भरत मंदिर का फैसला 19 एकड़ में फैले लोग नहीं होंगे बेदखल, मगर ये शर्ते होंगी लागू

श्री भरत मंदिर ने बनखंडी में बसे करीब पांच हजार लोगों को न हटाने का फैसला लिया है। मगर, इसकी एवज में कुछ औपचारिक शर्तें भी रखी है। शर्तों के मुताबिक बनखंडी में रह रहे लोगों को बसी जमीनों का आजीवन पट्टा दिया जाएगा। पट्टे की एवज में सक्षम लोग 500 रुपए वर्ग गज के हिसाब से शुल्क अदा करेंगे। इसके अलावा पट्टाधारकों को 10 रुपए सालाना शुल्क अदा करना होगा।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने लोगों से राय मशविरा करके प्रस्ताव श्री भरत मंदिर के सामने रखा। गरीबों को जमीन मुफ्त में दान का प्रस्ताव भी था, जिसे श्री भरत मंदिर की ओर से स्वीकार कर लिया गया। समझौते के बाद श्रीभरत मंदिर की ओर से हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि बनखंडी को उजाड़ने की मंशा कभी नहीं रही। यही वजह है कि रामलीला की भूमि को भी दान दे दिया गया है। प्रस्ताव पर अमल के लिए दो माह का समय दिया गया है।

यह भी फैसला किया गया है कि भरत मंदिर की 19 एकड़ जमीन पर जो लोग बस चुके है, उन्हें बेघर नहीं किया जाएगा। ट्रस्ट को जमीन बेचने का अधिकार नहीं होता, लिहाजा लोगों को जमीनों का पट्टा होगा। श्री भरत मंदिर ने यह भी साफ किया कि किसी भी निवासी पर जबरन निर्णय नहीं थोपा जाएगा। पट्टे की एवज में लोगों को 10 रुपए सालाना शुल्क देना होगा। रात करीब नौ बजे समझौता होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

इससे पहले कोर्ट के आदेशों के मुताबिक शुक्रवार को बनखंडी में बेदखली की कार्रवाई होनी थी। इन्हीं आशंकाओं और भय के चलते लोग सिफारिशों में जुटे रहे। मेयर अनिता ममगाई बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मिलीं और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। मेयर के मुताबिक मुख्यमंत्री ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। समझौते के दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सजवाण सहित शहर के गणमान्य लोग और बनखंडी निवासी उपस्थित रहे।

समझौता न मानने वालों के खिलाफ दायर होगा अलग से मामला
श्री भरत मंदिर ने यह भी फैसला लिया है कि जो लोग मालिकाना हक के फैसले को नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ अलग से मामला दायर किया जाएगा। इसी के तहत बृहस्पतिवार को कोर्ट में भरत मंदिर की ओर से बनखंडीवासियों को बेदखल न करने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा। कोर्ट से अनुमति भी मांगी जाएगी कि जो लोग समझौते के दायरे में नहीं आ रहे है, उनके खिलाफ नए सिरे से मुकदमा दायर करने की मंजूरी दी जाए। समझौता वार्ता के दौरान कई लोगों ने सवाल उठाया कि जो लोग अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, भविष्य में उन्हें क्या दिक्कतें हो सकती हैं। इस पर भरत मंदिर की ओर से हर्षवर्धन शर्मा ने बताया कि यदि कोई निवासी अपना घर या भूूखंड भविष्य में बेचना चाहता है तो उसे ट्रस्ट की ओर से एनओसी की कोई जरूरत नहीं होगी। अलबत्ता, बेची गई जमीन पर सालाना शुल्क 10 रुपए की बजाए 20 रुपए देय होगा।

