एक बार फिर नये अवतार में उतरी पनडुब्बी करंज

भारत की समुद्री शक्तियों में उजाफा हो रहा है। इस संबंध में भारतीय नौसेना में स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी करंज को मंगलवार में शामिल किया गया। इसे मुंबई के मझगांव डॉक पर लांच किया गया।
करंज को पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। कलवरी और खांदेरी के बाद करंज के शामिल होने भारत की समुद्री ताकत मजबूत होगी। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और अरब सागर के पास पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए ये सबमरीन काफी अहम भूमिका निभाएगी। चीन और पाकिस्तान के लिए करंज को अपनी रडार में लेना काफी मुश्किल साबित होगा।
आपको बता दें कि करंज इससे पहले चार सितंबर, 1969 को भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी, जिसके बाद 2003 में रिटायर हुई थी। अब एक बार फिर नए अवतार के साथ इसे लॉन्च किया गया है।

खास बातें –

– दुश्मन के लिए रडार में आना मुश्किल

– जमीन पर हमला करने में भी सक्षम।

– लंबे समय तक पानी में रुक सकती है।

भारत की 2029 तक 24 पनडुब्बियां बनाने की योजना है। इसके पहले प्रॉजेक्ट पी-75 के तहत स्कॉर्पीन सीरीज की छह पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। डीजल-इलेक्ट्रिक दोनों ही तरह की ताकत से लैस इस पनडुब्बी के आने के बाद से नौसेना के पास कुल पनडुब्बियां 14 हो जाएगी। कंरज इस सीरीज की तीसरी पनडुब्बी है।

पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिला यह सम्मान

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को जनसंपर्क के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर ने मानद प्रोफेसर के सम्मान से नवाजा है। पीआरएसआई की उपलब्धि पर देश भर के सोसाइटी से जुड़े सदस्यों सहित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर ने हर्ष जताया है।

शनिवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ0 असीम चौहान ने पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को मानद प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित किया। इस अवसर पर जनसंपर्क के क्षेत्र में पीआरएसआई की उपलब्ध्यिों और गतिविधियों को बेहद अहम बताते हुए डॉ0 असीम ने कहा कि आज के तकनीकी युग में जनसंपर्क के बिना विकास को गति प्रदान करने की बात अधूरी है। वहीं डॉ0 पाठक ने एमिटि यूनिवर्सिटी का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी पीआरएसआई टीम को समर्पित है।

रविवार को दून के एक होटल में पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया देहरादून चौप्टर की बैठक में अध्यक्ष विमल डबराल ने डॉ0 पाठक को शुभकामनायें देते हुए कहा कि सम्मान और पुरस्कार किसी भी कार्य की दिशा में प्रोत्साहन देने वाले होते हैं।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के सचिव अनिल सती ने हर्ष जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 अजीत पाठक को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई योजनागत तरीके से अपने कार्य को अंजाम दे रही हैै। बीते वर्ष दिसंबर 2017 में पीआरएसआई देहरादून चौप्टर को विशाखापट्नम में आयोजित 39वीं पीआरएसआई कॉन्फ्रेन्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ इमर्जिंग सम्मान प्राप्त हुआ है जिससे सभी सदस्यों में जनसंपर्क कार्यों के प्रति सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

पीआरएसआई देहरादून चौप्टर के कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेन्स के आयोजन को लेकर प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश सरकार की ओर से उक्त आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

इस ऐप के जरिये मेडिकल के क्षेत्र में मिल सकेगी मदद

भारत का पहला ईमेडिकोज मोबाइल ऐप लांच हो गया है। जिसके जरिए मेडिकल हेल्थ प्रोफेशनल, मेडिकल छात्र और अनुभवी डॉक्टर एक साथ कई मेडिकल विषयों पर विचार विमर्श कर सकेंगे। इसे रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर सुमेर सेठी ने लांच किया है।

एन्ड्रायड व आई स्टोर में उपलब्ध इस एप के जरिए एक ही प्लेटफार्म पर छात्र, अनुभवी डॉक्टर व हेल्थकेयर प्रोफेशन से जुड़कर समस्या का समाधान निकाल सकेगें तो वही दूसरी तरफ मेडिकल के छात्र-छात्राऐं औषधीय ज्ञान ले सकते हैैंं।

