आवास विकास विद्या मंदिर में मिसाइल मैन की जंयती पर किया स्मरण

मिसाइल मैन व भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम की जंयती पर सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास में कार्यक्रम आयोजित हुआ। मौके पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद पांडेय व शिक्षक चन्द्रप्रकाश डोभाल ने किया। वरिष्ठ शिक्षक वीरेन्द्र कंसवाल ने बताया कि मिसाइल मैन का पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम था। अर्थशास्त्र के प्रवक्ता नरेन्द्र खुराना ने कहा कि वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे उनका कहना था कि अगर सपनों को सच करना है, तो पहले उन्हें देखना होगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र पांडेय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने जिस काम को करने की ठान ली, वह उसे करके ही रहते थे, हमे भी उसी प्रकार से अच्छे कार्यो को एक बार करने का प्रण मन में लें, तो पूर्ण करके ही छोड़ना चाहिए।

मौके पर सतीश चैहान, कर्णपाल बिष्ट, रजनी गर्ग, रामगोपाल रतूड़ी, नन्द किशोर भट्ट, सुनील बलूनी, मनोज पन्त, अनिल भंडारी, राजेश बड़ोला, कर्णपाल बिष्ट, सतीश चैहान, आरती बड़ोनी, मनोरमा शर्मा, प्रवेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

स्मार्ट सिटी बनने के बाद देहरादून की खूबसूरती में उछाल आएगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देहरादून स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों और बालिका इंटर काॅलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परेड ग्राउण्ड, देहरादून के पुनर्निर्माण स्मार्ट रोड एवं देहरादून में बनाये जा रहे 03 स्मार्ट स्कूलों के कार्य प्रगति की जानकरी ली।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड काल को छोड़कर देहरादून स्मार्ट सिटी का कार्य तेजी से हुआ है। आगे भी स्मार्ट सिटी के तहत तेजी से कार्य होंगे। जब स्मार्ट सिटी के लिए देहरादून का चयन हुआ था, तब देहरादून 100वें नम्बर पर था, कार्यों की प्रगति में तेजी से देहरादून 13वें नबंर पर आया। देहरादून हमेशा से ही देश-विदेश से आने वालों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। स्मार्ट सिटी का कार्य पूर्ण होने से देहरादून की खूबसूरती एवं अन्य सुविधाएं भी बढ़ेगी। स्मार्ट स्कूल की उत्तराखण्ड में नई पहल शुरू हुई है। देहरादून में बनने वाले तीन स्मार्ट स्कूलों से बच्चों की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। इन स्कूलों में उच्च गुणवतायुक्त व्यवस्थाएं की गई है। ये तीनों स्कूल एक-दूसरे से इन्टरकनेक्ट भी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप बनाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर में दिव्यांग छात्राओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने अवगत कराया कि स्कूल में अभी एक दिव्यांग छात्रा है।

स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि परेड ग्राउण्ड पुनर्निर्माण के तहत सड़क, ड्रेनेज, वर्षा जल संग्रहण टैंक, लैंडस्केपिंग एवं जलापूर्ति के कार्य किये जा रहे हैं। कान्वेन्ट रोड चैड़ीकरण हेतु स्थल विकास करने के बाद 95 मीटर सब बेस तैयार किया जा रहा है। 473 मीटर लम्बाई की आरसीसी की नाली बन चुकी है, शेष कार्य प्रगति पर है। आरसीसी टैंक निर्माण का 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। परेड ग्राउण्ड के चारों ओर 150 मिमी से 250 मिमी व्यास की मुख्य पेयजल वितरण लाईन बिछायी जायेगी। 30 अक्टूबर 2021 तक परेड ग्राउण्ड का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। स्मार्ट रोड के कार्यों के मल्टी युटीलिटी डक्ट बिछाने का कार्य, सीवर, नाली निर्माण, जलापूर्ति एवं सड़क निर्माण के कार्य किये जायेंगे। डक्ट बिछाने एवं सीवर के कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं।

सी.ई.ओ. स्मार्ट सिटी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि देहरादून के तीन स्कूलों स्मार्ट स्कूल बनाया जा रहा है। जिसमें जीजीआईसी राजपुर एवं खुड़बुड़ा में दो स्कूलों शामिल हैं। इन स्मार्ट स्कूलों का कार्य 31 अक्टूबर तक पूर्ण हो जायेगा। इन स्मार्ट स्कूलों में निर्माण एवं आईटी से संबधित कार्य किये गये हैं। इनमें कम्प्यूटर लेब, प्रोजेक्टर, आई.आर. बोर्ड, ग्रीन बोर्ड, सी.सी.टीवी. कैमरे, अग्निशमन यंत्र एवं बायेमैट्रिक पंचिंग उपकरण की व्यवस्था की गई है।