दो बच्चे पैदा होने पर उचित समयान्तर के लिए जागरूकता अभियान जरूरी

मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार स्मृति जुबिन ईरानी ने अधिकारियों के साथ महिला सशक्तिकरण, बाल विकास तथा तथा पोषण अभियान के संबंध में बैठक ली।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि पोषण योजना, आगंनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था व टॉयलेट की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को उचित पौष्टाहार प्राप्त हो, जिससे वे सामान्य श्रेणी में आ सके। पौष्टिक आहार के लिए कलेण्डर बनाया जाय व इसे जनप्रतिनिधियों के साथ शेयर किया जाये। एनीमिया को रोकने के लिए टी-3 रणनीति पर ध्यान दिये जाने पर जोर दिया गया। दो बच्चों के पैदा होने के उचित समयान्तर हो इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास सही हो।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात कम है अधिकारी ऐसे जनपदों का भ्रमण कर और बैठक कर लिंगानुपात कम होने के कारणों का पता लगायें। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य व जिला स्तरीय समितियों की बैठक समय-समय पर आयोजित की जाय।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में चार वन स्टॉप स्टॉप सेंटर बन चुके हैं, शेष 09 सेंटर भी 15 अगस्त से पूर्व शुरू किये जायेंगे। स्पान्सर स्कीम के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वार्षिक आय की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया। स्वधार गृह योजना के तहत मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को आच्छादित करने का भी अनुरोध किया गया।

राज्य के 208 लोगों को मुख्यमंत्री ने सौंपे 148.85 मेगावाट की परियोजना के आवंटन पत्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में राज्य के 208 स्थानीय उद्यमियों को 600 करोड़ की 148.85 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के आंवटन पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही 200 करोड़ की 52 मेगावाट की अन्य परियोजनायें भी स्थानीय विकासकर्ताओं को आवंटित की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल है। इस प्रकार वे हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले भी बने हैं, उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से प्रति उद्यमी को औसतन 66.5 लाख की वार्षिक आय होगी, जबकि लगभग 850 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह देखा गया था। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिये इन्वेस्टर्स समिट से पूर्व एक माह में 5 कैबिनेट बैठकें आयोजित कर 5 नीतियों में संशोधन के साथ ही 10 उद्योगों के अनुकूल नीतियाँ बनायी गई, जिसके सार्थक परिणाम आने लगे हैं। इसके तहत अब तक राज्य में लगभग 16,000 करोड़ से अधिक निवेश प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा के विकास से हम राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। अभी राज्य को 1000 करोड़ की बिजली क्रय करनी पड़ रही है। राज्य में पिरूल से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इस दिशा में 21 विकासकर्ताओं को योजनायें आवंटित की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी को भी सुखद बताया है। उनका कहना है कि हमारी शिक्षित महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना राज्य व समाज के हित में है। राज्य की महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में हो इसके प्रयास किये जा रहे हैं।

आवंटित की गई सौर ऊर्जा परियोजनाओं के सम्बन्ध में सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा नीति को संशोधित कर 05 मेगावॉट क्षमता के सोलर पावर प्लान्ट्स की स्थापना, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में प्रदेश के मूलध्स्थायी निवासियों हेतु ही आरक्षित कर दी गयी थी। साथ ही पारम्परिक एवं नवीकरणीय तरीकों से ऊर्जा उत्पादन को उद्योग की श्रेणी में सम्मिलित करते हुये, इन परियोजनाओं के लिये उत्तराखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की श्रेणी में सम्मिलित करते हुये इन परियोजनाओं के लिये उत्तराखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नीति-2015 में प्रदत्त समस्त सुविधाएं भी अनुमन्य की गयी थी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत आमंत्रित निविदा के सापेक्ष उक्त 208 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है।

इस अवसर पर जिन उद्यमियों को परियोजना आवंटन पत्र वितरित किये गये उनमें सीमा कौशिक पेटवाल, स्वपनिल जोशी, प्रियंका चौहान, पारूल गोयल, नीलम रावत, नीता कुमारी, स्वाति गुप्ता, विक्रम सिंह, महेश चन्द्र काण्डपाल, बसन्त बल्लभ कोठियाल, कैलाश चन्द्र भट्ट, जयराज सिंह परमार, प्रशान्त गंगवार सहित अन्य लोग शामिल रहे।

