नववर्ष में पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को लेकर पुख्ता व्यवस्थाएं हों: सीएम

30 दिसम्बर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रदेश में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों और आगन्तुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस द्वारा नियमित रात्रिकालीन गश्त की जाए। पुलिस के उच्चाधिकारी भी कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नव वर्ष 2026 के अवसर पर आवागमन को सुगम बनाने, पर्यटकों की सुविधा, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आपराधिक कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों, अधिक आवागमन तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। नव वर्ष के अवसर पर सभी जनपदों में यातायात प्रबंधन के साथ मूलभूत सुविधाओं तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था, वाहनों के अनियंत्रित संचालन तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने पर विशेष निगरानी के साथ ही शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा एवं आतिथ्य का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि चैकिंग के नाम पर आम जनता एवं पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में जिन स्थानों पर सड़कों पर अतिक्रमण की समस्याएं आ रही हैं, उन्हें सख्ती से हटाया जाए। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन तथा एमडीडीए टास्क फोर्स बनाकर सड़कों से निरंतर अतिक्रमण हटायें। अन्य जनपदों में भी जहां सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या है, इस पर निरंतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर होटल और रिसार्ट्स में भी फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को देखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की घटना की स्थिति में पुलिस 5 मिनट के अन्दर मौके पर पहुंच जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केन्द्रों की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइट एवं शीतकाल के दृष्टिगत अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिए जाने तथा प्लास्टिक मुक्ति के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस मुहिम में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों के साथ ही आम लोगों से भी सहयोग लिया जाए।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर एवं सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, शासन एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

किसान दिवस के उद्घाटन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।

सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

किसी भी व्यक्ति के पास अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए: पुलिस

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन विवादों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संवेदनशील घटना थी, जिसकी जानकारी सरकार को प्राप्त होते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।

विवेचना एवं ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान यह प्रकरण उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत हुआ, जहाँ सीबीआई जांच कराए जाने संबंधी याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत मानते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इनकार किया गया तथा याचिका को खारिज कर दिया गया।

इसके पश्चात यह मामला उच्चतम न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी विवेचना की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की याचिका को निरस्त कर दिया गया।

एसआईटी द्वारा की गई विस्तृत विवेचना के उपरांत निचली अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्तमान में यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

हाल ही में इस प्रकरण से संबंधित कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनकी विवेचना प्रचलित है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे विवेचना के दौरान एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। उस समय भी पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, तथ्य अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

उन्होंने पुनः अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में दर्ज प्रकरणों की विवेचना जारी है और यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा सकते हैं।

डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेंगे और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का हुआ विमोचन, सीएम धामी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत जन-जन तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा। उन्होंने कहा इन गीतों के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी एवं उत्तराखंड में पहली बार हुए कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

“पैली-पैली बार” गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली बार हुये विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुये अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण और यूसीसी , शीतकालीन यात्रा, पर्यटन व तीर्थाटन को बढावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा सुविधाओं, सरकारी सेवाओं में हुई नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।

इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान मे चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेडा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश एवं लोकगायिका खुशी जोशी व सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया गया है। साथ ही इसकी धुन व गीत भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा एवं संगीत ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं के बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर दायित्वधारी कैलाश पंत, लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), खुशी जोशी दिगारी ( वर्चुअल ) , भूपेन्द्र बसेडा, ललित गित्यार, राकेश खनवाल, चन्द्रप्रकाश, सोनम, कुंदन कोरंगा, बसंत तिवारी, नवीन जोशी, पूरन नगरकोटी, भागीरथी नगरकोटी, मीनाक्षी जोशी, मोहित जोशी, संगीतकार सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर अपने परिवार समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाया है। महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी तू नारायणी के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, लखपति दीदी योजना को लागू एवं ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। महिलाएं उद्योग, कला , शिक्षा, विज्ञान तक, खेल, अनुसंधान, सेना जैसे अनेकों क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया है। 15 हज़ार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत भी की गई है। जिसके अंतर्गत हम उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इनहाउस स्टोर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महिलाएँ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। नारीशक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी ( से नि), मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी का सुशासन मॉडल: 13 जिलों में 126 शिविर, 64,960 नागरिकों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट नीति — सरकार को जनता के द्वार तक पहुँचाना — आज धरातल पर पूरी मजबूती के साथ दिखाई दे रही है।

आज प्रदेश के 13 जनपदों में 126 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64,960 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से 10,962 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7,952 शिकायतों का मौके पर ही या समयबद्ध निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त 12,399 प्रकरणों में विभिन्न प्रमाण पत्र एवं सरकारी लाभ प्रदान किए गए, जबकि 39,923 नागरिकों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

