’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिलाः गर्वनर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के धार से ’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने अन्य पहलों का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। साथ ही उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देश भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में आयोजित किया जाएगा। एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह देश में महिलाओं और बच्चों के लिए अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान बन जाएगा। देश भर के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।

’’स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ और ’’आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’’ अभियान का शुभारंभ के अवसर पर देहरादून में वर्चुअल रूप से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर निरीक्षण किया।

कार्यक्रम के पश्चात पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि “स्वस्थ और जागरूक नारी ही समाज को नई दिशा दे सकती है। यह अभियान परिवार और समाज दोनों की मजबूती की आधारशिला है।” उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें और इसे जन-आंदोलन का रूप दें, ताकि हर महिला तक समग्र स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे और वह सम्मानपूर्वक, सुरक्षित तथा स्वस्थ जीवन जी सके।

उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के मुखिया की सोच ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनकी हर एक बात, हर एक विचार से यह स्पष्ट झलकता है कि उनके हृदय की धड़कनें नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसानों और गरीबों के लिए समर्पित हैं। उनकी सोच हमें यह विश्वास दिलाती है कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि आज विशेष रूप से अच्छा लगा कि हमारे राष्ट्र के मध्यप्रदेश के धार से जो विचारों की धार निकली है, वह पूरे देश को एक नए परिवर्तन और नवजागरण की ओर ले जाएगी। आज का सबसे बड़ा संदेश यही है कि हम सबको स्वदेशी अपनाना है, हमारी हर एक चीज स्वदेशी होनी चाहिए। मुझे दृढ़ विश्वास है कि यह संकल्प एक महान क्रांति का सूत्रपात बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड के परिवार, हमारी महिला स्व-सहायता समूह, हमारी उत्पादन लाइन ने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के क्षेत्र में जो प्रगति की है, जब उसे स्वदेशी का मंत्र मिलेगा, तो यह परिवर्तन अवश्य ही क्रांति का रूप लेगा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री को जन्म दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का चहुंमुखी विकास हुआ है। वहीं इस दौरान उत्तराखण्ड में चारधाम परियोजना, हवाई सेवा विस्तार के साथ ही सभी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जी का सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय भी हर बार प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड का सहयोग किया है, चाहे रैणी आपदा रही हो या जोशीमठ, सिलक्यारा या इस साल की प्राकृतिक आपदा, प्रधानमंत्री ने हर बार राज्य को सहयोग देने के साथ ही हमारे प्रयासों को प्रोत्साहन भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। इस अवसर पर ‘‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’’ अभियान शुभारंभ किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी की है, यह अभियान दो अक्टूबर तक चलेगा, इसलिए राज्य की माताएं, बहनें इसका लाभ उठाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में मातृशक्ति ने बड़ा योगदान दिया है, महिलाएं अब होम स्टे सहित अन्य स्वरोजगार में अपना कौशल दिखा रही है, इसलिए महिलाओं का स्वस्थ होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू हो गई है, जल्द ही यमुनोत्री धाम का मार्ग भी खोलते हुए यात्रा का संचालन किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दून-बेंगलुरु के बीच सीधी दैनिक उड़ानों के साथ उत्तराखंड से परिचालन किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीजनल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ष्एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहा हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16ः30 बजे रवाना हुई और 19ः30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की श्टेल्स ऑफ इंडियाश् पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व सेश् ऐपणश् से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना बुक डायरेक्ट अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वाेत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20ः तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और श्गौर्मेयरश् मेनू से 50ः तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक्सप्रेस हॉलिडे प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। श्एक्सप्रेस हॉलिडेश् को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

फ्लैग ऑफ समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रतिनिधि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पदाधिकारी, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

देहरादून पहुंचे पीएम मोदी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की, प्रभावितों से भी मिले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून का दौरा किया और उत्तराखंड में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक की।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में बाढ़ और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत व्यापक सहायता की घोषणा की।

प्रभावितों से मिलकर संवेदना व्यक्त की
प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मिले और उनके प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा बैठक के लिये पीएम कल पहुंचेंगे उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण एवं समीक्षा बैठक के लिए पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है, यही कारण है कि आपदा के इस कठिन समय में हमें निरंतर उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहा है। प्रधानमंत्री के आगमन से उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों को और बल मिलेगा।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025ः ऋषिकेश ने 31वें स्थान से उछाल मार 14वां स्थान हासिल किया

