प्रदेशभर की 167 करोड़ की योजनाओं का सीएम ने दिया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न सड़कों के सुधारीकरण एवं पुनर्निर्माण, स्कूल भवनों, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत हर की पैड़ी क्षेत्र के विकास, घाटों एवं पुलों के निर्माण के साथ ही हैलीपोर्ट निर्माण, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा मार्ग निर्माण आदि से संबंधित योजनाओं के लिए 167 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के विकासखण्ड दुगड्‌डा के अन्तर्गत मेरठ पौड़ी रा०मा० के किमी० 138 से लालपुर-कलालघाटी-नयावाद पुराना कोटद्वार हरिद्वार मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 1.28 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत चम्पावत खेतीखान मोटर मार्ग (64) के किमी0 8.00 से सुयालखर्क मिलान मोटर मार्ग का सुधारीकरण/डामरीकरण के कार्य हेतु ₹ 3.20 करोड़, विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट एवं कोटाबाग के नानिया विनायक मोटर मार्ग से बिडारी पोखराधार तक मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 4 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के पुरूकुल में निर्माणाधीन सैन्यधाम एवं मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक पहुंचने वाले मुख्य सड़क मार्गों को डेढ़ लेन में उच्चीकरण के कार्य हेतु ₹ 13.39 लाख, जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत कामाज्यूला भनार रैघाडी मोटर मार्ग में पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण के कार्य हेतु ₹ 7 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट में पोखरी चण्डिकाघाट मोटर मार्ग निर्माण कार्य हेतु ₹5.38 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत अगस्त्मुनि रा० स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.19 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। जबकि हरिद्वार गंगा कॉरिडार परियोजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा हर की पैडी पुनरूद्धार योजना के तहत मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, कांगड़ा घाट तथा रोडी बेलवाला घाट तथा पुल निर्माण कार्य हेतु ₹ 70 करोड़ तथा हर की पैडी के उत्तरी क्षेत्र के विकास हेतु ₹ 69.34 करोड़ की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के ओडल नामक स्थान पर हैलीपोर्ट के निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य हेतु ₹ 10.66 लाख की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ की ग्राम सभा चौना से माँ नन्दादेवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 40.56 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में ग्राम सभा चौना से बुक्टीखेत तक खडण्जा निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.41 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में इमला से रजन मंदिर तक अश्व मार्ग का निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.14 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है, इन योजनाओं की स्वीकृति संबंधी शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा विधानसभा क्षेत्र में गौशाला का निर्माण कार्य हेतु ₹ 4.23 करोड़, विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी हेतु राज्य विधिक परिषद को हल्द्वानी में उनके भवन के लिये ₹ 1.00 करोड तथा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में देवीधुरा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय को जाने वाली सडक मार्ग 500 मीटर हिस्से में इण्टर लॉकिंग टाईल्स लगवाये जाने हेतु ₹ 33.78 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इस संबंध में यह उल्लेखनीय है कि गौशाला निर्माण हेतु 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 1.69 करोड़, राज्य विधिक परिषद के भवन निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य के लिये ₹ 43.13 लाख तथा सड़क मार्ग के इंटरलॉकिंग कार्य हेतु अवशेष राशि ₹ 22.52 लाख का शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

ऑपरेशन कालनेमी: तीन जिलों में 4,802 से अधिक लोगों का सत्यापन, 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियाँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जनता के विश्वास की रक्षा करना है।

ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं, 09 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध भी सख़्त कार्रवाई की गई।

ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।

प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियाँ की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया प्रचलित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

