उत्तराखंड के लोकपर्व हमारा गर्व, हमारी आत्माः धामी

मुख्यमंत्री आवास में आज इगास पर्व बड़े हर्ष उल्लास, पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। देवभूमि की लोक परंपराओं को समर्पित इस विशेष अवसर पर राजयपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से नि) की उपस्थिति में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इगास हमारी सांस्कृतिक अस्मिता, लोक आस्था और सामूहिक भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों, गायकों और विभिन्न क्षेत्रों से आए सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक लोकगीत व लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हारुल, झूमेंलो, चांचरी, थड़िया, जागर और अन्य पारंपरिक नृत्यद गायन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और पूरा परिसर लोकधुनों की गूंज से सराबोर हो उठा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी कलाकारों के बीच उपस्थित होकर उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति और परंपराएँ हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं, उन्हें बचाना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में शामिल सभी आमंत्रित अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, प्रवासी उत्तराखंडियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रदेश के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएँ दीं और उनसे भेंट की।

इगास उत्सव के पारंपरिक क्रम में मुख्यमंत्री ने लोक मान्यताओं के अनुसार परंपरागत रूप से ‘‘भेलों’’ भी खेला, जिससे वहां मौजूद बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। पूरा वातावरण पर्वतीय संस्कृति की खुशियों, लोकगीतों और लोकनृत्य से भर गया।

कार्यक्रम में सभी कलाकारों व प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया और कहा कि उत्तराखंड सरकार लोक कलाकारों के उत्थान, लोक परंपराओं को बढ़ावा देने और कल्चर बेस्ड रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इगास, बूढ़ी दीवाली और देव दीपावली के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएँ, वेश-भूषा और व्यंजन हमारी अनमोल धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इगास लोक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सामूहिकता, प्रकृति के प्रति आभार और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है। उन्होंने लोकगीत, ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक मांडणे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब घर-आंगन में लोक संस्कृति प्रफुल्लित होती है, तो ऐसा लगता है जैसे स्वयं देवभूमि मुस्कुरा रही हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडियों का सक्रिय योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि प्रवासी उत्तराखंडी अब इगास पर अपने पैतृक गांवों का रुख कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वभर में बसे उत्तराखंडियों से अपील की कि वे भी अपने गांवों और परिवारों के साथ लोक पर्व मनाएं और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर न सिर्फ अपनी संस्कृति को समृद्ध करें, बल्कि “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में योगदान दें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए इस संकल्प-वाक्य को याद करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की इस पवित्र भूमि के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। प्रधानमंत्री ने जो विश्वास उत्तराखंड पर जताया है, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड के समग्र विकास, रोजगार-सृजन, पर्यटन और आध्यात्मिक-पर्यटन विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा युवा शक्ति के सशक्तिकरण का दशक होगा। हम सभी को मिलकर ‘विकल्प रहित संकल्प’ की भावना के साथ कार्य करते हुए इस विज़न को धरातल पर उतारना है, ताकि उत्तराखंड विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश-दुनिया में अपने स्थान को और अधिक मजबूत कर सके।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा “इस इगास पर संकल्प लें कि न केवल अपने घरों में दीप जलाएं, बल्कि अपने मन में भी अपनी संस्कृति के प्रति गर्व का दीप प्रज्ज्वलित रखें।”

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभिन्न क्षेत्रों के लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र भौंर का स्थलीय निरीक्षण, आर्थिक सहायता कर की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकपर्व इगास के अवसर पर आज जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी वन श्रमिक एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, तथा संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया गया है ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और उनके साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र ही इस ग्राम तक मोटर सड़क निर्माण करने, जिससे क्षेत्र में दोपहिया वाहन की आवाजाही हो सके इस हेतु एक करोड़ रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए है उनके विस्थापन करने की योजना बनाने हेतु निर्देश दिए तथा जिन लोगों के वाहन आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए है उनको भी मुआवजा देने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं को एआई से जोड़ने को भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल का हुआ शुभारंभ

देवभूमि उत्तराखंड की लोकभाषाओं — गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी — को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। इस अवसर पर “भाषा डेटा कलेक्शन पोर्टल (Bhasha AI Portal)” का भव्य शुभारंभ अमेरिका के सिएटल और कनाडा के सरे-वैंकूवर में किया गया।

