खटीमा में कौतिक मेले का शुभारंभ कर बोले सीएम, उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए घोषणा की कि पर्वतीय विकास भवन बनाया जाएगा, इस हेतु उन्होंने जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता दी जाएगी एवं समिति के अनुरोध पर उन्होंने मंच निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जिसका महत्व आध्यात्मिक भी है और वैज्ञानिक भी। उन्होंने कहा कि हम सभी मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाते हैं। हमारी संस्कृति में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है, इसलिए मकर संक्रांति का यह पावन पर्व एक राजा का अपनी प्रजा के घर जाने का दिन भी माना जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी का पर्व मात्र एक त्यौहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और हमारे जीवन दर्शन का उत्सवe है। उन्होंने कहा कि इस समय सूर्य नारायण हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आते हैं। मुझे खुशी है कि उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजनों के माध्यम से हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। इस आयोजन में जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और हमारी माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान में सजकर इस उत्सव का हिस्सा बनती हैं, तब यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बदलते वक्त में जब आधुनिकता चारों और बढ़ रही है, तब अपनी पहचान को बचाए और बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे समय में इस प्रकार के आयोजन अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज भारत न केवल विकास के नए शिखर छू रहा है, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव को भी पूरे विश्व में पुनः स्थापित कर रहा है। उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरणा लेकर हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खटीमा, मेरे लिए केवल एक विधानसभा नहीं, बल्कि मेरा घर है और आप सभी मेरा परिवार हैं। यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा शुरू की थी और यहां की हर गली, हर गांव, हर चेहरा मेरे दिल में बसता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का काम किया है, वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही, युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने हेतु राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु हमने गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल के निर्माण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं, पूरे विश्वास से कहता हूं कि खटीमा के विकास की गति को कभी रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। लेकिन विपक्ष को यह सच दिखाई नहीं देता, क्योंकि उन्हें सिर्फ अफवाह और भ्रम फैलाने की राजनीति आती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति से न तो कोई खिलवाड़ होगा, न ही डेमोग्राफी से कोई समझौता किया जाएगा और न ही कानून व्यवस्था से कोई सौदा होगा। इसीलिए हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि हमने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए और सिर्फ कानून ही नहीं बनाए, बल्कि उन्हें धरातल पर भी उतारा। एक ओर जहां लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त कराया। वहीं 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये भी साबित किया कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हमने “ऑपरेशन कालनेमि” के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक ओर जहां समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरस समाज की नींव रखी, वहीं सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम भी किया। जिसके चलते ही आज लगभग 27 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर हमने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। इन कठोर और ऐतिहासिक निर्णयों के साथ ही सरकार की स्पष्ट नीति और नीयत के कारण आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था राज्य गठन के मुकाबले 26 गुना बढ़ चुकी है। राज्य का बजट 1 लाख करोड़ को पार कर चुका है। इसके साथ ही आज राज्य का बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और राज्य में 10 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाकर हमने वर्ष 2027 का लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि पहले योजनाओं की धनराशि में भी बंदरबांट हुआ करती थी और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन, आज डीबीटी के माध्यम से शत-प्रतिशत धनराशि खातों में स्थांतरित की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 40 हजार से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता सीधे खाते में दी गई।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को विशेष रूप से सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। आपके संस्कार, आपकी मेहनत और आपका त्याग ही हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए महिला सशक्तिकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं, बल्कि संकल्प है। उन्होंने कहा कि जो लोग दशकों तक सिर्फ वादे करते रहे, वे आज हमारी उपलब्धियों से घबराए हुए हैं, लेकिन मैं, आज इस मंच के माध्यम से ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि “ये देवभूमि है, यहां विकास भी होगा, हमारी संस्कृति भी बचेगी और राष्ट्रविरोधी लोगों को यहां से अंतोतगत्वा जाना ही पड़ेगा”। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। और ये लक्ष्य कोई नारा नहीं, बल्कि हमारा “विकल्प रहित संकल्प” है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए आप सभी इसी प्रकार हमारी सरकार का सहयोग करते रहेंगे।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सीएमओ डॉ के के अग्रवाल, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अध्यक्ष कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति ठाकुर सिंह खाती, सचिव भुवन चंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष बी एस मेहता,मेला प्रभारी के डी भट्ट, जे एस बसेड़ा, नवीन कापड़ी, किशन सिंह किन्ना, राजेंद्र सिंह मितडी, गोपाल दत्त पाठक, सावित्री चंद, शांति पांडेय, गीता कांडपाल, जानकी गोस्वामी, संदीप कांडपाल, कमला मेलकानी, कुंदन सिंह बोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

