10 करोड़ रूपए की लागत से तैयार हो रहा ट्रांजिट कैंप

विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा जाने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन विभाग की भूमि पर ट्रांजिट कैंप- रजिस्ट्रेशन कार्यालय का निर्माण कार्य इन दिनों तीव्र गति से जारी है। इसे पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर 10 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के अनुसार कैंप का कार्य अगले वर्ष 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

2013 की आपदा के बाद राज्य सरकार ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रांजिट हॉस्टल योजना पर काम करना शुरू किया। चंद्रभागा और गोपालनगर से लगती 3.70 हेक्टेअर वन भूमि को जनवरी 2019 में पर्यटन विभाग को ट्रांसर्फर किया गया। करीब साल बीतने के बाद आखिरकार पिछले कुछ दिनों पूर्व कार्यदायी संस्था बिडकुल ने यहां में काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में 45 मीटर लंबी और चौड़ी बिल्डिंग निर्माण के लिए खुदाई का कार्य पूरा हो चुका है। बिडकुल के जेई राहुल ने बताया कि पर्यटन विभाग के निर्देश पर ट्रांजिट कैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मौसम आदि का कोई व्यवधान नहीं हुआ तो जुलाई 2021 तक ट्रांजिट कैंप का कार्य पूरा हो जाएगा।

ट्रांजिट कैंप का निर्माण भूतल, प्रथम और घ्द्वितीय तल में होगा। इसमें भूतल में दो मल्टीपल टिकट काउंटर होंगे। इसमें महिला, पुरूष के अलावा सिनियर सिटीजन और विकलांगों के लिए अलग से सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा इसी तल में बैंक व एटीएम सुविधा भी उपलब्ध होगी। पर्यटन विभाग और चारधाम यात्रा से जुड़ा संयुक्त रोटेशन का कार्यालय भी यहां होगा। प्रथम तल में दुकानें लगेंगी। इन दुकानों में यात्रियों के लिए भोजन आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। द्वितीय तल मेें यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था होगी। करीब एक समय में 150 यात्री यहां ठहर सकेंगे। इसके अलावा यहां 250 बसों के लगभग पार्किंग की सुविधा भी होगी।

आइए जानते है कि वित्त मंत्री के बजट में क्या है खास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जो बजट 2020 का पेश किया है। आइए जानते है बजट भारत के नागरिकों के लिए क्या सौगात लेकर आया है-

– पहली बार इनकम टैक्स स्लैब के दो विकल्प दिए गए हैं।
– 5 से 7.5 लाख तक आमदनी वालों को 10ः टैक्स, 7.5 लाख से 10 लाख आय तक 15 फीसदी टैक्स, 10 से 12.5 लाख आय पर 20 फीसदी टैक्स देना होगा।
– 12.5 से 15 लाख तक कमाई पर 25 फीसदी टैक्स देना होगा। 15 लाख से ज्यादा कमाई पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा।
– नए स्लैब में 15 लाख तक की आमदनी पर टैक्स कम लगेगा, लेकिन इसके लिए करीब 70 छूटों को छोड़ना होगा।
– दोनों ही विकल्पों में पांच लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त किया गया है।
– किसान रेल का गठन किया जाएगा। इस योजना के तहत एक्सप्रेस व मालगाड़ियों में रेफ्रिजरेटर कोच लगेंगे ताकि दूध, मांस, मछली जैसी चीजों को कोल्ड स्टोरेज में रखने की व्यवस्था हो सके।
– दिल्ली समेत देशभर के शहरों में प्रदूषण से लड़ने के लिए 4400 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है।
– टीबी हारेगा देश जीतेगा रू 2025 तक टीबी को खत्म करने की प्रतिबद्धता
– नीली अर्थव्यवस्था रू 2024-25 तक मत्स्य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य।
तेजस एक्सप्रेस जैसी 150 निजी ट्रेनों को और नए रूटों पर चलाया जाएगा। 550 स्टेशनों पर वाईफाई को शुरू किया गया है।

