बाबा व हनीप्रीत बाप बेटी नहीं पति-पत्नी की तरह

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत नेपाल में इटहरी के पास स्थित धरान इलाके में देखी गई है। सूत्रों के अनुसार वह तराई में मोरांग जिले से सटे सुनसरी जिले में छुपी हो सकती है।
दरअसल साल 2015 में जब भूकंप के चलते नेपाल में भारी तबाही हुई थी, तब राम रहीम ने यहां के नुआटोल जिले में राहत अभियान चलाया था। इस इलाके में राम रहीम के काफी भक्त भी हैं। ऐसे में नेपाल के आस-पास के इन इलाकों में हनीप्रीत के होने की खबर को बल मिलता है। हनीप्रीत की सहेली साध्वी ने एक निजी चैनल से बातचीत में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिससे यह साबित होता है कि हनीप्रीत भी राम रहीम के गुनाहों में बराबर की शरीक थी। साध्वी ने बताया है कि बाबा और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे।
डेरे में हनीप्रीत की सहेली (साध्वी) ने खुलासा किया कि राम रहीम और हनीप्रीत के बीच गलत रिश्ते थे। साध्वी ने बताया, डेरे में राम रहीम और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे। दोनों एक ही कमरे में रहते थे। बाहर जाने पर भी दोनों एक ही कमरे में ठहरते थे। साध्वी ने खुलासा किया कि हनीप्रीत कहने में बाबा की मुंहबोली बेटी थी, मगर देखने में ऐसा नहीं लगता था। उन्होंने कहा कि हनीप्रीत राम रहीम के इशारे पर काम करती थी। डेरे में मौजूद लड़कियों को राम रहीम तक पहुंचाने का काम करती थी। साध्वी ने कहा, बाबा जिस लड़की की ओर इशारे करते थे, हनीप्रीत उसे बाबा तक पहुंचाने में जुट जाती थी।
वहीं पुलिस की गिरफ्त में आए राम रहीम के करीबी प्रदीप ने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है। गौरतलब है कि हनीप्रीत की तलाश के लिए हरियाणा पुलिस ने एक सितंबर को लुक आउट नोटिस जारी किया था। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत 25 अगस्त से फरार है। जिस दिन गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी करार दिया था और पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा समर्थकों ने भारी हिंसा और उत्पात मचाया था।

दो से ज्यादा बच्चें होने पर जज को कहा टाटा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो से ज्यादा बच्चों के पिता पाए जाने पर ग्वालियर जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
आपको बता दें कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए वर्ष 2001 में मध्य प्रदेश सरकार ने कानून बनाया था। इसके तहत वर्ष 2001 के बाद वही व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकता था, जिसके अधिकतम दो बच्चे थे। दो से ज्यादा बच्चे होने पर संबंधित व्यक्ति सरकारी नौकरी का हकदार नहीं था। हाई कोर्ट ने अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर वकीलों से सीधी भर्ती के लिए मई 2017 में विज्ञापन निकाला था। ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मनोज कुमार की चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति मिली थी। उन्हें ग्वालियर के जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ किया गया था। जब फॉर्म भरा था तब उन्होंने बच्चों की जानकारी नहीं दी थी। नियुक्ति के बाद मनोज कुमार द्वारा हाई कोर्ट को दी जानकारी में बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। मामले को फुलकोर्ट मीटिंग में रखा गया और दो से अधिक बच्चे होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इस संबंध में जब मनोज कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
फॉर्म में बच्चों की जानकारी देना अनिवार्य
मप्र हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मो. फहीम अनवर ने बताया, सरकारी नौकरी के फॉर्म में वैवाहिक स्थिति, बच्चों की संख्या पूछी जाती है। अगर विवाहित हैं तो बच्चों की जानकारी देनी होती है। चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार दो से ज्यादा बच्चों के पिता हैं। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का नोटिस दे दिया है।

लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं मिल रहा सुराग

पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट में जहां राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में सुनवाई चल रही है, वहीं हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल बॉर्डर के जिलों में हनीप्रीत की तलाश में दबिश दे रही है। इस संबंध में सीमा से लगे सात जिलों में अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को पुलिस शिद्दत से तलाश कर रही है। जिसके चलते हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में छापेमारी कर रही है। यही नहीं नेपाल से लगे बिहार के सात जिलों में पुलिस ने हनीप्रीत को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
इससे पहले हरियाणा पुलिस के हाथ उस वक्त बड़ी कामयाबी लगी, जब पुलिस ने हनीप्रीत के विश्वास पात्र ड्राइवर प्रदीप को राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर प्रदीप पिछले कई दिनों से सालासर में छिपा हुआ था।
पुलिस हनीप्रीत तक पहुंचने के लिए डेरा सच्चा सौदा की मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन विपासना इंन्सा को जरिया बनाना चाहती है। रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम का जो भी राजदार रहा है, पुलिस की अब उस पर पैनी नजर है।
गौरतलब है कि विपासना इन्सां और हनीप्रीत इन्सां के बीच छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। एक तरफ जहां हनीप्रीत ने खुद को गुरमीत राम रहीम की असली वारिस होने का ऐलान कर डाला था। वहीं गुरमीत के जेल जाने के बाद से विपासना कहती आ रही है कि हनीप्रीत का डेरा सच्चा सौदा से कोई लेना देना नहीं है। ना ही उसकी कोई हिस्सेदारी है।
साफ है कि डेरे के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। खुद विपासना भी नहीं चाहती कि हनीप्रीत का अब डेरे में कोई दखल हो। इसी खींचतान के बीच हनीप्रीत को ढूंढना पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक विपासना के फोन पर 25 अगस्त की रात को हनीप्रीत की एक कॉल आई थी। इसमें हनीप्रीत की लोकेशन राजस्थान के बाड़मेर में थी। हनीप्रीत को सार्वजनिक तौर आखिरी बार रोहतक में देखा गया था। वहां वो डेरे के एक अनुयायी के घर पर ही एक घंटे तक रुकी थी। उसकी कार आखिरी बार हिसार रोड पर जाती देखी गई थी।
उसके बाद से ही हनीप्रीत की कोई भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी है। पुलिस पर सरकार का दबाव है कि वो जल्दी से जल्दी देशद्रोह के मामले में वांछित हनीप्रीत और आदित्य इन्सां को पकड़ कर कोर्ट मे पेश करे।

बुलेट ट्रेन से भी तेज है इसकी स्पीड, चंद मिनट में होगी यात्रा

दुनिया के 26,00 शहरों में से भारत के चार शहरों को हाइपरलूप प्रोजेक्ट लिए चुना गया है। जनवरी में कंपनी ने ग्लोबल चैलेंज के तहत दुनिया भर में हाइपरलूप के लिए रूट की पहचान की गई जहां इसका सेटअप किया जा सकता है। इसके लिए पहले 2,600 जगहों को चुना गया जिसके बाद सेमीफाइनल के तौर पर सिर्फ 17 देशों को चुना गया। आखिरकार अब कंपनी ने पांच देशों को फाइनल किया है
क्या है हाईपरलूप?
आने वाले वक्त में ट्रेन के सफर के तरीके और समय में बड़ा बदलाव आ सकता है। ये संभव होगा हाइपरलूप तकनीक से। हाइपरलूप एक ऐसा माध्यम है जिसे लंबी दूरी मिनटों में तय की जा सकती है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर इसे शुरू किया है।
हाईपरलूप में एक सील की ट्यूब की सीरीज होती है जिसके जरिए किसी भी घर्षण और हवा के रूकावट के बिना लोगों को एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा कराई जा सकती है। इसमें ट्रेन जैसे ही लोगों के लिए जगह होगी।
हाइपरलूप वन ने काफी पहले से एक कॉन्टेस्ट आयोजित किया था, जिसमें दुनिया भर के जगहों को हाइपरलूप के लिए चुना जाना था। अब कंपनी ने 10 जगहों को चुना है, जहां दुनिया के पहले हाइपरलूप ट्रैक बनाए जा सकते हैं।
पांच देशों के इन 10 जगहों में भारत भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको और कनाडा जैसे देश शामिल है। जहां हाइपरलूप का ट्रैक तैयार किया जा सकता है। गौरतलब है कि 26 आवेदन में सिर्फ 10 जगहों को चुना गया है।
कंपनी ने पहले 2,600 जगहों को चुना जहां हाइपरलूप ट्रैक लगाना संभव हो और आखिरकार 10 को चुना गया है। इस कॉन्टेस्ट में दुनिया भर के वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर्स ने लूप्स के लिए अपने आवेदन दिए हैं। लूप उस टनल को कहा जाता है जो जिसके जरिए हाइपरलूप वन अपने पॉड्स भेजेगा जिसमें यात्री होंगे। हाइपरलूप की तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि यह हवाई जहाज और बुलेट ट्रेन से भी फास्ट हो सकता है। अगर कॉन्सेप्ट असल जिंदगी में आया तो पैंसेंजर ट्यूब में पॉड के सहारे यात्रा कर सकते हैं। इस पॉड में मैग्नेटिक लेविएशन और कम फ्रिक्शन यूज किया जाएगा जिससे इसका मूवमेंट काफी फास्ट होगा।
भारत में अगर यह सेटअप ट्रैक लगाया गया और सफल परीक्षण हुआ तो बंगलुरू से चेन्नई की दूरी सिर्फ 23 मिनट में तय की जा सकेगा। आपको बता दें कि चेन्नई से बंगलुरू 334 किलोमीटर है। मुंबई से चन्नई की दूरी 1102 किलोमीटर है और हाइपरलूप प्रोजेक्ट से यह सिर्फ 63 मिनट में तय की जा सकेगी।

