एक ही प्रापर्टी से लिया तीन अलग बैंको से कर्ज

आरटीआई से नैनताल में सरकारी पैसों को बंदरबाट की खबर सामने आई है। दरअसल राजस्व विभाग के पटवारी व कुछ किसानों की आपसी मिलीभगत के चलते बैंक से भारी मात्रा में कर्ज लिया गया। जबकि बैंक में दिखाये गये जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों में फेरबदल किया गया है।

आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि देवीदत्त नाम के एक मृत व्यक्ति के नाम से भी बैंकों से ऋण लिया गया है और दो बैंकों से मृतक देवी दत्त के नाम से किसान मृतक बीमा क्लेम भी ले लिया गया।

आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर बड़ौदा बैंक, द नैनीताल बैंक और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी, लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस पूरे मामले पर कुमाऊं के कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए पूरे घोटाले की जांच करने की बात कही है, उनके मुताबिक जिलाधिकारी से मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिंदगी और मौत के बीच जवान दीपक ने ली अंतिम सांस

गढ़वाल राइफल्स में तैनात दीपक नैनवाल की यूनिट को दस अप्रैल को सूचना मिली कि कुलगाम के वनपोह इलाके में आतंकवादी छिपे है। आतंकियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त फायरिंग हुयी। इस दौरान दीपक नैनवाल के सीने में दो गोलियां लगी। हालांकि सेना की टुकड़ी ने दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। जिंदगी और मौत के बीच जूझते आखिरकार दीपक नैनवाल ने रविवार को दम तोड़ दिया। जवान की मौत की सूचना पाकर क्षेत्र व परिवार में शोक फैल गया।

जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लॉक के कांचुला गांव निवासी दीपक नैनवाल का परिवार दून के हर्रावाला में रहता है। पिछले माह 10 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकवादियों के बीच चली लंबी मुठभेड़ के दौरान दीपक बुरी तरह घायल हो गए थे। दीपक का इलाज पहले दिल्ली के सैन्य अस्पताल में किया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे दीपक के शरीर से दो गोलियां बमुश्किल ऑपरेशन कर निकाली गईं, लेकिन तीसरी गोली हड्डी में फंसने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया, जिससे दीपक की हालत बिगड़ती गई।

उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। बाद में उन्हें पुणे के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। पिछले एक सप्ताह से उन्होंने कुछ खाना-पीना भी बंद कर दिया था। रविवार सुबह हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नायक दीपक नैनवाल की शहादत को सलाम करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को प्रदेश व देश का गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी।

हिंदू युवक को खून देकर आतिफ ने निभाया मानवता का धर्म

मजहब के नाम पर इंसान और इंसानियत को अलग-थलग करने वालों को दून के आरिफ खान ने सबक सिखाया है। उन्होंने न सिर्फ खून देकर एक हिंदू युवक की जान बचाई; बल्कि मानवता का परिचय दिया हे।

दरअसल, मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय बिजल्वाण (20 वर्ष) की हालत बेहद गंभीर है और आइसीयू में है। लीवर में संक्रमण से ग्रसित अजय की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। चिकित्सकों ने पिता खीमानंद बिजल्वाण से कहा कि अगर ए-पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो जान को खतरा हो सकता है। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला।

इसके बाद खीमानंद के परिचितों ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद मांगी। जब सहस्रधारा रोड (नालापानी चौक) निवासी नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली तो उन्होंने अजय के पिता को फोन किया। कहा कि उनके रोजे चल रहे हैं, अगर चिकित्सकों को कोई दिक्कत नहीं है तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। चिकित्सकों ने कहा कि खून देने से पहले कुछ खाना पड़ेगा, यानी रोजा तोड़ना पड़ेगा।

आरिफ खान ने जरा भी देर नहीं की और अस्पताल पहुंच गए। उनके खून देने के बाद चार लोग और भी पहुंचे। आरिफ खान ने बताया कि श्अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म को ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकता है, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं।

उनका कहना है कि रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का बड़ा महत्व है। मेरा मानना है कि अगर हम भूखे रहकर रोजा रखते हैं और जरूरतमंद की मदद नहीं करते तो अल्लाह कभी खुश नहीं होंगे। मेरे लिए तो यह सौभाग्य की बात है कि मैं किसी के काम आ सका।

मदरसों में शामिल हो रहा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम

इस सत्र से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू हो रहा है। इसमें संस्कृत व अन्य विषय भी बच्चों को पढ़ने को मिल सकेंगे।

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार अहमद अखलाक अंसारी ने बताया कि सत्र 2018-19 से मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होने जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय को पत्र भी भेजा जा चुका है। बताया कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में मदरसों में भी राजकीय विद्यालयों की तरह विषय और सिलेबस शामिल होगा।

महत्वपूर्ण ये है कि अब मदरसों में संस्कृत, कंप्यूटर व शारीरिक शिक्षा का विषय भी शामिल किया जा रहा है। ये विषय मदरसा छात्रों के सर्वागीण विकास में मुख्य भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्र स्वेच्छा से किसी भी विषय को चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे।

अब झूला पुल पर ली सेल्फी, तो खैर नहीं

सैल्फीे के शौकीन अब झूला पुलों पर सेल्फी नहीं ले पाएंगे। अक्सर देश-विदेश से आये पर्यटक रामझूला व लक्ष्मणझूला पुल पर सेल्फी लेते नजर आते हैं और इनके सेल्फी लेने के चक्कर में झूला पुल पर जाम लग जाता हैर्। िस्थति यह हो जाती है कि पुलिस के न होने से जाम खुलवाना मुश्किल हो जाता है। मगर, अब पुलिस इसकी निगरानी करेगी और पकड़े जाने पर कार्यवाही करेगी।

बाहर से जो भी पर्यटक लक्ष्मणझूला और राम झूला पहुंचते है। तो वह पुल के बीच में और दोनों तरफ फोटोग्राफी करते है। सेल्फी लेते है। कैमरे में व्यस्त ऐसे लोग सामने वाले से भी टकराते है। पुल पर पैदल यातायात बाधित होता है।

एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी ने इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए दोनों पुलों पर सेल्फी और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। थानाध्यक्ष लक्ष्णमझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि दोनों पुलों पर जगह-जगह पर्यटकों को सूचित करने के लिए फ्लैक्स लगा दिए गए है। पुलिस कर्मी ऐसे लोगों पर नजर रखेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी ऐसे लोगों की मॉनटरिंग की जा रही है। आदेश न मानने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

सीडीएस परीक्षा में उत्तराखंड के विवेेक ने किया टॉप

उत्तराखंड कुमाऊ मंडल के पिथौरागढ़ जिले के एक युवा में देश की प्रतिष्ठित सीडीएस की परीक्षा में अव्वलता हासिल की है। पिथौरागढ़ के लेलू गांव निवासी विवेक थरकोटी की कंबाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा में सफलता हासिल करने पर गांव में खुशी का माहौल है। सभी अपने बच्चों को विवेक से प्रेरणा लेने को कह रहे है।

जिला मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूर लेलू गांव के रहने वाले विवेक थरकोटी ने इस वर्ष सीडीएस की परीक्षा में देश में अव्वलता हासिल की है। विवेक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वड्डा कस्बे के विश्व भारती पब्लिक स्कूल से हासिल की। बचपन से मेधावी विवेक ने एशियन एकेडमी स्कूल से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद घोड़ाखाल सैनिक स्कूल में आगे की पढ़ाई की।

इंटरमीडिएट की पढ़ाई घोड़ाखाल से करने के बाद पिथौरागढ़ महाविद्यालय से बीएससी और एमए किया। इसके बाद विवेक थरकोटी ने सीडीएस परीक्षा में सफलता हासिल की। विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय बैंक कर्मी पिता श्याम सिंह थरकोटी और शिक्षिका माता निर्मला थरकोटी सहित गुरूओं को दिया है। बता दें कि विवेक साहसिक खेलों में रूचि रखते है। स्कीइंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों में रुचि रखने वाले विवेक ने नौवीं कक्षा के बाद ही सेना ज्वाइन करने का लक्ष्य तय कर लिया था और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित की।

राज्य में आने वाले श्रद्धालु अच्छी छवि लेकर जायेंः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड पयर्टन राज्य है। यहां आने वाले श्रद्धालु राज्य की अच्छी छवि लेकर वापस जाये। शहरी क्षेत्रों की जनता की प्राथमिकता स्वच्छता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिये। सभी प्रयासों का परिणाम क्या निकला, इस पर बात होनी चाहिये। जनता को परिणाम से सरोकार होता है।

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिये निर्धारित गतिविधियों में शीर्ष चार-पांच गतिविधियां चिन्हित कर उन पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्मार्ट सिटी के लिये पूर्व निर्धारित क्षेत्रफल में कुछ वृद्धि करने पडे तो उसका भी प्रस्ताव बनायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत तार, पेयजल लाईन, सीवर, टेलीफोन आदि हेतु सड़कों की खुदाई कर दी जाती है। इसको रोकने के लिये सभी मुख्य मार्गों पर परमानेंट डक्ट बनाने पर विचार किया जाय। इस डक्ट में समय-समय पर आवश्यकतानुसार तारें-लाइनें डाली जा सकती हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श करने के निर्देश भी दिये।   
    
 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे चार पहिया वाहनों के स्थानों पर दो पहिया वाहनों के द्वारा भीडभाड वालों इलाकों में जाकर स्वच्छता, ट्रैफ़िक आदि का हाल जाने। मुख्यमंत्री ने मार्च 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु एक लाख 4971 लाभार्थियों को आवास अनुमन्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को घर देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि यदि दिशा में मौजूदा आवास नीति में कोई प्रावधान आड़े आ रहे हो तो नीति में संसोधन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी तथा सभी जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की मीटिंग में इस तथ्य को को उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा निरस्त किये गये आवदनों की रैण्डम जांच जिलाधिकारियों स्वयं करें।