– सत्र 2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में करीब 99,300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इस बजट में देश में दो नए विश्वविद्यालयों का प्रस्ताव किया गया है। ये होंगे – राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय ) और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय।

– तेजस एक्सप्रेस जैसी 150 निजी ट्रेनों को नए रूटों पर चलाया जाएगा। 550 स्टेशनों पर वाईफाई को शुरू किया गया है। रेलवे की खाली जमीन पर सौर उर्जा उत्पादन की पहल की जाएगी। 27000 किमी के ट्रेक को इलेक्ट्रिक किया जाएगा।

– 11 करोड़ किसान फसल बीमा योजना। पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे। 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ कृषि लोन का लक्ष्य। महिलाओं के धन लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी। 2022-23 तक मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर 200 लाख टन करने का प्रस्ताव।

– रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ से बढ़कर 3.37 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अगर रक्षा क्षेत्र में दी जानेवाली पेंशन को जोड़ लें तो यह 4.7 लाख करोड़ हो गया है।

– 2020-21 में परिवहन अवसंरचना के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव। राजमार्गों के तेजी से विकास पर ध्यान दिया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दो अन्य पैकेज 2023 तक पूरे हो जाएगे। चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होगी।

– उड़ान स्कीम को बढ़ावा देने के लिए 100 नए वायुपत्तन कानिर्माण किया जाएगा। इसी अवधि के दौरान हवाई जहाजों की संख्या वर्तमान के 600 से 1200 हो जाने की उम्मीद है।

– डाटा सेंटर पार्क बनाए जाएंगे, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। भारत नेट योजना के तहत गांवों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए अगले वित्त वर्ष में 60 अरब रुपये की राशि का एलान।

– सूखा प्रभावित जिलों में खेती के लिए योजना। वाटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। 2024 तक सभी घरों में पाइप के जरिए पानी पहुंचाने की योजना के लिए 36 खरब रुपये का प्रावधान।

– सरकार ने प्रदूषण के रोकथाम के लिए 4400 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की है। इसके तहत स्मॉग टॉवर, स्मॉग गन, पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

– 2024-25 तक मत्स्य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना। 2022-23 तक देश में 200 लाख टन मत्स्य उत्पाद का लक्ष्य रखा गया है। 3,477 मित्रों और 500 मत्स्य पालन कृषक संगठनों द्वारा युवाओं को मत्स्य पालन क्षेत्र से जोड़ना।

– सरकार ने बजट में स्मार्ट मीटर को बढ़ावा दिया है। बिजली वितरण कंपनियों में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं।

– जन औषधि केंद्र योजना के तहत वर्ष 2024 तक सभी जिलों में 2000 दवाओं और 300 शल्य चिकित्सा की पेशकश की जाएगी।

– टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान शुरू किया गया वर्ष 2025 तक तपेदिक को समाप्त करने की प्रतिबद्धता।

यदि तैरना सीखना है तो तालाब में जाना पड़ेगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आत्म सुरक्षा की दृष्टि से महिलाओं का शारिरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। इससे उनके मन में अपनी असुरक्षा का भाव समाप्त होगा तथा आत्म विश्वास मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पहल भी स्वयं उन्हें करनी होगी क्योंकि यदि तैरना सीखना है तो तालाब में जाना ही पड़ेगा।

शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ‘‘सेल्फ डिफेंस वर्कशाप फार गर्ल्स’’ से सम्बन्धित कार्यशाला को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय जूडो-कराटे एवं अन्य सुरक्षा से सम्बन्धित उपायों के प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्म विश्वास एवं आत्म सुरक्षा का भाव जागृत होगा। उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं से सम्बन्धित कोई कार्यक्रम होता है तो वहां पर महिलाओं की सुरक्षा की बात भी जरूर होती है। यह महिलाओं के सम्मान से जुड़ा विषय भी है। महिलाओं के अन्दर आत्म सुरक्षा का भाव जागृत हो इसके लिए उनका शारिरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। उन्हें आत्म सुरक्षा के विभिन्न विषयों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपेक्षा की कि वे शारिरिक व्यायाम योग, मार्शल आर्ट आदि के लिए प्रतिदिन एक घंटा अवश्य निकालें। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, इससे उन्हें अपने को फिट रखने में भी मदद मिलेगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्थापित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति दीप्ति रावत ने कहा कि आज लड़कियों के साथ ही लड़कों को भी अच्छे व्यवहार एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता की सीख देने की जरूरत है। इसके लिए परिवार के जिम्मेदार लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने छात्राओं को सजग एवं सतर्क रहते हुए ऊँचे मनोबल के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखनी चाहिए इसके लिए यदि जरूरत पड़े तो उन्हें महिला सुरक्षा हेतु उपलब्ध विभिन्न हैल्प लाइनों एवं पोर्टलों का भी उपयोग करना चाहिए।
मेयर सुनील अनियाल गामा ने कहा कि नगर निगम द्वारा गांधी पार्क के साथ ही नगर के 100 वार्डों में भी जिम बनाये जायेंगे ताकि हमारे लोग शारिरिक रूप से स्वस्थ रहें। उन्होंने सभी से देहरादून को सुन्दर व स्वच्छ बनाने तथा शहर प्लास्टिक मुक्त बनाने में भी मददगार बनने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सिविल डिफेंस की असस्टिन्ट डिप्टी कमाण्डेंड जनरल एकता उनियाल ने कहा कि सेल्फ डिफेंस आज वक्त की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आत्म सुरक्षा के उपयोग सम्बन्धी प्रशिक्षण उन्हें मजबूत बनायेंगे। छात्राओं को हर परिस्थिति का सामना करने के लिये अपने को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस द्वारा दिये जाने वाला प्रशिक्षण भी उन्हें आत्म विश्वास बढ़ाने में मददगार होगा।

एसएसएससी की ओएमआर शीट में मिली गड़बड़ी, दर्ज हुआ मुकदमा

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक परीक्षा में एक छात्रा की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया हैं। पुलिस ने विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेन्द्र चौहान को सौंपी है। बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 25 नवंबर 2018 को कनिष्ठ सहायक स्नातक स्तरीय परीक्षा संपन्न कराई थी।

इसमें निर्धारित अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर ईमेज और ओएमआर की द्वितीय (कार्यालय) प्रति के मिलान में यह खुलासा हुआ कि अभ्यर्थी अंजू की मूल ओएमआर और द्वितीय प्रति में उत्तर गोलों में अंतर है। जाहिर है मूल ओएमआर सीट में परीक्षा होने के बाद उत्तर गोले जोडे गए हैं। संबधित अभ्यर्थी का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया है। यह छेड़छाड़ अभ्यर्थी को पास कराने के उद्देश्य से की गई है।

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि आयोग की जांच में यह मामला उजागर हुआ है। जांच के आधार पर आयोग के अनुसचिव राजन नैथानी की तहरीर पर धोखाधड़ी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेंद्र चौहान के सुपुर्द की है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