लेखक गांव में सीएम धामी ने किया अटल प्रेक्षाग्रह का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखक गॉव थानो, देहरादून में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल प्रेक्षाग्रह का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले हमारे श्रद्धेय अटल ही थे। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठ भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी ने ओजस्वी कवि के रूप में अपने शब्दों से संवेदनाओं को स्वर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उनके लिए सदैव गर्व का विषय रहेगा कि उन्हें अपने छात्र जीवन में एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में लखनऊ में स्व. अटल का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. अटल ने भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तक, ग्राम सड़क योजना से लेकर दूरसंचार क्रांति तक उनके प्रत्येक निर्णय ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश में सर्वप्रथम एक गठबंधन वाली सरकार का पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर ये सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति और उत्थान का हो तो विभिन्न दल भी एकजुट होकर सरकार चला सकते हैं। श्री अटल ने देश में सेवा, सुशासन और गरीब-कल्याण पर आधारित नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत की, जिसने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एनडीए गठबंधन की सरकार भारत को सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। आज प्रत्येक सेक्टर के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत में विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे, रिंग रोड्स, हाई-वे और एलिवेटेड रोड्स जैसी परियोजनाएं नए भारत की पहचान बन रही हैं। भारत के 99 प्रतिशत गांवों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है और देश में प्रतिदिन 34 किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा अटल जी का देवभूमि उत्तराखंड से अत्यंत आत्मीय और गहरा लगाव रहा है। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हमारे वर्षों पुराने सपनों को साकार करने का ऐतिहासिक कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा अटल जी की प्रेरणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार, जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने गाँवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक तथा व्यापारियों से लेकर कर्मचारियों तक समाज के प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हमारा राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही कई ऐतिहासिक फैसले भी लिए गए हैं।

इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विदुषी निशंक, प्रेम बुढ़ाकोटी, सुरेश, प्रदीप सरधाना, डॉ. सविता मोहन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

दूरस्थ क्षेत्रों को निःशुल्क जांच, परामर्श व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में अच्छा प्रयास: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से “ग्रामीण गढ़वाल समग्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना” के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों का फ्लैग‑ऑफ किया। यह परियोजना ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून ने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरु की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि लोग भौगोलिक और आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इस पहल से दूरस्थ गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना आसान होगा। दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, निःशुल्क जांच, परामर्श एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में यह अच्छा प्रयास है।

इस परियोजना का प्रथम चरण जनपद चमोली एवं टिहरी गढ़वाल में आरंभ किया गया है। जहां दो पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैनात किया गया है। इसके माध्यम से सामान्य चिकित्सा, 29 से अधिक निशुल्क पैथोलॉजी जांच, निःशुल्क दवा वितरण, नेत्र जांच, स्वास्थ्य परामर्श एवं रेफरल सेवाएं प्रदान की जायेंगी। हर मोबाइल यूनिट में डॉक्टर मौजूद रहेंगे l ये यूनिट गांव, कस्बों, स्कूलों और बाजारों में निर्धारित समय पर जाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी l इसके लिए जनपदों के अधिकारियों से सामंजस्य रखा जाएगा l
इस अवसर पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनसाला, डॉ. पुनीत त्यागी डॉ. एस.एल. जेठानी, मेजर जनरल (रिटा) ओ.पी सोनी एवं डॉ. सुभाष गुप्ता मौजूद थे।

सीएम धामी ने नैनीताल में 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लोकार्पण योजनाओं में – 29 करोड़ 16 लाख की लागत से सूखाताल झील को रिचार्जिंग जोन एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया जिसके अंतर्गत सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। योजना अंतर्गत स्थल पर दो झीलों का निर्माण व उनके मध्य डक्ट का निर्माण , झील में पानी की शुद्धता हेतु एयरेशन प्लांट की स्थापना, 9 दुकानों का निर्माण, शौचालय ब्लॉक का निर्माण व विकसित स्थल पर प्रवेश हेतु मुख्य मार्ग से लगते हुए लिफ्ट एवं ट्रांजिट भवन का निर्माण एवं झील के चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया।

इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से हल्द्वानी में जिला खनिज न्यास योजना अंतर्गत स्वीकृत कालाढूंगी रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय के संरचनात्मक दृढ़ता एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया गया।

*इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया*

जिसमें
* *9 करोड़ 63 लाख 9 हजार रूपये* की लागत से जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट पाडली मोटर मार्ग के किलोमीटर 11 में 74.15 मीटर स्थान के प्री स्ट्रेस सेतु (मोटर पुल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुगम आवागमन, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक आर्थिकी में सुधार आएगा।