इस ऐप के इस्तेमाल से मेडिकल एजुकेशन और मेडिकल ज्ञान में गुणवत्ता बढ़ेगी, विश्व के किसी भी कोने में बैठा छात्र डॉक्टर किसी भी मेडिकल संबधित विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, चर्चा कर सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केयर पेशवरों के लिए यह ऐप वरदान साबित हो होगा।

डॉक्टर सुमेर सेठी नें कहा कि यह उन लोगों के लिए खास तौर से उपयोगी साबित होगा जो एनईईटीपीजी, एनईईटी सुपर स्पेशलिटी, यूएसएमएलई, पीएलएपी, एमआरसीपी, ऑस्ट्रेलियाई और कैनेडियन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हे डिजीटल रुप से ईबुक्स, स्टेडी मेटिरियल, विडियोज उपलब्ध होगें। उन्होंने कहा की ईमेडिकोज एप भारत का पहला मेडिकल व हेल्थकेयर ऐप है जिस पर मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी लोग आपस में विचार विमर्श कर सकेगें। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेन्टस किसी भी टॉपिक पर विशेषज्ञों से सवाल जबाव कर सकेगें।

ईमेडिकोज ऐप को लॉच करने पर टीम ने बताया कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड का दायरा बढ़ता जा रहा हैं और एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरुरत हैं जिस पर मेडिकल से संबधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों से सीधे संवाद करें। ईमेडिकोज एप इन जरुरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया हैं जिसके द्वारा छात्र परीक्षा पेपर, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी हर जानकारी को साझा कर सकेगें। इसके साथ संबधित विषय से जूड़ें रिसर्च पेपर, विडियो और ईलर्निगं प्रोग्राम भी उपलब्ध होगें।

अपहरण कर हरिद्वार पहुंचे बदमाश, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

उत्तर प्रदेश केे गाजियाबाद निवासी लोहा व्यापारी का अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर सुरक्षा की दृष्टि से हरिद्वार पहुंचे, लेकिन गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरिद्वार पहुंच बदमाशों से व्यापारी को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के प्रेम नगर निवासी लोहा कारोबारी अनिल अरोड़ा का दो करोड रुपए की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था।
बदमाशों का पीछा करते हुए यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई। तहसील के पास हुई इस फायरिंग से हड़कंप मचा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फायरिंग के दौरान अपहृत बुजुर्ग ने गाड़ी में छुपकर अपनी जान बचाई। जबकि फायरिंग में एक बदमाश के घायल होने की भी सूचना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से ही कुल 895 एनकाउंटर हुये है। ऐसे में बदमाशों को इस बात का अंदेशा था कि यदि उनका सामना यूपी पुलिस से हो गया तो उनकी मौत निश्चित है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुये बदमाशों ने यूपी से बाहर जाने का मन बनाया। वहीं इस बात को बदमाशों ने पकड़े जाने के बाद स्वीकार भी किया। बदमाशों ने बताया कि यूपी पुलिस का डर से ही उन्हें उत्तराखंड आने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं पुलिस उनके मोबाइल लोकेशन के जरिये हरिद्वार तक आ पहुंची।

यह पहला वाकया नहीं है जब यूपी के बदमाश सुरक्षा के लिये उत्तराखंड की शरण में न आते हो। इससे पहले भी कई बदमाशों ने उत्तराखंड की शरण पकड़ी है।

मुठभेड़ के बाद ज्वालापुर कोतवाली पहुंचने पर कारोबारी अनिल अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अपहरण करने के बाद बदमाश उसे मेरठ रोड की तरफ ले गए। उसके साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद शामली होते हुए हरियाणा ले जाया गया। बदमाशों ने उसके घर फोन कर दो करोड़ रुपये मांगते हुए छोटे भाई मन्नू से उसकी बात भी कराई थी। पकड़े जाने के डर से बदमाश कहीं भी ज्यादा देर नहीं रुके। लगातार चलते हुए बदमाश पहले हरियाणा गए। वहां गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की मदद से बदमाशों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया तो बदमाशों को भनक लग गई। जिसके बाद बदमाश हरियाणा से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए हरिद्वार पहुंच गए।

पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित हुये दस आसियान देश

इस साल के पद्म अवॉर्ड बेहद खास हैं। भारत-आसियान मैत्री के 25 साल पूरे होने पर सरकार ने सभी 10 आसियान देशों की एक-एक हस्ती को पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा है। यह भारत और आसियान की 25 साल की साझेदारी का सम्मान है।