पौराणिक मान्यताओं को आज भी निभा रहा श्री भरत मंदिर

वसंतोत्सव-2020 के तहत बसंत पंचमी के शुभमुहुर्त पर भगवान श्री भरत की शोभायात्रा धूमधाम से नगर क्षेत्र में निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भरत के जयकारों से डोली का स्वागत कर पुष्पवर्षा की। पावन पर्व पर श्रद्घालुओं ने भगवान भरत के दर्शन कर पुण्य अर्जित किए।
बुधवार को झंडा चैक स्थित श्री भरत मंदिर परिसर से शोभा यात्रा का आयोजन हुआ। इससे पूर्व मंदिर में श्री भरत भगवान की पूजा अर्चना विधिवत रूप से की गई। शोभा यात्रा झंडा चैक स्थित मंदिर से शुरू होकर मायाकुंड होते हुए विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से गुजरकर मां गंगा के तट पहुंची। यहां पर श्री भरत भगवान की मूर्ति को गंगा स्नान करवाने के बाद पूजा अर्चना की गई। यहां से शोभा यात्रा सुभाष चैक, श्री भरत मंदिर रोड और झंडा चैक से होते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। शोभा यात्रा का नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक, राजनैतिक, धार्मिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर महंत अशोक प्रपन्न शर्मा, कार्यक्रम संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, मेयर अनिता ममगाईं, पंडित वत्सल शर्मा, पंडित वरुण शर्मा आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किए दर्शन
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बसंत पंचमी के अवसर पर भरत मन्दिर ऋषिकेश में आयोजित बसन्तोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को बसन्त पंचमी की शुभकामनायें दी तथा भरत मन्दिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसन्तोत्सव प्रकृति के श्रृगांर एवं नई ऊर्जा का संचार करने वाला पर्व है। यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की भी प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजकों की इस आयोजन के लिए भी सराहना की।

उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड राज्य में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर को बदल कर रख देगा

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने राज्य में स्थापित मंदिरों की व्यवस्था को एकरूपता देने और राज्य में चार धाम यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड बनाकर एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के बाद राज्य में चार धाम यात्रा पहले के कहीं अधिक सुचारू रूप से चलेगी। राज्य में मंदिरों की देखभाल ठीक तरीके से हो सकेगी और देवसंस्कृति के वाहक पुरोहित समाज को भी पहले से अधिक सुविधाएं मिल दी जा सकेंगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बोर्ड के गठन के बाद न सिर्फ उत्साहित हैं बल्कि उम्मीद जता रहें हैं कि ये बोर्ड राज्य में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर को बदल कर रख देगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर होगा बेहतर
देवस्थानम बोर्ड बनाने के पीछे उत्तराखंड सरकार का प्रमुख उद्देश्य राज्य के  मंदिरों में आधारभूत ढांचागत विकास करना है। इस बोर्ड के अधीन राज्य के चारों धाम और 51 मंदिर आएंगे। इन मंदिरों में देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इन मंदिरों में विश्व स्तरीय सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। सरकार अब राज्य में धार्मिक पर्यटन पर आने वालों के लिए सिंगल प्वाइंट अरेंजमेंट की ओर कदम बढ़ा रही है।

पुरोहितों के हित सुरक्षित
देवस्थानम बोर्ड के गठन के ऐलान के साथ ही इसका विरोध भी पटल पर आ गया। बड़ी संख्या में पुरोहित समाज के लोगों ने इस बोर्ड के गठन के विरोध में मोर्चा खोल दिया। हालांकि इस बोर्ड गठन के बाद अब पुरोहित समाज का बड़ा तबका इसके समर्थन में आ गया है। वहीं सरकार शुरुआत से इस बात का दावा करती रही है कि इस बोर्ड के गठन से पुरोहित समाज के हितों की अनदेखी किसी स्तर पर नहीं होगी। रावत और पुरोहितों की सदियों पुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आएगा। प्रबंधन के स्तर पर बोर्ड व्यवस्थाओं को बेहतर करेगा। इसी लिहाज से सरकार ने बोर्ड में चारों धामों के प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया है। सरकार की माने तो इस बोर्ड के गठन के बाद चारों धामों की व्यवस्था में समन्वय बनेगा।

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भविष्य के लिए जरूरी
त्रिवेंद्र सरकार राज्य में धार्मिक तीर्थाटन को भविष्य के लिहाज से व्यवस्थित करना चाहती है। वैष्णो देवी और तिरुपति बालाजी जैसे मंदिरों में की गई व्यवस्थाओं के मुताबिक ही त्रिवेंद्र सरकार उत्तराखंड के मंदिरों में भी व्यवस्थाएं करना चाहती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य के मंदिरों में धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। हालांकि सरकार के प्रयासों से चार धामों में आने वाले यात्रियों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। फिलहाल तकरीबन चालीस लाख पर्यटक पहुंच रहें हैं। राज्य में जारी ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण के बाद पर्यटकों की संख्या करोड़ों में पहुंच सकती है। ऐसे में राज्य के मंदिरों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार को इस तरह के बोर्ड के गठन की जरूरत महसूस हो रही थी।