* नैनीताल जिला मुख्यालय में *34 करोड़ 3 लाख 13 हजार* रुपये की लागत से नेशनल होटल तल्लीताल में प्राधिकरण की कार पार्किंग से लगती नगर पालिका की भूमि पर ऑटोमेटेड मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से जन सामान्य में पर्यटकों को पार्किंग सुविधा का लाभ मिलेगा

* रामनगर में *38 करोड़ 57 लाख 64 हजार* रुपए की लागत से माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा रामनगर पुरानी तहसील की खाली भूमि पर बहु मंजिला पार्किंग निर्माण किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर 343 वाहनों हेतु पार्किंग सुविधा एवं 16 दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों एवं पर्यटकों को वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* की धनराशि से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 62 आर0जी0 ग्राम शंकरपुर में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* रुपये की लागत से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 17 आर0जी0 ग्राम जोगीपुरा में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* जनपद नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में *60 लाख 57 हजार* रुपये की लागत से ग्राम अमेल में नलकूप के स्थान 1 लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई का समाधान होगा।
* विधानसभा हल्द्वानी में *61 लाख 23 हजार* रुपए की लागत से चार विद्यालयों की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा। जिससे छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित व स्वच्छ माहौल एवं पठन-पाठन में सुविधा मिलेगी।
* विधानसभा लालकुआं अंतर्गत *4 करोड़ 4 लाख 33 हजार* रुपए की लागत से 14 विद्यालयों एवं 1 आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर पठन पाठन व सुविधा का लाभ मिलेगा।

* विधानसभा कालाढूंगी में *2 करोड़ 8 लाख 85 हजार* की लागत से पांच विद्यालयों, एक सड़क निर्माण, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक उपकेंद्र के मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* विधानसभा रामनगर के अंतर्गत *78 लाख 22 हजार* की लागत से 4 विद्यालयों में मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* जिले के गोला नदी के दानीजाला में *28 लाख ब्याज 82 हजार* रुपए की लागत से रिवर क्रॉसिंग केबल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी विकास कार्य जनपद नैनीताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने,पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने,जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निरंतर आधारभूत जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने,अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु निरंतर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुवा है यह सभी कार्य समय बद्धता एवं गुणवत्ता युक्त हों इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, नवीन वर्मा,मंडी परिषद के सलाहकार सदस्य मनोज जोशी, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी सी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नैनीताल कार्निवाल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
*नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल से क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन विकास को और अधिक गति मिलेगी।* उन्होंने नैनीताल विंटर कार्निवाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शीतकालीन कार्निवाल कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज हम जहां एक ओर नैनीताल में इस भव्य विंटर कार्निवाल के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं नैनीताल के समग्र विकास के लिए सैंकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित किया है। आज का यह दिन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि आज हमारे पृथक राज्य निर्माण के स्वप्न को साकार करने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती भी है, इस अवसर पर समस्त प्रदेश वासियों की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को कोटि कोटि नमन करते हुए उन्हें भावांजलि अर्पित करता हूं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नैनीताल जनपद के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 13 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि नैनीताल की पावन भूमि पर सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शीतकालीन कार्निवल का आयोजन इतने भव्य रूप में किया जा रहा है। इस शीतकालीन कार्निवल के माध्यम से जहां एक ओर यहां आने वाले लोगों को हमारी समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं पर्यटक हमारी लोक संस्कृति, कारीगरी और पारंपरिक स्वाद से भी परिचित हो रहे हैं।