ब्रूनेई दारुस्सलाम के मलाजी हाजी अब्दुल्ला मलाजी हाजी ओथमान को चिकित्सा वर्ग में पद्मश्री दिया गया है। वह सोसाइटी फॉर मैनेजमेंट ऑफ ऑटिज्म रिलेटेड इश्यूज इन ट्रेनिंग, एजुकेशन ऐंड रिसोर्सेज के संस्थापक हैं।

कम्बोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन के बेटे हुन मैनी को जनता के बीच काम के लिए पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया है। वह कम्बोडिया के सबसे युवा सांसद हैं और यूनियन ऑफ यूथ फेडरेशन, कम्बोडिया के प्रेसिडेंट हैं।

बाली में विष्णु की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार को सम्मान

इंडोनेशिया के मूर्तिकार और नव कला आंदोलन के अगुआ न्योमान नुआर्ता को भी पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया है। उन्होंने बाली में विष्णु को समर्पित गरुड़ विष्णु केनकाना स्टैच्यू निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

लाओस के बोउनलप केओकंगाना भी पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। वह वैट फो वर्ल्ड हैरिटेज साइट के डिप्टी डायरेक्टर रहे हैं। उन्होंने एएसआई के साथ भद्रेश्वर के शिव मंदिर के पुनरुद्धार में अहम भूमिका निभाई है, जिसे कि वैट फो के नाम से जाना जाता है।

ओडिशी डांसर को अवॉर्ड

मलेशिया के दातुक रामली बिनप इब्राहिम को भी पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। वह ओडिशी के क्लासिकल डांसर हैं और करीब 40 साल से मलेशिया में डांस टीचर हैं। उन्हें इसके पहले संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। वह मलेशिया में सूत्र डांस थिएटर चलाते हैं।

पद्मश्री अवॉर्ड पाने वाली आसियान की अन्य हस्तियों में म्यांमार इतिहासकार एवं लेखक डॉ. थांट मिंट यू, फिलीपींस के आरएफएम ग्रुप के सीईओ एवं प्रेसिडेंट जोस मा जोए, सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में राजदूत टॉमी कोह, 10 साल की उम्र में भिक्षु बन जाने वाले थाइलैंड के सुप्रीम पैट्रिआर्क सोमदेत फ्रा अरिया वोंगसा खोट्टायन और वियतनाम के नेशनल वियतनाम बौद्ध संघ के महासचिव न्गुयेन थिएन थिएन शामिल हैं।

मोदी के दावोस भाषण को चीन ने सराहा

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का कायल प्रतिद्वंद्वी देश चीन भी हुआ है। चीन ने मोदी के भाषण की सराहना करते हुये आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और संरक्षणवाद को दुनिया की तीन सबसे बड़ी चुनौती माना है और यही बात पीएम मोदी ने भी अपने भाषण के दौरान कही।

मोदी के दावोस के भाषण की सराहना कर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि हमने नरेंद्र मोदी का संरक्षणवाद के खिलाफ दिया भाषण सुना। ये बयान दर्शाता है कि मौजूदा वक्त में ग्लोबलाइजेश दुनिया का ट्रेंड बन गया है। इससे विकासशील देशों समेत सभी देशों को लाभ पहुंचता है। संरक्षणवाद के खिलाफ लड़ने और ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने में भारत और चीन के बीच काफी समानता है।

प्रधानमंत्री मोदी के बयान का समर्थन करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत समेत दुनिया के सभी देशों के साथ समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया है। साथ ही दुनिया की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाने के लिए आर्थिक ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा देने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा था, ग्लोबलाइजेशन अपने नाम के विपरीत सिकुड़ता चला जा रहा है। मैं यह देखता हूं कि बहुत से समाज और देश ज्यादा से ज्यादा आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं।

इधर दावोस में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय करार दिया है। अमित शाह ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दावोस में भारत की ताकत और उम्मीदों को दुनिया के समक्ष बिल्कुल सही तरीके से पेश किया है। उन्होंने इस बात को भी शानदार तरीके से रखा कि कैसे भारतीय संस्कृति लोगों को जोड़ने में विश्वास रखती है न कि लोगों को विभाजित करने में। अमित शाह ने कहा, हजारों साल पहले लिखे गए हमारे शास्त्रों में वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र है। हम सभी हमारे साझा भाग्य से जुड़े हुए हैं।

