मंगल ग्रह के धरती के समीप आने से 22 सितंबर को दिन-रात होगे समान

22 सितंबर को 12 घंटे का दिन और 12 ही घंटे की रात होगी। यह मंगल ग्रह के धरती के समीप आने के कारण होगा। इन दिनों मंगल ग्रह काफी चमकता दिख रहा है। यह निरंतर धरती की तरफ आ रहा है। छह अक्टूबर को यह धरती के सर्वाधिक करीब होगा। इस बार 22 सितंबर को दिन व रात बराबर होने जा रहे हैं।

साल में दो बार ऐसी स्थिति बनती है, जब दिन व रात का समय बराबर हो जाता है। सितंबर से पहले 20 मार्च में भी दिन व रात की अवधि बराबर रहती है। वर्ष 2018 और वर्ष 2019 में 23 सितंबर को दिन व रात की अवधि बराबर थी। अगले साल भी 22 सितंबर को दिन व रात बराबर होंगे। इसके बाद 2022 व 2023 में 23 सितंबर को दिन व रात बराबर होंगे। सितंबर माह में दिन रात समान होने की तारीख का दिन अंतर दो साल के अंतराल में आता है। इस बीच साल के दो दिन ऐसे भी होते हैं, जब 20 या 21 जून का दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है और 21 या 22 दिसंबर की रात वर्ष की सबसे लंबी रात होती है।

भारतीय सेना की जासूसी कर रहा था पत्रकार, नेपाली साथी और चीनी महिला के साथ हुआ गिरफ्तार

देश के सुरक्षा मामलों और सेना की जानकारी चीन को देने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा, चीनी महिला किंग शी और एक नेपाली साथी शेर सिंह उर्फ राज बोहरा को गिरफ्तार किया है। राजीव शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने चीन को संवेदनशील दस्तावेज सौंपे हैं। इसके लिए चीनी महिला किंग शी फर्जी कंपनी के जरिए उन्हें करीब 40 लाख रूपये भी दिए है।

स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि राजीव ने ने चीन को सेना के कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज दिए हैं इसके बदले में उसके अकाउंट में करीब 40 लाख रूपये की रकम जमा कराई है। इसके अलावा राजीव के पास से काफी मोबाइल फोन, कई लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील वस्तुएं बरामद हुई हैं। इन सबका प्रयोग वह चीन से संपर्क करने, उन्हें दस्तावेज व सूचनाएं पहुंचाने के लिए करता था।

स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने ये भी बताया कि राजीव शर्मा ने चीनी खुफिया विभाग को 2016 से 2018 के बीच में रक्षा और रणनीति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। वह चीनी खुफिया अधिकारियों से अलग-अलग देशों के अलग-अलग ठिकानों पर मुलाकात करता था।

डीसीपी ने ये भी बताया कि उसके दो साथी चीनी महिला और नेपाली युवक की महिपालपुर में कंपनी है, जहां से वो चीन को दवाइयां एक्सपोर्ट करते हैं। चीन से भेजे गए पैसे यहां एजेंट को दिए जाते हैं। जांच में पता चला है कि पिछले एक साल में 40 लाख रुपये पत्रकार को दिए गए हैं।

डीसीपी यादव ने ये भी कहा कि राजीव शर्मा के पास पत्रकारिता का 40 सालों का अनुभव है। भारत के कई समाचार पत्रों में काम के साथ ही राजीव ने चीन की मीडिया एजेंसी ग्लोबल टाइम्स के लिए भी फ्रीलांस पत्रकारिता की है।
 

त्रिवेंद्र सरकार कर रही कोरोना संक्रमण पर वार

चीन की लैब से जन्मे कोरोना वायरस ने आज संपूर्ण विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है। भारत में ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 49,30,236 लोग संक्रमित हो चुके है, जबकि 38,59,399 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके है। वहीं, 80,776 ने संघर्ष करते हुए कोरोना से जंग हार ली। उत्तराखंड में नजर डालें तो यहां अब तक एक्टिव केस मात्र 5445 हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। मगर, इन आंकड़ों से संतुष्ट होने के बजाए इसे रोकना एक चुनौती है और इस चुनौती को उत्तराखंड की त्रिवेन्द्र सरकार ने स्वीकार किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार लगातार इस मामले में अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। इसके लिए राज्य सरकार ने 104 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यहीं नहीं, शुरूआत से ही रावत सरकार ने एक्टिव केस को बढ़ने से रोकने को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, इनमें राज्य की सीमाओं पर पुलिस की चैकसी है।

कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के चलते राज्य के ज्यादातर नागरिकों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है, ऐसे में कोरोना टेस्ट शुल्क व्यय करना भी इन नागरिकों के लिए काफी मुश्किल था। इस मुश्किल दौर में त्रिवेंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा राहत पहुंचाने वाला फैसला लिया। निजी अस्पतालों में अटल आयुष्मान योजना के तहत कोरोना का ईलाज किया जायेगा। यह अन्य रोगों की भांति निःशुल्क होगा। वहीं इस फैसले के अलावा भी प्रदेश के निजी अस्पतालों में केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं।

लोगों में कोरोना के प्रति जागरूकता लाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य की पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य में बिना मास्क आवागमन करने वाले लोगों पर पुलिस चालानी कार्रवाई कर मास्क उपलब्ध करवा रही है, तो वहीं, सोशल डिस्टेंस का पालन कराने में भी मित्र पुलिस अहम रोल अदा कर रही है। स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनका मंत्रिमंडल भी इस नियम को फाॅलो कर रहा है।

एक्टिव केस को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने अब अहम निर्णय लिया है, इसके चलते नेगेटिव रिपोर्ट के बिना कोई भी राज्य की सीमा पर प्रवेश नहीं कर सकेगा। चार दिन की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आने वालों को क्वांरटीन नहीं होना होगा। रिपोर्ट न होने पर कोविड लोड शहरों से आने वालों को सात दिन संस्थागत क्वारंटीन जबकि अन्य शहरों से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

इसके अलावा सरकार ने सावन मास की कांवड़ यात्रा को स्थगित किया लेकिन आस्था से कोई समझौता ना करते हुए गंगाजल को अन्य शहरों में उपलब्ध कराया। इससे कोरोना के मामले में बढ़ोतरी होने से बड़ी कामयाब मिली। इसके अलावा त्रिवेंद्र सरकार ने 21 सितंबर से कक्षा नौ और 12वीं तक के छात्रों के लिए खुलने जा रहे स्कूलों पर भी रोक लगा दी है। राज्य सरकार का यह निर्णय कोरोना के मामले को रोकने में महत्वपूर्ण निर्णय साबित हो रहा है। सरकार के इस निर्णय से न सिर्फ अभिभावक बल्कि विशेषज्ञों ने भी सराहा है।

शासन के बड़े अधिकारियों की मानें तो सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए जिस प्रकार से कार्य किया है वह अन्य राज्यों की तुलना में इक्कीस साबित हुआ है। कोविड सेन्टर के लिए सरकार ने प्राईवेट सेन्टर बनाये है जिनमें कई होटल भी शामिल है। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। शुरुआत दौर में सरकार को थोड़ा कठिनाई जरुर हुई लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की इच्छा शक्ति से इस ओर कामयाबी मिली है। निरन्तर जिलाधिकारियों और शासन के उच्च स्तर के अधिकारियों से संवाद और निर्देशन मुख्यमंत्री की कार्यकुशलता को दर्शाता है।

कुंभ मेला के कार्यों को टाईमबाउंड तरीके से पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम आवास में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुम्भ मेला 2021 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले के स्वरूप के बारे में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के मार्गदर्शन में कोविड-19 की उस समय की परिस्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को सभी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हुए बेहतर तरीके से सम्पन्न किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले के कार्यों को टाईमबाउंड तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। तैयारियों में कोविड-19 की उस समय की सम्भावित परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाए। जहां जरूरी हो, अन्य राज्यों से भी आवश्यक सहयोग के लिये संबंधित अधिकारियों से सम्पर्क कर समन्वय किया जाए। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में सड़क, घाट, पार्किंग, शौचालय, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि की जानकारी दी। आईजी कुम्भ मेला संजय गुन्ज्याल ने क्राउड मैनेजमेंट और ट्रेफिक प्लान पर प्रस्तुतिकरण दिया।

उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य में यह नई पहल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सलाहकार समूह’ की प्रथम बैठक आयोजित की गई। राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने ‘‘स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता पर मुख्यमंत्री सलाहकार समूह’’ स्थापित किया है। राज्य में स्टार्टअप ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए इस समूह द्वारा नवाचार और उद्यमिता के लिए राज्य में एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने, अनुसंधान और नये उत्पादों, सेवाओं, व्यापार मॉडल के विकास को प्रोत्साहित करने, उपयुक्त पॉलिसी योजनाओं और आवश्यक समर्थन प्रणाली को विकसित करने हेतु परामर्श देना है। इसके अलावा पाठ्यक्रम, मॉड्यूल प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में नवाचार और उद्यमशीलता के बारे में जागरूकता, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निकायों और एजेंसियों के साथ आवश्यक साझेदारी हेतु सलाह देना है। बनाए गए ‘मुख्यमंत्री सलाहकार समूह’ में 07 सरकारी एवं 06 गैर सरकारी सदस्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकल के लिए वोकल बनने की जो बात कही गई यह उस दिशा में प्रयास है। उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य में यह नई पहल की जा रही है। जिसमें सरकारी के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के गैर सरकारी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इन विशेषज्ञों की सलाह से राज्य के औद्योगिक विकास एवं हिमालयी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विविध जैव विविधताओं वाला राज्य है, यहां कि जैव विविधता का फायदा लेते हुए इस दिशा में अनेक कार्य हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे नवोदित राज्य में औद्योगिक विकास की बहुत संभावनाएं हैं। राज्य में इन्वेस्टर समिट के दौरान सवा लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। जिसमें से 25 हजार करोड़ के कार्यों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड 19 के जिस दौर से हम गुजर रहे हैं, उससे औद्योगिक गतिविधियां जरूर प्रभावित हुई हैं। इस दौर दिक्कतें भी आई हैं और नई संभावनाएं भी विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस समूह के विशेषज्ञों द्वारा उत्तराखण्ड में मेडिकल एवं मेंटल हेल्थ को लेकर क्या कार्य हो सकते हैं, इस पर जरूर सुझाव दें। उन्होंने कहा कि ग्रुप के सभी सदस्यों के सुझावों पर गम्भीरता से कार्य किया जायेगा।

वीडियो कांफ्रेंस से विशेषज्ञों के सुझाव
वीडियो कांफ्रेंस से कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों और अवसरों, नवाचार और उद्यामिता को बढ़ावा देने के लिए नई पहलों पर चर्चा की गई। इंडियन एंजल नेटवर्क के फाउण्डर डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि राज्य में उद्यमिता के विकास के लिए जो भी योजना बने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से बने। स्टार्टअप के तहत जॉब क्रियेशन पर विशेष ध्यान दिया जाय। उत्तराखण्ड के उत्पादों की अलग ब्रांडिंग हो, वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाय। नैना लाल किदवई ने कहा कि रूरल टूरिज्म एवं होम स्टे को बढ़ावा दिया जाय। एग्रो प्रोसेसिंग एवं फोरेस्टरी सेक्टर में अनेक कार्य किये जा सकते हैं। विनीत नायर ने कहा कि मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में अनेक कार्य हो सकते हैं। हमें सबसे पहले बच्चों के मेंटल हेल्थ पर फोकस करना होगा। स्टार्टअप का भविष्य साइंस और तकनीक पर आधारित है। इस दिशा में पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रमन रॉय ने कहा कि लाईवलीहुड बिजनेस पर ध्यान देने की जरूरत है। राज्य बिजनेस के कल्चर को प्रमोट करने की जरूरत है। विभिन्न सेक्टर में कार्य करने के लिए प्रत्येक सेक्टर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने होंगे। संजीव बिखचंदानी ने कहा कि राज्य में कुछ बड़े उद्योग स्थापित करने होंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनेक कार्य किये जा सकते हैं।

दिल्ली एम्स में पूर्व केंद्रीय मंत्री का निधन, देश के तमाम नेताओं ने दिवंगत रघुवंश प्रसाद कोया किया याद

पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिल्ली एम्स में आज अंतिम सांस ली। उनके निधन पर राष्ट्रपति सहित देशभर के तमाम राजनीतिक हस्तियों, फिल्म जगत के लोगों ने शोक संभावनाएं जताई हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डा. रघुवंश के निधन होने पर सोशल साइट ट्वीटर के जरिए दुख प्रकट किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर अंतिम नमन किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीटर के जरिए बिहार के राजनेता के निधन पर दुख प्रकट किया। परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने दिवंगत रघुवंश के जीवन को गरीब और वंचित वर्ग के लिए समर्पित बताया। वहीं, लालू प्रसाद यादव, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, फिल्म जगत से शबाना आजमी ने अपनी भावनाएं प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

जब सही नीयत हो तो कोई भी योजना लाभार्थी तक जरूर पहुंचती हैः पीएम

मध्य प्रदेश में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पौने दो लाख आवासों को वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए हितग्राहियों को सौंपा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री आवास योजना का काम तीव्र गति से हुआ। कहा कि आमतौर पर जो प्रधानमंत्री आवास 125 दिन में बनता था, वह कोरोना काल में मात्र 45 से 60 दिन में बनाया गया है। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम के दौरान गरीबों के घर के लिए बनने वाली पुरानी योजनाओं की कमियों को रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना की खूबियों को गिनाया।

पीएम बोले, जब सही नीयत से कोई योजना बनती है तो उसका लाभ लाभार्थी तक पहुंचता है। कहा कि जिन्हें घर मिला, अब वे बेहतर भविष्य के लिए बच्चों को पढ़ाएं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को हितग्राही नरेंद्र नामदेव की पत्नी ने आशीर्वाद देते हुए उन्हें घर आमंत्रित किया। जिसे प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार भी किया।

