एमडीडीए और रेलवे लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण के मध्य किया गया एमओयू

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के मध्य देहरादून रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना हेतु समझौता ज्ञापन हस्तारक्षित किया गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वेदप्रकाश ने उक्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है। यह पहला ऐसा पीपीपी मॉडल है जिसे देश में उदाहरण के तौर पर अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा कर लिया जाएगा। उत्तराखण्ड में एक अच्छी परम्परा शुरू हो रही है। प्रदेश के विकास के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स अपनी निर्धारित समय सीमा से पूर्व ही पूर्ण किए गए हैं। इससे जहां एक ओर प्रोजेक्ट की उपयोगिता बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से बचत भी होती है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब देहरादून रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य को प्रारंभ कर दिया जाएगा। परियोजना के लिए फीजिबिलिटी स्टडी, डिटेलड मास्टर प्लानिंग, अर्बन प्लानिंग व डीपीआर इत्यादि से संबंधित कार्य कर लिया गया है। लगभग 507 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाले इस प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा। रेलवे स्टेशन का निर्माण उत्तराखण्ड की वास्तुकला के आधार पर किया जाएगा। इसमें बजट एवं स्टार होटल, कमर्शियल स्पेस, पार्किंग, किड्स जोन, दिव्यांग लोगों के लिए विशेष प्रोविजन, रेलवे स्टेशन हेतु मेन रोड पर मुख्य द्वार का निर्माण, ओल्ड टेहरी की तर्ज पर क्लॉक टावर का निर्माण, पैदल यात्री प्लाजा, अंडर पास, यातायात के सुगम प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधाओं हेतु रेलवे स्टेशन पर आवागमन हेतु दूसरे छोर (भण्डारी बाग) की ओर से भी द्वार बनाया जाएगा, स्टेशन पर आने एवं निकासी के लिए पृथक व्यवस्था की जायेगी।

ऋषिकेश नगर निगम के एक वर्ष पर संकल्प से शिखर की ओर शीर्षक पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सोमवार को श्रीभरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, ऋषिकेश में नगर निगम ऋषिकेश के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने खाण्ड गांव बाईपास रोड एवं कृष्णा नगर कालोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल किये जाने, भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज को फर्नीचर के लिए 10 लाख रूपये प्रदान करने। ऋषिकेश में लोक निर्माण विभाग के भवन का पुनरूद्धार कर एक अतिथि गृह बनाये जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के लिए 10 कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया एवं नगर निगम की विकास पुस्तिका ‘संकल्प से शिखर की ओर’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम में पिछले एक साल में विकास के अनेक कार्य हुए। 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। इस दृष्टि से हमें सुनियोजित तरीके व तेजी से कार्य करने होंगे। ऋषिकेश में जो सीवरेज ओर पाईपलाईन का कार्य चल रहा है, उनमें और तेजी लाने के निर्देश उन्होंने दिये। विश्व में देवभूमि के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों का नियोजित विकास हो। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस वर्ष 36 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधायुक्त तथा सुरक्षित कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन किया जा रहा है। यह श्राइन बोर्ड हमारी भविष्य की जरूरत है। इससे सभी के हितों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जायेगा। देश के अनेक बड़े मन्दिरों के लिए श्राइन बोर्ड की व्यवस्था है। राज्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन राज्य सरकार का अहम सुधारवादी कदम है। ऋषिकेश में स्वछता, सीवरेज, पेयजल व अन्य कार्यो के लिए 2100 करोड़ रूपये की योजना बनायी गई है। हमारा प्रयास है कि आगामी कुम्भ स्वच्छ एवं ग्रीन कुंभ के रूप में आयोजित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वच्छता में सबको अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 हजार खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। युवा सरकारी सेवाओं में जाने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई करें।

मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं ने कहा कि पिछले एक साल में नगर निगम ऋषिकेश के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वच्छता, पथ प्रकाश, सीवरेज, पेयजल एवं निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले एक साल में 09 करोड़ से अधिक के कार्य किये गये एवं 07 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं।