नगर निगम में मेयर अनिता देशभक्ति के रंग से रंगी नजर आईं, ध्वजारोहण के बाद किया पौधारोपण

नगर निगम ऋषिकेश में मेयर अनिता ममगाईं देशभक्ति के रंग से रंगी नजर आईं। तिरंगा रंग के परिधान पहने मेयर अनिता ममगाईं ने ध्वजारोहण को सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके बाद पौधारोपण कर शहीदों को नमन भी किया।

नगर निगम ऋषिकेश में मेयर अनिता ममगाईं ने आन, बान और शान के साथ तिरंगा लहराया। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते हुए परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित अपनी नृत्य कला का मनोहारी प्रदर्शन किया। रविवार की सुबह साढे नौ बजे ’नगर निगम प्रांगण में मेयर अनिता ने ’ध्वजारोहण’ किया। इससे पूर्व उन्होंने निगम के स्वर्णजयंती सभागार’ के समीप स्थित ’शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण’ कर आजादी के महानायक को अपने श्रद्वा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर शहरवासियों को ’गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए मेयर ममगाई ने कहा’ कि आज के दिन ही हमारा गौरवशाली संविधान अस्तित्व में आया। संविधान ने हमें मौलिक अधिकार देने के साथ ही कर्तव्य भी निर्धारित किए हैं। ये हमारी जिम्मेदारी हैं कि हम केवल अधिकारों की बात न कर अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक राष्ट्र निर्माण और समाज की उन्नति के लिए कर्तव्यों का गंभीरता से निर्वहन करें।

इस मौके पर महापौर’ ने शहर के विकास के लिए किए जा रहे विकास कार्यों सहित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। समारोह के प्रश्चात निगम प्रांगण में पौधरोपण भी किया गया। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल के संचालन में चले कार्यक्रम में तमाम पार्षद एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रिस्पना नदी की अध्ययन रिपोर्ट की शीघ्र डीपीआर तैयार किया जाएः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रिस्पना को ऋषिपर्णा नदी के स्वरूप में लाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (एनआईएच), रूड़की की ओर से रिस्पना नदी के सम्पूर्ण क्षेत्र की भूमि व जल संवर्धन से सम्बन्धित विस्तृत प्रस्तुतिकरण का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआईएच रुड़की द्वारा तैयार की गई इस विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र डीपीआर तैयार की जाए। ताकि अगले माह तक इसकी निविदा प्रकाशित कर कार्य प्रारम्भ किया जा सके। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों की संयुक्त बैठक भी आयोजित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रिस्पना का पुनर्जीवीकरण देहरादून शहरवासियों के व्यापक हित से जुडा विषय भी है। इसमें देहरादून के पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलेगी तथा भविष्य में जल संकट के समाधान की भी राह प्रशस्त हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयासों की उन्होंने जरूरत बतायी। जल संरक्षण के लिए वृक्षारोपण करना जरूरी है। सूखे जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करना हम सबका दायित्व है।

रिस्पना नदी का देहरादून से अनूठा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर के मध्य से गुजरती हुयी रिस्पना नदी का देहरादून के साथ एक अनूठा रिश्ता भी है। मिशन ऋषिपर्णा देहरादून वासियों के पास एक मौका है इस नदी को उसके पुराने अविरल स्वरूप में वापस लाने का। शहर के संतुलित विकास हेतु समय की मांग है कि रिस्पना को पुनर्जीवित किया जाए। हमारे वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आवश्यक पहल भी है। उन्होंने कहा कि रिस्पना के उद्गम क्षेत्र में किये गये व्यापक वृक्षारोपण से हरियाली होगी और भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। यह हमारे लिए प्रकृति की सुंदरता की सौगात भी होगी।

