ऋषिकेश से मुनिकीरेती नहीं प्रवेश कर पाएंगे लोग, बाॅर्डर सील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय टिहरी गढ़वाल के निर्देश पर थाना मुनिकीरेती पर अपने ऋषिकेश से लगे बॉर्डर रविवार को सील कर दिए हैं। इन स्थानों से अब पैदल व्यक्ति नहीं आ जा पाएंगे। केवल इलाज हेतु ’एम्स अन्य निजी चिकित्सालय, सरकारी चिकित्सालय’ जाने की ही छूट होगी। इसके लिए भी आते जाते समय पुलिस को मेडिकल प्रपत्र दिखाने पड़ेंगे। किसी को भी देहरादून क्षेत्र से आने जाने की अनुमति नहीं होगी।

18 लोगों को किया कुरएन्टीन
नियम का उलंघन कर जनपद में प्रवेश करने पर 18 लोगों को टिहरी प्रशासन की ओर से गढ़वाल मंडल विकास निगम के ऋषिलोक होटल में 14 दिन के लिए कुरएन्टीन में भेज दिया है इनकी सुरक्षा में पुलिस तैनात कर दी गयी है। ऐसे लोगो को रखने के लिए प्रशासन द्वारा अन्य होटलों को भी अधिग्रहित कर लिया गया है।

मानव जाति को एकजुट होने का लेना होगा संकल्पः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से कोरोना वायरस पर संयम और धैर्य रखने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर सहयोग करने का अनुरोध किया है।
सीएम ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लङाई में हम सभी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। हमें खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए लॉकडाऊन का पालन करना ही है। बीमारी को शुरुआत में ही रोकना जरूरी है। पूरी मानव जाति को एकजुट होकर संकल्प लेना होगा। कुछ लोग शायद इसकी गम्भीरता को नहीं समझ रहे हैं, वे खुद की रक्षा के लिए ही सही, सरकार के प्रयासों को सहयोग करें और इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों व नियमों का पालन करें। कोरोना वायरस से लङ रहे फ्रंट लाईन वारियर्स से प्रेरणा लें। ये लोग हमारी खातिर खतरा उठाकर भी बाहर हैं। सावधान रहें, सतर्क रहें, घर पर रहें, सुरक्षित रहें। हम ये जंग जरूर जीतेंगे।

मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोसा, सरकार सबका रख रही है ध्यान, एडवायजरी का करें पालन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी, स्वास्थ्य एवं गृह सचिव नितेश झा के साथ आपात बैठक ली। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि जनता कर्फ्यू को 31 मार्च, 2020 तक जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस अनुभवों और उसकी भयावहता को देखते हुए, आज राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के अन्तर्गत हमारी अन्तर्राज्जीय परिवहन सेवा और राज्य के अन्तर्गत सार्वजनिक परिवहन सेवा को प्रतिबन्धित किया जा रहा है। दूसरी बात जो राज्य में हमारी आवश्यक सेवाएं हैं, चाहे स्वास्थ्य सम्बन्धी हों, खाद्य सम्बन्धी हों और अन्य जो भी अन्य आवश्यक सेवाएं हैं वो उपलब्ध रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी। सभी जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। सभी प्रदेशवासियों से यह भी अनुरोध है कि वो अपने शहर, अपने मुहल्लों को न छोड़ें। जो गांव के लोग हैं वो अपने गांव से बाहर न निकलें। जब बहुत जरूरी हो, तभी गांव से बाहर निकलें। आगामी 31 मार्च, 2020 तक के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
मैं प्रदेशवासियों से यही कहना चाहूंगा कि हमारे पास कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे ज्यादा समर्थ तरीका एक यही कि सामाजिक दूरी बनाए रखें। यही इसका सबसे बड़ा बचाव है। राज्य में सभी जगह प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट में है। मुझे पूरा विश्वास है कि उत्तराखण्ड की जनता ने जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को स्वीकार किया, अपना समर्थन किया है, उसी प्रकार अपने देश के बचाव के लिए, अपने राज्य के बचाव के लिए, अपने घर-परिवार के बचाव के लिए वो निश्चित रूप से सरकार का सहयोग करेगी। जनता कर्फ्यू आज पूरी स्वेच्छा से देश में लागू हुआ, अब पूरे राज्य में कर्फ्यू केवल आवश्यक सेवाओं के लिए खुला रहेगा, अब पूरे राज्य में कर्फ्यू 31 मार्च तक लागू रहेगा।
हमारे राज्य में जितने भी रजिस्टर्ड मजदूर हैं, उनके खाते में एक हजार रूपये डालेंगे ताकि उनको खाद्यान्न की दिक्कत न रहे। मैं उन्हें आश्वासन देना चाहता हूं कोई भूखा न रहे सरकार इसकी व्यवस्था करेगी। सैनेटाईजेशन की कार्यवाही पूरे राज्य में गतिमान है। राज्य के संस्थान एवं सरकार इकाईयों ने व्यापक सैनेटाईजेशन का कार्य कर रही है। जनता से मैं यही कहना चाहूंगा कि सरकार विश्वभर के विशेषज्ञों की राय एवं अनुभवों के आधार पर निर्देश दे रही। आप उन परामर्शों को ध्यान से पढ़िए, अखबारों में, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, आदि द्वारा जो भी समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं उनका पालन करें। मैं प्रदेशवासियों से कहना चाहता हूं जो भी सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं, राज्य सरकार ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं उनसे कहना चाहता हूं वही अधिकृत खबरें प्रकाशित करें। यदि कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करते हैं, उनके साथ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘‘विकास के तीन सालः बातें कम, काम ज्यादा’’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सरकार को सहयोग देने के लिए प्रदेशवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही है। तीन वर्ष के दौरान अनेक बड़े निर्णय लिए गए। 4 मार्च को गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की गई। यह हमारे दृष्टि पत्र में भी था। हमने जनता से किया गया वायदा पूरा किया। प्रदेश की जनता ने भी इसके पक्ष में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। हमारा दूसरा बड़ा निर्णय चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन था। अब चारधाम यात्रा इसके तहत की जाएंगी।
हमने जनता से सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वायदा किया था। हमने इसके लिए कड़े कदम उठाए, भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार किया। साबित किया कि सरकार ईमानदारी से भी चल सकती है। पारदर्शी शासन के लिए ई-आफिस, सीएम हेल्पलाईन, सीएम डैशबोर्ड की व्यवस्था की है। तीन साल में एक बड़ा निर्णय अटल आयुष्मान योजना शुरू करना रहा है। इसमें प्रदेश के सभी लोगों को शामिल किया। रैफर के प्रावधान को हटाया गया है। प्रदेश में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट की गई। 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू किए गए। इनमें से 21 हजार करोड़ से अधिक का निवेश ग्राउन्ड हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बहुत से निर्णय लिए, जहां सुधार की गुंजाईश होती है, वहां सुधार भी किए जाते हैं।
ऑल वेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट, एनएच, भारतमाला, टिहरी बांध, शहरी विकास, एयर कनेक्टीवीटी, जमरानी, सौंग, मसूरी पेयजल योजना आदि के रूप में डबल इंजन का प्रभाव देखा जा सकता है। केंद्र से 94 हजार करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्टों की स्वीकृति ली गई। पलायन को रोकने के लिए नहीं बल्कि रिवर्स पलायन के लिए ग्राम्य विकास और पलायन आयोग का गठन किया गया। उसने विस्तृत अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट दी। 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन, होम स्टे से स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। ग्रोथ सेंटर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। सोलर और पिरूल एनर्जी नीति पर्वतीय क्षेत्र में काफी फायदेमंद होंगी। प्रदेश में एयर कनेक्टीवीटी का भी विस्तार हुआ है। देहरादून, देश के प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है। चिन्यालीसौड़, गौचर भी हवाई सेवा से जुड़ चुके हैं। उड़ान के अंतर्गत हेली सेवा शुरू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। आर्गेनिक खेती में भी बड़ी पहल की गई है। साहसिक पर्यटन के लिए अलग से विभाग बनाया जा रहा है। साहसिक पर्यटन हमारे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण क्षेत्र होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी हम अपने विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ते रहेंगे। सभी डिग्री कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन और स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध करवाया जाएगा। कनेक्टीवीटी के लिए जहां भी पुलों की आवश्यकता होगी, बनाए जाएंगे। बालिका अनुपात में काफी सुधार आया है, इस पर और ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, महानिदेशक सूचना डा.मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के पहले स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन का ट्रायल

