माणा गांव में सीएम धामी ने संबोधन कर कहा, “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे। इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।

महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।

स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

निगम को निराश्रित पशुओं के लिये मिला स्थाई ठिकाना, प्रेस वार्ता कर मेयर ने दी जानकारी

लगातार प्रयासों के बाद नगर निगम को निराश्रित पशुओं के लिए स्थायी ठिकाने की जगह मिल गई है। राजस्व विभाग ने निगम को ग्रामसभा रायवाला में 13 बीघा भूमि आवंटित कर दी है। इसी जमीन पर जल्द ही गोशाला, नंदीशाला और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी।

नगर निगम कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान मेयर शंभू पासवान ने यह जानकारी दी। बताया कि निगम प्रशासन बीते लंबे समय से भूमि आवंटन के लिए प्रयासरत था। पहले राजस्व विभाग की ओर से भूमि आवंटन के बदले चार करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन निगम के सीमित बजट को देखते हुए निःशुल्क भूमि देने का आग्रह किया गया था। अब राजस्व विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने बताया कि आवंटित भूमि पर सबसे पहले सुरक्षा दीवार के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद गोशाला, नंदीशाला और एबीसी सेंटर के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृति के लिए एस्टिमेट भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले छह महीने मेंयह सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा पर निराश्रित पशुओं को चारापानी और सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि शहरवासियों को भी सड़कों पर घूमने वाले पशुओं से निजात मिलेगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम ने अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 28 से 30 नवम्बर 2025 को देहरादून में 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में प्रतिभाग किया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन युवा शक्ति को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस संकल्प लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी जैसे संगठन देश की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन निश्चित रूप से युवाओं में नए उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।

सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 163.52 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लालूरी घियाकोटी क्यार्दा की चली मोटर मार्ग का पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु रु 4.16 करोड़ के साथ रणकौची मन्दिर, चम्पावत हेतु उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लि० द्वारा आगणित धनराशि के सापेक्ष 4.57 करोड़ धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में पेयजल योजना (नई पाईप लाईन एवं ओवर हेड टैंक) के निर्माण कार्य हेतु 05 करोड़, पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-सी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु 51 करोड़ तथा लोक सेवा आयोग के भगीरथ आवासीय परिसर में एक बहुमंजलीय इमारत जिसमें टाईप-3 के 20 आवास एवं टाईप-4 के 20 आवास बनाये जाने हेतु 19 करोड, आई०आर०बी० द्वितीय वाहिनी, देहरादून परिसर में टाईप द्वितीय के 120 आवासों के निर्माण हेतु 54 करोड़ के साथ ही राज्य योजना के अर्न्तगत राजभवन, देहरादून में बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण कार्य (विद्युतीकरण सहित) कुल 13.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य योजना के अर्न्तगत रूद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग में श्री केदारनाथ जी से गरूरचट्टी पैदल मार्ग की छतिग्रस्त दीवारों का पुर्ननिर्माण एवं रैलिंग फिक्सिंग, मलवा सफाई कार्य हेतु 5.22 करोड़, राज्य योजना के अर्न्तगत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा में दमदेवल-गडरी मोटर मार्ग का झलपाड़ी तक पुननिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य हेतु 3.39 करोड़ एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पौडी के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा के अर्न्तगत चलकुड़िया-मसमोली-सकलोनी-नौखोली मोटर मार्ग किमी0 9 से 12 में पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 3.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों को उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने दिए 35,49,371 रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान बैंक प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ₹ 35,49,371 की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा समाज के सभी वर्गों द्वारा किया गया सहयोग अत्यंत सराहनीय है और इससे पीड़ितों को राहत प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर बैंक के चेयरमैन हरिहर पटनायक, राजीव प्रकाश, भारती नौडियाल, हरीश कण्डारी, महिपाल डसीला मौजूद रहे।
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सेंट जोसेफ अकादमी ने आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिये सीएम को दिए 10 लाख रूपये
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के स्कूल प्रबंधन ने मुलाकात कर आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹10 लाख की धनराशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने सेंट जोसेफ अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आपदा प्रभावित व्यक्ति के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर ब्रदर जोसेफ एम. जोसेफ, ब्रदर एस्टिनस कुजूर, एस. के. नैथानी, सचिन अग्रवाल, भवनेश नेगी मौजूद रहे।

