प्रदेश का रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाए। बैठक के दौरान 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं पर्यटन के साथ ही सड़कों एवं नेटवर्क की कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 25 साल की उपलब्धियों के साथ ही अगले 25 सालों का रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ आयोजित करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

680 करोड़ का बड़ा बजट विश्व बैंक से उत्तराखंड को मिलने जा रहा

राज्य में वित्तीय पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सेवा वितरण में सुधार हेतु “Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand” परियोजना को विश्व बैंक के विचारार्थ भारत सरकार ने किया अनुशंसित

उत्तराखंड सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों के विभाग (एफ.बी. प्रभाग), नई दिल्ली ने राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजना “Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand ” को विश्व बैंक के विचारार्थ अनुशंसित किया है।

इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने तथा सेवा प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विश्व बैंक से लगभग ₹680 करोड़ (लगभग 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की बाह्य सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव को विश्व बैंक भारत कार्यालय, नई दिल्ली के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर श्री पॉल प्रूसी को औपचारिक रूप से प्रेषित किया गया है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड सरकार के इस प्रस्ताव की प्रति संलग्न करते हुए इसे विचार एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया जा रहा है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की वित्तीय प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक, कुशल और पारदर्शी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ जनता तक तेजी, सटीकता और पारदर्शिता के साथ पहुंच सके। परियोजना के तहत वित्तीय प्रबंधन, बजट नियंत्रण, लेखा प्रणाली, व्यय प्रबंधन और सेवा वितरण के क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार लागू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त की प्रसन्नता

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अनुशंसा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “ यह उत्तराखंड के वित्तीय सुधार और सुशासन के प्रयासों की बड़ी स्वीकृति है। राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रत्येक सरकारी रुपया जनता के हित में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ व्यय हो। विश्व बैंक की यह संभावित सहायता राज्य की वित्तीय प्रणालियों को डिजिटल, सुदृढ़ और परिणामोन्मुख बनाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य में राजकोषीय अनुशासन, वित्तीय डेटा पारदर्शिता, और सेवा प्रदाय तंत्र की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा।

उत्तराखंड सरकार के वित्त विभाग के अनुसार, यह परियोजना राज्य की ई-गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट को नई दिशा देगी। इससे राज्य के प्रत्येक विभाग में वित्तीय अनुशासन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।

यह पहल उत्तराखंड को एक वित्तीय रूप से सुदृढ़, पारदर्शी और उत्तरदायी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी। भारत सरकार एवं विश्व बैंक के सहयोग से राज्य की वित्तीय प्रशासनिक संरचना को सशक्त बनाने के साथ-साथ नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंडः अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण के लिए एसओपी तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने के इच्छुक युवक- युवतियों को भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देगा। इसके लिए विभाग ने एसओपी तैयार कर ली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग को प्रदेश के युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे। ताकि वो उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा के अनुसार सेना में अपना करियर बना सके। इसी क्रम में विभाग ने युवाओं को अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही 13 जिलों में अग्निवीरों का भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।

प्रमुख बातें
1.अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण हेतु इच्छुक युवक- युवतियों के लिए उत्तराखण्ड राज्य का मूल / स्थायी निवासी अथवा उत्तराखण्ड राज्य में किसी संस्थान में अध्ययनरत / सेवारत होना अनिवार्य है।
2. प्रशिक्षण हेतु हाईस्कूल परीक्षा 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक अथवा उससे अधिक होना अनिवार्य है।
3. आयु 16 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है।
4. जिला खेल कार्यालय/जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
5. छात्र/छात्रा को चिकित्सक द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
6. प्रशिक्षण के समय छात्र/छात्रा को खेल किट (वेशभूषा-टी शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज, मौजा) में उपस्थित होना अनिवार्य है।
7. छात्र/छात्रा के शरीर पर किसी प्रकार कोई टैटू अथवा किसी प्रकार अप्राकृतिक स्थायी निशान आदि न गुदा हो।
8. इच्छुक छात्र/छात्रा को खेल स्टेडियम /खेल मैदान में नियुक्त विभागीय प्रशिक्षक द्वारा ही प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

उत्तराखंड की शानदार सैन्य परंपरा रही है, यहां के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई सदस्य सेना में जाता ही है। इसीलिए सरकार अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। ताकि युवा अग्निवीर के जरिए सेना को अपनी सेवाएं दे सके। प्रदेश सरकार अग्निवीरों को सेवाकाल के बाद प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी प्रदान करने का फैसला ले चुकी है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

श्री केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद, मुख्यमंत्री सीएम धामी रहे मौजूद

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 (भैया दूज, कार्तिक शुक्ल सप्तमी, अनुराधा नक्षत्र) के पावन अवसर पर प्रातः 08रू30 बजे विधिवत रूप से बंद हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर को पुष्पों से भव्य रूप में सजाया गया। सेना के बैंड की भक्ति धुनों और “जय बाबा केदार” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर श्रद्धाभाव से गूंज उठा। ठंडे मौसम के बावजूद लगभग 10 हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने की ऐतिहासिक घड़ी के साक्षी बने।