शारदीय नवरात्र के नौवें दिन होगा दशहरा, अस्त्र-शस्त्र की पूजा का यह रहेगा समय

कोरोना काल के बीच इस वर्ष शारदीय नवरात्र के नौवें दिन विजयादशमी पर्व पड़ रहा है। इसके अलावा अष्टमी और नवमी की तिथियों की दुर्गा पूजा भी एक ही दिन होगी। नवरात्र को लेकर भक्तों में उत्साह है। सितंबर और अक्टूबर में आने वाले नवरात्र को शरदीय नवरात्र कहा जाता है।

17 अक्तूबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्र में इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 24 अक्तूबर को सुबह 6रू58 बजे तक अष्टमी है और उसके बाद नवमी लग जाएगी। ऐसे में अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन करने वाले भक्त इसी दिन पूजा कर सकते हैं। अष्टमी और नवमी तिथियों की दुर्गापूजा एक ही दिन होगी। नवमी की तिथि को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।

अधिमास, मलमास या पुरुषोत्तम मास 16 अक्टूबर को संपन्न होने जा रहा है। इसके बाद माता की भक्ति और उपासना का मुख्य पर्व 17 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा, जो इस बार नौ की जगह आठ दिन का रहेगा। 17 से 24 अक्तूबर तक नवरात्र और उसके अगले दिन 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्र के नौवें दिन दशमी अर्थात दशहरा होगा। 23 अक्टूबर को सुबह 6ः55 बजे अष्टमी लगेगी, जो 24 की सुबह 6ः54 तक रहेगी। इसके बाद 6ः55 पर नवमी लग जाएगी। उन्होंने बताया कि हवन और कन्या पूजन नवमी को होगा। इसके बाद विजयदशमी पर मध्याह्न में अस्त्र शस्त्र पूजन होगा और दशहरा पूजन का समय दोपहर 1ः52 से 2ः38 तक रहेगा।

मुहूर्त का समय
अश्विनी घटस्थापना शनिवार, 17 अक्टूबर, 2020, घटस्थापना मुहूर्त – प्रातः 06ः23 से प्रातः 10ः12 तक, अवधिः 03 घंटे 49 मिनट
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विजयाराजे सिंधिया ने अपना जीवन गरीबों को किया समर्पितः मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 100वीं जयंती पर 100 रूपये के विशेष स्मारक सिक्के का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विजयाराजे सिंधिया ने अपना जीवन गरीबों के लिए समर्पित किया। उनके लिए राजसत्ता नहीं बल्कि जन सेवा अहम थी। नारी शक्ति के बारे में वो कहती थी कि जो हाथ पालने का झुला सकते हैं, तो वे विश्व पर राज भी कर सकते हैं। कहा कि विजयाराजे सिंधिया एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व थी। साधना, उपासना, भक्ति उनके अन्तर्मन में रची बसी थी। जेल में रहकर उन्होंने कहा था अपनी भावी पीढ़ियों को सीना तान कर जीने की प्रेरणा मिले इस उद्देश्य से हमें आज की विपदा को धैर्य के साथ झेलना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कोई भी साधारण व्यक्ति जिसके अदंर योग्यता, प्रतिभा व देश की सेवा की भावना है, वह इस लोकतंत्र में भी सत्ता को सेवा का माध्यम बना सकता है। जन सेवा के लिए किसी खास परिवार में ही जन्म लेना जरूरी नहीं हैं। राष्ट्र के भविष्य के लिए राजमाता ने अपना वर्तमान समर्पित कर दिया था। उन्होंने पद एवं प्रतिष्ठा के लिए न जीवन जिया और न ही राजनीति की। स्वतंत्रता आन्दोलन से लेकर आजादी के कई दशकों तक भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की वे साक्षी रहीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विजया राजे ने एक पुस्तक में लिखा है कि एक दिन ये शरीर यहीं रह जायेगा। आत्मा जहां से आई है, वहीं चली जायेगी। शून्य से शून्य में, स्मृतियां रह जायेंगी। अपनी इन स्मृतियों को मैं उनके लिए छोड़ जाऊँगी। जिनसे मेरा सरोकार रहा है, जिनकी मैं सरोकार रही हूं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि उनकी स्मृति में मुझे विशेष स्मारक सिक्के के अनावरण का अवसर मिला।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अन्य राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि जुड़े रहे।

