सांसद बलूनी को बोरगांव के विकास की सता रही चिंता, प्रतिनिधि को भेजा गांव

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया समन्यवक और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी द्वारा गोद लिए गए गैर आबाद ’’बोरगांव’’ के निवासियों के साथ आज उनके प्रतिबनिधियों ने एक बैठक की। इस बैठक में गांव के कई विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद की ओर से बोरगांव के निवासियों के साथ भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और जम्मू-कश्मीर के प्रदेश प्रभारी विपिन कैंथोला ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के संपर्क मार्ग के लिए सड़क का निर्माण शीघ्र ही पूरा होना चाहिये। ग्रामीणों ने गांव को जोड़ने वाली नदी पर पुल के निर्माण का भी सुझाव दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संपर्क मार्ग बनने से ग्रामीण जल्द अपने गांव वापस आएंगे और गांव के विकास के लिए सहभागिता निभाएंगे। सांसद के प्रतिनिधि विपिन कैंथोला ने ग्रामीणों को बताया कि गांवों को आबाद करने के लिए एक बड़े स्तर पर बैठक का आयोजन होगा। जिसमें होमस्टे और पुनर्वास को लेकर एक बड़ी कार्य योजना बनाई जायेगी। कार्ययोजना को साकार करने के लिए स्वयं सासंद बलूनी अपनी ओर से मदद करेंगे।
इस अवसर पर ग्रमीणों ने सिद्धबली मंदिर में सांसद अनिल बलूनी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि हम सभी ग्रमीण अपने गांव को विकसित करने और फिर से बसवाट करने के लिए सांसद से कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तैयार है। ग्रामीणों ने अनिल बलूनी का धन्यवाद भी दिया कि उन्होंने इस ओर उनके गांव का चयन किया है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, विपिन कोटनाला, भाजपा नगर महांमत्री कोटद्वार धर्मवीर गुसांई, आशीष जदली, देवेन्द्र नेगी, राजीव नेगी, सुरेंद्र सिंह, मनोज कोटनाला, बबली कोटनाला, आशीष नेगी, बलबीर नेगी राकेश नेगी के साथ कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

दिल्ली से आकर नम्रता व गौरव ने शुरू किया स्टार्ट अप, सीएम ने दी मदद

यमकेश्वर ब्लॉक के कंडवाल गांव में हेम्प से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाले गौरव व नम्रता को मशीन खरीदने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम विवेकाधीन कोष से 10 लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशे से आर्किटेक्ट नम्रता व गौरव ने यमकेश्वर जैसे दूरदराज ब्लॉक के गांव में हेम्प से उत्पाद बनाने का स्टार्ट अप शुरू कर अन्य युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाई है। उन्होंने बताया है कि किस प्रकार से स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग कर स्वयं के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। गौरव और नम्रता ने बताया कि वे दोनों दिल्ली में रहते थे।

काफी रिसर्च के बाद उन्होंने पहाड़ में पाए जाने वाले हेम्प को रोजगार का साधन बनाने का निर्णय किया। वर्तमान में वे इसके बीज के तेल से साबुन बना रहे हैं। इससे भवन निर्माण सामग्री भी बनाई जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके द्वारा हेम्प से ग्रामीण आर्थिकी में सुधार पर जानकारी दी गई थी। मिनिस्ट्रि ऑफ हाउसिंग के स्पेशल पब्लिकेशन में ‘हेम्प की भवन निर्माण तकनीक’ पर उनकी रिसर्च पर लेख भी प्रकाशित हुआ था।