इस ऐतिहासिक लॉन्च का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वीडियो संदेश के माध्यम से हुआ। मुख्यमंत्री ने इस पहल को “उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता को डिजिटल युग से जोड़ने वाला युगांतकारी प्रयास” बताया और अमेरिका व कनाडा में रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री जी ने अपने संदेश में कहा —
“जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति जीवित है। उत्तराखंड सरकार सदैव अपनी मातृभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए तत्पर है और इस ऐतिहासिक पहल में पूर्ण सहयोग करेगी।”

इस पोर्टल के माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं के लगभग 10 लाख (1 मिलियन) शब्द, वाक्य, कहावतें, और कहानियाँ एकत्र की जाएँगी, ताकि AI प्लेटफ़ॉर्म इनसे सीखकर भविष्य में हमारी भाषाओं में संवाद कर सकें।

यह ऐतिहासिक लॉन्च Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में हुआ, जिसमें लगभग 4000 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडी भाई-बहन उपस्थित रहे।

इस लॉन्चिंग में विशेष रूप से सम्मिलित रहे:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (वीडियो संदेश), पद्मश्री प्रीतम भारतवाण (लोकगायक, जागर एवं ढोल सागर अकादमी), सचिदानंद सेमवाल (AI आर्किटेक्ट, अमेरिका), अमित कुमार, सोसाइटी के अध्यक्ष बिशन खंडूरी, टोरंटो से मुरारीलाल थपलियाल, एवं भारत दूतावास के प्रतिनिधिगण।

पद्मश्री प्रीतम भारतवाण ने कर्णप्रयाग (बद्रीनाथ क्षेत्र) से ऑनलाइन जुड़कर अपने संदेश में कहा —
“जब तक हमारी भाषा जीवित है, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान जीवित है। भाषा बचेगी तो संस्कार भी बचेंगे।”

उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए अपनी जागर एवं ढोल सागर अकादमी की ओर से निरंतर सहयोग देने की घोषणा की।

सचिदानंद सेमवाल (AI आर्किटेक्ट, अमेरिका) ने कहा —
“यह केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखने का एक जन-आंदोलन है।

मेरे 20 वर्षों से अधिक के इंजीनियरिंग अनुभव और 4 वर्षों से अधिक के AI अनुभव का उपयोग यदि अपनी मातृभाषा के संरक्षण में हो रहा है, तो इससे बड़ा सौभाग्य मेरे जीवन के लिए और क्या होगा।

इस पहल को हम एक सामाजिक आंदोलन के रूप में चलाएँगे और जो भी इसमें जुड़ना चाहेगा उसका स्वागत है — चाहे वह इंजीनियर हो, भाषा विशेषज्ञ, लोक कलाकार, समाजसेवी या व्यवसायी।”

Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada के अध्यक्ष बिशन खंडूरी ने कहा —
“यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस ऐतिहासिक लॉन्च की मेजबानी का अवसर हमारी संस्था को मिला। यह पहल विदेशों में रह रहे सभी उत्तराखंडियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा।”

कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी ने यह भी घोषणा की कि —
कनाडा और अमेरिका में “AI सक्षम भाषा शिक्षण केंद्र” (AI-enabled Learning Centers) स्थापित किए जाएँगे, जहाँ प्रवासी बच्चे आधुनिक तकनीक की सहायता से गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाएँ सीख सकेंगे। ये केंद्र पद्मश्री प्रीतम भारतवाण की जागर अकादमी से संबद्ध रहेंगे।

इस अवसर पर सोसाइटी के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे —
शिव सिंह ठाकुर (उपाध्यक्ष), विपिन कुकरेती (महामंत्री), उमेद कठैत, जगदीश सेमवाल, गिरीश रतूड़ी, रमेश नेगी, जीत राम रतूड़ी, विनोद रौंतेला, तथा Devbhoomi Uttarakhand Cultural Society Canada के सभी सदस्यगण।

इस अवसर पर भारत से ऑनलाइन जुड़े —
मस्तू दास, शक्ति प्रसाद भट्ट, के. एस. चौहान, तथा प्रोजेक्ट की कोर टीम, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कनाडा के स्थानीय मीडिया, भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि, AI विशेषज्ञों, सांस्कृतिक संगठनों और बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

“यह पहल केवल तकनीकी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और लोक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक जन आंदोलन है।”
जय उत्तराखंड, जय भारत।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्माण में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का ये रजत उत्सव एक उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन राज्य आंदोलनकारियों, माताओं-बहनों और युवाओं के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित करने का पावन अवसर है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