भारत की तीनों सेंनाएं आज हर मोर्चें पर अग्रिम स्थिति मेंः त्रिवेन्द्र

शौर्य दिवस के अवसर देहरादून के गांधी पार्क में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कारगिल शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे जवानों ने हमेशा अदम्य साहस का परिचय दिया। उत्तराखण्ड के जवानों ने देश की रक्षा के लिए सभी युद्धों में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भारत की थल सेना, वायु सेना व नौसेना आज हर मोर्चे पर अग्रिम स्थिति में है। देश को सुरक्षित रखने के लिए शास्त्रों का ज्ञान होना चाहिए वहीं देश की सीमाएं सुरक्षित रखने के लिए शस्त्रों से भी मजबूत होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सैनिकों व पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर अपर मुख्य सचिव नोडल आफिसर होंगे। सैनिकों के लिए सचिवालय प्रवेश हेतु उनका सेना का पहचान पत्र मान्य होगा। उन्हें सचिवालय प्रवेश हेतु अलग से लाईन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। प्रत्येक जनपद में सैनिकों व पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाईन नम्बर 1905 पर कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो तब तक शिकायत का निस्तारण नहीं माना जायेगा। सीएम हेल्पलाईन नम्बर की प्रत्येक माह मुख्य सचिव समीक्षा करते हैं। समय-समय पर मुख्यमंत्री स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड में सैन्य धाम को पांचवें धाम की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक विशाल एवं भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इस शौर्य स्थल में देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने वाले सैनिकों का नाम होगा। यह शौर्य स्थल आधुनिक होगा व यहां पर अनेक प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शौर्य स्थल के लिए देहरादून में भूमि चिन्हित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों व पूर्व सैनिकों को हर संभव मदद करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पदक विजेता सैन्य अधिकारियों, सैनिकों, सैनिकों के परिवारजनों व वीरनारियों को सम्मानित भी किया।

गन प्वाइंट पर चेन लुटने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक हुआ फरार

बीती 15 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े पिस्तौल की नोक पर चेन लुटने वालों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घटना में शामिल एक अन्य आरोपी को पुलिस पकड़ने में नाकाम रही। पुलिस का दावा है कि दोनों लुटेरे दिल्ली के कोबरा गैंग के है, इनके कब्जे से पुलिस ने छह सोने की चौन, दो दोपहिया वाहन सहित दो तमंचे भी बरामद किए है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि बीती 15 जुलाई को आरपीएस स्कूल बालाजी बगीचे के समीप से एक महिला से बाइक सवार दो बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर सोने की चेन लूट ली थी। इसी तरह ऋषिलोक कॉलोनी स्थित बालाजी बगीचे के समीप से भी एक छात्रा से पिस्तौल की नोक पर सोने की चेन लूट कर बाइक सवार दोनों बदमाश फरार हो गए थे। कोतवाल ने बताया कि दोनों की मामले गंभीर पाते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान को तीर्थनगरी तथा आसपास क्षेत्र के करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसके आधार पर तीन आरोपियों की पुष्टि हुई। इनमें से दो आरोपियों को रूड़की कलियर से गिरफ्तार किया गया है।

कोतवाल ने आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद लिंटोन उर्फ हंसमुख पुत्र मोहम्मद शमीम निवासी ग्राम मकुवा, पोस्ट मोईरापुर, थाना मुरारोई, जिला बीरभम पश्चिम बंगाल हाल निवासी शमशाद का किराएदार, नेहरूल बस्ती, मिंटो रोड, थाना आईपी एस्टेट नई दिल्ली तथा 24 वर्षीय मोहम्मद अनवर उर्फ बिहारी पुत्र मोहम्मद कलीम निवासी महाराणा प्रताप चौक, जिला सहरसा, बिहार हाल निवासी किराएदार समसुदीन निवासी गली नंबर जीरो, अली मस्जिद के बराबर में, वजीराबाद, थाना तिमारपुर, नई दिल्ली के रूप में कराई। कोतवाल ने बताया कि घटना में शामिल तीसरा आरोपी मोहम्मद अरशद पुत्र जाकिर अहमद निवासी मकान नंबर 69, गली नंबर दो वजीराबाद, दिल्ली फरार चल रहा है। कोतवाल ने बताया कि दोनों आरोपी दिल्ली के प्रसिद्घ कोबरा गैंग के सदस्य है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो दुपहिया वाहन, छह सोने की चेन, दो तमंचे भी बरामद किए है।