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के योग नगरी रेलवे स्टेशन पर सीसीआरएस स्पेशल ट्रेन का ट्रायल किया गया। ट्रायल का निरीक्षण करने पहुंचे रेल सुरक्षा आयुक्त ने ट्रेन का ट्रायल सफल रहा या नहीं, इस पर कुछ नहीं बोला। वहीं डीआरएम मुरादाबाद मंडल का कहना है कि ट्रायल सफल रहा, लेकिन इसकी फाइनल रिपोर्ट रेल सुरक्षा आयुक्त देंगे। वहीं, सूत्रों के अनुसार स्टेशन में रेल लाइन के समीप कुछ खामियां पाई गई हैं।
गौरतलब है कि पिछले काफी लंबे समय से योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में ट्रेन के ट्रायल के लिए रेलवे विकास निगम वीरभद्र रेल लाइन और स्टेशन का कार्य जोरों से किया जा रहा था। इसके बाद मंगलवार को यहां स्टेशन मेें रेल सुरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक के नेतृत्व में सीसीआरएस स्पेशल ट्रेन के संचालन का ट्रायल किया गया।
इसके बाद ट्रायल की रिपोर्ट भी पेश की जानी थी। मगर रिपोर्ट पेश करने के बजाय मौके पर उपस्थित सभी आला अधिकारी चुप्पी साध गए। वहीं, संपर्क साधने पर डीआरएम मुरादाबाद तरुण प्रकाश ने बताया कि उनके अनुसार सीसीआरएस स्पेशल का ट्रायल सफल रहा है। वहीं, सूूत्रों के अनुसार प्लेटफार्म नंबर एक का टीनशेड काफी बाहर निकला हुआ है। समीप में रेल लाइन के ऊपर विद्युत लाइन होने से ट्रेन के संचालन के दौरान करंट का खतरा बना हुआ है।

त्रिवेन्द्र सरकार उठाएगी उपचार का खर्च, देगी मुआवजा

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही अब अस्थाई रूप से कोरोना संक्रमण को आपदा में शामिल कर लिया गया है। कोरोना से प्रभावित व्यक्ति के उपचार का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी और मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिया जाएगा।
प्रदेश में अब अगले तीस दिन के लिए कोरोना संक्रमण के लिए मेडिकल कैंप लगाने, उपकरणों की व्यवस्था करने, पीड़ितों को अलग कैंप बनाकर रखने की व्यवस्था राज्य आपदा प्रबंधन फंड से की जाएगी। इन सब मामलों में राज्य आपदा प्रबंधन कमेटी फैसला करेगी। इसके साथ ही टेस्टिंग लैब स्थापित करने और महामारी को रोकने के लिए सर्वे आदि की व्यवस्था भी एसडीआरएफ के तहत की जाएगी।
आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। संक्रमण से फैलने को रोकने के लिए प्रदेश के आपदा प्रबंधन तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। सभी को सर्जिकल मास्क, सूट आदि की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है। कोरोना संक्रमण को आपदा में अस्थाई रूप से शामिल कर लिया गया है। कोरोना संक्रमण के आपदा में शामिल होने से अब पीड़ितों के उपचार पर आए खर्च का भुगतान राज्य सरकार करेगी। पीड़ित की मृत्यु होने पर आपदा के तहत निर्धारित मानकों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।

त्रिवेन्द्र सरकार ने स्वास्थ्य सचिव को दिए असीमित अधिकारी
महामारी अधिनियम लागू होने के बाद सचिव स्वास्थ्य को असीमित अधिकार होंगे। सचिव स्वास्थ्य अपनी शक्तियां जिलों में जिलाधिकारी और सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) को प्रदान कर सकते हैं।
– धारा 144 के तहत कहीं भी भीड़ एकत्रित करने पर रोक।
– उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत सजा और जुर्माना।
– शिक्षण संस्थान बंद करना या खोलना।
– अनुमति के बिना सार्वजनिक सभा से लेकर कोई भी समारोह नहीं होगा।
– किसी भी संदिग्ध के जांच से मना करने पर जबरन जांच होगी।
– मेडिकल कार्यों के लिए निजी या सार्वजनिक संपत्ति ली जा सकेगी कब्जे में।
– किसी भी वाहन को बतौर टैक्सी या एंबुलेंस इस्तेमाल किया जा सकेगा।
– निजी या सार्वजनिक स्थलों, वाहनों और संपत्तियों को सेनिटाइज करना।

अनुबंध पर सैंकड़ों डाक्टर-नर्सें होंगी नियुक्त
सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में डाक्टरों के रिक्त साढ़े पांच सौ पदों पर वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्ति की जाएगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मौजूदा पदों के 50 प्रतिशत पद और भरे जाएंगे। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के खाली पदों पर 11 माह के अनुबंध पर नियुक्तियां की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग को पचास करोड़ जारी
सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए 50 करोड़ रुपये तुरंत महानिदेशक स्वास्थ्य को जारी कर दिए हैं। आइसोलेशन आईसीयू बनाए जाएंगे। सौ बिस्तर के प्री फेब्रिकेटिड अस्पताल बनाने की अनुमति दे दी है। यह अस्पताल जरूरत पड़ने पर कहीं भी बनाया जा सकेगा। चिकित्सा उपकरणों में 125 वेंटिलेटर सहित औषधि आदि की खरीद बिना टेंडर (लेकिन राज्य या केंद्र सरकार की तय दरों अथवा जेम से) हो सकेगी।