शारदा कॉरिडोर आस्था, धरोहर और विकास का संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर परियोजना हमारी आस्था, सांस्कृतिक, धरोहर और सतत विकास का केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य बनबसा से माता रंकोची तक की घाटी को धर्म, प्रकृति और रोजगार के सुंदर संगम के रूप में विकसित करना है। यह भूमि अब केवल आस्था का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि यहाँ के लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और अवसरों की नई धारा भी प्रवाहित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदा नदी के तट को पर्यावरण संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देने के लिए शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना के कार्य को प्रथम चरण के रूप (अनुमानित लागत ₹185.20 करोड़) में प्रारंभ किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत सुरक्षित स्नान घाट, आरती स्थल, स्वच्छता एवं विश्राम की सुविधाएँ, सुंदर घाट, सुगम पहुँच मार्ग, पैदल पथ, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आरती स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से निर्मित होगा, जिसमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था और फ्लोर कूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएँ होंगी। बाढ़ प्रतिरोधी संरचनाओं से नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में नई गति लाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से एक अद्वितीय मॉडल बताया, जो पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर परियोजना के कुछ क्षेत्र वन भूमि में आते हैं, जिनके भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया वन विभाग के साथ प्रगति पर है। यह परियोजना यूआईआईडीबी के माध्यम से संचालित की जा रही है। डांडा और चूका जैसे राजस्व भूमि वाले क्षेत्रों का हस्तांतरण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिससे कार्यों में विलंब न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि और माता रंकोची क्षेत्र, जो शारदा कॉरिडोर के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे, वहाँ श्रद्धा के साथ-साथ वन, जीव-जंतु और प्रकृति शिक्षा का अनुभव भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यावरण-संवेदनशील विकास का उदाहरण बनेगा, जहाँ नदी की पवित्रता, हरियाली और प्राकृतिक संतुलन सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि शारदा कॉरिडोर का विकास जन-सहभागिता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। हर निर्णय में स्थानीय नागरिकों की राय और भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, शारदा कॉरिडोर केवल भौगोलिक विकास नहीं है, यह हमारी आस्था और आत्मा का पुनर्जागरण है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा उदाहरण बनेगा, जहाँ परंपरा और प्रगति, आस्था और आधुनिकता एक साथ चलें।

गौरतलब है कि शारदा कॉरिडोर के ₹185.20 करोड़ से बनने वाले शारदा कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत किरोड़ा नाला पारिस्थितिक कॉरिडोर (₹109.57 करोड़)- क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने हेतु पारिस्थितिक कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। सिटी ड्रेनेज योजना- चरण 1 (₹62.11 करोड़)रू शहरी जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ कर बाढ़ की घटनाओं में कमी और वर्षा जल प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। थाक गाँव तक वैकल्पिक मार्ग (₹5.34 करोड़)-कोर्बेट के अंतिम शिकार मार्ग के रूप में प्रसिद्ध यह मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम पहुँच मार्ग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी इसमें सम्मिलित हैं।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

नर्सिंग कोर्स संचालन को संस्थानों के आवेदनों को विभिन्न स्तरों में सिंगल विंडो सिस्टम तैयार की जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन हेतु गठित एम्पावर्ड समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों को नर्सिंग कोर्स संचालन एवं सीट वृद्धि की संस्तुति दी गयी।

मुख्य सचिव ने नर्सिंग कोर्स संचालन हेतु संस्थानों के आवेदनों को विभिन्न स्तरों में छंटनी करने के बजाय इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे संस्थानों को आवेदन करने से लेकर शासन से स्वीकृति की प्रक्रिया में सरलता आएगी। उन्होंने तत्काल इस दिशा में कार्य शुरू किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थानों द्वारा आवेदन किए जाने से लेकर विभिन्न चरणों की प्रक्रिया की एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी शीघ्र तैयार की जाए।