स्मार्ट सिटी में देहरादून 10 माह में 99 से 30 वीं रैंकिंग पर पहुंचा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत कुल 575 करोड़ 18 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें दून लाईब्रेरी लागत 12 करोड़ 33 लाख, पलटन बाजार विकास लागत 13 करोड़ 10 लाख, वर्षा जल निकासी लागत 16 करोड़ 27 लाख, परेड़ ग्राउन्ड जीर्णोद्धार लागत 20 करोड़ 85 लाख, सीवरेज लागत 28 करोड़ 41 लाख, पेयजल संवर्धन व वाटर मीटरिंग लागत 32 करोड़ 59 लाख, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट लागत 56 करोड़ 63 लाख, स्मार्ट रोड लागत 190 करोड़ 54 लाख, इंटीग्रेटेड आफिस काम्प्लैक्स ग्रीन बिल्डिंग लागत 204 करोड़ 46 लाख के काम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि तकनीक के बिना स्मार्ट सिटी की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। सरकार, तकनीक के माध्यम से जनसुविधाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है। स्मार्ट दून के लिए पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से काम हुआ है। आने वाले समय में बदला हुआ दून दिखेगा। स्मार्ट दून की तरफ आगे बढ़ने में दून वासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

देहरादून में बनेगा इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर
मुख्यमंत्री ने देहरादून में इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर की घोषणा करते हुए कहा कि इसका नाम ‘सदैव दून’ होगा और 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन जिसे गुड गवर्नेंस दिवस के तौर पर मनाया जाता है, पर इसका शुभारम्भ किया जाएगा।

प्रमुख मार्गो पर होगी अंडरग्राउन्ड केबलिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के प्रमुख मार्गों पर अंडरग्राउन्ड केबलिंग की जाएगी। इसका टेंडर जल्द ही कर दिया जाएगा। सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा का काम शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। स्मार्ट सिटी के साथ ही स्मार्ट विलेज की सोच भी बनानी होगी। प्रदेश के चयनित राजकीय विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की सुविधा प्रारम्भ की गई है।

दून की बनेगी अलग पहचान
देहरादून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में बड़े विस्तार पर काम किया जाना है। शहरवासियों को शुरू में कुछ असुविधा हो सकती हैं। परंतु जब काम पूरा हो जाएगा तो इससे सुविधा होगी। इससे दून की अलग पहचान बनेगी। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति में देहरादून में काफी प्रगति हुई है।

देहरादून मोस्ट प्रोग्रेसिव स्मार्ट सिटी
देहरादून स्मार्ट सिटी लि. के अध्यक्ष रविनाथ रमन ने बताया कि स्मार्ट सिटी में देहरादून का चयन तीसरे चरण में किया गया था। दिसम्बर 2018 में 100 शहरों में से देहरादून की रैंकिंग 99 थी जो कि केवल 10 माह बाद ही 30 हो गई है। देहरादून को स्मार्ट सिटी में मोस्ट प्राग्रेसिव सिटी में पहला स्थान मिला है। सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए स्मार्ट सिटी में संचालित कार्यों की जानकारी दी।

ऑनलाईन जुड़े स्कूलों के बच्चों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

उत्तराखण्ड, स्कूली शिक्षा में वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास का उद्घाटन किया। वर्तमान में 150 विद्यालयां को जोड़ा जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान ये सभी विद्यालय ऑनलाईन थे। अगले 15 दिनों में शेष 350 चिन्हित विद्यालयों को भी जोड़ दिया जाएगा।

नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में तकनीक के माध्यम से शिक्षा में सुधार किया जा रहा है। अनिर्णय की स्थिति ठीक नहीं होती है। 2010-11 से बजट उपलब्ध था परंतु निर्णय नहीं लिया गया। समय पर निर्णय न लिए जाने से लाखां बच्चे इससे वंचित रह गए। हमने इस पर निर्णय लिया और आज उत्तराखण्ड स्कूली शिक्षा में वर्चुअल क्लास शुरू करने वाल पहला राज्य बन गया है। इससे जहां किसी विषय विशेष के अध्यापक नहीं हैं, वहां वर्चुअल क्लास के माध्यम से उस विषय की पढ़ाई कराई जाएगी। इससे लगभग 1 लाख 90 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार से राज्य को भरपूर सहयोग व सहायता मिलती है। ये हम पर है कि हम किस प्रकार से अच्छे प्रस्ताव बनाकर भेजते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखा जाएगा कि विद्यालय समय के बाद स्कूल भवन का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। वर्चुअल क्लास का उपयोग एकेडमिक पढ़ाई के साथ ही कैरियर परामर्श, प्रतियोगिताओं की तैयारी, साक्षरता, मोटिवेशन क्लास में करने की सम्भावना देखी जाएगी। उन्होंने सचिव विद्यालयी शिक्षा को इसके लिए निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक से शिक्षक का स्थान नहीं लिया जा सकता है परंतु जहां शिक्षक नहीं हैं, वहां यह उपयोगी रहेगी। इससे शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा सकता है। बच्चों का बहुआयामी विकास होगा। उनका सोचने का दायरा बढ़ेगा।