बीआरओ द्वारा निर्मित उत्तराखंड के आठ पुल हुए राष्ट्र को समर्पित

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 7 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए 44 पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया। रक्षा मंत्री ने अरूणाचल प्रदेश के तवांग मार्ग में नेचीफु सुरंग की आधारशिला भी रखी। राष्ट्र को समर्पित किए गए पुलों में उत्तराखण्ड में 08, अरूणाचल प्रदेश में 08, हिमाचल प्रदेश में 02, जम्मू कश्मीर में 10, लद्दाख में 08, पंजाब में 04 और सिक्किम में 04 पुल शामिल हैं। इन 44 पुलों का कुल स्पान 3506 मीटर है। उत्तराखण्ड के 08 पुलों का कुल स्पान 390 मीटर है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ इतने पुलों का उद्घाटन और सुरंग की आधारशिला रखना बहुत बड़ा रिकार्ड है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी और विकास का नया युग प्रारम्भ होगा। देश में कोविड-19 में सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान व चीन के साथ हमारी बड़ी सीमा मिलती है, जहां तनाव बना रहता है। हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इन सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक सामना कर रहे हैं। हाल ही में अटल टनल का उद्घाटन किया गया था। सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा के साथ ही विकास में बीआरओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन पुलों के बनने से स्थानीय आकांक्षाओं की पूर्ति होगी और सेना तक आवश्यक सामग्री पहुंचानें में मदद मिलेगी। सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में इनकी बड़ी उपयोगिता है। इससे दूरदराज के क्षेत्र, विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने बीआरओ की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 4-5 वर्षों में बीआरओ के बजट को लगभग तीन गुना किया गया है। हमें इसके परिणाम भी देखने को मिले हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में 44 पुलों के निर्माण के लिए रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बीआरओ के अधिकारियों, इंजीनियरों और सभी कार्मिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन सभी पुलों का सामरिक दृष्टि से तो महत्व है ही, स्थानीय लोगों को भी इसका बहुत लाभ मिलेगा। उत्तराखण्ड में बनाए गए पुलों से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुविधा होगी। इसका क्षेत्र की आर्थिकी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पिथौरागढ़ में पुलों की लम्बे समय से मांग थी और सपना जैसा लगता था। आज क्षेत्रवासियों का ये सपना साकार हुआ है। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में कम समय में पुलों का उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और बीआरओ की कुशलता को बताता है।

शायदा बानो ने भाजपा की सदस्यता ली, तीन तलाक के खिलाफ की थी प्रथम याचिका

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक पर प्रथम याचिका करने वाली उत्तराखंड की शायरा बनो अब भाजपाई हो गई है। उन्होंने उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शायरा बानो ने दृढता के साथ तीन मामले की लड़ाई लड़ी। उसी प्रकार वह भाजपा के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेंगी। विशेष तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वहीं, शायरा बानो ने भाजपा को सिद्धांतवादी पार्टी बताया है।

बता दें कि दो साल पूर्व तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शायरा बनों के संदर्भ में कहा था कि उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी।

कौन है शायदा बानो…

बीते साल दो बच्चों की मां 35 वर्षीय मुस्लिम महिला शायरा बानो जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचती है तो तीन तलाक के खिलाफ अभियान एक बार फिर जिंदा हो उठता है।

शायरा बानो ने साल 2016 की फरवरी में अपनी याचिका दायर की। वे कहती हैं कि जब वह अपना इलाज कराने के लिए उत्तराखंड में अपनी मां के घर गईं तो उन्हें तलाकनामा मिला।

शायरा बानो ने इलाहाबाद में रहने वाले अपने पति और दो बच्चों से मिलने की कई बार गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार दरकिनार कर दिया गया और उन्हें अपने बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। शायरा बानो ने अपनी याचिका में इस प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठाई। उन्होंने ये भी कहा है कि हलाला और कई पत्नियां रखने की प्रथा को भी गैर कानूनी ठहराया जाए।

वे कहती हैं, ये सारी प्रथाएं गैरकानूनी, असंवैधानिक, लैंगिक न्याय के खिलाफ और भेदभाव करने वाली हैं। कुुरान और शरिया में एक बार में तीन बार तलाक बोलने की प्रथा का जिक्र नहीं है, बीते कई सालों में कई महिलाएं अलग-अलग अदालतों में तीन तलाक को चुनौती देती आई हैं।

क्लीन गंगा के तहत मुनिकीरेती स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए मिले 8 करोड 67 लाख रूपए

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत चोरपानी, मुनिकीरेती में स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए आठ करोड़ 67 लाख रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति के साथ ही उत्तराखण्ड वन विभाग को ‘फोरेस्ट्री इनटरवेंशन फॉर गंगा’ के लिये 39 करोड़ 95 लाख 58 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया है।

जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत चोरपानी, मुनिकीरेती में स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए 8 करोङ 67 लाख रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति दी गई है। यह योजना शत प्रतिशत केन्द्र पोषित होगी। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति के दिनांक से चार माह के भीतर परियोजना अवार्ड कर दी जानी होगी, जबकि अवार्ड किए जाने के बाद 6 माह में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखंड पेयजल निगम इसकी कार्यदायी संस्था होगी।

इसके साथ ही जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा उत्तराखंड के वन विभाग को ‘फोरेस्ट्री इनटरवेंशन फॉर गंगा’ के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के लिए 39 करोङ 95 लाख 58 हजार रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। शत-प्रतिशत केंद्र पोषित इस परियोजना का उद्देश्य स्वच्छ गंगा में योगदान करना है। विशेष रूप से नदी क्षेत्र में भूगर्भीय व पारिस्थितिकीय पूर्णता को बनाए रखते हुए अनंत वन धारा विकसित करने का कार्य इसमें शामिल है।

नो सिंगल एरिया में एसडीआरएफ ने स्थापित किया क्विक डिप्लोएबल एंटिना

उत्तराखंड कन्ट्रोल रूम से क्यूडीए का शुभारम्भ कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मलारी, गुंजी और त्यूणी के ग्रामीणों से बात की। सीएम ने संचार की नवीनतम प्रणाली क्यूडीए का शुभारम्भ किया। इस तकनीक का उपयोग करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। दूरस्थ ग्रामों के नो सिंगल एरिया में संचार के लिए एसडीआरएफ द्वारा क्विक डिप्लोएबल एंटिना स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने एसडीएमए, देहरादून उत्तराखंड कन्ट्रोल रूम से प्रदेश के चमोली जिले के मलारी, पिथौरागढ़ जिले के गुंजी और देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र के प्रधान और ग्रामवासियों से क्यूडीए से सम्पर्क स्थापित कर प्रणाली का उत्तराखण्ड में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने एसडीआरएफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रणाली उत्तराखंड में किसी भी आपदा रूपी संकट के दौरान संजीवनी स्वरूप है जिसके दूरगामी परिणाम अत्यंत सुखद ओर लाभकारी होंगे। सभी ग्रामवासियों ने क्षेत्र को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने ओर पूर्व में सेटेलाइट फोन वितरण के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

प्रदेश के सुदूरवर्ती एवमं सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य के सभी जनपदों में संचार की दृष्टि से कमजोर क्षेत्रों में 248 सेटेलाइट फोन वितरित किये थे। इस काम को को गति और व्यापकता देते हुए एसडीआरएफ द्वारा नवीनतम टेक्नोलॉजी क्यू.डी.ए (क्विक डिप्लोएबल एंटिना) का क्रय किया गया। उत्तराखंड देश में प्रथम राज्य है जो इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा है। वर्तमान में देश में एनडीआरएफ और पैरामिलेट्री फोर्सेस ही इसका उपयोग कर रहे हैं।

क्यूडीए एक प्रकार से नो सिंगल एरिया से संचार स्थापित करने की महत्तम ओर नवीनतम टेक्नोलॉजी है। इस प्रणाली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डेटा को भेजने के लिए 1.2 मीटर क्यू.डी.ए (वी.एस.ए.टी) एंटीना टर्मिनलों और 1.2 मीटर स्टेटिक (वी.एस.ए.टी बहुत छोटे एपेरचर टर्मिनल) एंटीना टर्मिनल का उपयोग होता है। यह विभिन्न वीसैट टर्मिनल के साथ उपग्रह आधारित संचार स्थापित करने में मदद करता है। वॉयस और वीडियो संचार को दूरस्थ से दूरस्थ वी.एस.ए.टी टर्मिनलों तक संप्रेषित किया जाता है। 1.2 मीटर क्यू.डी.ए वी.एस.ए.टी एक पोर्टेबल सिस्टम है जो अलग-अलग दूरस्थ क्षेत्रों में तुरंत स्थापित किया जा सकता है सकता है और किसी भी इलाके में स्थापित हो सकता है। साधारण तौर पर यह कह सकते है कि यह टेक्नोलॉजी किसी ऐसे क्षेत्र में जहां किसी प्रकार का संचार का साधन नही है, उपयोग करने पर तत्काल सेटेलाइट से सम्पर्क स्थापित कर लाइव ऑडियो ओर वीडियो कॉल की सुविधा देता है।