लूटी गई चेन को बेचने रूड़की कलियार आ रहे थे आरोपी
कोतवाल ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि चौन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी सामान बेचने कलियर क्षेत्र (निकट रुड़की) में आ रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस टीम ने तय स्थान से पहले मेवड़ पुल के पास जाकर चेकिंग अभियान चलाया गया, तो रुड़की की ओर से कलियर आने वाले रास्ते पर बिना नंबर की मोटर साइकिल व जूपिटर स्कूटी को रूकने का इशारा किया। इसी दौरान दो वाहन चालक गाड़ी मोड़ कर भागने लगे तथा हड़बड़ाहट में वहीं गिर गए। इस पर टीम ने दोनों को मौके से पकड़ लिया, जबकि एक अन्य भागने में सफल रहा।

दोनों की आरोपियों का है आपराधिक रिकॉर्ड
कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोपी लिंटोन उर्फ हंसमुख वर्ष 2012 में दिल्ली से चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2016 में थाना दरियागंज नई दिल्ली से दस लाख रुपए की लूट, वर्ष 2017 में दिल्ली रेलवे स्टेशन से पाँच लाख रुपये की लूट में जेल जा चुका है। वहीं, दूसरा आरोपी अनवर उर्फ बिहारी भी वर्ष 2016 में जयपुर (राजस्थान) से
चांदी के व्यापारी से रुपये बीस लाख रुपए लूटने के आरोप में जेल की हवा खा चुका है।

अपराध करने का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना करने से पूर्व वह अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट निकाल देते हैं। यदि कहीं चेकिंग होती है, तो अपने गाड़ियों में फर्जी नंबर प्लेट लगा देते हैं। पूछताछ में बताया कि घटना के दौरान स्कूटी की डिग्गी में वह एक जोड़ी कपड़े रखते हैं तथा घटना के बाद पहचान छुपाने को कपड़े बदल लेते है।

कबाड़ से नहीं चला खर्चा तो कर डाली चोरी
पूछताछ में आरोपी मौहम्मद लिटोन उर्फ हसमुख ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2008 में पश्चिम बंगाल से कबाड़ी का काम करने दिल्ली आया था। यहां एक वर्ष कबाड़ी का काम करने के बाद नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय का काम किया। जब खर्चा नहीं चला तो मैने नौकरी छोड़कर चोरी करनी शुरू कर दी तथा दिल्ली में कई स्थानों पर चोरी व लूट की घटना की करीब एक माह उसकी मुलाकात मौहम्मद अनवर उर्फ बिहारी व अरशद से हुई थी। वह भी पूर्व में लूट और चोरी की घटना में जेल जा चुके हैं।

फोन में हासिल की खाते की डिटेल, निकाले सवा लाख

स्वयं को बैंक का कर्मचारी बताकर फोन में ही खाते संबंधी सारी डिटेल पता कर सवा लाख रूपए ठगने का मामला प्रकाश में आया है। महिला के खाते से सात चरणों में रूपए निकाले गए है। महिला जब बैंक पहुंची तो बैंक अधिकारी इसे बैंक की कोई गलती न होना बताकर महिला की ही गलती निकाल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार मंशा देवी गुमानीवाला निवासी संजना बिष्ट पत्नी राकेश सिंह बिष्ट का आईडीपीएल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। बीती 13 जुलाई को महिला अपने बेटे की दवाई लेने ऋषिकेश बाजार पहुंची थी। मगर, दवाई लेने के लिए रुपए की कमी पड़ी तो त्रिवेणी घाट स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम बूथ का प्रयोग कर तीन हजार रुपए निकालने का प्रयास किया। मगर, रुपए एटीएम बूथ से नहीं निकले और खाते से तीन हजार रुपए निकलने का संदेश आ गया। इसकी शिकायत महिला ने 15 जुलाई को संबंधित बैंक को दी। इसके अलावा महिला ने टोल फ्री नंबर 18001802222 पर भी शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद 17 जुलाई को महिला के खाते में तीन हजार रुपए आ गए।