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डे ने कहा प्रदेश की विद्यालयी शिक्षा के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। भौगोलिक विषमताओं को देखते हुए हाई क्वालिटी एजुकेशन मे यह सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम, समग्र शिक्षा के अन्तर्गत सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी) के तहत संचालित है। वर्तमान में 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किया जाएगा। वर्चुअल क्लासरूम में सैटेलाईट इन्टरएक्टीव टर्मिनल (एसआईटी) तथा रिसीव ऑन्ली टर्मिनल (आरओटी) के माध्यम से टू-वे सीमलैस इन्टरएक्टीवीटी द्वारा देहरादून स्थित 04 सेंट्रल स्टूडियो से प्रदेश के 500 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को जोड़ा जा रहा है। वर्चुअल क्लासरूम तकनीक नवीनतम तकनीक है। यह स्मार्ट क्लासरूम व आईसीटी लैब से आधुनिक है।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल जुडे विभिन्न विद्यालयों के बच्चों से संवाद भी किया। बच्चों ने उनसे अनेक प्रश्न पूछे जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तार से जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। जो भी काम करें, पूरी निष्ठा, एकाग्रता और समर्पण से करें। मुख्यमंत्री से बात करने वालों में जीजीआईसी, कर्णप्रयाग की अमीषा व आंचल, जीआईसी, पाण्डुकेश्वर की अंशिका, जीआईसी, एकेश्वर के जयरत्न व साहिल कुमार, जीजीआईसी, रानीखेत की लक्षिता शाह व आशा, जीआईसी हरपुन हरसन (उधमसिंहनगर) के मोहम्मद सलीम, जीआईसी दिक्तोली (चम्पावत) की मानसी, जीआईसी गुरना (पिथौरागढ़) के हर्षकुमार, जीआईसी गुनियालेक, नैनीताल की नीतू व योगिता शामिल थे। छात्रों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जीआईसी, एकेश्वर का भवन निर्माण कराया जाएगा। जीआईसी गुनियालेक में भूमि उपलब्ध होने खेल का मैदान बनाया जाएगा।

मेयर अनिता ने 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से तीन करोड तीस लाख की पथ प्रकाश योजना का किया शिलान्यास

ऋषिकेश की सड़कें भी अब दूधिया रोशनी में नहाती दिखेंगी। मेयर अनिता ममगाईं ने शनिवार को 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से 3.30 करोड़ रुपए की योजना का शिलान्यास किया। कोयलघाटी पर किए गए शिलान्यास के बाद मेयर ने प्रेसवार्ता बुलाकर योजना की विस्तृत जानकारी दी।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि नीम करोली मंदिर से चंद्रभागा पुल और देहरादून रोड, तहसील रोड सहित आईएसबीटी परिसर के करीब छह किमी क्षेत्र में 330 विद्युत पोल लगाए जाने हैं। उक्त योजना के पूर्ण होते ही शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था बेहद शानदार हो जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम आईडीपीएल से एम्स तक डिवाइडर का निर्माण करेगा। यह सभी कार्य आगामी महाकुंभ से पूर्व कर लिए जाएंगे। इसकी तैयारी निगम स्तर पर प्रारंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार रोड स्थित खाली भूखंड में कूड़े के पहाड़ को हटाने की कवायद भी नगर निगम ने प्रारंभ कर दी है। मेयर ने कहा कि नये वर्ष के आगाज के साथ ही शहर में विकास कार्यों की चमक दिखाई देने लगेगी।