जलवायु परिवर्तन पर अमित शाह ने इसे बहुत बड़ी वैश्विक चुनौती बताया। मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस संबंध में न सिर्फ महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है बल्कि उसे हासिल करने के लिए अभूतपूर्व कदम भी उठा रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की है। डडब्ल्यूईएफ में भी उन्होंने दुनिया से आतंकवाद को परास्त करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।

साइबर फॉरेंसिक लैब के जरिये पकड़ में आ पायेंगे ठग

साइबर ठगी करने वाली की अब खैर नहीं। जल्द देहरादून में साइबर फॉरेंसिक लैब खुलने जा रही है। यह राज्य की पहली साइबर फॉरेंसिक लैब होगी। लैब के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को गृह मंत्रालय ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है।

साइबर क्राइम फॉरेंसिक लैब खुलने से देहरादून सहित उत्तराखंड के तेरह जिलों को इसका फायदा होगा। अब तक स्थानीय पुलिस साइबर ठगी की पड़ताल के लिए दिल्ली या फिर चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब की मदद लेती है, जिससे केसों को हल होने में लंबा समय लग जाता है। मगर अब आनलाइन फ्रॅाड या सोशल मीडिया के जरिये होने वाले अपराधों की जांच स्थानीय स्तर पर भी हो सकेगी।

गृह मंत्रालय से आवंटित बजट से जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। जिसके बाद यह लैब शुरू हो जाएगी। लैब को फिलहाल गांधी रोड स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ही स्थापित किया जाएगा। बाद में लैब के लिए अलग भूमि मिलने और भवन बनने पर उसे नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।

एनडीए से अलग होगी शिवसेना

बीजेपी के सबसे बड़ी पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उसके साथ आगे की सियासी राह पर नहीं चलने का फैसला किया है। बीजेपी-शिवसेना दोस्ती में टूट गई है। शिवसेना 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ चुनाव नहीं लड़ने का बकायादा ऐलान किया है। इतना ही नहीं 2019 में ही महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेगी।

शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं वचन देता हूं कि अपने दम पर देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। चाहे जीतें या हारे, लेकिन चुनाव अपने दम पर ही लड़ेंगे। शिवसेना ने आज पार्टी कार्यकारणी मिटिंग में प्रस्ताव पास करके बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा और सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम अकेले दम पर लड़ेंगे तो 25 लोकसभा सीटें और 150 विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया है। जबकि महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा और 288 विधानसभा सीटें है, जबकि शिवसेना के पास मौजूदा समय में 63 विधायक हैं और 18 लोकसभा सदस्य हैं। शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि पांच साल पहले लोग सोचते थे कि मैं पार्टी का नेतृत्व कैसे करूंगा। मुझे नेतृत्व करने में कभी कोई परेशानी नहीं आई, क्योंकि मेरे पास मजबूत और मेहनती सेना थी, जो पार्टी के सब कुछ बलिदान करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे को आप लोगों ने अब नेता बना दिया है। पार्टी बनाई जाने के बाद मुझे पहली बैठक याद दिलाती है कि विरासत को आगे रखना महत्वपूर्ण था। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे कोई परवाह नहीं कि इसे कोई राजवंश राजनीति कहता है। राजवंश और विरासत के बीच अंतर है।

उद्धव ने कहा कि कार्यकराणी में पारित किए गए सभी प्रस्ताव सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अगर आज जीवित होते तो फिर पाकिस्तान ही अस्तित्व में नहीं होता।

मोदी के नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक शिवसेना ने कड़ा विरोध किया है। इतना ही नहीं मोदी द्वारा तीन तलाक विरोधी लाए बिल की भी शिवसेना ने मुखालफत किया है। इतना ही नहीं सपा और बसपा द्वारा ईवीएम को लेकर उठाए सवाल पर भी सिवसेना बीजेपी से अलग खड़ी नजर आई।

बता दें कि शिवसेना बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी रही है। जब बीजेपी के संग कोई साथ चलने को तैयार नहीं था। तबसे शिवसेना बीजेपी के साथ है। अब इस दोस्ती में दरार पड़ती हुई नजर आ रही है और दोनों की राह जुदा हो रही है।