कपाट बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में श्री केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी बागेश लिंग एवं आचार्यगणों द्वारा यज्ञ, हवन एवं समाधि पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को स्थानीय पुष्पों-कुमजा, बुकला, राख, ब्रह्मकमल, सूखे पुष्प-पत्रों से ढककर समाधि रूप दिया गया। इसके बाद गर्भगृह के द्वार जय बाबा केदार के उदघोष के साथ शीतकाल हेतु बंद किए गए।

कपाट बंद होने के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मंदिर के पूर्वी व दक्षिणी द्वार विधिवत बंद किए गए। इसके उपरांत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली को मंदिर की परिक्रमा कर प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान कराया गया। सेना के बैंड, डोली वाहकों, पुजारियों और श्रद्धालुओं के जयघोषों से संपूर्ण धाम गुंजायमान हो उठा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश से आए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप केदारपुरी का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा के अंतर्गत रिकॉर्ड 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धामों के दर्शन किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कपाट बंद होने के पश्चात शीतकालीन यात्रा को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु चार धामों के शीतकालीन गद्दी स्थलों में भी पूजा अर्चना कर सकें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शीतकाल में भी चारों धामों के गद्दी स्थलों में आकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किय। शीतकाल में भी श्रद्धालुओं के यात्रा करने से स्थानीय व्यापारियों, होमस्टे एवं होटल चालकों आदि की आजीविका निरंतर गतिमान रहेगी।

मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े सभी विभागों, सुरक्षा बलों, मंदिर समिति, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया तथा इस वर्ष की यात्रा को सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ यात्रा का संचालन अत्यंत सुचारु एवं सफलतापूर्वक हुआ। तथा इस वर्ष कुल 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष 2024 के 16,52,076 तीर्थयात्रियों की तुलना में लगभग सवा लाख अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदा को छोड़कर संपूर्ण यात्रा अवधि में व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। शीतकालीन अवधि में भी श्री केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रहेगी और शीतकालीन पूजाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कपाट बंद होने के पश्चात बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली आज प्रस्थान कर प्रथम पड़ाव रामपुर में रात्रि विश्राम हेतु पहुंचेगी।

कल शुक्रवार, 24 अक्टूबर को डोली श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम के पश्चात शनिवार, 25 अक्टूबर को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी।

कपाट बंद समारोह के अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, कृषि विपणन बोर्ड अध्यक्ष अनिल डब्बू, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएस ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने धाम क्षेत्र में विभिन्न फेज़ों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि कल, 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, उन्होंने निर्देश दिए कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव को लेकर पूरी तैयारी रखी जाए।मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अब से ही अगले यात्रा सत्र 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की पूर्व योजना तैयार की जाए ताकि अगले यात्रा सीजन में यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से कार्य कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ,प्रसासन का लक्ष्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण तथा ए.आर.टी.ओ. रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौ माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का भी संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा मिला है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनकी सेवा और संरक्षण, हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है। कई परिवारों का भरण-पोषण गाय पालन और गो-सेवा से होता है। गौ-संवर्धन धार्मिक भावनाओं से जुड़े होने के साथ ही आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि हम सभी मिलकर गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के लिए गौ सदनों के निर्माण और संचालन को बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में निराश्रित पशु (जिन्हें गौशालाओं में पाला जा रहा है) उनके भरण पोषण के लिए पहले 5 रुपए प्रति दिन प्रति पशु दिया जाता था, इसे बढ़ाकर अब 80 रुपए प्रति पशु/ प्रति दिन किया गया है। निजी रूप से गौशालाओं के निर्माण में राज्य सरकार ने 60 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा राज्य में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा आगे भी राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए कार्य करते रहेगी।

मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर सीएम ने ब्लड कैंसर पीड़ित बालक के उपचार को परिजनों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार (जिला पौड़ी गढ़वाल) निवासी प्रीति नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनके 12 वर्षीय पुत्र सुशांत नेगी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।

प्रीति नेगी ने अपने पुत्र, जो ब्लड कैंसर से पीड़ित है, के उपचार हेतु सहायता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र प्रेषित किया था। पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से नेगी से संपर्क साधा और बालक सुशांत के उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ी है और किसी भी असहाय परिवार को अकेला महसूस नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सुशांत के उपचार में हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर बालक के उपचार हेतु यथाशीघ्र मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके उपचार में कोई बाधा न आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम प्रदेश में जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक और उदाहरण है।