महिला उत्पीड़न रोकने के लिए सेल का गठन
नगर निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, अत्याचार, शोषण अथवा पुरुष सहकर्मी की ओर से अभद्रता करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगम में महिला सेल का गठन किया गया है। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल के मुताबिक महिला कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेल का गठन किया गया है। इसमें सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास, कर अधीक्षक निशात अंसारी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत सदस्य बनाए गए हैं। निगम में एक स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी का काम निगम में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित करना है जो काम करने में अक्षम या लापरवाह हैं। कमेटी ऐसे कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु के बाद वीआरएस दिलाने की संस्तुति शासन को करेगा। इस कमेटी में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, लेखाकार राजकुमार सिंह, विमलेश सेमवाल को शामिल किया गया है।

मातृसदन के परमाध्यक्ष ने की केंद्र सरकार से मांग, कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाए

केंद्र सरकार कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करें। तभी गंगा और कुंभ क्षेत्र को खनन माफियाओं से बचाया जा सकता है। यह बात मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी तरह का खनन नहीं किया जाएगा। लेकिन हरिद्वार से सटे लालढांग क्षेत्र में गंगा की सहायक नदियों में वन विकास निगम की ओर से खनन का काम शुरू करा दिया गया है। इससे साफ है कि गंगा और कुंभ क्षेत्र की प्रदेश सरकार को जरा भी चिंता नहीं है।

स्वामी शिवानंद सरस्वती का कहना है कि वह इस बारे में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने गंगा और सहायक नदियों में खनन पर रोक नहीं लगाई तो मातृसदन की ओर से अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

त्रिवेन्द्र सिंह ने प्रदेश में पारदर्शी सरकार बनाई हैः जेपी नड्डा

भाजपा में अब सिर्फ इन कमिंग ही इन कमिंग है, आउट गोइंग नहीं है यह बूथ कार्यकर्ताओं की ही ताकत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की कूट नीति ही है कि सऊदी अरब और ईरान, अमेरिका और चीन भारत के मित्र हैं। इसी तरह त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी प्रदेश में पारदर्शी सरकार बनाई है। यहां विकास कार्यों में तेजी आई है, 17 लाख परिवारों को आयुष्मान से जोड़ा यही डबल इंजन है। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कही।

शुक्रवार को सुभाष रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में बूथ सम्मेलन का शुभारंभ जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने दीप प्रज्जवलित कर किया। नड्डा ने बूथ कार्यकर्ताओं को कहा कि पहाड़ के लोगों की जीवन शैली देवतुल्य होती है इसलिए वे समाज को दृष्टि व दिशा देने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा के 385 सांसद, 400 सहयोगी दल, 1451 विधायक और 15 राज्यों में सरकार है। भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, महज 54 दिनों के सदस्यता अभियान में सदस्यों की संख्या 11 करोड़ से बढ़कर 17 करोड़ हो गई। उत्तराखंड में भी 11 लाख से बढ़कर 17 लाख सदस्य हो गए। यह सब बूथ कार्यकर्ता की मेहनत से ही संभव हो सका।

नड्डा ने कहा कि राजनीति में दो कार्यकर्ता होते हैं दूरगामी और तात्कालिक। तात्कालिक में छोटे इरादे और छोटे लक्ष्य देखे जाते हैं जबकि दूरगामी में पार्टी और देश की सेवा देखी जाती है, बूथ कार्यकर्ता नजदीक का चश्मा उतारकर दूर का पहन ले। ध्यान रखे कि उनकी उंगली से दबाने से कोई नेता नहीं बल्कि देश की तकदीर और तस्वीर बदलती है।

गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय से प्रसिद्धः सीएम

69वें राजकीय आद्यौगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले का मंगलवार को शानदार आगाज हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गौचर मेले का विधिवत् उदघाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 155.44 करोड़ रूपए लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले को बडी सौगात भी दी। मेले के उद्घाटन के अवसर पर छोलिया नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने मेले में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है और साल दर साल यह मेला अपनी ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने जिले की संस्कृति, खानपान, धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के लिए प्रकाशित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्रामी सेनानी श्री बख्तावर सिंह को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और उद्यान के विकास में गौचर मेले की बड़ी भूमिका रही है। किसानों की आय को बढाने के लिए सरकार आर्गेनिक खेती को बढावा देने के लिए कार्य कर रही है ताकि किसान को अधिक से अधिक फायदा मिल सके। किसानों की आय बढाने के लिए ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसान अपनी आवश्यकता से अधिक अनाज को ग्रोथ सेंटर में मूल्यवर्धित करा सकते हैं। कंडाली और हैम्प के रेशे के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि आज खेती के तरीके को बदलने की जरूरत है। बताया कि पूरी दुनिया में हैम्प के रेशे की बहुत डिमांड है आज नशा रहित हैम्प के रेशे से 527 किस्म के प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुने हुए नए प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि दो बच्चे और शिक्षा की अनिवार्यता रखने के कारण इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अधिकांश युवाओं को प्रतिनिधित्व का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति से ही यह बदलाव संभव हुआ है। कहा कि राज्य के विकास के लिए दृष्टि ही नही दृष्टिकोण होना भी जरूरी है।

साहसिक खेलों के लिए गौचर मेले में पहली बार अलकनंदा नदी में रिवर राफ्टिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने रिवर राफ्टिंग करते हुए प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यहॉ पर राफ्टिंग की भरपूर सम्भावनाएं है और जिला प्रशासन ने इसको आगे बढाने के लिए एक अच्छी पहल की है। उन्होंने स्थानीय लोगों को भी इस योजना में आगे बढाने पर जोर दिया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के तहत 62.58 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण तथा 92.85 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर जिले को विकास की एक बडी सौगात भी दी। जिन बडी योजनाओं को लोकपर्ण किया गया उनमें 11.87 करोड की सरमोला रानौ मोटर मार्ग, 8.95 करोड की सुगरबैंड से सिलपाटा मोटर मार्ग, 9.89 करोड की गोल से मथकोट मोटर मार्ग, 3.85 करोड़ की चटवापीपल से ग्राम सिरण मोटर मार्ग, 3.43 करोड की उज्जवलपुर-बैनोली मोटर मार्ग शामिल है। वही जिन बडी योजनाओं का आज शिलान्यास हुआ उनमें 17.86 करोड की रैस-भटियांणा मोटर मार्ग, 8.40 करोड की लागत से तपोवन-रिंगी मोटर मार्ग, 5.99 करोड की हाटकल्याणी -बेराधार मोटर मार्ग, 5.27 करोड लागत की करछी-रेगडी मोटर मार्ग, 4.00 करोड लागत से माणा में निर्मित होने वाले बहुउद्देशीय व सार्वजनिक भवन निर्माण, 3.82 करोड़ लागत से तपोवन-करछोई मोटर मार्ग आदि शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अलकनंदा नदी पर बाढ सुरक्षा, गौचर बाईपास मोटर मार्ग निर्माण, चटवापीपल में घाट सौन्दर्यीकरण एवं पहुॅच मार्ग निर्माण, गौचर नगर पालिका में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण-बडसोली मोटर मार्ग निर्माण तथा उमासैंण तक मोटर मार्ग का विस्तारीकरण, राइका मालसी में अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण, गौचर पेयजल योजना निर्माण आदि घोषणाएँ भी की।

सीएम बोले, जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार जरूर जाएं आदर्श गांव

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड में सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा की। सांसद आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों का आउटकम आधारित थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया जाए। जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार आदर्श गांव में जाना सुनिश्चित करें। मुख्य विकास अधिकारी भी इन गांवों में जाकर विकास कार्यों का भौतिक निरीक्षण करें। इसके लिए भ्रमण कैलेण्डर बनाएं। सचिवालय में आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उक्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श गांवों के लोगों के जीवन में परिवर्तन दिखना चाहिए। स्थानीय लोगों को लगना चाहिए कि वहां काम हुए हैं। आदर्श गांवों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए कि पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है। वहां की खेती, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रति व्यक्ति आय में क्या गुणात्मक सुधार हुए हैं। आदर्श गांव आत्मनिर्भर होने चाहिए, ग्रामीणों । इन गांवों की मासिक रिपोर्ट संबंधित सांसदों को भेजी जाए। चयनित गांवों को पॉलिथीन मुक्त बनाया जाए। कार्यों की समयावधि निश्चित की जाए।

बैठक में बताया गया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में तीन चरणों में कुल 15 चयनित ग्राम पंचायतों में 762 कार्य लिए गए। इनमें से 565 काम पूर्ण किए जा चुके हैं, 53 प्रगति पर हैं। प्रथम चरण में भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित गांव सरपुड़ा (जिला ऊधमसिहनगर) में कुल 70 कार्यों में से 69, मे.ज (से.नि.) भुवन चंद्र खण्डूड़ी द्वारा चयनित देवली भणीग्राम (जिला रूद्रप्रयाग) में 66 कार्यों में 52, डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित गोरधनपुर (जिला हरिद्वार) में 85 में से 80 कार्य, माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा चयनित बौन (जिला उत्तरकाशी) में 59 में से 57 कार्य, अजय टम्टा द्वारा चयनित सूपी (जिला बागेश्वर) में 22 में से 21 कार्य, महेन्द्र सिंह माहरा द्वारा चयनित रौलमेल (जिला चम्पावत) में 59 में से 55 कार्य और राजबब्बर द्वारा चयनित लामबगड़ (जिला चमोली) में 17 में से 15 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

दूसरे चरण में प्रदीप टम्टा द्वारा चयनित बाछम (जिला बागेश्वर) में 17 में से 17 कार्य, तरूण विजय द्वारा चयनित तेवा (जिला टिहरी गढ़वाल) में 80 में से 59 कार्य, डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित जमालपुर कलान (जिला हरिद्वार) में 55 में से 41 कार्य, भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित लोहाली (जिला नैनीताल) में 50 में से 08, माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा चयनित अटकफार्म (जिला देहरादून) में 39 में से 07 और अजय टम्टा द्वारा चयनित जुम्मा (जिला पिथौरागढ़) में 44 में से 41 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी प्रकार तृतीय चरण में अजय टम्टा द्वारा चयनित सल्ली (जिला चम्पावत) में 54 में से 44 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जबकि डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित खेड़ी सिकोहपुर (जिला हरिद्वार) में 45 कार्य लिए गए हैं।

सांसद आदर्श ग्राम योजना का 11 अक्टूबर 2014 को प्रारम्भ की गई थी। इसका उद्देश्य सांसद द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में सभी केंद्र पोषितध्राज्य पोषित योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास, सेवाओं की उपलब्धता और ग्राम पंचायत का सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरणीय विकास द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में विकास के अंतर की पूर्ति करते हुए आदर्श ग्राम बनाना है।

मेले से संबंधित जितने भी पुल है, उनका निर्माण समय सीमा के अंदर होः सीएम

बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले के आयोजन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ मेले के निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिये डबल शिफ्ट में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेले से सम्बन्धित जितने भी पुलों का निर्माण किया जाना है उनके निर्माण की समय सीमा निर्धारित कर उन्हें पूर्ण करने के प्रयास हों। उन्होंने कहा कि पुलों का समय पर निर्माण होने से सडकों के निर्माण में और अधिक सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि यदि निजी संस्थायें स्वयं के व्यय पर स्नान घाटों का निर्माण करती है तो इसके लिये उन्हें डीपीआर एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालु कुम्भ के सुखद अनुभव के साथ लौंटे। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये भी मिसाल बन सके।

उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के बिजली व गैस पाइप लाइन को अंडर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। कुम्भ की व्यवस्थाओं के लिये जो भी जरूरत होगी वह उपलब्ध करायी जायेगी। सभी अधिकारी तालमेल से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की देवभूमि के अनुरूप उसकी पहचान बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए। अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी उन्होंने प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। तद्नुसार हमें इसकी व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होंगी।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सीमांकन के साथ ही नये क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधायें विकसित करने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेलाक्षेत्र एवं मेले में की जाने वाली व्यवस्थाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले के सम्बन्ध में विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर वांछित धनराशि के वास्तविक आगणन का प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।