बैठक के दौरान समिति द्वारा 39 कॉलेजों की 1790 नई नर्सिंग सीट्स को संस्तुति प्रदान की गयी। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्टेट नर्सिंग काउंसिल में वर्ष 2024 तक पंजीकृत नर्सों की कुल संख्या 21541 है। वर्तमान में सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में 9806 लोगों का नर्सिंग प्रशिक्षण चल रहा है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सीएम ने बनबसा में 500 करोड़ से बनने जा रहे आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा यह परियोजना भारत-नेपाल के बीच सहयोग, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में बेहद सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तराखंड सरकार के सहयोग से तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आरंभ से ही पर्यावरणीय मंजूरी, प्रतिपूरक पौधारोपण और भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होती रही हैं। इस वर्ष पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लगभग 84 एकड़ वन भूमि को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी थी, जिसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ₹500 करोड़ की लागत से बनने जा रहा यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार एवं यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुविधाजनक और सुरक्षित प्रणाली विकसित करेगा। यहाँ कस्टम, सुरक्षा, व्यापार एवं बॉर्डर से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी, जिससे सीमा प्रबंधन में अधिक तेज़, पारदर्शी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य को बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से स्थित बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को भी सशक्त बनाएगा, कृषि व औद्योगिक उत्पादों के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार तैयार करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से किसानों और छोटे उत्पादकों को सीमा पार बाजारों तक सीधी पहुँच मिलेगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन संभव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और नेपाल के आपसी संबंधों को और मजबूत करेगी, जिससे पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार की क्षेत्रीय एकीकरण की दृष्टि और सुरक्षित, सतत सीमा विकास नीति के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि LPAI द्वारा डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मॉडल तैयार किया जाएगा जो आधुनिकता और प्रकृति संरक्षण का संतुलित उदाहरण बने।

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार, भूमि पोर्ट प्राधिकरण और राज्य के सभी विभागों, एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना उत्तराखंड की सीमाओं को समृद्धि, सहयोग और अवसरों की नई पहचान देगी।

सीएम ने खटीमा में लौह पुरूष सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के तैयारियों की बैठक ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड अतिथि गृह, खटीमा में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में Sardar@150 Campaign की तैयारियों के सम्बध में वर्चुअल बैठक की।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि एकता मार्च के सफल आयोजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में सांस्कृतिक एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किए जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में युवाओं, महिलाओं, स्थानीय निकायों, एनसीसी, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तय कार्यक्रमों की जानकारी राज्य स्तर पर साझा की जाए, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि Sardar@150 अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता का संदेश घर-घर तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के उनके संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस कार्यक्रम को भव्य एवं प्रेरणादायक रूप में आयोजित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती को ऐतिहासिक रूप से मनाना है, ताकि देश की नई पीढ़ी उनके योगदान और विचारों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने कहा सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कौशल से भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाया। उन्होंने कहा सरदार पटेल ने देश की विभिन्न रियासतों को जोड़कर एक भारत की नींव रखी। उनके प्रयासों से ही भारत एक अखंड और एकीकृत राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की कूटनीति और दूरदर्शिता का स्वतंत्र भारत के इतिहास में बड़ा योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल के सपनों को आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ भारत को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के सम्मान में गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया गया, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है और भारत की एकता, अखंडता तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज भी देश को एकता, समरसता और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं।

बैठक में बताया गया कि Sardar@150 Campaign के तहत राज्य के नागरिक माई भारत पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा रहे हैं। इसके अन्तर्गत सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता, निबंध लेखन, क्विज और Sardar@150 young Leaders जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही राज्य के 13 जिलों में 31 अक्टूबर से 16 नवम्बर के मध्य एकता मार्च के रूप में आयोजित होगा। यह एकता मार्च 3 दिन आयोजित होगा। जिसके तहत 8 से 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा होगी। जिसमें कोई भी नागरिक प्रतिभाग कर सकता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पदयात्रा दिनांक 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक 152 कि.मी. की पदयात्रा करमसद (सरदार पटेल का जन्म स्थान) से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया तक निकाली जाएगी। इस यात्रा में राज्य के प्रत्येक जिले से 2 युवा प्रतिभाग करेंगे, जिनका चयन माई भारत पोर्टल से होगा।