सीएम धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने, आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाने, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पुलिस कल्याण निधि के अन्तर्गत वर्तमान में प्रावधानित ढाई करोड़ रुपए की धनराशि को पुनरीक्षित करते हुए आगामी एक वर्ष के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए किए जाने एवं भवाली, नैनीताल, ढालमल्ला, काण्डा, बागेश्वर, नैनीडांडा, धुमाकोट, पौड़ी, घनसाली, टिहरी, सतपुली और पौड़ी में एसडीआरएफ के जवानों हेतु 5 बैरकों का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए बीते एक वर्ष में, संपूर्ण भारत में 186 अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं। सभी वीर बलिदानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं, उनका बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की पुलिस व्यवस्था को और भी अधिक सक्षम और संसाधन युक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, पुलिस बल के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत फत्ज् का गठन किया गया है। सरकार ने विगत तीन वर्षों में पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। ये राशि पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रशासनिक भवनों के साथ 688 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। शीघ्र ही हम 120 नए आवासों का निर्माण भी प्रारंभ करने जा रहे हैं। सरकार ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए जवानों के बैरक मैस और कार्यस्थलों के अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत समस्त पुलिस कर्मियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। इस वर्ष 356 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नत किए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के 115 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही गतिमान है जिन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष हमारे 215 कर्मियों को विशिष्ट कार्य एवं सेवा के लिए विभिन्न पदक एवं सम्मान चिन्हों से अलंकृत किया गया है। राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी लगातार काम कर रही है। प्रशिक्षण संस्थानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पीटीसी नरेंद्र नगर को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए पुलिस कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और अवकाश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार ने आपदा राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की एक नई कंपनी की भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 162 नए पदों का सृजन किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक सीधी भर्ती के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप निरीक्षक के 222 पदों के साथ-साथ 2000 सिपाहियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा मृतक पुलिस कर्मियों के परिवारों को सहयोग और संबल प्रदान करने के लिए इस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 136 आश्रित परिवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ष्उत्तराखण्ड खेल नीतिष् के तहत कुशल खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में विशेष कोटे के माध्यम से भर्तियों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए समय – समय पर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा वीर जवानों की वीरता और उनके समर्पण की याद में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमारे जवानों की वीरता और साहस की गाथाओं से परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पुलिस जवान हर परिस्थिति में अदम्य साहस का अभूतपूर्व परिचय देते हैं। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है ऐसे में राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ यात्रा में लगभग 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में करीब 50 लाख से अधिक भक्तों को सुरक्षित और सुगम यात्रा एवं दर्शन कराने में अद्वितीय योगदान दिया है। वी.आई.पी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही राष्ट्रीय खेलों और राज्य में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे का सामना भी हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता से किया। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो रही है। चोरी, डकैती, हत्या और महिला अपराधों के साथ नशा और साइबर अपराध जैसे नए खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस की एक त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने बीते तीन वर्षों में 6199 से अधिक नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की है, और लगभग 275 करोड़ रुपये से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एआई के आने के बाद पुलिस को इस दिशा में और भी अधिक सजग रहना होगा क्योंकि साइबर अपराधों का स्वरूप अब दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। उन्होंने कहा हमें साइबर अपराधियों से मुकाबला करने के लिए एक कदम आगे रहना होगा, और इसके लिए हमारी पुलिस को तकनीकी ज्ञान में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा पुलिस फोर्स ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, पीड़ितों को लौटाकर उत्तराखंड पुलिस पर जनता के विश्वास को मजबूत किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चकराता रोड की दुकानों पर पहुंचे सीएम धामी, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर आज देहरादून स्थित चकराता रोड की स्थानीय दुकानों से मिट्टी के दीये, बर्तन एवं अन्य पारंपरिक स्वदेशी सामानों की खरीदारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों से संवाद भी किया तथा उन्हें पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने दीपावली की खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान (यूपीआई) के माध्यम से सामान खरीदा और आम जनता से भी आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करें, जिससे छोटे व्यवसायियों, कारीगरों और स्वावलंबी भारत के संकल्प को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “दीपावली का पर्व प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमें अपने देश के कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखती है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त बनाती है।”

दीपावली की खरीदारी के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने चकराता रोड पर स्थित दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष जीएसटी की कम दरों के कारण सामान सस्ता हुआ है, जिससे बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार दीपावली के दौरान व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का भी परिणाम है, जिसके चलते लोगों ने स्थानीय दुकानदारों से अधिक से अधिक खरीदारी की है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर घरों को स्वदेशी मिट्टी के दीयों से रोशन करें और भारतीय परंपरा व संस्कृति की खुशबू को अपने उत्सवों का हिस्सा बनाएं।

मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

भाजपा जिलाध्यक्षों से सीएम धामी ने की वर्चुअल बैठक, दी दीपावली की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भाजपा जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और जनता तक राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन प्रयासों की जानकारी घर-घर तक पहुँचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी लोग वोकल फॉर लोकल अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं तथा स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों से जनता से संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के साथ सीधा संवाद ही जनसेवा का सबसे मजबूत माध्यम है, और यही लोकतंत्र की असली शक्ति भी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।