हर गतिविधि पर ठग रख रहे थे नजर
पीड़ित महिला को 21 जुलाई की दोपहर 12 बजे 6289930758 नंबर सेफोन आया। कॉलर ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताया और तीन हजार रुपए उसकेखाते में डाल दिए जाने की जानकारी दी। कॉलर ने महिला को अपनी शिकायत वापस लेने की सलाह भी दी। इसके साथ ही खाता संबंधी अन्य जानकारी झांसा देकरजुटा ली। महिला ने अनजान व्यक्ति को बैंक कर्मी समझ खाता संबंधी सभी जानकारी दे डाली। सारी जानकारी हासिल करने के बाद कॉलर ने फोन काट दिया। कुछ ही देर बाद महिला मोबाइल पर धड़ाधड़ पैसे निकासी के मैसेज आने शुरू हो गए। वहीं, महिला का रो-रो कर बुरा हाल है।

अधिकारी का तर्क
इसमें बैंक की किसी भी प्रकार की गलती नहीं है। महिला के साथ ठगी हुई है, महिला को सुझाव दिया गया है कि वह ठगी मामले में एफआईआर दर्ज कराएं।
– एपी कुड़ियाल, बैंक मैनेजर पीएनबी आईडीपीएल शाखा।

बेनामी संपत्तियों पर जल्द कानून लाने की तैयारी

राज्य सरकार जल्द ही बेनामी सम्पति का कानून लाएगी। बेनामी सम्पति को जब्त करने के लिए कठोर कानून बनाया जायेगा ताकि प्रदेश में कोई भी भ्रष्टाचारी पनप न सके। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को बालावाला स्थित एक स्थानीय फार्म में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि राज्य में जल्दी ही बेनामी सम्पत्ति पर कानून लाकर सभी बेनामी सम्पत्तियों को जब्त किया जाएगा। जब्त बेनामी सम्पत्ति का उपयोग स्कूल, अस्पताल आदि जनहित कार्यों में किया जाएगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2006 में केंद्र सरकार ने बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन एक्ट बनाया था जिसके द्वारा बेनामी लेनदेन एक्ट, 1988 में संशोधन कर इसे और मजबूत बनाया गया। एक्ट के तहत बेनामी लेनदेन पर रोक है और बेनामी संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सबको मिलकर लङना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्ट्राचार के विरूद्ध हम सब को धर्मयुद्ध की तरह लड़ना होगा। किसी भ्रष्टाचारी को बर्दाश्त नही किया जाएगा चाहे वह कोई भी हो। हमने हमेशा प्रयत्न किया है कि हमारी सरकार अपनी संस्कृति को बढ़ाने वाली, विकास के लिए काम करने वाली तथा भ्रष्ट्राचार मुक्त सरकार हो। आज इस दिशा में हम काफी मजबूती से कार्य कर रहे है, आज हम पूर्ण विश्वास से यह कह सकते हैं कि हमारी सरकार पूर्ण भ्रष्ट्राचार मुक्त है। हमने भ्रष्ट्राचार को मिटाने हेतु कई कदम उठाये हैं। भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। हमने संकल्प लिया है कि हम हर क्षेत्र में भेदभाव रहित तथा भ्रष्ट्राचार मुक्त विकास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अनेक प्रोजेक्ट के रिवाईज एस्टीमेट बनवाकर करोङो रूपए बचाए।

’डेस्टिनेशन उत्तराखंड के केवल 10 माह में 16 हजार करोड़ का निवेश’
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के मात्र 10 माह में 16 हजार करोड़ रूपए का निवेश आ चुका है। इससे 40 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। राज्य बनने के 17 साल मे 40 हजार करोड़ का निवेश हुआ।वह भी तब जबकि औद्योगिक पैकेज में टैक्स छूट सहित तमाम तरह की सहूलियत दी गई, जबकि हमारी सरकार ने पहली बार डेस्टिनेशन उत्तराखंड का आयोजन किया। नई नीतियां बनाई गई। इसका परिणाम यह हुआ कि केवल 10 माह में 16 हजार करोड़ का निवेश आ चुका है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिये हैं जिनमें पलायन रोकने, रोजगार उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि डोईवाला विधान सभा क्षेत्र में हमने अल्प समय में ही सीपैट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेण्टर, हर्रावाला में जच्चा-बच्चा, कैंसर मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल का शिलान्यास किया है जिसका आने वाले समय में इस क्षेत्र के साथ ही पूरे प्रदेश को लाभ मिलेगा।