इस महोत्सव के दौरान जहाँ एक ओर प्रतिदिन अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश और राज्य के कई प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुतियाँ दी गई,वहीं, बोट रेस, सांस्कृतिक झांकियो, लाइट एंड साउंड शो तथा मनमोहक बैंड प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी हुआ। इस कार्निवाल में पर्यटकों के लिए प्रकृति भ्रमण, ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज़्म तथा आर्टिफ़िशियल रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विंटर कार्निवल न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ-साथ राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सिद्धपीठ नैनादेवी मंदिर के साथ-साथ कैंची धाम, तल्लीताल में हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम सहित क्षेत्र के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। आज एक ओर जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, वहीं राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत भी की है। इतना ही नहीं, सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ”स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना भी करने जा रहे है।
इसके साथ ही सरकार अपने पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का विंटर कार्निवल भी शीतकाल के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच रहा।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की, कि जिस प्रकार पूर्व में नवरात्रों के अवसर पर नैनीताल में शरदोत्सव तथा ओटम फेस्टिवल का आयोजन किया जाता था।
हमें ऐसे आयोजनों को पुनः शुरू करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहॉं एक ओर *एक जनपद, दो उत्पाद* योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, वहीं *हाउस ऑफ हिमालयाज* ब्रांड ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी राज्य में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिले में सैकड़ों की संख्या में होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोज़गार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तराखंड राज्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी अनेकों क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Best Wildlife तथा Best Adventure Destination जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही सतत पर्यटन के लिए World Responsible Tourism Award में “One to Watch” पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार, राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है, इसलिए सरकार ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा के लिए अनेकों कठोर निर्णय लिए हैं। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभी तक 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। राज्य में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है,और आगे भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू कर दंगा फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया,जिससे बहुविवाह, हलाला जैसी कुकृत्यों से महिलाओं को आजादी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है वहीं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। जिसके माध्यम से पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, वहीं, 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार करने वाले आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का प्रयास भी किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करने की अपील उपस्थित जनता से की। उन्होंने कहा कि *हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।*

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया गया।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, सुरेश भट्ट, दिनेश आर्या,शांति मेहरा नवीन वर्मा,आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रही।

जन-जन की सरकार अभियान कागज़ों तक सीमित न रहे, बने निर्णायक गेम चेंजर: धामी

सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं एवं कमजोर वर्ग के ऐसे लाभार्थी जो शिविरों तक नहीं आ सकते, उनके घर तक अधिकारी स्वयं पहुँचें, मौके पर ही आवेदन भरवाएँ और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने दो टूक कहा कि यह अभियान किसी भी स्थिति में औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समीक्षा का उद्देश्य कार्यक्रम को और अधिक गति देना, उसे परिणाम-केंद्रित बनाना और जनता तक वास्तविक लाभ पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम निरीक्षण का नहीं बल्कि सेवा और समाधान का मंच है। बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविरों की सूचना पूर्व से व्यापक स्तर पर दी जाए और इन्हें उत्सव के स्वरूप में आयोजित किया जाए। स्थानीय भाषाओं—गढ़वाली, कुमाऊँनी एवं अन्य स्थानीय बोलियों—में प्रचार-प्रसार अनिवार्य किया जाए, ताकि आमजन सहजता से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को आवेदन के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए स्पष्ट समयसीमा तय हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल समस्याएँ सुनने तक सीमित न रहे, बल्कि समाधान की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बने। जहाँ समाधान तत्काल संभव हो, वहाँ मौके पर ही कार्रवाई की जाए। जहाँ समय लगे, वहाँ स्पष्ट समयसीमा और उत्तरदायित्व तय कर लाभार्थी को जानकारी दी जाए। यदि किसी क्षेत्र से फीडबैक संतोषजनक न आए तो वहाँ पुनः शिविर लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों, युवक मंगल दलों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बार-बार सामने आ रही समस्याओं की सूची बनाकर शासन के समक्ष रखी जाए। साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए और धीमी गति से कार्य करने वाले विभागों को चिन्हित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत अब तक 56,550 से अधिक लोग प्रतिभाग कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में बिना पूर्व सूचना अल्मोड़ा के एक शिविर में पहुँचकर स्वयं जनता से फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी शिविरों का औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी मैदान में सक्रिय भूमिका निभाएँ। मंच तक सीमित न रहकर स्टॉल स्तर पर जाकर नागरिकों से संवाद करें। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्ग को आवेदन, दस्तावेज़ एवं पात्रता से जुड़ी प्रक्रियाओं में प्रत्यक्ष सहायता दी जाए। केवल समाधान, सहयोग और संवाद पर केंद्रित रहें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविरों का व्यापक प्रचार किया जाए। स्थानीय बोलियाँ जानने वाले अधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। डीएम/सीडीओ बिना पूर्व सूचना के भी शिविरों में पहुँचें। बड़े न्याय पंचायतों में एक से अधिक कैंप तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिविर लगाए जाएँ। आधार कार्ड अपडेशन, आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। प्रत्येक कैंप के बाद फीडबैक सर्वे और रिपोर्टिंग प्रणाली लागू हो। लाभार्थियों से SMS/कॉल के माध्यम से समाधान की पुष्टि की जाए और यह चिन्हित किया जाए कि कौन-सी समस्या बार-बार आ रही है तथा कौन-सा विभाग अपेक्षित गति से कार्य नहीं कर रहा।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुँचाना है और जनता को यह स्पष्ट अनुभव होना चाहिए कि सरकार उनकी सुविधादाता है, बाधा नहीं।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।

तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने केदारकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर उन्होंने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक वास्तुकला, लोक संस्कृति और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण, सड़क परियोजनाएं और पुरोला उप जिला चिकित्सालय जैसी अनेक योजनाएं इसके उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक दुर्गेश्वर लाल द्वारा क्षेत्र के विकास को लेकर सौंपे गए मांग पत्र का परीक्षण कर यथासंभव घोषणाओं में शामिल किया जाएगा। टटाउ महाविद्यालय के सड़क मार्ग को भी घोषणाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि हरकीदून, केदारकांठा, भराड़सर, देवक्यारा, चांईशील और सरूताल जैसे अनेक सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के केंद्र बिंदु सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल से क्षेत्र के पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, दायित्वधारी जगत सिंह चौहान, पूर्व विधायक मालचंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सीडीओ जयभारत सिंह, एसडीएम मुकेशचंद रमोला, ब्लॉक प्रमुख रणदेब राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग एवं पर्यटक उपस्थित रहे।

कृषि, उद्यान और वन विभाग आपसी सामंजस्य से जड़ी बूटी के उत्पादन और मार्केटिंग पर कार्ययोजना तैयार करें: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वन विभाग की ”गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना“ के अन्तर्गत राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने वन विभाग को शीघ्र इस हेतु पीएमसी गठित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी-बूटी उत्तराखण्ड की यूएसपी है। उन्होंने जड़ी-बूटी को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़े जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि, उद्यान और वन विभाग आपसी सामंजस्य से जड़ी बूटी के उत्पादन और मार्केटिंग आदि पर कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही कहा कि अभी बजट बन रहा है, यदि बजट में इसके प्रावधान की आवश्यकता पड़ेगी तो वो भी किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने हर्बल नर्सरियों को हर्बल एवं एरोमा पार्क के रूप में विकसित करते हुए इसे पर्यटन गतिविधियों से भी जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने देवबंद, खिर्सू, जागेश्वर, सेलाकुईं, मुन्स्यारी आदि स्थानों में नर्सरियों को विस्तारित कर हर्बल-एरोमा पार्क के रूप में विकसित करने हेतु तत्काल कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्र ही एक नर्सरी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने जड़ी बूटियों के विकास के लिए एक कोर ग्रुप तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कोर ग्रुप में कृषि, उद्यान, हर्बल विकास एवं अनुसंधान संस्थान, सगन्ध पौधा केन्द्र सहित वन एवं वन निगम को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ये सभी जड़ी बूटी के क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे हैं। अब इन्हें आपसी सामंजस्य से कार्य करने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना के तहत् 10 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए शीघ्र ही प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जाए। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र को प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि योजना को सफल बनाए जाने के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समितियों का गठन कर नियमित रूप से अनुश्रवण बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटी उत्पादन के साथ ही मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागों को आयुर्वेदिक फार्मा कम्पनियों और मांगकर्ताओं से उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप् उत्पादन पर फोकस किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पीसीसीएफ (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, पीसीसीएफ (वन पंचायत) वी.पी. गुप्ताअपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

धामी कैबिनेट में लिए गए अहम निर्णय, आप भी जानिए….

1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।

2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।

3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।

प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।

भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।

भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।

05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है

6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।

7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।

8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।

10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।

11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।