सीएम धामी ने चंपावत को दी 170.15 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखण्ड, विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद आम लोगों में विवाह पंजीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने एक्ट के मुकाबले विवाह पंजीकरण कराने वालों की प्रतिदिन की औसत संख्या में 24 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और सत्ता में आने के बाद उन्होंने यह संकल्प पूरा किया। मुख्यमंत्री धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।

मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को, विशेष रूप से महिलाओं को, समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े प्रावधानों को यूसीसी में शामिल किया गया है। इस कानून के तहत महिला एवं पुरुषों के लिए विवाह की आयु निर्धारित की गई है, वहीं सभी धर्मों में तलाक एवं अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं। यूसीसी के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है।

यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है। वहीं, वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन के औसत पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के तहत प्रतिदिन केवल 67 विवाह पंजीकरण होते थे, जबकि यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। उत्तराखण्ड ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।”

सीएस की अध्यक्षता में हुई यूजेवीएन लिमिटेड की बैठक

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 132वीं बोर्ड बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के मानव संसाधन, परिचालन, परियोजनाओं एवं अन्य विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा निगम के स्थायी एवं अस्थायी पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

निदेशक मंडल द्वारा के नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन एवं मार्गदर्शन हेतु विशेषज्ञ तकनीकी समूह के गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह समूह परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता, डिजाइन तथा क्रियान्वयन से संबंधित सुझाव प्रदान करेगा। विशेषज्ञ तकनीकी समूह द्वारा सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 114 मेगावॉट की सेला-उर्थिंग जलविद्युत परियोजना के साथ ही 102 मेगावॉट की मोरी-त्यूनी जलविद्युत परियोजना व अन्य परियोजनाओं पर भी आवश्यकतानुसार कार्य किया जाएगा।

बैठक में मनेरी भाली द्वितीय चरण के जोशीयाड़ा बैराज के डाउनस्ट्रीम में जल प्रवाह को न्यूनतम करने से संबन्धित कार्यों की संशोधित लागत एवं प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा मोरी त्यूनी परियोजना हेतू परामर्शदात्री सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई। इसी क्रम में 300 मेगावॉट क्षमता वाली लखवाड़ परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों हेतु अद्यतन लागत व संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। चमोली जनपद में स्थित 3 मेगावॉट क्षमता वाली उर्गम लघु जल विद्युत परियोजना के पुनरोद्धार हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट व निवेश योजना के प्रस्ताव को भी बैठक में अनुमोदित कर दिया गया। 72 मेगावाट की त्यूनी प्लासु परियोजना में विद्युत यांत्रिक उपकरणों की स्थापना हेतु निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। पिथौरागढ़ जनपद में श्यामखोलागाड़ नदी पर 12 मेगावॉट की तांकुल परियोजना के सिविल डिजाइन व इंजीनियरिंग हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के 2025 विनियमों में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण टैरिफ व ट्रेडिंग मार्जिन संबंधी प्रावधानों पर समीक्षा याचिका दायर करने की अनुमति भी प्रदान की। सौर परियोजनाओं की वाणिज्यिक संचालन तिथि विस्तार न मिलने से जुड़े मुद्दे पर भी निदेशक मंडल द्वारा उत्तराखएड विद्युत नियामक आयोग में समीक्षा याचिका दाखिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। निदेशक मंडल के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत उत्पादन का विवरण भी रखा गया जिसके अनुसार वर्तमान तक निगम के विद्युत गृह अपने लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट अआगे चल रहे हैं।
बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए.के.सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन, विवेक आत्रेय आदि उपस्थित रहे।बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, प्रबंध निदेशक यूजेवीएन लिमिटेड डॉ. संदीप सिंघल निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए.के.सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन, विवेक आत्रेय आदि उपस्थित रहे।