बनेंगे 19 छोटे चैक डेम
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, रूड़की की अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है रिस्पना नदी क्षेत्र के 53.45 कि0मी0 केचमेंट एरिया के इस क्षेत्र में 19, छोटे चैक डेम तैयार किये जायेंगे। जल की गुणवत्ता के लिये बेहतर उपचार की व्यवस्था के साथ ही तालाबों के निर्माण एवं सतही जल के प्रबन्धन पर ध्यान दिया जाना होगा। इस क्षेत्र में वाटर हारवेस्टिंग पर ध्यान देने, नदी क्षेत्र के आस पास एसटीपी के निर्माण के साथ ही सौंग बांध से भी इसमे जल उपलब्धता की बात कही गई है।

जंगल से निकलकर आबादी में घुसा बारहसिंघा, देखने उमड़ी भीड़

शनिवार को श्यामपुर जेजे ग्लास फैक्ट्री के समीप एक बारहसिंघा कौतुहल का विषय बन गया। इसे देखने के लिए वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंचे वन विभाग की टीम ने उसे टेंट गोदाम में कैद कर लिया। रेंजर आरपीएस नेगी के अनुसार बारहसिंघा को रात्रिकाल में ट्रैफिक जीरो करने के बाद ट्रैक किया जाएगा। वहीं, रेंजर ने इसकी चपेट में किसी भी व्यक्ति के आने की घटना से इंकार किया है।

घटना दोपहर दो बजे के आसपास की है। जब आईडीपीएल के जंगलों से निकलकर एक नर बारहसिंघा श्यामपुर स्थित जेजे ग्लास फैक्ट्री के समीप महालक्ष्मी टैंट हाउस के गोदाम में जा घुसा। इसी बीच स्थानीय लोगों की बारहसिंघा को देखने के लिए मौके पर जमा हो गई। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बारहसिंघा को टेंट गोदाम के अंदर ही कैंद कर लिया। वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि बारहसिंघा नर है। वह काफी डरा हुआ है। ऐसे में उसे ट्रैक कर पाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि बारहसिंघा को ट्रैक करने के लिए रात्रिकाल में दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को रोका जाएगा। इसके बाद इस पर काबू पाया जाएगा। उन्होंने बारहसिंघा से किसी भी व्यक्ति के जख्मी होने की घटना से इंकार किया है।

मेरी यात्रा एप से यात्रियों को मिली सुविधाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सौजन्य से एसडीआरएफ द्वारा निर्मित एप्प ‘मेरी यात्रा’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से उत्कृष्ट एप्प बनाया गया है। आज के आईटी युग में लोगों को ऑनलाइन सम्पूर्ण जानकारी की मांग होती है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में उत्तराखण्ड के विशिष्ट स्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाय।

उन्होंने कहा कि यह एप उत्तराखण्ड में पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारियों का अपडेट मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप्प के माध्यम से जिस स्थान एवं क्षेत्र के चित्रों को दर्शाया जा रहा है, उस स्थान एवं क्षेत्र का पूरा विवरण दिया जाय। जो प्रमुख मंदिर एवं विशिष्ट चीजें सिर्फ उत्तराखण्ड में हैं, उनको भी इस एप्प में शामिल किया जाए।

कमांडेंट एसडीआरएफ तृप्ति भट्ट ने कहा कि इस एप्प में यात्रियों को सूचनाएं एवं सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। एप्प के माध्यम से यात्रियों को अपने निकटवर्ती क्षेत्रों में होम स्टे, प्रमुख स्थलों, आपातकालीन नम्बर, अतिथि गृह, प्रमुख पर्यटक एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में कई और फीचर जोड़े जायेंगे। जिससे यात्रियों के लिए और सुगमता हो।