देहरादून 37वें से छलांग लगाकर 19वां स्थान

ऋषिकेश 31वें से उछलकर 14वां स्थान

काशीपुर 19वें से सुधारकर 18वां स्थान

सफलता के प्रमुख कारण

यांत्रिक सड़क सफाई से धूल नियंत्रण

ठोस अपशिष्ट एवं निर्माण मलबा प्रबंधन

हरित पट्टी विकास

उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग

स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली

जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस उपलब्धि पर कहा…
“ये उपलब्धि सभी के लिए स्वच्छ वायु के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
लक्ष्य आने वाले वर्षों में और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नवाचार एवं जनसहभागिता से वायु गुणवत्ता में सुधार।

ऋषिकेश में पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि पर भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था करेंः बर्द्धन

मुुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन से जुड़े कामों को तत्परता से संचालित करने पर जोर दिया गया। बैठक में यूआईआईडीबी के संगठनात्मक ढांचे का सुदृढीकरण करने तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारों के विकेन्द्रीकरण के संबंध में भी विस्तार से चर्चा कर इससे जुड़े प्रस्ताव बोर्ड की आगामी बैठक में रखने का निश्चय किया गया।

यूआईआईडीबी की कार्यकारिणी समिति की 8वीं बैठक सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने यूआईआईडीबी के कार्यों की विस्तार से समीक्षा कर शारदा कॉरीडोर, ऋषिकेश कॉरीडोर एवं हरिद्वार कॉरीडोर परियोजनाओं के़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऋषिकेश में त्रिवेणीघाट परियोजना के तहत घाट पर गंगाजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाय। इसके लिए हाइड्रोलॉजीकल अध्ययन कराते हुए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए जाने वाले आवश्यक उपाय अमल में लाए जायें। ऋषिकेश में पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि पर भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था सहित हरित पार्क एवं हेरीटेज फारेस्ट वाक-वे के निर्माण की परियोजना के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना के रख-रखाव एवं संचालन की व्यवहार्यता का समुचित आकलन कर लिया जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश तक रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विस्तार एवं ऋषिकेश से देहरादून के मध्य रेलवे लाईन के निर्माण किए जाने की संभावनाओं को देखते हुए ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन व इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रख जरूरी अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के प्राविधान भी शामिल किये जायें। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश में शहर के अंदर भीड़ एवं यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए आईएसबीटी और चारधाम यात्रा पंजीकरण केन्द्र को उपयुक्त स्थल पर पुनर्स्थापित करने के मामले में मंडलायुक्त, पुलिस, जिला प्रशासन, पर्यटन, परिवहन, संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति सहित सभी संबद्ध हितधारकों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

हरिद्वार कॉरीडोर की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी कुंभ मेला को देखते हुए इस परियोजना के स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाय। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंध के लिए उच्च तकनीकी व आधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाए जाने के लिए मेला नियंत्रण कक्ष के निकट उपयुक्त स्थान की व्यवस्था किए जाने के साथ ही इस परियोजना के प्रस्तावों में मेलाधिकारी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के सुझावों को शामिल किए जाने की हिदायत दी। हरिद्वार में घाटों के विस्तार, पार्किंग, रोपवे, पैदल मार्गों के निर्माण तथा परिवहन, सार्वजनिक प्रसारण व्यवस्था, विभिन्न प्रकार की नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि चंडीघाट में सांस्कृतिक केन्द्र और मल्टी मॉडल टूरिज्म निर्माण की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए भी तेजी से आगे बढा जाये। मुख्य सचिव ने देहरादून में यमुना कॉलोनी के पुनर्विकास, नए ग्रीनफील्ड शहरों का विकास की योजना सहित यूआईआईडीबी द्वारा प्रस्तावित अन्य योजनाओं के लिए भी समुचित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. वी. षणमुगम, युगल किशोर पंत, सीसीएफ डॉ. पराग मधुकर धकाते, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित एवं मेलाधिकारी सोनिका, अपर सचिव अभिषेक रूहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हिमालय में पाई जाने वाली दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु भी हमारे पर्यावरण की महत्वपूर्ण धरोहरः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हिमालय संरक्षण को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, इस महत्वपूर्ण काम में हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।