सीएम बोले, पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के हो रहे प्रयास

मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों व संस्थानों के दायित्वधारियों की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार की ओर से की गई पहल को धरातल पर लाने में सभी को सहयोगी बनना होगा। सरकार की ओर से जनहित के लिये जो कार्यक्रम व लक्ष्य तय किये हैं उनका लाभ आम जनता तक पहुंचे इसके लिये हमें समेकित प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के साथ ही आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिये कारगर प्रयास किये जा रहे हैं, इसके लिये पर्यटन के क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर इसे आर्थिकी का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन, वेलनेस योगा व छोटे-छोटे कुटी उद्योगों से राज्य की आय में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। आज हमारी प्रति व्यक्ति आय 1.90 लाख है, जो राष्ट्रीय औसत 1.30 लाख से अधिक है। पर्वतीय क्षेत्रों के पिछडेपन को दूर करने के लिये जिलों में भी प्रति व्यक्ति आये को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि पूरे राज्य में विकास को गति मिल सके।

– छोटे किसानों को एक लाख तथा समूहों को 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वरोजगार के प्रति अधिक से अधिक लोग प्रेरित हों इसके लिए एग्रोबेस उद्योगों व आजीविका मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

– राज्य की महिलायें विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं में भागीदारी निभा रही हैं। इस वर्ष महिलाओं ने केदारनाथ में 2 करोड़ का प्रसाद बिक्री किया। भोजन व्यवसाय में भी वे आगे आ रही हैं। ग्राम लाइट योजना भी महिला समूहों की आर्थिकी को मजबूत कर रही है।

– स्थानीय लोगों को विभिन्न कार्यों के ठेके के साथ ही छोटी ऊर्जा योजनायें आवंटित की गई हैं। कीड़ा जड़ी एवं नशामुक्त हेम्प की खेती के लाइसेंस दिये जा रहे हैं। इससे बंजर भूमि भी उपजाऊ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच बद्री, पांच केदार, पांच प्रयाग यात्रा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्रों में 600 करोड़ के सोलर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों को आवंटित किये गये हैं। पहाड़ों के अनुकूल उद्योगों की भी स्थापना की जा रही है। इससे उन क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ ही पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

नेगी दा ने कहा, हिलटाॅप से किसानों को मिलेगा रोजगार

सरकार के लिए राहत की खबर है। हिलटाॅप शराब पर राज्य सरकार को अब लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी का साथ मिल गया है। नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा है कि जब राज्य में शराब की बिक्री और खपत बहुत ज्यादा है तो शराब की फैक्ट्री पर बैन क्यों लगना चाहिए? इस बयान के बाद राजनीतिक अर्थ निकाले जाने लगे है। सरकार के समर्थन में बयान देने के बाद सरकार के फैसले और बुलंद होने का अनुमान लगाए जाने लगे है।
दरअसल, आज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी के आवास पर पहंुचे। उन्होंने श्री नेगी को साहित्य अकादमी के द्वारा सर्वोच्च सम्मान दिये जाने के लिए नामित होने पर बधाई दी। इसके बाद कुछ पत्रकारों ने श्री नेगी से सवाल किए। जिसमें उन्होंने हिलटाॅप शराब की फैक्ट्री पर उनकी राय जानी। जिस पर लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्या आपको पता है कि हमारे यहां शराब की खपत और बिक्री कितनी बढ़ गई है। ऐसे में हम बाहरी राज्यों से शराब मगांकर पी रहे है। या तो सरकार शराब पर पूर्ण पांबदी लगा दे। नही तो शराब फैक्ट्री लगाने का विरोध नही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में शराब बनेगी तो किसानों और काश्तकारों को भी फायदा पहुंचेगा। माल्टा और अन्य पहाड़ी उत्पादों को अच्छा दाम मिलेगा। सरकार राजस्व भी कमायेगी और राज्य की शराब राज्य में ही बिकेगी। उन्होंने अप्रत्यक्ष कहा कि ऐसे में शराब का गुण कम से कम रोजगार देने के काम तो आयेगा। वरना सभी जानते है कि शराब स्वास्थ के लिए हानिकारक है।
इस बयान के बाद नेगी दा के लिए आम लोगों की सोच कितनी बदलती है। यह तो समय ही बतायेगा। लेकिन अपनी स्पष्ट बात रखकर श्री नेगी ने सरकार को अप्रत्यक्ष रुप से बड़ी राहत दे दी है। कुछ लोग श्री नेगी के बयान को सही भी ठहरा रहे है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड केवल शराब का कंज्यूमर ही बन गया है। ऐसे में शराब से रोजगार और राजस्व बढ़ता है तो दिक्कत कहां है। या तो सरकार शराब राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगा दे। नही तो शराब पर राजनीति नही होनी चाहिए।

