सड़क दुर्घटना में एसडीएम सहित नौ घायल, एक किशोरी की मौत

ऋषिकेश-देहरादून बाईपास मार्ग पर एक कार ने विक्रम और एक अन्य कार को जोरदार टक्कर मार दी। इससे विक्रम सवार सात घायल हो गए, जबकि एक युवती की मौत हो गई। वहीं, दूसरी कार में एसडीएम ऋषिकेश और नाजीर घायल हो गए।

बुधवार को विक्रम संख्या यूके 07-टीसी 1653 में सवारी भरकर ऋषिकेश आ रहा। इनके ठीक पीछे ऋषिकेश तहसील के नाजीर सुनील भट्ट अपनी कार यूके-07डीएफ-7996 पर एसडीएम प्रेमलाल को लेकर आ रहे थे। तभी ऋषिकेश से देहरादून जा रही तेज रफ्तार कार संख्या यूके-07डीजे-8724 ने काली मंदिर के समीप विक्रम को जोरदार टक्कर मार दी। इससे विक्रम हाईवे किनारे लगी रेलिंग पर पिछले हिस्से से चढ़ गया। इसमें विक्रम चालक को छोड़कर बाकी सवारी बुरी तरह घायल हो गए।

इसके बाद उक्त कार ने एसडीएम सवार कार को भी जोरदार टक्कर मार दी। इसमें कार चालक व तहसील ऋषिकेश नाजीर सहित एसडीएम प्रेमलाल भी घायल हो गए। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम को पुलिस की गाड़ी से एम्स तथा अन्य घायलों को एंबुलेंस के जरिये राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को एम्स और जौलीग्रांट अस्पताल रैफर किया गया। जौलीग्रांट अस्पताल में दाखिल तनु की इलाज के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार तनु के सिर पर गहरी चोट आई थी। वहीं, सब इंस्पेक्टर दिनेश चमोली ने बताया कि मामला तेज रफ्तार तथा लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ा है। फिलहाल इस संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

मृतक का नाम
तनु (17) पुत्री दिनेश निवासी रानीपोखरी
घायलों का नाम
प्रेमलाल उप जिलाधिकारी ऋषिकेश
सुनील भट्ट (31) पुत्र स्व. भरोसेराम निवासी शांति विहार फेस-2 अजबपुर कलां देहरादून
अनीषा (16) पुत्री दिनेश निवासी रानीपोखरी
वर्षा (19) पुत्री शत्रुघन निवासी रायवाला
ऋचा (21) पत्नी एमआर कोठियाल निवासी पंसुआ बड़कोट डांडी रानीपोखरी
शोभा (40) पत्नी दिनेश निवासी रानीपोखरी
रश्मि (30) पुत्री अशोक निवासी भोगपुर रानीपोखरी
पुष्पा (40) पुत्री धीरेंद्र निवासी भोगपुर
श्याम सिंह (32) पुत्र स्व. मुखराम निवासी ढूढ़ीधार नई टिहरी

एसडीएम का उतरा कंधा
उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के दुर्घटना में घायल होने की सूचना पाकर पार्षद राकेश मियां भी एम्स पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात की। साथ ही निदेशक प्रो. रविकांत से भी स्वास्थ्य की जानकारी जुटाई। वहीं, एम्स के जन संपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार एसडीएम प्रेमलाल को कंधा उतर गया है। फिलहाल वह स्वस्थ हैं, उनका उपचार चल रहा है।