त्रिवेन्द्र ने खिर्सू को पर्यटन मानचित्र पर उतारने का दिया भरोसा

खिर्सू शरदोत्सव के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्यों के डाक्टरों व नर्सों की कमी को जल्द पूरा करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार गंभीरता से अध्ययन कर रही है। राज्य के सभी अस्पतालों में अगले दो माह के भीतर डॉक्टरों को नियुक्त कर दिया जायेगा। उन्होंने खिर्सू को पर्यटन मानचित्र पर उतारने वाली बात भी कही।

सोमवार को विकास खंड खिर्सू मुख्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खिर्सू शरदोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। प्रदेश में तबादला व्यवसाय पर पूरी तरह रोक लगा दी है। भ्रष्टाचार में लिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 14 लोगों को जेल भेज दिया गया है।

रावत ने कहा कि 12 हजार करोड़ से ऑलवेदर रोड, 16 हजार करोड़ से रेल लाइन व 13 हजार करोड़ से प्रदेश की सीमाओं पर भारत माला योजना के तहत सड़कों का निर्माण कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई के छात्रों व शिक्षकों ने डिवाइस तैयार की है जिसमें एनसीआरटी का पाठ्यक्रम तैयार है। जिसका शुभारंभ प्रदेश में अनाथ बच्चों की शिक्षा से स्मार्ट क्लास के रूम में किया जाएगा।
जनपद पौड़ी में जीआइसी खिर्सू से इस योजना का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में जल्द ही पिरुल से डीजल व तारपिन का तैल तैयार करने जा रही है। लोगों से सरकार पांच से सात रुपये किलो पिरुल खरीदेगी। जो जंगलों को आग से बचाने, पर्यावरण संरक्षण व लोगों की आय में वृद्धि करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि खिर्सू को पर्यटन मानचित्र में उभारने के लिए विशेषज्ञों से राय-शुमारी कर ठोस पहल की जाएगी।

चौबट्टा में जल्द ही सहकारी बैंक खोला जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि एनआईटी उत्तराखंड का निर्माण सुमाड़ी व जलेथा में 500 करोड़ की लागत से किया जाएगा। किसान कल्याण योजना के तहत जनपद पौड़ी में 25 हजार किसानों को लाभांवित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पहाड़ में शराब आंदोलन के दौरान महिलाओं पर दर्ज मुकदमें वापस लिए जाने का आदेश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के 300 किसानों को पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के चौक भी वितरित किए

निशुल्क कोचिंग से युवाओं को मिल रहा आगे बढ़ने का मौका

रूद्रप्रयाग के एसडीएम सदर पद पर तैनात मुक्ता मिश्र ने गरीब युवाओं के लिए उम्मीद कायम की है। वे प्रतिदिन 50 से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दे रही हैं, बल्कि उन्हें प्रतिष्ठित विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा के लिए भी तैयार कर रही हैं। उनकी इस पहल से गरीब बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

मूलरूप से चमोली जिले के ग्राम देवाल की रहने वाली मुक्ता मिश्र 2014 बैच की पीएसीएस अधिकारी हैं। बचपन साधारण पहाड़ी परिवार में बीता, संसाधन भी सीमित ही रहे। बावजूद इसके मेहनत और लगन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
कहती हैं, रुद्रप्रयाग में एसडीएम सदर के पद पर तैनात होने के बाद डीएम मंगेश घिल्डियाल की प्रेरणा से मैंने गरीब बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का मन बनाया। इंटर पास करने के बाद छात्रों के लिए जिले में कोई भी ऐसा संस्थान नहीं है, जहां वे सिविल सर्विस, इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। खासकर गरीब छात्र तो तैयारी के बारे में सोच भी नहीं सकते।
एसडीएम मुक्ता के अनुसार पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत बस! उन्हें प्रेरित करने की है। कोचिंग के माध्यम से वह यही कर रही हैं। हालांकि, अभी यह शुरुआत है। नतीजा आने में एक से दो वर्ष लग जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि एसडीएम सदर जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी समय कैसे निकाल लेती हैं, मुक्ता कहती हैं कि सुबह आठ से दस बजे के बीच का समय मेरा अपना होता है। क्यों न इसे समाज के हित में लगाया जाए।

स्थानीय छात्रों का कहना है कि बीते तीन माह से नियमित कोचिंग ले रहा हूं। मुक्ता मैडम जिस तरह से कोचिंग दे रही हैं, उससे काफी फायदा मिल रही है। उन्होंने अच्छी किताबें भी उपलब्ध कराई हैं। इससे तैयारी में आसानी हो रही है।