यह आंकड़े नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यसंस्कृति, जवाबदेही और ज़ीरो टॉलरेंस नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि *“मेरी सरकार का संकल्प स्पष्ट है — जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचेगी।*‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। हर शिकायत का समयबद्ध समाधान और हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो दिव्यांग, वृद्ध या कमजोर वर्ग के लाभार्थी शिविरों तक नहीं आ सकते, उनके घर तक अधिकारी स्वयं जाएँ, शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण केवल कागज़ी नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी हो | किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी | प्रत्येक जनपद में फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए| योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और गरिमा के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे | मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसेवा में कोताही करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*सुशासन की नई पहचान*

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुशासन, संवेदनशीलता और जवाबदेही का मॉडल राज्य बना रहा है। यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।

पिथौरागढ़ वासियों की वर्षों से लंबित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के दोबाटा से मर्ताेली तक 3.02 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ₹84.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से इस क्षेत्र की वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है। इससे सीमांत क्षेत्र मर्ताेली सीधे सड़क से जुड़ जायेगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सीमांत क्षेत्र मर्ताेली एवं आस पास के गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। गांव वासियों ने अपने आभार पत्र में कहा है कि यह सड़क गांव के भविष्य को नई दिशा देगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करेगी। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमान्त गाँव मर्ताेली तक सड़क स्वीकृत कर इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री की यह पहल रिवर्स पलायन, सीमांत क्षेत्र में विकास एवं गांव को जीवंत रखने में सहायक सिद्ध होगी। सड़क स्वीकृत होने से मर्ताेली गांव तक आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही पूरी घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेशभर की 167 करोड़ की योजनाओं का सीएम ने दिया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न सड़कों के सुधारीकरण एवं पुनर्निर्माण, स्कूल भवनों, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत हर की पैड़ी क्षेत्र के विकास, घाटों एवं पुलों के निर्माण के साथ ही हैलीपोर्ट निर्माण, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण तथा मार्ग निर्माण आदि से संबंधित योजनाओं के लिए 167 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के विकासखण्ड दुगड्‌डा के अन्तर्गत मेरठ पौड़ी रा०मा० के किमी० 138 से लालपुर-कलालघाटी-नयावाद पुराना कोटद्वार हरिद्वार मोटर मार्ग का सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 1.28 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत चम्पावत खेतीखान मोटर मार्ग (64) के किमी0 8.00 से सुयालखर्क मिलान मोटर मार्ग का सुधारीकरण/डामरीकरण के कार्य हेतु ₹ 3.20 करोड़, विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट एवं कोटाबाग के नानिया विनायक मोटर मार्ग से बिडारी पोखराधार तक मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 4 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के पुरूकुल में निर्माणाधीन सैन्यधाम एवं मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक पहुंचने वाले मुख्य सड़क मार्गों को डेढ़ लेन में उच्चीकरण के कार्य हेतु ₹ 13.39 लाख, जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत कामाज्यूला भनार रैघाडी मोटर मार्ग में पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण के कार्य हेतु ₹ 7 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र गंगोलीहाट में पोखरी चण्डिकाघाट मोटर मार्ग निर्माण कार्य हेतु ₹5.38 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत अगस्त्मुनि रा० स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.19 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। जबकि हरिद्वार गंगा कॉरिडार परियोजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा हर की पैडी पुनरूद्धार योजना के तहत मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, कांगड़ा घाट तथा रोडी बेलवाला घाट तथा पुल निर्माण कार्य हेतु ₹ 70 करोड़ तथा हर की पैडी के उत्तरी क्षेत्र के विकास हेतु ₹ 69.34 करोड़ की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडौन के ओडल नामक स्थान पर हैलीपोर्ट के निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य हेतु ₹ 10.66 लाख की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ की ग्राम सभा चौना से माँ नन्दादेवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 40.56 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में ग्राम सभा चौना से बुक्टीखेत तक खडण्जा निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.41 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में इमला से रजन मंदिर तक अश्व मार्ग का निर्माण कार्य हेतु ₹ 40.14 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है, इन योजनाओं की स्वीकृति संबंधी शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा विधानसभा क्षेत्र में गौशाला का निर्माण कार्य हेतु ₹ 4.23 करोड़, विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी हेतु राज्य विधिक परिषद को हल्द्वानी में उनके भवन के लिये ₹ 1.00 करोड तथा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में देवीधुरा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय को जाने वाली सडक मार्ग 500 मीटर हिस्से में इण्टर लॉकिंग टाईल्स लगवाये जाने हेतु ₹ 33.78 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इस संबंध में यह उल्लेखनीय है कि गौशाला निर्माण हेतु 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 1.69 करोड़, राज्य विधिक परिषद के भवन निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्य के लिये ₹ 43.13 लाख तथा सड़क मार्ग के इंटरलॉकिंग कार्य हेतु अवशेष राशि ₹ 22.52 लाख का शासनादेश भी निर्गत किया जा चुका है।

ऑपरेशन कालनेमी: तीन जिलों में 4,802 से अधिक लोगों का सत्यापन, 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियाँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जनता के विश्वास की रक्षा करना है।

ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं, 09 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध भी सख़्त कार्रवाई की गई।

ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।

प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण तथा 511 गिरफ्तारियाँ की गई हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया प्रचलित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।