अनेक चुनोतियों से घिरा हुआ था राज्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड अस्तित्व में आया तब ये नवजात राज्य भौगोलिक कठिनाइयों, सीमित संसाधनों समेत अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था, लेकिन हमारी देवभूमि की जनता में ये अटूट विश्वास था कि कुछ भी हो जाए हम इस राज्य को आगे बढ़ाकर ही दम लेंगे और आज जब 25 वर्षों बाद हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो ये गर्व से कह सकते हैं कि इन वर्षों में उत्तराखंड न केवल इन चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ा, बल्कि आज विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।

गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है रजत उत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हमारी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और अटूट आस्था से भी है। कहा कि ये देवभूमि रजत उत्सव उसी गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत बना रहा है। कहा कि यहां आयोजित प्रदर्शनी और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हम देश-दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड अपनी परंपराओं में रचा-बसा होने के साथ ही भविष्य की ओर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

गांव से शहर तक, मातृशक्ति से श्रमशक्ति तक के लिए बनाई योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हम गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के लिए कई नई योजनाएं बनाकर प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। आज प्रदेश में जहां एक ओर शहरों से लेकर सुदूर सीमावर्ती व पर्वतीय गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है, वहीं, लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

4 वर्षाे के कठोर निर्णयों को बताया जनहित के निर्णय
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने चार वर्षों में लिए गए कठोर निर्णयों को जनहित के निर्णय बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी, सख्त दंगा रोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद सहित नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून, अवैध मदरसों पर की गई कार्यवाही सहित ऑपरेशन कालनेमि अभियान का भी बखान किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की जा रही कार्यवाही की भी बात कही।

हरिद्वार के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के चहुंमुखी विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दौहराते हुए कहा कि हम हरिद्वार शहर में जहां एक ओर 186 करोड़ रुपए से सीवरेज नेटवर्क निर्माण के साथ ही पूरे शहर में 187 करोड़ रुपए से अधिक की पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृण बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही लालढांग क्षेत्र में मॉडल डिग्री कालेज की स्थापना की और हरिद्वार में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए भी हर संभव प्रयास किए हैं।

कहा कि हमारी सरकार धर्मनगरी को काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण भी करा रहे हैं, जिसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इसके साथ ही हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। कहा कि हम हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी तक रोपवे के निर्माण और लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल का निर्माण करवा रहे हैं।

कुंभ के कार्यों में न बरतें अनियमितता, अन्यथा होगी कार्यवाही
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धर्मनगरी में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए हम अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन, उनके संज्ञान में कुंभ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों में कुछ अनियमितताएं बरतने शिकायत आई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाएं या तो गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। क्योंकि हमारी सरकार धर्मनगरी हरिद्वार को एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।

एआई रोबोट ने सुनाई डिजिटल इंडिया की गाथा
हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 के दौरान आधुनिक तकनीक और परंपरा का संगम भी देखने को मिला, जब एक अत्याधुनिक एआई रोबोट ने मंच से “डिजिटल इंडिया” की सफलता गाथा सुनाई। रोबोट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत आज विश्व का टेक्नोलॉजी हब बन चुका है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

कार्यक्रम में हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,,रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री/प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, दर्जाधारी राज्य मंत्री विनय रुहेला, राज्यमंत्री सुनील सैनी, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अजीत सिंह, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ मधु सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, एपीडी नलिनीत घिल्डियाल, संजीव चौधरी,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर उपस्थित रहे।

बिल लाओ इनाम पाओः नैनीताल की सोनिया और टिहरी के जसपाल रावत ने जीती इलेक्ट्रिक कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शुभारंभ करते हुए सचिवालय में ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ के अंतर्गत मेगा लकी ड्रॉ निकाला। राज्य कर विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1888 लकी ड्रॉ विजेता चुने गए। नैनीताल जनपद की सोनिया और टिहरी जनपद के जसपाल रावत ने प्रथम विजेता के रूप में एक-एक इलेक्ट्रिक कार जीती।

