 लाभार्थियों को तीसरे चरण के तहत 50- 50 हजार का ऋण उपलब्ध कराया है। इस तरह भारत सरकार की ओर से दिए गए 40005 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष उत्तराखंड ने 40043 को योजना से जोड़ते हुए, कुल 59.64 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्र और राज्य सरकार, हमेशा अंत्योदय को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाती है। इसी तरह छोटे कारोबारियों की मदद लिए पीएम स्वनिधि योजना लाई गई है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। योजना के लिए आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक लोगों का लाभ पहुंचाने के लिए शहरी विकास विभाग और संबंधित नगर निकायों के अधिकारी कार्मिक बधाई के पात्र हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड ।

लाभार्थी पूनम देवी

पूनम देवी, परिवार सहित बलवीर रोड बस्ती पर रहती हैं, परिवार की आर्थिकी को सहारा देने के लिए, वो रिंग रोड पर रेहड़ी लगाती हैं। पूनम बताती हैं कि उनके पास खुद नगर निगम के कर्मचारियों ने आकर योजना की जानकारी दी, साथ ही फॉर्म भराने से लेकर बैंक में खाता खोलने में मदद की, इसके बाद पूनम देवी योजना तहत प्रथम चरण में दस हजार और दूसरे चरण में 20 हजार रुपए का ऋण प्राप्त कर चुकी हैं।

श्रीनगर के विकास के लिए किये जा रहे हैं करोड़ो की लागत से कार्यः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित सात दिवसीय बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी- 2024 का द्वीप प्रज्वलित पर शुभारंभ किया। कमलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के उपरांत उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉल का निरीक्षण व जन समुदाय को संबोधित किया।

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने श्रीनगर पहुंचकर बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी- 2024 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टॉल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर भगवान कमलेश्वर महादेव मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने शिवलिंग में कमल पुष्प अर्पित किए। मंदिर के महंत श्री आशुतोष पुरी ने पूजा अर्चना सम्पन्न कराई। श्री जयदयाल संस्कृत महाविद्यालय श्रीनगर के छात्रों ने स्वास्ति वाचन किया।

मुख्य कार्यक्रम स्थल आवास विकास प्रदर्शनी मैदान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला के शुभारंभ समारोह कार्यक्रम में आए लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि पतित पावनी मां अलकनंदा के तट पर स्थित इस पौराणिक धाम में आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस क्षेत्र के पौराणिक मंदिर हमारे राज्य की अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष हर वर्ष बैकुंठ चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला देवभूमि की आस्था का प्रतीक होने के साथ ही हमारी समृद्ध परंपराओं का भी प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मेले के आयोजक मंडल को भी साधुवाद देता हूं, क्योंकि आप लोग इस सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा और आज हमारी डबल इंजन की सरकार माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कहे गए कथन को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम हो या केदारनाथ धाम, सभी जगह करोड़ों की लागत से मास्टर प्लान काम चल रहे हैं। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना से श्रीनगर समेत पहाड़ में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर क्षेत्र में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में 25 करोड़ की लागत से 50 से अधिक बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट का काम चल रहा है। श्रीनगर में 4.88 करोड़ की लागत से रोडवेज बस अड्डा और पार्किंग का निर्माण किया गया है। जो भी क्षेत्र के विकास के लिए जरुरी काम हैं, उनके डॉ धन सिंह प्रयासरत रहते हैं और ये काम हो भी रहे है। श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम में बनाकर तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेलकंडी बिलकेदार क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी डॉ० आशीष चौहान के निर्देशन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार की गई गुलदार व मानव संघर्ष न्यूनीकरण आधारित पुस्तक का विमोचन किया। गुलदार से बचाव संबंधी पहलुओं से जुड़ी यह पुस्तिका कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी।

कैबिनेट मंत्री डॉ० धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर के विकास में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे देश के विभिन्न राज्यो से आये छात्रों को शैक्षिक गुणवत्ता व सुरक्षा का वातावरण मिलता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैण से मुख्यमंत्री ने बड़ा संदेश देने का काम किया है। भू-कानून की पहली बैठक भराड़ीसैण में सम्पन्न हुई। राज्य में एक सशक्त भू-कानून लाने से पहले उत्तराखंड के सभी निवासियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन यापन के लिए किसी भी स्थान पर व्यापार करने की आजादी है लेकिन इस आड़ में संस्कृति से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, डीआईजी एसएसबी सुभाष चंद्र नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, श्रम बोर्ड के सदस्य संपत रावत, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कला, कोटद्वार जया बलूनी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, सहायक नगर आयुक्त श्रीनगर रविराज बंगारी, जिलाध्यक्ष भाजपा सुषमा रावत, बीरेंद्र रावत, नगर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र धीरवाण सहित अन्य उपस्थित थे।