आप भी सुनिए श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने क्या कहा…

प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ हजार भर्ती वाला कोस्टगार्ड भर्ती सेंटर का हुआ शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को कुंआवाला (हर्रावाला) में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। इस भर्ती केन्द्र के लिए भारत सरकार से 17 करोड़ रूपये भूमि के लिए व 25 करोड़ रूपये भवन निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इस भर्ती केन्द्र के लिए पूरा खर्चा भारत सरकार वहन करेगी। यह भर्ती केन्द्र ड़ेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जायेगा। यह भर्ती केन्द्र केन्द्र चार राज्यों उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश और हरियाणा के लिए बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में कोस्टगार्ड भर्ती केन्द्र खुलने से प्रदेश के युवाओं को कोस्टगार्ड में रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। थलसेना, वायुसेना व नौसेना के भर्ती केन्द्र उत्तराखण्ड में पहले से ही हैं। कोस्टगार्ड भर्ती केन्द्र खुलने से राज्य के युवाओं को तटरक्षक बल में करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह रैबार कार्यक्रम का प्रतिफल है कि उत्तराखण्ड में कोस्टगार्ड का भर्ती सेंटर खुलने जा रहा है, जबकि देहरादून में देश का पहला ड्रोन एप्लिकेशन रिसर्च सेंटर खुल चुका है। उत्तराखण्ड में पांचवे धाम के रूप में सैन्यधाम को विकसित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में जल्द ही भव्य शौर्य स्थल (सैन्यधाम) बनाया जायेगा। इसके लिए देहरादून में 70 बीघा जमीन का चयन कर लिया गया है। यह शौर्य स्थल सबके लिए प्रेरणा का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रानीपोखरी में नेशनल लॉ युनिवर्सिटी बन रही है। इससे प्रदेश के युवाओं को विधि की पढ़ाई के साथ-साथ कानून के क्षेत्र में कार्य करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। राज्य में अधिक से अधिक पर्यटक आयें इसके लिए हवाई सेवाओं को विस्तार दिया जा रहा है। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर हैं। देश का 23वां सीपैट संस्थान डोईवाला में खोला गया है। सीपैट एक ऐसा संस्थान हैं, जिसमें कोर्स करने से रोजगार की बहुत प्रबल संभावनाएं हैं। इसमें जल्द ही डिप्लोमा व डिग्री कोर्स भी शुरू किये जायेंगे।

महानिदेशक कोस्टगार्ड राजेन्द्र सिंह ने कहा कि गत वर्ष मुख्यमंत्री आवास में रैबार कार्यक्रम में प्रदेश की बड़ी हस्तियों का जो मंथन हुआ। उसके सुखद परिणाम आज हम सबके सामने हैं। डीजी कोस्टगार्ड ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का वासी होने के नाते मेरे मन में उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए कुछ करने की तमन्ना थी। उत्तराखण्ड में कोस्टगार्ड का भर्ती सेंटर हो यह मुख्यमंत्री का ख्वाब था और मेरी ख्वाईश थी जिसका परिणाम है कि आज मंजिल हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि यह भर्ती केन्द्र लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जायेगा। कोस्टगार्ड द्वारा एसडीआरएफ को आपदा से बचाव राहत कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत की कोस्टगार्ड विश्व की चौथी सबसे बड़ी कोस्टगार्ड है। काम के मामले में आज भी सबसे आगे है। उन्होंने इस भर्ती केन्द्र के लिए अपेक्षित भूमि आवंटन करने पर मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।