आईपीएस के अच्छे प्रदर्शन न होने से पद से हटाया

मिजोरम में तैनात आईपीएस ऑफिसर लिंगला विजय प्रसाद को केंद्र सरकार ने सेवा से हटा दिया है। गृह मंत्रालय ने एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने उनकी सेवाओं को असन्तोषजनक पाया था। अधिकारी ने कहा, 1997 बैच के पुलिस ऑफिसर और अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश काडर के ऑफिसर की सेवाओं को असंतोषजनक पाए जाने के बाद सेवा से हटा दिया गया है। डीआईजी रैंक के इस ऑफिसर की सेवाओं के 15 साल पूरे होने के बाद परफॉरमेंस की समीक्षा हुई, जिसमें उन्हें अनफिट पाया गया। नियमों के मुताबिक ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर के प्रदर्शन की समीक्षा दो बार होती है। पहला उनकी सेवा के 15 साल पूरे होने पर और दूसरा 25 साल पूरा होने पर। विजय लिंगला प्रसाद को हटाने का आदेश बुधवार को गृहमंत्रालय की ओर से जारी किया गया। इसे कैबिनेट की नियुक्ति कमिटी ने भी मंजूरी दी है। इस कमिटी की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।
सर्विल रुल्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस तरह के मामलों में एक अधिकारी को सार्वजनिक हित में रिटायर करने को लेकर राज्य सरकार से सलाह मशविरा कर सकती है। हालांकि इसके लिए लिखित में तीन महीने पहले नोटिस दिया जाता है या कई महीनों की सैलरी और भत्ते भी दिए जाते हैं।

2 अक्टुबर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनेगा: रावत

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाएगी। इस दिन पूरे प्रदेश में सभी वर्गों और समुदाय के लोगों को शामिल करते हुए स्वच्छता के साथ ही श्रमदान किया जाएगा। साथ ही इसी दिन शहरी स्थानीय निकायों में शहरी विकास विभाग द्वारा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वजल परियोजना की जनपदीय इकाईयों के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर पूरे प्रदेश में स्वच्छता कार्यक्रम को वृहद स्तर पर आयोजित करने की सफल बनाने अपेक्षा की गई है। स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में 15 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक विशिष्ट दिवस घोषित किए गए हैं। इसके तहत ही 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी विद्यालयों, कालेजों व विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजन, एनसीसी तथा नेहरू युवा केंद्र द्वारा स्वच्छता अभियान का संचालन किया जाएगा। इसी दिन ऋषिकेश में गंगा आर्ट मैराथन का आयोजन होगा। इसमें चित्रकला व आर्ट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी प्रतिभाग करेंगे। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे पर बने घाटों में सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिवस 25 सितंबर को सर्वत्र स्वच्छता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस दिन अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, तालाबजल स्रोतों व शौचालयों आदि की सफाई के लिए वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। 24 सितंबर को समग्र स्वच्छता दिवस के तहत प्रदेश के नागरिकों, युवा, सुरक्षा कार्मिकों, महिला व बच्चों, खिलाड़ियों, स्वच्छ भारत मिशन के एम्बेसेडर, कारपोरेट तथा धार्मिक संस्थाओं द्वारा पंचायत व नगर निकायों में शौचालय निर्माण व श्रमदान किया जाएगा। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें जनपद और राज्य स्तर पर स्वच्छ शहरों और ग्रामीण इलाकों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। इससे पहले 1 अक्टूबर को कुछ विशिष्ट स्थानों का चयन कर वहां वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी स्कूलों व मदरसों के बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य से मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता, पेंटिंग, निबंध लेखन, वाद विवाद प्रतियोगिता कराई जाएगी। स्कूलों में प्रार्थना सभा के समय स्वच्छता की शपथ के साथ ही स्वास्थ्य व स्वच्छता विषय पर दैनिक चर्चा कराई जाएगी। स्कूलों व मदरसों के बच्चों द्वारा स्वच्छता संबंधी संदेशों के बैनर, नारे आदि के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता रैलियों का आयोजन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य के रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक जिले और विकासखंड स्तर पर स्वच्छता टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। नदी नालों, गदेरे व पेयजल स्रोतों की सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।