मुख्यमंत्री ने दोनों विजेताओं से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ योजना राज्य में जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस नवाचार ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना और ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से जनभागीदारी को कर प्रणाली से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया। इस योजना के तहत 6 लाख 50 हजार बिलों के माध्यम से 263 करोड़ रुपये का लेनदेन लोगों द्वारा अपलोड किया गया। इससे व्यापारी वर्ग में कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा मिला है और राज्य की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है। यह योजना आज एक ओर जहां उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है, वहीं साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से व्यवसायियों को भी सहूलियत मिली है। राज्य सरकार व्यापार तंत्र को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार, उद्यम और रचनात्मकता को साथ लेकर लोगों में नया विश्वास पैदा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “वार्षिक व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य के राजस्व वृद्धि की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में वित्तीय प्रबंधन में नवाचार, संसाधनों के मितव्ययी उपयोग और नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि प्रत्येक खरीदारी पर बिल अवश्य मांगें और लेनदेन को पारदर्शी बनाकर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मेगा लकी ड्रॉ में 2 विजेताओं ने इलेक्ट्रिक कार, 16 विजेताओं ने कार, 20 विजेताओं ने ई-स्कूटर, 50 विजेताओं ने मोटरसाइकिल, 100 विजेताओं ने लैपटॉप, 200 विजेताओं ने स्मार्ट टीवी, 500 विजेताओं ने टैब, तथा 1000 विजेताओं ने माइक्रोवेव एवं अन्य पुरस्कार जीते।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्य कर सोनिका, अपर सचिव नवनीत पांडेय, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, उद्योग व्यापार समूह से पंकज गुप्ता, राजीव अग्रवाल, सुनील मैसन, चार्टर्ड एकाउंटेंट रवि माहेश्वरी, संजीव गोयल, टैक्स बार एसोसिएशन से सुमित ग्रोवर, योगेश चोपड़ा एवं राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अति आवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्धांकी, युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

सीएम ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, यूनिटी मार्च वॉकथॉन का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं एकता पदयात्रा का शुभारंभ कर उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न, सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरो कर अखंड भारत का निर्माण किया। ऐसे महापुरुष के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, और सेवा की भावना प्रबल होगी।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी नागरिक एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं एसएसपी अजय सिंह मौजूद थे।

देहरादून इंदिरा मार्केट व आढ़त बाजार के कार्यों में लायी जाए तेजीः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के मोबिलिटी प्लान से सम्बन्धित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर के लिए यातायात संकुलन योजना की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित स्थानों में सुधार प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले एक माह में कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार नई पार्किंग स्थल चिन्हित कर तैयार किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अंडरग्राउंड पार्किंग पर भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के साथ ही चकराता रोड पर उपलब्ध स्थानों की फिजिबिलिटी स्टडी करवा ली जाए। उन्होंने सीएमपी में दिए गए सुझावों और नए चिन्हित सम्भावित पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने इंदिरा मार्केट एवं आढ़त बाजार के कार्यों की प्रगति की जानकारी भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आढ़त बाजार भूमि आबंटन प्रक्रिया नवंबर तक पूर्ण कर शीघ्र अग्रेत्तर कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंदिरा मार्केट के फेज-1 और फेज-2 के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कार्यों के लिए टाईमलाईन निर्धारित कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि नई बसें शीघ्र संचालित किए जाने के साथ ही यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ाए जाने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जाने पर बल दिया जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव विनीत कुमार, रीना जोशी, एमएनए नमामी बंसल एवं उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जीएसटी ग्राहकों को जागरूक करने की योजना बिल लाओं इनाम पाओं का 31 को होगा मेगा लक्की ड्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ’बिल लाओ, इनाम पाओ’ का मेगा लक्की ड्रॉ शुक्रवार 31 अक्टूबर को आयोजित किया जायेगा।

यह जानकारी देते हुए विशेष आयुक्त राज्य कर आई. एस. बृजवाल ने बताया कि विभाग द्वारा ग्राहकों को सामान का बिल लेने के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से जी.एस.टी. के अन्तर्गत जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ संचालित की गई थी। योजना का मेगा लकी ड्रॉ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में ए०पी०जे० अब्दुल कलाम भवन के कैबिनेट हॉल में दिनांक 31.10.2025 को दोपहर 12 बजे निकाला जायेगा। जिसमें विजेताओं की घोषणा की जायेगी।

पिथौरागढ़ में सीएम ने सहकारिता मेले का किया शुभारंभ, प्रदेश की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ की साझा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास एवं 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, वे पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियां एवं 116 मत्स्य समितियां गठित की गई हैं। उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, मेयर पिथौरागढ़ कल्पना देवलाल, अध्यक्ष जिला पंचायत पिथौरागढ़ जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।