आईआरडीटी सभागार में आयोजित हिमालय दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमालय मात्र बर्फीली चोटियों और विस्तृत पर्वतमालाओं का समूह नहीं है बल्कि ये सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत भी है। हिमालय न केवल भारत के उत्तर में अटल प्रहरी का काम करता है, बल्कि इसकी पर्वतीय नदियाँ पूरे देश की जीवनधारा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की ऊंची चोटियां, विस्तृत ग्लेशियर, नदियां और जैव विविधता से भरपूर वन हमें न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां हिमालय से निकलने वाली नदियां देश के करोड़ों लोगों की प्यास बुझाती हैं वहीं इस पर पाए जानी वाली दुर्लभ जड़ी बूटियां आयुर्वेद का आधार हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हमारी इस अमूल्य धरोहर को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास, और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हिमालय के संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। इसके ग्लेशियर पिघल रहे हैं, जो आने वाले समय में गंभीर जल संकट और पारिस्थितिकीय असंतुलन की बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हिमालयी क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता लगातार बढ़ रही है और अप्रत्याशित क्लाउड बर्स्ट तथा उनके परिणामस्वरूप भूस्खलन जैसी आपदाएँ बार-बार घटित हो रही हैं। इन घटनाओं की आवृत्ति और उनके प्रभाव दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हमारे राज्य को कई भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। इन गंभीर चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए, गत वर्ष सरकार ने उच्च स्तरीय समिति के गठन के लिए निर्देश जारी किए थे। अब इस वर्ष नवंबर में राज्य में जलवायु परिवर्तन पर ‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन’ का भी आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालय की सुरक्षा केवल सरकार का ही कार्य नहीं है, बल्कि ये देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में सरकार डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान और जनभागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम प्रारम्भ किया गया है। इस एक छोटी सी पहल से हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पर्यटन क्षेत्र में भी पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में ध्यान देना होगा क्योंकि अनियंत्रित और असंवेदनशील पर्यटन हिमालय के पर्यावरण के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। इसके लिए हमें ‘’सस्टेनेबल टूरिज्म’’ को बढ़ावा देना होगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन का विकास किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका ज्ञान, परंपराएं और जीवनशैली हमें सिखाती हैं कि किस प्रकार हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन जी सकते हैं। हमें उनके अनुभवों और पारंपरिक ज्ञान का सम्मान करते हुए उसे भी अपनी पर्यावरण संरक्षण नीति में सम्मिलित करना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास, जैसे पानी की बचत, पेड़ों को लगाना और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना, हिमालय की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में सरकार ने दो से नौ सितंबर तक प्रतिवर्ष हिमालय जनजागरुकता सप्ताह मनाने का निर्णय लिया है।

इस मौके पर पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि इस साल समूचे हिमालयी क्षेत्र में आपदाएं आई हैं, अब साल दर साल इस तरह की घटनाओं से मानसून काल डराने लगा है। हमें हिमालय के पर्यावरण को बचाने के लिए नए सिरे से सोचना होगा।

इस मौके पर विधायक किशोर उपाध्याय, मेयर सौरभ थपलियाल, दर्जाधारी मधु भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, सूर्यकांत धस्माना सहित प्रमुख लोग शामिल हुए।

उत्तराखंड की आपदा राहत हेतु राजस्थान सरकार ने 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए, राजस्थान सरकार ने उत्तराखंड सरकार को 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। यह सहायता राशि राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत और पुनर्वास कार्यों में उपयोग की जाएगी।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे एक पत्र में इस दुखद परिस्थिति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्राकृतिक आपदा के कठिन समय में हम उत्तराखंड के लोगों की पीड़ा को अपनी ही पीड़ा मानते हैं।“

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान के निवासी इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड के भाइयों-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया है।

सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित जैन समाज सम्मेलन में प्रतिभाग किया और जैन धर्म गुरुओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आचार्य सौरभ सागर मुनि महाराज का जीवन संयम, त्याग और अहिंसा के अद्वितीय आदर्शों का प्रतीक है। सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरण हैं, जो समाज को धर्म और सेवा के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म ने दुनिया को संदेश दिया है कि अहिंसा ही वीरता का धर्म है। जैन समाज ने केवल अहिंसा का ही नहीं बल्कि संगठन और सामाजिक एकता का भी अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है और इसी क्रम में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ लागू की है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून के बाद से से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी संरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। प्रदेश में 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। सनातन मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन कल्याण बोर्ड के गठन के संबंध में प्राप्त सुझाव पर सरकार गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जैन समाज आगे भी उत्तराखंड के समग्र विकास में सहयोग देता रहेगा।

कार्यक्रम में रविंद्र मुनि जी महाराज, राजेश मुनि महाराज, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, पदमश्री डॉ. आर.के. जैन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।