क्यू.डी.ए. ’स्टैटिक ओर मोबाइल’ दो प्रकार का होता है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किसी भी आपदा के दौरान स्टेटिक क्यू.डी.ए. का एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जोलीग्रांट, एसडीएमए, देहरादून या किसी अन्य उपयुक्त स्थान में स्थापित किया जा सकेगा मोबाइल क्यू.डी.ए. को तत्काल हेलीकॉप्टर की सहायता से सम्बंधित क्षेत्रो में भेजकर स्थापित किया जाएगा। जहां से आपदा के दौरान आपदा ग्रस्त क्षेत्र की स्थिति एवं नुकसान की जानकारी तत्काल प्राप्त हो सकेगी। साथ ही बचाव के लिए सशक्त योजना के अनेक विकल्प प्राप्त हो सकेंगे। इस प्रणाली के उपयोग से प्रदेश में किसी भी आपदा के दौरान मानव क्षति को कम से कम किया जा सकेगा।

इस अवसर पर सचिव गृह नितेश झा, सचिव आपदा एसए मुरुगेशन, महानिरीक्षक एसडीआरएफ संजय गुंज्याल, एसडीआरएफ सेनानायक तृप्ति भट्ट, सहायक सेनानायक कमल सिंह पंवार, अनिल शर्मा, अधिशासी निदेशक यूएसडीएमए पीयूष रौतेला उपस्थित थे।

अंबानी परिवार ने बढ़ाया हाथ, देवस्थानम बोर्ड के लिए किए पांच करोड़ रूपये अनुदान

उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे मुकेश अंबानी ने पांच करोड़ रूपये का दान उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम एवं प्रबंधन बोर्ड के लिए किया है। इससे 650 कर्मचारियों का वेतन में समस्या नहीं आड़े नहीं आएगी।

बता दें कि प्रत्येक वर्ष उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मगर, कोरोना के चलते इस वर्ष कुल 60 हजार के करीब श्रद्धालु आए। इस कम संख्या का असर सीधे बोर्ड के राजस्व पर भी पड़ा है। इन मुश्किल हालात में अंबानी परिवार से उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को मिले पांच करोड़ को बड़ी राहत माना जा रहा है।

बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह के अनुरोध पर अनंत अंबानी ने देवस्थानम बोर्ड को पांच करोड़ दिए। अनंत अंबानी पूर्व में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं। बीडी सिंह ने बताया कि मुकेश अंबानी सहित पूरे अंबानी परिवार की श्री बदरीनाथ एवं केदारनाथ सहित चारों धामों में अपार आस्था है।

बोर्ड कर्मचारियों ने उद्योगपति अनंत अंबानी सहित प्रदेश सरकार, देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह का आभार व्यक्त किया है।

सीएम ने की कुंभ मेला की समीक्षा, हरिद्वार-ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण करने का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला 2021 की समीक्षा करते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार व ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कुम्भ का आयोजन दिव्य और भव्य होगा। मेला क्षेत्र का सौंदर्यीकरण समय पर पूरा कर लिया जाए। कुम्भ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बरकरार रखते हुए कोविड के दृष्टिगत सुरक्षित आयोजन किया जाना है। इस संबंध में अखाड़ों के संत महात्माओं का मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कुम्भ के सभी स्थायी प्रकृति के काम दिसम्बर माह तक पूरे कर लिये जाएं। अस्थायी कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। मुख्य सचिव हर सप्ताह कुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करें। स्वास्थ्य विभाग सामान्य रूप से होने वाली तैयारियों के साथ ही कोविड के दृष्टिगत भी योजना बनाकर काम करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मशालाओं, आश्रमों व होटलों को कोविड के दृष्टिगत क्या करें और क्या न करें, की मार्गदर्शिका उपलब्ध कराने के साथ ही वहां काम करने वालों को यथासम्भव प्रशिक्षित किया जाए। सभी काम समय पर पूरे हो, इसके लिए दो शिफ्ट में भी काम किया जा सकता है। व्यापार मंडल के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाए। हरिद्वार में सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी काम कराए जाएं।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले के विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बताया कि हरिद्वार के कूड़ा निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 35 करोड़ रूपए का व्यय अनुमानित है। हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। लगभग 493 चिकित्सकों की व्यवस्था की जा रही है। एम्बुलेंस की भी आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जा रही है। बाईक एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे कुम्भ मेला क्षेत्र को 23 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए अतिरिक्त टीमें रिजर्व में रहेंगी। अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।

बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, शैलेश बगोली, सौजन्या, पंकज पाण्डेय, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुन्ज्याल आदि उपस्थित रहे।