कार्बेट पार्क में पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ायेगी सरकार

कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन किया जाए। मानव वन्य जीव संघर्ष से प्रभावित गांवों में वॉलण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स की स्थापना जल्द से जल्द की जाए। कॉर्बेट व राजाजी पार्क में टाइगर व हाथी की अधिकतम धारण क्षमता का अध्ययन कराया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर बंदरों को पीड़क घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में गरतांग गली ट्रेल में मार्ग निर्माण, उसके प्राचीन स्वरूप को बनाए रखते हुए किया जाए। प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के निकट स्थित टोंगिया व अन्य ग्रामों में सोलर लाईट, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के काम को प्राथमिकता से लिया जाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य वन्य जीव बोर्ड की 14 वीं बैठक में उक्त निर्णय लिए गए।
गैण्डे के रिइन्ट्रोडक्शन के संबंध में प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की भौगोलिक व पर्यावरणीय परिस्थितियां गैण्डे के अनुकूल है। गैण्डे द्वारा मानव के साथ संघर्ष की जीरो सम्भावना होती है और यह अन्य जीवों के लिए भी सहायक होता है। इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियां भी काफी बढ़ेंगी। इस पर बोर्ड द्वारा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन पर सहमति दी गई।
मछलियों को पकड़ने में अवैधानिक तरीकों के प्रयोग को रोकने के लिए युवक मंगल दलों, महिला मंगल दलों, वन पंचायतों का सहयोग लिया जाए। प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के निकट स्थित टोंगिया व अन्य ग्रामों में सोलर लाईट, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के काम को प्राथमिकता से लिया जाए। संरक्षित क्षेत्रों से दूसरे स्थानों पर बसाए जाने पर वन्य ग्रामों के लोगों भूमि संबंधी वही अधिकार मिलने चाहिए जो कि उन्हें अपनी पहले की भूमि पर प्राप्त थे। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
राज्य वन्य जीव बोर्ड द्वारा संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत व संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में आने वाली वन भूमि हस्तांतरण व अन्य प्रकरणों पर स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि की राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजने, रूद्रप्रयाग के उखीमठ नगर पंचायत में पेयजल योजना के लिए पाईप लाईन बिछाने की अनुमति, जनपद अल्मोड़ा में एनटीडी-कफड़खान मोटरमार्ग के 2 किमी से ग्राम भूल्यूड़ा सब्जी उत्पादन क्षेत्र हेतु मोटरमार्ग का नवनिर्माण, रामनगर-लालढांग मोटर मार्ग के 9 किमी व 13 किमी में सेतु का निर्माण, सोनप्रयाग से त्रिजुगीनारायण व कोठियालसैण से ऊषाड़ा तक मोटरमार्ग के किनारे ओएफसी लाईन बिछाए जाने की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजना प्रमुख हैं।
बैठक में वन मंत्री डा.हरक सिंह रावत, विधायक सुरेश राठौर, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य वन संरक्षक जयराज, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और राज्य वन्य जीव परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सीएम से मिले स्वीडन के राजदूत कलास मोलिन

सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में भारत में स्वीडन के राजदूत कलास मोलिन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ तथा क्वीन सिल्वा आगामी 5 व 6 दिसम्बर को उत्तराखण्ड का भ्रमण करेंगे।

उन्होंने बताया कि स्वीडन के किंग व क्वीन ऋषिकेश में गंगा दर्शन के साथ ही सराय जगजीतपुर हरिद्वार में सीवरेज प्लांट के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही उनका कार्बेट नेशनल पार्क के भ्रमण का भी कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्विडिस उद्यमियों एवं विभिन्न संस्थानों के 150 प्रतिनिधियों का शिष्टमण्डल भी भारत भ्रमण पर आयेगा। वे भी दिल्ली में प्रधानमंत्री सहित अन्य लोगों से भेंट करेंगे। उन्होंने उत्तराखण्ड में फार्मा आटोमोबाइल, टेलीकोम, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने स्वीडन के किंग व क्वीन के प्रस्तावित उत्तराखण्ड भ्रमण के दृष्टिगत मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, प्रमुख वन संरक्षक जयराज के साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों से इस सम्बन्ध में विचार विमर्श कर सभी आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित करने को कहा।