इस अवसर पर जिला अधिकारी नितिन भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं वर्चुअल माध्यम से विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं सभी जिलाधिकारी भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड में 1100 से अधिक स्टार्टप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किएः धामी

युवा संकल्प लेकर लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े व कैरियर बनाते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा कैम्प कार्यालय में आयोजित मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सम्बोधित करते कहा कि जब युवा ऊर्जा, उम्मीद और सकारात्मक सोच से भरे हों, तो माहौल अपने आप उत्साह से भर जाता है। मेरे अनुभव ने मुझे बताया है कि जिस देश के युवा ठान लें वे अपने देश को शिखर पर ले जाना चाहते हैं, तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे युवा सजग और जागरूक है। आज दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देखती है, क्योंकि भारत का जन भी युवा है और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से युवा है। भारत अपने सपनों और चिंतन से युवा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आधुनिकता को अपनाया है और परिवर्तन को स्वीकार किया है और यही वजह है कि आज भारत से आने वाली आवाज़ ष्दुनिया की दिशा तय कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि कई बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन इच्छाशक्ति होने पर पर्वत भी रास्ता दे देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के हजारों युवा सेना और डिफेंस सेवाओं में, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में, स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों में, बेहतरीन काम कर रहे हैं। आज यहां मौजूद वे युवा जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं या अन्य स्वरोजगार के कार्य प्रारंभ किए हैं, ये इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। ये भी आपकी ही तरह ही संघर्ष और मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी भारत को आगामी 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। परंतु भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करना है और इस ध्येय को पूर्ण करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वहां की युवा शक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित ना हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंजन को चालू करने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करने हेतु युवा शक्ति की ताकत, उनकी इनोवेटिव सोच और प्रतिभा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक युवा देश के रूप में जाना जाता है और अगर देश के युवा सही दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही हमारा देश पुनः विश्व गुरु के पद पर अवश्य आसीन होगा। उन्होंने कहा कि आज आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत के युवाओं में अपने देश को आगे ले जाने की भावना विकसित हो चुकी है। आज हमारा युवा अपने देश के प्रति जिम्मेदार और कर्तव्यपरायण बन रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये युवा संवाद भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति आने के बाद से राज्य में स्टार्टअप कल्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के साथ ही उन्हें पूरा माहौल मुहैया करवा रहे हैं। हमने राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, आईटी, एआई, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे युवाओं में पर्याप्त सामर्थ्य और ऊर्जा है, उनका सही मार्गदर्शन ही हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभावान युवाओं से आज युवा संवाद के इस अवसर पर अपील करना करते हुए कहा कि आप चाहे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, आप सदैव यह ध्यान रखें कि आपके प्रत्येक कार्य से आपकी निजी प्रगति होने के साथ ही प्रदेश और देश के विकास में भी अवश्य सहायता मिले। आप लोग उम्र के जिस पड़ाव में हैं, वो आपके करियर का बहुत महत्वपूर्ण समय है। इस समय आप जो भी कार्य करने की ठान लेंगे वो कार्य निश्चित ही पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप लोग नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेरे युवा साथियों, मैं, आप सभी को ये विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपके समग्र विकास और उन्नति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमें अपने युवाओं और उनकी अद्वितीय प्रतिभा पर पूरा भरोसा है। श्री धामी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी युवा साथी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान इसी प्रकार देते रहेंगे तथा देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने के लक्ष्य में हमारे भागीदार बनेंगे। उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में निकिता उपाध्याय, कविता गोस्वामी, खुशी जोशी, चारु बोरा, पूर्वा गोस्वामी,हर्षिता राणा, गुलनाज, सुरजीत सिंह, रोहित जोशी आदि युवाओं ने अपनी बात रखी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसएसपी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा आदि मौजूद थे।