विवेकानंद ने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 01 लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। महिला मंगल दल धापला, नैनीताल को प्रथम, महिला मंगल दल सेमा, चमोली को द्वितीय तथा महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। जबकि युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली को प्रथम, युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल को द्वितीय एवं युवक मंगल दल चौडीराय चम्पावत को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं एवं एन.एस.एस. अवार्ड विजेता युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 02 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि विवेकानंद जी ऐसे युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। उनके द्वारा शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को न केवल भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया बल्कि सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश भी दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। उनका युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश न केवल आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित भी हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप कल्चर को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने उत्तराखंड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में भी तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार ने उन सभी स्थानों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विश्व में सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की सर्वोच्चता स्थापित की। उनकी द्वारा दी गई शिक्षा और राष्ट्रीयता की भावना हमेशा प्रेरित करती रहेगी। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशर खेल डॉ. आशीष चौहान उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त कर विधायकों ने सीबीआई जांच की संस्तुति देने का किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक खजान दास, किशोर उपाध्याय, सहदेव पुंडीर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, बृजभूषण गैरोला, शक्तिलाल शाह ने मुलाकात कर अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सीएम धामी की जनसेवा पहल का लाभ लेने प्रत्येक शिविर में पहुंच रहे सैकड़ों लोग

उत्तराखण्ड सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता के बीच ले जाने का एक विस्तृत और प्रभावी प्रयास शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में 17 दिसंबर 2025 से यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में प्रदान करना और जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

यह अभियान 45 दिनों तक सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान सैंकड़ों शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याएँ प्रस्तुत की हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित शिकायतों को संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम के तहत नागरिकों को सरकारी प्रमाण पत्रों के लिये आवेदन, सामाजिक सुरक्षा व आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ और रोजगार तथा आजीविका से जुड़ी सेवाएँ सीधे प्राप्त हो रही हैं। अभियान में अब तक लाखों नागरिकों ने भाग लिया है तथा सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ लिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी अनेक जगहों पर जाकर जनसेवा के इस अभियान का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। सीएम कार्यालय स्तर से पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

*राज्य सरकार की ये पहल सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेही का मॉडल है। सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी को सरकारी सेवाओं के लिये कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार जाए एवं समस्याओं का समाधान करे। इस प्रक्रिया से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है तथा लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और सकारात्मक भावना बढ़ी है। यह अभियान उत्तराखण्ड में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

लोक संस्कृति के संरक्षण से मजबूत होगी देवभूमि की पहचान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के तहत पंजीकरण करवाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम को भव्य रूप दिया गया है। राज्य सरकार भी राज्य में हरिद्वार – ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।राज्य सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया है एवं 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा बहन स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़े हैं। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई। जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़े रहेगी।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कहा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट, संजय नेगी, विनोद उनियाल, ब्लाक भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएस वर्धन ने लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है, और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने का कार्य दिया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कोई ढिलाई न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी संस्थानों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से सभी संस्थानों के स्तर से किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स और केन्द्रीय जल आयोग से उनका पुनरीक्षण कार्य ससमय करा लिए जाए। उन्होंने परियोजना को समय से पूर्ण किए जाने हेतु सभी स्तरों की पर्ट चार्ट के साथ टाईमलाईन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दक्ष मैनपावर, मशीन और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा हाईड्रॉ मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध करायी जाए।

मुख्य सचिव ने परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार के अध्ययन आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल और जिला प्रशासन को लगातार परियोजना से जुड़े सभी स्टेक हॉल्डर्स और प्रभावितों से लगातार संवाद किया जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी नियमित रूप से प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों के लिए सम्बन्धित मंत्रालयों से भी लगातार संवाद कर फाईल प्रोसेसिंग में तेजी लाए जाने की बात कही।

बैठक में बताया गया कि यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत बनाया जाने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा और इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। इसकी 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी यूजेवीएनएल डॉ. संदीप सिंघल, सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।