रोकथाम को आपदा मद से मिलेगा पैसा
महामारी घोषित होने से कोरोना को आपदा का दर्जा मिला गया है। इसके तहत अब आपदा के मद से महामारी की रोकथाम के लिए पैसा खर्च किया जा सकेगा। इसके तहत राज्य सरकार को केंद्र से भी मदद मिल सकती है। जिलाधिकारी बिना शासन की अनुमति के रोकथाम और उपचार के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं।

उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित किया

उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कैबिनेट के फैसले की पुष्टि की है। वायरल संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में उत्तराखंड महामारी रोग अधिनियम (कोविड-19) में लागू कर दिया है। इससे जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वायरस की रोकथाम के लिए असीमित अधिकार प्राप्त हो जाएंगे।
मदन कौशिक ने बताया कि इसके तहत अब स्कूल और आंगनबाड़ी के बाद राज्य के सभी कॉलेज, सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 31 मार्च तब बंद रहेंगे। लेकिन मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। वहीं राज्य में आइसोलेशन वार्ड के लिए 50 करोड़ की राशि मंजूर की है।
उत्तराखंड सरकार ने मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोनो वायरस को लेकर यह फैसला लिया है। सबसे खास बात ये है कि कोरोना को राज्य सरकार ने महामारी घोषित कर दिया है। प्रदेशभर में कोरोना से बचाव के मद्देनजर सावधानी व जागरुकता पर जोर दिया गया है। मॉल पर फिलहाल निर्णय नहीं हुआ है। किसी भी प्रकार के कार्यक्रम से पहले सरकार से अनमुति लेनी जरूरी होगी। कोरोना को देखते हुए नर्सिंग स्टाफ के खाली पद भरे जाएंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। बसों में सेनिटेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्यादा लोगों एक जगह पर एकत्र होने से रोका जाएगा। इस आदेश की अवहेलना करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत 1 माह से 6 माह के कारावास का प्रावधान किया गया है। भविष्य में कोरोना की तीव्रता बढ़ने पर प्रीफेब्रिकेटेड 100 बेड का हॉस्पिटल तैयार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर निजी भवन, चिकित्सा ईकाई भवन को अस्पताल बनाया जाएगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए 140 विभागीय एम्बुलेंस को अलर्ट पर रखा गया है।

स्वास्थ्य सचिव को असीमित अधिकार
महामारी अधिनियम लागू होने के बाद सचिव स्वास्थ्य को असीमित अधिकार होंगे। सचिव स्वास्थ्य अपनी शक्तियां जिलों में जिलाधिकारी और सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) डेलिगेट करेगा। इसके तहत कई शक्तियां डीएम में निहित होंगी। राज्य सरकार पहले ही तमाम बड़े आयोजनों को रद्द कर चुकी है। 12वीं तक के स्कूलों और विद्यालयों में 31 मार्च तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में बायोमीट्रिक हाजिरी पर भी रोक लगाई जा चुकी है।

दो ट्रेनी आईएफएस सहित छह के सैंपल भेजे
कोरोना की आशंका के चलते दो ट्रेनी आईएफएस समेत छह और मरीजों के सैंपल शनिवार को जांच के लिए वायरोलॉजी लैब हल्द्वानी भेजे गए हैं। इस तरह से जिले से शनिवार तक 20 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। जिसमें से अब तक आई सभी 11 मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सतर्कता बरत रहे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार विभिन्न अस्पतालों और संस्थानों से संपर्क कर रही हैं। इसी क्रम में शनिवार को छह सैंपल जांच के लिए डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कालेज, हल्द्वानी स्थित वायरोलॉजी लैब भेजे गए। इसमें दो सैंपल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे दो ट्रेनी आईएफएस के भी शामिल हैं।
अकादमी के 62 ट्रेनी आईएफएस के अलग-अलग ग्रुप पिछले दिनों विभिन्न देशों से ट्रेनिंग टूर से लौटे थे। सभी की स्क्रीनिंग करने के बाद शुक्रवार को चार ट्रेनी आईएफएस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। शनिवार को भी दो और ट्रेनी आईएफएस के सैंपल दून अस्पताल से जांच के लिए भेजे। इसके अलावा शनिवार को जो चार और मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, उनमें एम्स ऋषिकेश और निजी अस्पतालों में इलाज कराने को पहुंचे थे। ये चारों भी हाल में विदेश से लौटे हैं। सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। साथ ही संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों को निगरानी पर रखा जा रहा है।