अभिनेता रजनीकांत को मिला आइकोन ऑफ द गोल्डन जुबली अवार्ड

गोवा में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को 50वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, रजनीकांत एवं विभिन्न राज्यों से आये हुए प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता अभिनेता रजनीकांत को आइकोन ऑफ द गोल्डन जुबली अवार्ड से नवाजा गया।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में देश के सभी राज्य इस आयोजन में प्रतिभाग करते हैं। उत्तराखण्ड द्वारा भी इस आयोजन में प्रतिभाग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड राज्य फिल्मों की शूटिंग की दिशा में देश का प्रमुख केन्द्र बन रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के निर्देश पर इस आयोजन में राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमण्डल औद्योगिक सलाहकार मा. मुख्यमंत्री डॉ. केएस पंवार के नेतृत्व में प्रतिभाग कर रहा है। प्रतिनिधिमण्डल में महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक सूचना डॉ. अनिल चन्दोला, उप निदेशक व नोडल अधिकारी केएस चौहान, अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, अभिनेत्री रूपदुर्गापाल एवं चित्रांशी रावत शामिल है।

फिल्म महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बार के आयोजन में विशेष सत्र रखा गया है, जिसमें पूरे देश से केवल उत्तराखण्ड और मध्य प्रदेश को स्थान दिया गया है। इस सत्र में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा लागू की गई फिल्म नीति एवं फिल्मों की शूटिंग को सरल बनाने के लिए अपनायी गई प्रक्रिया के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया जायेगा।

अपर निदेशक सूचना एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अनिल चन्दोला ने बताया कि गोवा में चल रहे फिल्म महोत्सव में उत्तराखण्ड राज्य में फिल्म शूटिंग हेतु दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी जायेगी। इस आयोजन में देश-विदेश के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता व निर्देशक एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

विश्व का पहला मुस्लिम योग साधना शिविर का हुआ शुभारंभ, मुस्लिम समुदाय के पुरूष और महिलाओं ने किया योग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोटद्वार वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय में मुस्लिम योग साधना शिविर का उद्घाटन किया। कोटद्वार के कण्वाश्रम स्थित वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर पांच दिवसीय विश्व का प्रथम मुस्लिम योग साधना शिविर का आयोजन किया गया है। इसके विभिन्न देशों के 500 से अधिक मुस्लिम पुरूष व महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं।

कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार रखा जाएगा
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार रखा जाएगा। उन्होंने कलाल घाटी का नाम कण्वघाटी रखे जाने की मांग पर कोटद्वार नगर निगम को इसका प्रस्ताव भेजने को कहा।

मन, मस्तिष्क और विचारों को ऊंचा उठाता है योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, मस्तिष्क और विचारों को इतना ऊंचा उठा देता है कि हम सभी की चिंता करने लगते हैं। योग हमें विश्व कल्याण की ओर ले जाता है। शास्त्रों में लिखा है कि हर वनस्पति में कोई न कोई औषधीय तत्व होता है, हर मनुष्य में कोई ना कोई गुण होता है और हर अक्षर में मंत्र की शक्ति होती है। वनस्पतियों में औषधीय तत्वों को पहचानने की आवश्यकता है।

आज चिकित्सा व स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों में योग शिक्षकों की मांग हो रही है। योग हमारे ऋषि मुनियों की सैंकड़ों वर्षों की साधना का परिणाम है। सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया की परिकल्पना भारतीय संस्कृति की देन है। सब को निरोग बनाने का काम भारत देश कर सकता है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप से मनाया जाता है। योग को आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग धर्म और पूजा पद्धति से हटकर है। ये सबको निरोग करने तथा सबको जोड़ने का माध्यम है।

देश के आइकोनिक डेस्टीनेशन में है कण्वाश्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोटद्वार के कण्वाश्रम को आईकोनिक डेस्टीनेशन में शामिल किया है। इससे यहां का विकास होगा और पर्यटन गतिविधियां बढेंगी। राज्य सरकार भी कण्वाश्रम के विकास के लिए तत्पर है।

आयुष मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने मुस्लिम योग शिविर के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस योग शिविर के माध्यम से पूरे विश्व में एक संदेश जाएगा। योग को धर्म से जोड़ना गलत है। यह विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। योग सभी को जोड़ता है।

मुख्य सचिव ने दिये इन शहरों में पाॅलीथिन बंद करने के निर्देश

सचिवालय सभागार में आज मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के समक्ष प्रदेश के पांच शहरों देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल एवं हल्द्वानी को सन् 2020 तक प्लास्टिक मुक्त करने विषयक कार्य योजना का शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान अवगत कराया गया, कि विभाग द्वारा 50 माईक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक थैलों को पूर्णतः प्रतिबन्धित करने का शासनादेश के अनुपालन में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के विषय मेंं व्यापार मण्डल, स्कूली छात्र, समाचार पत्रों आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार लगातार किया जा रहा है। बताया गया, कि उत्तराखण्ड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 दिनांक 30-11-2016 के अंतर्गत अब तक 1560 चालान कर रू0 7.57 लाख का अर्थ दण्ड दोषियों से वसूला गया है। बैठक में बताया गया, कि उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियमावली व प्रतिबंधित प्लास्टिक के प्रकार की सूची बनाई जा रही है। प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि नगर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार के प्लास्टिक व थर्माकोल से बनी थैलियां, पत्तल, ग्लास, कप, पैकिंग सामग्री इत्यादि का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित है।
प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया, कि प्रथम चरण में प्रदेश के पांच शहरों देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल एवं हल्द्वानी में निर्धारित प्राविधान के तहत 4947 लोगों से चालान द्वारा अक्टूबर 2019 तक रू 58.13 लाख की वसूली की गई तथा 11 सितम्बर से 27 अक्टूबर, 2019 तक प्रदेश में चलाये गए ‘‘स्वच्छता ही सेवा‘‘ अभियान के अंतर्गत 35.76 मी0टन प्लास्टिक संग्रहण किया गया तथा 13.88 मी0टन प्लास्टिक रिसाईकिल किया गया। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी में प्लास्टिक काम्पेक्टर के लिए धनराशि जारी कर दी गई है तथा मसूरी में प्लास्टिक काम्पेक्टर उपलब्ध है एवं नैनीताल से संग्रहित प्लास्टिक का रिसाईक्लिंग कार्य हल्द्वानी में किया जायेगा। प्रस्तुतीकरण में यह भी बताया गया कि प्लास्टिक से ईंधन बनाने की योजना हरिद्वार में प्रस्तावित है, जिसके लिए शीघ्र ही आर0एफ0पी0 प्रकाशित की जा रही है।
बैठक में सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव वन अरविन्द सिंह ह्यांकी, अपर सचिव चन्द्रेश यादव सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मेयर अनिता ने 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से तीन करोड तीस लाख की पथ प्रकाश योजना का किया शिलान्यास

ऋषिकेश की सड़कें भी अब दूधिया रोशनी में नहाती दिखेंगी। मेयर अनिता ममगाईं ने शनिवार को 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से 3.30 करोड़ रुपए की योजना का शिलान्यास किया। कोयलघाटी पर किए गए शिलान्यास के बाद मेयर ने प्रेसवार्ता बुलाकर योजना की विस्तृत जानकारी दी।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि नीम करोली मंदिर से चंद्रभागा पुल और देहरादून रोड, तहसील रोड सहित आईएसबीटी परिसर के करीब छह किमी क्षेत्र में 330 विद्युत पोल लगाए जाने हैं। उक्त योजना के पूर्ण होते ही शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था बेहद शानदार हो जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम आईडीपीएल से एम्स तक डिवाइडर का निर्माण करेगा। यह सभी कार्य आगामी महाकुंभ से पूर्व कर लिए जाएंगे। इसकी तैयारी निगम स्तर पर प्रारंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार रोड स्थित खाली भूखंड में कूड़े के पहाड़ को हटाने की कवायद भी नगर निगम ने प्रारंभ कर दी है। मेयर ने कहा कि नये वर्ष के आगाज के साथ ही शहर में विकास कार्यों की चमक दिखाई देने लगेगी।

महिला उत्पीड़न रोकने के लिए सेल का गठन
नगर निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, अत्याचार, शोषण अथवा पुरुष सहकर्मी की ओर से अभद्रता करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगम में महिला सेल का गठन किया गया है। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल के मुताबिक महिला कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेल का गठन किया गया है। इसमें सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास, कर अधीक्षक निशात अंसारी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत सदस्य बनाए गए हैं। निगम में एक स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी का काम निगम में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित करना है जो काम करने में अक्षम या लापरवाह हैं। कमेटी ऐसे कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु के बाद वीआरएस दिलाने की संस्तुति शासन को करेगा। इस कमेटी में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, लेखाकार राजकुमार सिंह, विमलेश सेमवाल को शामिल किया गया है।

मेले से संबंधित जितने भी पुल है, उनका निर्माण समय सीमा के अंदर होः सीएम

बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले के आयोजन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ मेले के निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिये डबल शिफ्ट में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेले से सम्बन्धित जितने भी पुलों का निर्माण किया जाना है उनके निर्माण की समय सीमा निर्धारित कर उन्हें पूर्ण करने के प्रयास हों। उन्होंने कहा कि पुलों का समय पर निर्माण होने से सडकों के निर्माण में और अधिक सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि यदि निजी संस्थायें स्वयं के व्यय पर स्नान घाटों का निर्माण करती है तो इसके लिये उन्हें डीपीआर एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालु कुम्भ के सुखद अनुभव के साथ लौंटे। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये भी मिसाल बन सके।

उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के बिजली व गैस पाइप लाइन को अंडर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। कुम्भ की व्यवस्थाओं के लिये जो भी जरूरत होगी वह उपलब्ध करायी जायेगी। सभी अधिकारी तालमेल से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की देवभूमि के अनुरूप उसकी पहचान बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए। अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी उन्होंने प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। तद्नुसार हमें इसकी व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होंगी।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सीमांकन के साथ ही नये क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधायें विकसित करने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेलाक्षेत्र एवं मेले में की जाने वाली व्यवस्थाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले के सम्बन्ध में विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर वांछित धनराशि के वास्तविक आगणन का प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने गुलदार खाल तस्करी में सुनाई तीन साल की सजा

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश आलोक राम त्रिपाठी की अदालत ने थाना रानीपोखरी क्षेत्र के गुलदार की खाल तस्करी मामले में आरोपी को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
रानीपोखरी के जाखन पुल से बीते 28 फरवरी 2014 को मुखबिर की खास सूचना पर एसटीएफ देहरादून की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक युवक मनीष अधिकारी पुत्र नरेन्द्र सिंह अधिकारी को संदिग्ध पाते हुए रोका गया। युवक की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से गुलदार की एक खाल बरामद हुई थी। मौके से टीम ने युवक को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया था। इसके बाद मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत में चला। कोर्ट में आरोपी की ओर से अपने बचाव में कोई मजबूत साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जबकि पुलिस की ओर से बताया कि गया गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के दाहिने हाथ में नीले व सफेद रंगा के केरी बैग थे। इसके दोनों ओर हिंदी और अंग्रेजी में जोशीमठ की दुकान का पता लिखा था। पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी मनीष अधिकारी का वर्तमान पता भी अपर बाजार जोशीमठ, चमोली भी है।
आरोपी की ओर से बरामद खाल को भारतीय जीव संस्थान में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया। उक्त संस्थान से प्राप्त वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट में उक्त खाल को गुलदार की खाल बताया गया। इस मामले में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश चंद ने मजबूर पैरवी की। इसके बाद न्यायाधीश आलोक राम त्रिपाठी ने आरोपी को दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। दोषी के अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।