महिलाओं को सम्मान न दे सकें, वह सरकार निकम्मी हैः मेयर अनिता

कंगना के अपमान को समस्त नारी जगत का अपमान बताकर तीर्थनगरी में महिलाओं ने शिवसेना के खिलाफ नारेबाजी की। मेयर अनिता ममगाईं के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में त्रिवेणी घाट चैराहे पर कंगना को अपना समर्थन दिया। मेयर अनिता ने कहा कि कंगना रनौत हिमाचल की नहीं बल्कि पूरे देश की बेटी है। कंगना ने सुशांत की सदिंग्ध मौत और ड्रग्स को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है इसलिए महाराष्ट्र सरकार ने इस तरह की कायराना हरकत की है। इस घटना से पूरे देश की मातृशक्ति खुद को अपमानित महसूस कर रही है।

कांग्रेस पार्टी जो महिला के अधिकारों और सुरक्षा की दुहाई देती है वह पूरे मामले को लेकर चुप है। जिससे साफ है कि बॉलीवुड की जानी-मानी नायिका कंगना के साथ हुई नाइंसाफी के बावजूद उसका समर्थन उद्धव सरकार को है। उन्होंने कहा कि इस घटना के विरोध में तीर्थ नगरी की महिलाओं द्वारा उद्वव सरकार को अपना आक्रोश जताया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में पार्षद अनिता रैना, पार्षद लक्ष्मी रावत, कमलेश जैन, कमला गुनसोला, नेहा नेगी, रजनी बिष्ट, अंजलि, कंचन, शिवानी, प्रिया, रिशु, रिया, विरिंदा, संदीप गुप्ता, पंकज शर्मा, सुनील उनियाल, कपिल गुप्ता, राजपाल ठाकुर, अनिकेत गुप्ता, रंजन अंथवाल, गौरव कैंथोला, सुजीत यादव आदि उपस्थित रहे।

शिक्षा नीति में पूरे देश से अध्यापकों और छात्रों में दिख रहा उत्साहः नमो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत 21 वीं सदी में स्कूली शिक्षा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में दुनिया का हर क्षेत्र बदल गया, हर व्यवस्था बदल गई। अब हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति को उतने ही प्रभावी तरीके से लागू करना है, और ये काम हम सब मिलकर करेंगे। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने पर प्रिंसिपल्स और अध्यापक पूरे उत्साह में दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों में मैथमेटिकल्स थिकिंग और साइंटिफिक टेम्परामेंट विकसित हो, ये बहुत आवश्यक है। मैथमेटिकल्स थिकिंग का मतलब केवल यही नहीं है कि बच्चे मैथमेटिकल्स के प्रॉब्लम ही सॉल्व करें. बल्कि ये सोचने का एक तरीका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऐलान होने के बाद बहुत से लोगों के मन में कई सवाल आ रहे हैं, सवाल जायज भी हैं और जरूरी भी हैं। आज हम सभी एक ऐसे क्षण का हिस्सा बन रहे हैं जो देश के भविष्य निर्माण की नींव डाल रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21 वी सदी के भारत को नई दिशा देने वाली है। कितने ही प्रोफेशन हैं जिनके लिए डीप स्किल्स की जरूरत होती है, लेकिन हम उन्हें महत्व ही नहीं देते। एनईपी को इसी तरह तैयार किया गया है ताकि सैलेबस को कम किया जा सके और फंडामेंटल्स चीजों पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके।

17 सिंतबर को 70 के होंगे प्रधानमंत्री, 14 से 20 सिंतबर तक सेवा के रूप में भाजपा मनाएगी जन्मदिन

इस वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 70 वर्ष के होने जा रहे है। इस मौके पर भाजपा सेवा दिवस के रूप में मनाने का मन बना रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश ने पीएम के जन्मदिन पर 70 के अंक से जोड़कर कार्यक्रम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि 14 सिंतबर से दो अक्तूबर तक वह बूथ स्तर तक सेवा के कई कार्यक्रम आयोजित करें। वह वर्चुअल संवाद के माध्यम से प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, व समस्त कार्यकर्ताओं को सेवा दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के बारे जानकारी दे रहे थे। 14 सितंबर से 20 सितंबर तक सेवा सप्ताह मनाया जाएगा।

इसके बाद 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस को बूथ स्तर विचार दिवस व 25 सितंबर से दो अक्टूबर तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री स्व.लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस को आत्मनिर्भर भारत सप्ताह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए उन्होंने योजना बनाकर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने आगामी कार्यक्रमों व मोर्चा प्रकोष्ठों प्रकल्पों के विस्तार पर चर्चा की।