व्यभिचार के लिये सिर्फ पुरूषों को सजा देने वाले कानून की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

विवाहित महिला किसी गैर मर्द से शारीरिक संबंध बनाए तो सिर्फ उस मर्द को सजा क्यों? सुप्रीम कोर्ट इससे जुड़े कानून की समीक्षा करेगा। इस मसले पर दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

औरत को मुकदमे से छूट हासिल है
दरअसल, एडल्ट्री यानी व्यभिचार की परिभाषा तय करने वाली आईपीसी की धारा 497 में सिर्फ मर्द को सजा का प्रावधान है। किसी विवाहित महिला से उसके पति की मर्जी के बिना संबंध बनाने वाले मर्द को पांच साल तक की सजा हो सकती है, लेकिन महिला पर कोई कार्रवाई नहीं होती। याचिकाकर्ता ने इसे भेदभाव भरा कानून बताया है।
केरल के जोसफ शाइन की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया है कि 150 साल पुराना ये कानून मौजूदा दौर में बेमतलब है। ये उस समय का कानून है जब महिलाओं की स्थिति बहुत कमजोर थी। इसलिए, व्यभिचार के मामलों में उन्हें पीड़ित का दर्जा दे दिया गया।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि आज औरतें पहले से मजबूत हैं। अगर वो अपनी इच्छा से दूसरे मर्द से संबंध बनाती हैं, तो मुकदमा सिर्फ उस मर्द पर नहीं चलना चाहिए। औरत को किसी भी कार्रवाई से छूट दे देना समानता के अधिकार के खिलाफ है।
बेंच ने इस दलील से सहमति जताते हुए कहा, आपराधिक कानून लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता, लेकिन ये धारा एक अपवाद है। इस पर विचार की जरूरत है। कोर्ट ने ये भी कहा कि पति की मंजूरी से किसी और से संबंध बनाने पर इस धारा का लागू न होना भी दिखाता है कि औरत को एक संपत्ति की तरह लिया गया है।
पत्नी को शिकायत का अधिकार नहीं
याचिकाकर्ता ने बताया कि 1971 में लॉ कमीशन और 2003 में जस्टिस मलिमथ आयोग आईपीसी 497 में बदलाव की सिफारिश कर चुके हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने कानून में संशोधन नहीं किया।
कोर्ट में ये सवाल भी उठा कि आईपीसी 497 के तहत पति तो अपनी पत्नी के व्यभिचार की शिकायत कर सकता है, लेकिन पति के ऐसे संबंधों की शिकायत पत्नी नहीं कर सकती। कोर्ट ने माना कि मौजूदा हालात में ये कानून न कहीं पुरुष से तो कहीं महिला से भेदभाव करता है।
इससे पहले 1954, 2004 और 2008 में आए फैसलों में सुप्रीम कोर्ट आईपीसी 497 में बदलाव की मांग को ठुकरा चुका है। ऐसे में नई याचिका पर पांच जजों की संविधान पीठ में सुनवाई हो सकती है।

भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेंस हर परिस्थिति में लागूः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में कहा कि स्थानान्तरण अधिनियम(ट्रांसफर एक्ट) को लाकर सरकार ने जनता की आशाओं को विश्वास में बदला है। इससे राज्य की सरकारी मशीनरी को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
बहुत दिनों से तमाम कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही पारदर्शी सुदृृढ़ स्थानान्तरण अधिनियम की मांग को सरकार ने पूरा किया है। अल्मोड़ा आवासीय विश्वविद्यालय विधेयक-2017 भी पारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधानसभा सत्र में रूपये 3015 करोड का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के लिए रू. 107 करोड का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए रू. 08 करोड़, प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान (सीपैट) के लिए रू. 09 करोड़, आशा कार्यकत्रियों के लिए रू. 33 करोड़, औली में इंटरनेशनल स्कींइग प्रतियोगिता के लिए रू. 12 करोड़ एवं मुजफ्फरनगर-रूड़की रेल लाइन के लिए रू. 120 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी, 2018 से सीपैट की कक्षाएं संचालित होने लगेंगी। उत्तर प्रदेश के साथ प्रस्तावित जमरानी बांध एवं परिवहन विभाग से संबंधित एम.ओ.यू. तैयार कर लिया गया है, शीघ्र ही इस पर कार्यवाही की जायेगी। केदारनाथ उत्थान चौरिटेबिल ट्रस्ट का गठन और चतुर्थ वित्त आयोग की संस्तुति पर ग्राम पंचायतों को 2.5 प्रतिशत का अधिक अनुदान का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्री केदारनाथ के भव्यतम स्वरूप को स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए सीएसआर में योगदान देने हेतु कॉरपोरेट घरानों का आह्वान किया है। ट्रस्ट के माध्यम से श्री केदारनाथ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास में गति आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम ऑल वेदर रोड के लिए मुआवजा वितरण कार्य सहित अन्य कार्य तेजी से किये जा रहे है। मुजफ्फरनगर-रूड़की रेलवे लाइन सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
लोकायुक्त एक्ट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की इच्छा और भावना के अनुरूप राज्य में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मिलेगा। सरकार का भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरोटोलरेंस का सिद्धांत हर परिस्थिति में लागू किया जा रहा है। एन.एच.74 मुआवजा वितरण प्रकरण पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। कोई कितना भी बड़ा हो उसे छोडा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नौ माह के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट के तहत प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अभी तक दो प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ हो चुके है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में एक लाख युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाए। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषकों को दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने हेतु दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना चालू की गई है। ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन करने के बाद पौड़ी को इसका मुख्यालय बनाया गया है। देहरादून की ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी एवं अल्मोडा की कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण का अभियान शुरू किया गया है। रिस्पना नदी के लिए एक ही दिन में उद्गम से संगम तक पौधरोपण और साफ-सफाई अभियान का लक्ष्य रखा गया है।

बाबरी मस्जिद के विध्वंस की बरसी, मौलाना बोले दोबारा बने मस्जिद


बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। इसके लिये उन्होंने जगह-जगह भारी संख्या में जुलुस भी निकाला। इस दौरान संस्कृत कॉलेज कैंपस से संगठन के कार्यकर्ता डीजे की धुन व ढोल नगाड़े लिये भी दिखाई दिये। डीजे पर प्रभु राम जी की सेना चली आदि भजनों पर कार्यकर्ता झुमते नजर आये।
सुरक्षा का लेकर अलर्ट था प्रशासन
बाबरी विध्वंस की 25 वीं बरसी पर बजरंग दल व विश्वहिंदू परिषद द्वारा आयोजित शौर्य दिवस व विशाल जुलूस को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद था। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल की भारी तैनाती के साथ-साथ एहतियात के तौर पर एसएसबी के जवानों को भी तैनात किया गया था। जुलूस के साथ-साथ पुलिसकर्मी व एसएसबी के जवान भी चल रहे थे।

बरसी पर चस्पा मिले विवादित पोस्टर
बाबरी मस्जिद दोबारा तामीर करो। आल इंडिया इमाम कौंसिल शामली के नाम से चस्पा पोस्टर में लिखा कि बाबरी पर कोई समझौता नहीं, 25 साल से इंसाफ की मुंतजिर। दोबारा तामीर ही इंसाफ है। बाबरी के मुजरिमों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया गया कि एक संगठन के नाम से अब से पहले भी प्रधानमंत्री के बारे में अशोभनीय टिप्पणी वाले पोस्टर चस्पा हुए थे। सीओ कैराना राजेश तिवारी का कहना है कि विवादित पोस्टरों की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वाम मोर्चा ने मनाया काला दिवस
बाबरी मस्जिद विध्वंस के विरोध में वाममोर्चा ने सयुंक्त रूप से काला दिवस मनाया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों में नफरत फैला कर देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहती है। गोरक्षा के नाम पर हत्या करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में जनता के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाकर मंदिर तथा जनेऊ तक को मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है। भाजपा हिन्दुत्व के नाम पर सत्ता हाशिल करना चाहती है।
दोबारा बने बाबरी मस्जिद
ऑल इंडिया इमाम्स के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना शादाब ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 में पांच सौ साल पुरानी बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था। अभी तक उस जगह पर दोबारा मस्जिद की तामीर नहीं हुई है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है और उम्मीद है कि इसमें सभी मुसलमानों की जीत मिलेगी। उन्होंने सभी मुसलमानों से गैर अदालत राय या बयानबाजी करने से मना किया।

राहुल की अगुवाई को कांग्रेसी उत्साहित

आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतजार था। राहुल गांधी ने चार दिसम्बर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए हैं। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक हैं।
राहुल की अगुवाई में बढ़ेंगे आगे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है, लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
राहुल के साथ है पार्टी

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सर्वसम्मति से राहुल को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव पास हुए हैैं कांग्रेस हमेशा सोच समझकर निर्णय करती हैै। उन्होंने कहा कि ये फैसला हमने चार साल पहले ही कर लिया था, जब जयपुर में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया था। कांग्रेस एकजुट होकर राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है। सोनिया जी ने ही पहले प्रस्ताव पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी को गुजरात चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, पीएम की रैलियों में कुर्सियां खाली हैं। बीजेपी का तो अध्यक्ष भी आरएसएस तय करता है।

नामांकन करने से पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की वापसी की राह देख रहे कार्यकर्ताओं में वोटिंग से ठीक पहले नया जोश भर सकता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल को तिलक भी लगाया।
यह लगभग दो दशक बाद है, जब कांग्रेस पार्टी को उसका नया पार्टी अध्यक्ष बनेगा। मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाल रही हैं।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकार अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन के अनुसार किसी अन्य ने अभी तक पर्चा दाखिल नहीं किया है। चुनाव मैदान में राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार रहने की संभावना है और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के लिए सभी रास्ते खुल गए हैं।

गंगा की स्वच्छता का जिम्मा जर्मनी से आयी टीम के हाथों


जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल नेे सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉ.जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया। मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉ.रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड(जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉ.यूरिक रिवेरे, सिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे। जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जायेगा। इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है। इनके नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है। जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है। जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रूपये दिये जाने पर जल्द निर्णय लेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो। कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जायेगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है। जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी।

पुलिस चार्जशीट में हनीप्रीत ने ही बुलाई हिंसा भड़काने को बैठक

गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त आखिर चार्जशीट के रूप में मंगलवार को पंचकुला कोर्ट में पेश कर दी गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 25 अगस्त को पंचकुला में हुई व्यापक हिंसा के लिए हनीप्रीत को मास्टरमाइंड बताया है। हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य गुरमीत राम रहीम के करीबियों व डेरा समर्थकों का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है।
हनीप्रीत पर आरोप है कि पंचकुला अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के बाद उसने डेरा समर्थकों के साथ मिलकर पंचकुला में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट में हनीप्रीत के अलावा देशद्रोह के मुकदमा झेल रहे 15 दूसरे आरोपियों के कच्चे चिट्ठों का भी जिक्र है। हनीप्रीत के खिलाफ मंगलवार को दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। उसके और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकुला के सेक्टर 5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आईपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हनीप्रीत पर पंचकुला हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसके अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर भी देशद्रोह और हिंसा फैलाने का आरोप है। डेरा का प्रवक्ता और देशद्रोह का आरोपी डॉक्टर आदित्य इंसा अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने पुलिस रिमांड के दौरान कबूल कर लिया था कि पंचकुला हिंसा की प्लानिंग उसके ही कहने पर की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा कर उनको चार्जशीट में जोड़ा है। इस आरोप पत्र के तीन पन्नों में गुरमीत राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के 6 सुरक्षा कर्मियों का जिक्र है।
गौरतलब है कि पंचकुला हिंसा का ब्लूप्रिंट 18 अगस्त को सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बुलाई गई एक एहम बैठक में तैयार किया गया था। बैठक हनीप्रीत ने ही बुलाई थी, जो डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती थी। इस बैठक में मौजूद रही डेरा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा को छोड़कर सभी आरोपियों पर देशद्रोह का आरोप है। 25 अगस्त से पहले हनीप्रीत सहित कई आरोपी पंचकुला के डेरे में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर पूरे पंचकुला की रेकी की थी।
इससे पहले 18 अगस्त को हुई बैठक में दो बातें तय की गई थीं- अगर फैसला गुरमीत सिंह के खिलाफ आया तो हिंसा और अगर पक्ष में तो सत्संग करने का ही प्लान था। हिंसा फैलाने के लिए गुंडों को किराए पर लाया गया था, जिनपर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 1.25 करोड़ रुपये तो पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को ही दिए गए थे।

उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह फैसला विश्वभर में छा रहा

अब उत्तराखंड हाईकोर्ट का गंगा प्रदूषण पर दिया गया फैसला फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में भी पढ़ने को मिलेगा। जी हां, गंगा प्रदूषण को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायिर की गयी थी। जिस पर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुये गंगा सहित ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। फ्रांस में गंगा की मान्यता व मौजूदा स्थिति पर भी शोधार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में इस फैसले को कोर्स में शामिल किया गया है।

दरअसल, अधिवक्ता ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गंगा के साथ ही ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। पिछले साल दो दिसंबर को खंडपीठ ने 26 बिंदुओं को लेकर फैसला दिया था। गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने संबंधी फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी थी। इस सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जबकि ग्लेशियर व पेड़-पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने वाला आदेश प्रभावी है। अब तक इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं मिली है।

फ्रांस की शोधार्थी डेनियल बेरती ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता ललित मिगलानी से मुलाकात कर फैसले के अहम बिंदुओं बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसकी पुष्टि किया कि इस विषय को फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर साइंस रिसर्च व सेंट्रल फॉर हिमालयन स्टडीज फ्रांस में अध्ययन के लिए शामिल कर लिया गया है। डेनियल ने गंगा की धार्मिक व सामाजिक मान्यता को लेकर भी तथ्यात्मक जानकारी जुटाई। अधिवक्ता मिगलानी ने इसको उत्तराखंड हाई कोर्ट के साथ ही देश के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया है। साथ ही कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता को लेकर उनकी मुहिम जारी रहेगी।

जानिए राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन तय हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव पास कर दिया गया है। बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनावों और राहुल के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नोटिफिकेशन एक दिसंबर को जारी होगा। 11 दिसंबर नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। अगर राहुल के अलावा कोई और उम्मीदवार हुआ तो 16 दिसंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 19 दिसंबर को होगी। ऐसे में माना जा रहा कि राहुल के अध्यक्ष बनने का ऐलान 19 दिसंबर को होगा। हालांकि बैठक में शामिल एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी 11 दिसंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और बहुत ही क्षमतावान नेता हैं। आजाद ने कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। राहुल गांधी आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
इस बीच लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वर्किंग कमिटी की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है। हम सब पार्टी अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही सभी प्रदेशों के इंचार्ज भी इसमें हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है इस चुनावी प्रक्रिया से पहले ही तमाम राज्यों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन करने के लिए पोलिंग हो चुकी है। लगभग सभी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी का नाम सर्वसम्मति से पारित भी किया है। ऐसे में तमाम राज्यों के इंचार्ज राज्य इकाइयों के प्रस्ताव को भी भी पेश करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रस्तावित तारीख समिति ने कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी है। हालांकि समिति इसमें बदलाव कर सकती है।
अगर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर्फ राहुल गांधी ही नॉमिनेशन भरते हैं और कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं होता तो इसका मतलब है एक दिसंबर ही को डिक्लेयर कर दिया जाएगा की कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य-मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद के समझौते के लिए शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में मसौदा पेश किया है। शिया वक्फ बोर्ड के मसौदे के मुताबिक विवादित जगह पर राम मंदिर बनाई जाए और मस्जिद को लखनऊ में बने, जिसका का नाम मस्जिद-ए-अमन रखा जाए। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के इस मसौदा से मुस्लिम पक्षकार सहमत नहीं हैं।
मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी होने और निजी फायदे के लिए राममंदिर का राग अलाप रहे हैं। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के इस मसौदा पर रजा पद ने मुस्लिम पक्षकारों से बात की। मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही आदर्श फैसला होगा। इसके अलावा कोई और बात करना निराधार है।
इस मसौदे को कानूनी मान्यता नहीं-खालिक
अयोध्या मामले में अपीलकर्ता मौलाना महफुजुर्ह रहमान के नामित खालिक अहमद खान ने कहा- ये मसौदे वसीम रिजवी की अपनी राय है, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। मुस्लिम पक्षकारों की एक राय शुरू से सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही इस मसले का हल है।
खालिक ने कहा कि राम मंदिर बनाई जाए हमें कोई हर्ज नहीं है, लेकिन वो अपनी जगह बनाई जाए न की बाबरी मस्जिद की जगह पर, जैसा कि वसीम रिजवी कह रहे हैं कि मस्जिद कहीं और बनेगी तो वह बाबरी मस्जिद का रिप्लेसमेंट नहीं हो सकता है।
अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार हासिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा- वसीम रिजवी के राय से शिया वक्फ बोर्ड और शिया समुदाय ही सहमत नहीं है। वसीम रिजवी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं, उससे बचने के लिए राममंदिर की बात कर रहे हैं। इकबाल कहते हैं कि अयोध्या मामले में वसीम रिजवी का कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। ऐसे में वसीम रिजवी की बातें कोई अहमियत नहीं रखती है।
इकबाल ने कहा कि वसीम रिजवी बीजेपी का दिल जीतने के लिए सारे जतन कर रहे हैं। उनका कहना है- मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट के जरिए ही फैसला होगा।

निजी मुफीद के लिए है ये मसौदा
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के मसौदे की कोई अहमियत नहीं है। हाईकोर्ट ने 1947 में फैसला करके साफ कर दिया है कि बाबरी मस्जिद शिया वक्फ बोर्ड का नहीं बल्कि सुन्नी वक्फ बोर्ड का है।
फिरंगी महली का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में फाइनल दौर में है। वसीम रिजवी अपने निजी फायदे कि लिए मामले में कन्फ्यूजन पैदा कर रहे हैं। वो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर्ता भी नहीं है और न ही उससे जुड़ सकते हैं, वो सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए ये सब कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो मान्य होगा। इससे दोनों समुदाय के पक्षकारों को माननी चाहिए। सुप्रीमकोर्ट के फैसला के बाद हमेशा के लिए इस मसले का हल हो जाएगा और इस मुद्दे पर हमेंशा के लिए सियासत भी खत्म हो जाएगी।

खाने का लालच देकर सगी बहनों से किया बलात्कार

मध्य प्रदेश के खंडवा में खाने का लालच देकर दो सगी बहनों के साथ रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। निशक्त लोगों के लिए बने एक आश्रम में मानसिक रोगी दो नाबालिग सगी बहनों को आश्रम संचालक ने अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

नगर पुलिस अधीक्षक एसएन तिवारी ने बताया कि पीड़ित बहनों की उम्र 13 और 15 साल है। दोनों मानसिक रोगी हैं। आश्रम संचालक पूनमचंद मालवीय (60) ने रविवार की रात को 13 साल की मानसिक रोगी बालिका को आश्रम स्थित अपने कमरे में बुलाया। पहले जब वह नहीं आई तो अच्छा खाने का लालच दिया।

इसके बाद आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। देर रात नाबालिग लड़की मौका देखकर आश्रम का पांच फुट का गेट फांदकर भाग निकली। वह सीधे थाने पहुंची, उसकी आपबीती सुनकर पुलिस वाले भी दंग रह गए। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।

इसी बीच महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनू सितोले ने बताया कि दोनों बहनों के साथ आरोपी द्वारा आश्रम में रेप किया गया है। उनकी व्यथा सुनने के बाद आरोपी संचालक के खिलाफ आईपीसी की की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों बहनों की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें रेप की पुष्टि हुई है।

बताते चलें कि भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर की रात को गैंगरेप हुआ था। इस मामले में तीन थाना प्रभारी एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) टेकराम और उइके को निलंबित किया जा चुका है।

इस वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। पीड़िता ने कहा था कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

पीड़िता ने कहा था कि सबसे बुरा रवैया तो पुलिस का रहा, जोकि उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भटकाती रही। उसने कहा था, मेरे माता-पिता पुलिस में हैं और हमें इस स्थिति से गुजरना पड़ा, तो आम आदमी किन स्थिति का सामना करता होगा, इसे समझा जा सकता है। अफसोस है कि आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन समय पर केस दर्ज नहीं किया।