अब पिरूल के जंगल नहीं जलेंगे: सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) के मध्य पिरूल से तारपिन ऑयल और उसके कचरे से बॉयोफ्यूल तैयार करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बनी। इसके लिए शीघ्र ही एमओयू किया जायेगा। एमओयू में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी एवं निदेशक आईआईपी डॉ.अंजन रे हस्ताक्षर करेंगे। राज्य के आठ पहाड़ी जिलों अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी एवं उत्तरकाशी में पिरूल के कलेक्शन सेंटर स्थापित किये जायेंगे। पिरूल एकत्रित करने वालों को इंसेटिव भी दिया जायेगा। इसके लिए आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल किया जायेगा। तारपिन ऑयल एवं बॉयोफ्यूल का औद्योगिक क्षेत्र में भी प्रयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह वेस्ट को बेस्ट में परिवर्तित करने का एक प्रयास है। इससे गर्मियों में पिरूल के जंगलों में वनाग्नि से बचाव होगा। जंगल एवं जीव जन्तुओं का भी संरक्षण होगा। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक चरण में प्रतिदिन 40 टन पाइन निडिल की आवश्यकता पड़ेगी। जिसे पंचायतों एवं गांवों से खरीदा जायेगा। इससे जहां सरकार को राजस्व प्राप्त होगा, वहीं स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार भी मिलेगा। उद्योगपति महेश मर्चेन्ट ने बताया कि इसके लिये शीशमबाड़ा में प्लान्ट बनाना प्रस्तावित है।

बुलेट ट्रेन से भारत में नए अध्याय की शुरूआत: आबे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे ने अहमदाबाद में देश के पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। यह प्रोजेक्ट करीब 1 लाख करोड़ रुपए का है। बुलेट ट्रेन का यह प्रोजेक्ट अहमदाबाद से मुंबई तक का है। सरकार की ओर से कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय से एक साल पहले यानी 2022 में पूरा करे जाने की बात की है।
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हुआ है। जब 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होंगे तब मैं और शिंजो आबे बुलेट ट्रेन में एक साथ बैठेंग।
पीएम मोदी बोले कि भले ही टेक्नोलॉजी जापान से मिल रही है, लेकिन बुलेट ट्रेन के संसाधन भारत में ही बनेंगे। देश की कंपनियों को नया रोजगार मिलेगा और मेक इन इंडिया को बल मिलेगा। 70 से अधिक छोटे शहरों को हवाई यात्रा शुरू की है। मोदी ने कहा कि जब मैं गुजरात का सीएम था तो लोग कहते थे कि मोदी बुलेट ट्रेन कब लाएंगे, अब बुलेट ट्रेन आ गई है तो लोग कह रहे हैं कि बुलेट ट्रेन क्यों ला रहे हो। जापान ने भारत को नई सौगात दी है। इस हाई स्पीड रेलवे सिस्टम से ना सिर्फ दो जगहों के बीच दूरी कम होगी बल्कि 500 किलोमीटर दूर बसे दो शहरों के लोग भी और पास आएंगे।
पीएम बोले कि बंधे हुए सपनों के साथ आगे बढ़ना मुश्किल है, रेलवे के बाद ही अमेरिका का भी विस्तार हुआ है। बुलेट ट्रेन ने ही जापान को बदला है। प्रयास के तरीकों में बदलाव जरुरी है। वक्त धीरे-धीरे बढ़ने का नहीं है। जापान ने बुलेट ट्रेने के लिए 88 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया, जिस पर 0.1 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि बुलेट ट्रेन से रफ्तार और रोजगार दोनों आएगा, भारत-जापान की दोस्ती सीमाओं से परे है। तेज गति और प्रगति से तेज परिणाम आएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए शिंजो आबे ने निजी रूप से रुचि दिखाई, इसलिए तेजी से काम हो रहा है। जापान ने दिखा दिया है कि वो भारत का सबसे मजबूत दोस्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती भाषा में अपने भाषण की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि मेरे करीबी मित्र शिंजो आबे का काफी बहुत धन्यवाद। मोदी ने कहा कि सपनों का विस्तार ही किसी भी देश को आगे बढ़ाता है, ये न्यू इंडिया है। शिंजो आबे बोले कि भारत और जापान की दोस्ती सिर्फ द्विपक्षीय नहीं है, यह विश्व व्यवस्था की है। जापान पूरी तरह से मेक इन इंडिया का समर्थन करता है. आबे ने कहा कि मैं और पीएम मोदी जय इंडिया, जय जापान का सपना साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि अगली बार जब भारत आऊंगा तो बुलेट ट्रेन में बैठूंगा।
जापानी पीएम बोले कि जापान में बुलेट ट्रेन से कोई हादसा नहीं होता है, एक दिन पूरे भारत में बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। जापान की बुलेट ट्रेन पूरी दुनिया में सबसे सुरक्षित बुलेट ट्रेन सेवा है।
शिंजो आबे ने कहा कि पीएम मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं, मैंने खुद इस प्रोजेक्ट में रुचि ली है। जापान से 100 से अधिक इंजीनियर भारत में आए हुए हैं, मोदी की नीतियों का पूरा समर्थन करता हूं। जापानी पीएम शिंजो आबे ने नमस्कार से अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत का ताकतवर होना जापान के हित में है। भारत में नए अध्याय की शुरुआत हुई है। मंच पर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की डेमो फिल्म दिखाई गई।