हर घंटे एक बोली और हर दिन एक भाषा हो रही समाप्तः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हरेला समापन समारोह के अवसर पर कृषि, बागवानी के क्षेत्र में योगदान के लिये थलीसैंण निवासी अनूप पटवाल को जसोदा नवानी हरेला सम्मान के रूप में 51 हजार की धनराशि प्रदान की। सीएम ने धाद महिला एकांश, हरेला साथियों के साथ ही स्कूली छात्रों को भी सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा देश संस्कृति की विविधताओं तथा जैव विविधता का खजाना है। हमारे प्रदेश की भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्थायें समाज को जीवन्त बनाने के साथ ही परम्पराओं को संजोने का कार्य कर रही है। आज जब कि हर घंटे में एक बोली तथा हर दिन एक भाषा समाप्त हो रही है। इन्हें बचाने के लिये सरकारी स्तर पर तो प्रयास हो ही रहे हैं किन्तु इस दिशा में संस्थायें भी बेहतर कार्य कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हरेला पर्व अतरंगता से जुड़ा है, हमारी लोक परम्पराएं हमें जीवन्त बनाती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं से स्वेच्छिक चकबन्दी की ओर ध्यान देने की भी अपेक्षा की। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में परम्परागत खेती को बढ़ावा देने के साथ खेती के बदलते स्वरूप पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने पहाड़ों पर खेत तैयार कर उन्हें अपने जीवन यापन का साधन बनाया अब बंजर हो रहे ऐसे खेतों को उपजाऊ बनाने के लिये हमें आगे आना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 1.80 करोड़ पेड लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत गत वर्ष ऋषिपर्णा व कोशी को पुर्नजीवित करने के लिये इनके उद्गम स्थलों पर व्यापक जन सहयोग में एक ही दिन में लाखों वृक्षों का रोपण किया गया। लगाये गये पेड जीवित रहें इसके भी प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पटवाल द्वारा कृषि बागवानी की उत्पादकता के लिये किये जा रहे प्रयास व प्रयोग की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी तथा वे कृषि की अधिक आय वाली सम्भावनाओं की ओर आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों पर ध्यान दिया जाय जिन्हें जंगली जानवरों से कम नुकसान होता हो।

शराब के नशे में धुत युवक ने ठेली से उठाए फल, रूपए मांगने पर कर दी धुनाई

मुनिकीरेती क्षेत्र के शीशमझाड़ी वार्ड संख्या दो निवासी सुभाष कुमार पुत्र रामकिशन ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि बीते आठ अगस्त की रात करीब 10 बजे वह ठेली लेकर अपनी दुकान पहुंचे थे। वहां कुछ लोग शराब पी रहे थे। इनमें से आशीष गौड़ नामक युवक को छोड़कर बाकी सभी चले गए। आशीष गौड़ ने अत्यधिक शराब पी हुई थी और उसने अपनी मर्जी से ठेली से फल उठा लिए।

उसने जब रुपये मांगे तो आशीष ने मारपीट कर ठेली पलट दी। इसके बाद वह पुलिस चौकी शिकायत दर्ज कराने आ रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक फोन आया कि आशीष गौड़ दोबारा उनकी दुकान पर आ गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फिर अपनी दुकान पहुंचे तो वहां आशीष गौड़ ने कहा कि अगर पुलिस चौकी गया तो जान से मार दूंगा। नौ अगस्त को वह अपनी दुकान में बैठे थे। तभी आशीष गौड़ अपने साथी मोहित के साथ दुकान पर पहुंचा और दुकान बंद कर उसे दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

शिकायतकर्ता ने बताया कि आशीष गौड़ पूर्व में भी कई बार उनकी दुकान से फल लेकर जाता रहा है। इसके रुपये भी नहीं देता है। फल के बदले में रुपये मांगने मार पिटाई करता है। उन्होंने अपनी जान माल की गुहार लगाई है। साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि मामला संज्ञान में है, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

दिनदहाड़े युवक को बदमाशों ने मारी गोली, दशहत

मंगलवार को पौड़ी जनपद के कोटद्वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े बदमाशों ने एक युवक पर गोली चला दी। आननफानन में युवक को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।

सिमलचौड़ में एएसपी आवास और एआरटीओ कार्यालय के पीछे शिव केबल नेटवर्क का मुख्यालय है। यहीं पर केबल संचालक अजय सिंह रावत का आवास भी है। दो महीने से यहां पर शिमला बाईपास देहरादून निवासी शेखर चंद्र ढौंडियाल (43) पुत्र रमेश चंद्र रह रहा था। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे शेखर केबल मुख्यालय के बाहर बरामदे में मोबाइल से बात करते हुए टहल रहा था। इसी बीच सड़क की ओर से पड़ने वाले छोटे गेट से बदमाशों ने उस पर फायर झोंक दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर केबल कंट्रोल रूम से दूसरे लोग बाहर निकले। तभी केबल संचालक अजय रावत भी बाहर आया और आनन-फानन में शेखर को कार में डालकर बेस अस्पताल ले गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। यूपी से सटे मार्गों की नाकेबंदी कर दी गई। यूपी बार्डर से लेकर चिलरखाल फारेस्ट चौकी बैरियर पर आने जाने वाले हर वाहन और दो पहिया वाहन की सघन चेकिंग की गई, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके। एएसपी प्रदीप राय और कोतवाल मनोज रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस ने केबल कंट्रोल रूम और आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस का मानना है कि रंजिश की वजह देहरादून से जुड़ी हुई है। हत्या को शार्प शूटर ने अंजाम दिया है।

बीसीसीआई की मान्यता के बाद अब राज्य की प्रतिभाओं को मिलेगा खेलने का मौका

आखिरकार उत्तराखंड को बीसीसीआई ने पूर्ण मान्यता दे ही दी। 19 वर्षों से बीसीसीआई की मान्यता के लिए संघर्ष किया जा रहा था। बीसीसीआई की सीओए (क्रिकेट प्रशासक समिति) ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) को प्रदेश में क्रिकेट संचालन के लिए पूर्ण मान्यता दे दी है। अब सितंबर माह से शुरू हो रहे घरेलू टूर्नामेंट में सीएयू ही क्रिकेट संचालन का जिम्मेदारी संभालेगी।

मंगलवार को दिल्ली में उत्तराखंड की मान्यता मसले पर हुई सीओए की निर्णायक बैठक में अध्यक्ष विनोद राय की मौजूदगी में सीएयू की मान्यता पर मुहर लगाई गई। विनोद राय की ओर से मंगलवार शाम को सीएयू को ई-मेल के माध्यम से मान्यता मिलने की जानकारी दी गई। इसमें बताया कि स्थानीय क्रिकेट में योगदान व ग्राउंड समेत अन्य सुविधाओं संबंधी दस्तावेजों के आधार पर सीएयू के दावे को मजबूत माना है।

सीओए ने सीएयू की मान्यता में यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) को भी शामिल किया है, क्योंकि यूसीए ने पूर्व में ही सीएयू के साथ विलय कर लिया था। सीओए ने उत्तराखंड की एसोसिएशन मान्यता मसले पर उत्तराखंड सरकार की रायशुमारी भी ली, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया गया।

पिछले 19 वर्षों से राज्य की चार क्रिकेट एसोसिएशन के बीच आपसी विवाद के चलते मान्यता पर फैसला नहीं हो पा रहा था। राज्य के कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को इसका नुकसान झेलना पड़ा। वहीं, कई प्रतिभावान खिलाड़ियों ने पलायन कर दूसरे राज्यों का रूख कर लिया। अब राज्य को पूर्ण मान्यता मिलने के बाद प्रदेश की प्रतिभाओं को बीसीसीआई की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के नाम से खेलने का मौका मिलेगा।