बच्चों ने मंगलगीत गाकर मनाया फूलदेई का त्योहार

सुख-समृद्धि का प्रतीक फूलदेई त्योहार उत्तराखंड की गढ़ कुंमाऊ संस्कृति की पहचान है। वसंत का ऋतु के आते ही बच्चों को इस त्योहार का खासा इंतजार रहता है। देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बच्चों के साथ यह त्योहार मनाया और उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पौधरोपण भी किया। बच्चें हर घर-घर में फूलों की बारिश करते है और हर घर सुख-समृद्धि से भरपूर हो, ऐसी प्रभु से कामना करते है। इसी भावना के साथ बच्चे अपने गांवों के साथ-साथ आस-पास के गांव में जाकर घरों की दहजीज पर फूल गिराते हैं और उस घर के लिए मंगलमय कामना करते हैं।

साथ ही घर की गृहणी उनको फूल वर्षा के बदले चावल, गुड़ के साथ दक्षिणा के रूप में रुपए भी देती है। यह त्योहार आमतौर पर चैत्र पंचमी को आता है। इस दिन लोग गांवों में अपने घरों को साफ-सफाई कर लाल मिट्टी से सजाते हैं। फिर इसके बाद बच्चे इन घरों में विभिन्न प्रकार के फूलों की वर्षा कर गांव की उन्नति के गीत गाते हैं। फूलदेई त्योहार में बुरांस के फूल विशेष होते हैं। बच्चे एक दिन पहले ही जंगल जाकर बुरांस के फूल एकत्र करते हैं।
इसके साथ ही प्यूंली, हिलांश, सरसौं आदि के फूलों से सजी रिंगाल की टोकरियों को सिर पर रखकर बच्चे गीत गाते हुए आंगन-आंगन जाते हैं। फिर गांव के सार्वजनिक चैक में वसंत ऋतु के आगमन को लेकर गीत गाकर नृत्य करते हैं।

कोरोना वायरसः जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कोरोना वायरस से निपटने हेतु राज्य स्तर पर की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना, प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं पैरामेडिक स्टाफ सहित आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था करने निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध मरीजों के स्थानांतरण हेतु डेडिकेटेड एम्बुलेंस और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
अफवाहों को रोकने हेतु लगातार किया जाए सूचनाओं का आदान प्रदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव एवं जागरूकता हेतु प्रदेशभर में चलायी जा रही वर्चुअल क्लासिस एवं विश्वविद्यालयों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु जारी एडवायजरी का प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने हेतु सभी विभागाध्यक्षों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अफवाहों को रोकने हेतु लगातार मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा जिला सूचना कार्यालयों के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सैनेटाईजर एवं मास्क आदि की ओवर रेटिंग एवं कालाबाजारी न होने पाए, इसके लिए भी व्यवस्थाएं बनायी जाएं। कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग को रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार की जाए स्क्रीनिंगः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने चीन एवं नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु संदिग्ध रोगी या किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति की सूचना मिलने पर राज्य एवं जनपद स्तर पर रेपिड रिस्पान्स टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यथाशीघ्र शासन को अवगत कराया जाए, ताकि समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनायी जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को चम्पावत में पूर्णागिरी के मेले के अवसर पर अतिरिक्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान, ठंड बढ़ी

उत्तराखंड के सात जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग ने ज्यादातर क्षेत्र में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फ गिरने का अनुमान जताया है। वहीं, कई मैदानी क्षेत्रों में तेज झोकेदार हवा चल सकती है। वहीं आज राजधानी देहरादून सहित कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है।
चारधाम समेत ऊंची चोटियों और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालय पर बर्फबारी हो रही। जबकि लगभग सभी मैदानी इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में ज्यादातर स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है।

आज और कल मौसम खराब
मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोकेदार हवा भी चल सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी दून और आसपास के इलाकों में भी बादल छाये रहने का अनुमान है। तेज गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। उन्होंने तेज हवाओं से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को मौसम खराब रहेगा। रविवार को मौसम में सुधार हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने फिर करवट बदल ली है। कुमाऊं के अधिकांश इलाकों में बृहस्पतिवार सुबह बारिश हुई और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ। उसके बाद दिन भर सर्द हवाएं चलती रहीं।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि छह मार्च को तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। सात मार्च को ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं।