डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत को समझना जरूरीः स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास, स्मृति जुबिन ईरानी ने कंटेंट क्रियेशन पर सर्वाधिक बल देते हुए कहा कि जितनी तेजी से विश्व में कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए। प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित किया जाए। प्रोडक्शन फेसिलिटेशन इसके समन्वय में काम करे। डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत का उपयोग करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था हो। स्थानीय भाषाओं पर भी फोकस किया जाए।
कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित हो
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग के लिए अन्य सुविधाओं के साथ-साथ कंटेंट क्रियेशन पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित करना होगा। इस ग्रुप के समन्वय में प्रोडक्शन फेसिलिटेशन किया जाए। यह वर्किंग ग्रुप हमारी भाषायी ताकत को मजबूत करने का भी काम करेगा। केवल बॉलीवुड तक सीमित न रहकर बहुभाषायी कंटेंट क्रियेटर की व्यवस्था हो।
डिजिटल क्रांति के लिए हो पुख्ता तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रियेशन में बहुआयामी प्लेटफार्म को समझना होगा। फिल्म व टेलिविजन के साथ डिजिटल क्रांति के लिए भी तैयारियां पुख्ता होनी चाहिए। आने वाले समय में डिजिटल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम बनने जा रहा है।
स्थानीय भाषाओं पर भी हो फोकस
स्थानीय भाषाओं में भी कंटेंट क्रियेशन पर फोकस करना होगा। बडे निर्माताओं और स्थानीय कंटेंट क्रियेटर के बीच सेतु स्थापित किया जाए। प्रादेशिक भाषाओं में भी तकनीकी को मजबूत करना होगा। एकेडेमिक्स ऑफ फिल्म मेकिंग एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाए। हाईस्कूल से ही इसकी शिक्षा की व्यवस्था हो।
उत्तराखण्ड के इतिहास व संस्कृति का हो अभिलेखीकरण और डिजिटलीकरण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का इतिहास और संस्कृति बहुत समृद्ध है। पूरे विश्व से इसका परिचय कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के इतिहास व संस्कृति का अभिलेखीकरण व डिजीटलीकरण कर डिजिटल मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व तक पहुंच स्थापित करनी होगी।

विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल करेगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों को अमल में लाएगी। गत वर्ष इन्वेस्टर्स समिट के समय जो भी सुझाव मिले थे उन्हें समाहित करते हुए राज्य की फिल्म नीति बनाई गई। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारत की भी बहुत सी नामी फिल्मी हस्तियां यहां आई हैं।
राज्य में है फिल्म शूटिंग के अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां जैसी लोकेशन कहीं और शायद ही हो। हमारे यहां प्रभावी सिंगल विंडों सिस्टम लागू किया गया है जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थाएं स्थापित की जा सकती हैं। इसमें सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।
पैनल डिस्कशन में फिल्म नीति पर की गई चर्चा
कान्क्लेव में चार सत्र आयोजित किए गए जिनमें उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और राज्य में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा के साथ ही राज्य में शूटिंग कर चुके फिल्मकारों का फीडबैक भी लिया गया।
प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियों ने किया प्रतिभाग
मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में फिल्म जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों ने प्रतिभाग किया। इनमें विशाल भारद्वाज, तिग्मांशु धूलिया, मुजफ्फर अली, जैकी भगवानी, नारायण सिंह, अजय अरोड़ा, तरूण आदर्श, कविता चैधरी, भरत बाला आदि ने प्रतिभाग किया।

आज आएगा अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या भूमि विवाद मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 40 दिन तक चली मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

केशवानंद भारती मामले में रिकॉर्ड 68 दिन तक चली सुनवाई के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई थी। वहीं, फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद कर दी गई है। इस बीच, अयोध्या मामले पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

यह-यह है इंतजाम
कर्नाटक में धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू, मोहन भागवत करेंगे देश को संबोधित, अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, हवाई सर्विलांस, हाई अलर्ट पर पंजाब, नितिन गडकरी ने की शांति बनाए रखने की अपील, रामलला के पुजारी ने की शांति बनाए रखने की अपील, फैसले से पहले पांच जजों की मौजूदगी में एक घंटे तक बैठक

इन जजों के फैसले पर है देश की नजर
अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी।

पीएम के आध्यात्मिक गुरू के आश्रम पहुंची जशोदाबेन, किए समाधि के दर्शन

तीर्थनगरी पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन ने पति के आध्यात्मिक गुरु रहे ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद की समाधि स्थल पर पहुंची। यहां उन्होंने माथा टेका और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पीपल की परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधा। यहां के बाद आश्रम के उपाध्यक्ष साक्षातकृतानंद सरस्वती, आश्रम प्रबंधक गुणानंद रयाल, शकुंतला रयाल ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस दौरान राम चौबे, जय कुमार तिवारी सहित स्थानीय लोगों ने उनके मुलाकात कर उन्हें गंगाजल का कलश तथा शिवत्व का प्रतीक रुद्राक्ष की माला भेंट की। इसके बाद वह वह वापस हरिद्वार लौट गईं।

जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में है, उतना किसी अन्य का नहीं

सोमवार को राज्य स्थापना सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम ‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान’’ के अंतर्गत पहले सत्र में ‘राष्ट्रीय सुरक्षाः चुनौतियों के बदलते आयाम पर चर्चा की गयी। सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व वाइस आर्मी चीफ ले. जन एएस लांबा, ले. जन ओपी कौशिक व पूर्व रॉ चीफ आलोक जोशी ने प्रतिभाग किया।
‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के द्वितीय सत्र में ‘आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण’ विषय पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में कमांडेंट, आईएमए ले.जन. एस.के.झा, पूर्व कमांडेंट, आईएमए ले.जन. जी.एस.नेगी, ले.जन.के.के. खन्ना व डीजी लॉ एंड ऑर्डर (उत्तराखण्ड पुलिस) अशोक कुमार ने प्रतिभाग किया।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के तृतीय सत्र में ‘सैनिक कल्याण एवं सेवानिवृत्ति के बाद गरिमा’ पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर के.बी.चंद व एमडी उपनल ब्रिगेडियर पी.पी.एस पाहवा ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वी.के सिंह का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनके लोकसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के ज्यादातर लोग रहते हैं। केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह ने कहा कि जिस देश में सैनिकों का सम्मान नहीं होता वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। देश को आगे बढ़ाने के लिए हमें सैनिकों का मनोबल बढ़ाना होगा। उत्तराखंड ऐसा राज्य है जिसके हर दूसरे घर में एक सैनिक है। यहां देश के सर्वोत्तम शौर्य मेडल से सम्मानित जवान हैं। वर्तमान में 70 हजार से ज्यादा सैनिक सेना में कार्यरत है। जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में रहा है उतना और किसी का नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रिटायर्ड सैनिकों का सही इस्तेमाल कर सकती है। इससे प्रदेश की प्रगति होगी। हमारे सैनिक हमेशा ये सोचते हैं कि कैसे हमारे देश का नाम दुनिया में हो। ऐसे में हमें उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के चतुर्थ सत्र में ‘देश की सुरक्षा में उत्तराखण्ड का योगदान’ विषय पर चर्चा की गयी। चतुर्थ सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय, ब्रिगेडियर के.जी.बहल, अध्यक्ष एक्स सर्विसमैन लीग ब्रिगेडियर आर.एस.रावत ने प्रतिभाग किया।

उत्तराखंड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्यः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत, एनटीआरओ के पूर्व प्रमुख आलोेक जोशी, कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक राजेन्द्र जोशी, उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित विभिन्न हस्तियों ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित ‘रैबार-2‘ कार्यक्रम में शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार के सफल परिणाम आए हैं। कोस्ट गार्ड का रिक्यूरिंग सेन्टर हमें मिला है। तमाम विकास की योजनाओं में हमें जो समर्थन मिला है उसमें कहीं न कहीं रैबार कार्यक्रम का भी योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम कहते हैं कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड बने तो इसका आशय प्रदेश के संतुलित विकास से होता है। हमें उन क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा जिसमें हमारा एकाधिकार हो सकता है। उत्तराखण्ड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्य है। हमने पूरे प्रदेश में आर्गेनिक क्लस्टर तैयार किये है।

पिरूल को हम अभिशाप मानते हैं, वो हमारे लिए वरदान साबित होने वाला है। हम पिरूल से बिजली बनाने के लिए नीति बनाई है। पिरूल की पत्तियों से बिजली बनाने के 23 प्रोजेक्ट शीघ्र ही राज्य में शुरू होने वाले हैं, इससे कुछ ही दिनों मंे बिजली बनना आरम्भ हो जायेगा। गैस की अपेक्षा पिरूल की पत्तियों से होने वाली ऊर्जा की लागत काफी कम है, जल्द ही हम पाईन की पत्तियों से फ्यूल बनाने का पहला प्रोजेक्ट लगाने जा रहे है। चीड़ वनों में विनाश का कारण बन रहा था, पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा था, वही चीड़ की पत्तियों से हमे अब ऊर्जा मिलेगी, हजारांे लोगों को रोजगार मिलेगा, यह हमारे विकास का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार कार्यक्रम के बाद इन्वेस्टर्स समिट के समय हम 10 नई पॉलिसी लेकर आए और 05 पॉलिसी में परिवर्तन किया। परिणामस्वरूप एक वर्ष एक माह में ही प्रदेश में 17,000 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश ऑन ग्राउण्ड हुआ है। सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी हम आगे बढ़े हैं। सोलर में राज्य में 600 करोड़ रूपये का निवेश हुवा है।

उत्तराखंडवासी जहां भी गया अपना योगदान दियाः योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने रैबार-2 को अपनी भूमि से जोड़ने का एक अभिनव प्रयोग बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के चारधामों के प्रति देश व दुनिया के श्रद्धालु अपनी सच्ची श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का वासी जहां कहीं भी गया है वहां की समृद्धि में अपना योगदान दिया है। देश की सेना सहित अन्य क्षेत्रों में इस प्रदेश ने कई विभूतियां दी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड उनकी भी जन्म भूमि है। आज उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है, फिर भी पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन होना चिन्ता का विषय है। जरा सोचिए आज से 60-70 साल पहले तक जब यहां सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा व पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नही थी बावजूद इन तमाम दुष्वारियों के हमारे पूर्वज यहां आकर बसे। वे बिना सुविधाओं के यहां बसे आज की पीढ़ी सुविधाओं के बावजूद अपने गांवो को छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी कहा था कि जननी और जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

उत्तराखंड के सैनिकों ने हर आतंकवादी घटना का मुहतोड़ जवाब दियाः सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि सन् 1962 से लेकर आज तक विभिन्न युद्धों में और आतंकवादी घटनाओं को नाकाम करने में उत्तराखण्ड के सैनिकों ने जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। रैबार-2 के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यह प्रदेश काफी तेज गति से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पहले विनाश के रूप में पहचाने जाने वाले चीड़ की पत्तियों से अब विकास का आधार तैयार किया जा रहा है। कई प्रकार की औषधि हैं जो पहले नष्ट कर दी जाती थी, अब उपयोग में लायी जा रही हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी कार्य किया गया है।

हाल ही मे हमने चीन के साथ लगे पहाड़ी इलाकों में अखरोट और चिंगोले की खेती में सहयोग के साथ टेलिकॉम की सुविधा, सड़क निर्माण एवं एडवांस लैंडिंग एयर फील्ड में भी पहल की है। मुझे यह भी खुशी है कि प्रदेश में जो भी कार्यक्रम होता है उसमें सदा ही भारतीय सैनिकों व माताओं को सम्मानित किया जाता है। उत्तराखण्ड, भारतीय सेना में लगातार बहादुर जवान तैनात करते आया है। उत्तराखण्ड का निवासी, नौजवान, नारियां कभी भी दुशमन व आतंकवाद का सामना करने से पीछे नही हटते, इसके लिए हमें आप सब पर गर्व है। उत्तराखण्ड ने हमारी सेना को कई वीर सपूत दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उत्तराखण्ड के विकास में योगदान की शपथ भी दिलाई। इसके अतिरिक्त वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया।

उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्थाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्माता विनोद बच्चन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इस माह 10 दिनों तक मसूरी, देहरादून एवं ऋषिकेश में ‘गिन्नी वेड्स सन्नी’ फिल्म की शूटिंग की जायेगी।

इस फिल्म के निर्देशक पुनीत खन्ना, प्रमुख कलाकार विक्रान्त मासी एवं यामी गौतम हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों के फिल्मांकन के लिए अच्छा प्राकृतिक सौन्दर्य है। स्विटजरलैण्ड में कुछ ही स्थान फिल्मों की शूटिंग के लिए अच्छे हैं, लेकिन उत्तराखण्ड में ऐसे अनेक स्थान हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड में फिल्मों के फिल्मांकन में भी अच्छा सहयोग मिलता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था की गई है। पिछले ढ़ाई साल में प्रदेश में कई फिल्मों का फिल्मांकन किया गया है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक दर्शनीय स्थल हैं। ऑल वेदर रोड का कार्य पूर्ण होने के बाद फिल्मों की शूटिंग के लिए और सुगमता होगी।

इस अवसर पर कोरियोग्राफर राजीव सूर्ति, विकास सिंह, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के नोडल अधिकारी केएस चौहान, लोकल लाईन प्राड्यूसर पूरन थापा, अभिषेक मैन्दोला, फिल्म एक्सपर्ट सुमित अद्लखा आदि उपस्थित रहे।

एकता दिवस एक देश एक विधान का सपना साकार हुआः मोदी

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैचू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड की सलामी ली। केवड़िया में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक पेश की।
सरदार पटेल की जयंती पर केवड़िया में पीएम मोदी ने लोगों को एकता की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अध्यादेश 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अध्यादेश 370 के हटने के बाद अब स्थिरता आएगी। सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के आधार पर भेदभाव खत्म होगा।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बीडीसी का चुनाव हुआ जिसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। देश की एकता को अखंड बताते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी देश की एकता को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि हमारी एकता में छेद करने की कोशिश हो रही है, अलगाव को उभारने का प्रयास किया जा रहा है, हमारी एकता को ललकारा जा रहा है लेकिन वे भूल जाते हैं कि सदियों से ऐसी कोशिशों के बाद भी हमें कोई मिटा नहीं सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विविधता के हर अवसर को मनाना है। यही एक भारत श्रेष्ट भारत के रुप में दर्शाता है।

पिसा परीक्षा की तैयारियों को लेकर निशंक ने किया संवाद

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने केंद्रीय विद्यालय संगठन एवं नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्तों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर केंद्रीय मन्त्री ने (pisa) 2021 की तैयारियों की समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को इस परीक्षा में भारत को सफलता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर निशंक ने कहा कि भारत 2021 में होने वाली पिसा (pisa) की प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहा है। यह परीक्षा भारतीय प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हमारे विद्यार्थियों में योग्यता, अनुशासन एवं प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन मिले। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें संकल्प लेना है कि इस परीक्षा में हमें दुनिया भर में अव्वल स्थान पर आना है और इसके लिए हमें बहुत मेहनत करनी होगी। हमें हमारी शिक्षण व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना होगा तभी हमारे विद्यार्थी वैश्विक परीक्षाओं में अपना बेहतर स्थान सुनिश्चित कर पाएंगे। हमें किताबी ज्ञान के साथ-साथ अनुभवात्मक शिक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है तभी हम इस कठिन परीक्षा में सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएंगे।
निशंक ने कहा कि पिसा (pisa) परीक्षा अब बहुत दूर नहीं है इसलिए इसकी तैयारी अब युद्ध स्तर पर की जाएगी। उन्होंने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे की अध्यक्षता में प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया। मंत्री जी ने आशा जताई कि धोत्रे के नेतृत्व में पिसा परीक्षा की तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ेंगी एवं इस कठिन परीक्षा में देश अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पायेगा।
निशंक ने सभी उपायुक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम संकल्प ले लें तो 2021 की पिसा परीक्षा में इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए समय का प्रबंधन एवं अनुशासन जरूरी है और ये दोनों गुण हमें विद्यार्थियों में विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए हमें विद्यार्थियों में गहन सोच की क्षमता विकसित करने की जरूरत है।
पिसा (pisa) आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी मूल्यांकन कार्यक्रम है, जिसमें विश्व के अनेक देश भाग लेते हैं। भारत ने 2021 में इस परीक्षा में भाग लेने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के विद्यार्थी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

फेसबुक फ्रेंड ने भारत आने की बात कहकर आशिक से ठगे पांच लाख दो हजार

ऋषिकेश के एक 38 वर्षीय व्यक्ति ने विदेशी युवती से दोस्ती के चक्कर में पांच लाख दो हजार रुपये गंवा दिए। युवक की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद युवती ने भारत पहुंचने का झांसा दिया। इतना ही नहीं युवती ने व्यक्ति को विश्वास में लेने के लिए एक फर्जी टिकट भी व्हाट्सअप किया। इसके बाद कई चरणों में पांच लाख दो हजार रूपए ठग लिए गए।

श्यामपुर हाट के बगल में रहने वाले वीरेंद्र सिंह राणा पुत्र अख्तर सिंह राणा ने फेसबुक के जरिए करीब एक माह पूर्व इंग्लैंड की एंजलिना से दोस्ती की। दोनों ने व्हाट्सअप नंबर के जरिए बातचीत शुरू की। बात इतनी आगे बढ़ गई कि वीरेन्द्र को युवती से प्यार हो गया। इसके बाद एंजलिना ने वीरेंद्र से मिलने की बात कही और अपना 21 अक्टूबर का टिकट दिखाते हुए भारत पहुंचने की बात कही। एंजलिना ने 21 अक्टूबर की दोपहर फोन पर कहा कि वह नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुकी है, लेकिन उसके पास जो सामान है, उस पर 68 हजार रुपये कस्टम ड्यूटी लग रही है।

इसके लिए वीरेंद्र ने 68 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद शाम को युवती ने दोबारा फोन किया और 1 लाख 26 हजार रुपये फिर भेजने को कहा। वीरेंद्र ने यह रकम भी ट्रांसफर कर दी। इसके बाद युवती ने इंग्लैंड की करेंसी छुड़वाने के लिए दो लाख 98 हजार रुपये मांगे। वीरेंद्र ने वह रुपये भी दे दिए। इसके बाद विदेशी महिला ने अपने तीनों व्हाट्सअप नंबर से पीड़ित को ब्लॉक कर दिया और अपने सभी नंबर स्विच ऑफ कर लिए। ठगी का एहसास होने पर वीरेंद्र सिंह राणा ने सोमवार को श्यामपुर पुलिस चौकी में तहरीर दी है।

पर्यावरण के प्रति भारत समय पर जागाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड श्रद्धा, विश्वास एवं आस्था की भूमि है। भारतीय संस्कृति की प्रतीक गंगा का उद्भव यही से हुआ है। हमारे संत महात्मा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संवाहक है। हमारे संतो ने सदैव ही समाज को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है, चाहे वह पर्यावरण संरक्षण की बात हो या पौधारोपण अथवा नदियों के पुनर्जीवीकरण हो सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये संतो ने समाज का मार्गदर्शन किया है तथा समाज को प्रेरणा प्रदान की है।

शुक्रवार को परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में संत नर्मदानंद बापजी द्वारा सम्पादित की जा रही 10,300 कि0मी0 लम्बी द्वादस ज्योर्तिलिंगों की यात्रा का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संत नर्मदानंद द्वारा राष्ट्र व समाज हित में की जा रही यात्रा को समाज व मानव कल्याण के लिये कल्याणकारी बताया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण के लिये हमारे संतो के प्रयास सदैव सार्थक हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा की शुद्धता के लिये किये जा रहे संत नर्मदानंद के प्रयास फलीभूत होंगे, इसकी उन्होंने कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के प्रति भारत समय पर जागा है। इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों से एक संदेश भी गया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि गंगा गोमुख से गंगासागर तक निर्मल हो, गंगा ही नही देश की हर नदी स्वच्छ हो इसके लिये देश में जागरूकता का व्यापक प्रसार भी हुआ है।

संत नर्मदानंद ने कहा कि उनके द्वारा जल, जीवन व जंगल की रक्षा को लेकर यह यात्रा की जा रही है। देवभूमि उत्तराखण्ड भगवान केदार एवं गंगा का उद्गम क्षेत्र है। इस पावन क्षेत्र से उन्होंने यात्रा की शुरूआत की है। उन्होंने उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के लिये मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यह कामना है कि गंगा की पवित्रता व जल की शुद्धता जितनी हरिद्वार में है वह आगे भी हमें प्राप्त होती रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता समाज व प्रकृति के लिये हितकर है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द मुनि ने कहा कि स्वामी नर्मदानंद जी द्वारा देवभूमि के साथ ही योग एवं ध्यान की इस पावन भूमि से अपनी राष्ट्रहित व समाज हित से जुड़ी यात्रा की शुरूआत नये आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी जी द्वारा 12 ज्योर्तिलिंगो की यह यात्रा पैदल सम्पन्न होगी जो समाज को नया सन्देश देगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परमार्थ निकेतन मे आयोजित गंगा पूजन एवं गंगा आरती में भी सम्मिलित हुए तथा प्रदेश वासियों की खुशहाली की कामना की।