फोटो खींच व्हाट्सएप पर भेंजे, मिलेगा इनाम

सावधान, अब अगर नदी में कूड़ा डाला तो खैर नहीं और साथ ही जो व्यक्ति नदी में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखेगा व उसकी फोटो खींचकर देगा। उसे पुरूस्कृत भी किया जायेगा। जी हां रुद्रप्रयाग प्रशासन ने नदी में कूड़ा डालने से रोकने के लिए अब नया फार्मूला निकाला है। कूड़ा डालने वाले व्यक्ति की फोटो लाने वाले व्यक्ति को प्रशासन इनाम भी देगा। ताकि लोगों की जागरुकता से नदियो को निर्मल बनाया जा सके।
कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में नमामि गंगे समिति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नदी को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। साथ ही कहा कि जो लोग नदी नालों में गंदगी डालेंगे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि नमामि गंगे के अंतर्गत नदी एवं नालों तथा सामाजिक प्रतिष्ठानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही नदी, नालों और सामाजिक प्रतिष्ठानों पर कूड़ा फेंकने वालों की फोटो खींचकर उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप पर भेजने वाले को 500 रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कूड़ा फेकने वाले की फोटो साफ होनी चाहिए, जिससे कूड़ा फेंकने वाले का पता चल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि फोटो भेजने वाले का नाम, पता व स्थान का नाम भी उल्लेख करना होगा। कहा कि सामाजिक प्रतिष्ठानों (घाट) में दीवार लेखन, वाल पेटिंग के माध्यम से जन जागरुकता लाई जाएगी। नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत अगस्त्यमुनि में कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

राहत: योगी सरकार ने बिल्डरों को कब्जा दिलवाने के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेशकों को राहत देते हुए निर्माणकर्ताओं को तीन महीने के अंदर 50 हजार मकानों पर कब्जा दिलवाने का निर्देश दिया हैै। ऐसा ना करने पर बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित बिल्डरों को निर्देश दिये हैं कि वे नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अगले तीन महीने के अंदर मकान अथवा फ्लैट निर्माण का कार्य पूरा करके कब्जा दिलवाएं। बिल्डरों ने भी इस पर सहमति दी है। उन्होंने कहा अगर बिल्डर इसमें सहयोग नहीं करेंगे तो हमारे सारे विकल्प खुले हैं, हम उनके खिलाफ आर्थिक कार्रवाई के साथ आपराधिक कार्रवाई भी करेंगे।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री का यह आदेश बिल्डरों तथा नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों के शीर्ष अधिकारियों और मंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद आया है। यह बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा रियल एस्टेट कम्पनी जेपी इंफ्राटेक की दिवालिया होने सम्बन्धी अर्जी पर सुनवाई के दौरान कम्पनी को खरीदारों के हितों की रक्षा के लिये दो हजार करोड़ रुपये जमा करने के आदेश के बाद बुलायी गयी थी।
उच्चतम न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक से कहा था कि वह निवेशकों के हितों की रक्षा के लिये दो हजार करोड़ रुपये जमा कराए। कम्पनी ने अपने द्वारा लिये गये कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने के मद्देनजर दीवालिया होने की अर्जी दी है। अनेक निवेशक इस कम्पनी की एक परियोजना में मकान के लिये धन अदा करने के बावजूद कब्जे के लिये परेशान हैं।