राज्य सरकार ने सृजित किये रोजगार के नये मौके

उत्तराखंड को पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। उन्होंने सैकड़ो रोजगार देने के लिये वीर चंद्र सिंह गंढ़वाली योजना का दायरा बढ़ाकर क्याकिंग, टेरेनबाइकिंग, कैरावेन, एग्लिंग, स्टार गेसिंग, बर्ड वॉचिंग, आदि गतिविधियों को जोड़ा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को कोटी कॉलोनी क्षेत्र में टिहरी झील में तैरती बोट पर बैठक हुई। बैठक में 13 बिंदु रखे गए। लेकिन थराली उपचुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते जोशीमठ क्षेत्र से जुड़े एक बिंदु को स्थगित कर दिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग) पॉलिसी में संशोधन कर पर्यटन से जुड़ी कई गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया। अब कायाकल्प रिजॉर्ट, आयुर्वेद, योग, पंचकर्मा, बंजी जंपिंग, जॉय राइडिंग, सर्फिंग, कैंपिंग, राफ्टिंग जैसे उद्यम एमएसएमई नीति के तहत आएंगे। इस क्षेत्र में आने वाले उद्यमियों को उक्त नीति के तहत तमाम सुविधाएं मिलेंगी।

मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्टियल पॉलिसी के तहत आयुष और वेलनेस को लाया गया है। इससे होटल, रिजॉर्ट, क्याकिंग, सी प्लेन उद्योग, आयुर्वेद, योग जैसी 22 गतिविधियां को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के लिए आने वाले उद्यमों को सरकार की ओर से कई लाभ मिलेंगे।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में 11 नई गतिविधियों के लिए उपकरणों की खरीद के लिए सहायता दी जाएगी। काबीना मंत्री कौशिक ने बताया कि चालू वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन और रोजगार को आपस में जोड़कर राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

गिरफ्तारी देकर एम्स में भ्रष्टाचार व मनमानी के खिलाफ की जांच की मांग

पिछले कई माह से एम्स प्रशासन ऋषिकेश के विरोध में उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना व क्रमिक अनशन चल रहा है। मंच ने एम्स में भ्रष्टाचार व नौकरियों में बाहरी लोगों को वरियता के साथ अनियमितता का आरोप लगाया है और इन्हीं मांगों को लेकर वह कई माह से धरना व क्रमिक अनशन कर रहे है। बुधवार को मंच के कार्यकर्ताओं ने बहुल्य संख्या में तहसील पहुंच कर उप जिलाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी गिरफ्तारी दी। हालांकि बाद में उन्हें निजी मुचलके भरने के बाद रिहा कर दिया गया।

उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने एम्स प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन कर कहा कि एम्स में संविदा व आउटसोर्सिग के माध्यम से की जा रही ग्रुप सी व डी की नियुक्तियों में 70 प्रतिशत प्राथमिकता स्थानीय बेरोजगारों को दी जानी चाहिए। मगर, एम्स में नियुक्तियों की आड़ में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नियुक्ति को लेकर निकाली गई विज्ञप्ति रद्द कर दी गयी और अभ्यर्थियों का पैसा नहीं लौटाया गया। उत्तराखंड वासियों से फार्म फीस के नाम पर ज्यादा वसूली हो रही है। ज्ञापन में कहा गया कि बीते वर्ष बीएससी नर्सिंग के पदों पर विज्ञप्ति जारी हुई। भारत की यह पहली ऐसी परीक्षा रही, जिसमें कोई भी सफल नहीं हुआ। इस वर्ष फिर विज्ञप्ति जारी की गयी। जिसके भीतर कोई परीक्षा नहीं हुई है। मंच ने निदेशक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुये जांच की मांग की है।

गिरफ्तारी और प्रदर्शन में पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, राजेश व्यास, जयेन्द्र रमोला, हिमांशु बिजल्वाण, सरोज डिमरी, राधा रमोला, देवेन्द्र बैलवाल, जनार्दन तिवारी, भगतराम कोठारी, सत्यवीर तोमर, सुभाष जखमोला, नीरज सहरावत आदि शामिल हुए।

अब सरकार हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का करायेगी मेडिकल चेकअप

सरकार को हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का मेडिकल चेकअप कराना होगा। हाईकोर्ट ने सरकार को इस बात का आदेश जारी किया है। इसके अलावा आवासीय स्थिति में सुधार के लिये पुलिस कर्मियों के लिये हाउसिंग स्कीम बनेगी।

नैनीताल स्थिति हाईकोर्ट में हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने एक जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने राज्य में पुलिस कर्मियों की रोजाना 10 से 15 घंटे ड्यूटी को कम करने संबंधी बात कही थी।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद राज्य सरकार को अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कॉरपस फंड बनाने, सर्विस कॅरियर में तीन प्रमोशन प्रदान करने, अवकाश के मामलों में उदारता बरतने, ड्यूटी के दौरान जख्मी या मृत्यु होने पर परिजनों को मुआवजा देने, हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का मेडिकल चेकअप अनिवार्य रूप से करने व हर जिले में पुलिस कर्मियों की जांच के लिए मनोचिकित्सक की नियुक्ति करने का फरमान दिया हैं।