रक्षाबंधन पवित्रता और संकल्प का त्यौहारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को जाखन स्थित हिमालयन गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबन्धन, ईद एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश एवं हमारी संस्कृति में त्योहारों का एक अलग महत्व है। हमारे त्यौहार हमारी संवेदनाओं एवं भावनाओं से जुड़े होते हैं तथा वे हमारे रिश्तों को और भी अधिक मजबूत बनाते हैं। रक्षाबन्धन पवित्रता एवं संकल्प का त्यौहार है। हमारी भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारा प्रयास निरन्तर जारी है। महिलाओं को सशक्त किए बिना हम एक समृद्ध उत्तराखण्ड की कल्पना पूरी नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए कई मायनों में खास है। इस वर्ष हमने ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है, चाहे वह चन्द्रयान-2 का प्रक्षेपण हो या अन्तरीक्ष में सेटेलाईट स्थापित करना हो। आज हमारा देश विश्व के अग्रणी देशों में शामिल ही नही हुआ बल्कि आज दुनिया का हमारे प्रति विश्वास व भरोसा बढ़ा है। यह सब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढृढ इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संसद ने तीन तलाक बिल को पास कर हमारी मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया है। सामाजिक विषमता को समाप्त कर उन्हें अपनी लड़ाई लड़ने के लिए सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर के लोगों को समाज व देश की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। अब कश्मीर की बेटियों व गरीबों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 70 साल बाद वास्तव में अब देश एक हुआ है। अब कश्मीर के लाल चौक पर भारतीय क्षण्डा फहराया जायेगा। एक निशान एक विधान अब वहां लागू होगा। उन्होंने कहा कि अब जम्मू कश्मीर के लोगों से आम देश वासियों की निकटता बढ़ेगी।

मृतक बच्चों की आत्मशांति को किया मौन, घायलों का जाना हाल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा कंगसाली गांव पहुंचकर मैक्स दुर्घटना में एंजल इन्टरनेशनल स्कूल के मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि दी गयी तथा मृतक बच्चों एवं घायल बच्चों के परिजनों को सांत्वना दी गयी। साथ ही मृतक आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। वाहन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति मृतक एक लाख रूपये की धनराशि तथा वाहन दुर्घटना के घायलों को प्रति घायल रूपये दस हजार की धनराशि पूर्व में ही वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र द्वारा आज और एक लाख रूपये प्रति मृतक के परिजनों एवं पचास हजार रूपये प्रति घायल वितरित किये जाने हेतु चौक के रूप में जिलाधिकारी को उपलब्ध कराये गये हैं।

उन्होंने कहा कि वाहन दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है इसका सभी को बहुत दुख है। वाहन दुर्घटना की सूचना मिलते ही सरकार द्वारा अधिकारियों को दूरभाष पर घायलों के त्वरित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिये गये। घायल बच्चें शीघ्र अस्पताल पहुंच सके इस हेतु हैलीकॉप्टर की व्यवस्था की गयी। मृतक एवं घायलों के परिजनों की क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किये जाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश को शीघ्र ही 600 डॉक्टर मिलने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि प्रतापनगर क्षेत्र के लिए राज्य सरकार द्वारा एक ओर एम्बुलेंस बोट की व्यवस्था की जायेगी।

उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से सर्वाधिक प्रभावित प्रतापनगर की जनता हुई है इसे ध्यान में रखते हुए डोबरा चांठी पुल निर्माण हेतु सरकार द्वारा एकमुश्त ही रूपये 88 करोड़ दिये गये। विश्वास है कि आगामी माह फरवरी तक डोबरा चांठी पुल जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दुर्घटना के मृतक एवं घायल बच्चों के परिजनों को आश्वस्त किया कि दुर्घटना की जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा भारत सरकार से प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड में एक केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मांग की गयी है।

अकेले जीवन बिता रहे पुरुष सैनिकों को भी मिलेगी सीसीएल

केन्द्र सरकार ने अपने एक अहम फैसले में अकेले जीवन बिता रहे पुरुष सैनिकों को भी बच्चे की देखभाल के लिए मिलने वाली छुट्टी चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) देने को मंजूरी दे दी है। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों के मामले में सीसीएल प्रावधानों में भी कुछ छूट प्रदान कर दी है। वर्तमान में सीसीएल केवल रक्षा बलों में महिला अधिकारियों को ही प्रदान किया जाता है। रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के एक आदेश के अनुरूप है।
हाल में डीओपीटी ने प्रावधानों में कुछ संशोधन किए थे, ताकि असैन्य कर्मचारियों को सीसीएल दिया जा सके। इसके तहत महिला कर्मचारियों को दिया जाने वाला सीसीएल सरकारी पुरुष कर्मचारियों को भी दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीसीएल लेने के लिए पहले 40 प्रतिशत विकलांगता वाले बच्चे के मामले में 22 साल की आयु सीमा को भी हटा दिया गया है। साथ ही एक बार में सीसीएल लेने की न्यूनतम अवधि को 15 दिन के बजाय कम करके पांच दिन कर दिया गया है।
ऐसे ही लाभ रक्षा कर्मियों को प्रदान करने के एक प्रस्ताव को रक्षा मंत्री ने मंजूरी प्रदान दे दी है। इससे सिंगल (किसी भी कारण से जीवन साथी के बिना जीवन बसर करने वाले) पुरुष सैन्य कर्मी सीसीएल का लाभ उठा सकेंगे। सिंगल पुरुष सैन्य कर्मी और रक्षा बलों की महिला अधिकारी भी 40 प्रतिशत विकलांगता वाले बच्चे के मामले में सीसीएल की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे और इसके लिए बच्चे की आयु की कोई सीमा नहीं होगी।

महिला से घर में घुसकर की मारपीट फाड़े कपड़े, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में दो सगे भाइयों पर महिला के घर में घुसकर गाली गलौच, मारपीट और गलत नियत से कपड़े फाड़ने का आरोप लगा है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने सगे भाइयों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने भी शिकायतकर्ता पर नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक बीती 11 जुलाई को बनखंडी रामलीला ग्राउंड निवासी बसंती देवी पत्नी लाल बहादुर अपने कमरे में अकेली थी और उनके पति और बेटा दूसरे कमरे में थे। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि मंशा देवी निवासी राजेंद्र और राजकुमार दोनों पुत्र सत्यदेव करीब एक दर्जन लोगों को लेकर उनके घर में रात 10 बजे घुस आए थे। इसके बाद पति और बेटे को कमरे में बंद कर दिया और उनके कमरेे में घुसकर गाली गलौच की। विरोध करने पर उक्त लोगों ने मारपीट की और मेरे कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां आ गए। लोगों के आने पर सभी आरोपी भाग निकले। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों राजेंद्र और राजकुमार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

रुपयों के लेन-देन का है मामला
बसंती देवी के अनुसार लाल बहादुर ने बीते वर्ष 2018 में दोनों आरोपियों के घर पर लोहे की ग्रिल, रेलिंग और दरवाजा लगाया था। इसकी कीमत 20 हजार रुपये थी। इसके अलावा लाल बहादुर ने आरोपियों को पूर्व में 20 हजार रुपये उधार दिए थे। कुल 40 हजार राशि को जब उनके पति बार-बार मांगने लगे तो 11 जुलाई की रात को आरोपी अपने साथ दर्जनों लोगों को लेकर उनके घर आए और गालीगलौच, मारपीट कर बदनीयत से कपड़े तक फाड़ दिए।

नकली नोट रखने और चलाने के आरोप में कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा

नकली नोट रखने तथा उन्हें चलन में लाने के मामले में प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। बीते वर्ष 30 नवंबर 2018 को रायवाला स्थित एक होटल के समीप एक स्थानीय दुकानदार महेंद्र सिंह ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी कि एक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया और 200 रुपये लेकर चला गया। व्यक्ति ने सामान लेने के बदले जो 100 रुपये के दो नोट उन्हें दिए, वह नकली हैं। सूचना पाकर रायवाला पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ ही दूरी पर अजय पुत्र सूरजभान निवासी ग्राम नेहरड़ा पोस्ट व थाना जुलाना जिला जींद हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास कुल 2900 रुपये बरामद किए गए। इनमें 500 रुपये का एक नोट, जबकि 100 रुपये के 24 नोट नकली पाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नकली नोट रखने तथा उन्हें चलाने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।